दलित मीडिया वाच – हिंदी न्यूज़ अपडेट 25.04.16

ग्राम सभा में प्रधानमंत्री का भाषण सुनने बनाया था दबाव – दैनिक भास्कर

http://www.bhaskar.com/news/MP-OTH-MAT-latest-shivpuri-news-023003-58837-NOR.html

हालात खराब, पर इन्हें शिक्षा द्वारा ही बदला जा सकता है : दर्शन रत्न – दैनिक भास्कर

http://www.bhaskar.com/news/HAR-FAR-OMC-MAT-latest-faridabad-news-031004-60767-NOR.html

पंडितजी नहीं पहुंचे तो महिला ने पूरी कराई लग्र की रस्म – अमर उजाला

http://www.amarujala.com/haryana/bhiwani/bhiwani-news-woman-panditji

गर्व से मनायी गयी बाबा साहेब की 125वीं जयंती – प्रभात खबर

http://www.prabhatkhabar.com/news/sitamarhi/story/790117.html

पंचायत पर ही मिलने लगा है योजनाओं का लाभ – दैनिक भास्कर

http://www.bhaskar.com/news/RAJ-CHIT-MAT-latest-chittorgarh-news-023503-59364-NOR.html

बागवानी करें और लाखों कमाएं – दैनिक भास्कर

http://www.bhaskar.com/news/HAR-OTH-MAT-latest-sirsa-news-023003-57816-NOR.html

 

दैनिक भास्कर

ग्राम सभा में प्रधानमंत्री का भाषण सुनने बनाया था दबाव

http://www.bhaskar.com/news/MP-OTH-MAT-latest-shivpuri-news-023003-58837-NOR.html

उल्टी दस्त से पीड़ित दो साल की बेटी का जिला चिकित्सालय में इलाज करा रही बिलुपुरा ग्राम पंचायत की दलित सरपंच को जब पंचायत सचिव ने फोन पर धमकाया कि ग्राम सभा में आओ नहीं तो तुम्हें सरपंच पद से हटा देंगे। इससे घबराई सरपंच ने गर्मी में बीमार बच्ची को गोद में लिया, पति ने ड्रिप हाथ में थामी और अस्पताल छोड़ दिया। हालांकि बाद में दैनिक भास्कर के हस्तक्षेप केे बाद बीमार बच्ची को इलाज नसीब हुआ।

सचिव की धमकी से घबराकर भागती महिला सरपंच। (फोटो : नरेंद्र शर्मा)

बिलुपुरा पंचायत की सरपंच वासु जाटव अपने पति नक्की जाटव के साथ दो वर्षीय बेटी निक्की को उल्टी दस्त की गंभीर शिकायत के चलते जिला चिकित्सालय में दो दिन पूर्व उपचार के लिए लेकर आए। यहां बेटी का उपचार चल ही रहा था कि अचानक रविवार को गांव से सचिव रामलाल रावत की खबर आई कि ग्रामोदय से भारत उदय अभियान के अंतर्गत रविवार को राष्ट्रीय पंचायत दिवस का कार्यक्रम है। जिसमें ग्राम सभा का आयोजन होगा साथ ही तीन बजे देश के प्रधानमंत्री सभा को संबोधित करेंगे। दलित सरपंच की माने तो सचिव ने उन्हें धमकी दी कि यदि वह ग्राम सभा में नहीं आई तो गांव के उपसरपंच को वह सरपंच बना देगा।

इस बात को सुनकर सरपंच वासु जाटव और उसके पति नक्की जाटव डर गए। और उन्होंने रविवार दोपहर अस्पताल में भर्ती बेटी रोशनी के जीवन की परवाह किए बिना उसे बिना छुट्टी के हाथ में ड्रिप लगे ही पैदल बिलुपुरा के रास्ते के लिए निकल पड़े। लेकिन भास्कर टीम ने जब सचिव से बात की तो वह मान गया और अंतत: बीमार बच्ची को सरपंच अस्पताल ले गई।

मैंने तो कार्यक्रम में शामिल होने के लिए बुलाया था 

गांव में ग्राम सभा का आयोजन था इसलिए हमने गांव की सरपंच को कार्यक्रम में शामिल होने बुलाया था। रामलाल रावत, सचिव ग्राम पंचायत बिलुपुरा

सचिव ने कहा- नहीं आए तो सरपंची चली जाएगी 

सचिव ने मुझे डरा दिया गया था कि यदि हम ग्राम सभा में नहीं पहुंचे तो सरपंची चली जाएगी और उपसरपंच को सरपंच बना दिया जाएगा। ऐसे में मजबूरी में हमें बेटी को बिना छुट्टी के अस्पताल से ले जाना पड़ा। वासु जाटव सरपंच, ग्राम पंचायत बिलुपुरा

सचिव का फोन आने पर ड्रिप सहित बेटी को गांव ले जा रही सरपंच वासु जाटव । (फोटो : नरेंद्र शर्मा)
सचिव की धमकी से घबराई सरपंच ने बीमार बच्ची गोद में ली, पति ने थामी ड्रिप और अस्पताल छोड़ा 

भास्कर ने हस्तक्षेप किया तो बच्ची को मिला इलाज

दैनिक भास्कर

हालात खराब, पर इन्हें शिक्षा द्वारा ही बदला जा सकता है : दर्शन रत्न

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फरीदाबाद| हमेंशिक्षा प्राप्त करनी है। हालात खराब हैं मगर इन खराब हालातों को आप शिक्षा द्वारा ही बदल सकते है। शिक्षा से ही समाज में सकारात्मक बदलाव लाया जा सकता है। यह कहना था आदि धर्म समाज आधस भारत के प्रमुख दर्शन र| रावण का। वे नगर निगम सभा फरीदाबाद में आयोजित समारोह को संबोधित कर रहे थे। आदि अंबेडकर आंदोलन की फरीदाबाद ईकाई द्वारा विश्व ज्ञान प्रतीक डा. अंबेडकर के 125वें जन्मोत्सव पर किए गए ज्ञानामृत सम्मेलन में दर्शन रावण ने कहा कि भारत की अगली पिछली तमाम सरकारों द्वारा डा. अंबेडकर के गगन चुंबीय कद को छोटा करने के लिए उन्हें बार बार दलित नेता या दलित चिंतक कहा जाता रहा है।

अमर उजाला

पंडितजी नहीं पहुंचे तो महिला ने पूरी कराई लग्र की रस्म

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मंदिरों में महिलाओं के प्रवेश को लेकर मचे बवाल के बीच जिले के बाढड़ा कस्बे में एक नवविवाहिता महिला ने सैकड़ों साल पुरानी परंपरा बदल दी। हुआ यूं कि देवर के लग्र (टीका) समारोह का मंडप सजा था, ब्राह्मण (पुरोहित) का इंतजार हो रहा था। काफी इंतजार के बाद भी पंडितजी नहीं पहुंचे तो नवविवाहिता ने अपने देवर के लग्र में खुले घूंघट से सारे मांगलिक कार्य संपन्न करवा कर सशक्त नारी की बानगी पेश की।

रविवार को इनेलो अनुसूचित सेल के पूर्व जिलाध्यक्ष व दलित नेता मनफूल सिंह आर्य के चचेरे भाई शिक्षक मुकेश व हरियाणा पुलिस के जवान सुनील का  उनके ससुरालजन लग्र टीका लेकर पहुंचे तो उसी समय पंडित जी की कमी खली। परिजनों ने साथ लगते गांवों में भी संपर्क साधा तो भी बात नहीं। कार्यक्रम में देरी पर खुसर फुसर शुरू हुई तो आखिरकार मामला अंदर महिलाओं तक पहुंच गया। इस पर मनफूल आर्य के छोटे भाई सरकार शिक्षक अनूप सिंह की पत्नी अनीता देवी, जो स्वयं कन्या गुरुकुल पंचगावां की छात्रा रही, ने लग्र कार्यक्रम संपन्न करवाने की बात कही तो घर की बुजर्ग महिला व पुरुषों ने कड़ा विरोध जताया लेकिन उसने कहा कि जब सारा परिवार शिक्षित, जागरूक नौकरी पेशे व समाज से कुरीतियों दूर करने के अलावा अधिकार पाने के लिए संघर्षरत है तो उन पर ये बंदिशें क्यों और अनीता के अपनी हठ पर अडने पर सब राजी हो गए और उक्त महिला ने समाज की पुरानी रुढ़िवादी परंपराओं को ठेंगा दिखाते हुए पांच सौ ग्रामीणों की मौूजदगी में बिना घूंघट सारा कार्य संपन्न कराया। कार्यक्रम में मौजूद मुख्तयार सिंह, दलित नेता मनफूल सिंह आर्य, किसान नेता प्रकाश पहलवान, युवा क्लब अध्यक्ष कुलदीप श्योराण, सूबेदार सुरजभान, सुरजपाल, देवीलाल नंबरदार, कपूर सिंह, पंच धर्मपाल, डा. मनफूल, बीरसिंह सभ्रवाल, बलबीर पंच, रमेश कुमार ने बताया कि गांव की शिक्षित विवाहिता के इस कदम से उन्हें हैरानी तो हुई लेकिन जागरूकता के नाम पर जीती जागती मिसाल भी मिली।

प्रभात खबर

गर्व से मनायी गयी बाबा साहेब की 125वीं जयंती

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सार्वजनिक चापाकलों पर पानी पीने का दिलाया अधिकार

विपरित परिस्थितियों में ऊंची शिक्षा हासिल कर लिखा संविधान

सीतामढ़ी : नगर स्थित अंबेडकर कल्याण छात्रावास परिसर में रविवार को संविधान निर्माता, बोधिसत्व व भारत रत्न बाबा साहब डॉ भीमराव अंबेडकर की 125 वीं जयंती समारोह का आयोजन बड़े ही गर्व के साथ किया गया. छात्र नेता हरि किशोर पासवान की अध्यक्षता में आयोजित कार्यक्रम का उद्घाटन पूर्व सांसद व वरीय राजद नेता सीताराम यादव ने दीप प्रज्वलित कर किया.

वहीं मंच का उद्घाटन सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया के वरिष्ठ प्रबंधक आरबी चौधरी ने फीता काट कर किया.

समारोह में भाग लेने यूपी से आये वरीय बीएसपी नेता डॉ लाल मेधानकर समेत अन्य वक्ताओं ने बाबा साहब की जीवनी पर प्रकाश डालते हुए कहा कि बाबा साहब विपरित परिस्थिति में भी यातनाएं झेल कर उच्चतम शिक्षा हासिल की और संविधान निर्माता बने. बाबा साहब को स्कूल में आने देने के लिए कई शर्त रख दी गयी.

ऐसी विकट परिस्थिति में भी बाबा साहब सभी शर्तों को मान कर यातनाएं झेलते हुए उन्होंने वह कर दिखाया, जो हमेशा-हमेशा के लिए इतिहास के पन्नों में दर्ज हो गया. आज दलित समाज को उन्हीं के नक्शे-कदम पर चलने की जरूरत है. वक्ताओं ने बाबा साहब के व्यक्तित्व व कृतत्व पर प्रकाश डालते हुए वक्ताओं ने कहा कि बाबा साहब के आंदोलन की बदौलत ही महाराष्ट्र में दलितों को सार्वजनिक चापाकलों पर पानी पीने का अधिकार मिला. वक्ताओं ने बाबा साहब के सपनों को साकार करने की दिशा में आगे बढ़ने की अपील की. मंच संचालन शिक्षक हरेंद्र पासवान ने किया.

मौके पर सेवा निवृत शिक्षक कर्मवीर पासवान, शिक्षक शंकर पासवान, बिंदेश्वर महतो,हरदेव बैठा, बिंदेश्वर राम, शिक्षक नागेंद्र प्रसाद प्रभाकर, विश्वनाथ पासवान, मदन राम, हरेंद्र कुमार, अशोक राम, अवधेश पासवान, धमेंद्र राम, संजय पासवान व राजेश राम समेत दर्जनों लोग मौजूद थे.

दैनिक भास्कर

पंचायत पर ही मिलने लगा है योजनाओं का लाभ

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सरकारद्वारा संचालित कई जनहितकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए अब ग्रामीणों को कहीं जाने की जरूरत नहीं है। पंचायत मुख्यालय पर ही सभी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही है।

यह विचार विधायक चंद्रभान सिंह आक्या ने रविवार दोपहर ग्राम उदय से भारत उदय अभियान के तहत सेमलपुरा और एराल में आयोजित विशेष ग्रामसभाओं में व्यक्त किए। आक्या ने कहा कि लाभार्थियों की पेंशन, पालनहार आदि की राशि उसके बैंक खाते में जमा की जाती है। राशि निकालने के लिए भी पंचायत के मित्र पर मिनी एटीएम सुविधा उपलब्ध है।

ग्रामसभाओं में कलेक्टर वेदप्रकाश ने दोनों पंचायतों में अभियान के तहत किए कार्यों का फीडबैक लेने के साथ लाभार्थी को भुगतान सीधे उसके बैंक खाते में करने, भामाशाह सीडिंग आदि की जानकारी प्राप्त कर ग्रामीणों से आधार भामाशाह कार्ड अनिवार्य रूप से बनाने की बात कही। प्रधान प्रवीण सिंह राठौड़ ने स्वच्छ भारत अभियान के तहत घर गांव को स्वच्छ रखने के लिए प्रत्येक घर में शौचालय बनाकर उसका इस्तेमाल करने का संकल्प कराया।

एराल सरपंच रामसिंह, भंवरसिंह खरड़ीबावड़ी, सेमलपुरा उप सरपंच कैलाशचंद्र रेगर, सचिव मुक्ता लोठ, प्रकाश गर्ग, गिरदावर अमृत पुरोहित, पटवारी किरण चौैहान ग्रामीणजन उपस्थित थे। कलेक्टर ने ग्राम पंचायत सेमलपुरा में सीडिंग कार्य का प्रतिशत कम होने पर नाराजगी व्यक्त करते हुए सचिव मुक्ता लोठ को दो दिवस में बढ़ाने के निर्देश दिए। उन्होंने बाल विवाह कन्या भ्रूण हत्या जैसी सामाजिक कुरीतियों के दुष्परिणाम से ग्रामीणों को सावचेत करते हुए गांव को आदर्श ग्राम बनाने की बात कही।

इन पर भी की चर्चा 

विशेषग्रामसभाओं मेंं कलेक्टर ने ग्राम सचिव से अल्पसंख्यक, अनुसूचित जाति जनजाति एवं गरीब परिवारों को आवास योजनाओं की जानकारी देने, ग्राम सभा में मतदाता सूचियों को पढ़कर उसमें नाम जुड़ाने, संशोधन करने, श्रमिक कार्ड प्रधानमंत्री जीवन बीमा योजना के लाभ बताते हुए प्रत्येक पात्र के आवेदन तैयार करने, गर्मी को देखते हुए पेयजल बंदोबस्त पर विशेष चर्चा की।

चित्तौड़गढ़ | सेमलपुराग्रामसभा में ग्रामीणों की समस्या सुनते विधायक, कलेक्टर अन्य। 

दैनिक भास्कर

बागवानी करें और लाखों कमाएं

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हरियाणामें बागवानी विकास को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार ने कई योजनाएं लागू की है, जिनमें राष्ट्रीय बागवानी मिशन, सूक्ष्म सिंचाई कार्यक्रम, राष्ट्रीय औषधीय पादक मिशन, राष्ट्रीय कृषि विकास योजना, फसल बीमा योजना, अनुसूचित जाति उप योजना, मानव संसाधन विकास योजना, बागवानी प्रौद्योगिकी केन्द्र योजना, खाद्य प्रसंस्करण योजना रेशम उत्पादन के लिए उत्प्रेरक विकास योजना शामिल है। बागवानी विभाग के जिला संयोजक जितेन्द्र नैन ने बताया कि बागवानी विभाग द्वारा बागवानी फसलों का क्षेत्र विस्तार करने के लिए फल वाले पौधे पर 40 से 50 प्रतिशत अनुदान राशि मुहैया करवाई जाती है।

बागवानीको बढावा देने के लिए उठाए कदम 

फललगाने की प्रति इकाई लागत 35 हजार से 1.25 लाख रुपये है, जिनमें से 17 हजार 500 से 50 हजार रुपये प्रति हेक्टेयर अधिकतम सीमा 4 हेक्टेयर पर अनुदान राशि उपलब्ध करवाई जाती है। उन्होंने बताया कि संकर सब्जियां लगाने के लिए प्रति इकाई पर 50 हजार रुपये खर्च आता है, जिनमें 40 प्रतिशत यानि 20 हजार रुपये प्रति हेक्टेयर की अनुदान राशि प्रदान की जाती है। उन्होंने बताया कि सब्जी उत्पादन के लिए प्रति इकाई लागत 30 हजार से 45 हजार रुपये है जिनमें से 75 प्रतिशत यानि 12 हजार 500 रुपये से 33 हजार 750 रुपये तक की अनुदान राशि उपलब्ध करवाई जाती है। मसालों की खेती करने पर प्रति परियोजना 30 हजार रुपये लागत है जिन पर 40 प्रतिशत यानि 12 हजार रुपये प्रति हेक्टेयर अनुदान राशि उपलब्ध करवाई जाती है।

फूलों की खेती को बढ़ावा देने के लिए 40 हजार से एक लाख रुपये तक प्रति परियोजना का खर्चा होता है जिनमें से 10 हजार से 60 हजार रुपये प्रति हैक्टेयर अनुदान राशि उपलब्ध करवाई जाती है। उन्होंने बताया कि रेशम उत्पादन के लिए शहतूत के पौधे लगाने पर ईकाई लागत 14 हजार रुपये प्रति परियोजना है जिन पर 75 प्रतिशत यानि 10 हजार 500 रुपये प्रति एकड़ अनुदान राशि उपलब्ध करवाई जाती है। उन्होंने बताया कि कंद फसल प्रति ईकाई लागत 40 हजार रुपये है जो विभाग द्वारा 100 प्रतिशत अनुदान पर अनुसूचित किसानों को उपलब्ध करवाई जाती है। जितेंद्र नैन ने बताया कि किसान बागवानी करके लाखों रुपए कमा सकता है।

फल के पौधे पर 40 से 50 प्रतिशत अनुदान राशि 

News Monitored by Kuldeep Chandan & Kalpana Bhadra

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