दलित मीडिया वाच – हिंदी न्यूज़ अपडेट 03.10.15

थाली छूने पर दलित छात्र की पिटाई – ए बी पी न्यूज़

http://abpnews.abplive.in/ind/2015/10/03/article730391.ece/dalit-student-beaten-over-touching-the-plate-of-other-students-of-different-caste

यूपीः चौथी में पढ़ने वाले 9 साल के लड़के पर 6 साल की बच्ची से रेप का आरोप – दैनिक भास्कर

http://www.bhaskar.com/news-ht/UP-LUCK-9-year-boy-booked-for-raping-6-year-girl-in-pilibhit-uttar-pradesh-5130867-PHO.html

चोरी हुए रुपए का उलाहना दिया तो कर दिया जानलेवा हमला – राजेश्थान पत्रिका

http://rajasthanpatrika.patrika.com/story/rajasthan/attempt-to-murder-in-sukharianagar-1351252.html

सलाखोंमें आंबेडकर की मूर्तियां – दैनिक भास्कर

http://www.bhaskar.com/news-srh/ambedkarcagestatuetamilnadu-NOR.html

उसको रुकवाना पड़ गया भारी…अचानक आ धमके वोराजेश्थान परिका

http://rajasthanpatrika.patrika.com/story/rajasthan/police-aresst-the-person-to-stay-absconding-girl-1351188.html

मामला आर्बिट बस कांड : केरल हाईकोर्ट के सेवामुक्त जज दुवारा मामले की सुनवाई जारी – पंजाब केसरी

http://punjab.punjabkesari.in/moga/news/article-400861

यूपी: मंदिर में प्रवेश करने पर दलित पर हमला, आग लगाई – नई दुनिया

http://naidunia.jagran.com/national-dalit-man-attacked-set-on-fire-for-entering-temple-in-up-491045

सनसनीखेज: नाबालिग से सामूहिक दुष्कर्म – राजेश्थान पत्रिका

http://rajasthanpatrika.patrika.com/story/rajasthan/gang-rape-with-minor-1348112.html

दलित लड़की को सरेआम पीटने वाले पुलिसे मुलाजिम बुरे फंसे, अदालन ने जारी किया आदेश – पंजाब केसरी

http://punjab.punjabkesari.in/amritsar/news/article-400607

उत्तर प्रदेश में कानून नहीं बल्कि जंगल राज व्याप्त है दारापुरी – हस्तक्षेप

http://www.hastakshep.com/hindi-news/from-states/uttar-pradesh/2015/10/01/there-is-no-rule-of-law-in-uttar-pradesh-law-but-this-animal-kingdom-darapuri

हिन्दू राष्ट्र में हिन्दू बनने की चाह में शम्बूक वध भूल गए – हस्तक्षेप

http://www.hastakshep.com/columnist/loksangharsha/2015/10/01/the-desire-to-become-hindu-in-hindu-nation-forgotten-slaughter-of-shmbuk

उत्तर मैट्रिक छात्रवृत्ति के आवेदन अगले हफ्ते से – राजेश्थान पत्रिका

http://rajasthanpatrika.patrika.com/story/rajasthan/north-matric-scholarship-application-next-week-1348367.html

शिया मुसलमानों का पिछड़ापन आंकने के लिये नयी समिति गठित करने की मांग – पी टी आई न्यूज़

http://bhasha.ptinews.com/news/1315561_bhasha

Please Watch:

The Dalit Voice

https://www.youtube.com/watch?v=wAgU6EKvljo

Save Dalit Foundation:

Educate, agitate & organize! – Dr. Ambedkar.

Let us all educates to agitate & Organize to Save Dalit Foundation !         

Please sign petition for EVALUATION of DF by click this link : https://t.co/WXxFdysoJK

ए बी पी न्यूज़

थाली छूने पर दलित छात्र की पिटाई

http://abpnews.abplive.in/ind/2015/10/03/article730391.ece/dalit-student-beaten-over-touching-the-plate-of-other-students-of-different-caste

 जोधपुर: राजस्थान के जोधपुर में एक दलित छात्र की उसके शिक्षक ने इसलिए पिटाई कर दी क्योंकि उस छात्र ने मिड डे मिल के दौरान दूसरी जातियों के छात्रों की थाली को हाथ लगाया था. चौथी कक्षा में पढ़नेवाले पीड़ित छात्र के शरीर पर जख्म के गहरे निशान है. उसे जोधपुर के अस्पताल में गंभीर हालत में भर्ती कराया गया है.

आरोपी शिक्षक का नाम हेमाराम जाट है. हेमाराम जाट ने पीड़ित छात्र के पिता के साथ भी मारपीट की है और जातिसूचक अपमानजनक शब्दों का इस्तेमाल किया है. पुलिस ने आरोपी शिक्षक के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है.

दैनिक भास्कर

यूपीः चौथी में पढ़ने वाले 9 साल के लड़के पर 6 साल की बच्ची से रेप का आरोप

http://www.bhaskar.com/news-ht/UP-LUCK-9-year-boy-booked-for-raping-6-year-girl-in-pilibhit-uttar-pradesh-5130867-PHO.html

पीलीभीत के न्यूरिया में 9 साल के बच्चे पर 6 साल की बच्ची से रेप करने का आरोप लगा है। आरोपी लड़का चौथी क्लास में पढ़ता है। मामला सामने आने के बाद पुलिस ने उसके खिलाफ धारा 376 के तहत केस दर्ज किया है। बच्ची जाटव कम्युनिटी से है। इसलिए लड़के के खिलाफ एससी/एसटी एक्ट की धारा भी लगाई गई है।

पुलिस के मुताबिक, गुरुवार से आरोपी लड़का अपनी फैमिली के साथ फरार था। शुक्रवार को पकड़े जाने के बाद उसने कहा, “खेल-खेल में हो गया।” फिलहाल, उसे मजिस्ट्रेट के ऑर्डर पर बरेली के जुवेनाइल होम में रखा गया है। पीड़ित बच्ची का मेडिकल भी कराया गया है। पुलिस के सर्कल अफसर निर्मल बिष्ट ने बताया कि शुरुआती मेडिकल टेस्ट में लड़की से रेप की पुष्टि हुई है।

 क्या है मामला?

पीड़ित बच्ची के मां के मुताबिक, गुरुवार की सुबह करीब 10 बजे उसकी बेटी घर के पास की दुकान से चीनी लेने गई थी। घर लौटते वक्त गांव के ही एक लड़के ने उसे पकड़ लिया और जबरदस्ती अपने साथ खेत में ले गया। वहां उसका रेप हुआ। बच्ची काफी देर बाद रोती हुई घर पहुंची और घटना के बारे में बताया। इसके बाद वह बेटी को लेकर थाने पहुंची और आरोपी लड़के के खिलाफ केस दर्ज कराया।

लड़के ने कुबूला अपना जुर्म

मामले की जांच कर रहे सर्कल अफसर निर्मल बिष्ट ने बताया, “हमने आरोपी बच्चे को मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया था। मजिस्ट्रेट ने उसे बरेली के जुवेनाइल होम में भेज दिया है। आरोपी ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है। आरोपी की सही-सही उम्र का पता लगाया जा रहा है। हालांकि, उसकी उम्र 9 या 10 साल से ज्यादा नहीं हो सकती।” न्यूरिया पुलिस स्टेशन के एसओ दलबीर वर्मा ने का कहना है कि ये मामला अजीब ही है।

क्या है एक्सपर्ट की राय?

ऑल इंडिया डेमोक्रेटिक एसोसिएशन की स्टेट प्रेसिडेंट मधु गर्ग के मुताबिक, “मौजूदा हालात को देखते हुए हमें बच्चों को अच्छे तरीके से सेक्स एजुकेशन देने और उनकी काउंसलिंग करने की जरूरत है। जुवेनाइल क्राइम के तहत रेप के मामलों में अक्सर पाया गया कि जिन बच्चों ने ऐसा जुर्म किया, उन्होंने काफी कम उम्र में अपने मां-बाप या बड़ों को सेक्शुअल रिलेशन बनाते हुए देखा था। ये चीज बच्चों को कम उम्र में ही सेक्स के लिए आकर्षित करती है। बाद में ऐसे मामले सामने आते हैं।”

राजेश्थान पत्रिका

चोरी हुए रुपए का उलाहना दिया तो कर दिया जानलेवा हमला

http://rajasthanpatrika.patrika.com/story/rajasthan/attempt-to-murder-in-sukharianagar-1351252.html

श्रीगंगानगर. सुखाडि़यानगर में बुधवार रात युवक पर चाकू से हमला उसके ही पुराने साथी ने किया था। घायल युवक के बयान के आधार पर एक युवक पर जानलेवा हमले और जाति सूचक गालियां निकालने के आरोप में जवाहरनगर थाने में मामला दर्ज हुआ है। बयान लेने गए एसआई कासिम अली को हरियाणा के पलवल जिला निवासी जगतपाल ने बीकानेर के पीबीएम अस्पताल में बताया कि उस पर उसके ही साथी गाजियाबाद निवासी हासिम अली पुत्र हसन खान ने जातिसूचक गालियां निकालते हुए चाकू से पेट पर हमला कर दिया।

पीडि़त ने बताया कि वह पांच युवक एक साथ श्रीगंगानगर में एक सेल्यून कंपनी के प्रचार प्रसार और प्रोडक्ट बेचने के लिए यहां आए थे। कुछ दिन पंचायती धर्मशाला और उसके बाद एक होटल में रुके। उस दौरान उसकी जेब में रखे 45 सौ रुपए चोरी हो गए। उनमें से एक नोट के हल्दी लगी हुई थी। 28 सितंबर को सुखाडि़यानगर में एक मकान किराए पर ले लिया और सभी साथी उसमें रहने लगे। 30 सितंबर की रात सभी साथी रात का खाना खाने होटल जाने वाले थे। वहां रुपए देने के लिए सभी ने अपना-अपना हिस्सा दिया तब हल्दी लगा नोट साथी हासिम खान के पास देखा गया। इस बात पर आरोपी को रुपए चोरी करने के सबंध में पूछा गया तो वह भड़क गया और चाकू से हमला कर दिया।  युवक की हालत पीबीएम अस्पताल में स्थिर बताई गई है। पुलिस ने उसके बयान के आधार पर शुक्रवार को मामला दर्ज कर लिया। जांच सीओ एससी/एसटी हजारीराम चौहान को दी गई है। आरोपी को राउंडअप कर लिया गया है।

दैनिक भास्कर

‘सलाखों’ में आंबेडकर की मूर्तियां

http://www.bhaskar.com/news-srh/ambedkarcagestatuetamilnadu-NOR.html

वो हिंदुस्तान के बड़े नेताओं में से एक थे. दुनिया के संभवतः सबसे बड़े संविधान के शिल्पी, क़ानून के बड़े विद्वान, एक आध्यत्मिक नेता, एक योजनाकार और सबसे अहम, उन दलितों के निर्विवादित नेता, जिनकी जगह भारत की कड़वी जातीय व्यवस्था में सबसे निचले पायदान पर है.

महात्मा गांधी के बाद भीमराव रामजी आंबेडकर भारत के निःसंदेह सबसे पूजनीय नेता थे.

उनकी मूर्ति हर कस्बे, गाँव, शहर, चौराहे, रेलवे स्टेशन और पार्कों में भारी संख्या में लगी है.

इस करिश्माई नेता को आमतौर पर पश्चिमी सूट और टाई के साथ सामने वाली जेब में एक कलम और बांहों में भारतीय संविधान की क़िताब लिए और चश्मा लगाए एक गठीले इंसान के रूप में चित्रित किया जाता है.

 पढ़ें विस्तार से

इतिहासविद् जानकी नायर के मुताबिक, “यह दलितों की दावेदारी का प्रतीक है.”

इसमें हैरानी की बात नहीं है कि ऊंच नीच और जाति व्यवस्था वाले भारत में आंबेडकर अछूत के रूप में जाने जाने वाले दलितों और उनके विरोधियों के लिए एक मिसाल हैं.

शायद इसीलिए कई राज्यों में प्रशासन इस नेता की मूर्तियों के चारों ओर पिंजरा बनवा रहा है.

ये वही नेता हैं जिन्हें इतिहासविद रामचंद्र गुहा ग़रीबों का मसीहा कहते हैं.

भारत के सबसे विकसित राज्यों में से एक तमिलनाडु में यह समस्या सामने आई है.

इस राज्य की अर्थव्यवस्था भारत में दूसरे नंबर की है और विश्व बैंक के मुताबिक़, मिलेनियम डेवलपमेंट गोल्स के लक्ष्यों को पाने के हिसाब से यह राज्य समय पर चल रहा है.

इस राज्य में दशकों तक तार्किक और जाति विरोध की राजनीति करने वाली पार्टियों ने राज किया है और इस समय वो मुख्य विपक्षी पार्टी हैं.

 स्याह पहलू

लेकिन दलितों के ख़िलाफ़ ऊंची जातियों द्वारा दशकों पुराने और लगातार अत्याचारों की सच्चाई पर यह सिर्फ़ पर्दा भर है.

पूरे राज्य की आबादी में 19 प्रतिशत दलित हैं.

अपने हक़ को लेकर दलितों की दावेदारी के विरोधी, सालों से हिंसा और दंगा भड़काने के लिए आंबेडकर की मूर्ति को चप्पलों की माला पहनाकर या उनके हाथ काटकर अपमानित करते रहे हैं.

दबंग जातियों पर काब़ू पाने में विफल रहने वाला भयभीत प्रशासन पूरे राज्य में स्थापित इन मूर्तियों के चारों ओर पिंजरा बनवा रहा है.

राजनीतिक विज्ञान के विद्वान सी लक्ष्मण कहते हैं, “यह तमिलनाडु के लिए सबसे बड़ी शर्मिंदगी है. यह दिखाता है कि दलितों की सुरक्षा करने में राज्य पूरी तरह असफल हो चुका है. राज्य जातिगत बर्बरता के सामने दिनों दिन घुटने टेकता जा रहा है.”

दलितों का विरोध इतना तगड़ा और खुलेआम है कि उन पर अत्याचार के ख़िलाफ़ बने क़ानून को ढीला करने की मांग को लेकर ऊंची जातियों के समूहों ने सार्वजनिक रूप से हाथ मिला लिए हैं.

लक्ष्मण इसे साफ़ तौर पर ‘दलित विरोधी राजनीति’ कहते हैं और यह इसी का एक नमूना है.

‘जातीय फ़ासीवाद’

अतीत में भी दबंग जातियों ने आंबेडकर के नाम वाली राज्य की सरकारी बसों को अपने गांवों में घुसने से रोक दिया था और प्रशासन को नाम हटाने पर मजबूर किया था.

मेरे गांव में दलितों को अब भी सामुदायिक कुंओं के इस्तेमाल की इजाज़त नहीं है, न ही हिंदू मंदिरों में घुसने और नाई की दुकान में जाने की इजाज़त है.

पिछले साल तमिलनाडु में भीड़ के हमले और आपसी भिड़ंत में बिहार के 70 ग़रीब दलित मारे गए थे.

वर्ष 1956 से अब तक राज्य में दलितों के ख़िलाफ़ अपराध की घटनाओं में कम से कम 15 न्यायिक जांच चल रही है लेकिन एक भी अभियुक्त को सज़ा नहीं हुई है.

घोर जाति विरोधी पार्टी वीसीके (लिबरेशन पैंथर्स पार्टी) के नेता और विधायक एन रविकुमार कहते हैं, “दबंग जातियों में दिनों दिन तनाव बढ़ता जा रहा है. इसलिए दबंग जातियां दलितों के ख़िलाफ़ अपना गुस्सा उतार रही हैं.”

अांबेडकर की मूर्तियों को पिंजड़े में बंद करने की कार्रवाई को राज्य में बहुत से लोग आज के भारत में ‘जातीय फ़ासीवाद’ एक उदाहरण मानते हैं.

इससे यह भी सिद्ध होता है कि देश की जाति आधारित पार्टियां समाज में इंसाफ और अधिकारों के लिए लड़ने की बजाय अपने अपने जातीय समूहों के हित में विशेष लाभ और रियायतें लेने की फिराक में रहती हैं.

 अछूत समस्या आज भी

इसलिए सबसे बुरे और घिनौने रूप में अछूत समस्या तमिलनाडु में न केवल ज़िंदा है बल्कि मजबूत है.

अपने एक ऐतिहासिक भाषण में आंबेडकर ने हैरानी जताई थी कि सामाजिक और आर्थिक घेरे में भारतीय कितने लंबे समय तक बराबरी देने से इनकार करते रहेंगे.

उन्होंने कहा था, “अगर हम बराबरी का अधिकार देने में बहुत देरी करते रहे, तो ऐसा केवल राजनीतिक लोकतंत्र को ख़तरे में डालकर ही कर पाते हैं.”

उन्होंने कहा था कि आज़ाद भारत का अधिकांश विकास गोबर के ढेर पर जाति के निर्माण जैसा है.

बहुत से लोग इसे कड़वा लेकिन दूरदर्शी सच्चाई मानते हैं.

राजेश्थान परिका

उसको रुकवाना पड़ गया भारी…अचानक आ धमके वो

http://rajasthanpatrika.patrika.com/story/rajasthan/police-aresst-the-person-to-stay-absconding-girl-1351188.html

घर पर रुकवाना भारी पड़ा। दलित किशोरी को भगाकर ले जाने के आरोपित को शरण देना उसके साथी को भारी पड़ गया। क्रिश्चियन गंज थाना पुलिस ने प्रकरण के सहआरोपित युवक को भी गिरफ्तार कर लिया।

पुलिस उप अधीक्षक राजेश मीणा के अनुसार दलित किशोरी को बहला-फुसलाकर भगा ले जाने के आरोपित दीपक जोशी को पूर्व में गिरफ्तार किया जा चुका है। भीलवाड़ा में दीपक को किशोरी के साथ शरण देने के आरोपित कोटड़ा पसंद नगर निवासी कमल उर्फ पवन प्रजापत को गिरफ्तार कर लिया।

दीपक ने फरारी के दौरान किशोरी को दिल्ली, बीकानेर और भीलवाड़ा में रखा। भीलवाड़ा में उसके दोस्त पवन उर्प कमल ने पनाह दी थी। इधर किशोरी के पिता ने क्रिश्चियन गंज में शिकायत दी थी कि आरोपित उसकी नाबालिग बेटी को भगाकर ले जाने के साथ में सोने-चांदी के जेवर और नकदी भी समेट ले गया। पुलिस ने गत दिनों दीपक को किशोरी के साथ बरामद कर लिया।

पंजाब केसरी

मामला आर्बिट बस कांड : केरल हाईकोर्ट के सेवामुक्त जज दुवारा मामले की सुनवाई जारी

http://punjab.punjabkesari.in/moga/news/article-400861

जिले में लगभग 5 महीने पहले हुए बहुचर्चित आर्बिट बस कांड में 1 दलित परिवार कीलड़की की मौत हो जाने के बाद इंटरनैशनल स्तर पर मामला उछल जाने के चलते पंजाब सरकार ने 5 मई को केरल हाईकोर्ट के सेवामुक्त चीफ जस्टिस वी.के. बाली की देख-रेख में कमीशन का गठन किया था।  

जिसके तहत इस कमीशन ने अपना काम मोगा में गत दिन से शुरू कर दिया है। मोगा के रैस्ट हाऊस में आज दूसरे दिन जस्टिस वी.के. बाली द्वारा मरहूम अर्शदीप कौर की दादी सुरजीत कौर के अलावा अन्य तीन गवाहों के बयान कलमबद्ध किए गए। इसके अलावा कमीशन ने मोगा सब-जेल में जाकर इस मामले में जेल अंदर बस चालक रणजीत सिंह निवासी चक राम सिंह वाला, कंडक्टर सुखविंदर सिंह निवासी बहावलपुर अबोहर, हैल्पर गुरदीप सिंह निवासी मोगा तथा अमर राम को मिलकर उनसे घटना संबंधी जानकारी  की। 

कमीशन द्वारा इस जांच को मुकम्मल रूप से गुप्त रखा जा रहा है, जिसके चलते जहां कमीशन ने मीडिया से मुख मोड़ा है, वहीं 2 दिनों के दौरान कमीशन द्वारा की गई कार्रवाई संबंधी किसी अधिकारी ने अपना मुंह नहीं खोला। आज जस्टिस बाली ने गांव गिल नजदीक घटनास्थल और मृतक लड़की के गांव लंडेके का दौरा किया। सूत्रों ने इस बात को भी बेपर्दा किया कि मृतक लड़की अर्शदीप कौर का पिता सुखदेव सिंह गांव में नहीं है और जिसे अभी तक कमीशन का कोई मैंबर नहीं मिल सका। 

वर्णनीय है कि आर्बिट बस की मालिकी बादल परिवार के पास होने के कारण 29 अप्रैल को हुई घटना के बाद मोगा शहर राजनीतिक अखाड़ा बन गया था और 3 मई को प्रशासन द्वारा पीड़ित परिवार के एक मैंबर को सरकारी नौकरी, 20 लाख रुपए जिला प्रशासन द्वारा एक्सग्रेशिया ग्रांट, केन्द्रीय एस.सी. कमीशन के आदेशों अनुसार 5 लाख रुपए, अनुसूचित जाति वैल्फेयर भलाई फंड में लड़की की मां घायल ङ्क्षछदर कौर के इलाज के लिए 1 लाख 20 हजार रुपए और लड़की के भाई अकाशदीप की पढ़ाई के लिए 4 लाख रुपए आदि शर्तें मानने के साथ परिवार के  साथ समझौता हो गया था और 3 मई को ही तारों की छाया में रात 8 बजे अर्शदीप कौर का अंतिम संस्कार पुलिस की सुरक्षा में किया गया था।

दलित मीडिया वाच

हिंदी न्यूज़ अपडेट  02.10.15

नई दुनिया

यूपी: मंदिर में प्रवेश करने पर दलित पर हमला, आग लगाई

http://naidunia.jagran.com/national-dalit-man-attacked-set-on-fire-for-entering-temple-in-up-491045

 हमीरपुर (यूपी)। उत्तरप्रदेश के हमीरपुर में मंदिर में प्रवेश लेकर हुए विवाद के बाद एक दलित बुजुर्ग पर हमला कर उसे आग के हवाले कर दिया गया। वारदात के बाद से इलाके में तनाव है और भारी पुलिस बल तैनात किया गया है।

जानकारी के मुताबिक, घटना बुधवार शाम की है। 90 वर्षीय चीमा अपने परिवार के साथ स्थानीय मैदानी बाबा मंदिर गए थे। उनके साथ पत्नी, बेटा और भाई भी थे। संजय तिवारी ने उन्हें मंदिर में प्रवेश करने से रोका। विरोध करने पर आरोपी ने कुल्हाड़ी से चीमा पर हमला कर दिया। आरोपी ने केरोसिन छिड़कर कर आग लगाने की कोशिश भी की।

वारदात को मंदिर में मौजूद भीड़ के सामने अंजाम दिया गया। यह स्थान कानपुर से 140 किमी दूर हमीरपुर-जालौन सीमा पर है।

पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। बताया जा रहा है कि वारदात के वक्त वह नशे में था। चश्मदीद के मुताबिक, तिवाही ने चीमा व अन्य को मंदिर में प्रवेश से रोका तो वे भड़क गए। कहासुनी के बीच तिवारी कुल्हाड़ी ले आया और हमला कर दिया। उसने आग लगाने की कोशिश भी की।

एफआईआर में तिवारी के दो साथियों के भी नाम हैं जो फरार हैं।

राजेश्थान पत्रिका

सनसनीखेज: नाबालिग से सामूहिक दुष्कर्म

http://rajasthanpatrika.patrika.com/story/rajasthan/gang-rape-with-minor-1348112.html

शहर के निकटवर्ती दईकड़ा गांव में दो युवकों ने स्कूली छात्रा के अश्लील फोटो खींच ब्लैकमेल व दुष्कर्म किया। अश्लील फोटो व मामला उजागर होने पर पीडि़ता ने बनाड़ थाने में मामला दर्ज कराया गया है।

एएसआई सुंदरपाल के अनुसार सोलह वर्षीय छात्रा ने श्रवण चौधरी, झूमर व शोभाराम के खिलाफ मामला दर्ज कराया है। श्रवण व झूमर पर दुष्कर्म व ब्लैकमेलिंग तथा शोभाराम के खिलाफ ब्लैकमेलिंग कर रुपए मांगने का आरोप है।

एससी-एसटी सेल के एसीपी को जांच सौंपी गई है। छात्रा का आरोप है कि दो वर्ष पहले जब वह गांव के ही स्कूल में दसवीं कक्षा में पढ़ती थी तब छुट्टी होने पर श्रवण व झूमर उसे परेशान करते थे, लेकिन उसने ध्यान नहीं दिया।

डेढ़ वर्ष पहले झूमर ने उसका हाथ पकड़ा, लेकिन उसने हाथ छुड़ा लिया। तब छात्रा ने उसे थप्पड़ मारी और घर चली गई।

छह-सात माह पहले आरोपी उससे मिले और कहा कि उनके मोबाइल में छात्रा के फोटो हैं। उन्होंने अश्लील फोटो के साथ जोड़कर उसकी फोटो तैयार की है।

फोटो सार्वजनिक कर बदनाम करने की धमकी देते हुए झूमर ने पचास हजार रुपए मांगे। राशि लेने के लिए दोनों ने रात्रि में आने का कहा। साथ ही कमरे का दरवाजा खुला रखने की हिदायत दी।

आरोप है कि रुपए लेने के बाद फोटो डिलीट करने को कहा। इसके बाद श्रवण चौधरी और झूमर ने उसे बेहोश करके दुष्कर्म किया।

एक माह पहले तबीयत खराब होने पर उसने स्कूल जाना बंद कर दिया। तब स्कूल के शिक्षक ने छात्रा के पिता को बुलाकर किसी युवक के साथ उसकी फोटो दिखाई।

इसके बाद मामला सामने आया और वह थाने पहुंची तथा मामला दर्ज कराया। उसका आरोप है कि शोभाराम ने भी अश्लील फोटो सार्वजनिक करने की धमकी देकर उससे पचास हजार रुपए मांगे थे।

पंजाब केसरी

दलित लड़की को सरेआम पीटने वाले पुलिसे मुलाजिम बुरे फंसे, अदालन ने जारी किया आदेश

http://punjab.punjabkesari.in/amritsar/news/article-400607

तरनतारनः तरनतारन की सड़क पर सरेआम 3 मार्च, 2013 को दलित लड़की को पीटने के मामले में गुरुवार को अदालत ने 6 अन्य पुलिस मुलाजिमों को सम्मन जारी करके 26 अक्तूबर तक पेश होने के आदेश दिए हैं। 

जानकारी के अनुसार पीड़ित दलित लड़की हरविन्दर कौर ने मांग की है कि इन सभी मुलाजिमों को जिले से बाहर तैनात किया जाए। उसने यह भी कहा कि यदि ऐसा नहीं किया गया तो वह अपना संघर्ष तेज कर देगी। 

उल्लेखनीय है कि इससे पहले भी दो पुलिस मुलाजिम और सिविल लोगों को इस मामले में शामिल किया जा चुका है। 

हस्तक्षेप

उत्तर प्रदेश में कानून नहीं बल्कि जंगल राज व्याप्त है दारापुरी

http://www.hastakshep.com/hindi-news/from-states/uttar-pradesh/2015/10/01/there-is-no-rule-of-law-in-uttar-pradesh-law-but-this-animal-kingdom-darapuri

उत्तर प्रदेश में हाल में भीड़ द्वारा दो लोगों को पीट-पीट कर मारे जाने की घटनाओं से स्पष्ट है कि प्रदेश में कानून का नहीं बल्कि जंगल राज व्याप्त है.

यह बात आज प्रेस नोट में एस आर दारापुरी, पूर्व आई.जी. राष्ट्रीय प्रवक्ता, आल इंडिया पीपुल्स फ्रंट ने कही . उन्होंने बताया कि जिस तरह कुछ दिन पहले कानपुर जिले के जारा गाँव में भीड़ द्वारा एक बाहरी व्यक्ति को पाकिस्तानी आतंकवादी कह कर बुरी तरह से पीटा गया और फिर उसे नदी में डुबो कर मार दिया गया, यह दर्शाता है कि उत्तर प्रदेश में कानून का नहीं बल्कि भीड़ का जंगल राज है.

श्री दारापुरी ने आगे कहा कि दो दिन पहले दादरी के बिसराड़ा गाँव में बीफ खाने के नाम पर अख़लाक़ की भीड़ द्वारा की गयी हत्या यह दर्शाती है कि प्रदेश में साम्प्रदायिक ताकतें बिलकुल बेलगाम हो चुकी हैं क्योंकि उन्हें कानून का कोई भी भय नहीं रह गया है. इस से पहले मुज़फ्फर नगर में साम्प्रदायिक ताकतों ने जिस तरह से प्रदेश के माहौल को साम्प्रदायिकता की दलदल में फंसा दिया था, वह भी सपा सरकार की निष्क्रियता और मिलीभगत का ही नतीजा था. लगता है अब सपा भाजपा से मिल कर प्रदेश में साम्प्रदायिकता फैला कर वोटों के ध्रुवीकरण की राजनीति को तेज कर रही है. इसी प्रकार उत्तर प्रदेश में दलितों पर भी अत्याचार निरंतर बढ़ रहे हैं जैसे कि हाल में एनसीआरबी द्वारा जारी किये गए आंकड़ों से स्पष्ट है. इस से प्रदेश में मुसलमानों और दलितों में असुरक्षा की भावना बढ़ रही है.

आइपीएफ ने मांग की है कि अखिलेश सरकार कानपुर और दादरी में दो मुसलामानों को मारने वाले दोषी व्यक्तियों और प्रदेश में पनप रहे साम्प्रदायिक तत्वों और संगठनों के विरुद्ध सखत कार्रवाही करे ताकि प्रदेश में कानून का राज स्थापित हो और दलित और मुसलमान सुरक्षित महसूस कर सकें.

हस्तक्षेप

हिन्दू राष्ट्र में हिन्दू बनने की चाह में शम्बूक वध भूल गए

http://www.hastakshep.com/columnist/loksangharsha/2015/10/01/the-desire-to-become-hindu-in-hindu-nation-forgotten-slaughter-of-shmbuk

हिन्दू बनने की चाह में शम्बूक वध को भूल कर एक दलित मंदिर चला गया और उसकी हत्या कर दी गयी। कहने को देश में लोकतंत्र है, समानता का अधिकार है, न्याय मिलेगा लेकिन यह कोरे कागजों पर है।

दलितों को हिन्दू न मानने की परंपरा बहुत पुरानी है। उसी परंपरा का निर्वाह नागपुरी मुख्यालय करता है। वोट के लिए नागपुर मुख्यालय दलितों को हिन्दू बनाने की मुहीम चलता है और उनमें अल्पसंख्यक विरोध के घृणा का भाव भरता है और दंगे कराता है लेकिन जब वही हिंदुवत्व वाला दलित जब मंदिर जाने लगता है तो उनका धर्म खतरे में पड़ जाता है और उसकी हत्या तक हो जाती है, नागपुर मुख्यालय चुपचाप रहता है। नागपुर मुख्यालय मनुस्मृति आधारित हिंदुत्ववादी समाज बनाना चाहता है, जिसमें दलितों और पिछड़ों का कोई स्थान नहीं होगा। सेवा भाव ही उनका धर्म होगा।

राजेश्थान पत्रिका

उत्तर मैट्रिक छात्रवृत्ति के आवेदन अगले हफ्ते से

http://rajasthanpatrika.patrika.com/story/rajasthan/north-matric-scholarship-application-next-week-1348367.html

सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग की ओर से अनुसूचित जाति, जनजाति, पिछड़ा वर्ग व दलित वर्ग के विद्यार्थियों को दी जाने वाली उत्तर मैट्रिक छात्रवृत्ति के आवेदन अगले सप्ताह से किए जा सकेंगे। 

विभाग के निदेशक अम्बरीष कुमार ने बताया कि पहली बार छात्रवृत्ति की पूरी प्रकिया पेपरलैस होगा। एक भी दस्तावेज या आवेदन ऑफ लाइन जमा नहीं करवाना पड़ेगा। 

अब तक ऑनलाइन आवेदन के बाद आवेदन व दस्तावेज ऑफलाइन भी जमा करवाने पड़ते थे। जिससे पूरी प्रकिया में अनावश्यक देरी होती थी। ऑनलाइन आवेदन में दस्तावेज भी स्कैन करके ही संलग्न करने होंगे। 

पी टी आई न्यूज़

शिया मुसलमानों का पिछड़ापन आंकने के लिये नयी समिति गठित करने की मांग

http://bhasha.ptinews.com/news/1315561_bhasha

 देश में शिया मुसलमानों के प्रमुख संगठन ‘ऑल इंडिया शिया पर्सनल लॉ बोर्ड’ ने मुल्क में शिया समुदाय के सामाजिक, शैक्षणिक तथा आर्थिक पिछड़ेपन की स्थिति का आकलन करने के लिये सच्चर समिति की तर्ज पर एक नयी समिति के गठन की मांग करते हुए कहा है कि इस सिलसिले में जल्द ही प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से मुलाकात की जाएगी।

ऑल इंडिया शिया पर्सनल लॉ बोर्ड के प्रवक्ता मौलाना यासूब अब्बास ने ‘भाषा’ को बताया कि देश में करीब सात करोड़ की आबादी वाले शिया मुसलमान अल्पसंख्यकों में भी अल्पसंख्यक हैं। सच्चर समिति ने देश में मुसलमानों की स्थिति दलितों से भी गयी-गुजरी बतायी थी। कहीं-कहीं शिया मुस्लिमों की स्थिति तो और भी बदतर है। वक्त का तकाजा है कि इस कौम की बदहाली का आकलन करने के लिये अलग से समिति या आयोग गठित किया जाए।

उन्होंने कहा कि बोर्ड की इसी हफ्ते होने वाली महत्वपूर्ण बैठक में इस मांग को मजबूती देने की रणनीति पर विस्तृत विचार-विमर्श किया जाएगा। बोर्ड ने प्रधानमंत्री मोदी से मुलाकात के लिये समय मांगा है। बोर्ड का प्रतिनिधिमण्डल उनसे मिलकर उनके सामने अपनी मांगों के समर्थन में दलीलें पेश करेगा।

अब्बास ने कहा कि बोर्ड ने कांग्रेस की अगुवाई वाली तत्कालीन संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन :संप्रग: सरकार द्वारा गठित समिति के अध्यक्ष राजिन्दर सच्चर से मुलाकात करके उनसे गुजारिश की थी कि वह अपनी रिपोर्ट में शिया मुसलमानों के हालात के बारे में अलग से जिक्र करें तो इस कौम के लिये बेहतर होगा, लेकिन किन्हीं कारणों से ऐसा नहीं हो सका।

News Monitored by Kuldeep Chandan & Kalpana Bhadra

Advertisements

Leave a Reply

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out / Change )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out / Change )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out / Change )

Google+ photo

You are commenting using your Google+ account. Log Out / Change )

Connecting to %s