दलित मीडिया वाच – हिंदी न्यूज़ अपडेट 17.05.16

10 सालों से सूखे पड़े कुएं की सफाई करने उतरे थे, पांच युवकों की मौत – एन डी टीवी

http://khabar.ndtv.com/news/other-cities/five-dalit-youth-went-down-in-abandoned-well-to-clean-died-by-gas-1407001

फेसबुक पर फर्जी प्रोफाइलों से परेशान हुईं IAS टॉपर टीना डाबी – आई बी एन खबर

http://khabar.ibnlive.com/news/desh/facebook-abounds-with-fake-profiles-of-upsc-topper-tina-dabi-480228.html

कच्ची शराब के धंधे पर महिलाओं का धावा – अमर उजाला

http://www.amarujala.com/uttar-pradesh/saharanpur/crime/women-s-raid-on-raw-liquor-business

देखिए, सड़क पर दुकान लगाने वालों को कैसे लात मारता है ये भाजपा नेता – दैनिक भास्कर

http://www.bhaskar.com/news/c-16-1146038-ra0313-NOR.html

पथरीली धरती का सीना चीर पानी पाने की जिद – नई दुनिया

http://naidunia.jagran.com/chhattisgarh/gravelly-soil-rip-compulsion-to-get-water-741464

घर में शौचालय बनवाए दे ओ सैंया दीवाने… – दैनिक भास्कर

http://www.bhaskar.com/news/MP-OTH-MAT-latest-shivpuri-news-024502-190589-NOR.html

सहायक आयुक्त के नाम पर 66 हजार की वसूली – दैनिक भास्कर

http://www.bhaskar.com/news/CHH-BIL-OMC-MAT-latest-bilaspur-news-030503-192140-NOR.html

रीब का मकान तोड़ने का मामला : सर्व आदिवासी समाज ने रैली निकालकर जताया आक्रोश – नई दुनिया

http://naidunia.jagran.com/chhattisgarh/all-tribal-society-741306

एन डी टीवी

10 सालों से सूखे पड़े कुएं की सफाई करने उतरे थे, पांच युवकों की मौत

http://khabar.ndtv.com/news/other-cities/five-dalit-youth-went-down-in-abandoned-well-to-clean-died-by-gas-1407001

 जींद: जींद जिले के गांव निडाना में सोमवार सुबह कुएं की सफाई करने उतरे पांच दलित युवकों की जहरीली गैस की चपेट में आने से मौत हो गई। लगभग चार घंटे की मशक्कत के बाद पुलिस ने शवों को कुएं से बाहर निकाला।

पुलिस ने बताया कि गांव निडाना में पानी की किल्लत के चलते धानक मोहल्ले के युवाओं ने पिछले दस सालों से सूखे पड़े कुएं की सफाई करने की योजना बनाई।

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सोमवार सुबह करीब 10-15 युवक कुएं की सफाई करने पहुंच गए। लगभग 15 फुट गहरे कुएं की लगभग साढ़े नौ बजे सफाई शुरू की गई। उसके बाद एक के बाद एक छह युवक कुएं में उतरे।

एक शख्स को बचा लिया गया…

पुलिस ने बताया कि पांच जहरीली गैस के कारण अंदर ही रह गए जबकि छठे युवक को ऊपर कुएं पर खड़े लोगों ने वापस खींच लिया। मरने वालों में 18 वर्षीय मोहन, उसका चाचा 24 वर्षीय दिनेश, 23 वर्षीय संजय, 20 वर्षीय सुखचौन उर्फ टोनी तथा 35 वर्षीय महिपाल शामिल हैं, जबकि छठा युवक 22 वर्षीय कर्मपाल को कुएं के ऊपर खड़े लोगों ने वापस खींच लिया, जिसके चलते वह बाल-बाल बच गया।

चार घंटे तक चला बचाव अभियान…

घटना की सूचना पाकर प्रशासनिक अमला मौके पर पहुंच गया और जेसीबी मशीनों तथा क्रेनों व फायर ब्रिगेड की सहायता से कुएं में बनी गैस के प्रभाव को खत्म कर शवों को बाहर निकाला गया। लगभग चार घंटे तक बचाव अभियान चला और फिर शवों को बाहर निकाल सामान्य अस्पताल पहुंचाया गया।पुलिस ने मृतकों के शवों का सामान्य अस्पताल में पोस्टमॉर्टम करवा परिजनों को सौंप दिया है।

उपायुक्त विनय सिंह ने बताया कि मुख्यमंत्री ने प्रत्येक मृतक परिवार को पांच-पांच लाख रुपये देने की घोषणा की है। घटना की सूचना मिलते ही बचाव अभियान शुरू कर दिया गया था लेकिन कुएं में फंसे पांचों लोगों को बचाया नहीं जा सका।

आई बी एन खबर

 फेसबुक पर फर्जी प्रोफाइलों से परेशान हुईं IAS टॉपर टीना डाबी

http://khabar.ibnlive.com/news/desh/facebook-abounds-with-fake-profiles-of-upsc-topper-tina-dabi-480228.html

 नई दिल्ली। सोमवार सुबह आए एक वॉट्सऐप मैसेज ने टीना डाबी को हैरान कर दिया। इस मैसेज से टीना को पता चला कि फेसबुक पर उनके नाम से 35 फर्जी प्रोफाइलें बनी हुई हैं। हर प्रोफाइल पर 22 साल की यूपीएससी टॉपर टीना डाबी की फोटो थी जिसमें वो अपने माता-पिता के साथ दिखाई दे रही हैं। उनकी दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के साथ वाली तस्वीरें और टीवी को इंटरव्यू देते हुए फोटो भी इन प्रोफाइल्स पर अपलोड की गई हैं। प्रोफाइल पर टीना के हवाले से कई बयान भी लिखे गए हैं।

एक फर्जी प्रोफाइल पर लिखे एक स्टेटस में कहा गया है, ‘रुकावटों, मैं तुम्हें बर्बाद कर दूंगी’ जबकि दूसरे में एक यूजर ने डाबी को 465 फॉलोअर्स से कहते हुए दिखाया है, ‘ईश्वर सभी मनुष्यों को सहनशक्ति और हौसला दे जिससे वह आनंदपूर्वक जिंदगी जी सकें।’

व्यथित डाबी ने फोन पर एक अंग्रेजी अखबार से कहा, ‘यह बुरा है। मैंने कड़ी मेहनत और समर्पण पर कभी ऐसा नहीं कहा। ये प्रोफाइल्स किसी और की बात को मेरे मत्थे मंढ़ रही हैं। भविष्य में, ये और भी खराब काम कर सकती हैं।’

फेसबुक और वॉट्सऐप पर एक और मैसेज जो बढ़चढ़कर शेयर किया जा रहा है, उसमें लिखा गया है, ‘मैं जानती हूं कि मुझे कौन प्रेरणा दे रहा है और वह हमारे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हैं। क्या मैं अंबेडकर जी को अपनी प्रेरणा मानने को मजबूर हो जाऊं क्योंकि मैं एक दलित हूं? यह ‘जय भीम’ का नारा हर तरफ क्यों है? मैं बाबा साहब की बड़ी प्रशंसक हूं। उन्होंने पिछड़ों के लिए जो भी किया वह सराहनीय है। उन्होंने दलितों के सशक्तिकरण के लिए कार्य किया लेकिन कभी भी आरक्षण का समर्थन नहीं किया। भारतीय संविधान में आरक्षण बस थोड़े समय के लिए ही था लेकिन हमारे राजनेता इसे वोट बैंक के लिए एक अस्त्र के रूप में इस्तेमाल कर रहे हैं।’ बता दें कि डाबी यूपीएससी परीक्षा टॉप करने वाली देश की पहली दलित लड़की हैं।

उन्होंने कहा, ‘मैं किसे प्रेरणा मानती हूं, इसपर विवाद है। अपने सभी इंटरव्यू में मैंने इसे निजी मामला बताया है और मैंने ये माना है कि दोनों ही शख्सियतों (नरेंद्र मोदी और बाबा साहब अंबेडकर) का मैं बराबर रूप से सम्मान करती हूं लेकिन मैंने ऐसा कोई भी बयान नहीं दिया जैसा फेसबुक और वॉट्सऐप पर प्रसारित किया जा रहा है।

सोमवार दोपहर को, फेसबुक टीम ने टीना को ईमेल भेजकर सूचित किया कि यूजर्स की शिकायतों के बाद उनकी फेक प्रोफाइलों को डिऐक्टिवेट कर दिया है। कुछ घंटों बाद डाबी ने अपना फेसबुक स्टेटस अपडेट किया जिसमें उन्होंने लिखा, ‘मेरे नाम से चलाया जा रहा कोई भी बेतुका बयान मेरी राय नहीं है।’

अमर उजाला

 कच्ची शराब के धंधे पर महिलाओं का धावा

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थाना क्षेत्र के गांव मल्हीपुर में दलित महिलाओं ने कच्ची शराब का धंधा करने वालों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। दलित महिलाओं ने सोमवार को युवकों के साथ मिलकर खेतों में बडे़ पैमाने पर चलाई जा रही शराब की भट्टियों को पकड़ा।

उन्होंने एक ही दिन में पुलिस को अलग-अलग स्थानों से 50 ड्रम कच्ची शराब व इसे बनाने के लिए लाया गया लाहन बड़ी मात्रा में बरामद कराया है।

गांव मल्हीपुर के बड़े पैमाने पर कच्ची शराब का धंधा फल-फूल रहा है। शाम ढलते ही गांव में आसपास के गांवों के लोगों का आना-जाना भी शुरू हो जाता है। बताया जाता है कि घरों में बेखौफ होकर कच्ची शराब परोसी जा रही है। इसी से तंग आकर दलित महिलाओं ने युवकों को साथ लेकर सोमवार को कच्ची शराब माफिया के खिलाफ मोर्चा खोल दिया।

हाथों में लाठी-डंडे लेकर गांव की महिलाओं ने खेतों को रुख किया। महिलाओं ने अलग-अलग स्थानों पर स्थित कच्ची शराब की करीब 50 भट्टियों पर धावा बोल दिया। इस दौरान करीब 50 ड्रम कच्ची शराब और लाहन की बड़ी खेप को अपने कब्जे में लिया। मौके पर पहुंची पुलिस ने ड्रम और लाहन को अपने कब्जे में ले लिया।

इसके बाद महिलाएं गांव में स्थित पुलिस चौकी पर पहुंचीं। वहां उन्होंने हंगामा करते हुए कच्ची शराब बनाने वालों को गिरफ्तार करने की मांग की। चौकी प्रभारी ने महिलाओं को आश्वासन दिया कि कच्ची शराब का धंधा करने वालो का चिन्हित किया जा रहा है।

उनके खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करके गिरफ्तार किया जाएगा। उन्होंने बताया कि बरामद किया गया सभी लाहन नष्ट कर दिया गया है। पुलिस इस दौरान मौके से किसी भी व्यक्ति को गिरफ्तार नहीं कर पाई है।

उधर, जिला आबकारी अधिकारी राजेंद्र सिंह का कहना है कि थाना प्रभारी को शराब का कारोबार करने वाले लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करने को कहा गया है। उन्होंने कहा कि कच्ची शराब का धंधा करने वालों पर शिकंजा कसा जाएगा। गांव में कच्ची शराब को भी नहीं बिकने दिया जाएगा।

दैनिक भास्कर

 देखिए, सड़क पर दुकान लगाने वालों को कैसे लात मारता है ये भाजपा नेता

http://www.bhaskar.com/news/c-16-1146038-ra0313-NOR.html

 रायपुर.छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा जिले में एक बीजेपी लीडर को सड़क पर सब्जी बेचते लोगों पर इतना गुस्सा आया कि उन्हें देखते ही वह उन पर चिल्लाने लगे। इतना ही नहीं, उन्होंने लात मारकर उनकी सारी सब्जियां बिखेर दीं। सड़क पर इन्क्रोचमेंट करने वाले के खिलाफ कार्यवाही करने वाले विभाग के ये चेयरमेन हैं। इन्हें लीगल कार्यवाही करने के बजाय लात मारने में ज्यादा मजा आता है। हालाँकि मीडिया में खबर आने के बाद आरोपी लीडर ने माफी मांग ली है। 

– वीडियो में गरीब सब्जीवालों पर लात बरसाते दिख रहे बीजेपी लीडर का नाम अभिलाष तिवारी है।

– अभिलाष भाजपा के सीनियर लीडर विजय तिवारी के बेटे हैं और वर्तमान में गीदम नगर पंचायत के अध्यक्ष हैं।

– सड़क पर अतिक्रमण करके छोटी सी दूकान चलाने वालो के खिलाफ ये लीगल कार्यवाही नहीं करते बल्कि लात मारकर उनकी दुकान का सामान बिखरा देते हैं।

– अपना स्टेट्स सिंबल बनाए रखने के लिए ये गनर के साथ चलते हैं। 

– इलाके में नक्सली खौफ के चलते इस लीडर को सुरक्षा के लिए दो गनमैन भी दिए गए हैं।

– यह वीडियो १३ मई का बताया जा रहा है जब अभिलाष तिवारी अपने गनमैनों के साथ इलाके के दौरे पर निकले हुए थे।

– इस दौरान उन्होंने सड़क किनारे सब्जी बेचते आदिवासियों को देखा और उन पर बरस पड़े।

– आदिवासियों ने हाथ जोड़ मिन्नत की तो अभिलाष ने लात मारकर उनकी सब्जियां बिखेर दीं।

 इलाके के पुराने दबंग

– अभिलाष तिवारी का परिवार पहले से ही दबंगई के लिए जाना जाता है।

– अभिलाष का एक भाई जिले भर में बदनाम था। कुछ साल पहले ही उसने आत्महत्या कर ली।

– बीजेपी नेता ने हालांकि वीडियो वायरल होने के बाद माफी मांग ली है।

नई दुनिया

 पथरीली धरती का सीना चीर पानी पाने की जिद

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कोरबा : तपती धूप में चारों ओर पेयजल की त्राहि मची हुई है। ऐसे में जिला मुख्यालय से 80 किलोमीटर दूर पोड़ी-उपरोड़ा ब्लॉक के रामपुर ग्राम पंचायत के आश्रित ग्राम गोदवाही के पहाड़ी पंडों ने अनोखी मिसाल प्रस्तुत की है। पानी की समस्या से जूझ रहे 35 आदिवासी परिवारों को निजात दिलाने खुद बीड़ा उठा लिया है। पहाड़ों से घिरे गांव की पथरीली धरती को तोड़ कर पानी निकालने की जुगत में लगे हैं। लगन और जज्बा ऐसा कि ग्रामीण दिहाड़ी मजदूरी छोड़ पानी के लिए मिलकर श्रमदान कर रहे हैं।

विकास की मुख्य धारा में पहाड़ी पंडों व कोरवा जैसे वनवासी जनजातियों को जोड़ने प्रशासनिक योजनाओं का लाभ बेमानी साबित हो रहा है। इसका प्रत्यक्ष नजारा पोड़ी-उपरोड़ा व कोरबा के वन क्षेत्र में रह रहे आदिवासी परिवारों को देखकर सहज अंदाजा लगाया जा सकता है। प्रशासनिक योजना की बजाय स्वयं के बूते पर अपनी तकदीर को गढ़ने की जिद ग्राम गोदवाही के ग्रामीणों ने स्वयं कर ली है। बस्ती के निकट निचले हिस्से के पथरीले भू-भाग का चयन कर कुएं की खुदाई किया जा रहा है। अब तक करीब एक हजार पत्थर निकाले जा चुके हैं। यह निर्णय पंडों ने स्वयं लिया है। कुएं से पानी निकल आने से आसपास के परिवारों को पेयजल की समस्या से निजात मिल जाएगी। हमारे स्थानीय प्रतिनिधि मोहम्मद जुबैर के अनुसार पहाड़ों से घिरे इस गांव में 24 पंडों परिवार सहित अन्य आदिवासी व यादव परिवार निवास करते हैं। ग्रीष्म आते ही पहाड़ी क्षेत्र होने के कारण पानी की विकराल समस्या से ग्रामीण प्रति वर्ष जूझते हैं। पानी की समस्या निवारण होने के आशय को लेकर ग्रामीणों में अपार उत्साह देखा जा रहा है। उत्साह का आलम यह है यह कि तेंदूपत्ता तोड़ने का सीजन होने के बाद भी दिहाड़ी मजदूरी छोड़ कुआं खोदने के काम में लगे हुए हैं। काम का करने का जज्बा ऐसा कि लोग दिन मुर्रा व गुड़ चिवड़ा खाकर श्रमदान कर रहे हैं।

मीलों सफ़र फिर भी दूषित पानी

पानी की विकराल समस्या का आलम यह है कि ग्रामीण लंबी दूरी तय कर पानी लाते हैं। गांव के निकट पहाड़ से लगे ढोढ़ी में पानी का स्त्रोत है। स्त्रोत का पानी दूषित होने के बाद भी पीन की मजबूरी है। दिन भर के लिए पानी भरने के घर भर के लोगों को जूझना पड़ता है।

जंगली जानवरों का खतरा

ढोढ़ी के पानी में न केवल बस्तीवासी बल्कि आसपास के वन्य प्राणी भी आश्रित है। दोपहर अथवा शाम होते ही अंधेरा पसर जाने के बाद ढोढ़ी के निकट खतरे का सबब बना रहता है। भालू व अन्य वन्य प्राणी प्यास बुझाने के लिए पहंचते हैं। स्त्रोत के निकट अकेले जाने की बजाय झुंड में जाते हैं।

हैंडपंप उगल रहा लाल पानी

गांव में पेयजल समस्या दूर करने के लिए दो ही हैंडपंप लगाया गया है। हैंडपंप से लाल पानी निकलने के कारण यह पीने लायक नहीं है। ग्रामीणों का कहना है कि बर्तन में पानी रखने के बाद पानी लाल हो जाता है। साथ ही बर्तन में भी अपना निशान छोड़ जाता है।

उत्साह बढ़ाने आए दिल्ली से

एकता परिषद के सदस्य अक्सर इन वनवासी पंडों के आत्मबल बढ़ाने पहुंचते हैं। आदिवासी जनजाति के लोगों में जागरूकता का अलख जगाने के लिए जहां स्थानीयन प्रशासन भले ही बेसुध है, पर दिल्ली से इस सामाजिक संगठन का पंडों परिवार से जुड़ाव है। यही वजह है कि उनका उत्साह बढ़ाने पिछले दिनों एकता परिषद के राष्ट्रीय समन्वयक रमेश शर्मा यहां आए।

रोशनी को तरस रहा गांव

गांव में पानी ही नहीं बल्कि बिजली की भी समस्या देखी जा रही है। रामपुर में बिजली पहुंच चुकी है। इसके बाद भी मजह दो किलोमीटर दूर गांव में बिजली नहीं पहुंचाया गया है। राष्ट्रपति के दत्तक पुत्र कहे जाने वाले पंडो जनजाति परिवारों को आज भी अंधेरे में जीवन बसर करना पड़ रहा है।

मिलकर लिया निर्णय

पीनी समस्या निराकरण के लिए कई बार प्रशासन को अवगत कराया जा चुका है। इसके बाद भी सुनवाई नहीं हुई है। अब हमने ठाना कि समस्या हमारी है तो निराकरण भी हम करेंगे।

– जान साय पंडो

नहीं जा रहे तेंदूपत्ता तोड़ने

पानी की समस्या को दूर करने के लिए कूप निर्माण में सभी पंडो परिवार के लोग सहयोग कर रहे हैं। अब तेंदूपत्ता तोड़ने का समय है, इसके बाद भी लोग श्रमदान करने आ रहे हैं।

– इतवरिया पंडो

विकास से वंचित

पहाड़ी क्षेत्र के रहवासियों को विकास की मुख्य धारा में जोड़ने का हवाला देकर पहाड़ से नीचे लाया गया है। इसके बाद भी उन्हें विकास से वंचित रखा जा रहा है। पानी की समस्या का निराकरण नहीं हुआ है।

– मंगलराम पंडो

नहीं लिया जा रहा जायजा

पंडो वनवासियों के लिए शासन ने योजना तो बनाई है, किंतु जमीन स्तर पर उसका क्रियान्वयन हो रहा है या नहीं इसका जायजा नहीं लिया जा रहा है। यही वजह है कि वनवासी परिवारों को समस्या से जूझना पड़ रहा है।

– तहसीलदार सिंह पंडो

गोदवाही में पानी की समस्या की जानकारी हम तक नहीं पहुंची है। यदि हैंडपंप खराब है तो उसे तत्काल सुधारा जाएगा। कुएं की खुदाई में लगे ग्रामीणों की भी आवश्यकता पड़ी तो मदद की जाएगी। कुएं से यदि पानी निकला तो पंप भी लगाया जा सकता है।

दैनिक भास्कर

 घर में शौचालय बनवाए दे ओ सैंया दीवाने…

http://www.bhaskar.com/news/MP-OTH-MAT-latest-shivpuri-news-024502-190589-NOR.html

बेड़िया समाज सुधार संघ इन दिनों जिले में गांव-गांव जाकर स्वच्छता और साक्षरता की अलख जगाने में जुटा है। नुक्कड नाटकों एवं पारंपरिक गीतों के माध्यम से दी जा रही प्रस्तुतियां जहां लोगों को आकर्षित कर रही हैं वहीं लोगों तक अपनी बात पहुंचाने का ये तरीका भी काफी हिट होरहा है। अब तक दो दिनों में करीब 4 गांवों में ये संघ लोक गीतों के माध्यम से संदेश प्रसारित कर चुका है। 

बेड़िया समाज सुधार संघ शिवपुरी द्वारा संस्कृति संचालनालय मध्य प्रदेश शासन, भोपाल के सहयोग से 14 मई से 16 मई तक ग्राम नीचा वन्हेरा खुर्द ग्राम पंचायत खरई जालिम में सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया ।

जिनमें आदिवासी लोकनृत्य बुंदेलखण्डी लोकगीत के अलावा साक्षरता नाटक का मंचन भी किया गया। 

श्रीकृष्ण आदिवासी कला मंडल के कलाकारों द्वारा आदिवासी लोकनृत्य प्रस्तुत किया गया, इस कार्यक्रम की अध्यक्षता सरपंच ग्राम पंचायत खरई जालिम वंदना शर्मा ने की। 15 मई को बुंदेलखण्डी लोकगीतों की प्रस्तुति कल्याण आदिवासी निवासी वन्हेरा खुर्द द्वारा दी गई इस कार्यक्रम की अध्यक्षता ग्राम पंचायत हर्रई की सरपंच छुन्नो बेड़िया ने की। 16 मई को शारदा कला मंडल शिवपुरी के कलाकारों द्वारा साक्षरता की अलख जगाने के उद्देश्य से एक नाटक का मंचन किया गया इसके साथ ही एक कठपुतली की मनोरंजक प्रस्तुति भी दी । इस कार्यक्रम में ग्राम पंचायत पिपरौदा के सरपंच राजेन्द्र शर्मा थे। 

लोक गीतों ने दिलों को छुआ 

कार्यक्रमों में लोकगीत बिटिया भई नहीं सयानी, छोटे में सगाई जाकी मत करिओ.., जब से भौजी भई सरपंचन मिल गए काम तलैयन के लग रहे ढेर रुपइयन के…घर में शौचालय बनवा दे ओ सैंया दीवाने… एवं पढ़े लिखे के महत्व को दर्शाते हुए एक साक्षरता पर आधारित नाटक का कलाकारों द्वारा मंचन किया गया। जिस पर ग्रामीणों ने जमकर तालियां बजाई। प्रतिदिन शाम 4 बजे से रात्रि 8 बजे तक चला। जिसमें कार्यक्रम की सफलता पर बेड़िया समाज सुधार संघ के अध्यक्ष डॉ. अशोक सिंह बेड़िया ने स्थानीय निवासियों का सभी कलाकारों का एवं संघ के कार्यकर्ताओं का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम को संपन्न करवाने में संघ के पंचम यादव, सीताराम आदिवासी, कल्याण शर्मा, सतेन्द्र, अर्जुन धनावत, विष्णु शिवहरे, गुड्डी आदिवासी, संजीव, कप्तान, शिवचरण यादव, श्रीमती रानी धनावत, इंदर, संतोष, विशाल, नरेन्द्र, राजेन्द्र, पालो आदि की भूमिका सराहनीय रही। 

बेड़िया समाज सुधार कार्यक्रम में प्रस्तुति देते कलाकार।

दैनिक भास्कर

 सहायक आयुक्त के नाम पर 66 हजार की वसूली

http://www.bhaskar.com/news/CHH-BIL-OMC-MAT-latest-bilaspur-news-030503-192140-NOR.html

आदिम जाति विभाग की सहायक आयुक्त के नाम पर 22 सफाई कर्मचारियों से 66 हजार की वसूली करने के मामले में एक भृत्य को सस्पेंड कर दिया गया है। 

आदिवासी विभाग के स्कूलों और आश्रम शालाओं में कलेक्टर दर पर सफाई कर्मचारी रखे गए हैं। आठ माह से इन्हें मानदेय नहीं मिला था। राज्य शासन ने हाल ही में इन्हें भुगतान करने के लिए आवंटन जारी किया है। हरेक कर्मचारी को करीब 50-50 हजार रुपए मानदेय मिलना है। आदिवासी विभाग को मरवाही के 22 सफाई कर्मचारियों ने बालक आश्रम बेलझिरिया में पदस्थ भृत्य श्यामदास वैष्णव के खिलाफ शिकायत की। आरोप लगाया गया कि मानदेय दिलाने के लिए पे-डाटा बनवाने के नाम पर उसने इनसे 3-3 हजार रुपए लिए हैं। पूछताछ करने पर उसने सहायक आयुक्त गायत्री नेताम द्वारा यह राशि मांगने की जानकारी दी थी। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए सहायक आयुक्त नेता ने दो सदस्यीय जांच टीम गठित की। टीम ने सभी 22 कर्मचारियों से बयान लिया। टीम ने अपनी रिपोर्ट पिछले दिनों सहायक आयुक्त को सौंप दी थी। इसमें भृत्य श्यामदास द्वारा 22 कर्मचारियों से 66 हजार रुपए वसूली करने की पुष्टि हुई है। जांच रिपोर्ट के आधार सहायक आयुक्त ने भृत्य को निलंबित कर दिया है। सहायक आयुक्त नेताम का कहना है कि विभागीय जांच के बाद भृत्य को आरोप पत्र जारी किया जाएगा।

नई दुनिया

रीब का मकान तोड़ने का मामला : सर्व आदिवासी समाज ने रैली निकालकर जताया आक्रोश

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पिथौरा (निप्र)। ग्राम डोंगरीपाली में प्रशासन द्वारा अपने मकान तोड़े जाने से नाराज विगत नौ दिनों से आमरण-अनशन पर बैठे ग्राम निवासी वासुदेव बरिहा के समर्थन में आदिवासी समाज आ गया है। सोमवार को सर्व आदिवासी समाज एवं कांग्रेस कमेटी ने अनशन स्थल तहसील परिसर के सामने धरना-प्रदर्शन किया। इसके बाद रैली निकाल कर एसडीएम को ज्ञापन सौंपकर पीड़ित वासुदेव को न्याय दिलाने की मांग की। चर्चा के दौरान सार्थक हल नहीं निकल पाने के कारण सर्व आदिवासी समाज और कांग्रेस ने उग्र आंदोलन की चेतावनी दी है।

गौरतलब है कि 8 मई से दुर्भावनापूर्ण मकान तोड़ने का आरोप लगाकर तहसीलदार, सरपंच एवं सरपंच पति पर कार्रवाई की मांग को लेकर वासुदेव बरिहा आमरण-अनशन पर है। वासुदेव के साथ उसकी पत्नी जानकी बरिहा व पुत्र सतपथी बरिहा भी आमरण-अनशन पर बैठ गए हैं।

सोमवार को दोपहर से पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार क्षेत्र के आदिवासी समाज के लोग बड़ी संख्या में उपस्थित होकर भीषण गर्मी के बावजूद वासुदेव का समर्थन देने पहुंचे। 45 डिग्री के गर्मी में भी धरना स्थल पर अपनी उपस्थिति देकर आंदोलन को समर्थन दिया। दिन भर धरना देने के बाद शहर में रैली निकालकर शासन-प्रशासन तथा सरपंच एवं उसके पति के विरुद्ध नारेबाजी की।

शाम करीब 5 बजे एसडीएम कार्यालय पहुंचकर सर्व आदिवासी समाज के प्रदेश उपाध्यक्ष कल्याण सिंह बरिहा एवं प्रदेश सचिव मोहित ध्रुव के नेतृत्व में एसडीएम एसके टंडन को ज्ञापन सौंपकर पीड़ित आदिवासी को न्याय दिलाने की मांग की। एसडीएम से चर्चा के दौरान सार्थक हल नहीं निकलने से रैली में उपस्थित समाजजनों ने शासन-प्रशासन के विरुद्ध नारे लगाए। न्याय मिलते तक आंदोलन को जारी रखने एवं सर्व आदिवासी समाज प्रदेश संगठन के नेतृत्व में उग्र आंदोलन किए जाने की चेतावनी दी। वहीं कांग्रेस पार्टी ने भी इस आंदोलन को अपना समर्थन देकर आंदोलन की चेतावनी दी है। सर्व आदिवासी समाज के पूर्व निर्धारित कार्यक्रम धरना आंदोलन एवं रैली के मुद्दे नजर पुलिस प्रशासन द्वारा बड़ी तादाद में पुलिस बल की व्यवस्था की गई थी। इस आंदोलन में सर्व आदिवासी समाज के प्रदेश उपाध्यक्ष कल्याण सिंह बरिहा, प्रदेश सचिव मोहित धु्रव, गोलू रावल, महासमुंद जिलाध्यक्ष खिलावन सिंह धु्रव, आदिवासी महासंघ कौडिया क्षेत्र के अध्यक्ष रनसाय ठाकुर, सर्वआदिवासी समाज बागबाहरा ब्लॉक अध्यक्ष फूलसिंग धु्रव, कीर्तन बरिहा, जय सिंग नेगी के अलावा प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सचिव उषा पटेल, ब्लॉक अध्यक्ष अनंत सिंह वर्मा, अंकित बागबाहरा ने भी अपनी उपस्थिति देकर समर्थन दिया।

News Monitored by Kuldeep Chandan & Kalpana Bhadra

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