दलित मीडिया वाच – हिंदी न्यूज़ अपडेट 17.09.15

पांच माह बाद मिली अपहृत दलित बालिका – अमर उजाला

http://www.amarujala.com/news/city/ambedkar-nagar/ambedkar-nagar-hindi-news/after-five-months-abducted-dalit-girl-found-hindi-news/

मारपीट मामले में 5 पर केस – अमर उजाला

http://www.amarujala.com/news/city/ambedkar-nagar/ambedkar-nagar-hindi-news/case-on-5-hindi-news/

ऊंची जाति के छात्र करते हैं दलित छात्रो की पिटाई, कहते हैं उन्हें नहीं है पढ़ने का हक – बीइंग दलित

http://www.beingdalit.com/2015/09/upper-caste-students-beat-dait-students-says-they-dont-have-right-to-study.html#.VfpLWznccy4

पिछड़ों, दलितों के विकास में बाधा है हिंदू धर्म: कुशवाहा – बीइंग दलित

http://www.beingdalit.com/2015/09/hinduism-is-hurdle-for-the-development-of-dalits.html

उत्तर प्रदेश दलित-उत्पीड़न में सब से आगे – हस्तक्षेप

http://www.hastakshep.com/intervention-hastakshep/ajkal-current-affairs/2015/09/17/up-dalit-oppression-forefront

बागपत खाप पंचायत मामला : सुप्रीम कोर्ट ने दिए दलित युवक को रिहा करने के आदेश – खबर एन डी टीवी

http://khabar.ndtv.com/news/india/baghpat-khap-panchayat-case-supreme-court-orders-to-release-the-dalit-youth-1218408

दलितों ने बिहार में बनाया मिनी पंजाब बी बी सि  हिंदी

http://www.bbc.com/hindi/india/2015/09/150914_bihar_mini_punjab_du

Please Watch:

Watch: 7 RCR on Bahujan Samaj Party chief Mayawati

https://www.youtube.com/watch?v=jEFyhY6cqJI

Save Dalit Foundation:

Educate, agitate & organize! – Dr. Ambedkar.

Let us all educates to agitate & Organize to Save Dalit Foundation !

Please sign petition by click this link : https://t.co/WXxFdysoJK

 अमर उजाला

पांच माह बाद मिली अपहृत दलित बालिका

http://www.amarujala.com/news/city/ambedkar-nagar/ambedkar-nagar-hindi-news/after-five-months-abducted-dalit-girl-found-hindi-news/

मालूम हो कि 15 अप्रैल को क्षेत्र के एक गांव की दलित बालिका को मजदूरी करने के नाम पर बहला फुसलाकर अपहृत कर लिया गया था। इस संबंध में बालिका के पिता ने सुभाष यादव व प्रदीप कुमार के विरुद्घ कोतवाली में केस दर्ज कराया था।

विवेचना के दौरान पता चला कि बालिका को सुभाष यादव का भांजा प्रदीप कुमार भगा ले गया और उसे हरियाणा के गुड़गांव में साथ लेकर रह रहा है। बालिका का पता लगने पर सीओ श्री मिश्र ने बालिका की बरामदगी के साथ अपहरणकर्ता प्रदीप यादव को भी गिरफ्तार कर लिया। सीओ ने बताया कि अब बालिका के बयान और मेेडिकल परीक्षण के बाद कार्रवाई की जाएगी।

अमर उजाला

मारपीट मामले में 5 पर केस

http://www.amarujala.com/news/city/ambedkar-nagar/ambedkar-nagar-hindi-news/case-on-5-hindi-news/

इस मामले में कोतवाली पुलिस ने चार नामजद व एक अज्ञात के विरुद्घ मारपीट, धमकी, बलबा सहित दलित उत्पीड़न एक्ट का अपराध पंजीकृत किया है।

बीते मंगलवार को भरहा गांव में दलित जयराम पुत्र रामफेर अपनी बाग की दीवाल बनवा रहा था कि उसी समय गांव के भारत राजभर पुत्र श्रीपत, अमित पुत्र भारत, दलसिंगार पुत्र झपसी, श्यामलाल पुत्र कलेसर व कई अन्य लोग लाठी डंडों से लैस होकर हमला बोल कर दीवार गिरा दिया।

विरोध करने पहुंचे लोगों की जमकर पिटाई भी की गई। इसमें जयराम व उनकी बहू सिंगारी देवी, राममिलन व कई मजदूरों को गंभीर चोटें आयी। बुधवार देररात कोतवाली पुलिस में अपराध पंजीकृत कर विवेचना सीओ को सौंप दी गई।

बीइंग दलित

ऊंची जाति के छात्र करते हैं दलित छात्रो की पिटाई, कहते हैं उन्हें नहीं है पढ़ने का हक

http://www.beingdalit.com/2015/09/upper-caste-students-beat-dait-students-says-they-dont-have-right-to-study.html#.VfpLWznccy4

उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले के छुटमलपुर कस्बे में स्थित एक कॉलेज में दलित उत्पीड़न का मामला सामने आया है। यहां दलित छात्रों के साथ ऊंची जाति के विद्यार्थी मारपीट करते हैं। यही नहीं, उन्हें पढ़ाई करने से रोकने के लिए क्लास में घुसने भी नहीं दिया जाता है। उनका कहना है कि दलितों को पढ़ने का कोई अधिकार नहीं है। वहीं, इस बाबत कॉलेज प्रशासन से शिकायत भी की गई, लेकिन हर बार मामला शांत करा दिया जाता है। सोमवार को पीड़ित छात्रों ने जिला विद्यालय निरीक्षक ऑफिस में जमकर हंगामा किया।

dalits students beaten by upper caste students

जानकारी के मुताबिक, छुटमलपुर में एएचपी इंटर कॉलेज है। यहां अलग-अलग जाति और धर्म के करीब चार हजार छात्र पढ़ते हैं। इस क्षेत्र के कई गांव जैसे फतेहपुर, भादो, अलावलपुर, कमालपुर, अलीपुर, संभालकी, मांडूवाला, औरंगाबाद, रजापुर, कलालहटी, निवादा और चमारीखेड़ा में रहने वाले दर्जनों दलित छात्रों ने सोमवार को जमकर हंगामा किया। उनका कहना है कि करीब तीन महीने से इस कॉलेज में जातिवाद और भेदभाव को बढ़ावा दिया जा रहा है।

आरोप है कि कॉलेज में उच्च बिरादरी के छात्र दलित और मुस्लिम स्टूडेंट्स के साथ आए दिन मारपीट करते हैं। यही नहीं, जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल कर उन्हें अपमानित भी करते हैं। उनका कहना है कि दलितों को पढ़ाई करने का कोई अधिकार नहीं है। यह कॉलेज एक जाति विशेष का है और सिर्फ वही लोग यहां पढ़ाई कर सकते हैं।

प्रदर्शन कर रहे एक छात्र ने बताया कि इस बाबत जब कॉलेज प्रशासन से शिकायत की गई तो उन्होंने समझा-बुझाकर मामला शांत करा दिया। इसके बावजूद यहां दलित छात्रों का उत्पीड़न जारी है। छात्रों ने चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि उनके साथ अन्याय बंद नहीं हुआ हुआ तो सड़कों पर उतरकर आंदोलन करेंगे। 

बीइंग दलित

पिछड़ों, दलितों के विकास में बाधा है हिंदू धर्म: कुशवाहा

http://www.beingdalit.com/2015/09/hinduism-is-hurdle-for-the-development-of-dalits.html

पिछड़ा समाज महासभा के राष्ट्रीय महासचिव शिव नारायण कुशवाहा ने जहा कल दलित और पिछडो के उद्धार के लिए ब्राह्मणवादी व्यस्था को उखाड़ फेकने की बात कही थी वही उन्होंने आज कहा कि इस देश के मूल निवासियों को अधिकार से वंचित रखा गया है इस देश में पिछड़ों दलितों का सदियों से शोषण होता आया है। हिंदू धर्म के ठेकेदारों को उनकी शिक्षा अच्छी नहीं लगती अगर यह शिक्षा प्राप्त करना चाहते हैं तो तरह.तरह की बाधाएं उनके लिए खड़ा किया जाता है उनके आरक्षण को समाप्त करने के लिए तरह तरह के हथियार इस्तेमाल करते हैं। जब कि यह उनका मौलिक अधिकार हैं|

कुशवाहा ने यह भी कहा कि हिंदू धर्म के ठेकेदार केवल उन से गुलामी कराना चाहते हैं उन्हें अपना बंधुआ मजदूर बनाकर रखना चाहते हैं महिलाओं के शरीर से खेलना चाहते हैं और उनके विकास के लिए किसी तरह का क़दम नहीं उठाना चाहते हैं कुशवाहा ने कहा कि आज भी देश में दलितों को मंदिर में जाने से सख्ती से मना किया जा रहा है अगर वह मंदिर में जाते हैं तो मंदिर को अपवित्र समझ कर धुला जाता है ज़रा जरा सी बात पर उनके घरों में आग लगा दिया जाता है इन के महिलाओं से बलात्कार किया जाता हैण् यह लोग हिंदू हिंदू भाई भाई का नारा देकर आपस में नफरत पैदा करता है। दलितों को हिंदू कहकर उनकी भावनाओं को उभारता है और मुसलमानों से लड़ा देता है जैसा कि अतीत में बहुत सारे घटनाएँ देखने मे आई हैं और जब उनके अधिकारों की बात आती है तो उन्हें इंसान भी नहीं समझता है और उन से गंदगी साफ कराया जाता है

कुशवाहा ने यह भी कहा कि ब्राह्मणवाद मिट्टी, टट्टी, पत्थर जानवर पेड़ पौधे की पूजा करवाता है जबकि उन्हें मनुष्य तो दूर नाली के कीड़े से भी बदतर समझता हेण् कुशवाहा ने सभी मूल निवासियों से अपील की है कि ब्राह्मण वाद के बहकावे में न आकर अपना खोया हुआ राज पॉट हासिल करें जैसा कि इतिहास गवाह है कि सैकड़ों साल पहले मूल निवासी ही इस देश पर शासन करते थे ब्राह्मण वाद शक्तियों ने छल कपट करके उनसे सत्ता छीन लिया और उनको अपना गुलाम बना लिया ण्कुशवाहा ने यह भी बताया कि जो अंग्रेजों की दलाली करते थे वे आज राज कर रहे हैं और जिसने अंग्रेजों को यहां से भगाया है वह आज यहां दास हैं। यदि पिछड़े दलित धर्म, अंध विश्वास में फंसे रहे तो इस तरह के कितने भी सैकड़ों वर्ष बीत जाएंगे वह विकास नहीं कर पाएंगे।

हस्तक्षेप

उत्तर प्रदेश दलित-उत्पीड़न में सब से आगे

http://www.hastakshep.com/intervention-hastakshep/ajkal-current-affairs/2015/09/17/up-dalit-oppression-forefront

उत्तर प्रदेश दलितों (अनुसूचित-जाति) पर अपराध के मामले में पूरे देश में काफी समय से आगे रहा है। इस सम्बन्ध में एक यह तर्क दिया जाता रहा है कि उत्तर प्रदेश में दलितों की आबादी (4 करोड़ 13 लाख) दूसरे सभी राज्यों से अधिक है। अतः अपराध के आंकड़े भी अधिक ही रहते हैं। इस तर्क में कुछ सचाई है परन्तु हाल में राष्ट्रीय अपराध ब्यूरो द्वारा वर्ष 2014 के लिए दलितों के विरुद्ध हुए अपराध सम्बन्धी जारी किये गए आंकड़े दर्शाते हैं कि उत्तर प्रदेश में दलितों के विरुद्ध अपराध बहुत अधिक है खास करके संगीन अपराध में जैसा कि निम्नलिखित विश्लेषण से स्पष्ट है :-

  1. कुल अपराध और अपराध का दर :-वर्ष 2014 में उत्तर प्रदेश में दलितों के विरुद्ध 8075 अपराध हुए थे जो कि देश में दलितों के विरुद्ध कुल घटित अपराध (47064) का 2% और कुल संज्ञेय अपराध का 19.5% रहा है।
  2. हत्या :उपरोक्त अवधि में उत्तर प्रदेश में दलितों की 245 हत्याएं हुयी थीं जो कि राष्ट्रीय स्तर पर दलितों के विरुद्ध घटित कुल अपराध (744) का 33% था।
  3. अपहरण :उक्त अवधि में उत्तर प्रदेश में अपहरण के 383 मामले हुए जो कि इस अवधि में पूरे देश में दलितों के विरुद्ध घटित कुल घटित अपराध (758) का 51% था।
  4. दलित महिलाओं का अपहरण :उक्त अवधि में उत्तर प्रदेश में दलित महिलायों को विवाह के लिए विवश करने के इरादे से 270 अपहरण हुए थे जो कि राष्ट्रीय स्तर दलितों के विरुद्ध घटित इन मामलों की संख्या (427) का 63% था।
  5. बलात्कार :वर्ष 2014 के दौरान उत्तर प्रदेश में दलित महिलाओं पर बलात्कार के 459 मामले हुए, जो कि राष्ट्रीय स्तर पर दलितों के विरुद्ध घटित कुल अपराध (225) का 20% था। इस से स्पष्ट है कि दलित महिलाओं पर बलात्कार के मामले काफी अधिक हैं।
  6. बलात्कार का प्रयास :उपरोक्त अवधि में उत्तर प्रदेश में दलित महिलायों पर बलात्कार के प्रयास के 32 मामले हुए जो कि राष्ट्रीय स्तर पर दलितों के विरुद्ध घटित कुल अपराध का 36% था।
  7. यौन उत्पीड़न :उपरोक्त अवधि में उत्तर प्रदेश में दलित महिलाओं के यौन उत्पीडन के 254 मामले हुए जो कि राष्ट्रीय स्तर पर दलितों के विरुद्ध घटित कुल अपराध का 30% था।
  8. दलित महिलाओं को निर्वस्त्र करने का अपराध:उपरोक्त अवधि में दलित महिलओं को निर्वस्त्र करने के 32 मामले हुए जो कि राष्ट्रीय स्तर पर दलितों के विरुद्ध घटित कुल अपराध का 22% था।
  9. शीलभंग के लिए हमला:उपरोक्त अवधि में दलित महिलाओं पर शीलभंग के लिए हमला के 427 अपराध हुए जो कि राष्ट्रीय स्तर पर दलितों के विरुद्ध घटित कुल अपराध (2354) का 18% था।
  10. बलवा:उपरोक्त अवधि में उत्तर प्रदेश में दलितों के विरुद्ध बलवे के 342 मामले हुए जो कि राष्ट्रीय स्तर पर घटित कुल अपराध (1147) का 30% था।

उपरोक्त विवरण से स्पष्ट है कि वर्ष 2014 में उत्तर प्रदेश में दलितों के विरुद्ध घटित अपराध ख़ास करके हत्या और महिलयों के विरुद्ध गंभीर अपराध की स्थिति बहुत खराब है, क्योंकि इस की दर राष्ट्रीय स्तर  पर घटित अपराध से बहुत ज्यादा है।

दलितों पर अपराध के उपरोक्त आंकड़े वह हैं, जो पुलिस द्वारा लिखे गए हैं, परन्तु यह यथार्थ से परे हैं।वास्तविकता यह है पुलिस में जो अपराध लिखे जाते हैं वे कुल घटित अपराध का थोडा हिस्सा ही होते हैं क्योंकि यह सर्वविदित है कि दलित तथा अन्य कमज़ोर वर्गों पर घटित होने वाले अधिकतर अपराध तो दर्ज ही नहीं किये जाते।

 इस का एक मुख्य कारण है पुलिस अधिकारियों की जातिवादी मानसिकता और दूसरा है अपराध के आंकड़ों को कम करके दिखाना।

इस का एक अच्छा उदहारण यह है कि 2014 में दलितों के जो मामले ऊपर दिखाए गए हैं, उन में 1500 मामले धारा 156(3) दंड प्रक्रिया संहिता के अंतर्गत अदालत के आदेश से दर्ज किये गए थे, क्योंकि इन को पुलिस ने थाने पर दर्ज करने से मना कर दिया था। बहुत से मामले ऐसे होते हैं, जिन में लोग विभिन्न कारणों से थाने पर लिखाने ही नहीं जाते हैं। इस प्रकार सरकारी आंकड़े दलितों के विरुद्ध कुल घटित अपराध को नहीं दिखाते हैं।

उपरोक्त समीक्षा से स्पष्ट है कि उत्तर प्रदेश जहाँ पर दलितों की सब से बड़ी आबादी है, में दलितों पर होने वाले उत्पीड़न के अपराध खास करके संगीन अपराध सब से अधिक हैं, जो कि चिंता का विषय है। एक तो वैसे ही समाजवादी सरकार का अब तक का रवैय्या दलित

विरोधी ही रहा है। इस का सब से बड़ा उदहारण यह है कि थानों पर थानाध्यक्षों की नियुक्ति में 21% का आरक्षण होने के बावजूद भी थानों पर उन की बहुत कम नियुक्ति की गयी है, जिस का सीधा प्रभाव दलितों सम्बन्धी अपराध के पंजीकरण पर पड़ता है।

हाल में श्री पी.एल.पूनिया, अध्यक्ष, राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग द्वारा की गयी समीक्षा से पाया गया है प्रदेश में दलित उत्पीड़न को रोकने के लिए मुख्य मंत्री तथा जिला स्तर पर निर्धारित अवधि में की जाने वाली समीक्षा बैठक बिलकुल नहीं की जा रही है, जिस कारण दलितों पर होने वाले अपराधों की रोकथाम तथा उनकी अदालतों में की जाने पैरवी की कार्रवाही समुचित ढंग से नहीं की जा रही है। यह बात निश्चित है कि यदि दलितों के प्रति समाजवादी सरकार का यही रवैय्या रहा, तो उन को इस का खामियाजा अगले चुनाव में ज़रूर भुगतना पड़ेगा।

खबर एन डी टीवी

बागपत खाप पंचायत मामला : सुप्रीम कोर्ट ने दिए दलित युवक को रिहा करने के आदेश

http://khabar.ndtv.com/news/india/baghpat-khap-panchayat-case-supreme-court-orders-to-release-the-dalit-youth-1218408

उत्तर प्रदेश के बागपत जिले में खाप पंचायत के कथित रूप से बलात्कार का फरमान सुनाए जाने के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने दलित युवक को राहत देते हुए निजी मुचलके पर रिहा करने के आदेश दिए हैं।

दिल्ली पुलिस को दलित परिवार को सुरक्षा देने के आदेश के साथ-साथ यूपी पुलिस को कहा है कि वो दलित युवक के खिलाफ मामलों की जांच तो करें लेकिन कोर्ट की इजाजत के बिना फाइनल रिपोर्ट दाखिल न करें। युवक अभी मादक पदार्थ मामले में जेल में है। वैसे निचली अदालत ने 1 लाख के मुचलके पर जमानत दी थी।

सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को यूपी पुलिस को युवक को कोर्ट में पेश करने को कहा था। पुलिस ने युवक को पेश किया और मामले की सुनवाई चैंबर में की गई। इससे पहले सोमवार को कोर्ट ने पूरे परिवार को पेश होने के निर्देश दिए थे। मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट ने बंद चैंबर में दलित परिवार के साथ करीब आधे धंटे तक बात की और निर्देश जारी किए थे। वहीं दलित लड़की ने यूपी पुलिस पर गलत मामला दर्ज करने और मादक पदार्थों के तहत फंसाए जाने का आरोप लगाया है जिस पर यूपी सरकार से सुप्रीम कोर्ट में जवाब दाख़िल करने को कहा गया है।

दरअसल पिछले महीने बागपत जिले की एक दलित लड़की ने सुप्रीम कोर्ट में फरियाद लगाई थी कि गांव के उच्च जाति की खाप पंचायत ने उसका और उसकी बहन के बलात्कार का फरमान सुनाया है। इन लड़कियों के भाई की मित्रता इस गांव के उच्च जाति के परिवार की लड़की से थी। इस पूरे मामले की जांच हो ही रही थी कि तभी एक नया मोड़ आ गया। दलित लड़के की कथित महिला मित्र ने पुलिस में उल्टे यह शिकायत दर्ज करा दी है कि नौकरी दिलाने के बहाने लड़का उसे दिल्ली ले गया था जहां उसके साथ बलात्कार भी किया गया।

हुआ यूं है कि जुलाई महीने में बागपत जिले का एक दलित लड़का और उच्च जाति की लड़की एक साथ दिल्ली के महरौली इलाके में पाए गए। लड़की शादीशुदा थी। उसके घर वालों ने दलित लड़के पर लड़की को बरगलाने का इल्ज़ाम लगाया। उस वक्त लड़की ने अपने परिवार के बयान के समर्थन में कुछ नहीं कहा इसलिए पुलिस ने लड़के पर अपहरण का मुकादमा दर्ज करने के बजाय उसे नारकोटिक्स एक्ट में जेल भेज दिया।

लड़के की बहन अब सुप्रीम कोर्ट पहुंची है। उसका आरोप है कि बागपत में एक खाप पंचायत ने इस घटना से नाराज होकर फरमान सुनाया है कि लड़की  के परिवार के लोग बदला लेने के लिए दलित लड़के की दोनों बहनों के साथ बलात्कार करेंगे। दलित लड़की ने अदालत से सुरक्षा मांगी है। सुप्रीम कोर्ट ने पुलिस को मामले की जांच करके कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।

मामले में एक पेंच यह है कि कुछ दिनों बाद दलित लड़के के साथ दिल्ली में पाई गई लड़की ने इसे मोहब्बत का नहीं बल्कि धोखाधड़ी का मामला बताया। बागपत जिले के एसपी से लड़की ने शिकायत की है कि दलित लड़का उसे बहला-फुसलाकर दिल्ली ले गया था, जहां उसने उसके साथ बलात्कार किया।

एसपी ने मामले की जांच के बाद कार्रवाई करने की बात कही है। दूसरी तरफ लड़के के घर के लोग कह रहे हैं कि लड़की झूठ बोल रही है और यह बयान उसने तब क्यों नहीं दिया जब वह दिल्ली से लौटी थी। लड़की का कहना है कि परिवार की इज्जत की खातिर उसने यह वजह पहले किसी को नहीं बताई।

बी बी सि  हिंदी

दलितों ने बिहार में बनाया मिनी पंजाब

http://www.bbc.com/hindi/india/2015/09/150914_bihar_mini_punjab_du

 बिहार की राजधानी पटना से क़रीब 300 किलोमीटर दूर बसे हैं दलितों के कुछ ऐसे गांव जहाँ पंच ककार यानी केश, कृपाण, कंघा, कड़ा और कच्छा का पूरा पालन होता है. यही नहीं यहाँ एक गुरुद्वारा भी है.

ज़िले के ख़ास हलहलिया, नयानगर, ख़वासपुर, परमानन्दपुर, माणिकपुर और मजलत्ता गाँव में लगभग 200 ऐसे दलित महिला-पुरुष हैं, जिन्होंने सिख धर्म को अपना लिया है.

ये सभी मूल रूप से ऋषिदेव (मांझी) समुदाय से आते हैं.

ख़ास हलहलिया गाँव में पहले फूस के श्रीअकाल तख़्त साहब गुरुद्वारा को दिसंबर, 1985 में पक्का बना दिया गया.

इस सबकी शुरुआत नरेंद्र सिंह ज्ञानी ने की थी. वो क़रीब 10 साल तक रोज़ी-रोटी के लिये पंजाब में रहे थे, ग़रीबी और बिहार में जातीय भेदभाव से पीछा छुड़ाने के लिए इन्होंने ख़ालसा पंथ अपना लिया था.

बाद में जब वो गाँव लौटे तो लोगों को अपने नए धर्म के प्रवचन और सत्संग सुनाए. और लोगों में इसका प्रभाव बढ़ा वो उनके साथ होते गए.

और अस्सी के दशक में जिस बदलाव की गांव में शुरूआत हुई थी अब उसकी तीसरी पीढ़ी तैयार हो गई है.

पंजाब के कटाना साहब, खन्ना में क़रीब तीन साल काम कर चुके 35 साल के सरदार प्रमोद सिंह बताते हैं कि यह महादलितों का गाँव है.

यहां के गुरूद्वारे में ग्रंथी का काम वीरेन्द्र सिंह ज्ञानी कर रहे हैं. और हर रोज़ पांच वाणियों का जाप होता है.

लेकिन, ‘बदलाव’ की शुरुआत इतनी सहज नहीं थी और स्थानीय लोगों ने इसका विरोध किया था.

 बराबरी का दर्जा

रूप सिंह कहते हैं, ”लोग कहते थे चाकू धारण कर आ गया है और ये सब वहां नहीं चलेगा. लेकिन, अब मामला ठीक है.”

हम हर साल गुरुनानक देव और गुरु गोविंद सिंह की जयंती और बैशाखी धूमधाम से मनाते हैं. सरदार संजय सिंह के मुताबिक़ सिख धर्म बराबरी का दर्जा देता है.

संजय सिंह कहते हैं, “लंगर में एक साथ सब खाते हैं. ऊँच-नीच वाली बात इसमें नहीं है, इसलिए उन्होंने इस मत को अपनाया है.

News Monitored by Kuldeep Chandan & Kalpana Bhadra

Advertisements

Leave a Reply

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out / Change )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out / Change )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out / Change )

Google+ photo

You are commenting using your Google+ account. Log Out / Change )

Connecting to %s