दलित मीडिया वाच – हिंदी न्यूज़ अपडेट 17.02.16

डेढ़ साल की मासूम को अगवा कर किया दुष्कर्म देश बंधू

http://www.deshbandhu.co.in/newsdetail/147710/2/171#.VsP38m39V_k

दलित किशोर का सिर मूंडा, चप्पल की माला पहनाकर गांव में घुमाया आज तक

http://aajtak.intoday.in/crime/story/dalit-teen-humiliated-by-people-shove-off-his-head-and-made-him-to-wear-a-garland-of-slippers-1-855031.html

महिला उत्पीड़न बर्दाश्त नहीं: लोहनी – अमर उजाला

http://www.amarujala.com/news/city/nainital/nainital-hindi-news/women-do-not-tolerate-harassment-lohni-hindi-news/

छात्रों ने सीएम विंडो पर दी उत्पीड़न की शिकायत दैनिक भास्कर

http://www.bhaskar.com/news/HAR-KUR-MAT-latest-kurukshetra-news-034130-3629941-NOR.html

अपने सपने को ऐसे पूरा किया अनु ने पंजाब केसरी

http://haryana.punjabkesari.in/hisar/news/begging-campaign-arrangement-government-aid-transferred-443234

देश बंधू

डेढ़ साल की मासूम को अगवा कर किया दुष्कर्म

http://www.deshbandhu.co.in/newsdetail/147710/2/171#.VsP38m39V_k

सूरजपुर कोतवाली क्षेत्र के अंतर्गत डेल्टा-दो सेक्टर में एक पार्क में खेल रही डेढ़ साल की दलित मासूम को अगवा कर दुष्कर्म करने का मामला सामने आया है। मासूम को इलाज के लिए पास के निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस ने इस संबंध में पॉक्सो व दुष्कर्म से जुड़ी धाराओं के तहत मामला दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी है।

फिलहाल इस मामले में किसी को गिरफ्तार नहीं किया गया है।  पुलिस के मुताबिक, पीडि़त मासूम बच्ची अपने माता पिता के साथ डेल्टा-दो सेक्टर में रहती है। उसके पिता ठेेके पर मकान बनाने का काम करते हैं। रोजाना की तरह उसके माता पिता डेल्टा-दो सेक्टर में चल रहे निर्माण कार्य पर काम कर रहे थे। उस दौरान मासूम पास में ही स्थित एक पार्क में खेलने चली गई। उसके साथ उसकी बड़ी बहन भी थी। इसी बीच एक अज्ञात युवक आया और बच्चों को मारपीट कर भगाने लगा। आरोपी ने डेढ़ साल की मासूम बच्ची को अगवा कर लिया। इसके बाद आरोपी उसे पास के एक बिजली घर में ले गया। जहां पर इंसानियत को शर्मसार करने वाली घटना को अंजाम दिया। आरोपी ने घटना को अंजाम देने के बाद मासूम को जान से मारने के उद्देश्य से कई बार सिर पर वार भी किया। जिससे मासूम बेहोश हो गई। आरोपी उसे मरा समझकर फरार हो गया। मासूम के साथ आई उसकी बड़ी बहन ने युवक को भगाने वाली बात परिजन को बताई। ऐसे में जब छोटी बच्ची नहीं दिखाई दी। परिजन के होश उड़ गए। सभी लोग उसे ढूढऩे का प्रयास करने लगे। परिजन आधे घंटे तक मासूम की तलाश करते रहे। तभी बिजली घर से मासूम की रोने की आवाज आई। परिजन वहां पहुंचे तो वह स्तब्ध रह गए। मासूम खून से लथपथ पड़ी थी। आनन-फानन में उसे पास के शर्मा अस्पताल में भर्ती कराया। जहां पर उसकी हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है।

अवैध कट बना हादसे की वजह

जिस पार्क में मासूम खेल रही थी। उस पार्क में अवैध कट बना हुआ है। आरोपी ने उसी पार्क से बच्ची को अगवा किया, इसके बाद अवैध कट के सहारे पार्क से बच निकाला। अवैध कट के समीप ही बिजली घर बना हुआ है। जिससे आरोपी ने बड़ी आसानी से वारदात को अंजाम दे डाला।

बिजली घर में नहीं रहता कोई कर्मचारी

सेक्टर वासियों का आरोप है कि बिजली घर में कोई भी कर्मचारी नहीं रहता है। इसकी वजह से बिजली घर शराबियों का अड्डा बना गया है। यहां प्रत्येक रात शराबी आकर नशा करते है। इस बिजली घर में कुछ महीने पहले एक सुरक्षा गार्ड तैनात किया गया था। लेकिन कुछ दिन काम करने के बाद ही उसे हटा दिया गया।

मासूम की कराह से दहला अस्पताल

मासूम इलाज के दौरान रो-रोकर बेहाल हो गई थी। अस्पताल में मौजूद सभी लोग मासूम का दर्द देखकर रो पड़ें। सभी लोगों ने पुलिस से गुहार लगाई कि आरोपी को कड़ी से कड़ी सजा दी जाए। हादसे के बाद माता पिता की भी हालत गंभीर हो गई।

-मामला इंसानियत को शर्मसार करने वाला है। पीडि़त परिजन के शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर लिया गया है। आरोपी की जांच के लिए एक टीम बना दी गई है। जल्द ही आरोपी को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

अभिषेक यादव,एसपी देहात

आज तक

दलित किशोर का सिर मूंडा, चप्पल की माला पहनाकर गांव में घुमाया

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उत्तर प्रदेश के उन्नाव जिले में एक दलित किशोर का सिर मूंड कर उसे अपमानित किया गया. उसके गले में जूते चप्पलों की माला पहनाकर उसे पूरे गांव में घुमाया गया. उससे पहले लड़के की जमकर पिटाई भी की गई.

अत्याचार के यह सनसनीखेज मामला जिले के माखी थानाक्षेत्र का है. जहां दबौली गांव में एक 16 वर्षीय दलित किशोर के साथ दंबगों ने पहले जमकर मारपीट की. और बाद में उसका सिर मूंडकर उसे पूरे गांव में घुमाया. गांव लोग इस घटना के वक्त मूक दर्शक बने रहे.

घटना के बाद किसी ने इस बात की सूचना पुलिस को दी. पीड़ित किशोर के पिता ने मौके पर पहुंची पुलिस को सारा माजरा बताया. पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए उनकी शिकायत पर तीन लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया.

पीड़ित किशोर के पिता ने आरोप लगाया है कि एक ईंट भट्ठे के पास उनकी जमीन है, जिस पर भट्ठा मालिक कब्जा करना चाहता है. उसी ने उनके नाबालिग बेटे के साथ इस घटना को अंजाम दिया है. वह पहले भी उनकी जमीन पर कब्जा करने की कोशिश कर चुका है.

सफीपुर के क्षेत्राधिकारी ने बताया कि तीन लोगों के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज किया गया है. मामले की गंभीरता को देखते हुए इस घटना की जांच एक सीनियर इंस्पेक्टर को सौंपी गई है. घटना के बाद से पीड़ित का परिवार काफी डरा हुआ है.

अमर उजाला

महिला उत्पीड़न बर्दाश्त नहीं: लोहनी

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राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष अमिता लोहनी ने कहा कि महिला उत्पीड़न की घटनाएं किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं की जाएंगी। उन्होंने महिलाओं के सम्मान की रक्षा के लिए सामाजिक चेतना लाए जाने का आह्वान किया। साथ ही, महिलाओं से अधिकारों के प्रति सजग रहने की अपील की। 

राजीव नगर बंगाली कालोनी निवासी दलित विधवा महिला परिवार के साथ पड़ोस के युवक समेत उसके साथियों द्वारा मारपीट के मामले को महिला आयोग ने गंभीरता से लिया है। उन्होंने पुलिस से फरार आरोपियों के मामले में अब तक हुई कार्रवाई की जानकारी मांगी। उन्होंने फरार आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की।

नगरपालिका बिंदुखत्ता की अधिशासी अधिकारी राजू नबियाल ने कहा कि दलित महिला के घर को जाने वाले रास्ते को पक्का कराने के लिए नगर पालिका कार्रवाई कर रही है। उन्होनें कहा कि बंगाली कालोनी से नगीना कालोनी को जोड़ने वाले रास्ते का निर्माण कराया जाएगा। 

वहीं, कोतवाल वीसी पंत ने कहा कि पीड़ित परिवार की सुरक्षा में कोई कसर नही छोड़ी जाएगी। इस दौरान कांग्रेसी नेता नितिन पंत, भाजपा नेता हरीश नैनवाल, पुनीत मेलकानी, शशि कुमार सिंह रावत, वरिष्ठ उपनिरीक्षक डीआर वर्मा आदि मौजूद थे।

दैनिक भास्कर

छात्रों ने सीएम विंडो पर दी उत्पीड़न की शिकायत

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कुरुक्षेत्र | कुरुक्षेत्रविश्व विद्यालय के दलित छात्रों रविंद्र और विक्रम ने केयू के इलेक्ट्रॉनिक्स विभाग के शिक्षकों पर उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए सीएम विंडो पर शिकायत सौंपी। छात्रों ने कहा कि उन्हें दाखिले के बाद से ही लगातार प्रताड़ित किया जा रहा है। छात्रों ने कहा कि इस बारे में उन्होंने विभागाध्यक्ष को भी कई बार बताया। इसके बावजूद उनकी सुनवाई नहीं हुई। सीएम विंडो पर दी शिकायत में छात्रों ने यह भी आरोप लगाया कि दो छात्रों को तो विभाग भी छोड़ना पड़ा है। छात्र रविंद्र ने कहा कि उनके भविष्य को ध्यान में रखते हुए इस मामले में उचित कार्रवाई की जाए।

पंजाब केसरी

अपने सपने को ऐसे पूरा किया अनु ने

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जिद और जुनून की ऐसी मिसाल एक दलित लड़की अनु चिनिया ने पेश की है। उसका सपना था उन बच्चो के हाथो में किताब देखना जो भीख के लिए कटोरा लिए गिड़गिड़ाते रहते हैं। उसने अपने सपने को साकार करना जूनून बना लिया। चार लोगों के साथ मिलकर बना डाली संस्था भीख नहींं किताब दो। आज इस संस्था के करीब ढाई सौ बच्चे भीख मांगना छोड़कर सरकारी स्कूलों में शिक्षा ले रहे हैं।

इसके लिए अनु ने बड़ी चुनौतियों का सामना किया। उसकी शादी टूट गई सरकारी नौकरी भी जाती रही,लेंकिन उसकी इस जिद ने आज न जाने कितने बच्चों की जिंदगियां संवार दीं। दुर्जनपुर गांव की रहने वाली दलित लड़की जिसके सपने बड़े थे,लेकिन परिवार अपनी इस बिटिया के साथ खड़ा था। उसने जैसे ही अपने कॉलेज की पढ़ाई पूरी की सरकारी नौकरी लग गई। गांव में ही कम्यूटर लेब अस्सिटेंट बन गई। वह शहर जाते वक्त कुछ बच्चों के हाथों में कटोरे देखती तो उसके मन में एक टीस उठाती थी। वह कैसे इनके हाथों से कटोरे छुडवाए।

उसने अपने ही गांव के पास के कुछ बच्चों से शुरुआत की। अनु ने पांच बच्चों से इसकी शुरुआत की। इसके बाद उसने शहर की तरफ रुख किया।  झुग्गिसरें में रहने वाले बच्चों की मां से मिली, लेकिन उससे सवाल किया जाता कि उनके पास बच्चे रोज शाम को दो सौ रुपए लेकर आते हैं। अगर इन्हें स्कूल में डाला तो उन्हें क्या मिलेगा। अनु ने हार नहीं मानी और जैसे तैसे उनके परिजनों को मना लिया। फिर क्या था कुछ लोगों ने भी उसका साथ दिया मुहिम रंग लाई और बन गयी एक संस्था। 

इस संस्था के दो सौ से अधिक बच्चे सरकारी स्कूलों में पढ़ रहे हैं। करीब पचास बच्चों के एक बैज को अनु पढ़ा रही है। इसने बताया कि इसके लिए उसने कई चुनौतियों का सामना किया। उसकी सगाई हो चुकी थी ससुराल वालों को ये सब रास नहीं आया और उसको साफ कह दिया। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि समाज सेवा करो या घर बसाओ। अनु ने शादी से इनकार कर दिया। यही नहीं, उसकी नौकरी भी लग गई थी। वह भी इस काम के कारण जाती रही। अनु इन बच्चों को पढ़ाने में तल्लीन रहती थी और नौकरी का उसके पास समय नहीं था।

बहरहाल, आज अनु इस काम को लेकर बहुत खुश है। उसका कहना है कि वे लोग जैसे तैसे खुद ही पैसे का अरेंजमेंट करते हैं। महीने भर में 30 हजार रुपए लगते हैं जिसका वहन वे खुद ही करते हैं। सारंग,कविता आदि वे बच्चे हैं जो पढ़—लिखकर अधिकारी बनने का सपना देख रहे हैं।

अनु के पिता सरकरी नौंकरी में हैं। उनका तबादला कोलकता में हुआ, लेकिंन इस सबके बावजूद मां ने अपनी बेटी के हौसलों को उड़ान दी। वे हर समय उसके साथ है। गांव वालों को भी अनु को नाज हे। उनका कहना है कि अगर उसे सरकारी सहायता मिलती तो इस योजना को और मतबूती मिलती।

News Monitored by Kuldeep Chandan & Kalpana Bhadra

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