दलित मीडिया वाच – हिंदी न्यूज़ अपडेट 01.10.15

दबंगों ने 2 दलित युवकों को पीट-पीटकर मार डाला – दैनिक ट्रिब्यून

http://dainiktribuneonline.com/2015/09/दबंगों-ने-2-दलित-युवकों-को-प/

पकिस्तान में हिन्दू लड़कियों से रेप के बाद बनाई video, की वायरल – पंजाब केसरी

http://punjab.punjabkesari.in/amritsar/news/article-400321

महिलाओं पर अपराध में उत्‍तर प्रदेश दूसरे नंबर पर : मैसवा न्यूज़ 18

http://hindi.news18.com/news/uttar-pradesh/crimes-against-women-in-uttar-pradesh-in-the-second-position-816879.html

रात में छात्रावास से निकाला, अपशब्द कहे और धमकी दी नई दुनिया

http://naidunia.jagran.com/madhya-pradesh/sagar-news-490359

छात्राओं को किराए के मकान में रखेंगेः भारती – नई दुनिया

http://naidunia.jagran.com/chhattisgarh/bilaspur-students-will-keep-the-rented-house-490349

सहायता योजना की बकाया राशि को लेकर अधिकारी से मिले छात्र – दैनिक भास्कर

http://www.bhaskar.com/news/MP-OTH-MAT-latest-harda-news-031031-2753299-NOR.html

ग्राम प्रधान पद पर लगाई आपत्ति – अमर उजाला

http://www.amarujala.com/news/city/lalitpur/lalitpur-hindi-news/village-head-office-had-objected-hindi-news/

Please Watch:

Part I – Untouchability & Casteism (Castes) Still EXISTS even Today in India- 2015.

https://www.youtube.com/watch?v=FKZxAAAiJdg

Save Dalit Foundation:

Educate, agitate & organize! – Dr. Ambedkar.

Let us all educates to agitate & Organize to Save Dalit Foundation !         

Please sign petition for EVALUATION of DF by click this link : https://t.co/WXxFdysoJK

 दैनिक ट्रिब्यून

दबंगों ने 2 दलित युवकों को पीट-पीटकर मार डाला

http://dainiktribuneonline.com/2015/09/दबंगों-ने-2-दलित-युवकों-को-प/

ऐलनाबाद उपमंडल के गांव नीमला में मंगलवार रात को दबंगों ने पुरानी रंजिश में 2 दलित युवकों को पीट-पीटकर मार डाला। क्षत-विक्षत शवों पर गोलियां दागने और लाठियों से पीटने के निशान भी थे। पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर कार्रवाई शुरू कर दी है। दोनों ही पक्ष एक दूसरे पर गंभीर आरोप लगा रहे हैं। पुलिस ने मृतक के भाई की शिकायत पर 10 लोगों को नामजद किया, जबकि 7 लोगों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया। दोनों मृतक विभिन्न आपराधिक मामलों में वांछित थे।

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पुलिस से मिली जानकारी के अुनसार, गांव नीमला निवासी राजेंद्र मुंदलिया का गांव के ही खेताराम पंवार (25 वर्ष) और संदीप कड़ेला (28 वर्ष) के साथ किसी बात को लेकर विवाद चल रहा था। आरोप है कि इसी विवाद के चलते मंगलवार रात 11 बजे संदीप और खेताराम अपने कुछ साथियों के साथ राजेंद्र मुंदलिया के घर में दीवार फांदकर घुस गए।

राजेंद्र की भाभी शकुंतला मुंदलिया ने बताया कि थोड़ी देर में दोनों युवकों ने फायरिंग शुरू कर दी और छर्रे लगने से राजेंद्र को चोटें आईं। शोर सुनकर राजेंद्र के परिवार के लोगों ने हमलावरों को दबोच लिया, लेकिन कुछ युवक दीवार फांदकर भाग गये। पुलिस के अनुसार, राजेंद्र के परिवार के लोगों ने खेताराम और संदीप को घेर लिया। उनके हाथों से लाठी-डंडे छीनकर उन पर हमला कर दिया।

आरोप है कि उन्होंने खेताराम व संदीप को बुरी तरह से पीटा, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए। मौके पर पहुंची पुलिस ने दोनों घायलों को ऐलनाबाद के सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया। जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

अधिकारियों ने शुरू की जांच

बुधवार सुबह थाना प्रभारी विकास कुमार, डीएसपी कुलदीप बेनीवाल और एसपी. अश्विनी कुमार शैणवी ने घटनास्थल पर पहुंचकर मौका मुआयना किया और घटना के  सबूत जुटाये।

कार से किया दोनों का अपहरण

उधर, डीएसपी कुलदीप बेनीवाल ने बताया कि गांव नीमला निवासी रोहताश ने शिकायत दी है कि वह अपने साथियों के साथ कार में जा रहे थे। आरोप है कि राजेंद्र मुंदलिया व उसके साथियों ने उनकी गाड़ी को जबरन रुकवाकर उसमें सवार संदीप और खेताराम को उतार लिया। आरोप है कि उन्होंने दोनों युवकों को अपने घर में ले जाकर बुरी तरह से पीटा, जिससे उनकी मौत हो गई। पुलिस ने रोहताश की शिकायत पर राजेंद्र, महेंद्र, दिलीप व कृष्ण, सतवीर, बृजलाल, रामनिवास, संदीप सिहाग व रोहताश के खिलाफ केस दर्ज कर कार्रवाई शुरू  कर दी है।

7 युवकों को हिरासत में लिया

डीएसपी कुलदीप बेनीवाल ने बताया कि पुलिस ने इस मामले में गांव के 7 युवकों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है। पुलिस ने 5 टीमों का गठन करके आरोपी युवकों की तलाश शुरू कर दी है। डीएसपी ने बताया कि दोनों मृतक युवकों की छवि आपराधिक थी। उनके खिलाफ लड़ाई झगड़े व जानलेवा हमला करने के कई मामले दर्ज थे। मृतक खेताराम पर 6 मामले ऐलनाबाद व 1 मामला रावतसर थाने में दर्ज थे। वहीं संदीप के खिलाफ 2 मामले दर्ज थे।

पंजाब केसरी

पकिस्तान में हिन्दू लड़कियों से रेप के बाद बनाई video, की वायरल

http://punjab.punjabkesari.in/amritsar/news/article-400321

अमृतसर (कक्कड़): पाकिस्तान के सिन्ध प्रांत में गत लंबे समय से हिन्दू परिवारों की लड़कियां सुरक्षित नहीं हैं तथा अनेक लड़कियों को अगवा कर उनको जबरन इस्लाम कबूल करवाया गया है।

दूसरी ओर एक सप्ताह में 4 हिन्दू नाबालिग लड़कियों से हुए दुष्कर्म के मामले में अदालत और पुलिस से इंसाफ न मिलने के कारण पाकिस्तानी हिन्दुओं में व्यापक रोष है। 

सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार हिन्दू नाबालिग लड़की हवा मेगवार आयु 12 वर्ष निवासी गांव दादरों कुंदरी उमरकोट, रेशमा कोहाली आयु 14 साल निवासी उमरकोट, नसीबां भील आयु 15 साल तथा समजो भील निवासी शहदादपुर के साथ संबंधित क्षेत्र के मुस्लिम युवकों द्वारा दुष्कर्म किया गया। 

समजो भील के साथ दुष्कर्म के बाद आरोपियों ने उसकी वीडियो बनाई और वायरल कर दी, जबकि हवा मेगावर और रेशमा कोहाली को फांसी पर लटका दिया गया। सिन्ध के अलग-अलग पुलिस थानों में दर्ज करवाई गई उक्त शिकायतों के चलते 2 लड़कियों की मौत हो चुकी है, जबकि 2 की हालत गंभीर बताई जा रही है। 

सिन्ध प्रांत की उक्त चारों नाबालिग लड़कियां दलित हिन्दू समाज से है और पुलिस द्वारा किसी आरोपी की गिरफ्तारी न होने के कारण पाकिस्तानी हिन्दू विरोध में सड़कों पर उतर आए हैं।

न्यूज़ 18

महिलाओं पर अपराध में उत्‍तर प्रदेश दूसरे नंबर पर : मैसवा

http://hindi.news18.com/news/uttar-pradesh/crimes-against-women-in-uttar-pradesh-in-the-second-position-816879.html

उत्तर प्रदेश महिला हिंसा के मामलों में देश में दूसरे स्थान पर है. महिला हिंसा पीड़ित महिलाओं के परिवार के सदस्यों तक सीमित नहीं है. यह लैंगिक हिंसा और असामनता हमारी अर्थव्यवस्था और दूसरी सामाजिक संरचनाओं में भी व्याप्त है. यह बातें ‘मेन्स एक्शन फॉर स्टापिंग वायलेंस अगेन्सट करप्शन’ (मैसवा) के शिशिर ने कही.

प्रेस क्लब में बुधवार को ‘जेंडर न्याय में पुरुषों व लड़कों की भूमिका’ पर आयोजित गोष्ठी में उन्होंने कहा कि पिछले 10-15 सालों से नागर समाज और सरकार जेंडर समानता के मुद्दे उठा रही है. जिससे इनमें कुछ सकारात्मक सुधार भी देखने को मिले हैं.

इस मौके पर सामाजिक कार्यकर्ता अरूनधति धुरू ने कहा कि विभिन्न आन्दोलनों के अंतर्गत जेण्डर न्याय की दिशा में पुरुषों व लड़कों के साथ के काम को जोड़ा जाना जरूरी है. इसके लिए दलित, छात्र, महिला, मजदूर आदि का आपस में एक साथ आना व समायोजन भी बेहद जरूरी है.

यूएन वीमेन से जुड़ी पीयूष एंटोनी ने कहा कि अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर जेंडर न्याय की दिशा में पुरुषों व लड़कों के साथ काम के महत्व को समझा जा रहा है. इसके लिए अलग-अलग स्तर पर प्रभावी रणनीतियां बनाई जा रही हैं. महिला समाख्या की निदेशक स्मृति सिंह ने कहा कि महिलाओं के साथ किए जाने वाले कार्यो में पुरुषों व लड़कांे के साथ के काम को देखा जा सकता है. जिससे महिला आन्दोलन को भी बल मिलेगा.

गोष्ठी में लविवि की पूर्व कुलपति रूपरेखा वर्मा, सामाजिक कार्यकर्ता गुरजीत सिंह, माध्वी कुकरेजा व छात्रों ने भी अपने विचार रखे.

नई दुनिया

रात में छात्रावास से निकाला, अपशब्द कहे और धमकी दी

http://naidunia.jagran.com/madhya-pradesh/sagar-news-490359

सागर (ब्यूरो)। कलेक्टर व एसपी कार्यालय में अधीक्षक की शिकायत के लिए बीते तीन साल से आ रहे हैं। अधिकारियों को ज्ञापन देते हैं। शिकायत करते हैं, पर अधिकारी इस और ध्यान नहीं देते। ये बात एसपी कार्यालय व कलेक्ट्रेट से छात्रावास अधीक्षक समता जैन व जलवाहक सुधा अहिरवार की शिकायत करने पहुंची आदिमजाति पोस्ट मेट्रिक छात्रावास की करीब 40 छात्राओं ने कही। वहीं जानकारी मिलते ही नरयावली विधायक प्रदीप लारिया ने छात्रावास का औचक निरीक्षण किया। जहां अनेक अनियमितताएं मिली।

छात्राओं ने कलेक्टर व एएसपी से शिकायत करते हुए बताया कि सोमवार की रात छात्रावास अधीक्षक समता जैन, सुधा अहिरवार ने सभी छात्राओं को बाहर निकाल दिया। अपशब्द कहे, जातिसूचक शब्दों का उपयोग किया और ये धमकी दे दी गई कि जिस भी अधिकारी को शिकायत करना है, कर दो हमारा कोई कुछ नहीं कर सकता।

सीधे मुंह बात भी नहीं करती अधीक्षक

छात्रवास की पूजा अहिरवार ने एएसपी पंकज पांडेय को बताया कि शासन से हम छात्राओं को अनेक योजना चलती है। सभी सुविधा दी जाती हैं, लेकिन किसी भी सुविधा का लाभ नहीं मिलता। हम सभी अनुसूचित जाति, जनजाति के हैं। इसलिए अधीक्षक सीधे मुंह बात भी नहीं करती। हमेशा प्रताड़ित व छात्रावास से भगाने की कोशिश में लगी रहती हैं। यहां तक कि नमस्ते कहने पर भी कोई उत्तर नहीं देतीं। उन्होंने बताया कि वह 15 दिन में एक बार आती है। कभी-कभी चौकीदार से गेट पर ही रजिस्टर बुलाकर हस्ताक्षर कर चली जाती हैं।

नई दुनिया

छात्राओं को किराए के मकान में रखेंगेः भारती

http://naidunia.jagran.com/chhattisgarh/bilaspur-students-will-keep-the-rented-house-490349

बिलासपुर(निप्र)। जिन छात्रावासों से विद्यार्थियों को क्षमता से अधिक बताकर बाहर किया जा रहा है उनके रहने का इंतजाम भी विभाग ही करेगा। शासन की छात्रगृह योजना के तहत सभी को किराए के मकान में रखने के निर्देश अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष रामजी भारती ने दिए हैं। उन्होंने अनुसूचित जाति के बालक और कन्या छात्रावासों का निरीक्षण किया है।

आईजी तिराहा में मौजूद पोस्ट मैट्रिक अनुसूचित जाति कन्या छात्रावास की अतिरिक्त 131 छात्राओं को बाहर करने के मामले में जांच के लिए आयोग के अध्यक्ष श्री भारती आए हुए थे। इस दौरान उन्होंने छात्रावासों की स्थिति के संदर्भ में आदिवासी विकास विभाग की सहायक आयुक्त गायत्री नेताम से भी चर्चा की। श्री भारती ने निर्देशित किया है कि किसी भी छात्र-छात्रा को छात्रावास से बाहर किया जाता है तो उनके लिए छात्रगृृह योजना के तहत रहने की व्यवस्था की जाए। इसमें निजी भवन को किराए पर लेकर उसमें विद्यार्थियों को रखने की व्यवस्था की जाती है। इस मामले में विद्यार्थियों को रखने का सारा खर्च सरकार वहन करता है। निरीक्षण के दौरान बताया गया कि छात्रावास में मेस का फंड 60 से 70 विद्यार्थी देते हैं, लेकिन भोजन 100 से अधिक विद्यार्थियों द्वारा किया जाता है।

इस पर अधीक्षकों को कहा गया कि वो इसका हिसाब रखे और कोशिश करे कि किसी भी बच्चे को बाहर खाना खाने की जरूरत न पड़े। पूछताछ में यह भी पता चला कि छात्रावास में विद्यार्थियों के आने और जाने का कोई समय तय नहीं है। ज्यादातर अपने मर्जी से आते जाते हैं। उन पर अधीक्षकों का नियंत्रण नहीं होने पर भी उन्होंने नाराजगी जताई।

विभाग को नहीं पता अतिरिक्त कौन

अतिरिक्त बताकर छात्रावास से बेदखल करने के मामले में सहायक आयुक्त गायत्री नेताम से पूछा गया कि कौन से छात्रावास में कौन विद्यार्थी अतिरिक्त है। इस सवाल का उनके पास भी जवाब नहीं थे। असल में विभाग को ही नहीं पता कि उनके यहां कौन से विद्यार्थी अतिरिक्त हैं। केवल संख्या के आधार पर ही अतिरिक्त का दावा किया जा रहा है। इस पर भी आयोग के अध्यक्ष के साथ आए अधिकारियों ने नाराजगी जताई है।

जमकर हुई शिकायत

छात्राओं को अतिरिक्त बताकर बाहर करने के मामले में आयोग के अध्यक्ष श्री भारती से लोगों ने जमकर शिकायत की। उनकी मांग थी कि जब छात्रावास में रहने वाले बाकी विद्यार्थियों को कोई परेशानी नहीं है तो अधिकारी क्यों अड़ंगा लगा रहे हैं।

दैनिक भास्कर

सहायता योजना की बकाया राशि को लेकर अधिकारी से मिले छात्र

http://www.bhaskar.com/news/MP-OTH-MAT-latest-harda-news-031031-2753299-NOR.html

शहर में रहकर पढ़ाई करने वाले अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के छात्र-छात्राओं को आवास सहायता योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा है। इस मामले को लेकर बुधवार को आदिवासी छात्र संगठन के कार्यकर्ताओं ने आदिम जाति कल्याण विभाग के अधिकारी से चर्चा की। संगठन के जिलाध्यक्ष लोकेश कलमे ने बताया आवास सहायता योजना में शासन द्वारा 12 महीने की राशि प्रदान की जाती है। प्रत्येक माह के लिए शासन से एक हजार 250 रूपए दिए जाते हैं। यह राशि प्रत्येक छह माह के अंतराल में दी जाती है। लेकिन बीते साल छह माह की राशि छात्र-छात्राओं को अब तक नहीं मिल पाई है। छात्र-छात्राओं ने जल्द ही राशि का भुगतान किए जाने की मांग की है। 
आवास सहायता योजना की राशि को लेकर छात्र-छात्राएं कलेक्टोरेट आए।

अमर उजाला

ग्राम प्रधान पद पर लगाई आपत्ति

http://www.amarujala.com/news/city/lalitpur/lalitpur-hindi-news/village-head-office-had-objected-hindi-news/

ललितपुर। प्रधान पद पर आपत्तियां दर्ज कराने का सिलसिला लगातार जारी है। जिला पंचायत राज अधिकारी कार्यालय में दर्ज कराई गई आपत्ति में ब्लाक जखौरा के ग्राम पंचायत सिरसी के प्रधान पद को अनुसूचित जाति के स्थान पर पिछड़ा वर्ग घोषित किए जाने की मांग की गई है।

ग्रामीणों ने बताया कि पिछली पंचवर्षीय योजना में उक्त सीट सामान्य वर्ग के लिए अनारक्षित थी। ऐसे में वर्तमान में उक्त सीट पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षित होनी चाहिए, जबकि उसे अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित कर दिया गया है। अत: प्रधान पद को पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षित घोषित किया जाए। इस मौके पर बृजभान सिंह, विक्रम सिंह, रामकिशोर राजपूत, चतरे सहारिया, बादाम सिंह, दयाराम अहिरवार, सुनीता देवी, किरन, मोहन पाल, राकेश, तुलसीराम उपस्थित रहे।

वहीं, ब्लाक मड़ावरा की ग्राम पंचायत रनगांव में प्रधान पद अनुसूचित जाति के स्थान पर पिछड़ा वर्ग घोषित किए जाने की मांग की है। ग्रामीणों ने आपत्ति दर्ज कराते हुए बताया कि वर्तमान में ग्राम प्रधान पद सामान्य महिला के लिए आरक्षित था। ऐसे में अब प्रधान पद पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षित होना चाहिए। आपत्ति पर सुकन देवी, हरनाम सिंह, पुष्पेंद्र सिंह, कल्ले अहिरवार, अजय प्रताप सिंह, कैलाश सिंह, मानक सिंह आदि के हस्ताक्षर हैं।

इसी तरह ब्लाक जखौरा की ग्राम पंचायत पिपरा के ग्रामीणों ने ग्राम प्रधान पद को पिछड़ा वर्ग के स्थान पर अनुसूचित जाति वर्ग के लिए आरक्षित किए जाने की मांग को लेकर आपत्ति दर्ज कराई है। ग्रामीणों ने बताया कि प्रधान पद लंबे समय से पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षित चल रहा था, इस बार भी सीट को पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षित कर दिया गया है। मांग की गई कि अनुसूचित जाति वर्ग के लोगों को मौका दिया जाए। इस मौके पर वीरन, सीताराम, चैनू, कैैलाश, अशोक, हरीराम, प्रकाश, प्रेमलाल, धनीराम, बाबूलाल, दुर्जन लाल, रबी कुमार उपस्थित रहे।

वहीं, विकासखंड विरधा की ग्राम पंचायत रजवारा के ग्रामीणों ने ग्राम प्रधान पद अनुसूचित जाति अथवा पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षित किए जाने की मांग की है। ग्रामीणों ने आपत्ति दर्ज कराते हुए बताया कि ग्राम पंचायत में कुल मतदाता तीन हजार के आसपास हैं। इसमें से 1600 पिछड़ी जाति, 900 दलित और 300 सहरिया जाति के मतदाता हैं। अत: ग्राम पंचायत सीट को अनारक्षित न किया जाए, बल्कि अनुसूचित जाति अथवा पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षित किया जाए। इस मौके पर विनोद दीक्षित, रोहित कुमार, फूल सिंह, शेर सिंह, कल्लू, रमेश कुमार, विनोद कुमार रजक, जयनारायण कुशवाहा, अशोक, राजा कुशवाहा उपस्थित रहे।

News Monitored by Kuldeep Chandan & Kalpana Bhadra

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