दलित मीडिया वाच – हिंदी न्यूज़ अपडेट 27.11.15

सूद नहीं चुकाने पर दलित महिला को किया अर्धनग्न – पत्रिका

http://www.patrika.com/news/states/dalit-woman-beaten-by-man-1137360/

मध्य प्रदेशः पंचायत सचिव ने किया युवती के साथ बलात्कार – आज तक

http://aajtak.intoday.in/story/mp-panchayat-secretary-was-raping-a-young-girl-1-843704.html

ठेकेदार ने दलित श्रमिक की हत्या की – भाषा न्यूज़

http://www.bhasha.ptinews.com/news/1343298_bhasha

थाने का किया घेराव – अमर उजाला

http://www.amarujala.com/news/city/chandauli/gherao-of-police-station-hindi-news/

मजदूर के कातिलों को गिरफ्तार किया जाए – दैनिक भास्कर

http://www.bhaskar.com/news/PUN-OTH-MAT-latest-barnala-news-041044-3099636-NOR.html

नईदुनिया ब्‍लॉग : समाज में भेदभाव मिटाए बगैर संभव नहीं सच्चा विकास – डॉ. देवेंद्र जोशी – नई दुनिया

http://naidunia.jagran.com/editorial/naidunia-blog-true-development-wont-happen-without-eradicating-social-disparity-584464

मध्‍यप्रदेश : मजदूर की बेटियों से मांगे थे 2-2 लाख रुपए – नई दुनिया

http://naidunia.jagran.com/sports/officer-want-two-lakh-rupee-from-daughters-of-labor-584829

शिक्षा ही विकास का द्वार – दैनिक भास्कर

http://www.bhaskar.com/news/RAJ-OTH-MAT-latest-lalsot-news-041626-3088360-NOR.html

हिसार में होने वाले दलित सम्मेलन को लेकर संपर्क – दैनिक भास्कर

http://www.bhaskar.com/news/HAR-HIS-OMC-MAT-latest-hisar-news-021504-3095588-NOR.html

मेले में 10 हजार से अधिक आदिवासी पहुंचे – दैनिक भास्कर

http://www.bhaskar.com/news/MP-OTH-MAT-latest-burhanpur-news-025504-3093226-NOR.html

1 हजार लोगों ने घेरा चौराहा, 5 घंटे तक जमीन की मांग के लिए सड़क पर बैठे – दैनिक भास्कर

http://www.bhaskar.com/news/MP-BPL-HMU-1-thousand-people-surrounded-the-square-sitting-on-the-road-for-5-hours-demand-f-5179268-.html

Please Watch:

31 Dr. Ambedkar excellent speech

presenting Constitution of India

https://www.youtube.com/watch?v=48W1T6Z4EF8

 An Urgent Appeal:

Please register your contribution to PMARC for

Strengthening Democracy, Peace & Social Justice!

Only our collective effort can make it possible to carry forward our interventions.

 It is a challenge before each one of us as equal stakeholder of PMARC.

पत्रिका

सूद नहीं चुकाने पर दलित महिला को किया अर्धनग्न

http://www.patrika.com/news/states/dalit-woman-beaten-by-man-1137360/

 गिरिडीह/सरिया। कर्ज के बोझ तले दबी जिला क्षेत्र की एक दलित महिला को सरेआम अपमानित किया गया। इस अनुसूचित जाति की महिला को साड़ी उतार कर बंधक बनाया गया। घटना गिरिडीह थाना क्षेत्र के बलीडीह की है।

नगर केशवरी की पीड़ित महिला ने बताया कि विगत तीन वर्ष पूर्व बालीडीह की रहनेवाली मेरी भुआ ने गांव के विकास मंडल पिता भैरव मंडल से 56 हजार रुपये कर्ज दिलवाया था। जिसे मैंने चुका दिया तथा इसके सूद की रकम धीरे धीरे चुकाने की बात कही।

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लेकिन उन दबंगों ने बात नहीं मानी तथा मेरी साड़ी खींचकर मुझे अर्धनग्न कर कमरे में बन्द कर बंधक बना लिया। इस दौरान मेरे परिजनों द्वारा सरिया पुलिस को सूचना दी गयी, जिसके बाद सरिया पुलिस वहां पहुंच कर मुझे मुक्त कराया। सरिया थाना प्रभारी केएन सिंह ने महिला के आवेदन पर मामला दर्ज कर जांच प्रारंभ कर दी है।

आज तक

मध्य प्रदेशः पंचायत सचिव ने किया युवती के साथ बलात्कार

http://aajtak.intoday.in/story/mp-panchayat-secretary-was-raping-a-young-girl-1-843704.html

मध्य प्रदेश के टीकमगढ़ जिले में पुलिस ने एक दलित युवती की शिकायत पर एक ग्राम पंचायत सचिव के खिलाफ बलात्कार का मामला दर्ज किया है. आरोपी शादी का झांसा देकर उसकी इज्जत लूटता रहा.

जिले के पृथ्वीपुर पुलिस थाने के इंस्पेक्टर लक्ष्मण प्रसाद यादव ने बताया कि जिला मुख्यालय से 65 किलोमीटर दूर स्थित चौमो खास ग्राम पंचायत का सचिव कोमल सिंह यादव गांव खिस्टौन में रहता है. आरोप है कि उसने अपने गांव की ही एक हरिजन युवती को शादी का झांसा देकर कई दिनों तक उसके साथ बलात्कार किया. 

इसी बीच कोमल ने किसी अन्य युवती से शादी कर ली. इससे नाराज पीड़ित युवती ने थाने में ग्राम पंचायत के सचिव कोमल सिंह के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई. पुलिस ने पंचायत सचिव के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 376, 506, 452 के तहत मामला दर्ज कर लिया है. 

आरोपी राज खुल जाने के बाद से ही फरार है. अब पुलिस आरोपी को गिरफ्तार करने की कोशिश कर रही है. पुलिस ने पीड़ित युवती का मेडिकल भी कराया है.

भाषा न्यूज़

ठेकेदार ने दलित श्रमिक की हत्या की

http://www.bhasha.ptinews.com/news/1343298_bhasha

 मुजफ्फरनगर :उप्र.:, 27 नवंबर :भाषा: यहां के योगेन्द्रनगर इलाके में एक ठेकेदार ने 30 वर्षीय एक दलित श्रमिक की कथित तौर पर छूरा मार कर हत्या कर दी है।

पुलिस ने बताया कि पीड़ित की पहचान रामबीर के रूप में की गयी है जो एक गुड़ बनाने वाली इकाई में काम करता था।

पुलिस ने बताया कि कल शाम जिले के भोपा थाना इलाके के क्षेत्र अन्तर्गत योगेन्द्रनगर की इस इकाई में काम कर रहे एक ठेकेदार ने कथित तौर पर पीड़ित को छूरा मार दिया।

उन्होंने बताया कि इस सिलसिले में अभी तक कोई गिरफ्तारी नहीं हुयी है।

पुलिस ने बतया कि दोनों के बीच वित्तीय लेनदेन को लेकर विवाद था।

अमर उजाला

थाने का किया घेराव

http://www.amarujala.com/news/city/chandauli/gherao-of-police-station-hindi-news/

अलीनगर क्षेत्र अंतर्गत बहबलपुर गांव के दलित बस्ती में चुनाव प्रचार के दौरान हुई मारपीट की सूचना देने के बाद भी पुलिस की कार्रवाई न होने से नाराज होकर ग्रामीणों ने बुधवार की सुबह अलीनगर थाने का घेराव किया।

काफी संख्या में पहुंची महिलाओं ने पुलिस पर मिलीभगत का आरोप लगाया। थानाध्यक्ष ने जांच के बाद कार्रवाई का आश्वासन दिया लेकिन असंतुष्ट ग्रामीण एसपी से शिकायत करने पहुंचे। 

ग्रामीणों का आरोप है कि बहबलपुर गांव में प्रधान पद का प्रत्याशी रात में चुनाव प्रचार कर रहा था। गांव के कुछ लोगों ने रात में चुनाव प्रचार का विरोध किया। इससे नाराज आधा दर्जन प्रत्याशी समर्थकों ने गांव के दुर्गा देवी (60), रामप्रताप (18) और संदीप (40) को लाठी डंडे से पीट कर जख्मी कर दिया। 

मारपीट से गांव में अफरा तफरी मच गई। इस बीच किसी ने सौ नंबर पर डायल कर दिया, लेकिन पुलिस जब तक पहुंचती हमलावर वहां से भाग निकले। पुलिस ने पूछताछ की लेकिन हमलावरों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई।

इससे नाराज होकर दर्जनों ग्रामीण बुधवार की सुबह अलीनगर थाने पर पहुंच गए।

अस्सी से नब्बे की संख्या में ग्रामीणों के पहुंचने से थाना परिसर में अफरा तफरी मच गई।

ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि पुलिस हमलावरों के खिलाफ कार्रवाई नहीं कर रही है। प्रत्याशी खुलेआम रात के समय प्रत्याशियों को धमका रहे हैं और वोट के लिए प्रलोभन दे रहे हैं।

बावजूद इसके पुलिस मूकदर्शक बनी हई। चेतावनी दी कि ऐसे लोगों के खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा। करीब एक घंटे बाद थानाध्यक्ष विनोद यादव ने ग्रामीणों की तहरीर लेकर जांच कर कार्रवाई का आश्वासन दिया। इसके बाद ग्रामीण एसपी से मिलने चले गए। 

 दैनिक भास्कर

मजदूर के कातिलों को गिरफ्तार किया जाए

http://www.bhaskar.com/news/PUN-OTH-MAT-latest-barnala-news-041044-3099636-NOR.html

सीपीआईएमएल लिबरेशन और मजदूर मुक्ति मोर्चा पंजाब की ओर से नैना देवी मंदिर के पार्क में बैठक की गई।

हालांकि इन्होंने एसएसपी कार्यालय के सामने धरना देने जाना था, लेकिन पुलिस ने यूनियन सदस्यों को बरनाला कैंचियां में ही रोक लिया। आला अधिकारियों के साथ बैठक करवाने के विश्वास के बाद यूनियन सदस्यों ने अपना धरना स्थगित कर दिया। नैना देवी मंदिर में पहुंचे डीएसपी दिड़बा मनजीत सिंह बराड़ को ज्ञापन सौंपा गया।

धरनाकारियों ने मांग की कि थाना लहरागागा में मजदूर नेताओं पर दर्ज केस रद्द किया जाए, गांव गोबिंदपुरा पापड़ा की दलित महिला से मारपीट करने वाले सरपंच गांव शेरों के मजदूर के कातिलों को गिरफ्तार किया जाए। लिबरेशन पार्टी के राज्य नेता कामरेड भगवंत सिंह समाओ जिला प्रधान कामरेड गोबिंद सिंह छाजली ने कहा कि दलितों को इंसाफ दिलाने के लिए संघर्ष को तेज किया जाएगा। धरने को रोही सिंह, घुमंड खालसा, प्रेम सिंह कोटड़ा, जगतार सिंह, दुनी सिंह ने संबोधित किया।

इस दौरान डीएसपी मनजीत सिंह बराड़ का कहना है कि मामला उनके क्षेत्र से संबंधित नहीं है। वह इस संबंधी एसएसपी के ध्यान में मामला लाएंगे। किसी के साथ बेइंसाफी नहीं होने दी जाएगी।

संगरूर में बैठक को संबोधित करते रोही सिंह।

 नई दुनिया

नई दुनिया ब्‍लॉग : समाज में भेदभाव मिटाए बगैर संभव नहीं सच्चा विकास – डॉ. देवेंद्र जोशी

http://naidunia.jagran.com/editorial/naidunia-blog-true-development-wont-happen-without-eradicating-social-disparity-584464

दृश्य एक : मध्य प्रदेश के धार जिले का सुलावड़ा गांव जहां देश की आजादी के 68 साल बाद आज भी किसी दलित की बारात या शवयात्रा सवर्णों की गली से होकर नहीं गुजर सकती। उनके लिए गांव का बाहरी कच्चा मार्ग नियत है। नेता, जनप्रतिनिधि, सभी इस सबको जानते हुए भी अनजान बने हुए हैं। थक-हारकर गांव के दलित अब अपना अलग श्मशान बनाने पर विचार कर रहे हैं।

दृश्य दो : इंदौर से सटे देपालपुर कस्बे के गांव दौलताबाद का एक राम मंदिर जहां दलितों के प्रवेश पर रोक है। मजे की बात यह है कि मंदिर में दलितों का चढ़ावा बड़े प्रेम से स्वीकार किया जाता है, बस वे मंदिर के अंदर कदम नहीं रख सकते। भेदभाव की यह कहानी शबरी के झूठे बेर खाने वाले मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम के इस मंदिर तक ही सीमित नहीं है, इसका विस्तार विकास के रास्ते तक भी जाता है। गांव में दलितों के दो मोहल्ले हैं, जहां विकास और प्रगति के नाम पर आज भी अंधकार छाया हुआ है। जबकि सवर्णों की बस्तियां पक्की सड़कों, पक्के शौचालयों और लकझक रोशनी से जगमगा रही हैं।

यह तो सिर्फ दो गांवों की हकीकत है, न जाने देश-प्रदेश में और ऐसे कितने गांव होंगे, जहां दलित आज भी छुआछूत, अपमान का दंश झेलते हुए नारकीय जीवन जीने को विवश हैं। हैरत है कि हमारी सरकारों द्वारा दलित, आदिवासियों के साथ शोषण एवं भेदभाव को समाप्त करने हेतु तमाम कानून बना दिए जाने के बावजूद समाज में इस तरह की स्थितियां व्याप्त हैं।

बेशक हमारे समाज ने प्रगति की है। सामाजिक भेदभाव को लेकर बदलाव भी आया है, लेकिन वह केवल शहरों तक सीमित होकर रह गया है। ग्रामीण, आदिवासी अंचलों में आज भी कई जगहों पर सवर्णों के कुएं से दलित पानी नहीं भर सकते। दलित अपने बच्चों की गाजे-बाजे से बरात नहीं निकाल सकते हैं। आश्चर्य और अफसोस की बात यह है कि यह सब सक्षम जनप्रतिनिधियों और कर्तव्यनिष्ठ होने का दावा करने वाले सरकारी अफसरों के रहते हुए हो रहा है। वे या तो इसे देखकर भी अनदेखा कर देते हैं, या फिर सवर्णों की दबंगई के आगे घुटने टेकते हुए इस पचड़े में पड़ने से किनारा कर लेते हैं।

इस समस्या से निपटने का सबसे कारगर उपाय अगर कोई है तो वह है शिक्षा व जागरूकता का प्रसार। आज आवश्यकता इस बात की है कि हमारे पंच, सरपंच, पटवारी, तहसीलदार, कलेक्टर, विधायक, सांसद आदि मिलकर ग्रामीण और आदिवासी अंचलों में इस तरह के भेदभाव के खिलाफ व्यापक जागरूकता अभियान चलाकर दोनों पक्षों को इस तरह की कुरीति के उन्मूलन के प्रति सचेत करें। जिस तरह से स्वच्छ भारत अभियान के तहत देशव्यापी स्तर पर घर-घर में शौचालय निर्माण की मुहिम चलाई जा रही है, उसी तरह छुआछूत की इस सामाजिक बुराई को भी अभियानपूर्वक मिटाया जाना चाहिए। 21वीं सदी के भारत में ऐसी मध्य-युगीन मानसिकता कहीं भी कतई स्वीकार्य नहीं है। सामाजिक कुरीतियों के समग्र उन्मूलन से ही मानव समाज के सच्चे विकास की राह खुलेगी।

नई दुनिया

मध्‍यप्रदेश : मजदूर की बेटियों से मांगे थे 2-2 लाख रुपए

http://naidunia.jagran.com/sports/officer-want-two-lakh-rupee-from-daughters-of-labor-584829

 प्रेमविजय पाटिल, धार(मध्‍यप्रदेश)। सरदारपुर उत्कृष्ट विद्यालय की दो बालिकाएं ऑस्ट्रेलिया के एडिलेड में आयोजित अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल प्रतियोगिता में भाग नहीं ले सकीं। इस बारे में एक और चौंका देने वाली बात सामने आई है। बताया जा रहा है कि सरदारपुर से गए व्यायाम शिक्षक को दिल्ली में रुकने के दौरान एक व्यक्ति का फोन आया था कि प्रति बच्चे दो लाख स्र्पए एक्स्ट्रा लगेंगे।

यदि स्र्पए दे दिए जाते तो इन बच्चों को प्रतियोगिता में भाग लेने का मौका मिल सकता था। मामले में व्यायाम शिक्षक ने प्राचार्य को पूरी स्थिति से अवगत कराया। मामले में आदिवासी विकास विभाग के अधिकारी को भी अवगत कराया जा रहा है।

गौरतलब है कि आदिवासी विकास विभाग के अधिकारी के आदेशानुसार ज्योति रमेशनाथ व सरिता निनामा को लेकर सरदारपुर के व्यायाम शिक्षक शैलेंद्र पाल दिल्ली पहुंचे थे। श्री पाल ने बताया कि दिल्ली में लगातार यह प्रयास करता रहा कि बच्चे का वीजा तैयार हो जाए और टीम रवाना हो जाए। छत्रपाल स्टेडियम में जब हम लोग पहुंचे। वहां हमारी उपस्थिति लेने के लिए कोई तैयार नहीं था।

हमें आदेश था कि उपस्थिति दी जाए। इसके बाद बच्चों को लेकर एयरपोर्ट पहुंचा। वहां भी मुझे परेशानी हुई। वहां पहुंचने पर एक नंबर से फोन आया कि आपको बच्चों को लेकर एयरपोर्ट नहीं आना है। वीजा नहीं बना है। हमने बताया कि सारे दस्तावेज पहले ही दे दिए थे तब क्या कारण हो गया? इस पर मुझे गौरव सर का नंबर दिया गया। मैंने उनसे बात की।

उन्होंने कहा कि चिंता नहीं करे, 21 नवंबर को दूसरी फ्लाइट ऑस्ट्रेलिया जाएगी जिससे आपको, बच्चों को ऑस्ट्रेलिया भेज देंगे। इसके बाद उन्होंने प्रदेशस्तरीय आदिवासी विकास विभाग के क्रीड़ा अधिकारी रमेश बंजारा को सारी व्यवस्था से अवगत कराया।

 शैलेंद्रजी दो लाख एक्स्ट्रा खर्चा आ रहा है

श्री पाल ने अपने पत्र में बताया कि 20 नवंबर को मेरा मोबाइल फोन पर गौरव सर नामक व्यक्ति से संपर्क हुआ। इसमें उन्होंने कहा कि एक बच्चे के ऊपर दो लाख स्र्पए एक्स्ट्रा खर्च आ रहा है। आप यदि हां करें तो मैं इनकी टिकट बुक करा दूं। इस पर श्री पाल ने संबंधित व्यक्ति को कहा कि मैं इस बारे में कुछ नहीं कह सकता। मेरे विभाग के अधिकारी से आप बात करें। रात साढ़े 12 बजे चुके थे।

21 नवंबर को फिर मैंने गौरव सर से संपर्क किया। उन्होंने कहा कि आप तैयार रहो, मैं प्रयास कर रहा हूं। अगर टिकट हो गया तो तुरंत एयरपोर्ट आना। इस तरह इस पूरे मामले में यह बात सामने आई कि दो लाख स्र्पए एक्स्ट्रा मांगे गए थे और जब वो नहीं मिल पाए तो बच्चों के टिकट को लेकर कोई ध्यान नहीं दिया गया। गरीब आदिवासी अंचल के बच्चे वंचित रह गए। गौरव सर ने बताया कि आपके बच्चों का टिकट नहीं हो पाया।

मैं भी नहीं जानता कि गौरव सर कौन थे लेकिन वे आयोजक फेडरेशन की ओर से वीजा संबंधी काम करवा रहे थे। उन्होंने फोन पर जो बात कही थी मैंने अपने अधिकारियों को तुरंत अवगत कराई है। साथ ही लिखित में इसकी जानकारी प्राचार्य को दे दी है। 

शैलेंद्र पाल, व्यायाम शिक्षक सरदारपुर

व्यायाम शिक्षक द्वारा जो हमें रिपोर्ट दी गई है उसे हमने उच्च अधिकारियों की ओर प्रेषित कर दी है। इस मामले में मैं कुछ नहीं कह सकता। 

एस. अग्निहोत्री, प्राचार्य उत्कृष्ट विद्यालय सरदारपुर

 आयुक्त के माध्यम से पत्र व्यवहार किया गया है 

शिकायत और चौंका देने वाली बात दोनों ही सामने आई है। छात्राओं के साथ अन्याय हुआ है। हमने इस मामले में स्कूल गेम्स फेडरेशन के माध्यम से कार्रवाई के लिए प्रक्रिया शुरू करवाई है। आयुक्त द्वारा इस मामले में कार्रवाई करने के लिए लिखा गया है। जो भी जिम्मेदार है उनको इस मामले में कार्रवाई के दायरे में लाना चाहिए। 

ब्रजेश पांडेय, सहायक आयुक्त आदिवासी विकास विभाग धार

दैनिक भास्कर

शिक्षा ही विकास का द्वार

http://www.bhaskar.com/news/RAJ-OTH-MAT-latest-lalsot-news-041626-3088360-NOR.html

शिवसिंहपुरागांव में राजस्थान आदिवासी मीणा सेवा संघ के तत्वावधान में आयोजित मीणा समाज सुधार सम्मेलन की अध्यक्षता करते हुए पूर्व शासन सचिव आईएएस ब्रजमोहन मीना ने कहा है कि नशा प्रवृति कुरूतियों की जड़ है। उन्होंने शिक्षा विस्तार पर बोलते हुए कहा कि बालिकाओं को शिक्षित करे। शिक्षा ही विकास का द्वार है।

इस अवसर पर उन्होंने कहा कि समाज द्वारा पारित किए गए नियमों का सम्मान करें तथा स्वेच्छा से उन्हे पालन करें तभी समाज सुधार की दिशा को तेजी मिल सकेगी। इस अवसर पर उन्होंने समाज के लोगो को नियमों की पालना का संकल्प दिलाया।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पुर्व प्रधान बोदीराम मीना ने कहा कि आदिवासी कौम का इतिहास वीर तथा सत्यवादी कौम के रूप में रहा है। अंध विश्वास रूढीवादीता को छोउ़ कर समाज के विकास का काम करें। उन्होंने कहा कि विद्या दान ही कन्यादान है। इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि सरपंच सीताराम मीना खिल्चीपुर रहे। सम्मेलन को हिरनारायण बस्स्ी, सरपंच रामलजाल चंदवाड़ा, कन्हैयालाल रूपपुरा, सरपंच हरकेश मटलाना, रामस्वरूप वैद्य, पूर्व सरपंच भजन लाल मीना, अध्यक्ष हीरालाल बगड़ी, रामजीलाल मीना कांकरिया, मोहरपाल, रामसिंह कांकरिया, सहित अनेक लोगों ने विचार प्रकट किए।

नवमनोनीत अध्यक्ष साहू का स्वागत 

लालसोट| भारतीयजनता युवा मोर्चा के नव मनोनीत अध्यक्ष विजेंद्र साहु का कार्यकर्ताओं ने स्वागत किया। इस अवसर पर साहु ने कहा कि वे पार्टी की रीति नीतियों के विस्तार करने का काम करेंगे। उन्होंने कहा कि युवा पार्टी की रीढ़ की हडडी है वे लोग पार्टी की मजबूती के लिए काम करें। 

दैनिक भास्कर

हिसार में होने वाले दलित सम्मेलन को लेकर संपर्क

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बरवाला | दलितशोषण मुक्ति मंच के तत्वावधान में हिसार के कबीर छात्रावास भवन में 29 नंवबर को होने वाले राज्य स्तरीय दलित सम्मेलन की तैयारियों को लेकर मंच के सदस्यों ने क्षेत्र के विभिन्न गांवों में संपर्क अभियान चलाया। गांव भैणी बादशाहपुर, राजली, मीरदाद, बहबलपुर, पंघाल, सरसौद आदि में लोगों को संबोधित करते हुए रोहतास राजली रोहतास बहबलपुर ने कहा कि नव उदारवाद की जनविरोधी नीतियों के कारण कृषि, रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य एवं खाद्य सुरक्षा का संकट गहराता जा रहा है। इसका सबसे अधिक प्रभाव खेत मजदूरों, मजदूरों, किसानों, गरीबों एवं महिलाओं पर पड़ा है।

रोहतास राजली ने कहा कि मौजूदा संकट के चलते भुखमरी, बेकारी, कुषोषण, अनपढ़ता, स्वास्थ्य में गिरावट, बीमारियां, बेघर पशुपालन धंधा चौपट सहित उदाहरण हैं। उन्होंने भाजपा सरकार पर बोलते हुए कहा कि भाजपा और आरएसएस जातिवाद को खत्म करने की बजाए आरक्षण को ही खत्म करने की साजिश रच रही है। रोहतास ने 29 नवंबर को होने वाले सम्मेलन में ग्रामीणों को शिरकत करने की अपील की। 

दैनिक भास्कर

मेले में 10 हजार से अधिक आदिवासी पहुंचे

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निंबोला | धुलकोट क्षेत्र के ग्राम डोजर में बुधवार को भील समाज का पारंपरिक मेला लगा। करीब 10 हजार समाजजन ने पहुंचकर पूर्वजों के श्राद्ध के तहत विभिन्न अनुष्ठान किए। उन्होंने यहां मंदिर में भगवान भोलेनाथ के दर्शन कर प्रसादी पाई। मेले में विभिन्न सामग्री की 150 से अधिक दुकानें लगीं। बच्चों, महिलाओं ने यहां जमकर खरीदी की। मेले को लेकर समाजजन में उत्साह रहा। सुक्ता नदी तट पर लगने वाले पारंपरिक मेले में बुरहानपुर, खंडवा, खरगोन, पंधाना व अन्य स्थानों से हजारों समाजजन पहुंचे। महिलाओं ने शृंगार सहित अन्य जरूरी सामग्री की खरीदी की। बताया जाता है कि यहां स्थित कुंड से पहले बर्तन निकलते थे। इनका उपयोग समाजजन शादी-विवाह के दौरान भोजन पकाने में करते थे। लेकिन समय के साथ यह बंद हो गया। मेले में निंबोला थाना प्रभारी लखनसिंह बघेल और धुलकोट चौकी प्रभारी लियाकत मंसूरी के निर्देशन में करीब 20 से अधिक जवान तैनात रहे। एक दिनी मेले के तहत यहां सुक्ता तट पर खासी चहलपहल रही। 

 दैनिक भास्कर

1 हजार लोगों ने घेरा चौराहा, 5 घंटे तक जमीन की मांग के लिए सड़क पर बैठे

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 भोपाल. राष्ट्रीय दलित महासभा के बैनर तले एक हजार से ज्यादा लोगों ने दस सूत्रीय मांगों को लेकर गुरुवार शाम बोर्ड ऑफिस चौराहे पर धरना दे दिया। सभी संविधान दिवस मनाने के लिए सेकंड स्टॉप स्थित अंबेडकर पार्क पर इकट्ठा हुए थे। अांबेडकर प्रतिमा पर माल्यार्पण करने के बहाने बोर्ड ऑफिस चौराहे पर आए और सड़क पर बैठ गए। इससे यहां से गुजरने वाले वाहन चालक ट्रैफिक जाम से परेशान होते रहे। शाम करीब पांच बजे से सड़क पर बैठे लोगों के सामने पुलिस-प्रशासन लाचार सा बना रहा। करीब पांच घंटे बाद एसपी और एडीएम ने उन्हें समझाइश दी तो वे वापस अांबेडकर पार्क जाने के लिए तैयार हुए।

महासभा के राष्ट्रीय महासचिव संजय भारती का आरोप है कि दलित भूमिहीन आदिवासी बीते 5-6 वर्षों से पांच-पांच एकड़ जमीन की मांग कर रहे हैं। जमीन पर पट्टा दिलाने को लेकर मुख्यमंत्री भी उन्हें भरोसा दिला चुके हैं, फिर भी उनकी मदद नहीं की। संजय ने कहा कि हम अपना अधिकार मांगने के लिए इकट्ठा हुए हैं।

 नहीं हटे, लगता रहा ट्रैफिक जाम

बोर्ड ऑफिस चौराहे पर अंबेडकर प्रतिमा के सामने करीब एक हजार लोग इकट्ठा हो गए। इससे हबीबगंज स्टेशन से बोर्ड ऑफिस चौराहा होकर मैदा मिल की ओर जाने वाली रोड बंद हो गई। नतीजा ये रहा कि धीरे-धीरे ज्योति टॉकीज, गुरुदेव गुप्त चौराहा, लिंक रोड नंबर एक और हबीबगंज स्टेशन के सामने वाली सड़कों पर ट्रैफिक जाम के हालात बन गए। करीब डेढ़ घंटे बाद पुलिस ने ट्रैफिक को दुरुस्त करने के उपाय शुरू किए। इसके बाद उन्हें डायवर्टेड मार्ग से रुक-रुक कर आगे बढ़ाया गया। एडीएम बीएस जामोद ने बताया कि महासभा की ओर से केवल अंबेडकर पार्क पर प्रदर्शन की अनुमति ली गई थी।

वे सभी माल्यार्पण करने के लिए बोर्ड ऑफिस चौराहे पर इकट्ठा हुए और यहीं बैठ गए। इससे पहले उनकी एक सभा अंबेडकर पार्क में हुई थी। रात करीब दस बजे उनकी बात सरकार तक पहुंचाने का भरोसा दिलाया गया। तब कहीं जाकर वे अंबेडकर पार्क लौटने के लिए तैयार हुए।

 हां, मेरी गलती से हुई परेशानी…

बोर्ड ऑफिस चौराहे पर धारा 144 लागू होने के बाद भी अनुमति कैसे दी गई?

पांच लोगों को माल्यार्पण की अनुमति दी थी। 

 क्या इतने लोगों के आने का अंदाजा था?

सेकंड स्टॉप के पास स्थित अम्बेडकर पार्क में धरने की मंजूरी दी थी, इस बात का अंदाजा नहीं था कि इतने लोग जुट जाएंगे।

आपकी गलती के कारण सैकड़ों लोगों को परेशान होना पड़ा?

हां। बोर्ड ऑफिस चौराहे पर सैकड़ों लोगों के जमा होने से ट्रैफिक जाम की स्थिति बनी थी। इसको नियंत्रित करने के लिए ट्रैफिक पुलिस को लगाया गया था।

News Monitored by Kuldeep Chandan & Kalpana Bhadra

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