दलित मीडिया वाच – हिंदी न्यूज़ अपडेट 29.04.16

 

भंडारे की पूड़ी छूने पर दलि‍तों का हुक्‍का-पानी बंद, मदद पर 5 जूते मारने का फरमान – दैनिक भास्कर

http://www.bhaskar.com/news/UP-JHA-dalits-boycotted-by-higher-caste-villagers-5310888-PHO.html

बराल में दबंगों ने तोड़ डाले 15 घर, तनाव – अमर उजाला

http://www.amarujala.com/uttar-pradesh/bulandshahr/crime/baral-said-the-dbangon-smashed-15-home-stress

भरतपुर जिले के लोगों ने भूमाफियाओं से परेशान होकर खटखटाया मंत्री सराफ का दरवाजा – प्रदेश 18

http://hindi.pradesh18.com/news/rajasthan/bharatpur/bharat-people-meets-kalicharan-saraf-over-land-mafia-terror-1408031.html

शोहदे को युवतियों ने जमकर धुना, पुलिस को सौंपा – अमर उजाला

http://www.amarujala.com/uttar-pradesh/hamirpur/crime/sohde-the-women-fiercely-dhuna-assigned-to-police

यूपी ने तीन साल से नहीं मांगी दलित छात्रों के लिए छात्रवृति – अमर उजाला

http://www.amarujala.com/india-news/up-did-not-demand-dalit-scholarship-for-students

दलितों पर हमले को लेकर गृह मंत्री से मिले दर्जनों लोग – दैनिक भास्कर

http://www.bhaskar.com/news/RAJ-OTH-MAT-latest-kama-news-044503-79696-NOR.html

देशी शराब के ठेके हटाने को लेकर मुख्यमंत्री को ज्ञापन – दैनिक भास्कर

http://www.bhaskar.com/news/RAJ-OTH-MAT-latest-khairthal-news-045502-79447-NOR.html

 

दैनिक भास्कर

भंडारे की पूड़ी छूने पर दलि‍तों का हुक्‍का-पानी बंद, मदद पर 5 जूते मारने का फरमान

http://www.bhaskar.com/news/UP-JHA-dalits-boycotted-by-higher-caste-villagers-5310888-PHO.html

झांसी. जालौन जिले के उरई के पास गांव गिरथान में कुछ दि‍न पहले धार्मिक कार्यक्रम के बाद हुए भंडारा में कुछ दलि‍तों ने पूड़ी की डलिया छू ली। इसके बाद अपर कास्‍ट ग्रामीणों ने भंडारे का बहि‍ष्‍कार कर दि‍या। हुक्‍का-पानी बंद करने का फरमान जारी कर दिया। एलान हुआ है कि‍ दलितों की मदद करने वाले से 1 हजार रुपए जुर्माना वसूला जाएगा। साथ ही सरेआम 5 जूते भी मारे जाएंगे। इस डर से लोगों ने उनसे नाता तोड़ लिया है।

दलित महिलाएं जिन्हें मंदिर जाने से रोका गया।

जारी हुआ ये फरमान…

– अपर कास्‍ट ग्रामीणों ने मीटिंग में दलितों के बहिष्कार का फैसला लिया।

– ग्रामीण कमलेश कुमार बताते हैं कि दलितों का बहिष्कार करने का फरमान जारी हुआ।

– फिर उन्‍हें गांव के दुकानदारों ने रोज की जरूरतों का सामान देना बंद कर दिया।

– नाई की दो दुकानें थीं। एक ने बवाल के चक्कर में दुकान बंद कर दी, दूसरे ने उनके बाल काटने से इनकार कर दिया।
– एक ग्रामीण युवक ऑटो चलाता है। उसने दलि‍तों को ऑटो में बैठने से रोक दिया।

– पंप से दलितों के घर पहुंचने वाला पानी भी रोक दिया गया।

– यहां का एक युवक दलित बच्चों को ट्यूशन पढ़ाता था। उसने क्लास 5 तक के 5 दलित बच्चों ट्यूशन में आने से रोक दिया।

– क्लास थर्ड में पढ़ने वाली साक्षी ने बताया कि सर ने उसे कहा कि छुट्टी है।

– एक दबंग के चबूतरे पर पैर रखने पर 12 साल के ऋतिक को गालियां सुननी पड़ीं।

– नवविवाहिता निर्मला ने बताया कि उसे मंदिर जाने से रोका गया।

– कहा गया कि पूजा करने के दौरान उसके आने से पूजा की थाली खराब हो जाती है।

कब की है घटना

– जालौन जिले के उरई से झांसी-कानपुर हाईवे पर सिर्फ 10 किलोमीटर पहले गांव गिरथान है।

– यह गांव हाईवे किनारे है। अलग-अलग कास्‍ट और रि‍लीजन के करीब तीन हजार लोग यहां रहते हैं।

– 16 अप्रैल को गांव के मंदिर में धार्मिक कार्यक्रम के बाद सामूहिक भोज का आयोजन हुआ।

– इसमें दलितों से भी करीब 20 हजार रुपए चंदा लिया गया.

– गांव के राम नारायण अहिरवार बताते हैं कि जमीन पर भोज चल रहा था।

– इसी बीच कुछ उत्साही दलित युवकों ने पूड़ी परोसने के लिए डलिया उठा ली। इसी को लेकर विवाद हो गया।

– अपर कास्‍ट की कुछ महिलाओं ने ऐसा होते देख खाना खाने से इनकार कर दिया।

– दलितों को ऐसा करने से रोकने के साथ ही अलग बैठकर खाने को कहा गया।

– इस पर दलितों ने एतराज जताया और वापस चले गए। इसके बाद वि‍वाद शुरू हो गया।

 प्रशासन ने की खानापूर्ति

– हरिकिशन ने बताया कि घटना के दो दिन बाद शिकायत उरई जिला प्रशासन से की गई।

– दोनों पक्ष सीओ जंग बहादुर सिंह के समक्ष पहुंचे।

– यहां अधिकारियों ने यह कहते हुए समझौते के कागज पर साइन करा लिया कि आगे कोई दिक्कत नहीं होगी।

– प्रशासनिक-राजनीतिक तौर पर गांव में दलितों की इस घटना के बाद कोई मदद नहीं की गई।
– दलि‍तों की शि‍कायत पर जब dainikbhaskar.com की टीम ने यहां का दौरा कि‍या तो देखा कि‍ हालात खराब हैं।

आजादी के बाद से है ये स्थिति

– दलित बुजुर्ग तुलाराम बताते हैं कि गांव में एकमात्र कुआं है। उससे दलित पानी भरते हैं।

– वह बताते हैं कि सन 1952 में वह 5 साल के थे।

– तब भी गांव में दलितों के साथ भेदभाव किया गया था।

– तब लोगों ने परेशान होकर कुआं बनाया था।

– भेदभाव की वह स्थिति आज भी बरकरार है।

शिक्षित हैं गांव के दलित, आईआईटी में पढ़ते हैं बच्चे

– अवधेश दीवान बताते हैं कि यह स्थिति तब है जब गांव के दलित पढ़े-लिखे और शिक्षित हैं।

– कई दलित बच्चों ने ग्रेजुएशन किया।

– एक बच्चा आईआईटी दिल्ली से एमटेक कर रहा है।

– गांव के कई दलित सरकारी नौकरी में हैं।

क्‍या कहते हैं नेता और अधि‍कारी

– बहुजन समाज पार्टी के जोनल को-ऑर्डिनेटर एमएलसी तिलक चन्द्र अहिरवार ने कहा कि वह जल्दी ही गांव का दौरा करेंगे।

– मामले को उच्च स्तर पर उठाया जाएगा।

– मीडिया कैम्पेनिंग ऑफ दलित ह्यूमन राइट्स, लखनऊ के स्टेट सेक्रेटरी राम दुलार ने कहा कि भाजपा, कांग्रेस,

बसपा, सपा सभी दलितों की हिमायती बनी हैं।

– इसके बावजदू इस तरह की घटनाएं किसी को नहीं दिख रही है।

– उन्होंने कहा कि वह मामले की जांच करेंगे। घटना की रिपोर्ट एससी/एसटी कमीशन को सौंपेंगे।

अमर उजाला

बराल में दबंगों ने तोड़ डाले 15 घर, तनाव

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बराल गांव में पट्टे की जमीन पर बने 15 घरों को दर्जनभर लोगों ने तोड़ डाला। पुलिस ने चार लोगों को हिरासत में लिया है। दो समुदायों के बीच का मामला होने से गांव में तनाव का माहौल है।

जानकारी के अनुसार पूर्व प्रधान ने करीब डेढ़ वर्ष पूर्व गरीब व दलित वर्ग के लोगों को घर बनाने के लिए जमीन का पट्टा बनाकर दिया था। बताया जा रहा है कि बृहस्पतिवार को करीब एक दर्जन लोगों ने अचानक हमला कर घरों को तोड़ना शुरू कर दिया।

इनका कहना था कि उनकी खेत पर कब्जा कर यह घर बनाए गए हैं। उधर, पीड़ित हेमलता, महेंद्र, सनी, गजेंद्र, गौतम, संजय, धर्मपाल, अमित, मोहन आदि का कहना है कि पूर्व प्रधान रामवीर ने उन्हें पट्टे पर यह जमीन दी थी।

स पर उन्होंने अपनी गाढ़ी कमाई से घर बनाया था।

मामला दो समुदायों के बीच का होने के कारण पुलिस सतर्क है। स्पेशल ब्रांच के अधिकारी भी घटनास्थल पर पहुंच गए है। इस मामले में पुलिस ने मकान तोड़ने वाले चार लोगों को हिरासत में ले लिया है। उधर, पीड़ित परिवार थाने पहुंचकर

प्रदेश 18

भरतपुर जिले के लोगों ने भूमाफियाओं से परेशान होकर खटखटाया मंत्री सराफ का दरवाजा

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भरतपुर जिले के कामां तहसील में भूमाफियाओं के आंतक के चलते गुरुवार को वहां के निवासियों ने उच्च शिक्षा मंत्री कालीचरण सराफ को ज्ञापन सौंपा.

कामां तहसील से आए लोगों ने कालीचरण सराफ से उनके निवास पर मुलाकात की और अपनी समस्याओं से अवगत करवाया. पीड़ितों ने सराफ को बताया कि भूमाफियाओं ने दलित लोगों की जमीनों के फर्जी दस्तावेंज बनाकर उनपर अतिक्रमण कर लिया और थाने में शिकायत करने के बावजूद भी पुलिस ने बदमाशों को गिरफ्तार करने का कोई प्रयास नहीं किया.

उधर, शिकायत मिलने के बाद उच्च शिक्षा मंत्री कालीचरण सराफ ने गृहमंत्री गुलाब चंद कटारिया और पुलिस के आलाधिकारियों को लोगों की शिकायतों से अवगत करवाया.

इस मौके पर पीड़ितों ने बताया कि वे काफी वर्षों से अपनी-अपनी जमीनों पर निवास कर रहे हैं, लेकिन अब पुलिस की मिलीभगत के चलते कुछ भूमाफियाओं ने इनकी जमीनों पर अवैध अतिक्रमण करना शुरू कर दिया है. और इन लोगों को खुद की जमीन होने के बावजूद भी दर-दर की ठोकरे खानी पड रही हैं.

अमर उजाला

शोहदे को युवतियों ने जमकर धुना, पुलिस को सौंपा

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भरुआ सुमेरपुर। थाना क्षेत्र के एक गांव में दलित परिवार ने बेटियों के साथ आएदिन छेड़छाड़ से परेशान होकर गांव छोड़ दिया था। इसके बाद भी शोहदे ने हरकत बंद नहीं की। कस्बे में आकर युवती के साथ छेड़खानी का प्रयास किया। इससे परिवार की सभी बेटियों ने मिलकर शोहदे को जमकर मारापीटा और घसीटते हुए थाने में लाकर पुलिस के हवाले कर दिया। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है।

थानाक्षेत्र के अतरैया गांव निवासी एक दलित परिवार की युवती को युवक अनुराग प्रताप सिंह उर्फ अन्नू आए दिन परेशान करता था। इस पर परेशान होकर पूरा परिवार कस्बे में आकर रहने लगा। 16 अप्रैल को युवती की शादी भी हो गई लेकिन ससुराल से वापस आने की जानकारी मिलते ही युवक बीती रात 9:30 बजे कस्बे में उसके घर पहुंच गया और छेड़खानी करने लगा। इस पर सभी बेटियाें ने हिम्मत कर इस शोहदे को दबोचकर जमकर मारापीटा। इसके बाद सभी बेटियां शोहदे को घसीटते हुए थाने ले जाकर पुलिस के हवाले कर दिया। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ कई धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कर ली। कस्बा इंचार्ज गोपाल अवस्थी ने बताया कि उसे जेल भेज दिया गया है।

अमर उजाला

यूपी ने तीन साल से नहीं मांगी दलित छात्रों के लिए छात्रवृति

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केंद्र सरकार ने कहा है कि उत्तर प्रदेश सरकार ने मैट्रीकुलेशन के दलितछात्रों की छात्रवृति (स्कॉलरशिप) के लिए पिछले तीन साल से कोई मांग नहीं की है। ना ही इस बावत केंद्र को कोई सूचना भेजी गई है।राज्यसभा में बहुजन समाज पार्टी सांसद सतीश चंद्र मिश्र के पूछे गए सवाल के जवाब में सामाजिक न्याय मंत्री थावर चंद गहलोत ने यह जानकारी दी।

मिश्र ने उत्तर प्रदेश में मैट्रीकुलेशन केपहले और बाद के दलित छात्रों को छात्रवृति केआंकड़े का हवाला देते हुए कहा कि पिछले तीन साल से इन्हें केंद्र की ओर केकोई छात्रवृति नहीं दी गई है। गहलोत केमुताबिक राज्य सरकार ने इस बारे में केंद्र से कोई मांग नहीं की है। इस हालत  में केंद्र सरकार अपनी यह जिम्मेदारी नहीं निभा सकती।

दैनिक भास्कर

दलितों पर हमले को लेकर गृह मंत्री से मिले दर्जनों लोग

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कामांके टेलीफोन एक्सचेंज के पास स्थित एक दलित परिवारों की जमीन पर भूमाफियाओं के कब्जे विरोध करने वाले पर जानलेवा हमला करने के विरोध में बुधवार को प्रतिनिधिमंडल जयपुर में गृहमंत्री गुलाबचंद कटारिया, अभाव अभियोग निवारण समिति के अध्यक्ष मुख्यमंत्री के राजनीतिक सलाहकार कृष्ण पाटीदार से मिला और ज्ञापन देकर जल्द कार्रवाई की मांग की।

ज्ञापन में उल्लेख किया है कि कामां में भूमाफियाओं ने 70 सालों से जमीन पर निवास कर रहे दलित परिवारों की भूमि को फर्जीवाड़ा कर कब्जा कर लिया। जब दलित परिवार की महिलाओं ने कब्जे का विरोध किया तो मारपीट कर उनके घरों में आग लगाने का प्रयास किया। पुलिस राजनैतिक संरक्षण के चलते आरोपियों को बचा रही है। आरोपी आए दिन जान से मारने की धमकी दे रहे हैं। ऐसे में घर से निकलना मुश्किल हो गया है। इसके अलावा चंद्रशेखर पाराशर पर भी इन्हीं नामजद बदमाशों ने जानलेवा करा दिया। इस मामले में भी पुलिस आरोपियों को बचा रही है।

आरोपी आए दिन स्थानीय पुलिस के एक बड़े अधिकारी के ऑफिस में बैठे रहते हैं। लेकिन पुलिस आरोपियों के फरार होने का दावा करती है। पुलिस दबिश की सूचना भी खुद आरोपियों तक पहुंचा देती है। इससे खुलेआम घूम रहे आरोपी भूमाफिया गिरोह के सरगना के घर शरण ले लेते हैं। आरोपी आए दिन पीड़ित के घर जाकर जान से मारने की धमकी दे रहे हैं। आप के संभाग प्रभारी विजय मिश्रा के नेतृत्व में मिले प्रतिनिधिमंडल में रमेशचंद श्रोत्रिय, पार्षद मनोज सिंघल, सचिन शर्मा, पुरषोतम, रामू कोली, धन्नी, मोहनलाल, कान्हा, इंद्रा, लक्ष्मी, धनवंतिन, किरण देई, विदो, असरफी, तारा, लज्जा, नानगी आदि शामिल रहे।

भरतपुर. गृह मंत्री से मुलाकात करता कामां से आया प्रतिनिधिमंडल।

दैनिक भास्कर

देशी शराब के ठेके हटाने को लेकर मुख्यमंत्री को ज्ञापन

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खैरथल| जाटवसमाज संस्थान खैरथल की ओर से मुख्यमंत्री को ज्ञापन प्रेषित कर खैरथल कस्बे से शराब के ठेके हटाने की मांग की है। खैरथल कस्बे में हरिजन बस्तियों वार्ड 7, 8 14 के पास से देशी शराब के ठेके हटाने के लिए मुख्यमंत्री को ज्ञापन प्रेषित किया गया प्रेषित ज्ञापन में बताया गया कि खैरथल के वार्ड 7, 8 तथा रेलवे स्टेशन के समीप वार्ड 14 में पूर्णत: जाटव समाज की बस्तियां है इन बस्तियों के पास में देशी शराब का ठेका खुला हुआ है जिसके कारण दलित बस्तियों में शराब के कारण 20 प्रतिशत महिलाएं विधवा हो चुकी है बहुत से परिवारों के जवान बेटे मौत के मुंह के कगार पर है मजदूर लोग शराब का ठेका नजदीक होने के कारण उसके आदि हो गए है जिनके परिवार आर्थिक रूप से बर्बाद के कगार पर है कस्बे के अधिकतर ठेकों में सेल्समेन उसी ठेके की दुकान के अंदर सोता है जिसके कारण यह ठेका 24 घंटे खुला रहता है और शराब की बिक्री करता है इस संदर्भ में समस्या के समाधान के लिए प्रतिलिपि आबकारी मंत्री, जिला कलेक्टर, जिला आबकारी अधिकारी, पुलिस अधीक्षक को भेजी गई है

News Monitored by Kuldeep Chandan & Kalpana Bhadra

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