दलित मीडिया वाच – हिंदी न्यूज़ अपडेट 30.01.16

 

बरेली में दोहराया गया ‘निर्भया कांड’, रेप के बाद प्राइवेट पार्ट्स से मिली लकड़ियां न्यूज़ 18

http://hindi.news18.com/news/uttar-pradesh/lucknow/crime-minor-girl-raped-and-murdered-in-bareilly-uttar-pradesh-1341177.html

युवक के काटे बाल, जूतों की माला पहना कर गधे पर घुमाया – ख़ास खबर

http://www.khaskhabar.com/picture-news/news-bajrang-dal-punished-and-cut-suspect-hair-in-up-for-forceful-transfer-in-other-religion-1-10541-2016.html

दलित उत्पीड़न मामले में कैट ने एम्स से मांगा जवाब – जनसत्ता

http://www.jansatta.com/rajya/cat-notice-to-aiims-over-removal-of-two-doctors/64985/

दलितों पर अत्याचार करने वालों पर कार्रवाई की मांग – दैनिक भास्कर

http://www.bhaskar.com/news/MP-VID-MAT-latest-vidisha-news-043809-3512110-NOR.html

मंदिरों में प्रवेश के लिए राष्ट्रपति से मिलेंगे दलित – पत्रिका

http://www.patrika.com/news/political/dalit-s-will-meet-the-president-on-the-matter-to-get-entry-in-temples-1167320/

 

न्यूज़ 18

बरेली में दोहराया गया ‘निर्भया कांड’, रेप के बाद प्राइवेट पार्ट्स से मिली लकड़ियां

http://hindi.news18.com/news/uttar-pradesh/lucknow/crime-minor-girl-raped-and-murdered-in-bareilly-uttar-pradesh-1341177.html

उत्‍तर प्रदेश के बरेली में एक बच्ची से दिल को दहलाने वाली वारदात हुई है, जिससे दिल्ली के ‘निर्भया कांड’ की याद ताजा हो गई है. यहां एक बच्ची के साथ पहले रेप किया गया, उसके बाद उसकी निर्मम तरीके से हत्या कर दी गई.

हत्या और रेप की इस सनसनीखेज घटना के बाद से इलाके में हड़कंप और गुस्से का माहौल है. मिली जानकारी के मुताबिक नवाबगंज थाना क्षेत्र के अनंदापुर में 10 साल की बच्ची का अर्धनग्न शव बरामद हुआ था. शव ऐसी अवस्‍था में था कि उसे देखकर किसी के भी रोंगटे खड़े हो जाए.

बच्ची के प्राइवेट पार्ट के साथ दरिंदों ने दरिंदगी की सारी हदें पार कर दी. बच्ची का शव सरसों के खेत में अर्ध नग्न अवस्था में मिला था. बच्ची के प्राइवेट पार्ट से लकड़ियां मिली हैं. इस सनसनीखेज वारदात से इलाके में दहशत का माहौल है. रेप के बाद बच्ची की हत्या की सूचना पर पुलिस के आलाधिकारी मौके पर पहुंचे और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया. डीआईजी ने घटना के खुलासे के लिए तीन टीम बनाई हैं.

बरेली में दोहराया गया

नवाबगंज थाना क्षेत्र के आनन्दापुर गांव में शुक्रवार को एक 10 साल की मासूम बच्ची के साथ्‍ रेप किया गया. इतना ही नहीं, रेप के बाद दरिंदगी की सभी हदें पार करते हुए बच्ची की निर्मम हत्या कर डाली. बच्ची की रेप के बाद हुई हत्या की वारदात से इलाके में दहशत है. घटना के बाद से पीड़िता के परिजनों का रो-रो कार बुरा हाल है.

बच्ची की रेप के बाद हत्या की खबर लगते ही पुलिस महकमे में भी हड़कंप मच गया है. मौके पर डीआईजी आशुतोष कुमार, एसपी ग्रामीण, कई थानों की पुलिस और फील्ड यूनिट के साथ पहुंचे और बारीकी से पूरे मामले की जांच की. डीआईजी आशुतोष कुमार का कहना है कि यह घटना बेहद गंभीर है.

ख़ास खबर

युवक के काटे बाल, जूतों की माला पहना कर गधे पर घुमाया

http://www.khaskhabar.com/picture-news/news-bajrang-dal-punished-and-cut-suspect-hair-in-up-for-forceful-transfer-in-other-religion-1-10541-2016.html

उरई। यूपी के उरई में तीन दलित लडकों का कथित रूप से धर्म परिवर्तन कराने और बीफ खिलाने की अफवाह पर बजरंग दल के सदस्यों एक युवक पर कहर बरपाया। बजरंग दल के लोगों ने धर्म परिवर्तन कराने वाले शख्स के सिर, मूंछ और भौंह के बाल काट दिए। इतना ही नहीं, उसे जूतों की माला पहनाई और गधे पर बिठाकर शहरभर में घुमाया। यह सनसनीखेज मामला उरई के रेढर थाना कस्बे का है। आरोप है कि यहां रहने वाले दलित लडके संगम को अवधेश नाम के शख्स ने अपने जाल में फंसाया। सत्संग के बहाने उसे मिर्जापुर के कछवाह गांव ले जाकर धर्म परिवर्तन कर ईसाई बनाने की कोशिश की गई। संगम ने बताया उसके अलावा दो और लोगों के साथ भी यही किया गया। वह किसी तरह जान बचाकर वापस आ सका।

मामले की जानकारी मिलते ही बजरंग दल के नेता अखिलेश ने बाकी मेंबर्स के साथ आरोपी अवधेश को पकड लिया। उरई ले जाकर उसके सिर, मूंछ और भौंहों के बाल काट दिए। उसे गधे पर बैठाकर पूरे शहर में उसका जुलूस निकाला गया। इस मामले में पुलिस ने बजरंग दल के अखिलेश दुबे समेत 200 अज्ञात लोगों के खिलाफ दर्ज कर लिया है। पुलिस ने पीडित युवक और उसकी पत्नी को आश्वासन दिया है कि आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

जनसत्ता

दलित उत्पीड़न मामले में कैट ने एम्स से मांगा जवाब

http://www.jansatta.com/rajya/cat-notice-to-aiims-over-removal-of-two-doctors/64985/

अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) भी दलित उत्पीड़न को लेकर सवालों में है। नर्सिंग विभाग की सहायक प्रोफेसर शशि मवार सहित सहायक प्रोफेसर स्तर के तीन संकाय सदस्यों के खिलाफ एम्स की ओर से की गई कार्रवाई…

अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) भी दलित उत्पीड़न को लेकर सवालों में है। नर्सिंग विभाग की सहायक प्रोफेसर शशि मवार सहित सहायक प्रोफेसर स्तर के तीन संकाय सदस्यों के खिलाफ एम्स की ओर से की गई कार्रवाई को अनुसूचित जाति आयोग ने भी दलित उत्पीड़न बता उन्हें काम पर वापस लगाने को कहा था। जबकि मेडिसिन विभाग के डाक्टर कुलदीप कुमार व डाक्टर अरविंद के खिलाफ की गई कार्रवाई के लिए कैट ने गुरुवार को एम्स प्रशासन को नोटिस जारी किया है। कैट ने एम्स से चार अप्रैल के भीतर जवाब देने को कहा है। इसके पहले भी बनी तीन समितियों ने भी अगल-अगल समय में दी अपनी रपट में पाया है कि एम्स में दलित विरोधी वातावरण रहा है। आरोप है कि दिसंबर 2014 में एक नर्सिंग छात्रा पल्लवी ग्रोवर की आत्महत्या के मामले में प्राचार्य मंजू वत्स ने यहां डिप्टी सुप्रीटेंडेंट रहीं शशि मवार को निशाना बनाया। तमाम छात्राओं से लिखवाया गया कि उन्हें छात्रावास में किससे दिक्कत थी। उन्हीं पत्रों के आधार पर सहायक प्रोफेसर मवार को पद से हटा कर अनिवार्य प्रतीक्षा में डाल दिया गया। जबकि मामले की पड़ताल कर रही पुलिस ने अपनी जांच रपट में मवार को दोषी नहीं पाया था। जिन छात्राओं ने ज्ञापन दिया था उसमें भी छात्राओं ने व्यवस्थागत खामियों बताते हुए उसके लिए एम्स प्रशासन को दोषी बताया था। इसके अलावा एम्स ओर से डीन की अगुआई में बनी समिति ने भी मवार क ो निर्दोष बताया था। फिर भी काम पर बहाल नहीं हुर्इं मवार ने मामले को अनुसूचित जाति आयोग सहित विभिन्न मंचों पर उठाया। आयोग ने अक्तूबर 2015 में दी अपनी रिपोर्ट में इसे दलित उत्पीड़न का मामला बताते हुए शशि को उनके पद पर तुंरत बहाल करने को कहा था। इसके बावजूद उन्हें अध्यापन के काम में नहीं लगाया गया बल्कि चिकित्सा अधीक्षक कार्यलय में उनसे जूनियर कर्मचारी के अधीन काम करने को कह दिया गया। आयोग के आदेश पर अमल करने के बजाए इस आदेश के पुनपर्रीक्षण के लिए एक तीन सदस्यीय समिति बना दी गई। यह पुनर्रीक्षण आदेश भी उपनिदेशक प्रशासनिक की ओर से दिया गया। जबकि आयोग क ो सिविल कोर्ट का दर्जा है। ऐसे में इसे आयोग की अवमानना का मामला भी माना जा रहा है। इन तमाम मानसिक उत्पीड़न से आहत मवार एक महीने की छुट्टी पर चली गई हैं।

कैट ने गुरुवार को एम्स से पूछा है कि डॉक्टर कुलदीप कुमार व अरविंद को बर्खास्त करने से पहले उनके खिलाफ आरोपों की समुचित जांच क्यों नहीं की गई? जबकि इस मामले में फैसला लेने क ा हक स्वायत्त संस्था होने के नाते एम्स प्रबंध समिति को है। कुलदीप को एक मरीज से दुर्व्यवहार की शिकायत पर बिना जांच के बर्खास्त कर दिया गया। एम्स के मेडिसिन विभाग अध्यक्ष डाक्टर एसके आचार्य की रिपोर्ट पर कुमार के खिलाफ कार्रवाई की गई है। एम्स के ही एक अन्य सहायक प्रो अरविंद के खिलाफ भी बिना समुचित जांच के कार्रवाई की गई।

दैनिक भास्कर

दलितों पर अत्याचार करने वालों पर कार्रवाई की मांग

http://www.bhaskar.com/news/MP-VID-MAT-latest-vidisha-news-043809-3512110-NOR.html

शुक्रवार को अहिरवार समाज ने अजाक्स कार्यालय से कलेक्टोरेट तक रैली निकालकर राष्ट्रपति के नाम तहसीलदार को ज्ञापन दिया। ज्ञापन में दलितों पर अत्याचार करने वालों पर कठोर कार्रवाई की मांग की है।

साथ ही हैदराबाद के दलित छात्र की मौत के मामले पर सीबीआई जांच कराने की मांग की। ज्ञापन में बताया गया कि हैदराबाद यूनिवर्सिटी के छात्र रोहित वैमुला को आत्महत्या के लिए मजबूर किया था। छात्र की मौत के लिए जिम्मेदार लोगों पर कठोर कार्रवाई की जाए। इसके अलावा ज्ञापन में ग्राम गृहिणी में दबंगों द्वारा दलित महिला के घर में घुसकर मारपीट करने वालों पर कठोर कार्रवाई की जाए।

ग्राम वसरिया में 20 अगस्त को सरवन अहिरवार की हत्या की गई थी। हत्या के सभी आरोपियों की गिरफ्तारी की जाए। ग्राम जरतोली में गणेशीबाई धानक की जमीन पर दबंगों ने कब्जा जमा लिया है। ग्राम बेरखेड़ी जैतू के ग्राम शिवम पुत्र शोभाराम अहिरवार की मौत की जांच कराई जाए और दोषियों पर कार्रवाई की जाए।

ज्ञापन देने वालों में इमरत तिलवार, बबलू अहिरवार, प्रो. एसएस गोलिया, रवि अहिरवार, राजेश रंग, टीकाराम अहिरवार, नीलेश करमेड़ी, लालाराम सकरोल आदि कई शामिल थे।

पत्रिका

मंदिरों में प्रवेश के लिए राष्ट्रपति से मिलेंगे दलित

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देहरादून। दलित समुदाय के लोग मंदिरों में प्रवेश के अपने अधिकार को पाने के लिए राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी से मिलने की योजना बना रहे हैं। राज्यसभा सांसद तरुण विजय इस काम में उनकी मदद के लिए आगे आए हैं। तरुण विजय दलितों के एक प्रतिनिधिमंडल के साथ राष्ट्रपति से मिलने वाले हैं। गौरतलब है कि जौनसर बावर इलाके के करीब 1000 वर्ग किमी क्षेत्र में 400 गांव हैं। इस इलाके में करीब 365 मंदिर हैं, जिनमें से 339 में दलितों का प्रवेश प्रतिबंधित है।

पिछले साल अक्टूबर में दलित नेता दौलत कुंवर के नेतृत्व में दलितों के एक समूह को गबेला गांव के कुकर्शी महाराज मंदिर में प्रवेश नहीं करने दिया गया। जिसके बाद वहां विरोध प्रदर्शन हुआ, हालांकि बाद में जिला प्रशासन ने पुलिस की मौजूदगी में कुंवर और उनकी टीम को मंदिर में पूजा कराई।

दूसरी घटना मालवाला गांव की है। पिछले 18 नवंबर को टीकम सिंह नाम का शख्स अपनी पत्नी कविता और ससुर दौलत राम के साथ मंदिर में पूजा करने के लिए गया। लेकिन तीनों के साथ मारपीट की गई। बाद में 3 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।

News Monitored by Kuldeep Chandan & Kalpana Bhadra

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