दलित मीडिया वाच – हिंदी न्यूज़ अपडेट 08.01.16

इस लेडी IAS को होना पड़ा था सस्पेंड, अब गाने गाकर बताएंगी पीड़ादैनिक भास्कर

http://www.bhaskar.com/news/MP-BPL-HMU-shashi-karnavat-wrote-songs-5216861-PHO.html

पीलीभीत दलित MMS कांड: पीड़िता को पुलिस ने चंडीगढ़ से कराया मुक्त न्यूज़ 18

http://hindi.news18.com/news/uttar-pradesh/lucknow/pilibhit-gangrape-mms-scandal-victim-released-from-chandigarh-1236350.html

अमृतसर में दलित परिवार पर हमला – अमर उजाला

http://www.amarujala.com/news/city/amritsar/amritsar-crime-news/amritsar-shedule-cast-family-attack-hindi-news/

कागज पर बना दिए आंगबाड़ी केंद्र, बांट दी स्कॉलरशिप, लगा दी डेस्क-बेंच – दैनिक भास्कर

http://www.bhaskar.com/news/BIH-PAT-HMU-scholarships-distributed-desk-bench-anganwadi-center-on-paper-5216960-NOR.html

 

दैनिक भास्कर

इस लेडी IAS को होना पड़ा था सस्पेंड, अब गाने गाकर बताएंगी पीड़ा

http://www.bhaskar.com/news/MP-BPL-HMU-shashi-karnavat-wrote-songs-5216861-PHO.html

भोपाल. कभी आईएएस अधिकारी के रूप में रही डॉ शशि कर्णावत अब सार्वजनिक मंच से अपनी पीड़ा जाहिर करेंगे। वह बुंदेलखंडी गीतों के जरिए अपनी व्यथा सुनाएंगी। लोकगीत गायन में रुचि रखने वाली कर्णावत ने ये गीत स्वयं ही लिखे भी हैं। अब इन्हें सुरों में ढाल कर सरकार के सताए हुए वर्ग की तकलीफ जाहिर करेगीं।

7 बुंदेली गीत किए तैयार

27 महीने से सस्पेंड इस महिला आईएएस अधिकारी ने बताया कि उन्होंने स्वयं सात बुंदेलखंडी गीत तैयार किए हैं। इनमें, महिलाओं, किसानों, दलित आदिवासी अधिकारियों व कर्मचारियों की पीड़ा का जिक्र है।

डॉ कर्णावत ने हाल ही में लिखे कुछ गीतों में पठानकोट में हुए आतंकी हमले का जिक्र भी किया है। इन्हे भी वे सुनाएंगीं। इनमें सेना व एयर फोर्स के वीर जवानों व अधिकारियों की शहादत की गाथा भी शामिल होगी है।

33 साल से प्रशासनिक सेवा में, 2 साल से सस्पैंड

– डॉ कर्णावत मूलत: सागर जिले के देवरी की हैं।

– बीए में हिंदी साहित्य विषय रहा। अर्थशास्त्र में एमए किया।

– 1999 बैच की मप्र कैडर की हैं।

– 1983 से राज्य प्रशासनिक सेवा के तहत मंडला, कटनी, डिंडोरी में डिप्टी कलेक्टर व एडीशनल कलेक्टर रहीं।

– अब तक की 33 साल की सेवा में करीब 13-14 साल मंडला, झाबुआ और शिवपुरी में एडीएम के पद पर पदस्थ रहीं।
– 27 सितंबर 2013 को शासन ने सस्पेंड किया। खेल एवं युवक कल्याण विभाग में डिप्टी सेक्रेटरी के पद पर पदस्थ

हीं।
– लोकगीत, काव्य व साहित्य लेखन में रुचि।

न्यूज़ 18

पीलीभीत दलित MMS कांड: पीड़िता को पुलिस ने चंडीगढ़ से कराया मुक्त

http://hindi.news18.com/news/uttar-pradesh/lucknow/pilibhit-gangrape-mms-scandal-victim-released-from-chandigarh-1236350.html

पीलीभीत में एक दलित विवाहिता के अपहरण के बाद गैंगरेप का विडियो वायरल होने के मामले में गुरुवार को पुलिस को बड़ी कामयाबी हाथ लगी. अपहृत पीड़िता को पुलिस ने चंडीगढ़ से मुक्त करा लिया है और वह दो दिनों में पीलीभीत अपने घर पहुंच जाएगी.

हालांकि अभी पुलिस का मानना है की वह एमएमएस डाली विवाहिता का नहीं है जबकि पीड़िता के बहन छाया के मुताबिक यह विडियो उसकी बहन का ही है.

आपको बता दें की 46 दिनों पहले एक दलित विवाहिता अपने ससुराल बरेली जाने के लिए निकली थी लेकिन उसका अपहरण कर लिया गया. परिवार ने काफी तलश की लेकिन कोई सुराग नहीं मिला जिसके बाद, पीड़ित परिवार पुलिस के पास गया लेकिन पुलिस ने उनकी कोई मदद नहीं की और उसे भगा दिया गया.

सोमवार को पीड़ित विवाहिता के भाई के दोस्त ने उसे एक गैंगरेप का विडियो दिखाया तो पुरे परिवार के होश उड़ गए, वह विडियो दलित विवाहिता का था. जिसके बाद परिवार ने एसपी से मदद की गुहार लगाई. खबर मीडिया में आने के बाद आनन-फानन में दो टीमें गठित कर पीड़िता की तलाश के लिए भेज दिया गया.

आज पुलिस और एसटीएफ की टीम ने आज दलित विवाहिता को चंडीगढ़ से बरामद किया. पुलिस के मुताबिक दो दिनों में उसे इसके परिवार को सौंप दिया जाएगा.

अमर उजाला

अमृतसर में दलित परिवार पर हमला

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भीम टांक, नारली कांड के बाद तीसरा बड़ा हमला अमृतसर के रतन सिंह चौक के रहने वाले एक नाबालिग समेत उसके चाचा पर हुआ है।

उन्हें इलाज के लिए गुरु नानक देव अस्पताल में भर्ती किया गया। नाबालिग की हालत डॉक्टरों द्वारा नाजुक बताई है। मामला पुलिस कमिश्नर जतिंद्र सिंह औलख के सामने पहुंचा तो उन्होंने थाना मजीठा रोड के प्रभारी गगनदीप सिंह को जांच के आदेश जारी कर दिए हैं।

घायल नाबालिग सुमन (14) पुत्री छिंदा, चाचा बलदेव सिंह ने आरोप लगाए कि उनपर बुधवार देर शाम लाली, बलविंदर सिंह, बलकार सिंह, बंटी, नीतू, आरती, ज्योति के साथ मिलकर उनपर बेस बॉल बैट से हमला कर दिया।

बताया कि रतन सिंह चौक के रहने वाले लाली के साथ उनकी पुरानी रंजिश थी। इसके खिलाफ उन्होंने पुलिस को शिकायत दी थी कि वह नशे का कारोबार करता है, जिसे फेजपुरा चौकी ने मादक पदार्थों समेत एक वर्ष पूर्व गिरफ्तार कर उसके खिलाफ मामला दर्ज किया था। आरोपी कुछ माह पूर्व जमानत पर केंद्रीय जेल से बाहर आया था।

दैनिक भास्कर

कागज पर बना दिए आंगबाड़ी केंद्र, बांट दी स्कॉलरशिप, लगा दी डेस्क-बेंच

http://www.bhaskar.com/news/BIH-PAT-HMU-scholarships-distributed-desk-bench-anganwadi-center-on-paper-5216960-NOR.html

पटना. कागज पर काम के ये चंद नमूने हैं। हाजीपुर जिला परिषद में संविदा पर बहाल एक अभियंता ने दो करोड़ से अधिक की रकम पचा ली। पैसे से जिले के विभिन्न प्रखंडों में मार्केटिंग यार्ड और आंगनबाड़ी केंद्र बनाए जाने थे।

आरा में दशरथ मांझी कौशल विकास योजना में गबन का मामला प्रकाश में आया है।

यहां फर्जी संस्थानों ने छात्रवृत्ति व छात्रों को दी जाने वाली 50 लाख की राशि डकार ली। छपरा में तो स्कूली बच्चों की बेंच-डेस्क खरीद के लिए दिए गए 6.24 करोड़ रुपए का हिसाब ही नहीं मिल रहा है।

छपरा : सर्वशिक्षा अिभयान के 6.24 करोड़ रुपए का गबन

बच्चों की बेंच-डेस्क बनाने के लिए दिए गए 6.24 करोड़ रुपए का हिसाब नहीं मिल रहा है। डीपीओ ने इस मामले में सभी बीईओ को कारण बताओ नोटिस जारी कर पूछा है कि रुपए का अभी तक हिसाब नहीं देने पर क्यों नहीं उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाए। डीपीओ सर्वशिक्षा अजीत कुमार सिंह ने बताया कि मार्च 2015 में ही सभी बीईओ को रुपए उपलब्ध करा दिए गए थे। बीईओ को कहा गया था कि वे मिडिल स्कूलों को अविलंब रुपए उपलब्ध कराएं।

एक माह में बेंच-डेस्क तैयार हो जानी चाहिए। इससे संबंधित उपयोगिता प्रमाण पत्र भी सौंपने को कहा गया था। पर आज तक न तो हिसाब दिया गया और न ही कार्य की प्रगति बताई गई। ऐसे में गबन की बाबत कार्रवाई शुरू कर दी गई है। कई स्कूलों ने रुपए डकारने के लिए पुरानी बेंच-डेस्क ही खरीद ली है तो कई ने केवल टूटी-फूटी बेंच को ही दिखाकर राशि का वारा-न्यारा करने की तैयारी की है।

हाजीपुर : इंजीनियर ने अपने चेक से निकाल लिए 1.5 करोड़

जिला परिषद की कई योजनाओं की राशि निकाल ली गई और काम हुआ तक नहीं। छानबीन में सेवानिवृत्ति के बाद संविदा पर बहाल अभियंता शिशिर कुमार की कारस्तानी सामने आई। शिशिर पर आठ स्कीमों की 2 करोड़ से अधिक राशि के गबन का आरोप है।

अभियंता ने इसमें से करीब डेढ़ करोड़ की राशि अपने व्यक्तिगत चेक से निकासी की है। नगर थाने में उनके विरुद्ध दो प्राथमिकी के अलावा राशि वसूली के लिए जिला निलाम पत्र शाखा में भी मामला दायर किया जा चुका है। गबन की राशि से जिले के विभिन्न प्रखंडों में मार्केट यार्ड, आंगनबाड़ी केंद्र बनाए जाने थे। काम आधा-अधूरा तो हुआ ही, बिना सामंजन के एक योजना की राशि दूसरी योजना में खर्च करने की बात भी सामने आई है।

भोजपुर : डकार गए कौशल विकास योजना के 50 लाख

दशरथ मांझी कौशल विकास योजना में 50 लाख रुपए के गबन का मामला सामने आया है। इस योजना के तहत दलित व महादलित छात्रों के विकास के लिए प्रशिक्षण दिया जाता है। लेकिन भोजपुर के प्रखंडों में 20 कौशल विकास प्रशिक्षण केंद्र कागज पर चल रहे थे। इसका खुलासा तब हुआ, जब डीएम डॉ बीरेंद्र प्रसाद यादव ने डीडीसी से जांच कराई।

छात्र-छात्राओं के कौशल विकास का फर्जी आंकड़ा देकर 20 फर्जी संस्थानों के नाम पर छात्रवृत्ति व सहायता राशि के लिए लाखों की निकासी की गई थी। प्रशिक्षण केंद्र धरातल पर हैं ही नहीं और राशि भुगतान की अनुशंसा की जाती रही। इस मामले में कल्याण विभाग के आठ अधिकारी भी जांच के घेरे में हैं। डीएम ने बताया कि पूरी जांच रिपोर्ट मिलने पर कार्रवाई होगी।

News Monitored by Kuldeep Chandan & Kalpana Bhadra

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