दलित मीडिया वाच – हिंदी न्यूज़ अपडेट 18.12.15

 

अबोहर फार्म हॉउस कांड: 7वें आरोपी ने किया आत्मसमर्पण – पंजाब केसरी

http://punjab.punjabkesari.in/firozepur/news/accused-surrender-424427

चश्मदीद को बयान बदलने के लिए मिल रही धमकी, पुलिस से शिकायत – दैनिक भास्कर

http://www.bhaskar.com/news/CHH-OTH-MAT-latest-pithora-news-024004-3233833-NOR.html

झूठा शपथ पत्र देकर धर्म बदलने वालों पर हो कार्रवाई : गणेशराम – दैनिक भास्कर

http://www.bhaskar.com/news/CHH-MAT-latest-jashpur-news-022505-3232489-NOR.html

जहां आदिवासी छात्राएं ही नहीं, वहां बांट दिए मातृ प्रोत्साहन के 3.16 करोड़ – नई दुनिया

http://naidunia.jagran.com/madhya-pradesh/guna-where-aboriginal-students-not-just-the-mothers-encouragement-316-crore-distributed-605723

फर्जी जाति प्रमाण पत्र से नौकरी,कार्रवाई की मांग – नई दुनिया

http://naidunia.jagran.com/chhattisgarh/jashpur-farji-jati-prmad-ptra-se-nokri-605835

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पंजाब केसरी

अबोहर फार्म हॉउस कांड: 7वें आरोपी ने किया आत्मसमर्पण

http://punjab.punjabkesari.in/firozepur/news/accused-surrender-424427

अबोहर : भीम हत्याकांड के 7वें आरोपी सिमरणजीत सिंह पुत्र जसविन्द्र सिंह निवासी वरियाम नगर ने आज न्यायिक दंडाधिकारी जगजीत सिंह की अदालत में आत्मसमर्पण कर दिया।  न्यायिक दंडाधिकारी ने आरोपी को 22 दिसम्बर तक पुलिस  रिमांड पर भेजने के आदेश पारित किए हैं।

उधर हत्याकांड के 2 आरोपियों विवेक उर्फ विक्की व अमरजीत सिंह उर्फ गक्खी को न्यायिक दंडाधिकारी जगजीत सिंह की अदालत में पेश किया गया। सरकारी वकील द्वारा और अधिक पूछताछ के लिए पुलिस रिमांड की मांग की गई। न्यायिक दंडाधिकारी ने पुलिस की प्रार्थना पर आरोपियों को 5 दिन के पुलिस रिमांड पर भेजने के आदेश दिए हैं।

वहीं उपमुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल के ओ.एस.डी. सतिन्द्रजीत सिंह मंटा ने आज भीम टांक के परिजनों सहित दलित समाज के लोगों से मुलाकात कर उन्हें मुख्य आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी करवाने का वायदा किया। उनके साथ यूथ अकाली दल के सर्कल प्रधान हरपाल सिद्धू, पार्षद तलविन्द्र सिंह तुली संधू, पार्षद धर्मवीर मलकट आदि उपस्थित थे। श्री मंटा ने भीम टांक कत्लकांड संघर्ष कमेटी के सदस्यों से भी मुलाकात की जिन्होंने मंटा को एक मांग पत्र भी सौंपा, जिसमें भीम हत्याकांड के आरोपियों शिव लाल डोडा शौली व अमित डोडा और उनके कारिंदों की गिरफ्तारी में हो रही देरी तथा पंजाब पुलिस पर अबोहर प्रशासन के ढिलमुल रवैये के कारण वाल्मीकि समाज में बढ़ते रोष की बात कही गई है।

संघर्ष कमेटी ने मांग की कि हत्याकांड की जांच सी.बी.आई. से करवाई जाए। एफ.आई.आर. में एस.एच.ओ. को भी शामिल किया जाए। पीड़ित परिवारों को 1-1 करोड़ का मुआवजा व सरकारी नौकरी के साथ-साथ जिला पुलिस कप्तान को निलंबित करने की मांग रखी गई है।

दैनिक भास्कर

चश्मदीद को बयान बदलने के लिए मिल रही धमकी, पुलिस से शिकायत

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आदिवासी महिला को निर्वस्त्र कर गांव में घुमाने के मामले में नया खुलासा हुआ है। घटना के चश्मदीद को बयान बदलने के लिए आरोपियों की ओर से धमकी दिए जाने की शिकायत पुलिस में हुई है। वहीं पीड़िता के पति का बसना में न्यायाधीश के सामने बयान दर्ज हुआ है। हालांकि संजीदा मसले को गोपनीय बताते हुए जानकारी की पुष्टि नहीं की जा रही है।

घटना के चश्मदीद डालेश्वर पटेल ने पुलिस को लिखित शिकायत दी है कि पीड़िता के साथ 26 सितंबर को घटना हुई है और आरोपी शामिल हैं। महिला ने बयान में एसपी कार्यालय से मुलाकात के बाद मीडिया के सामने 14 दिसंबर को सारी बात बताई है।

डालेश्वर ने पुलिस को शिकायत दी है कि मुख्य आरोपी ने 15 दिसंबर और 16 दिसंबर को उसके घर के सामने पहुंचकर बयान नहीं बदलने की स्थिति में जान से मारने की धमकी दी है। घटना के कुछ अंश का उसने मोबाइल पर वीडियो बनाया है। इसे भी नष्ट करने के लिए दबाव बनाया जा रहा है।

17 दिसंबर को प्रकाशित खबर

क्षेत्र में तरह-तरह की चर्चा 

घटनाक्रम को लेकर क्षेत्र में तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं। लोग यह कहने से भी नहीं हिचक रहे हैं कि मामले में पुलिस को स्वतंत्र तौर से जांच और कार्रवाई करने में लोग बाधक बन रहे हैं। पुलिस एक जांच पूरी नहीं कर पाती है कि दूसरे मामले में तथ्य सामने रख दिया जाता है। पहले स्थानीय पुलिस को जांच से पृथक करने की मांग की जाती है और बाद में कहा जाता है कि स्थानीय पुलिस कुछ नहीं कर रही है। वहीं पीड़िता का न्यायिक बयान भी अब तक नहीं हुआ है। सूत्रों के अनुसार सोमवार को बयान हो सकेगा। मामले में समाज प्रमुखों के भी दो फाड़ होने की चर्चा है। परिक्षेत्र का हवाला देकर कुछेक समाज प्रमुख मामले से खुद को पीछे कर रहे हैं।

दैनिक भास्कर

झूठा शपथ पत्र देकर धर्म बदलने वालों पर हो कार्रवाई : गणेशराम

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जनजाति सुरक्षा मंच द्वारा शहर में आयोजित आम सभा में जिले के हजारों आदिवासी परिवार के लोग जुटे। बलराम सभा मंच में कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पूर्व अजाक मंत्री गणेश राम भगत ने कहा कि संविधान में जो कमियां है, उसे जनप्रतिनिधियों को संसद से उठा कर उसके समाधान के दिशा में ठोस प्रयास करने की जरूरत है।

उन्होंने कहा कि एक ही व्यक्ति को आदिवासी और उसी व्यक्ति को अल्पसंख्यक माना जा रहा है और वह इसका दोहरा लाभ प्राप्त कर आदिवासियों का हक छीनने में लगे हुए हैं। इसके दिशा में कड़े कानून बनने चाहिए और ऐसे लोगों को दोहरा लाभ मिलना बंद होना चाहिए। श्री भगत ने कहा कि आजादी के बाद से लाखों की संख्या में लाभ प्राप्त करने के लिए एक वर्ग झूठा प्रमाण पत्र देते हुए अपने आप को इसाई बताता है और शपथ पत्र में अपने इष्ट देव महादेव पार्वती को बताता है। ऐसे कैसे हो सकता है। प्रशासन आंख मूंदकर जाति प्रमाण पत्र दे रही है । ऐसे झूठे शपथ पत्र देने वालों के खिलाफ कड़ी सजा का प्रावधान है। यदि प्रशासन इस पर गहन जांच करे तो ऐसे लाखों मामले सामने आ सकते हैं। झूठे शपथ पत्र देकर फर्जी जाति प्रमाण पत्र देने वाले अधिकारियों के खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।इस अवसर पर अखिल भारतीय कल्याण आश्रम के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगदेव राम उरांव,जनजाति सुरक्षा मंच के नयु राम भगत,रामप्रकाश पांडेय ने भी सभा को संबोधित किया। इस अवसर पर प्रसन्नदामोदर सप्रे,गुड्‌डु तिवारी,देवेंद्र गुप्ता,रोशन साय,रवि भगत सहित जनजाति सुरक्षा मंच से जुड़े ग्रामीण व पदाधिकारी उपस्थित थे।

सूचना के अधिकार में निकाला 600 जाति प्रमाण पत्र 

सुरक्षा मंच ने ऐसे लोग जो शपथ पत्र में गलत जानकारी भर कर दोहरा लाभ प्राप्त कर रहे हैं। उनका 600 जाति प्रमाण पत्र सूचना के अधिकार के तहत निकलवा कर सबूत के तौर पर कलेक्टर को सौंप कर उस पर कार्रवाई करने की मांग की।श्री भगत ने बताया कि जिले में ऐसे झूठे शपथ देकर प्रमाण पत्र बनवा कर लेने वालो की लंबी फेहरिस्त है। जनजाति सुरक्षा मंच ऐसे लोगों का प्रकरण सूचना के अधिकार के अंतर्गत निकलवा रही है और सभी पर कार्रवाई की मांग की जाएगी।

निकली रैली, कांवर में भरकर सौंपा ज्ञापन 

गुरुवार की सुबह से ही बलराम सभा मंच में वनवासी समाज के लोगों का जुटने का सिलसिला प्रारंभ हो गया था। इस कार्यक्रम में शामिल होने के लिए 40 से 50 किलोमीटर तक पैदल चलकर लोग इस महारैली में शामिल होने के लिए पंहुचे थे। शाम 4 बजे सभा के बाद पारंपरिक वाद्य यंत्रों के साथ जनजाति समाज की रैली से प्रारंभ हुई। जो बलराम मंच से होते हुए पुरानी टोली,सिटी कोतवाली होते हुए कलेक्टोरेट पंहुचे जहां राष्ट्रपति के नाम कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। रैली में समाज के लोग ज्ञापन की कापी एक कांवर में लेकर आगे-आगे चल रहे थे।

नई दुनिया

जहां आदिवासी छात्राएं ही नहीं, वहां बांट दिए मातृ प्रोत्साहन के 3.16 करोड़

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आदिवासी छात्राओं को सरकारी स्कूल में दाखिले के लिए प्रेरित करने पर उनकी माताओं को मिलने वाली प्रोत्साहन राशि में भी शिक्षा विभाग के घोटालेबाज अफसरों ने 3.16 करोड़ का घपला कर दिया। पूर्व जिला परियोजना समन्वयक (डीपीसी), पांच ब्लॉक स्रोत समन्वयक (बीआरसी) और हेडमास्टरों ने जिले के पांचों ब्लॉक में 150 स्कूलों की दस हजार 500 से अधिक छात्राओं को कागजों में आदिवासी बताकर पैसा डकार लिया। जिन छात्राओं के नाम पर राशि जारी की गई, उस नाम की छात्राएं स्कूल के रिकॉर्ड में हैं ही नहीं।

इतना ही नहीं, इन घोटालेबाजों ने यह पैसा अपने परिजन के एकाउंट में ट्रांसफर करवाया। इधर, जिन स्कूलों में आदिवासी छात्राएं हैं, वे इस योजना का लाभ लेने के लिए शिक्षा विभाग के अधिकारियों के चक्कर काट रही हैं।

यह है मातृ प्रोत्साहन योजना

आदिवासी छात्राओं को पढ़ाई के लिए प्रेरित करने छठवीं, सातवीं और आठवीं में पढ़ने वाली प्रत्येक आदिवासी छात्रा को तीन-तीन हजार रूपए दिए जाते हैं। 

ये जिम्मेदार

घोटाले के लिए सीधे तौर पर डीपीसी और पांच बीआसीसी (गुना, आरोन, बमोरी, राघौगढ़ और चाचौड़ा)। इन्होंने स्कूलों के बगैर मांग पत्र के ही राशि जारी की और शिक्षकों से साठगांठ कर राशि हड़पी।

घोटाले की बानगी गुना जिले के आरोन ब्लॉक के सांकरी मिडिल स्कूल में एक भी सेहरिया आदिवासी छात्रा नहीं है। लेकिन शिक्षा विभाग ने 40 छात्राओं को फर्जी आदिवासी बनाकर 1.20 लाख रूपए (प्रति छात्रा तीन हजार रूपए) की राशि बांटना दिखा दिया।

वर्ष 2013-14 में आरोन ब्लॉक के रामगिर खुर्द प्राइमरी स्कूल में भी एक भी आदिवासी छात्र-छात्रा नहीं थे। लेकिन इस स्कूल के लिए 8 आदिवासी छात्रों को प्रति छात्र तीन हजार के मान से 24 हजार की राशि जारी कर दी गई। लेकिन इन्हें नहीं मिला पैसा गुना ब्लॉक के मिडिल स्कूल गढ़ला गिर्द में 131 आदिवासी छात्राएं हैं, लेकिन एक को भी राशि नहीं दी गई। – मिडिल स्कूल विरोली के 95 और मिडिल स्कूल चतराई के 88 आदिवासी छात्राएं योजना के लाभ से वंचित रह गए।

बीआरसीसी ने कोई गड़बड़ी कर दी तो मैं दोषी क्यों

पूर्व डीपीसी सेहरिया मातृ प्रोत्साहन राशि वितरण में गड़बड़ी पूर्व प्रभारी डीपीसी नरेन्द्र उपाध्याय के कार्यकाल में हुई। वर्तमान में नरेंद्र उपाध्याय राघौगड़ ब्लॉक के डोंगर हायर सेकंडरी स्कूल में प्राचार्य हैं। गड़बड़ी में आरोन बीआरसीसी विजय श्रीवास्तव, गुना बीआरसी रहे विनोद रघुवंशी और राघौगढ़ बीआरसीसी धर्मेंद्र सिंह भदौरिया भी शामिल हैं। पूर्व डीपीसी नरेंद्र उपाध्याय का कहना है कि उन्होंने तो बीआरसीसी की रिपोर्ट पर ही पैसा जारी किया था। उन्होंने कोई गड़बड़ी कर दी तो इसमें उनका क्या दोष।

ऐसे हुई 3.16 करोड़ की गड़बड़ी

वर्ष बच्चे राशि 2010-11 896 26.88 लाख 2011-12 1150 34.50 लाख 2012-13 4176 1.25 करोड़ 2013-14 4338 1.3 करोड़ 

इनका कहना है

कुछ दिन पहले ही मुझे मातृ प्रोत्साहन योजना में गड़बड़ी की शिकायत मिली है। इसकी विधिवत जांच करवाई जाएगी। दस्तावेज की जांच के बाद जांच शुरू करवाएंगे। दोषी अधिकारियों से वसूली कर छात्राओं का पैसा दिलाएंगे।

श्रीमन शुक्ला, कलेक्टर, गुना

नई दुनिया

फर्जी जाति प्रमाण पत्र से नौकरी,कार्रवाई की मांग

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जशपुरनगर (निप्र) । अपात्र लोगों को जाति प्रमाण पत्र जारी कर उन्हें आरक्षण का लाभ देने की विरोध में जनजातीय सुरक्षा मंच के बैनर तले गुरुवार को सभा और रैली का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का नेतृत्व अखिल भारतीय वनवासी कल्याण आश्रम के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगदेव राम और पूर्व अजाक मंत्री गणेश राम भगत ने किया। रैली और सभा में शामिल होने के लिए जिले के दूरदराज के ग्रामीण क्षेत्रों से बड़ी संख्या में ग्रामीण जिला मुख्यालय जशपुर पहुंचे। खराब मौसम और बारिश की परवाह किए बिना ग्रामीणों ने पारंपरिक वेशभूषा धारण कर,वाद्य यंत्रों के थाप पर नाचते हुए रैली में शामिल हुये। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रपति के नाम कलेक्टर को ज्ञापन सौपने के साथ हुई। ज्ञापन में फर्जी तरीके से जाति प्रमाण पत्र हासिल कर सरकारी नौकरी हड़पने के मामले में विशेष जांच कमेटी गठित किए जाने की मांग की गई है।

नगर के साप्तहिक बाजार के समीप स्थित बलराम मंच से सभा को संबोधित करते हुए पूर्व अजाक मंत्री गणेशराम भगत ने कहा कि गलत तरीके से जाति प्रमाण पत्र हजारों की संख्या में लोग सरकारी नौकरी कर रहे हैं। इन लोगों ने आरक्षण का लाभ उठाते हुए जो सरकारी नौकरी हासिल किया उस पर वास्तव में हिंदू उरांव समाज के लोगों का अधिकार है। उन्होनें कहा कि आरक्षण का लाभ उठाने के लिए मिशन संस्थाओं के इशारे पर आदिवासी समाज के सदियों पुरानी परंपराओं के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। सरहुल और करमा जैसे आदिवासियों के पारंपरिक त्योहार चर्च और गिरजाघरों में आयोजित किया जा रहा है। उन्होनें आरोप लगाया कि धर्मातंरण के लिए मिशन संस्थाओं द्वारा कई तरह की साजिशे रची जा रही है। कभी इलाज के नाम पर चंगाई सभा का आयोजन किया जा रहा है तो कभी ंिहंदू उरांव समाज के युवक-युवतियों को प्रेम जाल और विवाह के नाम पर बरगलाया जा रहा है। उन्होंने केंद्र और राज्य सरकार से फर्जी जाति प्रमाण पत्रों के आधार पर आरक्षण का लाभ लेने के मामले की जांच के विशेष कमेटी का गठन करने की मांग की।

अधिकारों की रक्षा जरूरी

सभा को संबोधित करते हुए वनवासी कल्याण आश्रम के अध्यक्ष जगदेव राम ने कहा कि आरक्षण का मामला बेहद संवेदनशील और आदिवासियों के विकास से सीधा जुड़ा हुआ मामला है। उन्होनें कहा कि जनजातीय सुरक्षा मंच के माध्यम से आदिवासियों ने फर्जी जाति प्रमाण पत्र का जो खेल छत्तीसगढ़ के साथ झारखंड और ओडिशा में खेला जा रहा है,उसके खिलाफ अपना आवाज बुलंद किया है। उन्होने कहा कि मूल आदिवासियों के अधिकारों को छीनकर फर्जी आदिवासियों के द्वारा आरक्षण का लाभ उठाया जा रहा है। नतीजन जो आरक्षण के वास्तविक हकदार है वे अब भी गरीबी और पिछड़ेपन के दलदल में फंसे हुए है।

भार में ले जाकर सौंपा दस्तावेज व ज्ञापन

सभा के समापन के बाद ग्रामीण कलेक्टर एचएस गुप्ता को ज्ञापन सौंपने के लिए रैली के रूप में कलेक्टोरेट पहुंचे। रैली साप्ताहिक बाजार में स्थित बलराम मंच से निकलकर गायत्री मंदिर, बालासाहेब देशपांडे बाल उद्यान होते हुए कलेक्टोरेट पहुंचे। यहां उन्होनें राष्ट्रपति के नाम कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन के साथ कलेक्टर को एक भार मे भर कर दस्तावेज भी सौंपा गया। इन दस्तावेजों को जनजातीय समाज के लोगों ने सूचना का अधिकार के तहत प्राप्त किया है। पूर्व मंत्री गणेश राम ने कलेक्टर श्री गुप्ता को बताया कि जनजातिय समाज के युवाओं ने सूचना का अधिकार के तहत हासिल किये गये इन दस्तावेजों का गांव-गांव घूम कर जांच पड़ताल की है। और इस जांच में शासन-प्रशासन को गलत जानकारी देकर जाति प्रमाण पत्र और इस जाति प्रमाण पत्र के बूते सरकारी नौकरी हासिल करने की पुष्टि हुई है। इस प्रक्रिया के बाद ही जनजातीय सुरक्षा मंच ने इस पूरे मामले की जांच और दोषियों के विरूद्व कार्रवाई की मांग को लेकर मुहिम शुरू किया है।

बाहर आकर मिले कलेक्टर

ज्ञापन सौपने के लिए बड़ी संख्या में कलेक्टोरेट पहुंचे जनजातीय समाज के लोगों के आगमन को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने कलेक्टोरेट की सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए थे। ज्ञापन सौंपने के लिए रैली के पहुंचने पर सुरक्षाकर्मियों ने कलेक्टोरेट के प्रवेश द्वार को बंद कर दिया। कलेक्टर एचएस गुप्ता ने सुरक्षाकर्मियों को हटाते हुए प्रवेश द्वार खुलवाकर पूर्व मंत्री से मिलने पहुंचे व ज्ञापन लिया।

News Monitored by Kuldeep Chandan & Kalpana Bhadra

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