दलित मीडिया वाच – हिंदी न्यूज़ अपडेट 13.11.15

कानपुर : दबंगों ने जलाया वृद्ध महिला का घर – दैनिक भास्कर

http://www.bhaskar.com/news/HIM-OTH-MAT-latest-rampur-news-020504-3012522-NOR.html

दर्जन भर लोगों ने महिला को पीटा, कार्रवाई की मांग – दैनिक भास्कर

http://www.bhaskar.com/news/PUN-OTH-MAT-latest-mahilpur-news-021505-3012557-NOR.html

अच्छी पहल : तिरुपति देव स्थानम में दलितों को पुरोहिताई का दायित्व – पंजाब केसरी

http://www.punjabkesari.in/article/news/good-initiative-the-pastoral-responsibility-of-the-dalits-in-tirupati-devasthanam-413460

दिल्ली में होगा विराट वाल्मीकि सम्मेलन – दैनिक भास्कर

http://www.bhaskar.com/news/HAR-OTH-MAT-latest-jagadhari-news-022005-3012747-NOR.html

हिंदू धर्म के ग्रंथों की बेअदबी की निंदा – दैनिक भास्कर

http://www.bhaskar.com/news/PUN-OTH-MAT-latest-hoshiarpur-news-021504-3012592-NOR.html

 An Appeal: Please contribution to PMARC for strengthen Democracy, Peace & Social Justice !

दैनिक भास्कर

कानपुर : दबंगों ने जलाया वृद्ध महिला का घर

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कानपुर|उत्तर प्रदेश में कानपुर के बिधनू इलाके में दबंगो ने दिवाली की खुशियों में ग्रहण लगा दिया और वृद्ध महिला के घर को आग के हवाले कर फरार हो गए। पुलिस ने यहां कहा कि बिधनू इलाके के शिवरामपुर गॉव निवासी दलित वृद्धा इन्दावती अपने तीन लड़कों के साथ रहती है। दिवाली की रात उसके घर के सामने गॉव के दबंग युवक धर्मेन्द्र,सतीश,बिल्लू धीरज नशे में धुत होकर गाली गलौज कर रहे थे। जब वृद्धा के बेटे विनोद ने उन्हें रोका तो दबंगों ने उसे पीटना शुरू कर दिया। अपने भाई को पिटता दोनों भाई उसे बचाने आये। दबंगों ने फिर तीनों को पीटा और घर में आग लगा दी।

दैनिक भास्कर

दर्जन भर लोगों ने महिला को पीटा, कार्रवाई की मांग

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गांवडांसीवालमें कुछ लोगों ने दलित परिवार के घर में घुसकर महिला से मारपीट कर उसको जख्मी कर दिया। उसको जातिसूचक शब्द भी बाेले। महिला ने आरोप लगाए कि वह एक हफ्ते से इलाज के लिए सिविल अस्पताल माहिलपुर में भर्ती है परंतु थाना माहिलपुर की पुलिस ने औरत के बयान लेने के बावजूद भी आरोपियों के विरुद्ध कोई कानूनी कार्रवाई नहीं कर रही। महिला ने यह भी आरोप लगाया कि एसएचओ एक सत्ताधारी अकाली नेता के दबाव में आकर पीड़ित औरत और उसके पति को राजीनामे के लिए कह रहा है। दूसरे तरफ बेगमपुरा टाइगर फोर्स के अध्यक्ष मनोहर सिंह ने ऐलान किया है कि अगर पुलिस ने सुबह तक आरोपियों के खिलाफ अगर पुलिस ने सुबह तक कार्रवाई की तो जाम लगाया जाएगा।

सिविल अस्पताल माहिलपुर में भर्ती हरजिंदर कौर प|ी जसवीर सिंह निवासी डांसीवाल ने मनोहर सिंह की हाजिरी में बताया कि गांव के उच्च जाति के कुछ लोग शाम के समय उनके घर में गाली-गलौच करते हुए घुसे और उससे मारपीट की। जातिसूचक शब्द भी बोले। उसने बताया कि उस समय घर में उसकी बुजुर्ग सास दर्शन कौर और उसका 11 साल का बेटा ही मौजूद थे। उसने बताया कि उसका पति रेलवे में मुलाजिम है।

पीड़ित औरत ने बताया कि उनका एक प्लाट है। यह लोग उस प्लाट में से पाइप डालने के लिए दबा बना रहे थे जिसको उसने रोक दिया, इससे वे भड़क गए। वीरवार को दर्जन के करीब लोग उसके लैंटर को तोड़ते हुए घर में घुसे और उससे मारपीट करने लगे। उसने बताया कि एक विधायक और मंत्री पुलिस पर दबा बना रहे हैं कि वो किसी भी तरीके से राजीनामा करवाए जबकि उनकी मांग है के उनके घर में घुसकर उसकी बेइज्जती और मारपीट करने वाले गांव के उच्च बिरादरी वाले युवकों पर कानूनी कार्रवाई की जाए। 

 पंजाब केसरी

अच्छी पहल : तिरुपति देव स्थानम में दलितों को पुरोहिताई का दायित्व

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आंध्र प्रदेश के चित्तूर जिले में तिरुमाला की पहाडिय़ों पर स्थित तिरुपति वेंकटेश्वर मंदिर भारत के सर्वाधिक प्रसिद्ध एवं अमीर तीर्थस्थलों में से एक है जहां प्रतिवर्ष लाखों की संख्या में श्रद्धालु आते हैं। 

सैंकड़ों वर्ष पूर्व बना यह मंदिर दक्षिण भारतीय शिल्प एवं वास्तुकला का अनूठा उदाहरण है। चोल, होएसल और विजयनगर के राजाओं का इस मंदिर के निर्माण में आर्थिक रूप से विशेष योगदान रहा है।

इस मंदिर के विषय में एक जनश्रुति के अनुसार प्रभु वेंकटेश्वर या बाला जी को भगवान विष्णु का अवतार माना जाता है जिन्होंने कुछ समय के लिए स्वामी पुष्करणी नामक तालाब के किनारे निवास किया था।

यह तालाब तिरुमाला के पास स्थित है। तिरुपति के चारों ओर स्थित पहाडिय़ां शेषनाग के सात फनों के आधार पर सप्तगिरि कहलाती हैं। श्री वेंकटेश्वरैया का यह मंदिर सप्तगिरि की सातवीं पहाड़ी पर स्थित है जो वेंकटाद्री के नाम से प्रसिद्ध है। मान्यता है कि यहां आने पर व्यक्ति को जन्म और मृत्यु के बंधन से मुक्ति मिल जाती है।

एक अन्य जनश्रुति के अनुसार 11वीं शताब्दी में संत रामानुज तिरुपति की इस 7वीं पहाड़ी पर पधारे थे। तब प्रभु श्रीनिवास (श्री वेंकटेश्वर का दूसरा नाम) उनके समक्ष प्रकट हुए और उन्हें आशीर्वाद दिया।

ऐसा माना जाता है कि प्रभु का आशीर्वाद प्राप्त करने के बाद वह 120 वर्ष की आयु तक जीवित रहे और स्थान-स्थान पर घूम कर उन्होंने वेंकटेश्वर भगवान का गुणगान करके उनकी ख्याति फैलाई। 

1933 में इस मंदिर का प्रबंधन मद्रास सरकार ने अपने हाथ में लेकर एक स्वतंत्र प्रबंधन समिति तिरुमाला तिरुपति के हाथ में सौंप दिया। आंध्र प्रदेश के राज्य बनने के बाद इस समिति का पुनर्गठन हुआ और एक प्रशासनिक अधिकारी को आंध्र प्रदेश सरकार के प्रतिनिधि के रूप में नियुक्त किया गया। 

यहां आने वाले भक्तों की लम्बी कतारें देख कर इसकी लोकप्रियता का सहज ही अनुमान लगाया जा सकता है तथा यहां दर्शनों के लिए श्रद्धालुओं को घंटों अपनी बारी की प्रतीक्षा करनी पड़ती है।

एक अभूतपूर्व कदम उठाते हुए अब इस मंदिर के प्रबंधकों ने दलितों को इस देव स्थान की रीति-नीति और संस्कारों का प्रशिक्षण देने का निर्णय किया है। इस कार्यक्रम के अंतर्गत 3 महीने की अवधि के लिए दलित और पिछड़े समुदायों से संबंध रखने वालों को मंदिर में प्रशिक्षण दिया जाएगा। शुरूआत में इन्हें चित्तूर और गोदावरी जिलों से चुना जाएगा। 

विश्व के सबसे अमीर इस मंदिर के प्रशासन द्वारा दलितों और पिछड़े वर्गों से संबंधित लोगों को वैदिक संस्कारों के संबंध में सर्टीफिकेट कोर्स आरंभ करने का यह पहला अवसर है। इससे पूर्व तिरुपति तिरुमाला देव स्थानम द्वारा जनजातीय पुजारियों के लिए वेद संस्कारों का प्रशिक्षण देने के अल्प अवधि के कोर्स चलाए जा चुके हैं परंतु अब यह पूर्णकालिक प्रशिक्षण होगा जिसे पूरा करने के बाद संबंधित अभ्यर्थी को श्री वेंकटेश्वर वैदिक  विश्वविद्यालय का प्रमाण पत्र भी दिया जाएगा।  

इससे पूर्व इस देव स्थान द्वारा दलित बस्तियों में हिन्दू धर्म का प्रचार करने के लिए ‘दलित गोविंदम’ नामक योजना भी शुरू की गई थी जिसके अंतर्गत युवकों को देवताओं को प्रसाद अर्पित करने का प्रशिक्षण दिया जाता था।  

इस समय जबकि देश में स्थान-स्थान पर दलितों से भेदभाव और उन पर अत्याचार किए जाने और यहां तक कि जिंदा जलाने और दलित समुदाय की महिलाओं को निर्वस्त्र करके घुमाने तक के घिनौने कृत्य हो रहे हैं, तिरुपति तिरुमाला देव स्थानम के प्रबंधकों द्वारा दलितों, पिछड़े और सर्वहारा वर्ग के लोगों को गले लगाने और पुरोहिताई का प्रशिक्षण देने की परियोजना से समाज में सद्भावना बढ़ाने में अत्यधिक सहायता मिलेगी।

दैनिक भास्कर

दिल्ली में होगा विराट वाल्मीकि सम्मेलन

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जगाधरी वर्कशाप | अखिलभारतीय वाल्मीकि समाज विकास परिषद की मीटिंग रामनगर में ओमप्रकाश परोचा के आवास पर हुई। जिसकी अध्यक्षता प्रदेश उपाध्यक्ष तारा चंद कंडरोली ने की। ताराचंद ने बताया कि 15 नवंबर को नई दिल्ली के भगवान वाल्मीकि मंदिर में परिषद की राष्ट्रीय कार्यकारिणी एवं विराट वाल्मीकि सम्मेलन का आयोजन किया जाना है। जिसमें समाज की अहम मुद्दों पर बातचीत की जाएगी। भारतीय संविधान निर्माता दलितों के मसीहा बाबा साहब डाॅ. भीमराव अंबेडकर ने भारत की अनुसूचित जातियों को सामजिक आर्थिक, शैक्षिक, व्यवसायिक तथा राजनीतिक दयनीय स्थित को सुधारने के लिए आरक्षण का विशेष प्रावधान भारतीय संविधान में रखा। इस समूचे प्रावधान का एक मात्र उद्देश्य सर्वाधिक शोषित, प्रताडि़त समाज का सर्वांगीण विकास था। इसके द्वारा अनुसूचित जाति में दो तीन प्रभावशाली जातियां इसका पूरा पूरा लाभ उठाकर अत्याधिक संपन्न हो गईं। आज कई मामलों में स्वर्ण जातियां भी इसका मुकाबला नहीं कर सकती। मौके पर महासचिव मनमोहन सिंह, भरत सिंह गौरी, राम शरण द्वारका पुरी, प्रदीप जगाधरी सहित सभी कार्यकर्ता मौजूद रहे। 

 दैनिक भास्कर

हिंदू धर्म के ग्रंथों की बेअदबी की निंदा

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होशियारपुर | वकीलांबाजार स्थित रैडक्रॉस मार्केट में धर्म जागरण समन्वय विभाग की नगर कार्यकारिणी की बैठक में गत दिन हिंदू धर्म के पवित्र ग्रंथों की बेअदबी की निंदा की। नगर संयोजक कुलदीप सैनी की अध्यक्षता में हुई बैठक में उन्होंने कहा कि हिंदू ग्रंथ विश्व के उन परम पवित्र ग्रंथों में से एक है, जिनको पढ़ने मात्र से लोग संस्कारी, आज्ञाकारी और जीवन में हर अच्छे और बुरे वक्त में जीवन जीने की प्रेरणा लेते हैं।

उत्तरी मंडल के संयोजक रवि लोचन ने कहा की हिंदू समाज हिंदू धर्म ग्रंथों की बेअदबी किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करेगा। उन्होंने चेतावनी दी कि हिंदू समाज को भड़काने की साजिशों को कामयाब नहीं होने दिया जाएगा। अंत में पूर्वी मंडल के संयोजक सचिन सैनी ने कहा कि आज हिंदू समाज भीतरी और बाहरी हमलों का शिकार हो रहा है। उन्होंने ईसाई मिशनरियों पर बरसते हुए कहा कि ईसाई मिशनरी हिंदू समाज के दलित और शोषित लोगों को अनेक तरह के लालच देकर धर्म परिवर्तन करवा रहे हैं, जिसे रोकने के लिए भारत में कानून सख्त करने की जरूरत है। मौके पर रणजोध सिंह, सचिन शर्मा, शीतल शर्मा, जतिन शर्मा, अरुण कुमार आदि अपस्थित थे।

वकीलां बाजार स्थित रैडक्रॉस मार्केट में हुई बैठक में मौजूद पदाधिखारी।

News Monitored by Kuldeep Chandan & Kalpana Bhadra

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