दलित मीडिया वाच – हिंदी न्यूज़ अपडेट 25.12.15

अबोहर कांड में पीड़ित परिवार ने हाईकोर्ट में क्या खुलासा – पंजाब केसरी

http://punjab.punjabkesari.in/firozepur/news/dalit-bheem-tank-murdered-in-punjab-426648

किशोरी से दुष्कर्म का प्रयास – अमर उजाला

http://www.amarujala.com/news/city/pratapgarh/pratapgarh-crime-news/crime-news-hindi-news-712/

आईएएस ने सीएम को लिखा पत्र, गिरफ्तार किया तो अन्न-जल त्याग दूंगा – नई दुनिया

http://naidunia.jagran.com/madhya-pradesh/bhopal-ias-writes-to-the-cm-movement-will-be-raised-if-i-get-arrested-612701

तीसरे दिन हुआ मां-बेटी का अंतिम संस्कार – अमर उजाला

http://www.amarujala.com/news/city/sultanpur/sultanpur-crime-news/mother-and-daughter-cremated-after-three-days-hindi-news/

ग्रामीणों ने किया सिविल अस्पताल में पुलिस प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन – खबर फ़ास्ट न्यूज़

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यमुना एक्सप्रेस-वे पर हुई लूटपाट का किया खुलासा – देश बंधू

http://www.deshbandhu.co.in/newsdetail/145236/2/171#.VnrJhSfPouw

आज डोडा की गिरफ्तारी नहीं हुई तो एसएसपी दफ्तर का करेंगे घेराव – दैनिक भास्कर

http://www.bhaskar.com/news/PUN-OTH-MAT-latest-abohar-news-041104-3270305-NOR.html

आदिवासी सेंगल अभियान: मातृभाषा से प्रेम का संकल्प लें संताली – प्रभात खबर

http://www.prabhatkhabar.com/news/jamshedpur/story/673768.html

Please Watch:

No One Killed The Dalits – Meena Kandasamy | 7th Anuradha Ghandy Memorial Lecture

https://www.youtube.com/watch?v=_jClj177b7k

देश बंधू

यमुना एक्सप्रेस-वे पर हुई लूटपाट का किया खुलासा

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 रबूपुरा !   रबूपुरा  कोतवाली पुलिस ने मंगलवार यमुना एक्सप्रेस वे पर हुईं लूटपाट की वारदातों के खुलासे करते हुए पुलिस ने तीन युवकों को गिरफ्तार किया। पुलिस ने आरोपियों से लूटपाट का कुछ सामान भी बरामद करने का दावा किया है। उधर आरोपी युवकों के परिजन ने पुलिस के दावे को झूठा बताते हुए निर्दोष युवकों को जेल भेजने का आरोप लगाया है। परिजन ने आला अफसरों से इसकी शिकायत करने की बात कही है।

पिछले दिनों यमुना एक्सप्रेस वे पर रबूपुरा कोतवाली क्षेत्र में लूटपाट की कई वारदात हुईं थी। वारदातों के खुलासे के लिए उच्च अधिकारियों का दबाव बढऩे पर पुलिस ने गांव भाईपुर, नगला हुकमसिंह, नगला भटौना, धनपुरा व कस्बा रबूपुरा से दर्जन भर युवकों को हिरासत में लिया था। युवकों की हिरासत के विरोध में उनके परिजन ने कोतवाली गेट पर धरना प्रदर्शन शुरु कर दिया। पूछताछ के नाम पर पुलिस युवकों को पांच दिनों तक हिरासत में लिए रही। पुलिस के रवैये को देखते हुए सोमवार को सैकड़ों की संख्या में इकट्ठा होकर कोतवाली में जमकर हंगामा काटा। मामला बिगड़ता देेख आठ युवकों को छोड़ दिया। जबकि गांव नगला हुकमसिंह निवासी तीन युवक अनिल, विनोद व विकास से पूछताछ के बाद अगले दिन छोड़ देने का आश्वासन दिया था। उधर, पुलिस ने मंगलवार सुबह आनन फानन में तीनों युवकों से लूट के 21 हजार की नगदी, सोने के कुंडल तथा व दो तमंचा बरामद करने का दावा करते हुए जेल भेज दिया। पुलिस के मुताबिक, लूटपाट की वारदातों को इन्हीं तीन युवकों ने गांव मुरादगढ़ी निवासी अपने एक साथी के साथ मिलकर अंजाम दिया था।

पुलिस के दावे पर उठा सवाल

गांव नगला हुकमसिंह निवासी तीन युवकों को एक्सप्रेस वे के लूटेरे साबित करने के पुलिस के दावे पर सवाल उठने लगे हैं। एक तरफ जहां युवकों के परिजन ने निर्दोंषों को जेल भेजने का आरोप लगाया है, वहीं पुलिस की कार्यशैली पर कुछ सवालिया निशान भी लगे हैं। मसलन जब लूटपाट की वारदातों को इन्हीं युवकों ने अंजाम दिया था तो एक सप्ताह तक हिरासत में रखने के बाद क्यों जेल भेजा।

बाकी आठ युवकों को छह दिनों तक हिरासत में क्यों रखा। हिरासत में लिए गये एक युवक के बारे में पुलिस का दावा था कि पीडि़त महिला ने उसकी पहचान की है। अगर ऐसा था तो लोगों के हंगामे के चलते उसे छोड़ क्यों दिया गया। युवकों की हिरासत के विरोध में हंगामा कर रहे लोग सभी को निर्दोष बताकर उनकी रिहाई की मांग कर रहे थे। पुलिस ने सोमवार को आठ युवकों को छोड़ दिया। जबकि इन तीन युवकों के बारे में आश्वासन दिया था कि पूछताछ के बाद मंगलवार को छोड़ दिया जायेगा। अब सवाल उठता है कि अगर ये तीनों युवक लूटेरे थे तो हंगामा कर रहे उनके परिजनों को उन्हें छोड़ देने का पुलिस ने क्यों आष्वासन दिया था।

परिजनों ने लगाये गम्भीर आरोप

जेल भेजे गये युवकों के परिजन ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाये हैं। उनका कहना है इस संबंध में वह उच्चाधिकारियों से शिकायत कर न्याय की गुहार लगायेंगे। परिजनों के मुताबिक हिरासत में लिए गये अन्य युवक समाज के उच्च वर्ग से संबंधित हैं। उनके पक्ष में लोगों ने हंगामा भी किया। जिसके चलते पुलिस ने उन्हें छोड़ दिया। जबकि जेल भेजे गये तीनों युवक बेहद गरीब व दलित परिवारों से हैं। परिजनों ने बताया कि एक अभी नाबालिग व एक विकलांग है। उधर तीसरा आरोपी दिल्ली में नौकरी करता है। माह पूर्व ही श्शादी हुई थी। जिसके बाद से वह गांव में रह रहा था।

दैनिक भास्कर

आज डोडा की गिरफ्तारी नहीं हुई तो एसएसपी दफ्तर का करेंगे घेराव

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अबोहरकांड के बाकी बचे आरोपियों को काबू करने की मांग को लेकर मंगलवार को शहर के सफाई कर्मियों ने रोष मार्च निकाला। सफाई सेवक यूनियन के प्रधान प्रदीप कुमार, सीनियर मीत प्रधान सुनील कुमार और मीत प्रधान सोम नाथ ने कहा कि अबोहर में दलित नौजवान भीम टांक की टांग बाजू काट कर उसका कत्ल करने पर दलित भाईचारे में रोष है। वह पीड़ित परिवार के साथ हैं। जब तक शिव लाल डोडा की गिरफ्तारी नहीं होती सफाई कर्मचारियों में रोष बढ़ता जाएगा। प्रधान प्रदीप कुमार ने कहा कि अगर शिव लाल डोडा की गिरफ्तारी बुधवार को भी नहीं हुई तो समूह सफाई कर्मी काम बंद कर फाजिल्का के एसएसपी दफ्तर का घेराव करेंगे। रोष मार्च के कारण जीटी रोड पर यातायात प्रभावित हुआ और वाहनों का एक ही रास्ते से आना-जाना पड़ा। इस मौके वाटर सप्लाई और सीवरेज बोर्ड के प्रधान सतीश कुमार, सफाई स्त्री विंग की प्रधान आशा रानी, महासचिव राकेश कुमार, उपप्रधान ओम प्रकाश कागड़ा, अमरनाथ, राजेश कुमार, परमजीत पमा , अश्वनी कुमार, राज कुमार सहित सैकड़ों कार्यकर्ता मौजूद थे।

(संदीप मलूजा) 

शहर में रोष रैली करते हुए सफाई सेवक यूनियन के सदस्य। 

मुक्तसर। अबोहर कांड के विरोध में जिला सफाई सेवक और जल सप्लाई यूनियन पंजाब ब्रांच श्री मुक्तसर साहिब की ओर से संयुक्त रोष रैली निकाली गई। रैली सुबह 11 बजे कार्यालय नगर काउंसिल से शुरू होकर घास मंडी, जलालाबाद रोड और बैंक रोड होते हुए वापस वाल्मीकि चौक पुराने काउंसिल कार्यालय में समाप्त हुई। अध्यक्ष राम मेहर ने आरोपियों को सख्त सजा देने की बात कही। 
रोष मार्र्च निकालने के दौरान मलोट के नैशनल हाईवें पर नारेबाजी करते हुए सफाई कर्मी।

प्रभात खबर

आदिवासी सेंगल अभियान: मातृभाषा से प्रेम का संकल्प लें संताली

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जमशेदपुर: सिदगोड़ा स्थित बिरसा मुंडा टाउन हॉल में आदिवासी सेंगेल अभियान की ओर से मंगलवार को तीन दिवसीय राष्ट्रीय आदिवासी सम्मेलन का शुभारंभ हुआ़  पहला दिन संताली भाषा विजय महोत्सव के रूप में मनाया गया़  वहीं आदिवासी भाषा के विकास पर चिंतन-मंथन किया गया़  मौके पर बतौर अतिथि डॉ गिरिधारी राम गंझू (रांची), पुष्पा टेटे (रांची), डॉ  सिकरादास तिर्की (रांची), डॉ आरपी साहू (रांची), जेड बाखला (गुमला), डोबरो बुडिउलि (चाईबासा) और मुख्य वक्ता झारखंड दिशोम पार्टी व आदिवासी सेंगेल अभियान के राष्ट्रीय अध्यक्ष सालखन मुर्मू थे़ सालखन मुर्मू ने कहा कि संताली भाषा विजय दिवस पर सभी संतालों को अपनी मातृभाषा से प्रेम करने का संकल्प लेना चाहिए़   मातृभाषा को केवल व्यवहारिक ही नहीं बल्कि लिखित रूप से भी आगे बढ़ाने की जरूरत है़. संताली को राज्य में प्रथम भाषा का दर्जा दिलाना है झारखंड प्रदेश की संताली ही एकमात्र भाषा है, जिसे भारतीय संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल किया गया है़ अब इसे अनुच्छेद 345 के तहत हिंदी के साथ झारखंड की प्रथम राजभाषा बनाना है़   ओड़िशा, बंगाल, असम व बिहार में द्वितीय राजभाषा का दर्जा भी दिलाना है़   इसके लिए समाज को एकजुटता दिखानी होगी़   आदिवासियों को सामाजिक, आर्थिक, राजनीतिक रूप से सशक्त करने के लिए एकजुट होना होगा. 

100 लोग सम्मानित

संताली भाषा आंदोलन व संताली भाषा के  विकास में योगदान देने वाले 100 लोगों को सम्मानित किया गया़   आदिवासी  सेंगेल अभियान की ओर से उन्हें प्रशस्ति पत्र व मेडल प्रदान किया गया़   अतिथियों को भी सालखन मुर्मू ने प्रशस्ति पत्र व मेडल  प्रदान किया़ 

जाहेरथान व ग्रामसभा में महिलाओं को जगह मिले

उन्होंने कहा कि आदिवासी स्वशासन में डेमोक्रेटाइजेशन और क्वालिटिटिव इम्प्रुवमेंट की सख्त जरूरत है़   इसके बगैर प्रथा, परंपरा, रूढी आदि के नाम पर ज्यादा कुछ हासिल नहीं हो सकता है. इसलिए मूल्यांकन करना जरूरी है़  

आदिवासी महिला सशक्तीकरण भी जरूरी है़   उन्हें जाहेरथान व ग्रामसभा में शामिल होने देना चाहिए, ताकि पुरुषाें के साथ कंधा मिलाकर समाज की प्रगति में अपना योगदान दे सके़   इस परिपेक्ष्य में सेंगेल अभियान की आेर से यूनिफाइड रूल गाइड बुक फॉर संताल का प्रकाशन किया गया़  इसमें संताल समाज में अमूल चूल परिवर्तन लाने के उपाय सुझाये गये है़   इसे लेकर समाज में बवाल खड़ा हो गया है़  समाज में इसे लेकर सकारात्मक परिचर्चा होनी चाहिए़.

क्या है मांगें

संताली को अनुच्छेद 345 के तहत हिंदी भाषा के साथ झारखंड में प्रथम राजभाषा बनाया जाये

संताली को ओडिशा, बंगाल, असम व बिहार में द्वितीय राजभाषा का दर्जा मिले जनजातीय सभी भाषाओं में प्राथमिक स्तर से विश्वविद्यालय तक पठन-पाठन सुनिश्चित किया जाये भाषा शिक्षकों की नियुुक्ति, सभी नियुक्तियां में स्थानीयता पहचान के आधार पर किया जाये झारखंड के सभी विश्वविद्यालयों में संताली भाषा विभाग की स्थापना व अन्य जनजातीय भाषा का अकादमी बने हो, मुंडारी, कुडुख, खड़िया को आठवीं अनुसूची में शामिल किया जाये सरना धर्म सम्मेलन पर आज मंथन बुधवार को सरना धर्म सम्मेलन व आदिवासी स्वशासन पर मंथन किया जायेगा़ वहीं गुरुवार को पेसा कानून व आदिवासी सशक्तीकरण पर विचार विमर्श किया जायेगा़   इस मंथन में झारखंड, बंगाल, ओड़िशा, असम व बिहार के प्रतिनिधि भाग लेंगे़ !

पंजाब केसरी

अबोहर कांड में पीड़ित परिवार ने हाईकोर्ट में क्या खुलासा

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चंडीगढ़/अबोहर(विवेक/भारद्वाज): अबोहर में 12 दिसम्बर को डोडा फार्म हाऊस में 2 दलित युवकों के हाथ-पैर काटने के मामले में पीड़ित परिवारों ने पंजाब पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। 

परिवार ने हाईकोर्ट को बताया कि घटना के अगले दिन मुख्य आरोपी शिव लाल डोडा पुलिस अधिकारियों के साथ समझौते के लिए दबाव बनाने उनके घर आया था। इसके बावजूद पुलिस ने उसे गिरफ्तार नहीं किया क्योंकि वह सत्तासीन पार्टी का हलका प्रमुख था। हाईकोर्ट ने सभी पक्षों को सुनने के बाद पंजाब पुलिस की 24 घंटे सुरक्षा मुहैया करवाने के आदेश के साथ याचिका का निपटारा करदिया। 

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उधर पंजाब सरकार ने पीड़ित परिवार को ही सवालों के घेरे में लाकर खड़ा कर दिया। गुरजंट सिंह के भाई के बारे में पंजाब सरकार ने कहा कि रणजीत सिंह ने सुरक्षा के लिए लिखित में मना किया था। आर्म्ज लाइसैंस के लिए आवेदन दिया था। 

इसके अलावा भीम टांक के परिवार को उसी दिन सुरक्षा मुहैया करवा दी गई थी जिसे इस याचिका में छुपाया गया है। याची पक्ष ने पंजाब सरकार की इस दलील पर जवाब में कहा कि रणजीत सिंह को पंजाब पुलिस पर भरोसा नहीं है इसलिए उसने ऐसा किया था। 

वहीं भीम के परिवार को दी सुरक्षा को नाकाफी बताते हुए याची पक्ष ने कहा कि सुरक्षा के नाम पर 2 कांस्टेबल उपलब्ध करवाए गए थे जो शाम को वापस चले जाते हैं। केंद्रीय बलों की सुरक्षा या किसी अन्य राज्य की पुलिस से सुरक्षा दी जाए। केंद्र सरकार के काऊंसिल ने कहा कि सी.आर.पी.एफ. में मैन पावर की कमी है, ऐसे में इस मामले में सुरक्षा मुहैया नहीं करवाई जा सकती। 

हाईकोर्ट ने याचिका निपटाते हुए पंजाब सरकार को निर्देश दिए कि परिवारों को चौबीस घंटे सुरक्षा दी जाए। एक पुलिस अधिकारी और 5 जवान तैनात किए जाएं। साथ ही हाईकोर्ट ने याची को छूट दी कि यदि वह सुरक्षा से संतुष्ट नहीं होते हैं तो वह दोबारा हाईकोर्ट में अपनी अपील लेकर आ सकते हैं।

अमर उजाला

किशोरी से दुष्कर्म का प्रयास

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कंधई थाना क्षेत्र के चौपई गांव में किशोरी से दुष्कर्म के प्रयास के आरोपी को ग्रामीणों ने दबोच लिया और धुनाई के बाद पुलिस को सौंप दिया। पुलिस ने आरोपी के विरुद्ध छेड़छाड़ व दलित उत्पीड़न का मामला दर्ज किया है। 
चौपई गांव की एक चौदह वर्षीय कक्षा आठ की छात्रा अपने घर से बुधवार की दोपहर शौच के लिए निकली थी।

समीप के जंगल में पड़ोस का एक युवक उसे पकड़ कर घसीटने लगा। उसके शोरशराबे पर पर भीड़ जमा हो गई। इस दौरान लोगों ने आरोपी को दबोचकर धुनाई करने के बाद पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने आरोपी को दबोच कर परिजनों की तहरीर के आधार पर छेड़छाड़ व दलित उत्पीड़न का मामला दर्ज किया है। एसओ कंधई सुरेश सैनी ने बताया कि सूचना मिलने के बाद पुलिस रिपोर्ट दर्ज कर मामले की जांच कर रही है। इधर पीड़िता के परिजनों ने आरोप लगाया कि पुलिस ने उनके परिवार के एक सदस्य को पूरी रात थाने पर बैठाए रखा। 

नई दुनिया

आईएएस ने सीएम को लिखा पत्र, गिरफ्तार किया तो अन्न-जल त्याग दूंगा

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भोपाल। आईएएस अफसर रमेश एस थेटे ने उज्जैन में सीलिंग की भूमि को लेकर दायर प्रकरणों में मुकदमा चलाने की इजाजत देने के मामले में खुद को फंसाए जाने का आरोप लगाया है। उन्होंने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को बुधवार देर रात लिखे पत्र में कहा कि मैं दलित हूं इसलिए फंसाया गया है। लोकायुक्त संगठन पर उन्होंने सामाजिक आधार पर कार्रवाई करने के आरोप लगाते हुए कहा कि अभियोजन स्वीकृति पर फिर विचार करने की मांग की है।

साथ ही कहा कि मुझे गिरफ्तार कर जबरदस्ती कोर्ट में पेश किया गया तो मैं अन्न्-जल त्याग दूंगा, भले ही मृत्यु क्यों न हो जाए। मुख्यमंत्री को लिख पत्र में थेटे ने आरोप लगाया कि जिन आदेशों के आधार पर प्रकरण बनाया गया है वैसे ही आदेश पूर्व उज्जैन कमिश्नर एसके वशिष्ठ, स्वर्णमाला रावला, जयदीप गोविंद सहित अन्य अधिकारियों ने जारी किए थे। इन अधिकारियों पर कभी कोई प्रकरण नहीं बनाया गया। राजस्व विभाग के अधिकारियों ने लोकायुक्त के दबाव में आकर लगातार शासन को गुमराह किया।

इसके कारण मेरे खिलाफ अभियोजन की स्वीकृति देने का निर्णय कर लिया गया। जबकि, मेरे द्वारा पारित आदेशों के खिलाफ शासन ने हाईकोर्ट में याचिकाएं प्रस्तुत की हैं, जो लंबित हैं। इन याचिकाओं को लेकर कोर्ट ने ये भी नहीं कहा कि आदेश जारी कर मैंने कदाचरण किया। ऐसे में अभियोजन की स्वीकृति जारी ही नहीं की जा सकती है। उन्होंने लोकायुक्त संगठन पर आरोप लगाया कि पूर्व में 8 झूठे प्रकरण बनाए गए थे, जिनमें कोर्ट से बेदाग साबित हुआ। थेटे ने कहा कि अभियोजन स्वीकृति के मामले में पुनर्विचार किया जाए।

इसके बाद भी मुझे गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया जाता है तो मैं अन्न्-जल त्याग दूंगा, भले ही मृत्यु क्यों न हो जाए। इससे कम से कम मेरे परिवार को फैमली पेंशन से तो कोई वंचित नहीं कर सकेगा। थेटे ने पत्र की प्रति कार्यवाही के लिए अनुसूचित जाति-जनजाति संसदीय समिति के सदस्य सांसद रामदास आठवले को भी दी है।

प्रदेश कांग्रेस ने थेटे के खिलाफ अभियोजन की स्वीकृति को अनुसूचित जाति-जनजाति वर्ग का अपमान करार दिया है। मुख्य प्रवक्ता केके मिश्रा ने आरोप लगाया कि सवर्ण वर्ग के कई अधिकारियों के खिलाफ अभियोजन की स्वीकृति लंबे समय से अटकी हुई पर थेटे मामले में तेजी दिखाई गई। वहीं, लोकायुक्त संगठन के महानिदेशक विशेष पुलिस स्थापना ने इस मामले में कोई भी टिप्पणी करने से इंकार कर दिया।

अमर उजाला

तीसरे दिन हुआ मां-बेटी का अंतिम संस्कार

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खानापुर गांव की दलित महिला प्रधान और उसकी बेटी की मौत के मामले में दर्ज गैर इरादतन हत्या को पुलिस ने तीसरे दिन हत्या की धारा में तरमीम कर दिया। इसके साथ ही केस में एससीएसटी की धारा की बढोतरी की गई है। आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर शवों का अंतिम संस्कार नहीं करने की जिद पर अड़ा पीड़ित परिवार जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों के समझाने-बुझाने पर आखिरकार बृहस्पतिवार को इसके लिए तैयार हुआ। गमगीन माहौल में परिवारजनों ने दोपहर बाद मां-बेटी के शव का अंतिम संस्कार कर दिया।

पीपरपुर थाना क्षेत्र के खानापुर (बीकापुर) की प्रधान सीता देवी (42) पत्नी जगदेव बीते सोमवार की शाम करीब पांच बजे बेटी श्यामा देवी (17) के साथ घर लौट रही थीं। गांव के बाहर काली रंग की बोलेरो जीप मां-बेटी को सड़क किनारे रौंदते हुए फरार हो गई थी। जीप के कुचलने से प्रधान की मौके पर मौत हो गई थी, जबकि उनकी बेटी श्यामा देवी की मंगलवार देर रात ट्रॉमा सेंटर लखनऊ में मौत हो गई थी। घटना के बाद पुलिस ने प्रधान के पति जगदेव की तहरीर पर पूर्व प्रधान चंद्र प्रकाश मिश्र, श्रीकांत मिश्र (पिता-पुत्र), राम मिलन कोरी और अविनाश सिंह यादव के खिलाफ गैर इरादतन हत्या और जानलेवा हमले का मुकदमा दर्ज किया था।

श्यामा देवी का शव बुधवार की सुबह गांव लाया गया। तब तक पीड़ित परिवार ने सीता देवी के शव का भी अंतिम संस्कार नहीं किया था। पीड़ित परिवार आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग पर अड़ा था। परिवार के लोगों का कहना था कि गिरफ्तारी होने के बाद ही वे शव का अंतिम संस्कार करेंगे। काफी जद्दोजहद के बीच जनप्रतिनिधियों व अधिकारियों के समझाने-बुझाने के बाद बृहस्पतिवार की सुबह परिवारीजन शवों के अंतिम संस्कार को तैयार हुए।

पहर गमगीन माहौल में मां-बेटी का अंतिम संस्कार कर दिया गया। 

इस दौरान खानापुर गांव छावनी में तब्दील रहा। गांव में भारी संख्या में पुलिस तैनात रही। एसओ पीपरपुर जगदीश यादव ने बताया कि पूर्व में दर्ज गैर इरादतन हत्या के मामले को हत्या की धारा में तरमीम कर दिया गया है। साथ ही केस में एससीएसटी की धारा की बढ़ोतरी की गई है।

खबर फ़ास्ट न्यूज़

ग्रामीणों ने किया सिविल अस्पताल में पुलिस प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन

http://www.khabarfast.com/view_news.php?newsid=723&cat=othernews#.VnzGZSf9V_k

कैथल के गांव भाना के 24 वर्षिय दलित युवक ऋषिपाल ने पुलिस द्वारा दबाव बनाने व प्रताड़ित करने के बाद तंग आकर आत्महत्या कर ली। गौरतलब है कि कैथल के गांव भाना में कई दिन पहले पूंडरी पुलिस द्वारा एक लड़की को भागाने का मामला दर्ज किया गया था। उसमे लड़की के परिजनों ने 24 वर्षीय दलित युवक ऋषिपाल पर भी आरोपी का साथ देने व लड़की भगाने में सहयोग करने का आरोप लगाया था। कल पुलिस द्वारा मृतक ऋषिपाल को पूछताछ के लिए बुलाया था। उसके बाद शाम को उसे छोड़ दिया गया था। देर रात ऋषिपाल ने पुलिस की कारवाई से तंग आकर आत्महत्या कर ली। मृतक के परिजनों ने पूंडरी पुलिस पर पैसे मांगने व मृतक युवक को प्रताड़ित करने का आरोप लगाया है और इस पूरे मामले की मजिस्ट्रेट जाँच व मृतक के परिवार को मुआवजा देने की मांग की है।

दरअसल कुछ  दिन पहले  पूंडरी पुलिस चौकी द्वारा गाँव भाना में एक लडको को भगाने  का मामला दर्ज किया गया था इस मामले में लड़की के परिजनों ने ऋषिपाल का नाम भी लिया था की लड़की भगाने में ऋषिपाल ने भी सहयोग किया है इसी को लेकर हमने कल पूछताछ के लिए बुलाया था उसके बाद शाम को उसे छोड़ दिया गया था। देर रात ऋषिपाल ने आत्महत्या कर ली है इस पूरे मामले की जांच में पुलिस लगी है जो भी कारवाई होगी की जायेगी।

News Monitored by Kuldeep Chandan & Kalpana Bhadra

 

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