दलित मीडिया वाच – हिंदी न्यूज़ अपडेट 29.10.15

एमपी में नहीं थम रहा दलित अत्याचार, पढ़ने गई छात्रा नौकरानी बनने को मजबूर न्यूज़ 18

http://hindi.news18.com/news/madhya-pradesh/dalit-girl-kicked-out-of-hostel-by-warden-942789.html

बंधक बना दलित महिला से होता रहा दुराचार – प्रेस नोट

http://www.pressnote.in/haryana-News_292437.html

बदले की आग ने लिया जातिवादी रंग, 12 साल में चार बार झुलसा हरियाणा – दैनिक भास्कर

http://www.bhaskar.com/news/c-85-1147864-pa0363-NOR.html

हत्या मामले में जांच अधिकारी को सस्पेंड कर क्राइम ब्रांच को सौंपें जांच : कैप्टन – दैनिक भास्कर

http://www.bhaskar.com/news/HAR-FAR-OMC-MAT-latest-faridabad-news-034511-2931363-NOR.html

दलित बस्ती की छह झोपड़ियां जलकर राख – अमर उजाला

http://www.amarujala.com/news/city/ghazipur/dalit-colony-six-huts-burned-hindi-news/

अंबेडकर स्टेडियम के सामने कूड़ा फैलाते नौ सफाईकर्मी गिरफ्तार – दैनिक भास्कर

http://www.bhaskar.com/news/UT-DEL-HMU-NEW-ambedkar-stadium-in-front-of-the-garbage-bin-cleaning-personnel-arrested-nine-5154451.html

दो सौ को डॉ. आंबेडकर प्रतिभा सम्मान दिया – दैनिक भास्कर

http://www.bhaskar.com/news/HAR-HIS-OMC-MAT-latest-hisar-news-023003-2929469-NOR.html

गांवों में खुद गश्त करेंगे डीएसपी – दैनिक ट्रिब्यून

http://dainiktribuneonline.com

Please Watch:

Has Haryana CM completely failed in protecting Dalits?

https://www.youtube.com/watch?v=iDzwHS0uM3Q

न्यूज़ 18

एमपी में नहीं थम रहा दलित अत्याचार, पढ़ने गई छात्रा नौकरानी बनने को मजबूर

http://hindi.news18.com/news/madhya-pradesh/dalit-girl-kicked-out-of-hostel-by-warden-942789.html

अपनी बेटी को हॉस्टल में काम करता देख वार्डन का विरोध करना एक दलित पिता को मंहगा साबित हो रहा है. पिता के विरोध से नाराज वार्डन ने छात्रा को हॉस्टल से बाहर निकाल दिया है. जिससे अब छात्रा दर-दर भटकने को मजबूर है.

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जिले के सरकारी छात्रावास कमला नेहरू कन्या छात्रावास आश्रम से एक दलित छात्रा को वॉर्डन ने बाहर का रास्ता दिखा दिया है. शिकायत करने के बाद भी अभी तक वार्डन पर कोई कार्रवाई नहीं की गई है.

जानकारी के अनुसार, अंकिता फुलकर नाम की छात्रा जिले के इस छात्रावास में ही रहकर पढ़ाई कर रही थी. लेकिन यहां कि वार्डन उससे हॉस्टल के काम भी करवाती थी.

इसी तरह एक दिन वार्डन ने अंकिता को दूध लेने के लिए बाहर भेज दिया. अंकिता के वापस आने के दौरान उसके पिता हॉस्टल पहुंच गए और अपनी बेटी को काम करते देख उन्हें गुस्सा आ गया.

इस पर उन्होंने वार्डन को बच्ची से काम करवाने पर कड़ी फटकार लगाई. इस फटकार से वार्डन इतनी नाराज हुई कि उसने अंकिता को हॉस्टल से बाहर निकाल दिया.

वार्डन की इस हरकत के बाद अंकिता के पिता ने कई अधिकारियों से इसकी शिकायत की लेकिन कोई हल नहीं निकला. जिसके बाद उन्होंने कलेक्टर के सामने भी फरियाद लगाई, पर वहां से भी उन्हें खाली हाथ ही लौटना पड़ा.

अब हालत ये है कि अंकिता के पिता उसे हॉस्टल नहीं भेज पा रहे हैं. वहीं इस बारे में वार्डन का कहना है कि उन पर लगाए गए सभी आरोप गलत हैं और अंकिता अपनी मर्जी से हॉस्टल से गई है.

प्रेस नोट

बंधक बना दलित महिला से होता रहा दुराचार

http://www.pressnote.in/haryana-News_292437.html

समालखा | एक दलित महिला को बंधक बनाकर तीन माह तक यौन शोषण करने का मामला सामने आया है। गत रात आरोपियों के चुंगल से भागने के बाद महिला ने घटना की शिकायत पुलिस को दी है। पुलिस ने मामले में शामिल तीन महिला सहित आठ लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। महिला का मेडिकल भी करवाया गया है। घटना आट्टा की है। दिल्ली के जयपुर गोल्डन अस्पताल के पास इंद्र कैंप की रहने वाली सुमन (बदला नाम) ने पुलिस को बताया कि उसकी परिचित मंगोलपुरी, दिल्ली की आरती व मीना कई माह पहले पानीपत लेकर आई थीं। दोनों ने साजिश के तहत उसे लाकर निजी अस्पताल में काम करने वाले पानीपत निवासी सुषमा व राज के पास छोड़ दिया। कुछ दिन पास रखने के बाद दोनों ने उसे शामली (उत्तर प्रदेश) के राहुल के साथ भेज दिया। वह दो माह तक उसके घर रही। वह उसके साथ मारपीट करता रहा। विरोध करने पर राहुल उसे डेढ़ लाख रुपये देकर लाने की बात कहता था।

दैनिक भास्कर

बदले की आग ने लिया जातिवादी रंग, 12 साल में चार बार झुलसा हरियाणा

http://www.bhaskar.com/news/c-85-1147864-pa0363-NOR.html

 पानीपत। पिछले कुछ दिनों से राष्ट्रीय पटल पर छाया सुनपेड़ कांड नया नहीं है। इससे पहले भी कई बार हरियाणा जातिवाद की आग में झुलस चुका है। कभी दुलीना, कभी गोहाना तो कभी मिर्चपुर और अब सुनपेड़ प्रकरण, ये सभी उस हरियाणा को कलंक लगाने के लिए काफी हैं, जिसे कल केंद्रीय मंत्री कृष्णपाल गुर्जर ने शांतिप्रिय प्रदेश बताया था। बीते 12 बरसों से हरि के इस प्रदेश को जैसे नजर सी लग गई है।

 गौहत्या के शक में ली पांच इंसानों की जान, संसद में गूंजा मसला

बता दें कि सबसे पहले वर्ष 2003 में झज्जर जिले के गांव दुलीना में दशहरे के दिन पांच लोगों को गायों की खाल उतारते देखा गया तो एक समूह ने गोलियां बरसाकर मार डाला था। इसके बाद यह प्रकरण संसद में भी गूंजा। खूब राजनीति हुई। मामला गौवंश की हत्या से हटकर राजनीतिक और राजनीति की वजह से जातिय बना दिया गया था। इस मामले में इसी साल जनवरी माह में उम्रकैद की सजा काट रहे पांच लोगों को जमानत मिली थी।

 दो साल बाद लिया भाई की मौत का बदला

इसके लगभग डेढ़ साल बाद 26 अगस्त 2005 को गोहाना में बलजीत सिवाच नामक व्यक्ति की उसी के ऑफिस में घुसकर वाल्मीकि समुदाय के कुछ लोगों ने नृशंस हत्या कर दी। कसूर सिर्फ इतना था कि अपने ऑफिस से सटे फोटो स्टूडियो में वाल्मीकि समुदाय का राकेश उर्फ लारा की फोटो पर कंप्लीमेंट दे दी थी, वह भी उसके मांगे जाने पर। आरोपी जेल में चला गया और जब ठीक दो साल बाद इस वारदात का मुख्य आरोपी जेल से बाहर आया तो बलजीत के भाई ने कुछ अन्य लोगों के साथ मिलकर राकेश उर्फ लारा को सुबह-सुबह करीब 6 बजे उसके चौक पर गोली मार दी। फिर यह मामला भी जीतिय रंग ले गया और जब तक सोनिया गांधी और वाल्मीकि समुदाय के प्रमुख दर्शन रतन रावण मौके पर नहीं पहुंचे लारा की लाश का अंतिम संस्कार नहीं किया गया। इससे पहले बलजीत की मौत से गुस्साए जाट समुदाय के लोगों पर वाल्मीकि बस्ती में आग लगाए जाने के आरोप लगे और इस मामले में विभिन्न गांवों के 11 लोगों को 16 जनवरी 2012 को बरी कर दिया गया। यह अलग बात है कि क्रॉस मर्डर केस में दोनों पक्षों के एक-एक दोषी को उम्रकैद की सजा हुई, लेकिन करीब पांच साल इस मसले में खूब राजनीति की रोटियां सेकी गई।

 एक कुतिया के भौंकने पर हुआ था विवाद

तीसरी बड़ी घटना रही हिसार के गांव मिर्चपुर की, जो महज एक कुतिया के भौंकने से उपजी। इसका अंजाम यह हुआ कि जाटों ने घेरकर दलित बस्ती में आग लगा दी। इसमें 12वीं में पढ़ने वाली विकलाग बेटी सुमन को बचाते हुए उसका 70 साल का पिता ताराचंद दोनों जिंदा जलकर मर गए। 18 मकान भी इस वारदात में राख के ढेर में बदल गए थे। इसके बाद जाटों ने आरोपियों को छुड़वाने के लिए लगातार 12 दिन रेल और सड़क मार्ग दोनों रोक डाले। बाद में इस मामले में 98 आरोपी तिहाड़ जेल में हैं, जिनकी रिहाई और केस हिसार में शिफ्ट किए जाने की मांग के लिए अभी भी संघर्ष जारी है। दूसरी तरफ दलित समुदाय के 150 परिवार गांव छोड़कर चले गए थे। अब रही कसर सुनपेड़ में नकलती दिखाई दे रही है।

 यह है ताजा प्रकरण

उल्लेखनीय बात यह भी है कि हाल ही में सुर्खियों में चल रहे फरीदाबाद जिले के गांव सुनपेड़ में एक दलित परिवार को जिंदा जला दिया गया था, जिसमें दो बच्चों की मौत हो गई थी। अब इस मामले में जहां देश के कई बड़े नेताओं ने राजनीति की रोटियां सेकने की कोशिश की, वहीं प्रदेश सरकार इस मामले की सीबीआई जांच का आदेश दे चुकी है। फिलहाल ब्रीफिंग चल रही है। गजब की बात है कि इस प्रकरण के राष्ट्रीय पटल पर उठने के बाद पूर्व सेना प्रमुख जनरल और हाल ही में भाजपा के मंत्री वीके सिंह भी एक बयान देकर विवादों में घिरे हैं। उन्होंने कहा था कि अगर कुत्ता भौंकेगा तो भला इसमें सरकार क्या कर सकती है।

दैनिक भास्कर

हत्या मामले में जांच अधिकारी को सस्पेंड कर क्राइम ब्रांच को सौंपें जांच : कैप्टन

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 जिलालोक संपर्क एवं कष्ट निवारण समिति के अध्यक्ष कैप्टन अभिमन्यु ने बुधवार को समस्याएं सुनते हुए अपहरण के एक मामले में पुलिस को खरी-खरी सुनाई।

मामले में आठ माह बाद लाई डिटेक्शन टेस्ट होने पर कहा कि आरोपियों से पुलिस की मिलीभगत लग रही है। उन्होंने तुरंत जांच अधिकारी को सस्पेंड करने जांच क्राइम ब्रांच को सौंपने के आदेश दिए। कैप्टन ने कहा कि लंबित जांच के लिए कौन जिम्मेदार है, इसके लिए डीजीपी यशपाल सिंघल मधुबन लेटर भेजे जाएं। बता दें कि जगाधरी की रूपनगर कॉलोनी निवासी विद्या देवी ने पति की अपहरण के बाद हत्या करने की शिकायत पुलिस को दी है, लेकिन पुलिस 8 माह बाद लाई डिटेक्शन टेस्ट नहीं करा पाई।

तहसीलों को आॅनलाइन करने से रुकेगा भ्रष्टाचार

इधर,चंडीगढ़ में कैप्टन ने कहा कि तहसीलों में भ्रष्टाचार पर रोक लगाने के लिए रजिस्ट्री, जमाबंदी इंतकाल समेत सभी रिकार्ड ऑनलाइन कर दिए हैं। मेहनत की कमाई से जमा होने वाले सरकारी खजाने के एक-एक पैसे का सदुपयोग किया जाएगा। सरकार ने राजनीति के चरित्र में बदलाव लाने के साथ ही प्रशासन की जवाबदेही तय की है। अब प्रदेश में भ्रष्टाचार गुंडागर्दी में कमी आई है। उन्होंने कहा कि रायपुररानी क्षेत्र को भी इस उद्योग नीति के तहत पिछड़ा घोषित किया गया है, ताकि यहां अधिक उद्योग लगें तथा यहां के युवाओं को रोजगार के अधिक अवसर मिलें।

अब एक जिले का नहीं, पूरे प्रदेश का हो रहा विकास

वित्तमंत्री कैप्टन अभिमन्यु ने पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा पर निशाना साधते हुए कहा कि भाजपा राज में एक परिवार या फिर जिले का नहीं, बल्कि पूरे प्रदेश का विकास हो रहा है। कहा कि अब हुड्‌डा के पास बचा ही क्या जो सरकार को जीरो नंबर देते फिर रहे हैं।

फरीदाबाद के दलित कांड पर कैप्टन ने कहा कि राज्य सरकार ने बिना देरी किए मामले की सीबीआई जांच के आदेश दिए हैं। अभिमन्यु बुधवार को लघु सचिवालय में मीडिया से बातचीत कर रहे थे। कैप्टन अभिमन्यु ने कहा कि भूपेंद्र सिंह हुड्डा का समय खत्म हो चुका है। उनके पास तो अब किसी को देने के लिए नंबर तक नहीं बचे। उनका आरोप है कि हुड्डा राज में एक परिवार एक जिले का ही विकास हुआ है।

जगाधरी में कष्ट निवारण समिति की बैठक में शिकायतें सुनते कैप्टन अभिमन्यु।

अमर उजाला

दलित बस्ती की छह झोपड़ियां जलकर राख

http://www.amarujala.com/news/city/ghazipur/dalit-colony-six-huts-burned-hindi-news/

रेवतीपुर गांव की दलित बस्ती बुधवार की सुबह चूल्हे की चिनगारी से भड़की आग से चार लोगों की छह रिहायशी झोपड़ियां जलकर राख हो गईं। झोपड़ियों में रखे गृहस्थी के सामान, नकद, कपड़े आदि जलकर नष्ट हो गए।

रेवतीपुर क्षेत्र की दलित बस्ती निवासी रामजी राम, रामचीज राम, खूबलाल राम और मुरली राम के परिवार के सभी सदस्य बुधवार की सुबह भोजन करने के बाद खेत में काम करने चले गए। भोजन बनाने के बाद चूल्हे में गर्म राख रह गई थी। परिवार के सदस्यों के जाने के बाद चूल्हे की चिनगारी से रामजी राम की झोपड़ी में आग लग गई। कुछ ही देर में झोपड़ी ऊंची लपटों के साथ जलने लगी।

कुछ ही समय में अन्य पांच झोपड़ियों में आग पकड़ लिया। आग देखकर लोग शोर मचाने लगे। शोर सुनकर खेतों में जा रहे गांव के अन्य लोग दौड़ पड़े। लोगों ने आग बुझाने का प्रयास शुरू कर दिया। इसी दौरान किसी ने घटना की जानकारी फायर ब्रिगेड को दे दी लेकिन गाड़ी नहीं पहुंची। ग्रामीणों ने घंटों मशक्कत के बाद आग पर काबू पा लिया। ग्रामीणों का कहना है कि अगर सूचना के बाद गाड़ी आई होती तो भारी नुकसान होने से बचाया जा सकता था।

महुआरी में दो झोपड़ियां जलीं

रेवतीपुर गांव के महुवारी मौजा में बुधवार की दोपहर करीब एक बजे आग लगने से दो रिहायशी झोपड़ियां जलकर नष्ट हो गईं। उसमें रखा हजारों का सामान जलकर राख हो गया।

रेवतीपुर निवासी देवमूरत यादव गांव के उत्तर तरफ महुआरी मौजा में परिवार समेत दो झोपड़ियां डालकर रहते हैं। उनकी आजीविका का साधन खेती है। वह रोज की भांति अपने परिवार को लेकर खेत में काम करने चले गये। तभी
अचानक उनकी नजर अपने बनाए आशियाने पर पडी देखा तो धुवां के साथ तेज लपटे उठ रही है। वह शोर मचाते हुए पहुंचे। उनकी आवाज सुनकर आसपास के ग्रामीण भी पहुंच गए। ग्रामीणों ने घंटों मशक्कत करने के बाद आग पर काबू पा लिया। पीड़ित देवमूरत यादव ने बताया कि झोपड़ी में रखाी� 10 बोरी खाद, गृहस्थी के सभी सामान जलकर नष्ट हो गए।

दैनिक भास्कर

अंबेडकर स्टेडियम के सामने कूड़ा फैलाते नौ सफाईकर्मी गिरफ्तार

http://www.bhaskar.com/news/UT-DEL-HMU-NEW-ambedkar-stadium-in-front-of-the-garbage-bin-cleaning-personnel-arrested-nine-5154451.html

 नई दिल्ली. राजधानी में छठे दिन भी वेतन और एरियर की मांग को लेकर जारी सफाई कर्मचारियों की हड़ताल का मामला मंगलवार को हाईकोर्ट पहुंच गया। हाईकोर्ट ने सफाई कर्मचारियों के यूनियनों को तलब कर कर्मचारियों को सफाई कार्य में बाधा के लिए फटकार लगाई, वहीं पूर्वी निगम को सफाई व्यवस्था बहाल रखने और पुलिस सहायता लेने के आदेश दिए। बुधवार को सफाई कर्मचारियों ने पहले तो शाहदरा साउथ जोन पर प्रचंड प्रदर्शन कर जोनल कार्यालय को घंटों बंधक बनाकर रखा।

बाद में मुख्यमंत्री केजरीवाल का पुतला फूंका और सड़कों को कूड़ों में तब्दील कर दिया। इसके बाद डॉ. अंबेडकर स्टेडियम के सामने सड़क पर कूड़ा फैलाते हुए यूनियन के नौ लोगों को कमला मार्केट पुलिस एहतियात के तौर इंदिरागांधी स्टेडियम में चल रहे इंडो-अफ्रीका समिट में प्रदर्शन के आंशका को देखते हुए थाना राजेन्द्र नगर में हिरासत में ले रखा है। गिरफ्तार लोगों में अखिल भारतीय सफाई मजदूर यूनियन, यूनाइटेड फ्रंट ऑफ एमसीडी इंप्लाइज यूनियन के जनरल सेक्रेट्री राजेन्द्र मेवाती सहित हरेन्द्र, दलित पार्चा, राजकुमार गौड़, सुनील बागड़ी, गौरब गहलौत, राजपाल है। ज्ञात हो कि पूर्वी निगम कोर्ट में याचिका दाखिल कर कहा था कि सफाई कर्मचारी यूनियन उन्हें सफाई कार्यों में बाधा डाल रही है। ढलाव घरों तक ट्रकों को नहीं पहुंचने दे रही जिसके कारण पूर्वी दिल्ली में कूड़ा-कूड़ा चारों तरफ फैल गया है।

इस बारे में एमसीडी के अधिकारियों का कहना है कि सफाई कर्मचारी यूनियन कार्य में बाधा पहुंचा रहे हैं। दिवाली में बहुत कम समय है ऐसे में सफाई कर्मचारियों के हड़ताल से गंभीर समस्या उत्पन्न हो सकती है। विभाग ने सफाई के लिए वैकल्पिक व्यवस्था किया पर यूनियन सफाई में बाधा डाल रहे हैं।

 कमिश्नर ने कहा, नहीं है नार्थ एमसीडी में हड़ताल

मंगलवार को नार्थ एमसीडी में सफाई कर्मचारियों के हड़ताल का मुद्दा विपक्ष के सदस्य पृथ्वी सिंह राठौर ने उठाया। उन्होंने कहा कि वेतन व एरियर के लिए सफाई कर्मचारी हड़ताल पर हैं। कमिश्नर ने कहा कि नार्थ एमसीडी में हड़ताल नहीं है। कमिश्नर पीके गुप्ता ने कहा कि उनके मांगों को लेकर डीएलबी से बात की जा रही है। डीएलबी अभी छुट्टी पर हैं आने पर बात होगी। इस पर नेता विपक्ष मुकेश गोयल ने कमिश्नर को आड़े हाथों लते हुए कहा कि सफाई के काम में लगे एक भी ट्रकों, लोडरों का फिटनेश ट्रांसपोर्ट विभाग से नहीं करवाया गया है।

दैनिक भास्कर

दो सौ को डॉ. आंबेडकर प्रतिभा सम्मान दिया

http://www.bhaskar.com/news/HAR-HIS-OMC-MAT-latest-hisar-news-023003-2929469-NOR.html

 

आंबेडकरस्टूडेंट फ्रंट ऑफ इंडिया की ओर से आयोजित डॉ. आंबेडकर प्रतिभा सम्मान समारोह में दो सौ मेधावी छात्र एवं छात्राओं को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में मुख्यातिथि के तौर पर रिटायर्ड आईएएस अधिकारी आरआर फूलिया ने शिरकत की। वहीं जिला कल्याण अधिकारी सीमा रानी, आरपी सिंह, प्रो. सत्यवान बडौ़दा, डॉ. महेश, डॉ. गोविंद टंडन संगठन के चीफ एडवाइजर डॉ. राजेश मेहंदिया सुरेंद्र गिल विशेष तौर पर उपस्थित थे।

 

नीतियों की जानकारी दी

आंबेडकरछात्र मोर्चा के जिला सलाहकार कुलदीप भुक्कल ने बताया कि इस कार्यक्रम में छात्र छात्राओं मजदूर मिस्त्रियों को सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं से अवगत कराया गया। इसके साथ ही प्रदेश में हो रही दलित विरोधी गतिविधियों की कड़े शब्दों में निंदा की गई। इस मौके पर सुलतान खटक, अमन जैस्ट, रवि बिरला, अंजली, राममेहर रंगा सहित भारी संख्या में गणमान्य मौजूद थे।

दैनिक ट्रिब्यून

गांवों में खुद गश्त करेंगे डीएसपी

http://dainiktribuneonline.com/2015/10/%E0%A4%97%E0%A4%BE%E0%A4%82%E0%A4%B5%E0%A5%8B%E0%A4%82-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82-

प्रदेश में बढ़ रही दलित उत्पीड़न की घटनाओं को रोकने के लिए प्रदेश सरकार ने पुलिस उपाधीक्षकों (डीएसपी) की ड्यूटी लगाई है। इन्हें सभी जिलों में एक-एक नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। इन पुलिस अधिकारियों को प्रतिदिन एक या दो-दो गांवों में जाकर लोगों को जागरूक करना होगा। नोडल अधिकारी अनुसूचित जाति एवं जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम-1989 के तहत नियुक्त किये गये हैं।

बुधवार को चंडीगढ़ में पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक में पुलिस महानिदेशक यशपाल सिंघल ने  अधिकारियों को तत्काल अपने अधिकार क्षेत्र में आने वाले गांवों का दौरा शुरू करने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि उन्हें अपने अधिकार क्षेत्र में आने वाले गांवों में शांति व सौहार्द का माहौल सुनिश्चित करने के लिए दिन में कम से कम एक या दो गांवों का दौरा करके इन वर्गों के लोगों से मिलना चाहिए तथा उनकी समस्याओं का मौके पर ही निपटान करने के प्रयास करने चाहिए। अनुसूचित जातियों से संबंधित लोगों के विरुद्ध हो रही वारदातें
रोकने के लिये डीजीपी ने नोडल अधिकारियों को तुरंत मामला दर्ज करने, जांच शुरू करके दोषी को गिरफ्तार करके और न्यायालय में चालान पेश करने के निर्देश दिये। जिन गांवों में विभिन्न समुदायों का झगड़ा या तनाव है, वहां एक शांति कमेटी की स्थापना करने के भी निर्देश दिये।

News Monitored by Kuldeep Chandan & Kalpana Bhadra

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