दलित मीडिया वाच – हिंदी न्यूज़ अपडेट 19.05.16

दलित किशोरी से सामूहिक दुष्कर्म – अमर उजाला

http://www.amarujala.com/uttar-pradesh/aligarh/crime/gang-rape-of-dalit-girl

इटावा में मजदूर की गोली मार कर हत्या – नया इंडिया

http://www.nayaindia.com/up-news/worker-shot-dead-etawah-532165.html

फल विक्रेता को मार डाला – अमर उजाला

http://www.amarujala.com/uttar-pradesh/bijnor/crime/fruit-seller-murder-case

पिता की मौत के बाद बच्चे दाने-दाने को मोहताज – अमर उजाला

http://www.amarujala.com/uttar-pradesh/mainpuri/after-his-father-died-obedient-child-rash-rash

दोबारा परीक्षा की घोषणा में देर कर दी, पहले होती तो बच जाती रुबीना – नई दुनिया

http://naidunia.jagran.com/special-story-delayed-announcement-of-a-retest-then-sneak-back-rubina-742641

दलित युवक ने कि‍या धर्म परिवर्तन, हिंदू संगठनों ने प्रशासन पर उठाए सवाल – दैनिक भास्कर

http://www.bhaskar.com/news/UP-MEER-ruckus-in-meerut-due-to-dalit-young-man-conversion-5326945-NOR.html

आंबेडकर कल्याण छात्रावास के छात्रों ने कहा- दलित विरोधी हैं मुख्यमंत्री – दैनिक भास्कर

http://www.bhaskar.com/news/BIH-PAT-HMU-MAT-latest-patna-news-021501-197283-NOR.html

आदिवासी हरिजन उत्पीड़न के विरूद्ध माकपा दो दिवसीय धरना देगी- बाघेल – पल पल इंडिया

http://www.palpalindia.com/2016/05/19/sidhi-mp-CPI-M-two-day-protest-against-oppression-Harijan-Degi-Bagel-news-in-hindi-141982.html

बिजली, पानी को सड़क पर उतरे लोग – अमर उजाला

http://www.amarujala.com/uttar-pradesh/firozabad/electricity-water-and-the-people-on-the-road

अमर उजाला

दलित किशोरी से सामूहिक दुष्कर्म

http://www.amarujala.com/uttar-pradesh/aligarh/crime/gang-rape-of-dalit-girl

थाना क्षेत्र गंगीरी के एक गांव निवासी दलित युवती के साथ मंगलवार देर शाम चार युवकों ने सामूहिक दुष्कर्म किया। युवती अपनी चाची के साथ शाम को खेत में शौच करने गई थी। तहरीर पर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।

युवती मंगलवार देर शाम अपनी चाची के साथ शौच करने गई थी। उसकी चाची खेत की मेंड पर बैठी थी। आरोप है कि इसी दौरान चार युवकों ने युवती को दबोच लिया और मुंह में कपड़ा ठूंसकर दूर ले गए। इसके बाद चारों ने उसके साथ दुष्कर्म किया।

काफी देर तक जब युवती नहीं आई तो चाची ने आवाज लगाई और युवती के लापता होने की जानकारी परिजनों को दी। मामले की जानकारी परिजनों के होश उड़ गए और युवती को खोजने लग गए। देर रात करीब ढाई बजे युवती निर्वस्त्र अवस्था में खेत में बेहोश पड़ी मिली। परिजन उसे घर ले आए और बुधवार को सुबह होश आने पर थाने लेकर पहुंचे। थाने पर युवती के भाई ने चार युवकों के खिलाफ तहरीर दे दी है।

इस संबंध में इंस्पेक्टर रमेशचंद्र यादव ने बताया कि घटना की तहरीर मिल गई है, जांच की  जा रही है। इसके बाद कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

नया इंडिया

 इटावा में मजदूर की गोली मार कर हत्या

http://www.nayaindia.com/up-news/worker-shot-dead-etawah-532165.html

इटावा : उत्तर प्रदेश में इटावा के सिविल लाइन क्षेत्र में आज शाम एक मजदूर की गोली मारकर हत्या कर दी गयी।

इटावा के पुलिस उपाधीक्षक शिवराज सिंह ने बताया कि कांशीराम कालौनी में चौथी मंजिल पर दो संदिग्ध बदमाशों ने गोली मार कर एक दलित मजदूर श्याम सुंदर कठेरिया (35) की हत्या कर दी।

उन्होंने बताया कि श्याम सुन्दर ने एक तलाकशुदा महिला रजिया से शादी कर रखी थी और उसी के घर पर रहने लगा था। श्याम सुंदर की बीबी रजिया ने बताया कि दो हत्यारे चौथी मंजिल पर चढ कर आये और गोली मार कर फरार हो गये।

उधर डा.भीमराव अंबेडकर राजकीय संयुक्त चिकित्सालय के डाक्टर का कहना है कि श्याम सुंदर के शरीर पर गोली का निशान नहीं नजर आ रहा है। शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पुलिस मामले की छानबीन कर रही है।

अमर उजाला

 फल विक्रेता को मार डाला

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बिजनौर के स्योहारा क्षेत्र के गांव सद्दोबैर बैरखा में दलित फल विक्रेता की हत्या के विरोध में ग्रामीणों ने धामपुर-स्योहारा मार्ग पर शव रखकर जाम लगा दिया। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि पुलिस की लापरवाही के कारण ही पहले इस मामले में रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई। विधायक ने प्रदर्शनकारियों को आश्वासन देकर जाम देकर खुलवाने का प्रयास किया, लेकिन प्रदर्शनकारी एसओ के खिलाफ कार्रवाई की मांग पर अड़े रहे। पुलिस ने कहा कि आरोपियों के खिलाफ गैरइरादतन हत्या के मामले में रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है।

थानाक्षेत्र के गांव सद्दोबैर बैरखा निवासी दलित जयपाल मंगलवार सुबह आठ बजे एक ठेली में तरबूज खरीद कर लाया था। इन्हें वह ठेली से घर पर उतार रहा था। पीछे से ओमपाल अपनी बैल गाड़ी लेकर आया और ठेली हटाने के लिए कहा। 

जयपाल ने कहा कितरबूज उतारने के बाद वह ठेली हटा लेगा।

आरोप है कि इस पर ओमपाल की उससे कहासुनी हो गई। कुछ लोगों ने समझाबुझाकर दोनों को शांत करा दिया।

सके बाद जयपाल तरबूज बेचने गांव के दूसरे मुहल्ले में गया। आरोप है कि खुन्नस में ओमपाल तथा उसके बेटे प्रेमपाल और देवेंद्र ने लाठी-डंडों से जयपाल को बुरी तरह पीटा, जिससे उसकी हालत बिगड़ गई।

इस मामले की शिकायत करने पीड़ित की पत्नी कैलाश देवी ने परिजनों के साथ घायल जयपाल को लेकर तीन बार थाने में शिकायत दर्ज कराने के लिए पहुंची। हालांकि पुलिस ने पीड़ित पक्ष की कोई मदद नहीं की।
जयपाल के परिजनों राजीव, राजू, विजेंद्र, प्रिंस, नरेश, भटराम का कहना है कि जांच के नाम पर पुलिस एक आरोपी प्रेमराज को थाने लाई। आरोप है कि कुछ ही देर बाद उसे वापस भेज दिया। बुधवार सुबह पिटाई से घायल जयपाल की घर पर ही मौत हो गई। फल विक्रेता की मौत से ग्रामीणों का गुस्सा भड़क  गया।

पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए सद्दो बैरखा के ग्रामीणों ने जयपाल सिंह के शव को धामपुर-स्योहारा मार्ग पर रखकर बुधवार को सायंकाल 6.30 बजे तक जाम लगा दिया।

जाम की सूचना मिलते ही प्रशासनिक मशीनरियां सक्रिय हो गई। विधायक मोहम्मद गाजी मृतक के परिजनों से मिलकर उनसे जाम खत्म करने का आग्रह किया, लेकिन लोग माने नहीं। जाम के कारण सड़क पर दोनों ओर वाहनों की लंबी लाइनें लग गई।

अमर उजाला

 पिता की मौत के बाद बच्चे दाने-दाने को मोहताज

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मां-बाप की मौत के बाद अनाथ हो चुके चार बच्चे अब दाने-दाने को मोहताज हैं। आठ दिन पूर्व दलित अपनी बीमार पुत्री के इलाज के लिए एक व्यक्ति के कहने पर आम तोड़ने गया था। तभी पेड़ की एक डाल टूटकर उस पर गिर गई, जिसमें दबकर उसकी मौत हो गई थी। आज तक कोई भी प्रशासनिक अधिकारी एवं जनप्रतिनिधि इस गरीब परिवार का हाल लेने गांव नहीं पहुंचा।

गांव बुढौली निवासी किलकेश कठेरिया एक कच्चे मकान में अपनी पत्नी और चार बच्चों के साथ मजदूरी कर गुजारा कर रहा था। तीन वर्ष पूर्व पत्नी को गंभीर बीमारी ने चपेट में ले लिया। कुछ दिनाें बाद उसकी मौत हो गई।

इसके बाद किलकेश अपने चार बच्चों का भरण पोषण कर रहा था। बीते बुधवार को पेड़ की डाल के नीचे दबने से मौत हो गई थी। जिसके बाद अब मृतक के चार बच्चे दाने-दाने को मोहताज हैं। घर में पकाने के लिए कुछ नहीं है, इसलिए घर के बर्तन खाली पडे़ हैं। कोई ग्रामीण दया खाकर इन्हें थोड़ा बहुत खाने पीने को दे जरूर जाता है। लेकिन ये सिलसिला भी भला कब तक चलेगा। 

बता दें कि मृतक की बड़ी बेटी खुशबू (14), रेनू (13) रुचि (8) और अनुज (05) की देखभाल अभी उसकी दादी कर रही थीं, लेकिन छह महीने पहले ही उनकी भी मौत हो गई। वहीं रेनू गंभीर बीमारी से पीड़ित है, लेकिन इलाज को पैसा न होने से उसकी भी तबियत बिगड़ रही है। 

मैं अभी जरूरी काम से लखनऊ आया हुआ हूं। दलित परिवार के बच्चे मेरे अपने बच्चे हैं। आर्थिक तंगी या इलाज के अभाव में कोई भी अनहोनी नहीं होने दी जाएगी। 

इंजीनियर ब्रजेश कठेरिया, विधायक किशनी

मामला संज्ञान में है। मृतक के परिवारीजनों को किसान बीमा लाभ दिलाया जाएगा। लेखपाल को पत्रावलियां मंगाई गई हैं। परिवार के बच्चों को हर संभव सहायता प्रदान की जाएगी।

सुरेश सोनी, एसडीएम किशनी

नई दुनिया

 दोबारा परीक्षा की घोषणा में देर कर दी, पहले होती तो बच जाती रुबीना

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 मसूदा सुजावनी (शिवपुरी) से रुमनी घोष। प्रदेश के आखिरी छोर पर बसे शिवपुरी जिले का मसूदा सुजावनी गांव। बारहवीं में पास न हो पाने पर 17 वर्षीय रुबीना जाटव ने आत्महत्या कर ली थी। गांव के लिए यह घटना अजूबा है, क्योंकि पीढ़ियों से किसी ने ऐसा नहीं देखा। स्थानीय सरकारी स्कूलों के शिक्षक सरकार के देर से लिए गए निर्णय ‘रूक जाना नहीं योजना’ को जिम्मेदार बताते हुए कहते हैं सरकार पहले ही घोषणा कर देती तो रुबीना जैसे बच्चों को समझा लेते। रुबीना की आत्महत्या के दो पहलू हैं। पहला, सहपाठियों ने कहा- सब पास हो गए, तुम ही रह गई।

सुनकर वह अवसाद में चली गई होगी। दूसरा, (अनछुआ और अनसोचा) दलित बस्ती की एक लड़की का जीवन में कुछ बनने की जद्दोजहद में हार जाना। इस हार को अनदेखा कर आगे नहीं बढ़ा जा सकता है? आगे बढ़ना चाहती हैं लड़कियां रुबीना के स्कूल शिवपुरी करारखेड़ा हायर सेकंडरी स्कूल के प्राचार्य अभयप्रताप सिंह जादौन कहते हैं बीते कुछ सालों में पिछड़े आदिवासी इलाकों की लड़कियों की सोच में तेजी से बदलाव आया है। बेशक वे टॉपर नहीं, 80-90 प्रतिशत अंकों की उम्मीद नहीं, मगर वे छोटे-छोटे अवसर तलाशते हुए आगे बढ़ जाना चाहती हैं।

यह कुछ मायनों में इसलिए सही है कि इस साल 10वीं-12वीं का रिजल्ट आने के बाद प्रदेशभर से रुबीना जैसी डिंडौरी, टीकमगढ़, छिंदवाड़ा, दमोह, सागर, कटनी, भोपाल क्षेत्र की 10 लड़कियों ने आत्महत्या की हैं। इनमें से अधिकांश ग्रामीण अंचलों से हैं और पढ़-लिखकर अपना जीवन बदल देना चाहती थीं। पूरा मार्गदर्शन नहीं मिल पाया रुबीना ने जिस कमरे में फांसी लगाई, वहां एक चार्ट अभी भी लगा है। इसमें लिखा है कि कौन सा विषय कितने घंटे पढ़ना है।

वह पढ़ना चाहती थी, पर शायद सरकारी तंत्र से उसे पूरी तरह वह मार्गदर्शन नहीं मिल पा रहा है जो उसे सफलता के लिए तैयार कर सके …और सफल न हो पाने पर रास्ते तलाशना सीखा सके। सपनों को ठोकर मार वे गिड़गिड़ा रहे… कोई सुन क्यों नहीं रहा रुबीना की आत्महत्या का कारण हम चाहे जिस छोर से तलाशना शुरू करें, मगर दलित बहुल इलाके की छोटी बस्ती में रहने वाले रुबीना के पिता हरचरण और मां सरमन जाटव का क्या कसूर है? खेतीबाड़ी के साथ ही यह परिवार गुम्मा (ईंट) बनाता है।

किसी भी शहरी इलाकों के माता-पिता से ज्यादा समझदारी दिखाते सारी ख्वाहिशों को ठोकर मारकर उन्होंने बेटी को समझाया था- कोई बात नहीं, दोबारा परीक्षा दे देना। रात में साथ बिठाकर खाना खिलाया। मगर वह सुबह माता-पिता को खेत भेज फांसी पर झूल गई। छोटा भाई महेंद्र भी दसवीं में फेल हो गया है, पर उसे भी माता-पिता ने कुछ नहीं कहा। वे कहते हैं जिन माता-पिता को उनके बच्चे छोड़कर चले गए हैं… वे तो अब कभी नहीं सुन पाएंगे, मगर दूसरे बच्चे तो सुनें कि हम उनके सामने गिड़गिड़ा रहे हैं कि वे अपने आपको बख्श दें।

7000 रुपए कमाई में से 600 रुपए की ट्यूशन पढ़ाई थी फिर पढ़ाते, एक बार बोलती तो सही टीकमगढ़। 13 मई की सुबह जिस समय रुबीना ने फांसी लगाई, लगभग उसी वक्त टीकमगढ़ से 7 किमी दूर मिनोर गांव में ज्योति अहिरवार ने खुद को आग लगा ली थी। बारहवीं में फिजिक्स और बायोलॉजी में कम अंक आने से वह फेल हो गई थी।

मजदूरी कर बमुश्किल 7 हजार रुपए कमाने वाले राजाराम अहिरवार तीन बेटियों और एक बेटे सबको पढ़ा रहे हैं। मां जशोदाबाई कहती हैं वह पुलिस में जाना चाहती थी, इसलिए इतनी कम आमदनी के बावजूद उसे तीन विषय की ट्यूशन भेजते थे। हमारे लिए मुश्किल था फिर भी हमने उससे कहा-दोबारा परीक्षा दे देना। बहन को आग की लपटों में देखकर सबसे पहले बचाने भागी छोटी बहन सोनम कहती है-आग लगाने के बाद शायद उसे गलती का अहसास हुआ। वो बार-बार बोलती रही कि मुझे बचा लो, पर नहीं बचा पाए।

दैनिक भास्कर

दलित युवक ने कि‍या धर्म परिवर्तन,

हिंदू संगठनों ने प्रशासन पर उठाए सवाल

http://www.bhaskar.com/news/UP-MEER-ruckus-in-meerut-due-to-dalit-young-man-conversion-5326945-NOR.html

 मेरठ. एक दलित युवक ने कथित रूप से ईसाई धर्म अपना लि‍या। इससे हिंदू संगठनों में रोष फैल गया है। हिंदू स्वाभिमान संस्था के कार्यकर्ताओं ने इस संबंध में कार्रवाई नहीं होने पर प्रशासन पर सवाल खड़ा किया है। मामला मंगलवार को उस वक्त तूल पकड़ गया जब कार्यकर्ताओं को पता चला कि जिस युवक ने धर्म परिवर्तन किया है वह घर से गायब है। 

क्‍या है पूरा मामला…

– नौचंदी थानाक्षेत्र के सेक्टर-4 निवासी विकास नाम के युवक द्वारा ईसाई धर्म अपनाने का आरोप लगा है। 
– हिंदू स्वाभिमान संस्था के राष्ट्रीय अध्यक्ष पंडित अमित भारद्वाज का कहना है कि विकास का जबरन धर्म परिवर्तन कराया गया है।

– इसके बाद विकास का नाम बदलकर विक्टर रख दिया गया है। 

– सोची-समझी साजिश के तहत कुछ लोग दलित और गरीब परिवार को बहका कर उनका धर्म परिवर्तन करा रहे हैं। 

– आरोप है कि विकास को धर्म परिवर्तन के नाम पर पैसों का लालच भी दिया गया। 

– हालांकि विकास का कहना है कि उसने अपनी मर्जी से चर्च जाना शुरू किया है, उसने कोई पैसा नहीं लिया है।

 वापसी के लिए रखा था हवन 

– पंड़ित अमित भारद्वाज के अनुसार विकास को वापस हिंदू धर्म में लाने के लिए मंगलवार को उसके घर पर हवन आदि का कार्यक्रम रखा था। 

– जब वह उसके घर पहुंचे तो विकास वहां से गायब मिला। 

– आरोप लगाते हुए कहा कि उसे जानबूझ कर घर से गायब किया गया, ताकि उसकी फिर से अपने धर्म में वापसी नहीं हो सके। 

– विकास के गायब मिलने पर हिंदू स्वाभिमान संस्था के कार्यकर्ता घर के बाहर ही धरना देकर बैठ गए। 

– बाद में संस्था के कार्यकर्ताओं ने प्रधानमंत्री के नाम एक ज्ञापन देकर धर्म परिवर्तन की घटनाओं को रोकने के लिए ठोस कदम उठाए जाने की मांग की।

 आरोपों को बताया गलत 

– जिस धार्मिक स्थल पर विकास प्रार्थना आदि के लिए जाता है, उसके धर्म गुरु विजय जोसफ का कहना है कि विकास का धर्म परिवर्तन नहीं हुआ है। 

– वह केवल यहां आकर प्रार्थना आदि करता है। उस पर किसी का कोई दबाव नहीं है। 

– विजय जोसफ का कहना है कि विकास को पढ़ना भी नहीं आता है, उसे यहां थोड़ा-बहुत पढ़ना भी सिखाया गया है। 
– पैसे देकर धर्म परिवर्तन किए जाने के आरोप को उन्होंने सिरे से खारिज किया। 

– उन्होंने कहा कि केवल यहां आकर प्रार्थना करने से किसी का धर्म परिवर्तन नहीं होता।

दैनिक भास्कर

 आंबेडकर कल्याण छात्रावास के छात्रों ने कहा- दलित विरोधी हैं मुख्यमंत्री

http://www.bhaskar.com/news/BIH-PAT-HMU-MAT-latest-patna-news-021501-197283-NOR.html

आंबेडकरकल्याण छात्रावास अरफाबाद महेंद्रू के छात्रों ने मंगलवार को अशोक राजपथ पर प्रदर्शन कर मुख्यमंत्री का पुतला दहन किया। भारतीय कल्याण छात्र संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमर आजाद ने आरोप लगाया कि बिहार सरकार दलित आरक्षण विरोधी है। एससी,एसटी छात्रों को नियमित छात्रवृत्ति भी नहीं मिल पा रही है। सरकार सुविधाओं में लगातार कटौती कर रही है। इस स्थिति में छात्रों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। छात्रों ने सीएम का पुतला फूंका। प्रदर्शन में सुमन कुमार, कन्हैया कुमार, आलोक पासवान, पप्पू, विनय, संजय सहित अन्य छात्रों ने हिस्सा लिया। इधर अति पिछड़ा विकास मंच की बैठक जयकृष्ण प्रसाद चंद्रवंशी की अध्यक्षता में हुई। मंच के सदस्यों ने राज्य सरकार पर हकमारी किए जाने का आरोप लगाया। बैठक में दिनेश ठाकुर, प्रदीप काश, राजेश चंद्रवंशी,रामनाथ सुमन, विनय कुमार,सहित अन्य ने भाग लिया।

पल पल इंडिया

 आदिवासी हरिजन उत्पीड़न के विरूद्ध

माकपा दो दिवसीय धरना देगी- बाघेल

http://www.palpalindia.com/2016/05/19/sidhi-mp-CPI-M-two-day-protest-against-oppression-Harijan-Degi-Bagel-news-in-hindi-141982.html

जिले में बढ़ रहे आदिवासी, हरिजन एवं पिछड़ावर्ग के लोगो के ऊपर अन्याय, अत्याचार और पुलिस तथा जिला प्रशासन द्वारा अपराधियों को खुला संरक्षण देने के खिलाफ मार्कवादी कम्युनिष्ट पार्टी जिला सीधी 24 एवं 25 मई को दो दिवसीय धरना कलेक्ट्रेट के सामने देगी.

पार्टी के जिला प्रमुख कामरेड सुन्दर सिंह बाघेल सीधी कलेक्टर को दिये पत्र में आरोप लगाया है कि मड़वास पुलिस चैकी एवं राजस्व अधिकारियों के सांठ-गांठ से मझिगवां गांव का सरपंच पति संजय सिंह, विजय सिंह विगत 2 वर्षाें से समदा एवं धनौर गांव में बसे सैकड़ों हरिजन आदिवासियों को प्रताड़ित कर रहा है, आदिवासियों के घरों को गिराना, घर में घुसकर मारपीट कर हाथ-पैर तोड़ना उनके जमीन में बोई हुई फसल को जबरियन काटना जैसे समाज विरोधी कार्य करके दहसत एवं आतंक का वातावरण निर्मित किये हुये है और आज स्थिति यह हो गई है.

कि भयभीत आदिवासी हरिजन पुलिस रिपोर्ट करने से डरते है क्योंकि रिपोर्ट करने पर रिपोर्ट कर्ता के साथ मारपीट की जाती है. कामरेड बाघने ने आरोप लगाया है कि संजय सिंह, विजय सिंह एवं उनके परिवार के लोग समदा कृषि प्रक्षेत्र का करीब 75 एकड़ जमीन फर्जी तरीके से अपने व अपने रिस्तेदारों के नाम करवा लिया है, शेष शासकीय भूमि पर बसे हुये हरिजन आदिवासियों के जमीन पर कब्जा जमाने की कोशिश कर रहा है .

जबकि शासकीय भूमि में रह रहे हरिजन आदिवासियों को तहसीलदार मड़वास द्वारा पाँच-पाँच सौ रूपये के अर्थदण्ड से दण्डित किया जा चुका है. कामरेड बाघेल ने कलेक्टर का ध्यान समदा एवं धनौर गांव में बसे हुये हरिजन आदिवासियों की समस्याओं की ओर अंगित कराते हुये कहा है कि यदि समय पर कार्यवाही नहीं की गई तो भविष्य में जाति संघर्ष नहीं नकारा जा सकता है.

अमर उजाला

 बिजली, पानी को सड़क पर उतरे लोग

http://www.amarujala.com/uttar-pradesh/firozabad/electricity-water-and-the-people-on-the-road

सुहागनगरी में बिजली, पानी की मची किल्लत को लेकर बुधवार को लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। कांशीराम बिहार दलित बस्ती के लोग नारेबाजी करते हुए सड़क पर उतर आए। मंडी समिति के समीप कोटला रोड पर चक्काजाम कर दिया। करीब दो घंटे तक डंडे लेकर हुंकार भरने वाले लोगों को पुलिस ने डंडा फटकार कर रास्ते से हटाया।  

कोटला रोड स्थित रानीनगर मोहल्ले के समीप कांशीराम बिहार कालोनी है। यहां के लोग अघोषित बिजली कटौती से भी परेशान हैं। बिजली न मिलने के कारण मोहल्ले में पानी की समस्या गहरा गई है। गर्मी में बिजली, पानी की किल्लत से जूझ रहे लोगों का गुस्सा बुधवार को फूट पड़ा। गांव के रवि बघेल, प्रेमचंद्र राठौर, बेंचेलाल, धनराज शंखवार, प्रमोद कुशवाहा, ओमनारायन कुशवाहा, प्रवीन कुमार, सुनीता, कुसुमा देवी, कांतीदेवी, कुसुम, गुड्डी, राकेश, सुमन, रेखा, विक्रांत समेत सैकड़ों महिलाएं, पुरुष व बच्चे मंडी समिति के समीप सड़क पर उतर आए। कोटला मार्ग को जाम कर दिया। दोनों ओर वाहनों की कतारें लग गईं। चक्काजाम की सूचना पर पहुंची पुलिस की प्रदर्शनकारी कोई भी बात सुनने को राजी नहीं थे। वहीं मौके पर बिजली विभाग के एसडीओ, जेई समेत कोई भी अधिकारी, कर्मचारी नहीं पहुंचा। इससे परेशान होकर पुलिस ने जबरन जाम खुलवा दिया।

News Monitored by Kuldeep Chandan & Kalpana Bhadra

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