दलित मीडिया वाच – हिंदी न्यूज़ अपडेट 12.01.16

चुनाव में वोट न डालने पर दलितों पर दिखाई दबंगई – पंजाब केसरी

http://haryana.punjabkesari.in/faridabad/news/dalit-votes-cast-not-appear-on-bullying-see-photos–432181

मां के चुनाव जीतने पर नाबालिग बेटी के साथ रेप, पीड़िता ने की आत्महत्या – पत्रिका

http://www.patrika.com/news/india/minor-daughter-of-election-winner-women-raped-in-up-1159045/

जानिए एक आईएएस ने क्यों कहा, सरकार ने मेरे बच्चों की खुशी और मेरी बीवी की खूबसूरती छीन ली है न्यूज़ 18

http://hindi.news18.com/news/madhya-pradesh/two-officers-demonstrates-against-shivraj-government-1255962.html

कार्रवाई होने पर सीएम ऑफिस के बाहर धरने पर बैठेगा परिवार – दैनिक भास्कर

http://www.bhaskar.com/news/UT-CHD-HMU-NES-MAT-latest-chandigarh-news-022502-3400092-NOR.html

विद्युतीकरण की मांग, प्रदर्शन – अमर उजाला

http://www.amarujala.com/news/city/jaunpur/electricity-demand-hindi-news/

 

पंजाब केसरी

चुनाव में वोट न डालने पर दलितों पर दिखाई दबंगई

http://haryana.punjabkesari.in/faridabad/news/dalit-votes-cast-not-appear-on-bullying-see-photos–432181

पंचायत चुनाव में वोट न देने पर हार का सामना करने वाले दंबग नेता ने अपने साथियों के साथ दलित वोटरों के साथ मारपीट की और उन्हे अंजाम भुगतने की धमकी दी। इससे नाराज दलितों ने लघु सचिवालय पर पुलिस प्रशासन और भाजपा सरकार के खिलाफ जमकर प्रदर्शन किया और इस मामले में कार्रवाई न होने तक धरना देने की चेतावनी दी। वोटों की गिनती में हेरी फेरी करने पर भी लोगों ने प्रदर्शन कर दोबारा गिनती कराये जाने की मांग की।

लघु सचिवालय पर प्रदर्शन कर रहे ये दलित गांव भतौला के है। जहां उनकी बिरादरी के उम्मीदवार अजय चुनाव जीता है। इससे हारे हुए उम्मीदावार और उसके समर्थकों ने दलितों को उनके घर व बाहर धमकी दी और उनके साथ मारपीट की। पुलिस द्वारा इस मामलें में कोई सुनवाई न होने पर दलितों ने न्याय की गुहार लगाते हुए लघु सचिवालय पर प्रदर्शन किया और आरोपियों के खिलाफ कार्रवार्द की मांग की। प्रदर्शनकारी दलितों का कहना है कि जब तक उन्हे न्याय नहीं मिलेगा, तब तक वे धरना प्रदर्शन करते रहेगें।

चुनाव जीते अजय के भतीजे गिर्राज की मानें तो दलितों ने चुनाव में उनका साथ दिया है। अगर हारा हुआ प्रत्याशी व उसके समर्थक दलितों पर अत्याचार करेंगें तो वे भी उनके साथ है। दलितों को वोट का अधिकार है, वे चाहे जिसे वोट डालें। हारने पर उनके साथ ऐसा व्यवहार करना गलत है। पुलिस और प्रशासन उनकी नहीं सुन रहा है। अगर उनके साथ न्याय नहीं हुआ तो वे यहीं धरना-प्रदर्शन करते रहेगें।

प्रदर्शनकारी दलित महिलाओं ने कहा कि चुनाव के बाद उन्हे घर व बाहर जमकर धमकाया गया। मारपीट के लिए उनके लोगों ने लोहे की रॉड व सरिये लिए हुए थे। उन्हे खीचकर गाड़ी में डाला गया। किसी तरह हाथ-पैर जोडकर वे उनके चंगुल से बहार आए हैं।

पत्रिका

मां के चुनाव जीतने पर नाबालिग बेटी के साथ रेप, पीड़िता ने की आत्महत्या

http://www.patrika.com/news/india/minor-daughter-of-election-winner-women-raped-in-up-1159045/

मिर्जापुर/ लखनऊ। महिला सशक्तिकरण के युग में वह सबके लिए प्रेरणास्रोत बन सकती थी। लेकिन समाज ने उससे प्रेरणा लेना तो दूर उसे अपने संवैधानिक अधिकारों का उपयोग करने की ऐसी क्रूर सजा दी जिससे कोई भी सिहर जाए। यूपी के मिर्जापुर कस्बे से 25 किमी दूर शिवगढ़ गांव में एक दलित महिला के चुनाव जीतने का खमियाजा बेटी को भुगतना पड़ा है।

gang raped

चुनाव में हारे हुए प्रत्याशी ने बदला लेने के लिए 11वीं में पढऩे वाली उसकी नाबालिग बेटी का अपहरण कर दुष्कर्म किया। मिर्जापुर के पडऱी ब्लॉक में रहने वाली दलित महिला पति की मौत के बाद बेटी और मानसिक रूप से विक्षिप्त बेटे की देखभाल करती थी, खेतों में काम करती थी। उसने हाल ही में हुए बीडीसी सदस्य का चुनाव जीत लिया।

ऐसे में हारने वाले प्रत्याशी के भाई ने हार का बदला लेने के लिए बच्ची के साथ रेप किया। बीडीसी चुनाव जीतने वाली महिला जब अपनी बेटी को लेकर पुलिस के पास शिकायत दर्ज कराने गई तो पुलिस ने भी रिपोर्ट दर्ज करने के बजाए मौखिक आश्वासन देकर उन्हें वापस भेज दिया। इसके बाद नाबालिग लड़की ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। चुनाव जितने वाली महिला ने अब खुद ही दबंगों के डर से घर से निकलना बंद कर दिया है। उसने खाना-पीना छोड़ दिया है।

न्यूज़ 18

जानिए एक आईएएस ने क्यों कहा, सरकार ने मेरे बच्चों की खुशी और मेरी बीवी की खूबसूरती छीन ली है

http://hindi.news18.com/news/madhya-pradesh/two-officers-demonstrates-against-shivraj-government-1255962.html

राजस्थान के बाद अब मध्यप्रदेश में भी दो दलित आईएएस वर्ग के अफसरों ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. दोनों आईएएस दलित-आदिवासी फोरम के बैनर तले भोपाल में धरने पर बैठ गए हैं.

राजधानी के टीटी नगर में धरना देते हुए आईएएस रमेश थेटे और निलंबित आईएएस शशि कर्णावत ने राज्य सरकार पर आरोप लगाया कि एमपी में अनूसूचित जनजाति और जनजाति के अफसरों और कर्मचारियों के साथ सरकार भेदभाव कर रही है.

इस दौरान आईएएस रमेश थेटे ने आरोप लगाया कि उन्हें दलित होने के कारण प्रताड़ित किया जा रहा है. इस दौरान थेटे ने भावुक होते हुए कहा कि सरकार की इस प्रताड़ना से उनके परिवार पर भी असर पड़ा है. थेटे ने कहा कि, लगातार प्रताड़ना और तनाव से उनके बच्चों की खुशी और पत्नी की खूबसूरती छिन गई है.

अपनी बात रखते हुए आईएएस रमेश थेटे मंच पर ही रो पड़े. रुंधते गले से उन्होंने कहा कि, अब अगर सरकार ने उन्हें कारण बताओ नोटिस भी दिया, तो वे अन्न-जल त्यागकर मौत को गले लगा लेंगे.

वहीं, थेटे के साथ मौजूद बर्खास्त आईएएस सुश्री शशि कर्णावत ने आरोप लगाया कि मध्यप्रदेश सरकार 27 महीने से उन्हें प्रताड़ित कर रही है. शशि का आरोप है कि सरकार ने भेदभाव करते हुए उनका वेतन भी रोक दिया है.

जानिए, थेटे का मामला

दरसअल, रिश्वत लेने के आरोप में 2008 में सेवा से बर्खास्त किए गए थेटे को हाईकोर्ट ने बेदाग साबित किया था, तब राज्य सरकार ने उन्हें वर्ष 2011 में नौकरी में वापस लेते हुए उपसचिव पुर्नवास बनाया था.

यहां से नर्मदा घाटी विकास विभाग में संचालक, अपर आयुक्त राजस्व और इसके बाद मंत्रालय में नगरीय प्रशासन एवं पर्यावरण विभाग में अपर सचिव बनाया गया था.

थेटे अपनी पदोन्नति के लिए कई बार मुख्यमंत्री और मुख्यसचिव को पत्र लिख चुके थे. जिसके बाद हाल ही में सरकार ने सुपरटाइम स्केल में पदोन्नत करते हुए बाल संरक्षण आयोग में सचिव बनाया.

एक मामले से बरी होने के बाद आईएएस रमेश थेटे पर अब सीलिंग की जमीन में गड़बड़ी के आरोप हैं. जिससे सरकार को करोड़ों रुपए की क्षति हुई है. सीलिंग से मुक्त करके थेटे ने सरकारी जमीन को नुकसान पहुंचाया. मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने थेटे के खिलाफ अभियोजन चलाने की अनुमति दी है.

शशि कर्णावत का मामला

शशि कर्णावत को मंडला के विशेष न्यायालय ने 27 सितंबर 13 को जिला पंचायत में वर्ष 1999-2000 में हुए प्रिंटिंग घोटाले में दोषी पाते हुए पांच वर्ष के कारावास और 50 लाख रुपए का जुर्माना किया था.

उनको जेल भी भेज गया था. बाद में कर्णावत जमानत पर बाहर आ गई. उस समय राज्य सरकार ने उन्हें निलंबित कर विभागीय जांच शुरू कर दी थी. भ्रष्टाचार के मामले में बर्खास्त होने वाली आईएएस कर्णावत प्रदेश की दूसरी महिला आईएएस हैं. इससे पहले आईएएस टीनू जोशी को बर्खास्त किया जा चुका है.

दैनिक भास्कर

कार्रवाई होने पर सीएम ऑफिस के बाहर धरने पर बैठेगा परिवार

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 पानीपत में हुआ था दलित परिवार का बेटा किडनैप

पानीपतजिले में रहने वाले एक दलित परिवार के मुन्ना लाल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बताया कि उनके बेटे को आठ माह पहले किडनैप कर लिया गया था , जो अभी तक नहीं मिला है। उन्हें शक है कि उनके बेटे को मार दिया गया है जबकि पुलिस इस बारे में कोई कार्रवाई नहीं कर रही है। इसके चलते अब वे जल्द ही सीएम रेजीडेंस के बाहर धरना देंगे। मुन्ना लाल ने आरोप लगाया कि यह अपहरण पानीपत के एक ठेकेदार ने किया है। घटना के बाद ही पुलिस को शिकायत दे दी गई थी, लेकिन पुलिस ने कुछ नहीं किया। उनके परिवार के साथ राजनीतिक रंजिश के चलते यह सब किया जा रहा है।

मुन्ना लाल ने कहा कि उनका बेटा जिंदा है या उसे मार दिया गया, इस बारे भी पुलिस कुछ नहीं बता रही है। यदि अगले सात दिनों में उनको न्याय नहीं मिलता और उनके बेटे की तलाश नहीं की गई या फिर आरोपियों को नहीं पकड़ा गया तो वे चंडीगढ़ स्थित सीएम ऑफिस पर धरना देंगे। वहीं, उनका परिवार आमरण अनशन पर बैठेगा। वह इस बारे में पानीपत में भी प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सकते थे, लेकिन वहां उन्हें पुलिस प्रशासन से लेकर किडनैपर्स का डर है, इसलिए यह कॉन्फ्रेंस पंचकूला में की है।

अमर उजाला

विद्युतीकरण की मांग, प्रदर्शन

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सदर विधान सभा क्षेत्र के शेखपुर असरफपुर गांव के लखनापारा दलित बस्ती के लोगों ने सोमवार को विद्युतीकरण कराने की मांग को लेकर नहर की पुलिया के पास प्रदर्शन किया। विधायक के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि विधायक अपना वादा भूल गए।

Electricity demand

चुनाव के समय उन्होंने वादा किया था कि चुनाव जीतने के बाद गांव में विद्युतीकरण करवा दूंगा। लेकिन चुनाव जीतने के बाद आज तक वह गांव में दिखे तक नहीं। गांव के लोग कई बार विधायक से मिले लेकिन हमेशा आश्वासन ही मिला। उन्होंने दलित बस्ती के लोगों के साथ भेदभाव किए जाने का भी आरोप लगाया।

गांव निवासी अनिल कुमार के नेतृत्व में सोमवार को गांव के लोग नहर की पुलिया पर पहुंच गए। रास्ता जाम कर सदर विधायक के खिलाफ नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने हाथ में लापता विघायक की तलाश लिखी तख्तियां ले रखी थी।

तख्ती पर लिखे नारे के साथ करीब दो घंटे तक गांव के लोग नहर की पुलिया पर नारेबाजी करते रहे। गांव के लोगों का कहना है कि विधायक ने दलित बस्ती में बिजली पहुंचाने का वादा किया था लेकिन आज तक गांव के लोग अंधेरे में हैं। चुनाव जीतने के बाद विधायक आज तक गांव में कभी नहीं आए।

है कि मुस्लिम बस्ति में विधुतीकरण करा दिया है। दलित बस्ती के साथ भेदभाव किया गया। दलित बस्ती के लोग आज भी डिबरी व लालटेन जला कार रात विता रहे है। इससे पढ़ने वाले बच्चों को तमाम समस्याए उठानी पड़ रही है। विरोध प्रदर्शन करने वालों में मुन्ना लल, बाबू लाल, प्रदीप कुमार, राजू, जोखू, छबई, बच्चन, धारी आशुतोष सिंह आदि रहे।

News Monitored by Kuldeep Chandan & Kalpana Bhadra

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