दलित मीडिया वाच – हिंदी न्यूज़ अपडेट 03.05.16

नाबालिग छात्रा के रेप का दोषी भाजपा नेता का बेटा जेल में – अमर उजाला

http://www.amarujala.com/chandigarh/crime/minor-girl-rape-bjp-leader-son-rape-convicted-dalit-girl-student-rape-narnaul-rape-narnaul

घर छोड़ झोपड़ी में रहने को मजबूर दलित परिवार – अमर उजाला

http://www.amarujala.com/uttar-pradesh/mainpuri/crime/dalit-families-forced-to-leave-home-in-cottage

कैंसर मरीज को सीएम बोले-मैं थोड्डा कोई कर्जा देना है? दैनिक भास्कर

http://www.bhaskar.com/news/PUN-OTH-MAT-latest-abohar-news-030503-104009-NOR.html

ग्रामीण बोले- देश में जगह नहीं तो हमें विदेश भेज दो – दैनिक भास्कर

http://www.bhaskar.com/news/MP-HOSH-MAT-latest-hoshangabad-news-033003-105125-NOR.html

अमर उजाला

 नाबालिग छात्रा के रेप का दोषी भाजपा नेता का बेटा जेल में

http://www.amarujala.com/chandigarh/crime/minor-girl-rape-bjp-leader-son-rape-convicted-dalit-girl-student-rape-narnaul-rape-narnaul

क्षेत्र के एक गांव में बारहवीं कक्षा में पढ़ने वाली नाबालिग दलित छात्रा के साथ हुए दुष्कर्म के मामले में आरोपी वरिष्ठ भाजपा नेता डालू सिंह के बेटे योगेश उर्फ गोगिया को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। इस मामले के तीन आरोपियों को पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है। 

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मामला विधानसभा में उठने के बाद मामले की जांच कर रही डीएसपी तान्या सिंह और पुलिस अधीक्षक मनीषा चौधरी का तबादला कर दिया गया था। पुलिस ने शनिवार को योगेश उर्फ गोगिया को गिरफ्तार कर उसे अदालत में पेश किया। जहां से उसे एक दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया। बता दें कि 25 मार्च को नारनौल के महिला थाने में एक नाबालिग छात्रा ने शिकायत दर्ज करवाई थी कि 8 मार्च की रात जब वह अपने घर से बाहर गई थी। तब गांव के ही अमित पुत्र रामौतार और त्रिलोक पुत्र श्योराम उसे बाइक पर बैठाकर गांव से बाहर एक झोपड़ी में ले गए थे।

वहां अमित ने उसके साथ गलत काम किया। उसी दौरान गांव के गगनदीप और योगेश उर्फ गोगिया ने उसकी वीडियो बनाई थी। वीडियो के जरिए आरोपी नाबालिग को लगातार ब्लैकमेल कर उसके साथ गलत काम रहे थे। वहीं नाबालिग को यह बात किसी के सामने नहीं बताने की धमकी भी दी थी। पुलिस उक्त मामले में तीन आरोपियों को पहले ही गिरफ्तार कर चुकी थी, लेकिन भाजपा नेता के बेटे की गिरफ्तारी नहीं हो पाई थी और इसी बीच यह मामला इनेलो विधायक द्वारा हरियाणा की विधानसभा में उठाया गया था।

अमर उजाला

 घर छोड़ झोपड़ी में रहने को मजबूर दलित परिवार

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कोतवाली क्षेत्र के मदार दरवाजा निवासी दलित मुन्नी देवी अपने परिवार के साथ कई सालों से कलक्ट्रेट परिसर के बाहर झोपड़ी में रह रही है। इनको चार वर्ष पूर्व कीरतपुर कालोनी में एक आवास भी मिला था। लेकिन यहां आए दिन अराजक तत्वों के कारण उन्होंने परिवार सहित घर छोड़ दिया। चार वर्ष से दो पुत्र-दो पुत्रियों के साथ झोपड़ी में गुजर बसर कर रही है।

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कोतवाली क्षेत्र के मदार दरवाजा निवासी मुन्नी देवी वाल्मीकि परिवार के पांच सदस्यों के साथ एक छोटी सी झोपड़ी में रहने को मजबूर है। करीब तीस वर्ष पूर्व मदार दरवाजा निवासी राजू के साथ शादी कर मैनपुरी आई थी। परिवार में विवाद के बाद वो पति के साथ अलग रहने लगी। पति राजू मजदूरी का काम करते हैं ऐसे में परिवार चलाने की जिम्मेदारी उन्हें भी उठानी थी। उन्होंने दूसरों के घरों में झाडू पोंछा करना शुरू कर दिया। इसी बीच पति की तबियत खराब होने से परिवार के हालात बदतर होने लगे। किराया देने के लिए पैसा नहीं था इसलिए वो पति के साथ कलक्ट्रेट परिसर के बाहर झोपड़ी डालकर रहने लगी। इसी दौरान उन्होंने शंकर (20), सोनू (17), सोनम (16) और डॉली (12) को जन्म दिया। चार वर्ष पूर्व कीरतपुर में बनी कांशीराम कालोनी में उन्हें एक आवास मिला। जब वो परिवार के साथ यहां रहने के लिए पहुंची तो यहां अराजकतत्वों से परेशान होकर पुलिस से भी शिकायत की लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद मुन्नीदेवी परिवार के साथ कालोनी से पलायन कर झोपड़ी में वापस आ गईं। चार महीनों से इस परिवार को राशन भी नहीं मिल रहा है।

दैनिक भास्कर

 कैंसर मरीज को सीएम बोले-मैं थोड्डा कोई कर्जा देना है?

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वैसे बहुत ही कम समय होता है जब मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल तैश में होते है, परंतु आज तो उनकी तैश इतनी बढ़ गई कि वह कैंसर के मरीज को संवेदनहीन जवाब दे बैठे। 2 वर्ष से गांव रसूलपुर केरा के 24 वर्षीय नौजवन गुरविंदर सिंह कैंसर से पीड़ित है। उसकी माता बलवीर कौर ने फरियाद की कि मेरा बेटा कैंसर का शिकार है, परंतु कोई सरकारी सहायता नहीं मिली। मुख्यमंत्री बोले कि तुहानू 10 हजार दिता तां सी। बलवीर कौर ने कहा कि 10 हजार दा की करिये। मुख्यमंत्री बादल तैश में गये ओर बोले मैं कोई थोड्डा कर्जा देना है’। मुख्यमंत्री का जवाब सुन मां-बेटा पीछे हट गए और वहां ऊंची-ऊंची बोलने लगी ‘असीं केहड़ा थोड्डा कर्जा देना है जो वोटा वेले साडे बूहे खड़दे ओ’। (मिंटू गुरुसरिया) 

कैंसर पीड़ित नौजवान की मां फरियाद करती हुई। 

असीं तां बादल नूं वोटां पा- पा कमले हो गए, हुन होर नूं पावंागें 

मुख्यमंत्रीके संगत दर्शनों में डबवाली मलको में उस समय पुलिस को हाथ-पांव की बन गई जब डेढ़ दर्जन के करीब दलित महिलाएं गुस्से में आकर मुख्यमंत्री के बैठते ही पंडाल छोड़कर जाने लगी। पंडाल के बाहर मौजूद पुलिस वालों ने मिन्नत करके उन्हें रोका। इन महिलाओं में से भूरो बाई, नसीब कौर, हरमेल कौर, कौशलिया आदि ने बताया कि उनको एक वर्ष से नरेगा के कार्य का पैसे नहीं मिला ही नरमे का आया मुआवजा उनको दिया गया है। यही नहीं शौचालय भी अभी तक नहीं बनाकर दिये गये। इनमें से एक बीबी ने गुस्से में आकर कहा ‘असी तां बादल नूं वाटां पा-पा कमले हो गए, अैंतकी होर नू पावांगे’। 

80 साल का बुजुर्ग बोला-बादल साब! पोस्त के ठेके खोलो, नहीं तां पलटीवज जानी 

संगतदर्शन के दौरान मुख्यमंत्री परकाश सिंह बादल गांव बलोच केरा पहुंचे तो आगे वाली कतार में कुर्सी पर बैठे एक 80 वर्षीय बुजुर्ग बेअंत सिंह ने बोलना शुरू कर दिया ‘बादल साब एक तां मेरे घर नूं 3 किले सड़क बनवाओ ते एक पोस्त दे ठेके खोल देओ, अंसी तां पोस्त ना मिलन कारण मर रहे हां।’ जब पुलिस वाले बुजुर्ग को बिठाने लगे तो मुख्यमंत्री ने उन्हें रोकते हुए सिर्फ इतना ही कहा ‘सरदार जी ठेके ता राजस्थान वालियां खोलने आ’। खफा बेअंत सिंह ने कहा कि ‘जे तुसी पोस्त ना खोलियां तां हार जाओंगे, कैप्टन तां सांनू वाजा मारदा पेया हैं, बादल साब जे दोबारा जीतना है तां ठेके खोल दियो। इसी गांव के बलदेव सिंह जस्सा सिंह ने इसी बात का समर्थन किया। 

बेरोजगार लाइन यूनियन के मालवा जोन के कैशियर सुरेन्द्र सिंह ने पंजाब पुलिस आरोप लगाया पुलिस ने आज हमारे चार साथियों को गिरफ्तार कर लिया है। उन्होंने बताया कि हमारे मुक्तसर के जिला प्रधान मनमोहन सिंह को खुफिया विभाग ने डेढ़ बजे भाईका केरा गांव में मुख्यमंत्री के साथ मुलाकात करने के लिए बुलाया था, परंतु इससे पूर्व ही करीब 11 बजे पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। इसके पश्चात जब हमारे साथियों के पारिवारिक सदस्य गांव फूल्लू खेड़ा में मुख्यमंत्री को मिलने गये तो उन्हें भी गिरफ्तार कर लिया गया। इन गिरफ्तार में व्यक्तियों में मलकीत सिंह साऊके, अजैब सिंह अबोहर पाला राम किकर खेड़ा शामिल है।

दैनिक भास्कर

 ग्रामीण बोले- देश में जगह नहीं तो हमें विदेश भेज दो

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दलित और आदिवासी वर्ग के लोगों को बिना विस्थापन किए बेघर करने को लेकर बहुजन समाज पार्टी ने सोमवार को राष्ट्रपति के नाम कलेक्टर कार्यालय में ज्ञापन दिया। जिला अध्यक्ष विनोद लोंगरे ने बताया पीड़ित परिवारों को 50 लाख रुपए की मुआवजा राशि, मकान और एक सदस्य को नौकरी देने की मांग की। 

बहुजन समाज पार्टी ने दिया ज्ञापन 

भास्कर संवाददाता|होशंगाबाद 

बनखेड़ी के मछेराखुर्द में न्यायालय के आदेश पर प्रशासन द्वारा गरीबों के आशियाने गिराने के बाद 25 परिवारों पर भीषण गर्मी में आफत आन पड़ी है। बिना विस्थापन किए की गई कार्रवाई ने 150 से ज्यादा लोगों को बेघर कर दिया है। पीड़ित परिवार पिछले पांच दिन से पीपल चौक पर खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर हैं। लोगों ने प्रशासन पर रसूखदारों के बचाव आरोप भी लगाया है। 

25 अप्रैल को मकान टूटने के बाद स्थानीय प्रशासन से मदद न मिलने पर लोग पैदल यात्रा कर होशंगाबाद पहुंचे और अधिकारियों से न्याय की गुहार लगाई। लेकिन पांच दिन बीत जाने के बाद भी किसी ने उनकी सुध नहीं ली है। ओमकार प्रसाद ने बताया सरकार ने 1988 में 25 परिवारों को 30 वर्गफीट जमीन के आवासीय पट्टे दिए थे। हम लोगों को सरकारी योजनाओं के माध्यम से मकान बनाकर योजनाओं का लाभ भी दिलाया गया। उसी जमीन पर स्कूल है, दो धार्मिक स्थल भी हैं। प्रशासन ने जो कार्रवाई की वह हम पट्टेधारियों पर की। जबकि जो लोग अवैध रूप से मकान बनाकर रह रहे हैं, उन्हें बख्श दिया गया। 

विपिन नागोरिया ने बताया गांव के कुछ लोग हमसे जातिगत भेदभाव रखते हैं। वह हमसे बंधुआ मजदूरों की तरह कार्य कराना चाहते हैं। इसलिए न्यायालय में केस लगाकर बेघर करवा दिया गया। अभी भी हम लोग यहां आ गए तो परिजनों को पानी के लिए तरसाने हैंडपंप बिगाड़ दिए हैं और वापस लौटने पर जान से मारने की धमकियां दी जा रही हैं। 

तालपानी की जमीन है 

अतिक्रमण हटाया है वह तालपानी की जमीन है। पट्टे नहीं दिए जा सकते। जो पट्टे हैं वह दूसरी जगह हैं। न्यायालय के आदेश पर कार्रवाई की गई। लोगों को पट्टे देने बुलाया, सरकारी योजनाओं में मकान बनाने का आश्वासन दिया। लेकिन वे नहीं माने। हमने जगह चिह्नित कर ली है। किसी भी शहर में बसाने का अधिकार हमारे पास नहीं है। राजेश शाही, एसडीएम, पिपरिया

News Monitored by Kuldeep Chandan & Kalpana Bhadra

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