दलित मीडिया वाच – हिंदी न्यूज़ अपडेट 19.01.16

 

इस वजह से दलित स्टूडेंट ने किया सुसाइड, केंद्रीय मंत्री बोले- मेरा कोई संबंध नहीं – राजेश्थान पत्रिका

http://rajasthanpatrika.patrika.com/story/india/dalit-student-rohith-vemula-s-suicide-bandaru-dattatreya-clear-his-stand-1745647.html

दलितों के घरों पर पथराव, पानी की टंकियां भी तोड़ीं – अमर उजाला

http://www.amarujala.com/news/city/sonipat/sonipat-crime-news/crime-news-hindi-news-900/

संघर्ष मोरचा ने चलाया जनसंपर्क अभियान – प्रभात खबर

http://www.prabhatkhabar.com/news/monghyr/story/712155.html

डॉ . अंबेडकर सोसाइटी ने एमपी को दिया मेमोरंडम – दैनिक भास्कर

http://www.bhaskar.com/news/PUN-OTH-MAT-latest-khanna-news-034040-3448531-NOR.html

 

राजेश्थान पत्रिका

इस वजह से दलित स्टूडेंट ने किया सुसाइड, केंद्रीय मंत्री बोले- मेरा कोई संबंध नहीं

http://rajasthanpatrika.patrika.com/story/india/dalit-student-rohith-vemula-s-suicide-bandaru-dattatreya-clear-his-stand-1745647.html

हैदराबाद यूनिवर्सिटी के हॉस्टल से निकाले गए पांच दलित छात्रों में से एक के रविवार को खुदकुशी करने के मामले में स्टूडेंट यूनियनों ने विरोध तेज कर दिया है। आरोप है कि केंद्रीय मंत्री बंडारू दत्तात्रेय के एक लेटर के बाद रोहित समेत पांच स्टूडेंट्स के यूनिवर्सिटी हॉस्टल में जाने पर बैन लगाया गया था। हालांकि केंद्रीय मंत्री ने दलित स्टूडेंट्स के निलंबन से किसी भी तरह क संबंध होने से इनकार किया है।

विश्वविद्यालय के छात्रों का आरोप है कि पिछले साल अगस्त में एबीवीपी कार्यकर्ताओं से झड़प के कारण अम्बेडकर स्टूडेंट्स एसोसिएशन (एएसए) से संबद्ध पांच दलित छात्रों को निलंबित कर छात्रावास से निकाला गया था।

सफाई में क्या बोले केंद्रीय मंत्री?

केंद्रीय श्रम राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) बंडारू दत्तात्रेय ने सोमवार को कहा कि हैदराबाद विश्वविद्यालय में पांच दलित छात्रों के निलंबन से न तो उनका कोई संबंध है और न ही उनकी भारतीय जनता पार्टी का।

– दत्तात्रेय, विश्वविद्यालय के कुलपति अप्पा राव और अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) के दो सदस्यों पर रोहित को आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज किया गया है। उन पर अनुसूचित जाति-जनजाति (उत्पीडऩ निवारण) अधिनियम की धाराएं भी लगाई गई हैं।

– केंद्रीय मंत्री और कुलपति के साथ अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) के नेताओं सुशील कुमार और विष्णु के खिलाफ भी मामला दर्ज किया गया है। मामला साइबराबाद पुलिस कमिश्नरी क्षेत्र के गचिबावली थाने में दर्ज किया गया है।

केंद्रीय मंत्री बंडारू दत्तात्रेय की क्या थी भूमिका?

– केंद्रीय मंत्री बंडारू दत्तात्रेय मंत्री ने मानव संसाधन विकास मंत्रालय को एक पत्र भेजा था, जिसमें उन्होंने विश्वविद्यालय परिसर में ‘राष्ट्र विरोधी’ और ‘समाज विरोधी’ तत्वों की गतिविधियों की जानकारी दी थी। दत्तात्रेय का कहना है- मुझसे अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद का प्रतिनिधिमंडल मिला था। इसमें शामिल नेताओं का कहना था कि उन्हें राष्ट्र विरोधी और समाज विरोधी तत्वों ने पीटा है। मैंने उनकी यही बात मंत्रालय तक पहुंचा दी। मुझे नहीं मालूम कि इस पर क्या कार्रवाई की गई।’

इन पांचों छात्रों को पिछले साल अगस्त में एबीवीपी के कार्यकर्ताओं से झड़प के बाद निलंबित कर दिया गया था। यह मामला दिल्ली विश्वविद्यालय में ‘मुजफ्फरनगर बाकी है’ वृत्तचित्र की स्क्रीनिंग पर एबीवीपी के हमले के बाद शुरू हुआ। एबीवीपी के सुशील कुमार ने बाद में शिकायत दर्ज कराई था कि एएसयू कार्यकर्ताओं ने उन्हें पीटा है।

निलंबन और निष्कासन से नाराज था वेमुला

विभिन्न छात्र समूहों की संयुक्त कार्रवाई समिति (जेएसी) ने कहा कि वेमुला निलंबन और निष्कासन के कारण काफी निराश था। उसने एएसए के नीले रंग के बैनर का इस्तेमाल खुदकुशी के फंदे के लिए किया। उसके कमरे से पांच पन्नों का एक सुसाइड नोट भी मिला है, जिसमें उसने लिखा है कि कैसे वह हमेशा सितारों को देखता था और एक दिन लेखक तथा प्रतिष्ठित शिक्षक बनने का सपना देखता था। वेमुला अपने साथ निष्कासित हुए चार अन्य छात्रों के साथ पिछले 15 दिनों से विश्वविद्यालय परिसर में विरोध प्रदर्शन कर रहा था। छात्रावास से निष्कासन के विरोध में वे खुले में सो रहे थे।

अमर उजाला

दलितों के घरों पर पथराव, पानी की टंकियां भी तोड़ीं

http://www.amarujala.com/news/city/sonipat/sonipat-crime-news/crime-news-hindi-news-900/

कांग्रेस विधायक जगबीर मलिक एवं कुश्ती खिलाड़ी योगेश्वर दत्त के गांव भैंसवाल कलां में पंचायत चुनाव के तुरंत बाद कुछ लोगों ने दलित घरों पर न केवल पथराव कर दिया, बल्कि घरों के बाहर रखी पानी की टंकियां तक तोड़ दीं। पथराव किसने और क्यों किया यह तो पता नहीं चल सका है, लेकिन पंचायत चुनाव के नतीजों के तुरंत बाद हुई घटना से पूरे मामले को इसी से जोड़कर देखा जा रहा है। वहीं इस संबंध में हारने वाले प्रत्याशी एवं पूर्व सरपंच दर्शन मलिक ने पूरे मामले से पल्ला झाड़ते हुए कहा कि उनका इस घटना से कोई लेनादेना नहीं है।

खरखौदा रोड स्थित भैंसवाल कलां गांव में दो पंचायत हैं, एक मिठान पाने की पंचायत, जबकि दूसरी बवाला पाना। मिठान पाने में युवा राजेश मलिक ने पूर्व सरपंच दर्शन मलिक को बड़े अंतर से हराया। वहीं कांग्रेस विधायक जगबीर मलिक के बावले पाने में मंजीता ने अनीता को मात्र सात वोट से हराया। मिठान पाना निवासी भैंसवाल निवासी शांति, जगमती और धीरो ने बताया कि देर रात करीब एक दर्जन युवक गलियों में घूम रहे थे। जिस समय समुदाय के लोग अपने घरों में सो रहे थे तभी गली में शोर सुनाई दिया। बाहर लोग जातिसूचक गालियां दे रहे थे। अगले ही पल बंद दरवाजों पर ईंट और पत्थर बरसने लगे। दलित समुदाय के लोगों को बाहर आने के लिए उकसाया गया, लेकिन डर के मारे किसी ने बाहर निकलकर देखने की हिम्मत नहीं की। पीड़ित महिलाओं का कहना है कि अगर निकलते तो निश्चित ही किसी की जान चली जाती। क्योंकि दबंग युवक बेहद गुस्से में लग रहे थे। दलितों का कहना है कि वे लोग युवकों को पहचान तो नहीं सके, लेकिन ये गांव के ही कुछ दबंग थे। दलित परिवारों ने कहा है कि अगर उचित कार्रवाई के साथ उन्हें सुरक्षा मुहैया नहीं कराई जाती है तो वे लोग गांव छोड़ने के लिए मजबूर होंगे। सोमवार सुबह पुलिस मौके पर पहुंची और उचित कार्रवाई का भरोसा दिया। इतना ही नही दलितों की सुरक्षा के लिए एक पीसीआर भी वहां तैनात कर दी गई है।

दहशत में दलित परिवार 

गांव भैंसवाल की मिठान पंचायत में दलितों पर हुए हमले से कई परिवार दहशत में हैं। पूरा गांव भले ही उन्हें भरोसा दिला रहा है, लेकिन सहमे परिवार अपने को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। घर से बाहर निकलने में भी उन्हें डर लग रहा है। पूरी घटना से गांव में तनाव का माहौल है। फिलहाल कार्रवाई चाहे जो हो, लेकिन इस घटना ने उस सौहार्द और भाईचारे का मजाक उड़ाया है जो सरकारों द्वारा कायम रखने के ढोल पीटे जाते हैं।

पंचायत चुनाव के तुरंत बाद क्यों हुआ हमला 

चाहे नेता और सरकारें माहौल को सही बताएं, लेकिन आज भी गांवों में दलित और कमजोर समुदाय को वोट डालने के लिए मजबूर किया जाता है। न डालने पर डराया-धमकाया जाता है। भैंसवाल गांव में पंचायत चुनाव के तुरंत बाद हुआ पथराव कहीं पंचायत चुनाव से संबंधित तो नहीं है।

मेरा कोई हाथ नहीं, दलित परिवारों से खुद मिलाकर आया हूं 

पूर्व सरपंच दर्शन मलिक ने कहा कि इस मामले से उनका कोई लेनादेना नहीं है। जिस समय यह घटना हुई, उस समय वह अपने घर पर सो रहे थे। सुबह उन्हें इस मामले की जानकारी मिली। मौके पर पहुंचकर दलित परिवार के लोगों से बातचीत की गई। उन पर जो आरोप लगे थे, वे निराधार थे और दलित परिवार के लोगों ने भी इसे स्वीकार कर लिया है।

दोषियों को दिलवाएंगे सजा: सरपंच 

नवनिर्वाचित सरपंच राजेश मलिक का कहना है कि दलितों के घरों पर हुए पथराव का चुनाव से कोई लेनादेना नहीं है। कुछ अज्ञात लोगों ने आपसी भाईचारे को बिगाड़ने के लिए कदम उठाया है। पूरा गांव पीड़ित परिवारों का सहयोग करेगा और दोषियों को सजा दिलाई जाएगी।

अज्ञात लोगों पर किया केस दर्ज, जल्द करेंगे खुलासा : थाना प्रभारी 

थाना सदर प्रभारी फूलकुंआर का कहना है कि गांव में कुछ लोगों ने दलित परिवारों पर देर रात हमला कर दिया था। पुलिस ने पीड़ित परिवार के लोगों के बयान पर अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। गहराई से जांच पड़ताल की जा रही है। यह पंचायत चुनाव के चलते हुआ है या किसी ने माहौल खराब करने का प्रयास किया है। इसकी गहराई से जांच पड़ताल की जा रही है।

प्रभात खबर

संघर्ष मोरचा ने चलाया जनसंपर्क अभियान

http://www.prabhatkhabar.com/news/monghyr/story/712155.html

जमालपुर  : भारतीय रेलवे यांत्रिक एवं विद्युत अभियंत्रण संस्थान (इरिमी) से स्पेशल क्लास अप्रेंटिश (एससीआरए) की पढ़ाई बंद करने के विरोध में रेल निर्माण कारखाना संघर्ष मोरचा द्वारा सोमवार को जागरूकता अभियान चलाया गया. नेतृत्व दलित सेना के जिला उपाध्यक्ष प्रमोद पासवान ने किया. इस दौरान उन्होंने गेट संख्या 06, भारत माता चौक, ईदगाह रोड, नक्की नगर तथा केशवपुर इलाके में आम शहरी से मिल कर मोरचा के संघर्ष में शामिल होने की अपील की.

उन्होंने कहा कि रेल नगरी जमालपुर के धरोहर इरिमी से एससीआरए की पढ़ाई बंद कर रेल मंत्रालय ने यहां के जनमानस के साथ खिलवाड़ करने का प्रयास किया है. जिसे किसी भी कीमत पर सफल होने नहीं दिया जायेगा. उन्होंने लोगों से कहा कि आगामी 21 जनवरी को कारखाना के गेट संख्या छह से मुंगेर समाहरणालय तक प्रस्तावित पद यात्रा में शामिल होकर इस आंदोलन को सफल बनावें.

बताया कि पदयात्रा कर जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंप कर एससीआरए को बचाने के लिए गुहार लगायी जायेगी. मौके पर जिला सचिव कृष्णा राउत, विकास कुमार, अमित कुमार, शरद, गणेश साह, राजू मंडल, लोहा सिंह तथा पप्पू मंडल मुख्य रूप से उपस्थित थे.

दैनिक भास्कर

डॉ . अंबेडकर सोसाइटी ने एमपी को दिया मेमोरंडम

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खन्ना| डॉ. अंबेडकर मिशन सोसाइटी (रजि .) पंजाब खन्ना, पिछले लंबे समय से दलित वर्ग और दबे-कुचले लोगों की सामजिक कार्यों में सेवा करती रही है। इस कारण सरकार और समाज के दानी सज्जनों और सोसाइटी के मेंबरों की तरफ से डॉ. अंबेडकर भवन की स्थापना की गई है। इस भवन में कुछ गैर सामाजिक तत्वों शीशे आदि तोड़ दिए हैं।

इस दौरान प्रधान जसवंत सिंह मित्तर ने डॉ. अंबेडकर सोसाइटी की मांगें गिनाईं। उन्होंने बताया कि अंबेडकर मिशन सोसाइटी इस बिल्डिंग में डाॅ. भीम राव अंबेडकर जी के नाम पर लाइब्रेरी बनाना चाहती है, दलित वर्ग की गरीब लड़कियों के लिए एक कंप्यूटर ट्रेनिंग सेंटर खोलना चाहती है, पढ़ाई में गरीब और कमजोर बच्चों को योग बनाने के लिए एक ट्यूशन सेंटर भी बनाना चाहती है। डॉ. अंबेडकर भवन में पीने वाले पानी और अन्य जरूरतों के लिए एक सबमर्सिबल पंप की भी जरूरत है। अंत में डॉ. अंबेडकर मिशन सोसाइटी के प्रधान ने कहा कि आप की तरफ से पहले भी 2 लाख रुपये की ग्रांट दी गई थी और इस बार आप को कम से कम 5 लाख रुपये की ग्रांट देकर इन कार्यों को जल्दी से जल्दी पूरा करना होगा।

News Monitored by Kuldeep Chandan & Kalpana Bhadra

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