दलित मीडिया वाच – हिंदी न्यूज़ अपडेट 16.09.15

तांत्रिक ने महिला के साथ किया दुष्कर्म – अमर उजाला

http://www.amarujala.com/news/city/sultanpur/sultanpur-crime-news/rape-with-women-hindi-news-3/

ख़बर लहरियाअख़बार की संपादक और पत्रकारों को बलात्कार की धमकी – लीजेंड न्यूज़ 

http://legendnews.in/khabar-laharia-newspaper-editor-and-journalists-threatened-rape/

ब्राह्मणवादी व्यवस्था को उखाड़ फेंकें पिछड़े और दलित: कुशवाहा – बीइंग दलित

http://www.beingdalit.com/2015/09/throw-this-brahminical-system-to-get-your-rights.html#.VfkCvzmm9dg

दलितों नें नीले कार्ड काटने पर जिला प्रशासन के विरुद्ध प्रदर्शन किया – पंजाब केसरी

http://www.punjabkesari.in/news/article-395357

बनियानी छेड़छाड़ मामले में सुलह – अमर उजाला

http://www.amarujala.com/news/city/rohtak/rohtak-hindi-news/binyani-eveteasing-hindi-news/

आईजी विशाल बंसल को ज्ञापन दिया – प्रेस नोट

http://www.pressnote.in/Kota-News_287200.html

Save Dalit Foundation:

Educate, agitate & organize! – Dr. Ambedkar.

Let us all educates to agitate & Organize to Save Dalit Foundation !

Please sign petition by click this link : https://t.co/WXxFdysoJK

अमर उजाला

तांत्रिक ने महिला के साथ किया दुष्कर्म

http://www.amarujala.com/news/city/sultanpur/sultanpur-crime-news/rape-with-women-hindi-news-3/

तांत्रिक ने झाड़फूंक के बहाने क्षेत्र के एक गांव की दलित महिला को सोमवार रात दुष्कर्म किया। घ्आरोपी के चंगुल से छूटने के बाद पीड़िता गांव स्थित पंचायत भवन के पास पहुंची तो ग्रामीणों को मामले की जानकारी हुई। मंगलवार की सुबह पीड़िता अपने पति के साथ बल्दीराय थाने पहुंची। पुलिस ने पीड़िता के पति की तहरीर पर आरोपी तांत्रिक के खिलाफ दुष्कर्म का मुकदमा दर्ज किया है।

बल्दीराय थाना क्षेत्र के एक गांव की 30 वर्षीय दलित महिला बीमार चल रही थी। सोमवार दोपहर करीब डेढ़ बजे बल्दीराय थाने के इसौली गांव निवासी तांत्रिक चंदन सोनकर पुत्र शिवनरायन सोनकर के घर महिला अपने पति के साथ झाड़-फूंक कराने गई थी। तांत्रिक ने महिला को शाम तक अपने घर पर रोक रखा था। रात करीब 8:30 बजे पति को दरवाजे पर बैठाकर तांत्रिक चंदन सोनकर महिला को झाड़फूंक के बहाने नदी किनारे ले गया था। वहां आरोपी चंदन सोनकर ने महिला के साथ छेड़छाड़ करनी शुरू कर दी।

महिला के विरोध करने पर आरोपी ने उसे मारकर नदी में फेंकने की धमकी देते हुए उसके साथ दुष्कर्म किया। आरोपी के चंगुल से छूटने के बाद पीड़िता अस्त-व्यस्त हालत में गांव स्थित पंचायत भवन के पास पहुंची।मंगलवार की सुबह दुष्कर्म की शिकार महिला पति के साथ बल्दीराय थाने पहुंची। पीड़िता के पति ने आरोपी चंदन सोनकर के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के लिए तहरीर दी। थानाध्यक्ष बल्दीराय भवनाथ चौधरी ने बताया कि दुष्कर्म के आरोपी चंदन सोनकर के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।

लीजेंड न्यूज़  

ख़बर लहरियाअख़बार की संपादक और

पत्रकारों को बलात्कार की धमकी

http://legendnews.in/khabar-laharia-newspaper-editor-and-journalists-threatened-rape/

नई दिल्‍ली। ‘ख़बर लहरिया’ नाम से अख़बार निकालने वाली आदिवासी और दलित ग्रामीण महिलाएं को आठ महीने से एक शख़्स बलात्कार की धमकी दे रहा है। उत्तर प्रदेश की इन महिला पत्रकारों को टेलीफ़ोन से अश्लील बातें कहने और धमकियां देने वाले शख़्स के ख़िलाफ़ आख़िरकार राज्‍य सरकार ने कार्यवाही करने का भरोसा दिलाया है.
उत्तर प्रदेश सरकार ने एक ट्वीट में कहा कि, “स्पेशल टीम बनाई गई है और उन्हें अपराधी को जल्द से जल्द पकड़ने के लिए रवाना कर दिया गया है.”

khabarlaharia

ये आदिवासी, दलित ग्रामीण महिलाएं ‘ख़बर लहरिया’ नाम का अख़बार चलाती हैं. 40 महिलाओं द्वारा चलाया जाने वाला ये अख़बार उत्तर प्रदेश और बिहार में स्थानीय भाषाओं में छपता है.

अख़बार की संपादक कविता ने एक वेबसाइट पर अपनी आपबीती लिखी.

उनके लेख के मुताबिक़ जनवरी से एक शख़्स उन्हें लगातार फ़ोन कर रहा है, “रात में फ़ोन करके वो कहता, मुझसे गंदी बातें करो, नहीं तो मैं तुम्हारा अपहरण कर बलात्कार करूंगा। कई बार करूंगा, जहां भी छिपोगी, ढूंढ लूंगा, तुम्हें भी और तुम्हारी साथियों को भी.”

संपादक के मुताबिक़ ये आदमी अलग-अलग नंबर से फ़ोन करता है और कई बार उनका और उनकी सहयोगियों के सिम कार्ड भी ब्लॉक करवा चुका है.

कविता के मुताबिक़ मार्च में उन्होंने उस आदमी के ख़िलाफ़ पुलिस में एफ़आईआर दर्ज कराई थी पर अब तक उसे ढूंढा नहीं जा सका है.

वो पुलिस के ख़राब रवैये की भी चर्चा करती हैं, “इंस्पेक्टर ने मुझे कहा, बताओ वो तुम्हें कौन सी गालियां देता था? कैसे कहता था? जो भी वो फ़ोन पर कहता था वो सब मेरे लिए दोहराओ”

‘द लेडीज़ फ़िंगर’ वेबसाइट पर उनका लेख छपने के बाद उसे ट्विटर पर कई महिला पत्रकारों ने शेयर किया. आख़िरकार उत्तर प्रदेश सरकार की तरफ़ से आश्वासन भरे ट्वीट किए गए.

उत्तर प्रदेश सरकार के ट्वीट में कहा गया कि बांदा के एसपी ने उन्हें भरोसा दिलाया है कि ये केस बहुत संवेदनशीलता से देखा जाएगा.

एक और ट्वीट में कहा गया, “बांदा की पत्रकारों के मुद्दे का संज्ञान ले रहे हैं, बांदा के एसपी को हिदायत दी गई है कि पत्रकारों के साथ ऐसी प्रताड़ना के लिए ‘ज़ीरो टॉलरेंस’ होनी चाहिए.”

ख़बर लहरिया साल 2002 में छपना शुरू हुआ था. इसे संयुक्त राष्ट्र के ‘लिट्रेसी प्राइज़’ समेत कई पुरस्कारों से सम्मानित किया जा चुका है.

बीइंग दलित

ब्राह्मणवादी व्यवस्था को उखाड़ फेंकें पिछड़े और दलित: कुशवाहा

http://www.beingdalit.com/2015/09/throw-this-brahminical-system-to-get-your-rights.html#.VfkCvzmm9dg

 पिछड़ा समाज महासभा ने पिछड़ों व दलितों से अपील की है कि ब्राह्मणवादी व्यवस्था को उखाड़ फेंकें। तभी पिछड़ों और दलितों को देश की कुल राष्ट्रीय सम्पत्ति और सत्ता में हिस्सेदारी मिल पायेगी। ये जानकारी 13 सितम्बर को लखनऊ में जारी एक संयुक्त वक्तव्य में महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष एहसानुलहक मलिक व राष्ट्रीय महासचिव शिवनरायन कुशवाहा ने दी। नेता द्वय ने बड़े स्पष्ट शब्दों में कहा कि ब्राह्मणवादी व्यवस्था ने पिछडों व दलितों को हिन्दू भाई-भाई का नारा देकर देश की कुल राष्ट्रीय सम्पत्ति व सत्ता में 90 प्रतिशत कब्जा करके सत्ता पर इतनी मजबूत पकड़ बना ली है।

आज पिछड़ों व दलितों को किसी भी स्तर पर कहीं भी हिस्सेदारी नहीं देना चाहते हैं। जब-जब पिछड़ों और दलितों ने अपनी हिस्सेदारी की मांग की तो इन ब्राह्मणवादी ताकतों ने हिन्दू-मुस्लिम दंगा या बाबरी मस्जिद जैसे मुद्दे उठाकर पूरे देश में साम्प्रदायिक माहौल बनाकरके पिछड़ों व दलितों को बेवकूफ बनाकर अपना स्वास्र्थ सिद्ध करते रहते हैं। वहीं पर दलितों पर भयंकर अत्याचार, खुलेआम महिलाओं को नंगा करके घुमाना, बलात्कार करना, पिछड़ों को हीन भावना से देखना व समय-समय पर अति पिछड़ों का शोषण करना, मुस्लिमों का कत्लेआम कराना और ये सब खुलेआम होने के बाद भी केन्द्र और राज्य सरकार द्वारा कार्यवाही न किये जाने से स्पष्ट है कि सत्ता में पूरी पकड़ ब्राह्मणवादी ताकतों की है। 

नेता द्वय ने यह भी कहा कि 69 वर्ष बाद भी आज दलित व पिछड़े फटेहाल जिन्दगी व्यतीत कर रहे हैं 3 प्रतिशत के लोग मलाई काट रहे हैं। जब तक ब्राह्मणवादी ताकतों का समूल नाश नहीं किया जायेगा तब तक पिछड़ों और दलितों का भला नहीं होने वाला है। नेता द्वय ने यह भी बताया कि कुछ पिछड़ों व दलितों में ऐसे लोग हैं जो अपने स्वार्थ के लिए पाला बदलते रहते हैं। लेकिन पिछड़े व दलित अब ऐसे दलाल नताओं व धर्म के ठेकेदारों को मुकम्मल जवाब देना होगा। वह दिन दूर नहीं है जब ऐसे लोगों का सामाजिक बहिष्कार होगा। नेता द्वय ने पिछड़ों व दलितों से अपील की है कि वह दलाल नेता व धर्म के ठेकेदारों के चंगुल में न फंसकर अपनी एकता के बल पर कुल राष्ट्रीय सम्पत्ति व सत्ता मे हिस्सेदारी लेने के लिए एक जन आन्दोलन खड़ा करें।

पंजाब केसरी

दलितों नें नीले कार्ड काटने पर

जिला प्रशासन के विरुद्ध प्रदर्शन किया

http://www.punjabkesari.in/news/article-395357

दलितों के नीले कार्ड काटने व अधिकतर दलित वर्ग के लोगों के नीले कार्ड न बनने के रोषस्वरूप कस्बा हरचोवाल में गिरजाघर में गेहूं वितरण वाले स्थान पर सैंकड़ों लोगों ने सरकार व प्रशासन के विरुद्ध नारेबाजी की। 

इस अवसर पर लोगों ने कहा कि अकाली-भाजपा गठबंधन सरकार ने वायदा किया था कि प्रत्येक गरीब दलित को 1 रुपए किलो गेहूं व 20 रुपए किलो दाल प्रति माह दी जाएगी,  लेकिन पिछले 2 वर्षों दौरान लोगों को मुफ्त गेहूं की सुविधा प्रदान नहीं की गई है। मात्र प्रशासन द्वारा नीले कार्डों की बार-बार जांच कर समय निकाल दिया जाता है।

अब जब गरीब दलित परिवारों को गेहूं वितरण का समय आया है तो पता चला है कि लगभग 200 से अधिक दलित लोगों के कार्ड जारी नहीं किए गए है और जिन्हें फूड व सप्लाई विभाग द्वारा कार्ड जारी किए गए हैं उन्हें भी अभी तक यह सुविधा उपलब्ध नहीं करवाई जा रही है।

इस अवसर पर लखविन्द्र सिंह पुत्र जसवंत सिंह, अवतार सिंह पुत्र जोगिन्द्र सिंह, दलबीर सिंह पुत्र प्रेम सिंह, ओम प्रकाश पुत्र वीर भान सिंह, रछपाल सिंह पुत्र हंसा सिंह, अजीत सिंह पुत्र अर्जुन सिंह, प्रकाश सिंह पुत्र करतार सिंह निवासी हरचोवाल ने बताया कि हम पिछले कई वर्षों से यह सुविधा प्राप्त कर रहे थे,  लेकिन पिछले कई माह से उक्त सुविधा उपलब्ध नहीं करवाई जा रही है और जब अब गेहूं वितरण का समय आया और वे हरचोवाल डिपू पर पहुंचे तो बताया गया कि आपके नाम सूची में नहीं हैं। उन्होंने बताया कि यह कार्ड सरकार व प्रशासन द्वारा सुविधा सम्पन्न लोगों के बनाए गए हैं और हमारे नाम जानबूझ कर सूची से काट दिए गए हैं, जोकि एक गहरी साजिश का परिणाम है। 

दलित भाईचारे के लोग जीनत मसीह, कश्मीर कौर, नैत पास्टर, शिंदो, सीमा, गुरमीतो, गोल्डी, परमजीत, मलकीत सिंह, नेबल, बेबी, सोनिया, बल्ला मसीह, प्रवीण मसीह, किशना, पप्पू, हरपाल मसीह, शम्भो पंचायत सदस्य, इन्द्रजीत सिंह, सोमा, जोगिन्द्र, अमरजीत सिंह, मुखा, गागी, सरबत मसीह, डैनियल, गामा आदि ने बताया कि जब वह विधायक देसराज धुग्गा के संगत दर्शन कार्यक्रम में अपनी फरियाद लेकर गए तो हमारी बात बिना सुने ही हमें वापस भेज दिया गया। 

उन्होंने कहा कि यदि हमारे साथ इंसाफ न किया गया तो आगामी दिनों में काली झंडियों से सत्ताधारी नेताओं का स्वागत किया जाएगा और 18 सितम्बर को हरचोवाल चौक में धरना दिया जाएगा। दलित भाईचारे के लोगों ने जिलाधीश गुरदासपुर, एस.डी.एम. बटाला, सिविल प्रशासन के उज्जाधिकारियों से मांग की कि जिन दलित लोगों के नीले कार्ड काटे गए हैं उनकी जांच करवाई जाए। 

इस सम्बन्धी जब डिपो होल्डर दर्शन कुमार काली से बात की गई तो उन्होंने कहा कि हमारे पास जिन लोगों की सूची आई है उन्हें सुविधा उपलब्ध करवाई जा रही है और नीले कार्डों की संख्या 96 के करीब है। उन्होंने बताया कि जो नीले कार्ड बनाए जाते हैं वे पूर्णत: उज्जाधिकारियों की निगरानी में बनते हैं,  इसलिए इसमें हमारी कोई जिम्मेदारी नहीं है। 

अमर उजाला

बनियानी छेड़छाड़ मामले में सुलह

http://www.amarujala.com/news/city/rohtak/rohtak-hindi-news/binyani-eveteasing-hindi-news/

सीएम मनोहर लाल खट्टर के गांव बनियानी के छेड़छाड़ बवाल में आखिरकार सुलह हो गई।

पिछले कई दिनों ने जिला और पुलिस प्रशासन के लिए गले की हड्डी बना हुआ था।

लगातार कई प्रयासों के बाद डीसी डी. के. बेहेरा दोनों पक्षों को साथ लाने में कामयाब हो गए और सुलह करा दी गई। हालांकि सुलह के लिए हुई मीटिंग में मौजूद कुछ संगठनों के पदाधिकारियों ने आरोप लगाया कि सुलह दबाव में करवाई गई है।

हालांकि दोनों पक्षों के अलावा डीसी और एसपी ने साफ तौर पर कहा कि किसी तरह का कोई दबाव नहीं बनाया गया। सुलह के साथ ही गांव की ही एक शांति समिति का गठन करने पर भी सहमति बनी है।

ग्रामीणों ने स्कूल में सीसीटीवी लगवाने की मांग रखी, जिसे प्रशासन ने मान लिया।

बनियानी गांव में 10 सितंबर को स्कूल में छेड़छाड़ मामले को सुलझाने के लिए हुई पंचायत में दलित और ठाकुर समाज के बीच जमकर मारपीट हुई। जिसमें कई महिला पुरुष घायल हो गए थे।

एक पक्ष के युवक पर दूसरे पक्ष की लड़की से छेड़छाड़ को लेकर पंचायत बुलाई गई थी। पंचायत में मारपीट होने के बाद मामला बढ़ता चला गया।

पहले ठाकुर पक्ष की ओर से दलित नाबालिग पर छेड़छाड़ का केस दर्ज कराया गया था। पंचायत में हंगामे के बाद दलित पक्ष की ओर से ठाकुर पक्ष पर छेड़छाड़, मारपीट और एससी-एसटी एक्ट का केस दर्ज करवाया गया। गांव में पुलिस की मौजूदगी और दहशत का माहौल जिला प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बन गया था। मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर का गांव होने के कारण भी प्रशासन की नींद उड़ी हुई थी। सोमवार को ठाकुर पक्ष के तीन लोगों की गिरफ्तारी के बाद मंगलवार को तीन घंटे चली वार्ता में सुलह हो गई।

प्रेस नोट

आईजी विशाल बंसल को ज्ञापन दिया

http://www.pressnote.in/Kota-News_287200.html

कोटा | सांगोदथाना क्षेत्र के बोरदा गांव में दलित परिवार को मंदिर में दर्शन करने से रोकने, अभद्रता करने और मारपीट करने के मामले में युवा मेघवाल समाज विकास परिषद, कोटा संभाग की ओर से गुरुवार को आईजी विशाल बंसल को ज्ञापन दिया। इसमें समाज ने दोषियों को शीघ्र गिरफ्तार करने की मांग की। अध्यक्ष नरेन्द्र मेघवाल ने बताया कि घटना के 4 दिन बाद भी अपराधियों की गिरफ्तारी नहीं हो सकी। समाज ने शीध्र गिरफ्तारी नहीं हुई तो आंदोलन की चेतावनी दी। इस दौरान समाज के मुकेश मेघवाल, राजकमल वर्मा, कुलदीप मेघवाल सहित कई जने मौजूद रहे।

News Monitored by Kuldeep Chandan & Kalpana Bhadra

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