दलित मीडिया वाच – हिंदी न्यूज़ अपडेट 09.01.16

मुझे देख चिढ़ते हैं अधिकारी क्योंकि मैं एक दलित हूं… – पत्रिका

http://www.patrika.com/news/udaipur/hates-to-see-me-because-i-am-a-dalit-officer-1157662/

अलग-अलग स्थानों पर दलितों से की मारपीट – दैनिक भास्कर

http://www.bhaskar.com/news/MP-OTH-MAT-latest-kailaras-news-022004-3379737-NOR.html

दबंगों ने रास्ते में बनाई दीवार, एसडीएम से शिकायत करने पहुंची महिलाएं – दैनिक भास्कर

http://www.bhaskar.com/news/MP-OTH-MAT-latest-sheour-news-023005-3379838-NOR.html

सरकार के कार्यकाल में दलितों के साथ धक्केशाही बढ़ी : हमीरा – दैनिक भास्कर

http://www.bhaskar.com/news/PUN-OTH-MAT-latest-kapurthala-news-023504-3378979-NOR.html

 

पत्रिका

मुझे देख चिढ़ते हैं अधिकारी क्योंकि मैं एक दलित हूं…

http://www.patrika.com/news/udaipur/hates-to-see-me-because-i-am-a-dalit-officer-1157662/

उदयपुर।वरिष्ठ आईएएस अधिकारी उमराव सलोदिया के दलित होने के कारण मुख्य सचिव नहीं बनाने के आरोपों का मामला थमा भी नहीं कि एेसे ही आरोप आरोप उदयपुर जिला प्रमुख शांतिलाल मेघवाल ने जिला कलक्टर पर लगाए हैं। जिला प्रमुख मेघवाल ने कहा, \’किसी कार्यक्रम में मुझे देख अधिकारी चिढ़ जाते हैं, क्योंकि मैं एक दलित हूं। कलक्टर तो मेरी ओर देखते भी नहीं। अधिकारी मेरी बात नहीं मानते।

udaipur

जिला प्रमुख ने शुक्रवार को यहां पत्रकारों से कहा, \’रावलिया ग्राम पंचायत को ओडीएफ (खुले में शौचमुक्त) घोषित की। मैं तो जिले का मुखिया हूं और ये काम भी पंचायतीराज का है। मुझे सूचना ही नहीं और ओडीएफ घोषित आयोजन रख लिया। सरपंच ने मुझे निमंत्रण दिया तो मैं भी गया। मुझे देख कलक्टर रोहित गुप्ता और एक्सईएन अजीत गलूंडिया के मुंह चिढ़ गए।Ó� मेघवाल बोले, \’ये सोचते हैं कि एससी-एसटी वाले क्या समझते हैं। कोई सामान्य वर्ग का होता, तो सम्मान करते।

मैं समझ रहा हूं कि दलित वर्ग के साथ इनका रवैया सही नहीं है। जनप्रतिनिधि तो मैं हूं, सीट से तो नहीं उतार सकते। इसकी शिकायत मुख्यमंत्री और राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग को करूंगा।Ó

यह कहा कलक्टर ने जिला प्रमुख से कोई मुझे तो कोई समस्या नहीं है। जिन कार्मिकों का चयन हुआ, उनके लिए तीन वरिष्ठ अधिकारियों की कमेटी बनी थी। कमेटी ने सभी मानदंडों पर परखने के बाद नियुक्तियां दी थीं। रोहित गुप्ता, जिला कलक्टर, उदयपुर

मेघवाल ने उठाए ये मुद्दे भी

शौचालय का काम ठेके पर कैसे?

मुझे बताया गया शौचालय बनाने का काम ठेके पर नहीं है, जबकि सराड़ा में एनजीओ से काम करवाया गया। एनजीओ ने मुझे भी पेशकश की, मैंने इनकार कर दिया। मैंने अफसरों से सवाल किया, तो उनसे जवाब देते नहीं बना।

बिना शौचालय ओडीएफ घोषित?

रावलिया के बिण्डाड़ी गांव में शौचालय बने नहीं, और ओडीएफ घोषित कर दिया। मैंने आपत्ति जताई तो एसडीओ द्वारा रिपोर्ट के आधार पर ओडीएफ घोषित करना बता दिया। लीडरशिप दबाकर कर काम कर रहे हैं। सरपंच ओडीएफ घोषित करने की स्थिति में नहीं था, उसे चुप करके घोषित कर दिया।

पेडणेकर के समय जिला था एक नंबर

मेरा गांव बंबोरा भी ओडीएफ में ले रखा है, जिसे जुलाई में पूरा करना था। कलक्टर, एक्सईएन कभी वहां गए ही नहीं। केवल गोगुंदा, बडग़ांव को ओडीएफ करने से पूरा जिला नहीं होगा। जब आशुतोष एटी पेडणेकर कलक्टर थे, जिला एक नंबर पर था, अब 33वें नंबर पर है।

आंगनबाड़ी पर कार्रवाई क्यों नहीं?

आंगनबाडिय़ों में शौचालय नहीं बने और यूसी दे दी। उन पर कार्रवाई क्यों नहीं हुई। मैंने आपत्ति की तो कहा गया- ये तो यूं ही चलता है। कार्रवाई नहीं करके अपराध को प्रोत्साहित कर रहे हैं।

पंचायतीराज के काम मुझे क्यों बताते?

कोटड़ा में तेंदूपत्ते वाले श्रमिकों को पट्टे दिए। मुझे इसकी सूचना भी नहीं। पूछा तो कहते हैं कि भेदभाव नहीं करते, आप को यूं ही लगता है। प्रमुख जिले का मुखिया है। पंचायतराज का काम था, मुझे भी कह देते।

– भर्ती पर फिर उठाए सवाल

स्वच्छ भारत मिशन में ब्लॉक कोर्डिनेटर भर्ती से पहले कहा कि \’समिति के चेयरमैन हो, चाहो जिसे इंटरव्यू टीम में लेंगे। बाद में कलक्टर ने अपनी मर्जी से पैनल बना दिया। दो सौ जने इंटरव्यू देने आए। उदयपुर के भी कई योग्य अभ्यर्थी थे, जबकि एक राजसमंद, एक चित्तौडग़ढ़ से ले लिए। प्रक्रिया मुझे बताना उचित नहीं समझा, तो मैं चेयरमैन किस काम का। अनुभवी लोग मुझे शिकायतें कर रहे हैं। गैर अनुभवी की भर्ती किस आधार पर कर दी। मैंने फाइल मांग ली है। खुद जांच करूंगा। गरीब कहां जाएगा?

दैनिक भास्कर

अलग-अलग स्थानों पर दलितों से की मारपीट

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कैलारस/सबलगढ़ | कैलारस व सबलगढ़ कस्बे में गुरुवार की शाम कुछ लोगों ने दो अलग-अलग स्थानों पर दलितों की मारपीट कर दी। पुलिस ने नामजद लोगों के खिलाफ मारपीट एवं एससीएसटी एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया है। जानकारी के मुताबिक सबलगढ़ थाना क्षेत्र स्थित कीरतपुर गांव निवासी राजेंद्र पुत्र गणपत जाटव (54) गुरुवार की देर शाम 7.15 बजे घर के दरवाजे पर बैठा था। तभी मोहल्ले में रहने वाले नरोत्तम, जयचंद्र व संतोषी रावत उसे जातीय सूचक गालियां देने लगे। विरोध करने पर तीनों लोगों ने राजेंद्र की बेरहमी से मारपीट कर दी। इसी तरह कैलारस थाना क्षेत्र स्थित पचेखा गांव में श्रीधर, हाकिम, भागीरथी कुशवाह नामक व्यक्तियों ने गांव के दलित युवक मुंशी पुत्र मुरली खटीक (40) पर लाठियों से हमला बोलकर उसे घायल कर दिया। दोनों ही मामलों में पुलिस ने भारतीय दंड संहिता की धारा 323, 294, 506बी तथा एससीएसटी एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया है।

दैनिक भास्कर

दबंगों ने रास्ते में बनाई दीवार, एसडीएम से शिकायत करने पहुंची महिलाएं

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 आदिवासी महिलाओं ने एसडीएम को पंचनामा सौंपकर की कार्रवाई की मांग

कलेक्टोरेट के ठीक सामने बसे ग्राम ढेंगदा में दबंगों ने आम रास्ते पर बाउंड्रीवाल बना दी है। जिससे गांव की दो हजार आबादी को जिला मुख्यालय आने के लिए एक किलोमीटर का फेरा लगाना पड़ रहा है। खास बात यह है कि तीन दिन से पूरे ग्रामवासी परेशानी उठा रहे हैं । ग्रामीणों ने एक शिकायती पंचनामा तो बना लिया, लेकिन दबंगों के खिलाफ शिकायत करने की हिम्मत शुक्रवार को गांव महिलाओं ने दिखाई। ढेंगदा से कलेक्टोरेट पहुंची आदिवासी महिलाओं ने एसडीएम को पंचनामा सौंपा। एसडीएम ने इस मामले में तहसीलदार को कार्रवाई के निर्देशित किया है।

जिला मुख्यालय से सटे ग्राम ढेंगदा पर भू माफिया की नजरें लगी हुई है। अमराल नदी पर पुल का निर्माण कार्य शुरू होने के बाद इसमें और तेजी आई है। लोगों ने मनमाने तरीके से अमराल नदी किनारे जमीन कब्जाने के बाद अब इस पर स्थायी निर्माण भी कराने लगे हैं। वहीं पट्टे की जमीन पर भी लोग बाउंड्रीवाल बनवा रहे हैं। गांव की आदिवासी महिलाओं ने बताया कि ढेंगदा गांव में करीब चार हजार आबादी निवास करती है। इनमें अधिकांश परिवार आदिवासी और गुर्जर समाज के हैं। कुछ लोगों ने हाल ही में अपने हक की जमीन पर दीवार बनवा दी है। इससे गांव से शहर जाने वाला रास्ता बंद हो गया है। पिछले तीन दिन से रास्ता बंद होने से ग्रामीणों को आवागमन में भारी असुविधा हो रही है। लेकिन दबंगों के डर के चलते कोई भी व्यक्ति खुलकर सामने नहीं आ रहा है। हालांकि ग्रामवासियों ने दंबंगों के खिलाफ संयुक्त पंचनामा भी बनाया है। लेकिन शिकायत करने जाने की बारी आई तो लोग पीछे हट गए। यही वजह है कि शुक्रवार को गांव की महिलाओं ने कलेक्टोरेट पर जाकर एसडीएम आरके दुबे को समस्या से अवगत कराया।

तहसीलदार को दिए आदेश

ढेंगदा गांव में बाउंड्रीवाल का निर्माण कराकर आम रास्ता बाधित कर दिए जाने की शिकायत लेकर कुछ महिलाएं आई थी। मैंने इस मामले में तहसीलदार को मौके पर जाकर कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। आरके दुबे, एसडीएम श्योपुर

साहब एक किमी का फेरा लगाकर आई हैंं

ढेंगदा गांव की आदिवासी महिला धनियादेवी, पुष्पा,कमली आदि महिलाओं ने एसडीएम आरके दुबे से कहा कि साहब रास्ते पर दीवार खड़ी कर दी गई है। एक कोस का चक्कर काटकर यहां तक आई है। बाउंड्रीवाल हटाकर रास्ता खुलवाओ।
ढेंगदा गांव का आम रास्ता बंद कर दिए जाने की शिकायत एसडीएम से करती महिलाएं।

दैनिक भास्कर

सरकार के कार्यकाल में दलितों के साथ धक्केशाही बढ़ी : हमीरा

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कपूरथला| वाल्मीकिमजहबी सिक्ख मोर्चा की एक विशेष बैठक गांव वडाला कलां में प्रदेश अध्यक्ष महिंदर सिंह हमीरा की अध्यक्षता में हुई। बैठक को संबोधित करते हुए हमीरा ने कहा कि शिअद-कााजपा गठबंधन सरकार के कार्यकाल के दौरान गरीब दलितों आम लोगों के साथ धक्केशाही की घटनाओं में भारी बढ़ौतरी हुई है। उन्होंने कहा कि गरीब आम लोगों को सरेआम धमका कर दहशत का माहौल बनाया जा रहा है। जिसे रोकने के लिए तो सरकार गंकाीर है और ही प्रशासन। उन्होंने कहा कि गठबंधन सरकार के तथाकथित नेताओं की शह पर गरीब दलित लोगों की जमीनों पर सरेआम लोग कब्जा कर दलित गरीब लोगों को बेघर कर रहे है। जिनकी कहीं भी सुनवाई नहीं हो रही और इंसाफ की मांग करने वाले लोगों पर झूठा मामला दर्ज कर जेलों में बंद किया जा रहा है।

जनता की रक्षा करने वाले ही खुद कानून की धज्जियां उड़ा रहे है। उन्होंने कहा कि गांव वडाला कला के वाल्मीकि एससी समाज को पंचायत की ओर से एक प्रस्ताव पास कर 10-12 वर्ष पहले जो धर्मशाला की जगह दी गई,जिसकी चार दीवारी एक कमरा भी बनाया हुआ है। गांव के कुछ लोगों द्वारा उसे कथित तौर पर ढहाना चाहते है। जिसे किसी काी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इस अवसर पर शशिपाल, तरलोचन सिंह, परमजीत सिंह, सतनाम सिंह, तरसेम सिंह, राज कुमार, बीबी शिंदो, कुलविंदर कौर, मनजीत कौर, कर्मजीत कौर, हरबंस कौर, तरसेम लाल, जरनैल सिंह, गुरदीप सिंह, हरजिंदर मट्टू, सुरजीत सिंह, जोगिंदर सिंह शामिल थे।

सरकार के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए हमीरा अन्य। -भास्कर

News Monitored by Kuldeep Chandan & Kalpana Bhadra

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