दलित मीडिया वाच – हिंदी न्यूज़ अपडेट 06.09.15

 पानी भरने गए दलित को दबंगों ने पीटा – नई दुनिया

http://naidunia.jagran.com/madhya-pradesh/sagar-sagar-news-467706

पुलिस ने दलित को छत से फेंका, मौत – अमर उजाला

http://www.amarujala.com/news/city/firozabad/police-thrown-from-the-roof-to-dalit-death-hindi-news/

बदायूं में बच्ची और जौनपुर में किशोरी से सामूहिक दुष्कर्म – दैनिक जागरण

http://www.jagran.com/uttar-pradesh/lucknow-city-gangpare-with-girl-in-jaunpur-and-badaun-12840427.html

ससुर की गोली से घायल बहू की मौत – अमर उजाला

http://www.amarujala.com/news/city/banda/banda-crime-news/damsel-died-of-bullet-injuries-hindi-news/

नाबालिब पुत्री को भगाने का आरोप, एसपी से शिकायत – दैनिक जागरण

http://www.jagran.com/uttar-pradesh/sidharth-nagar-12843473.html

पीसीएस से चुनकर आई दलित महिला अफसर का हो रहा उत्‍पीड़न न्यूज़ 18

http://hindi.news18.com/news/uttar-pradesh/pcs-officer-dalit-woman-being-assaulted-in-bulanshahr-uttar-pradesh-687370.html

म़ुंडन संस्कार में खाने के बाद बस्ती में फैला संक्रामक रोग – दैनिक जागरण

http://www.jagran.com/uttar-pradesh/saharanpur-12844178.html

महिलाओं ने किया पुलिस के खिलाफ प्रदर्शन – दैनिक जागरण

http://www.jagran.com/uttar-pradesh/saharanpur-12843850.html

Save Dalit Foundation-DF:

Educate, agitate & organize! – Dr. Ambedkar.

Let us all educates to agitate & Organize to Save Dalit Foundation !

Please sign appeal for Evaluation of DF by click this link : https://t.co/WXxFdysoJK

Please Watch:

Dalit Muslims of India

http://www.aljazeera.com/programmes/aljazeeraworld/2015/09/dalit-muslims-india-150902080746653.html

नई दुनिया

पानी भरने गए दलित को दबंगों ने पीटा

http://naidunia.jagran.com/madhya-pradesh/sagar-sagar-news-467706

सुरखी थाना क्षेत्र के खमकुआ गांव में शनिवार की शाम सार्वजनिक हैंडपंप पर पानी भरने गए गनेश अहिरवार की तीन दबंगों ने लाठी और लोह की रॉड से पिटाई कर दी। पुलिस के मुताबिक सार्वजनिक हैंडपंप पंचायत की जमीन पर लगा है। हैंडपंप से गांव के दलितों को पानी नहीं भरने दिया जाता है। गनेश अहिरवार पानी भरने गया था उसे देखकर राजेंद्र सिंह, सुरेंद्र , बलवीर और राजा बाबू ठाकुर लाठी, लोहे की राड लेकर आए और जातिगत अपमान कर गालियां देने लगे। विरोध करने पर चारों युवकों ने उसकी पिटाई कर दी। आरोपियों के खिलाफ मारपीट और एससीएसटी एक्ट का मामला दर्ज किया गया है।

अमर उजाला

पुलिस ने दलित को छत से फेंका, मौत

http://www.amarujala.com/news/city/firozabad/police-thrown-from-the-roof-to-dalit-death-hindi-news/

थाना रामगढ़ पुलिस ने शुक्रवार रात सैलई में विकलांग दलित सतीश जाटव (50) के घर पर जमकर तांडव मचाया। मकान का दरवाजा तोड़कर घर में घुसी पुलिस ने सतीश के पुत्र धीरज को हिरासत में ले लिया। सतीश और उसके परिवारीजनों ने विरोध किया तो उन्हें जमकर पीटा। सतीश को छत से नीचे फेंक दिया। मोहल्ले के लोगों का गुस्सा भड़कते देख पुलिस कर्मी धीरज को छोड़कर भाग खड़े हुए। गंभीर हालत में सतीश को जिला अस्पताल ले जाया गया, वहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। आक्रोशित लोगों ने शनिवार सुबह थाने का घेराव कर दिया। मृतक के पुत्र की तहरीर पर एसआई सहित तीन सिपाहियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है।

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घटना शुक्रवार रात करीब एक बजे की है। थानाध्यक्ष रामगढ़ का कहना है कि गुरुवार की रात सैलई निवासी जगजीवन प्रकाश के यहां चोरी की करते आशीष, रवि और शिवम को रंगे हाथ पकड़ लिया गया था। पूछताछ के दौरान इन्होंनेे धीरज का भी नाम बताया था। इसी मामले में रामगढ़ थाने पर तैनात एसआई शेर सिंह अंबेडकर पार्क, सैलई निवासी धीरज की गिरफ्तारी के लिए दबिश देने गए थे। सतीश की मौत से आक्रोशित परिवारीजनों और मोहल्ले के लोग सुबह करीब 8 बजे थाना रामगढ़ पहुंचे और पुलिस के खिलाफ नारेबाजी करते हुए थाने का घेराव शुरू कर दिया । पुलिस अधिकारियों ने लोगों को समझा बुझाकर शांत किया। सीओ सिटी राजेश चौधरी का कहना है कि मृतक के बेटे पवन की तहरीर पर एसआई शेर सिंह और तीन अज्ञात सिपाहियों के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का मामला दर्ज कर लिया। घटना की जांच की जाएगी, दोषी पाए जाने पर पुलिस कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई होगी।

दैनिक जागरण

बदायूं में बच्ची और जौनपुर में किशोरी से सामूहिक दुष्कर्म

http://www.jagran.com/uttar-pradesh/lucknow-city-gangpare-with-girl-in-jaunpur-and-badaun-12840427.html

 लखनऊ। उत्तर प्रदेश में बेखौफ हो चुके बदमाश दुष्कर्म करने में जरा डर नहीं रहे हैं। आए दिन दुष्कर्म और सामूहिक दुष्कर्म की वारदातें हो रहीं हैं। प्रदेश सरकार के पास महिलाओं, किशोरियों और बच्चियों की सुरक्षा के उपाय पर्याप्त नहीं है। घर से उठाकर दुष्कर्म, खेत जाती बच्ची से दुष्कर्म जैसी घटनाएं मानवता को शर्मशार कर रहीं है। आज बदायूं में दरिंदों ने दस साल की बच्ची को हवश का शिकार बना डाला जबकि जौनपुर में किशोरी को दुस्साहसिक अंदाज में घर से उठा ले गए और दुष्कर्म किया।

बदायूं में बच्ची से सामूहिक दुष्कर्म

बदायूं के जरीफनगर क्षेत्र में खेत की रखवाली कर रही कक्षा छह की दस वर्षीय छात्रा से तीन युवकों ने दुष्कर्म किया। बेहोश बालिका को जिला महिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। शनिवार सुबह जरीफनगर थाना क्षेत्र की रहने वाली कक्षा छह की छात्रा अपने पिता को खेत पर बुलाने गई थी। पिता खाना खाने घर चला आया और वह खेत की रखवाली करने लगी। इसी दौरान पड़ोस के खेतों की रखवाली कर रहे तीन युवकों ने दुष्कर्म किया। पीडि़ता की हालत बिगडऩे पर आरोपी भाग गए। बच्ची खेत से निकलकर घर को चली मगर खून ज्यादा बहने की वजह से बेहोश होकर गिर पड़ी। ग्रामीणों के बताने पर पीडि़ता के पिता पहुंचे। कुछ होश आने पर उसने हैवानियत बयां की। पुलिस ने आरोपी योगेंद्र, निवासी गांव रूखरा एवं दो अज्ञात युवकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया। एसपी देहात बालेंदु भूषण ङ्क्षसह भी गांव पहुंचे। आरोपियों की तलाश में दबिशें दी जा रही हैं। अस्पताल में भर्ती पीडि़ता की हालत में अभी कोई सुधार नहीं है।

जौनपुर में किशोरी से सामूहिक दुष्कर्म

जौनपुर के थाना मुंगराबादशाहपुर क्षेत्र के एक गांव में घर में सो रही किशोरी को तीन लोग घर से उठाकर खेत में लेकर चले गये। इस मामले में पुलिस ने तीन लोगों को गिरफ्तार किया है।

इसके बाद इन लोगों ने किशोरी के साथ सामूहिक दुष्कर्म किया। तीन लोगों के दुष्कर्म करने से किशोरी बेहोश हो गई। आज तड़के खून से लथपथ अचेतावस्था में किशोरी के मिलने की सूचना पुलिस को दी गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने घटना के संबंध में छानबीन कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी।

किशोरी घर के बरामदे में ही सो रही थी। देर रात गांव के ही तीन युवक आए और मुंह में कपड़ा ठूसकर खेत में उठा ले गए। जहां एक के बाद एक करके दरिंदों ने उसके साथ दुष्कर्म किया। उसे तीनों तब तक हवस का शिकार बनाते रहे जब तक कि वह बेहोश नहीं हो गई। खून से लथपथ किशोरी को आरोपी अचेतावस्था में छोड़कर भाग गए। रात में बिस्तर से गायब किशोरी को देख परिवार के लोगों में खलबली मच गया। यह लोग रात में ही खोजबीन में जुट गए, आज तड़के जब वे खेत की ओर गए तो किशोरी को अचेतावस्था में खून से लथपथ पाया इसकी सूचना पुलिस को देते हुए उसे आनन-फानन में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र मुंगराबादशाहपुर ले गये। चिकित्सकों ने पीडि़ता की हालत अब खतरे से बाहर बताया है।

सामूहिक दुष्कर्म के मामले में दलित किशोरी के दादा की तहरीर पर गोधुआ गांव के चंद्रजीत, गिरीशचन्द्र, सुनील कुमार के विरुद्ध पुलिस ने दुष्कर्म व पास्को एक्ट के तहत मुकदमा दर्जकर तीनो आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।

अमर उजाला

ससुर की गोली से घायल बहू की मौत

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ससुर की गोली से घायल युवती की कानपुर में इलाज के दौरान मौत हो गई। उधर, पुलिस ने आरोपी ससुर को गिरफ्तार कर लिया है।

कोतवाली क्षेत्र के परास गांव में गुरुवार को दोपहर सूने घर में ससुर विशेश्वर ने अपने पुत्र गोविंद की पत्नी आरती को तमंचे से गोली मार दी थी। गोविंद ने पिता के विरुद्ध हत्या की कोशिश की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। 

कोतवाली प्रभारी अभिमन्यु सिंह ने बताया कि परास गांव से कुछ दूर दरसेड़ा बाबा के पास विशेश्वर को गिरफ्तार कर हत्या में प्रयुक्त तमंचा और कारतूस बरामद कर लिए। उसे जेल भेज दिया गया। 

उधर, जिला अस्पताल से कानपुर रेफर की गई आरती की शनिवार को तड़के मौत हो गई। गौरतलब है कि गोविंद आरख बिरादरी का है और उसने दलित बिरादरी की युवती आरती से तीन साल पहले कोर्ट मैरिज की थी। तभी से गोविंद का पिता उससे नाराज रहता था। 

गुरुवार को गोविंद मजदूरी पर गया था। खाना बनाते समय ससुर ने तमंचे से आरती को गोली मार दी। कोतवाली प्रभारी का कहना है कि युवती की मौत होने पर अब मामला धारा 302 आईपीसी में तरमीम किया जाएगा।

दैनिक जागरण

नाबालिब पुत्री को भगाने का आरोप, एसपी से शिकायत

http://www.jagran.com/uttar-pradesh/sidharth-nagar-12843473.html

सिद्धार्थनगर : थाना ढेबरुआ अंतर्गत मौजा पचमोहनी में हरिजन की दो नाबालिग लड़कियों को नशीला पदार्थ खिलाकर अपहृत करने के आरोप में एक व्यक्ति के खिलाफ पीड़ित पिता ने पुलिस अधीक्षक को प्रार्थना पत्र देकर न्याय की गुहार लगाई है

खबर के मुताबिक थाना ढेबरुआ पचमोहनी निवासी एक दलित व्यक्ति ने पुलिस अधीक्षक को दिये प्रार्थना पत्र में दर्शाया है कि बीते 24 अगस्त को सुबह 11 बजे के करीब मेरी नाबालिग लड़की को गांव का ही एक युवक दिल्ली अपने बहन के वहां ले गया, जहां मेरी लड़की से जबरन दुष्कर्म का प्रयास करते हुए छेड़छाड़ करने लगा। विरोध करने पर हत्या करने की धमकी देते हुए कहा कि तुम्हारी छोटी बहन को भी अगवा करके लाये हैं। इसी बीच आरोपी की बहन के पास फोन गया कि लड़की वाले घर घेरे हुए हैं उन्हें तुरन्त भेज दो। इस पर 26 अगस्त को आरोपी ने मेरी एक पुत्री को दिल्ली से पचमोहनी भेजते हुए धमकी दिया कि अगर तुमने कुछ बताया तो तुम्हारी छोटी बहन कुन्ती की हत्या कर दूंगा।

पीड़िता ने अपनी दोनों बेटियों के अपहृत की सूचना थानाध्यक्ष ढेबरुआ को दिया था, लेकिन पुलिस ने मुल्जिम के प्रभाव में कार्यवाही नहीं की। कुंठित पिता ने तब पुलिस अधीक्षक से मिलकर घटना की जानकारी दिया। मामला को गंभीरता से लेते हुए पुलिस अधीक्षक ने ढेबरुआ थानाध्यक्ष को कार्यवाही का निर्देश दिया है।

न्यूज़ 18

पीसीएस से चुनकर आई दलित महिला अफसर का हो रहा उत्‍पीड़न

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पुरातन भारत में जातियां वर्ण व्यवस्था की हिस्सा थी, लेकिन 67 साल पहले आजाद भारत में हर इंसान को समान अधिकारों के साथ जीने के लिए लोकतंत्र की व्यवस्था की गई. इस लोकतंत्र को ठेंगा दिखाकर आज भी सरकारी सिस्टम के अधिकारी कुछ जाति के अफसरों को बेइज्जत करने से बाज नहीं आते.

उत्‍तर प्रदेश पीसीएस सेवा से चुनकर बुलंदशहर पूर्ति विभाग में निरीक्षक बनकर आई एक दलित महिला को यही दंश झेलना पड़ा है. डीएसओ डीपी त्रिपाठी इस महिला को उसके दलित होने की वजह से रोज बेइज्जत करते है.

यूपी में गाजियाबाद के गरीब दलित परिवार की बेटी कृष्णा कुमारी पढ़ी-लिखी युवती हैं. वह नेट क्वालिफाइड हैं और हाल ही में यूपी पीसीएस सेवा से पूर्ति विभाग में निरीक्षक के पद पर चुनी गई हैं, लेकिन बुलंदशहर में अपनी तैनाती के तीन महीनों के अंदर ही उन्हें गुलाम भारत की मानसिकता का सामना करना पड़ा है.

विभाग के मुखिया जिला पूर्ति अधिकारी द्वारिकाप्रसाद त्रिपाठी उनके दलित के होने के कारण उनसे घृणा करते है. उन्हें जातिसूचक शब्दों के साथ संबोधित करते हैं. यहां तक कि उनके काम को भी पसंद नही किया जाता. शुरू-शुरू में डीएसओ ने कृष्णा के साथ अभद्रता करने की कोशिश की.

आजाद भारत में पैदा हुई कृष्णा ने अपने जीवन में कभी ऐसा माहौल नहीं देखा, लेकिन उनका उत्पीड़न तीन महीनों से जारी है. डीएसओ द्वारिकाप्रसाद त्रिपाठी के हाथ जितने भी अधिकार है, वह उन अधिकारों का कृष्णा के खिलाफ खुलकर इस्तेमाल कर रहे हैं. उन्हें समय से आने पर भी डीएसओ के सामने पेश होना पड़ता है.

अब हालात इतने बदतर हो गए हैं कि स्टाफ मीटिंग से कृष्णा को बाहर निकाल दिया जाता है. उन्हें निरीक्षक होते हुए आफिस का काम दिया गया है. डीएसओ की निम्न मानसिकता के कई पुख्ता प्रमाण उनके पास मौजूद है. अपने साथ हुई ज्यादती की शिकायत उन्होने जिलाधिकारी से भी की है.

डीएम के आदेश पर एडीएम प्रशासन को इस मामले की जांच सौंपी गई है, लेकिन जांच पूरी होने से पहले ही डीएसओ डीपी त्रिपाठी कृष्णा को विक्षिप्त और पागल करार दे रहे है.

यूजीसी नेट क्वालीफाइड कृष्णा असिस्टेंड प्रोफेसर बनना चाहती थी, लेकिन पीसीएस परीक्षा पास करने के बाद उन्होने निरीक्षक का पद अपने घर की खराब आर्थिक स्थिति के कारण स्वीकार किया, लेकिन यहां कृष्णा को मिली उपेक्षा ने उन्हें मानसिक तौर पर परेशान किया है.

अब उनके सामने दो ही विकल्प है. पहला अपने आत्मसम्मान के लिए डीएसओ के खिलाफ कानूनी लड़ाई और दूसरा बुलंदशहर से खुद का ट्रांसफर.

दैनिक जागरण

म़ुंडन संस्कार में खाने के बाद बस्ती में फैला संक्रामक रोग

http://www.jagran.com/uttar-pradesh/saharanpur-12844178.html

बेहट (सहारनपुर) : तहसील क्षेत्र के गांव चाटकी में शुक्रवार की शाम एक परिवार में बच्चे के मुंडन संस्कार में खाना खाकर दलित बस्ती के दर्जनों परिवारों के लगभग 100 महिला-पुरुषों व बच्चों की हालत बिगड़ गई। देर रात करीब 10 बजे सूचना मिलने पर पहुंची एंबुलेंस के स्टाफ ने जब गांव की स्थिति से विभागीय अधिकारियों को अवगत कराया तो हड़कंप मच गया। कई 108 एंबुलेंस लगभग 30 पीड़ितों को लेकर रात 11 बजे सीएचसी पहुंचीं और रोगियों का उपचार शुरू हुआ। इनमें से 25 को जिला अस्पताल के लिए रेफर कर दिया गया।

गांव चाटकी के एक दलित परिवार में बच्चे का मुंडन संस्कार शुक्रवार की शाम हुआ था। इस अवसर पर बस्ती के परिवारों को खाने पर भी बुलाया गया था। सभी लोग खाने में बने दाल-चावल खाकर अपने घरों को चले गए। रात करीब 10 बजे एक-एक कर सभी की हालत बिगड़ने लगी। उल्टी-दस्त और बुखार एक साथ पूरी बस्ती में फैल जाने से लोगों में दहशत पैदा हो गई। किसी ने 108 एंबुलेंस को फोन किया। करीब 10.30 बजे एंबुलेंस गांव में पहुंची। उस समय वहां अफरा-तफरी मची हुई थी।

एंबुलेंस स्टाफ हालात को देखते हुए ब्लाक सरसावा, मुजफ्फराबाद व जिला मुख्यालय सर्किट हाऊस की 108 एंबुलेंस को भी चाटकी पहुंचने को कहा। ठीक 11 बजे बेहट की एंबुलेंस करीब 7 पीड़ितों को लेकर सीएचसी पहुंची। इसके बाद यह एंबुलेंस गांव वापस चली गई, तब तक अन्य सभी 108 एंबुलेंस भी गांव पहुंच चुकी थीं। लगभग 12.30 बजे तक इस संक्रामक रोग की चपेट में आए लगभग 35 महिला-पुरुष व बच्चे सीएचसी पहुंचाए जा चुके थे। उस समय सीएचसी पर उपलब्ध एक चिकित्सक मोहम्मद उस्मान, स्टाफ नर्स संध्या, वार्ड ब्वाय विनोद कुमार व स्वीपर बाबूराम इन सभी रोगियों के उपचार में जुटे हुए थे।

सीएचसी के अधीक्षक डा. नितिन कुमार को रात 11.10 पर फोन से पूरे हालात की सूचना दे दी गई थी। लेकिन वह 2 बजे सीएचसी पहुंचे। बताया गया कि वह बादशाही बाग रहते हैं, जो बेहट से लगभग 17 किमी दूर है। अधीक्षक के पहुंचने के बाद 25 पीड़ितों को स्थिति गंभीर समझते हुए जिला अस्पताल के लिए रेफर कर दिया गया। रोगियों को लेकर आई एंबुलेंस स्टाफ का कहना था कि गांव में इस रोग से पीड़ित तो बहुत हैं, लेकिन वह नहीं आए हैं।

3 घंटे बाद भी सीएचसी नहीं पहुंचा कोई उच्चाधिकारी

बेहट : रात्रि में 10.30 बजे 108 एंबुलेंस स्टाफ के बाद पूरे घटनाक्रम की खबर अधिकारियों तक को लग चुकी थी। लेकिन रात्रि 2 बजे तक भी स्वास्थ्य विभाग का कोई उच्चाधिकारी अथवा टीम सीएचसी या गांव में नहीं पहुंची थी। यहां तक ही सीएचसी प्रभारी भी 1.30 बजे तक मोबाइल फोन पर ही पीड़ितों का उपचार करते रहे। सीएचसी की महिला चिकित्सक का तो मोबाइल ही स्विच आफ था। वह तो शनिवार की सुबह पहुंची। लगभग 1.30 बजे एसडीएम के स्टाफ ने सीएचसी पहुंच कर हालात की जानकारी के बाद एसडीएम को फोन पर सूचित किया। लगभग 3 बजे एसडीएम शीतल प्रसाद गुप्ता सीएचसी पहुंचे और रोगियों की जानकारी ली। इसके बाद ही सीएचसी प्रभारी स्टाफ को लेकर चाटकी गांव गए।

नीम-हकीम के हाथ रहे फूड प्वाइज¨नग पीड़ित

बेहट : सीएचसी लगभग 35 पीड़ित लाए गए, जबकि गांव में इस रोग की चपेट में आए पीड़ितों की संख्या 50 के पार थी। लेकिन यह सभी गांव व आसपास के झोलाछाप चिकित्सकों के भरोसे थे। अगले दिन तक भी यह झोलाछाप ही इन पीड़ितों की सेवा में लगे अपनी जेब गर्म कर रहे थे। खास बात तो यह है कि तड़के करीब 3 बजे के बाद सीएचसी प्रभारी टीम के साथ गांव तो पहुंचे और कुछ दवाएं भी दीं, लेकिन वह सब थमाई गई इन झोलाछाप डाक्टरों के हाथ में ही।

सीएमओ ने दिए झोलाछाप के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश

बेहट : एमएलसी उमर अली खां भी घटना की जानकारी मिलने पर शनिवार दोपहर पहले वह सीएचसी और इसके बाद गांव चाटकी पहुंचे। तब तक सीएमओ डा. सईद अंसारी भी सीएचसी पहुंच गए थे। जहां उनके सामने लोगों ने सीएचसी में स्टाफ की कमी व बदहाल व्यवस्था की शिकायत की। एमएलसी ने भी व्यवस्था दुरूस्त करने के लिए कहा। यहां से यह लोग गांव चाटकी गए, जहां पीड़ितों के हाल चाल जाने और एहतियाती उपाय करने की सलाह के साथ ही दवाएं वितरित कीं।

सीएमओ ने रस्सियों लटकाकर मरीजों को लगी ड्रिप देखी तो गांव के झोलाछाप डाक्टरों के खिलाफ कार्रवाई करने के सीएचसी प्रभारी को निर्देश दिए। उन्होंने लोगों को गांव सफाई व्यवस्था व अपने घर के अंदर की सफाई और सतर्कता बरतने तथा दूषित पेयजल व भोजन से दूर रहने के लिए भी कहा। साथ ही स्वास्थ्य विभाग की टीम को गांव में खास चौकसी बरतने के निर्देश दिए। हालांकि शनिवार की सुबह गांव में पहुंचे सफाई कर्मचारी को गुस्साएं ग्रामीणों ने दौड़ा दिया।

दैनिक जागरण

महिलाओं ने किया पुलिस के खिलाफ प्रदर्शन

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देवबंद (सहारनपुर) : गंगदासपुर जट्ट गांव की महिलाओं दबिश देने के बहाने घर में घुस पुलिस पर तोड़फोड़ का आरोप लगाते हुए एसडीएम कार्यलय पर प्रदर्शन करने का आरोप लगाया है। महिलाओं के मुताबिक स्थानीय पुलिस प्रशासन दबिश के नाम पर गरीबों का शोषण कर रहा है। वही, पुलिस तोड़ फोड़ की किसी भी घटना से इंकार करते हुए महिलाओं पर आरोपियों को बचाने की साजिश करार दे रही है।

शनिवार को गांव गंगदासपुर जट्ट निवासी महिला ऊषा, कविता, संगीता, सुमन, मुनेश, व ममता आदि महिलाओं ने एसडीएम कार्यालय पर प्रदर्शन करते हुए कहा कि एक सप्ताह पूर्व गांव में दलित व जाट पक्षों के लोगों में कहासुनी के बाद पथराव हो गया था, जिसमें उनके लोगों पर पुलिस ने बेवजह रंजिश के तहत मुकदमा दर्ज किए थे। आरोप है कि शुक्रवार की रात्रि आला अधिकारियों ने भारी पुलिस बल के साथ गांव के ही मुकेश व धमेंद्र के घर पर दबिश के नाम पर जमकर तोड़ फोड़ की। इतना ही नही विरोध कर पर पुलिस ने धर्मेंद्र की बहन रमेशो को भी मारपीट कर घायल कर दिया।

महिलाओं ने एसडीएम से मिल उनके लोगों पर दर्ज झूठे मुकदमें वापस लेने की मांग की। एसडीएम के आश्वासन के बाद प्रर्दशन कर रही महिलाएं अपने घरों को वापस लौट गई। वही, पुलिस ने किसी भी तोड़ फोड़ की घटना से इंकार करते हुए कहा कि आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए गांव में पुलिस की टीम भेजी गई। महिलाएं आरोपी लोगों को बचाने के लिए झूठे व निराधार आरोप लगा रहे है। दोषी लोगों को हर हाल में जेल भेजा जाएगा।

News Monitored by Kuldeep Chandan & Kalpana Bhadra

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