दलित मीडिया वाच – हिंदी न्यूज़ अपडेट 28.10.15

दलित युवक मौत मामला : अनपढ़ भाई के हस्ताक्षर कर फर्जीवाड़े में फास गई पुलिस – पंजाब केसरी

http://haryana.punjabkesari.in/sonipat/news/dalit-youth-death-sign-police-408562

इंस्‍टीट्यूट में घुसकर बदमाशों ने की छात्र और प्राचार्य की जमकर पिटाई न्यूज़ 18

http://hindi.news18.com/news/bihar/miscreants-beat-student-and-principal-in-institute-at-arwal-941181.html

दलित को घर में बंधक बनाकर पीटा, रेफर – अमर उजाला

http://www.amarujala.com/news/city/jyotiba-phule-nagar/jyotiba-phule-nagar-hindi-news/crime-hindi-news-907/

दबंगों की पिटाई से घायल दलित की तबीयत बिगड़ी – दैनिक भास्कर

http://www.bhaskar.com/news/MP-RAT-MAT-latest-ratlam-news-033537-2924206-NOR.html

खेत की मेड तोडने का विरोध करने पर पीटा – दैनिक भास्कर

http://www.bhaskar.com/news/MP-MUR-MAT-latest-morena-news-031546-2922273-NOR.html

डायरिया का कहर जारी, आठ लोग चपेट में – प्रभात खबर

http://www.prabhatkhabar.com/news/khagaria/story/576715.html

बैरवा समाज के लोगों का एसपी कार्यालय पर हंगामा – दैनिक भास्कर

http://www.bhaskar.com/news/RAJ-OTH-MAT-latest-sikandra-news-064624-2920279-NOR.html

दलितों पर अत्याचार रोकने प्रधानमंत्री को भेजा ज्ञापन – दैनिक भास्कर

http://www.bhaskar.com/news/RAJ-OTH-MAT-latest-nawalgarh-news-054042-2920739-NOR.html

दलितों के साथ – जनसत्ता

http://www.jansatta.com/chopal/jansatta-dalit-violation-all-over-india/46372/

पंजाब केसरी

दलित युवक मौत मामला : अनपढ़ भाई के हस्ताक्षर कर फर्जीवाड़े में फास गई पुलिस

http://haryana.punjabkesari.in/sonipat/news/dalit-youth-death-sign-police-408562

सोनीपत (पवन राठी): गोहाना के दलित युवक गोविंदा की मौत के मामले में प्रदेश सरकार और पुलिस की मुश्किल बढ़ती जा रही है। सोमवार को एससी.एसटी आयोग ने पुलिस द्वारा दी गई एक्शन टेकन रिपोर्ट को न केवल खारिज कर दिया, बल्कि पी.जी.आई. रोहतक के मैडिकल बोर्ड द्वारा तैयार की गई। पोस्टमार्टम को भी मानने से इंकार कर दिया।

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आयोग ने साफ किया है कि न तो पुलिस के पास अब तक इसका कोई गवाह है कि गोविंदा ने सुसाइड किया है साथ ही बोर्ड द्वारा पोस्टमार्टम कराने के लिए ली गई सहमति का भी पुलिस जवाब नहीं दे सकी है।

आयोग ने मामले की जांच के लिए बनाई गई एस.आई.टी. की जांच को भी मानने से इंकार करते हुए इसके निर्माण पर प्रश्नचिन्ह लगाया। अब 16 नवंबर को आयोग ने समन जारी करके डीसी व एसपी के साथ आई.जी. रोहतक रेंज को भी तलब किया है।

जानकारी के अनुसार, गोहाना में दलित युवक गोविंद को कबूतर चोरी के आरोप में पुलिस थाने ले गई थी, लेकिन अगले दिन संदिग्ध हालात में गोविंद का शव उसके परिजनों को मिला। गोविंद के परिजनों ने पुलिस पर गोविंद की हत्या का आरोप लगाया।

पूरा मामला मीडिया की सुर्खियां बनने के बाद सरकार ने इस मामले की जांच के लिए एसआईटी के गठन का ऐलान भी किया लेकिन राज्य मानवाधिकार आयोग का मानना है कि चूंकि आरोप पुलिस प्रशासन पर लगे हैं। इसलिए यह मामला मानवाधिकारों के हनन का भी है।

गोहाना के देवीनगर निवासी 15 वर्षीय गोविंदा का शव 22 अक्टूबर की सुबह एक मकान में मिला। भाई गौतम ने बताया कि गोविंदा और उसके एक साथी का नाम चोरी के एक मामले में आ रहा था। पुलिस ने गोविंदा को पूछताछ के लिए बुलाया था।

गौतम का कहना था कि वह खुद उसे थाने में छोड़कर आया था। अगले दिन गोविंदा का शव मिला। आरोप है कि पुलिस ने गोविंदा की हत्या कर दी और शव को घर के पास एक मकान में फेंककर चले गए।

पुलिस ने 2 ए.एस.आई. के खिलाफ हत्या का केस दर्ज कर रखा है। मामले को लेकर परिजनों ने 3 घंटे तक बरोदा रोड व रोहतक.पानीपत रेलवे लाइन जाम किए रखा। एससी.एसटी आयोग के सदस्य ईश्वर सिंह ने गोहाना पहुंच कर 26 अक्तूबर को डीसी व एसपी को रिपोर्ट लेकर तलब किया था।

न्यूज़ 18

इंस्‍टीट्यूट में घुसकर बदमाशों ने की छात्र और प्राचार्य की जमकर पिटाई

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बिहार के अरवल सदर प्रखंड मुख्यालय में दलित छात्रों को तकनीकी ज्ञान देकर स्वाबलंबी बनाने के उद्देश्‍य से संचालित दशरथ मांझी कौशल विकास संस्थान में घुसकर अपराधियों ने छात्र और प्राचार्य की जमकर पिटाई कर दी.

छात्र और प्राचार्य को गंभीर अवस्था में इलाज के लिए सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया. बताया जाता है कि संस्थान में पढ़ाई संचालित हो रही थी, तभी अपराधियों ने छात्रों की पिटाई कर दी. पिटाई से छात्र घायल हो गए.

इस घटना से आक्रोशित छात्रों ने एनएच-110 को जाम कर अपराधियों की गिरफ्तारी की मांग की. मौके पर पहुंची पुलिस को लोगों को शांत कराने में काफी मशक्कत करनी पड़ी. छात्र अपराधियों को पकड़ने की मांग कर रहे हैं.

अमर उजाला

दलित को घर में बंधक बनाकर पीटा, रेफर

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कुछ लोगों ने एक दलित को दो घंटे तक घर में बंधक बनाकर पीटा। पिटाई से उसका एक हाथ टूट गया। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर पीड़ित को बंधनमुक्त कराया। आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है। घायल को जिला अस्पताल से मुरादाबाद रेफर कर दिया गया है।

मामला थाना क्षेत्र के गांव कौराल का है। यहां का अर्जुन सिंह जाटव पुत्र कमल सिंह मेहनत मजदूरी कर परिवार का भरण पोषण करता है। सोमवार रात करीब आठ बजे वह प्रधान राजेश के घर से अपने घर लौट रहा था।

रास्ते में दीपक कुुमार त्यागी पुत्र वीरेंद्र सिंह त्यागी और अतर सिंह ने अर्जुन को पकड़ लिया और जबरन अपने घर ले गए। यहां बंधक बनाकर पिटाई शुरू कर दी।

शोर शराबा होने पर दीपक के घर के बाहर लोगों की भीड़ जमा हो गई और उन्होंने अर्जुन को छुड़ाने का प्रयास किया, लेकिन आरोपी घर का दरवाजा खोलने को तैयार नहीं थे।

सूचना के दो घंटे बाद मौके पर पहुंची थाना पुलिस ने अर्जुन को बंधन मुक्त कराया और नाजुक हालत में जिला अस्पताल में भर्ती कराया। पिटाई से अर्जुन का एक हाथ भी टूट गया है। उसे मुरादाबाद रेफर कर दिया गया है। पुलिस ने दीपक और अतर सिंह के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है।

दैनिक भास्कर

दबंगों की पिटाई से घायल दलित की तबीयत बिगड़ी

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पांच दिन पहले ग्राम भोजाखेड़ी में दबंग लोगों द्वारा मारपीट करने से घायल हुए दलित युवक की तबीयत मंगलवार दोपहर ज्यादा बिगड़ गई। उसे इंदौर के एमवायएच अस्पताल में वेंटीलेटर पर रखा है। इधर घटना के पांच दिन बाद भी आरोपी गिरफ्तार नहीं हुए। पुलिस तलाश कर रही है।

24 अक्टूबर को भोजाखेड़ी निवासी रुक्मिणी पति पूरालाल मालवीय (65) ने आलोट थाने में रिपोर्ट लिखाई थी कि 22 अक्टूबर की रात गांव के दो दबंग श्यामसिंह और गुमानसिंह मेरे घर आए और बेटे जगदीश मालवीय (30) को बाइक पर बैठाकर ले गए। थोड़ी देर बाद उसके साथ मारपीट कर गंभीर हालत में रास्ते में फेंक गए। रात में ही उसे सरकारी अस्पताल ले गए। जहां से रतलाम रैफर कर दिया। रतलाम से रविवार को इंदौर ले जाया गया। वहां एमवायएच अस्पताल में भर्ती है। मंगलवार को जगदीश की तबीयत ज्यादा बिगड़ने पर उसे वेंटीलेटर पर रखा गया है। जगदीश की मां ने रिपोर्ट में मारपीट का कारण स्पष्ट नहीं लिखा था और घटना के बाद से युवक बोलने की स्थिति में नहीं है। ऐसे में मारपीट का कारण स्पष्ट नहीं है। हालांकि पुलिस का कहना है कुएं की विद्युत मोटर से जुड़ा कोई विवाद सामने आ रहा है। इसी में आरोपी श्यामसिंह व गुमानसिंह ने मारपीट की थी। आरोपी अभी फरार है। उनके खिलाफ पुलिस ने धारा 323, 294, 506 एवं एससीएसटी एक्ट में प्रकरण दर्ज किया। एसडीओपी बिसेनसिंह चौहान ने बताया जगदीश की मां ने रिपोर्ट लिखाई लेकिन मारपीट का कारण नहीं बताया। आरोपियों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में प्रकरण दर्ज कर तलाश की जा रही है। प्रारंभिक जांच में मामला विद्युत मोटर लेन-देन से जुड़ा है। मंगलवार शाम भी गांव में दबिश दी थी लेकिन आरोपी नहीं मिले। 

दैनिक भास्कर

खेत की मेड तोडने का विरोध करने पर पीटा

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मुरैना। खेत की मेड़ तोडने व मारपीट किए जाने की शिकायत डबोखरी गांव में रहने वाले दलित परिवार ने एसपी से की है। प्रेमवती प|ी पूरनलाल जाटव ने एसपी से शिकायत में कहा है कि 25 अक्टूबर को गांव के सुमेर सिंह, देवेन्द्र सिंह पुत्रगण फूल सिंह ने उसके खेत की मेड तोड दी और मारपीट कर दी। 

प्रभात खबर

डायरिया का कहर जारी, आठ लोग चपेट में

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बेलदौर : डायरिया का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है. डायरिया से पीड़ित होने वाले मरीजों की संख्या प्रतिदिन बढ़ती जा रही है. गंभीर रूप से आक्रांत चार मरीजों को सोमवार को उनके परिजनों ने स्थानीय पीएचसी में भरती कराया. जब कि चार रोगियों का इलाज परिजन अपने ही घर ग्रामीण डॉक्टरों से करवा रहे हैं.

डायरिया से पीड़ित बेला नौवाद के सत्तो मल्लिक 50 वर्ष, पुत्र प्रीतम कुमार 8 वर्ष, इंदल कुमार 6 वर्ष, एवं भैंसाडीह के अशोक चौधरी के आठ वर्षीय पुत्र सुरज कुमार का इलाज पीएचसी में किया जा रहा है. इस रोग से आक्रांत बेला गांव के प्रमोद मल्लिक, प्रकाश मल्लिक, रेणु देवी एवं रवीना कुमारी का इलाज गांव में ही ग्रामीण डॉक्टरों द्वारा किया जा रहा है.

उल्लेखनीय हो कि एक डेढ़ माह पूर्व इसी गांव के इस दलित मुहल्ले में डायरिया का कहर बरपा था. इससे यहां इस रोग से आक्रांत होने वालों की संख्या दो दर्जन से ज्यादा पहुंच गयी थी. पुन: डायरिया ने उक्त मोहल्ले में रविवार से अपना कहर शुरू कर दिया है. बीएचएम अशोक कुमार ने बताया कि डायरिया पीड़ित मरीजों की हालात नियंत्रण में है.

दैनिक भास्कर

बैरवा समाज के लोगों का एसपी कार्यालय पर हंगामा

http://www.bhaskar.com/news/RAJ-OTH-MAT-latest-sikandra-news-064624-2920279-NOR.html

दौसा. छोकरवाड़ाके पास ट्रैक्टर से कुचलकर युवक की मौत के मामले में सिकंदारा थानाधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर एसपी कार्यालय के बाहर नारेबाजी करते बैरवा समाज के लोग। 

छोकरवाड़ाके पास सोमवार को ट्रैक्टर ट्रॉली से कुचलकर युवक की मौत के मामले में बैरवा समाज के लोग मंगलवार को एसपी कार्यालय पहुंचे। उन्होंने सिकंदरा थानाधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन किया तथा नारेबाजी की। लोगों ने एसपी को ज्ञापन देकर सिकंदरा थानाधिकारी को बर्खास्त करने की मांग की। अखिल भारतीय बैरवा महासभा के तहसील अध्यक्ष बाबूलाल बैरवा ने बताया कि युवक की मौत के बाद पहुंची पुलिस से लोगों ने शव उठाने से पहले परिजनों के आने का इंतजार करने का आग्रह किया था। परिजनों के पहुंचने में 10 मिनट ही लगते, लेकिन थानाधिकारी ने लोगों से जातिसूचक शब्द कहकर उन्हें अपमानित किया। हेमंत कुमार के साथ मारपीट अभद्रता की तथा थाने ले जाकर उसका मोबाइल छीन लिया। हेमंत के साथ थाने में भी जमकर मारपीट गाली गलौच की गई। थानाधिकारी के रवैये से दलित समाज में आक्रोश है। उन्होंने कहा कि सिकंदरा थानाधिकारी मुनींद्र सिंह को बर्खास्त नहीं किया गया तो सर्व समाज द्वारा आंदोलन किया जाएगा। प्रधान डी.सी. बैरवा, अंबेडकर वेलफेयर सोसायटी के उपाध्यक्ष शिवचरण, एससी एसटी आरक्षण मंच के रामेश्वर प्रसाद बैरवा, चिमनलाल डोरिया सहित अनेक लोगों ने आक्रोश जताया।

दुब्बी| निहालपुरामें बाबा रामदेव मंदिर पर मंगलवार को बैरवा समाज की बैठक हुई। बैठक में सड़क दुर्घटना के बाद पुलिस द्वारा बल प्रयोग करने एक जने को गिरफ्तार करने पर सिकंदरा थाना प्रभारी को बर्खास्त करने की मांग की। समाज के लोगों ने थाना प्रभारी के खिलाफ कार्रवाई नहीं करने पर आंदोलन की चेतावनी दी है। अखिल भारतीय बैरवा महासभा के तहसील अध्यक्ष बाबूलाल टोरडा ने बताया कि परिजनों ग्रामीणों के साथ पुलिस ने बल प्रयोग किया। समाज के लोगों के साथ अभद्र व्यवहार किया। सिकंदरा थाना प्रभारी मुनींद्र सिंह पर बैरवा समाज के लोगों को जातिसूचक शब्दों से अपमानित करने का आरोप लगाया। पूर्व सरपंच पन्नालाल बैरवा, शिवचरण मेहरा, मन्नालाल बैरवा, जयराम रायपुरा, पूर्व सरपंच नाथूलाल अचलपुरा, ज्ञान प्रतापपुरा, श्यामलाल बैरवा मौजूद थे।

ट्रैक्टरचालक के खिलाफ केस दर्ज

सिकंदराथाना पुलिस के अनुसार इस मामले में मंगलवार को मृतक के भाई अजीत पुत्र प्यारेलाल बैरवा निवासी निहालपुरा की ओर से ट्रैक्टर चालक के खिलाफ मामला दर्ज कराया है। उन्होंने ट्रैक्टर चालक के खिलाफ गलत साइड में आकर उसके भाई सुरेश की बाइक पर लापरवाही से टक्कर मारकर उसकी मौके पर मौत करने का मामला दर्ज कराया। 

 दैनिक भास्कर

दलितों पर अत्याचार रोकने प्रधानमंत्री को भेजा ज्ञापन

http://www.bhaskar.com/news/RAJ-OTH-MAT-latest-nawalgarh-news-054042-2920739-NOR.html

देशमें दलितों पर बढ़ते अत्याचारों पर अंकुश लगाने की मांग को लेकर अनुसूचित जाति-जनजाति अत्याचार विरोधी संघर्ष समिति के पदाधिकारियों ने मंगलवार को राष्ट्रपति एवं प्रधानमंत्री के नाम कलेक्टर को ज्ञापन सौंपे।

समिति अध्यक्ष मांगीलाल मंगल के नेतृत्व में सौंपे ज्ञापन में बताया कि फरीदाबाद में दो दलित मासूमों को जिंदा जला दिया गया। हमीरपुर में मंदिर में प्रवेश के समय 90 वर्षीय दलित की पीट पीटकर हत्या कर दी गई। नागौर के डांगवास में दलितों को दौड़ा-दौड़ाकर कुचलने, तमिलनाडु में पीपल पूज रहे दलित की पिटाई। कर्नाटक में दलित लेखक की पिटाई। सोनीपत में 15 वर्षीय दलित बच्चे की हत्या की घटनाओं से समाज में असुरक्षा की भावना बढ़ रही है। 

इन घटनाओं की सीबीआई से जांच कराकर आरोपियों को कठोर सजा देने। पीडितों को उचित मुआवजा सरकारी नौकरी देने, दलितों पर घृणित टिप्पणी करने वाले जनरल वीके सिंह को मंत्रीमंडल से बर्खास्त करने की मांग की। प्रतिनिधि मंडल में गिरधारीलाल कटारिया, रामनिवास भूरिया, दलित शोषण मुक्ति मंच के फूलचंद बर्बर समेत अनेक पदाधिकारी थे।

नवलगढ़| समतासैनिक दल के प्रदेशाध्यक्ष ओपी बौद्ध ने प्रदेश में दलितों पर हो रहे अत्याचार की निंदा की है। बौद्ध ने सरकार से दलितों पर अत्याचार करने वाले अपराधियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। कहा कि कार्रवाई नहीं की गई तो समता सैनिक दल प्रदेश स्तर पर आंदोलन शुरू करेगी। एक नवंबर को प्रदेशस्तरीय त्रैमासिक बैठक उदयपुर में होगी। जिसमें राष्ट्रीय, राज्य जिला कार्यकारिणी के पदाधिकारी शामिल होकर दलितों पर हो रहे अत्याचारों के बारे में चर्चा करेंगे।

जनसत्ता

दलितों के साथ

http://www.jansatta.com/chopal/jansatta-dalit-violation-all-over-india/46372/

आए दिन हो रहे अत्याचार से आज देश में दलित समाज खुद को असुरक्षित महसूस कर दहशत में जी रहा है। आंकड़ों की बात करें तो देश में हर घंटे किसी दलित की बेटी की इज्जत लूटी जा रही है, किसी की हत्या हो रही है, किसी का घर जलाया जा रहा है। फरीदाबाद के सुनपेड़ गांव की दिल दहला देने वाली घटना ने देश की व्यवस्था पर बहुत सारे सवाल खड़े कर दिए हैं। यह कोई पहली घटना नहीं है। भारत के इतिहास में ऐसी हजारों घटनाएं दर्ज हैं।

बिहार के लक्ष्मणपुर बाथे, बथानी टोला, शंकरबिगहा, हरियाणा में हरसौला, गोहाना, मिर्चपुर, बगना, दुलीना, पबनावा आदि ऐसी सैकड़ों घटनाएं हैं जो अभी तक लोगों के दिमाग और जुबान से उतरी नहीं हैं। इसके अलावा ऐसी कितनी ही घटनाएं गांवों में होती हैं जिनका फैसला रसूख रखने वाले चौधरियों के तुगलकी फरमानों से होता है, जिनमें दलितों को दबाया जाता है। सदियों से दलित समाज को जानबूझ कर हाशिये पर रखा गया है, उससे भेदभाव किया गया है, उसे तरह-तरह से सताया गया है। ऐसे ग्रंथ लिखे गए हैं जिनमें दलितों को ‘नीच’ तक कहा गया है। आखिर कब तक हमारे नेता सुनपेड़ जैसी घटनाओं को अपनी राजनीति का हथियार बनाते रहेंगे? आज भी प्रभावशाली लोग अपने रसूख से न्याय प्रणाली को प्रभावित कर रहे हैं। अगर अपवादों को छोड़ दें तो शोषित और गरीब दलित को न्यायिक व्यवस्था से अधिकतर निराशा ही मिली है। भगाना की घटना कोई भूला नहीं है। एक गरीब आदमी पुलिस थाने जाने का साहस तक नहीं जुटा पाता है क्योंकि उसके दिमाग में पुलिस का भी डर बैठा हुआ है।

नतीजतन, दलितों का इस व्यवस्था से भरोसा उठ रहा है। आज गांव का अधिकतर दलित तबका सवर्णों के खेतों में काम करके अपनी आजीविका चला रहा है। वहआत्मनिर्भर नहीं है और न दलितों के पास ऐसे कोई संसाधन हैं जिनसे अपनी आजीविका चला सकें। हर रोज वे खेतों, स्कूलों, मंदिरों, कॉलेजोंं, नौकरियों और अन्य सार्वजनिक स्थानों पर इस जातीय भेदभाव के कारण अपमानित हो रहे हैं। सुनपेड और पबनावा जैसी घटनाओं से अंदाजा लगाया जा सकता है कि इन दबंग जातियों का मनोबल कौन से आसमान पर है। दलित गांवों में स्वर्णों की गलियों से गुजरते हुए आज भी झिझकते हैं। लेकिन ये दबंग सरेआम उनकी गलियों और बस्तियों में घुस कर सामूहिक हमले करते हैं। घरों में आग लगाते हैं। पबनावा के लोग आज भी दहशत में जी रहे हैं।

सब जानते हैं कि वहां किस तरह सैकड़ों दबंगों ने सोते हुए दलितों पर हमला किया था। आज भी उनके बच्चों को स्कूलों में पीटा जाता है, उनकी बेटियों के साथ छेड़छाड़ होती है। बहुत-से दलित परिवारों ने अपनी बेटियों को रिश्तेदारों के यहां भेज रखा है, उन्हें स्कूलों से निकाल लिया है केवल इस डर से कि कहीं उनके साथ कुछ अनहोनी न हो जाए। आखिर कब तक यह सब होता रहेगा इस देश में? कब तक अपने ही देश में बेगानों की तरह जीते रहेंगे दलित। कब मिलेगा इन्हें बराबरी का दरजा? (रामफल, गांव- दयोरा, कैथल)

News Monitored by Kuldeep Chandan & Kalpana Bhadra

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