दलित मीडिया वाच – हिंदी न्यूज़ अपडेट 04.11.15

बरेली में दलित महिला से सामूहिक दुष्कर्म – नई दुनिया

http://naidunia.jagran.com/national-gangrape-from-dalit-woman-in-bareilly-544858

छतरपुर जिले में दलितों को कुएं से पानी भरने पर लगाई पाबंदी – नई दुनिया

http://naidunia.jagran.com/madhya-pradesh/chhatarpur-dalits-in-chhatarpur-ban-on-water-from-wells-544850

दूसरी जाति के लड़के से किया था प्यारइसलिए 36 घंटे रुका रहा अंतिम संस्कार – दैनिक भास्कर

http://www.bhaskar.com/news/c-16-1023045-ra0352-girls-body-denied-cremation-for-36-hours-due-to-affair-with-another-caste-boy-NO.html

किसानो का दर्द हल्का कर साहस दिलाते संतोष गंगेले – आर्याव्रत

http://www.liveaaryaavart.com/2015/11/helping-farmer.html

हे सरकार! हमारा भविष्य दो संवार – राजेश्थान पत्रिका

http://rajasthanpatrika.patrika.com/story/rajasthan/my-government-meke-bright-our-future-1418951.html

Please Watch:

Al Jazeera World – Dalit Muslims of India

https://www.youtube.com/watch?v=y7xTSy4P9QI

 An Appeal: Please contribution to PMARC for strengthen Democracy, Peace & Social Justice !

 नई दुनिया

बरेली में दलित महिला से सामूहिक दुष्कर्म

http://naidunia.jagran.com/national-gangrape-from-dalit-woman-in-bareilly-544858

 बरेली। खेत से घर लौट रही एक विवाहिता को शराब के नशे में धुत चार युवकों ने दबोच लिया। जान से मारने की धमकी देकर सामूहिक दुष्कर्म किया। फतेहगंज पश्चिमी थाने के गांव सोरहा निवासी एक दलित महिला रविवार शाम खेत से घर लौट रही थी।

रास्ते में नशे में धुत चार युवकों ने उसे दबोच लिया और उसके साथ दुष्कर्म किया। महिला ने घर पहुंच पति को घटना की जानकारी दी और एक युवक सलीम को पहचानने की बात कही। सोमवार सुबह पीड़िता ने सलीम को नामजद करते हुए तीन अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई।

पुलिस ने सलीम को गिरफ्तार कर लिया। थानाध्यक्ष ने बताया कि पीड़ित महिला की तहरीर पर सामूहिक दुष्कर्म के साथ ही एससीएसटी एक्ट में मामला दर्ज किया गया है। बाकी आरोपियों की तलाश की जा रही है।

नई दुनिया

छतरपुर जिले में दलितों को कुएं से पानी भरने पर लगाई पाबंदी

http://naidunia.jagran.com/madhya-pradesh/chhatarpur-dalits-in-chhatarpur-ban-on-water-from-wells-544850

 छतरपुर- नौगांव। थाना क्षेत्र के कीरतपुरा गांव में दबंगों ने दलितों को कुएं से पानी भरने से पाबंदी लगा दी है। दबंगों की दहशत से दलित परिवारों में इतनी दहशत है कि दलितों के घरों में न तो खाना बन रहा है न कोई सो सका है। यहां तक कि दलित परिवारों के बच्चों ने डर के मारे स्कूल भी जाना छोड़ दिया है। सोमवार को परेशान दलितों ने साहस जुटाकर नौगांव में एसडीएम को जब ज्ञापन दिया तो प्रशासनिक मशीनरी हरकत में आई और यह मामला सामने आया है।

कुछ समय पहले दबंगों ने गांव की दलित बस्ती में दलितों के घरों में घुसकर महिलाओं के साथ अभद्रता, मारपीट करते हुए लूटपाट की थी, जिसमें दलितों के घर से उर्दा, तिली, गेहूं, चावल, चना के बोरे और बक्सों के ताले तोड़कर सोने चांदी के जेवरात लूटकर ले गए।

साथ ही घरेलू सामान टीबी, पंखा, जनरेटर सहित अन्य कीमती सामान की तोड़फोड़ कर गए थे। इस मामले में पुलिस ने भी लापरवाही पूर्ण रवैया दर्शाया और किसी भी आरोपी को नहीं पकड़ा,जिससे उनके हौसले बुलंद हो गए और दलितों पर उनका आतंक बढ़ गया।

दूसरी ओर दलित आरोपियों को पकड़ने की मांग कर रहे थे, जिससे बौखलाकर दबंगों ने कीरतपुरा में गांव के सार्वजनिक नलों और कुओंं से पानी भरने पर पाबंदी लगा दी। उनका फरमान न मानने वालों को जान से मारने की धमकी भी दी गई थ्ाी। इस फरमान के बाद तो दलितों का गांव में निकलना ही मुश्किल हो गया यहां तक कि दलितों के बच्चों ने भी डर के मारे स्कूल जाना भी छोड़ दिया।

 इनका कहना है

घटना के बाद से आज तक पुलिस डकैती के आरोपियों को गिरफ्तार नहीं कर पाई है, जबकि सभी आरोपी गांव में खुलेआम घूम रहे हैं।

 राजू बिछोलेपीड़ित दलित

कलेक्टर ने पीड़ित परिवारों को 5- 5 हजार रुपए की सहायता राशि एवं खाने को गेहूं उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया है। दलित परिवारों को सुरक्षा दिलाने और आरोपियों को शीघ्र पकड़ने का भरोसा भी दिलाया गया है।

एसएल प्रजापति एसडीएमनौगांव

दैनिक भास्कर

दूसरी जाति के लड़के से किया था प्यारइसलिए 36 घंटे रुका रहा अंतिम संस्कार

http://www.bhaskar.com/news/c-16-1023045-ra0352-girls-body-denied-cremation-for-36-hours-due-to-affair-with-another-caste-boy-NO.html

 रायपुर। प्रदेश के जशपुर जिले में एक आदिवासी परिवार की लड़की के शव का अंतिम संस्कार करने से गांववालों ने सिर्फ इसलिए मना कर दिया क्योंकि उसका गांव के ही एक दूसरी जाति के लड़के से लव-अफेयर था। इस वजह से उसका शव करीब 36 घंटे तक पड़ा रहा।

तपकरा ब्लॉक की रहनेवाली 19 साल की अल्फा तिर्की ने अपने प्रेमी से बहस के बाद गुरुवार की शाम खुदकुशी कर ली। दूसरी जाति के लड़के से अफेयर की वजह से तिर्की परिवार को छह माह पहले ही समाज से बाहर किया जा चुका था, इसलिए अल्फा के अंतिम संस्कार के लिए कोई आने को तैयार न था। समाज ने परिवार को वापस जाति में शामिल करने और अंतिम संस्कार में मदद करने के लिए 13 हजार रुपए जुर्माने की मांग रख दी।

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एलिजाबेथ ने आगे बताया, “काफी कोशिश के बाद भी मैं केवल 8000 रुपए ही जुटा पाई, तब 5000 रुपए माफ कर दिए गए। इन सब में 36 घंटे लग गए और उसके बाद ही बेटी का अंतिम संस्कार हो सका।”

 पुलिस में शिकायत नहीं

इधर तपकरा पुलिस का कहना है कि खुदकुशी की घटना की जांच की जा रही है, लेकिन समाज द्वारा लगाए जुर्माने को लेकर कोई शिकायत नहीं मिली है।

 क्या हुआ था छह माह पहले

मृतका अल्फा तिर्की का प्रेमी भीम ताम्रकार दूसरी जाति का है। छह महीने पहले प्रेम-प्रसंग सामने आने के बाद समाज ने उसके परिवार पर जुर्माना लगा दिया था और नहीं भुगतान करने पर समाज से बाहर कर दिया था। लड़की की मां एलिजाबेथ ने कहा, “समाज की पंचायत ने दूसरी जाति के व्यक्ति से प्रेम-प्रसंग के कारण हम पर 8000 रुपए का जुर्माना लगाया था। मैं अपने पति की बीमारी के कारण वह जुर्माना चुका नहीं सकी थी।

आर्याव्रत

किसानो का दर्द हल्का कर साहस दिलाते संतोष गंगेले

http://www.liveaaryaavart.com/2015/11/helping-farmer.html

छतरपुर –  मध्य प्रदेश स्थापना दिवस पर गणेश शंकर विधार्थी प्रेस क्लब प्रदेश अध्यक्ष संतोष गंगेले ने सुबह से ही ग्रामीण क्षेत्रो में किसानो के बीच जाकर उनके दुःख भरे समय में उनका साहस की सराहना की , प्रदेश सरकार द्वारा दी जाने बाली सूखा रहत राशि के बारे में जानकारी दी।   सूखा से पीड़ित किसानो के साहस व धैर्य की सराहना करते हुए किसानो को कहा की गणेश शंकर विधार्थी प्रेस क्लब प्रदेश के किसानो के लिए मुख्य मंत्री जी को पत्र लिखा है , उनका छतरपुर जिला के दौरा के बाद जिला प्रशासन लगातार राजस्व रिकार्ड के अनुसार मुवावजा देने की तैयारी कर रहा है।   

अनेक किसानो की उत्तम फसल को देखकर किसानो को फूल माला पहना कर उनका प्रोत्साहित करने सम्मान भी किया।  ग्रामीण क्षेत्र की दलित बस्ती में जाकर बच्चो को टाँफिया वितरण कर उन्हें शिक्षा ,स्वास्थ्य ,स्वच्छता के बारे में जानकारी दी। इसके पहिले छतरपुर जिला    बरिष्ठ स्वाधीनता सेनानी श्री प्रताप सिंह [नन्हे राजा ] के बंगला जाकर उनके स्वास्थ्य लाभ की कामना की गई। गणेश शंकर विधार्थी प्रेस क्लब प्रदेश अध्यक्ष संतोष गंगेले ने अपना समय देकर किसानो के बीच खुशियां बाँटी। 

राजेश्थान पत्रिका

हे सरकार! हमारा भविष्य दो संवार

http://rajasthanpatrika.patrika.com/story/rajasthan/my-government-meke-bright-our-future-1418951.html

 उदयपुर. सरकारी स्कूलों के बच्चे ढेरों परेशानियां झेल रहे हैं। सबसे बड़ी समस्या शिक्षकों की कमी की है। राजस्थान पत्रिका ने मंच दिया तो हर ओर से शिक्षकों की ही मांग उठी। मीडिया एक्शन ग्रुप के नींव : शिक्षा का सवाल अभियान के तहत रविवार को जिले के पांच ब्लॉक के 50 विद्यालयों के सैकड़ों विद्यार्थी आगे आए। अभिभावकों और स्वयंसेवी संगठनों ने भी पैरवी की। माध्यमिक में शिक्षकों के खाली पड़े साढ़े छह हजार पद भरने की आवाज बुलंद हुई। पानी-बिजली, पोषाहार की समस्याएं भी उठीं। बच्चों ने प्रार्थना बैनर पर मन की बात लिखी। फिर रैली के रूप में एसडीओ, ब्लॉक शिक्षा अधिकारी दफ्तर पहुंचे और शिक्षा मंत्री के नाम ज्ञापन दिए। उधर, राजसमंद के 5 ब्लॉक में प्रार्थना सभाएं हुईं। छुट्टी होने के बाद बच्चे यूनिफॉर्म में आए और हक मांगा। सभी विद्यार्थियों ने पहले सरस्वती वंदना की, उसके बाद उन्होंने प्रार्थना बैनर पर एक के बाद एक विद्यालय संबंधित समस्याएं लिखी। अभियान की सभाएं गिर्वा, झाड़ोल, कोटड़ा, भींडर, सलूम्बर व गोगुंदा में हुई। आदिवासी बहुल सलूंबर, झाड़ोल व गोगुंदा में बच्चों ने शिक्षा के लिए अपनी आवाज बुलंद की और गोगुन्दा  में बच्चों ने प्रधान के जरिए मंत्री तक अपनी बात पहुंचाई। गिर्वा ब्लाक में समय पर शिक्षक के न आने का मामला बच्चों ने उठाया और भींडर में 11 स्कूलों के बच्चों ने बिना डरे ही अपनी परेशानियां गिनाईं। जहां शिक्षकों की सबसे ज्यादा कमी है। इसमें विशेषकर बालिका विद्यालयों को शामिल किया गया। आस्था संस्थान ने भी सहयोग दिया।

बच्चों ने अधिकारियों के जरिए सरकार तक मन की बात पहुंचाई। ज्ञापनों में विद्यालय में लम्बे अरसे से चली आ रही शिक्षक व सामान्य व्यवस्थाओं को लेकर सरकार से मांगें पूरी करनी की गुहार भी लगाई। जो बच्चे कभी अपनी पीड़ा को कहीं जाहिर नहीं कर पा रहे थे उन्होंने रविवार के दिन खुलकर सरकार से मांग की। उन्होंने लिखा कि गरीब तबके के छात्र-छात्राओं के साथ इतना अहित क्यूं किया जा रहा है। आर्थिक दृष्टि से हमारा भविष्य कमजोर है तो शिक्षा के दृष्टि से भी क्यूं किया जा रहा है। जब बच्चों को अपनी बात रखने का मंच मिला तो उन्होंने खुलकर सबकुछ बयां किया। किसी ने तंज कसे, तो कहीं से शिकवे-शिकायतों के ढेर लगे। एक बात सबमें सामान्य थी, वे प्रश्न जो पूरे सिस्टम पर अंगुली उठा रहे थे। गिर्वा क्षेत्र के मासूम बच्चों ने जब बैनर पर लिखना शुरू किया तो बड़ा सवाल सबके जेहन में आया-क्या इतने बिगड़े हैं हालात!

News Monitored by Kuldeep Chandan & Kalpana Bhadra

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