दलित मीडिया वाच – हिंदी न्यूज़ अपडेट 31.12.15

 

पुलिस के पहरे में हेलमेट पहनकर शादी करने पहुंचा था दूल्हा – दैनिक भास्कर

http://www.bhaskar.com/news/c-8-1301980-id0505-NOR.html

कालेज छोड़ने के बहाने युवती को बनाया हवस का शिकार – पंजाब केसरी

http://www.punjabkesari.in/national/news/college-young-woman-rape-428468

लोटा नमक का विरोध करना युवक को पड़ा महंगा – पंजाब केसरी

http://himachal.punjabkesari.in/solan/news/paonta-sahib-panchayat-election-youth-beating-428355

दलित के साथ की मारपीट, दी धमकी – दैनिक भास्कर

http://www.bhaskar.com/news/MP-OTH-MAT-latest-datia-news-021505-3313323-NOR.html

दलित की हत्या: पुलिस अकाली नेता को पकड़ने में विफल – बी बी सी हिंदी

http://www.bbc.com/hindi/india/2015/12/151229_abohar_killing_bheem_doda_ac

दैनिक भास्कर

पुलिस के पहरे में हेलमेट पहनकर शादी करने पहुंचा था दूल्हा

http://www.bhaskar.com/news/c-8-1301980-id0505-NOR.html

 इंदौर। रतलाम के नेगरून में 10 मई 2015 को एक दलित दूल्हे की बरात पर पुलिस होने के बावजूद सवर्ण लोगों ने पत्थर बरसाए तो दूल्हे ने बचने के लिए हेलमेट पहन लिया था। पुलिस के पहरे के बीच हेलमेट पहनकर दूल्हा ससुराल पहुंचा और शादी हुई। हमले में दुल्हन के ताऊ सहित चार बराती व नायब तहसीलदार घायल हो गए थे।

यह था मामला

नेगरून में पूरालाल पड़ियार की बेटी आशा (19) की शादी बेरछा के पवन मालवीय से तय हुई थी। 10 मई की रात 8 बजे दूल्हा पवन बरातियों के साथ तोरण मारने दुल्हन के घर जा रहा था। पंचायत चौराहे पर सवर्णों के घरों से पत्थर बरसने लगे। पत्थर लगने से दुल्हन के ताऊ प्रभुलाल निवासी जमुनियाशंकर, बराती बाबूलाल मालवीय निवासी बेरछा, भेरूलाल निवासी खारवाकलां, बद्रीलाल निवासी निपानियालीला और नायब तहसीलदार के.एल. जैन घायल हो गए थे। रात 10 बजे एसडीएम आर.के. नागराज, एसडीओपी आर.आर. बंसल समेत पूरा प्रशासन गांव पहुंचा। फिर कड़ी सुरक्षा के बीच दूल्हे को हेलमेट पहनाकर प्रोसेशन निकाला गया। गांव में जिस रूट से दूल्हा निकला उस रूट के मकानों की छतों पर पुलिसबल तैनात किया गया। पुलिस से लेकर आला अधिकारी बराती बनकर दूल्हे के प्रोसेशन में साथ चले। देर रात शादी हुई और बरात को रवाना किया गया। पुलिस ने पथराव मामले में 15 से ज्यादा लोगों को हिरासत में लिया था।

पंजाब केसरी

कालेज छोड़ने के बहाने युवती को बनाया हवस का शिकार

http://www.punjabkesari.in/national/news/college-young-woman-rape-428468

 झुंझुनू: राजस्थान के झुंझुनूं जिले के मलसीसर थाना क्षेत्र के रामपुरा गांव में एक युवती के साथ उसके पड़ौसी वृद्ध द्वारा दुष्कर्म करने का मामला सामने आया है। इस संबंध मेंं पीड़िता ने शाम मलसीसर थाने में मामला दर्ज कराया कि वह झुंझुनूं की एक निजी कॉलेज में जीएनएम का कोर्स कर रही है। वह रोज सुबह साढ़े आठ बजे गांव से बस द्वारा झुंझुनूं के लिए निकलती है।

गत 26 दिसंबर को सुबह वह बस के इंतजार में खड़ी थी कि उसका पड़ौसी नंदकिशोर शर्मा (60) अपनी बोलेरो गाड़ी लेकर आया और झुंझुनूं छोड़ने की बात कही। नंद किशोर को अपने दादा के रूप मेें देखने वाली यह युवती बिना हिचक के गाड़ी में बैठ गई और जब कॉलेज के सामने से गाड़ी गुजरते हुए आगे निकली तो उसने टोका। लेकिन वृद्ध ने गाड़ी नहीं रोकी और अपना मकान दिखाने के बहाने उसे बगड़ ले गया जहां सूने मकान में उसके साथ दुष्कर्म किया और बाद में वापिस लाकर गांव छोड़ दिया।

परिजनों ने इस मामले में तीन दिनों तक आरोपी एवं परिजनों से बातचीत करने की कोशिश की। लेकिन कोई बातचीत नहीं हो पाई और आरोपी की तरफ से धमकियां मिलने लगी। आज परिवार के लोगों के साथ पीड़िता ने मलसीसर थाने में मामला दर्ज कराया। पीड़िता के दलित होने के कारण मामले की जांच एससी एसटी शाखा के पुलिस उपाधीक्षक वीरेंद्र जाखड़ को सौंपी गई हैं। पीड़िता का मेडिकल कराया गया है। घटना के बाद से आरोपी फरार है।

पंजाब केसरी

लोटा नमक का विरोध करना युवक को पड़ा महंगा

http://himachal.punjabkesari.in/solan/news/paonta-sahib-panchayat-election-youth-beating-428355

पंचायत चुनाव में अपने पक्ष में मतदान करवाने के लिए हो रहे लोटा नमक का विरोध करना एक दलित युवक को महंगा पड़ गया। लोटा नमक डलवा रहे उम्मीदवार ने युवक की पंचायत घर में ही धुनाई कर दी जिसके चलते पुलिस ने उम्मीदवार के खिलाफ  मारपीट व अनुसूचित जाति एवं जनजाति छुआछूत निवारण कानून के तहत मुकद्दमा दर्ज किया है।

उल्लेखनीय है कि गिरिपार क्षेत्र में लोटा नमक प्रथा कायम है। चुनाव के दौरान उम्मीदवार अपने पक्ष में मतदान करने के लिए मतदाताओं से लोटे में नमक डलवाते हैं और इस प्रथा का सबसे ज्यादा प्रभाव दलितों पर रहता है तथा जो दलित इस प्रथा की अनुपालना नहीं करता उसकी धुनाई कर दी जाती है। ऐसा ही एक मामला नाया पंचायत में सामने आया है।

पुलिस के अनुसार नाया पंचायत में देर शाम एक उम्मीदवार अपने पक्ष में वोट डालने के लिए गांव वालों से लोटे में नमक डलवा रहा था कि एक दलित युवक ने ऐसा करने से इंकार कर दिया। आरोप हैं कि उम्मीदवार ने अपने समर्थकों के साथ दलित पर हमला कर दिया जिससे उसे चोटें आई हैं। एसपी सिरमौर सौम्या साम्बाशिवन ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ  मुकद्दमा दर्ज कर लिया गया है जिसमें जांच जारी है।

दैनिक भास्कर

दलित के साथ की मारपीट, दी धमकी

http://www.bhaskar.com/news/MP-OTH-MAT-latest-datia-news-021505-3313323-NOR.html

दतिया | कोतवाली क्षेत्र के रामनगर काॅलोनी में रहने वाले दलित युवक के साथ पड़ोस में रहने वाले आॅटो चालक ने आॅटो की धुलाई करने के विवाद पर मारपीट कर जान से मारने की धमकी दी है। पुलिस ने पीड़ित से आवेदन लेकर जांच में लिया है। जानकारी के अनुसार अनूप (30)पुत्र बाबूलाल प्रजापति ने पुलिस को दिए आवेदन में बताया कि वह न्यायालय का चपरासी है और रामनगर काॅलोनी में रहता है। मंगलवार सुबह उसके घर के सामने रहने वाला मुन्ना यादव आॅटो को नाली के ऊपर खड़ाकर पानी से धो रहा था। जिस कारण उसके मकान पर भी पानी की छींटे जा रहे थे। अनूप ने मुन्ना को रोका तो उसने अनूप के साथ मारपीट की और जान से मारने की धमकी दी।

बी बी सी हिंदी

दलित की हत्या: पुलिस अकाली नेता को पकड़ने में विफल

http://www.bbc.com/hindi/india/2015/12/151229_abohar_killing_bheem_doda_ac

बीस दिन पहले पंजाब के अबोहर में एक 24 वर्षीय दलित युवक के हाथ-पांव काटकर हत्या करने के मामले में सत्ताधारी अकाली दल से जुड़े एक नेता को पकड़ने में पुलिस को अब तक कोई सफलता नहीं मिली है.

अब मारे गए युवक के परिवार ने मामले की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) से कराए जाने की मांग की है.

ये घटना 11 दिसंबर को अबोहर के एक फ़ार्म हाउस में हुई थी जिसके मालिक शिवलाल डोडा की पुलिस को तलाश है.

इस मामले में 21 लोगों को गिरफ़्तार किया है. फ़ाज़िल्का ज़िले के एसएसपी इंद्र मोहन सिंह भट्टी कहते हैं, “छापे मारे जा रहे हैं और उन्हें (डोडा को) जल्द ही गिरफ़्तार कर लिया जाएगा.” एसएसपी भट्टी कहते हैं, “डोडा के फ़ार्महाउस से हथियार बरामद हुए हैं और उनके वाहनों की अभी जांच होनी बाक़ी है.”

डोडा अकाली दल से जुड़े उभरते हुए नेता हैं जो पहले कांग्रेस में भी जुड़े रहे हैं. पुलिस के मुताबिक़ डोडा पर 1980 में कई केस दर्ज हुए थे पर बाद में वह सभी में बरी हो गए थे.

डोडा का शराब का कारोबार है जो दिल्ली, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, राजस्थान और पंजाब में फैला हुआ है.

उधर मारे गए दलित युवक भीम टांक पहले डोडा के लिए काम करते थे और उन पर बलात्कार का आरोप था.

भीम ने कुछ साल पहले डोडा से अलग होकर अपना व्यवसाय शुरू किया था. भीम के परिवार का आरोप है कि उन पर बलात्कार का मामला डोडा के कहने पर लगाया गया था.

उनके अनुसार भीम ने डोडा के साथ काम करने से मना कर दिया था, इसलिए ऐसा किया गया. इस मामले में शहर की राय बँटी हुई है. कुछ लोग डोडा के समर्थन में हैं तो दूसरे भीम के लिए न्याय मांग रहे हैं.

डोडा के भाई अविनाश अरोड़ा ने बीबीसी को बताया, “मेरा भाई (डोडा) कांग्रेस नेता सुनील जाखड़ के लिए राजनीतिक ख़तरा बनता जा रहा था.”

इस बीच, पंजाब के मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल और उनके बेटे सुखबीर सिंह बादल के साथ डोडा की फ़ोटो सार्वजनिक होने के बाद लोगों में सरकार के ख़िलाफ़ ग़ुस्सा बढ़ा है.

मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल के सलाहकार चरनजीत बराड़ ने मृतक के परिवार से मुलाक़ात की थी.

तब वाल्मिकी समुदाय के एक युवा ने आरोप लगाया था कि डोडा कथित रूप से मुख्यमंत्री के आधिकारिक निवास पर छिपा है.

इस पर बराड़ ने कहा था कि वो सात सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल के साथ बादल परिवार के हर ठिकाने की जांच मीडियाकर्मियों के सामने करेंगे.

बादल के सलाहकार बराड़ ने माना कि डोडा ने अकाली पार्टी की मदद की थी, लेकिन साथ ही ज़ोर देकर कहा कि पार्टी का इस हत्या में कोई हाथ नहीं है.

डोडा फ़िलहाल भले ही अकाली दल के साथ माने जा रहे हों लेकिन पिछले 15 साल से वो कांग्रेसी नेता सुनील जाखड़ के लिए प्रचार करते आए हैं.

वहीं कांग्रेस डोडा को अकाली दल से जोड़ने में लगी है. कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी भी मृतक के परिवार से मुलाक़ात करने गए थे.

इस मामले में सीबीआई जांच की मांग करते हुए भीम की मां कौशल्या देवी ने बीबीसी को बताया, “राज्य पुलिस अभी तक हत्या के पीछे छिपा राज़ उजागर नहीं कर सकी है और न डोडा को गिरफ़्तार कर पाई है क्योंकि वह अमीर आदमी है.”

उन्होंने आरोप लगाया, “भीम मुझसे कहता था कि डोडा ने उसे कई बार जान से मारने की धमकी दी थी क्योंकि वो उसके व्यवसाय को छोड़ चुका था.”

डोडा के वकील राजिल बिरला इन सभी आरोपों को ग़लत बताते हैं.

बिरला कहते हैं, “मैंने कोर्ट में जो अग्रिम ज़मानत की याचिका दाख़िल की है उसमें मैंने कोर्ट को बताया है कि डोडा घटना के समय फ़ार्महाउस में नहीं थे. न ही उनकी कॉल डीटेल के रिकॉर्ड दिखाते हैं कि वह अपराध की जगह मौजूद थे.”

उधर, डोडा की गिरफ़्तारी की मांग को लेकर वाल्मीकि समुदाय में गुस्सा है और सफ़ाई कर्मचारी हड़ताल कर रहे हैं.

News Monitored by Kuldeep Chandan & Kalpana Bhadra

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