दलित मीडिया वाच – हिंदी न्यूज़ अपडेट 05.09.15

दलित महिला से बोले अखिलेश के मंत्री, जमीन तुम्हारी है लेकिन प्यार से दे दो वर्ना.. – आई बी एन खबर

http://khabar.ibnlive.com/news/politics/sting-operation-up-minister-ram-gopal-verma-mulayam-singh-yadav-india-9-baje-405744.html

नरदरा में कटान तेज, सुरक्षित स्थान तलाशने में जुटे तटवर्ती – दैनिक जागरण

http://www.jagran.com/uttar-pradesh/ballia-12836429.html

स्थानीय नीति लागू करने के बाद हो बहाली – दैनिक जागरण

http://www.jagran.com/jharkhand/dumka-12837207.html

सहारनपुर में हैजा फैला 150 बीमार, कई गंभीर – हिन्दुस्तान लाइव

http://www.livehindustan.com/news/uttarpradesh/article1-Cholera-spread-in-Saharanpur-150-sick-serious-493333.html

पशु शेड बनकर तैयार निरस्त करने का प्रयास – दैनिक भास्कर

http://www.bhaskar.com/news/MP-CHHT-MAT-latest-chhatarpur-news-021504-2580194-NOR.html

खेत मजदूरों का मांगों को लेकर धरना तीसरे दिन भी जारी – दैनिक जागरण

http://www.jagran.com/punjab/gurdaspur-12838003.html

Please Watch:

Dr Babasaheb Ambedkar BBC Interview 1955 – Exposin

https://www.youtube.com/watch?v=ZJs-BJoSzbo

Save Dalit Foundation:

Educate, agitate & organize! – Dr. Ambedkar.

Let us all educates to agitate & Organize to Save Dalit Foundation !

Please sign petition by click this link : https://t.co/WXxFdysoJK

आई बी एन खबर

दलित महिला से बोले अखिलेश के मंत्री, जमीन तुम्हारी है लेकिन प्यार से दे दो वर्ना..

http://khabar.ibnlive.com/news/politics/sting-operation-up-minister-ram-gopal-verma-mulayam-singh-yadav-india-9-baje-405744.html

उत्तर प्रदेश के आला मंत्री पर संगीन इल्जाम लगा है। सूबे के खाद्य प्रसंसकरण मंत्री पारसनाथ यादव पर एक दलित महिला की जमीन कब्जाने और अदालत के आदेश के बावजूद उस जमीन को वापस न करने का आरोप है।

आरोप लगाने वाली महिला का दावा है कि उसने 23 जुलाई को मंत्री जी का स्टिंग ऑपरेशन कर लिया। दावा है कि इसमें मंत्री जी इस जमीन पर कब्जा नहीं छोडऩे की बात कर रहे हैं, साथ ही ये भी कह रहे हैं कि भले ही महिला कानूनन सही हो, भले ही वो खुद ये मान लें कि ये जमीन उसी महिला की है फिर भी वो ये जमीन नहीं देने वाले।

चूंकि ये आरोप लगाने वाली महिला स्टिंग करने के बाद खुद प्रदेश के राज्यपाल राम नाईक के पास अपनी गुहार ले कर पहुंच गईं, खुद राज्यपाल ने उसकी शिकायत पर सूबे के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को चिट्ठी लिख कर जानकारी मांगी।

इसीलिए आईबीएन7 जनहित में मंत्री जी के कथित स्टिंग ऑपरेशन के ये आपको दिखा रहा है। जिसमें मंत्री महिला ये कह रहे हैं कि…

 मंत्री पारसनाथ-  मुझसे रामगोपाल जी ने मुझसे बात किया, नेता जी ने भी बात किया कहा थोड़ी सी बदनामी होती है, इसे देख लो,  इसे प्रेम से निपटा दो…!

 पीड़ित उषा मौर्य- लेकिन खतौनी मेरे नाम से है, जमीन मेरी है।

 मंत्री पारसनाथ- मान लिया न, सब मान लिया, आप मुझे दे दो बस…

इस कथित स्टिंग में मंत्री पारसनाथ बड़े-बड़े नाम ले रहे हैं, वो समाजवादी पार्टी सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव के भाई रामगोपाल यादव का भी जिक्र कर रहे हैं। मुद्दा एक महिला की जमीन पर जबरन कब्जे का है। 3 साल से अपनी जमीन पर कब्जा लेने के लिए दर-दर भटक रही महिला प्रदेश के राज्यपाल, मुख्यमंत्री सहित अदालत का दरवाज़ा खटखटा चुकी है पर मंत्री जी की दबंगई के आगे उसकी जमीन नहीं मिल पा रही है, मजबूरन उसने ये स्टिंग कर लिया।

मंत्री जी का स्टिंग करने का दावा करने वाली पीड़ित का नाम है ऊषा मौर्या के आरोप के मुताबिक उसकी 65 बिस्वा कीमती जमीन पर कैबिनेट मंत्री ने फर्जी खतौनी के सहारे कब्जा जमा लिया है। वो अदालत गई, वो नेताओं के पास गई, वो अफसरों के पास गई लेकिन जमीन वापस न मिल सकी। इसलिए 23 जुलाई 2015 को मंत्री जी से उसकी कथित मुलाकात हुई और उसमें ही ये कथित स्टिंग कर लिया गया।

इस कथित स्टिंग के मुताबिक मंत्री जी ने साफ कह दिया माना कि जमीन तुम्हारी है पर मुझे दे दो। मंत्री जी ये अपनी सत्ता और ताकत का जिक्र कर रहे हैं, ये भी कह रहे हैं कि अधिकारी तो उनकी ही मदद करेंगे, वो चुनाव में 4-5 करोड़ के खर्च की बातें भी कर रहे हैं और तो और जमीन के बदले महिला के बेटे को सरकारी नौकरी का प्रलोभन भी दे रहे हैं।

 मंत्री पारसनाथ- रामगोपाल जी ने मुझसे बात किया, नेता जी ने भी बात किया, कहा थोड़ी सी बदनामी होती है, इसे देख लो, इसे प्रेम से निपटा दो! मेरी मर्यादा बहुत ऊंची है,  हर बार चुनाव लड़ता हूं, 4 करोड़ 5 करोड़ चुनाव में खर्च होते हैं।

 पीड़ित उषा मौर्य– आप मुझसे कहे मिल लीजिए, हम मिल लिए, लेकिन मैटर हमारे और आपके बीच का है। आपका काम मिलाना था। जो जमीन है वो हमारे नाम से है। उसमें आपकी पत्नी जाकर आलू-प्याज बो आती है, उनसे पूछ लीजिए, आपके बेटे ने पैसा देकर खरीदा है, नाम केवल दिलीप कुमार प्रजापति का है।

 मंत्री पारसनाथ- वो तो मैं कबूल कर रहा हूं।

 पीड़ित उषा मौर्या– उसे आप कबूल कर रहे हैं। लकी जी खरीदे हैं, वो केवल दिलीप कुमार का नाम दिए है। प्रिंसिपल साहब ने हमको आपसे मिलवा दिया। हम भी आपसे विनती करते हैं कि वो जमीन मेरी है, मेरे नाम से है, मेरी जमीन मुझे लौटा दीजिए।

 मंत्री पारसनाथ- मेरा लड़का लिया है, लड़का लिए रहेगा।

आपने ने देखा कि किसी तरह यूपी के इस ताकतवर मंत्री के इस कथित स्टिंग में ये भी कहा जा रहा है कि मेरे लड़के के कब्जे में जमीन है और उसी के कब्जे में रहेगी। तो क्या एक बेबस महिला की गुहार को मंत्री जी सुनने को तैयार नहीं थे।

कथित स्टिंग के मुताबिक मंत्री जी ने इस पीड़ित को धमकाया नहीं, लेकिन सत्ता की हनक और रौब का असर जरूर दिखाया। ये भी साफ कर दिया कि जमीन प्रेम से दे दो वर्ना ये जमीन तो मिलने से रही।

उत्तर प्रदेश के खाद्य प्रसंस्करण मंत्री पारसनाथ यादव का आखिर इन आरोपों पर क्या कहना है। IBN7 ने उनसे बात करने की कई बार कोशिश की, आखिर वो फोन पर आए और उन्होंने इन आरोपों को बेतुका बताया। उनका कहना है कि ऐसे बेकार के आरोपों पर उन्हें कुछ भी नहीं कहना है।

दैनिक जागरण

नरदरा में कटान तेज, सुरक्षित स्थान तलाशने में जुटे तटवर्ती

http://www.jagran.com/uttar-pradesh/ballia-12836429.html

दोकटी (बलिया): क्षेत्र के नरदरा में आरंभ हुआ बुजबुजिया कटान जारी रहा। इससे क्षेत्र में काफी तबाही मच गई है। लगभग 10 बीघा मक्के की खड़ी फसल गंगा में विलीन हो चुकी थी। वहीं तीन परिवारों का आशियाना तबाह हो चुका था। कटान रोकने के लिए लोग बांस की बगान व अन्य वृक्षों को काट कर डालते रहे। इससे कटान की रफ्तार कम हो गई। इससे लोगों में दहशत व्याप्त है।

गंगा की कटान से नरदरा में तीन परिवारों का घर समाते ही नरदरा, जगदीशपुर, दलित बस्ती दामोदरपुर में अफरा-तफरी मच गई। कटान की जद में आए नरदरा निवासी रामविनय मिश्र, श्री कृष्ण मिश्र, जितेंद्र मिश्र, अवधेश मिश्र, छितेश्वर मिश्र, कमलेश मिश्र, उमेश मिश्र, बिजेश मिश्र, सुरेंद्र नाथ मिश्र, सनोज गोंड, हरेंद्र गोंड, जगदीशपुर निवासी श्रीनिवास पांडेय, रामदेव पांडेय, हरींद्र पांडेय आदि ग्रामीण अपना सामान सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने में लग गए। वहीं परिवार व पशुओं को भी सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने लगे। वहां स्थिति अभी भी भयावह बनी हुई है। कटान का रुख पश्चिम की तरफ मुड़कर दलित बस्ती दामोदरपुर की तरफ आरंभ हो गया है। दामोदरपुर बस्ती व कटान स्थल का फासला काफी कम होने से दलित बस्ती से भी लोग सुरक्षित स्थान पर जाने लगे हैं।

सहायता देने को बन रही है सूची : नायब तहसीलदार

नायब तहसीलदार शशिकांत मणि ने बताया कि कटान से हुए क्षति की सूची बनाई जा रही है। कटानपीड़ितों को मुआवजे का चेक शनिवार को वितरित कर दिया जाएगा। वहीं कटान से बर्बाद हुई फसलों की भी सूची बनाई जा रही है। किसानों के बर्बाद हुए फसलों का मुआवजा भी तत्काल दिया जाएगा।

दैनिक जागरण

स्थानीय नीति लागू करने के बाद हो बहाली

http://www.jagran.com/jharkhand/dumka-12837207.html

दुमका : 14 सूत्री मांगों को लेकर संताल परगना बचाओ संघर्ष मोर्चा ने शुक्रवार को कचहरी परिसर में धरना दिया। इसके बाद राज्यपाल के नाम मांगपत्र उपायुक्त राहुल कुमार सिन्हा को सौंपा।

मोर्चा के प्रमंडलीय अध्यक्ष गया प्रसाद साह ने कहा कि केंद्र व राज्य सरकार की नौकरी में स्थानीय नीति लागू करने व भारतीय डाकघरों में तृतीय व चतुर्थ वर्ग कर्मचारी पद के लिए स्थानीयता को लागू करने के बाद ही बहाल की प्रक्रिया पूरी करें। उन्होंने कहा कि संताल परगना में विभागीय पदाधिकारियों की मिली भगत से गरीबों की जमीन का फर्जी कागज जमीन माफिया बनाकर कब्जे में कर रहे है,जो रद्द होना चाहिए व दोषी पदाधिकारी को चिन्हित कर कड़ी कार्रवाई की जाए। साथ ही उच्च न्यायालय व केंद्रीय प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड दिल्ली के नियमों का पालन करते हुए प्रमंडल में स्थित पत्थर उद्योग क्षेत्र में बसे आदिवासी पहाड़िया, दलित अल्पसंख्यक व पिछड़े वर्ग के लोगों को प्रदूषण पर्यावरण से मुक्त किया जाए।

इसके अलावा तीन जुलाई 2015 को पुलिस अधीक्षक विपुल शुक्ला के द्वारा सहायक खनन पदाधिकारी से घूस की राशि को जब्त किया था, जिसकी जांच निगरानी ब्यूरो व सीबीआइ से कराने का आदेश देने, सभी सरकारी कार्यालयों में भ्रष्टाचार भाई-भतीजावाद को समाप्त करने, इंदिरा, बिरसा आवास निर्माण में बिचौलियों को दूर रखने, किसानों को बैंक ऋण के समय बैंक कर्मियों के द्वारा दस प्रतिशत अवैध राशि मांगने के बाद ही ऋण देने पर रोक लगाते हुए खाद, बीज व कीटनाशक समय पर उपलब्ध कराने, सरकारी स्कूल व कॉलेजों में शिक्षा व्यवस्था में सुधार व समय शिक्षक पहुंचे और इसके लिए बीडीओ, सीओ, जिला व अनुमंडल पदाधिकारी समय-समय पर निरीक्षण करने सहित अन्य मांग शामिल है। मौके पर मानिक महतो, तीर्थनाथ मंडल, सुशील कुमार झा, शकुंतला किस्कू सहित अन्य सदस्य उपस्थित थे।

हिन्दुस्तान लाइव

सहारनपुर में हैजा फैला 150 बीमार, कई गंभीर

http://www.livehindustan.com/news/uttarpradesh/article1-Cholera-spread-in-Saharanpur-150-sick-serious-493333.html

सहारनपुर के बेहट इलाके के चाटकी गाँव में अचानक फैली महामारी से 150 से अधिक लोग बीमार पड़ गए हैं। इनमें महिलाएं और बच्चे भी हैं। छह की हालत गंभीर बताई जा रही है। शुरुआती जांच में महामारी की वजह दूषित पानी को बताया जा रहा है।

चाटकी गांव में देर रात अचानक लोगो को उल्टी-दस्त की शिकायत हुई और देखते ही देखते गांव की दलित बस्ती के अधिकतर घरों में लोग बिस्तर पर पड़ने लगे। लोगों को महामारी का अंदेशा हुआ तो वे बेहट सीएचसी भागे। इस बीच अफसरों को भी हैजा फैलने की जानकारी हुई तो वे भी गांव की ओर दौड़ पड़े। जिले अस्पताल से पहुंची एंबुलेंस चाटकी में तैनात कर दी गई। सीएचसी में 30 बेड की क्षमता से अधिक मरीजों को एंबुलेंस से जिला अस्पताल और आसपास के निजी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। सीएमओ के नेतृत्व में मरीजों का उपचार जारी है। कुछ की हालत गंभीर बताई जा रही है। डीएम पंकज भी लगातार घटना पर नजर बनाए हुए हैं।

शुरुआती जानकारी के अनुसार गांव के हैंडपंप खराब है और काफी दिनों से उसमें गंदा पानी आ रहा है। ऐसा माना जा रहा है कि उसके कारण ही अचानक महामारी फैली। हालांकि अधिकारी दोपहर बाद तक स्थिति साफ होने की बात कह रहे हैं।

दैनिक भास्कर

पशु शेड बनकर तैयार निरस्त करने का प्रयास

http://www.bhaskar.com/news/MP-CHHT-MAT-latest-chhatarpur-news-021504-2580194-NOR.html

छतरपुर | नौगांव थाना के ग्राम बिलहरी निवासी एक दलित ने कलेक्टर को शिकायती आवेदन देकर शासन की योजनानुसार निर्मित पशु शैड के मूल्यांकन के लिए सरपंच, सचिव व उपयंत्री द्वारा पैसे मांगने का आरोप लगाया है। बिलहरी निवासी रमेश पिता रमोला अहिरवार ने बताया कि उसे नाम 1 जनवरी 2014 को पशु शैड निर्माण के लिए 46 हजार रुपए स्वीकृत हुए थे, किसी कारण वश निर्माण न हो पाने के कारण 9 जून 2014 को नई स्वीकृति के तहत 67 हजार स्वीकृत किए गए।

इस राशि से पशु शैड बनकर तैयार हो गया लेकिन उसका मूल्यांकन करने के ऐवज में सरपंच, सचिव और उपयंत्री पैसों की मांग करते हैं। कृपाल ने बताया कि अब उसका पशु शैड अतिक्रमण में बताकर उसे निरस्त करने का प्रस्ताव डाल दिया गया है। जबकि शैड के निर्माण में उसका काफी पैसा खर्च हो चुका है।

दैनिक जागरण

खेत मजदूरों का मांगों को लेकर धरना तीसरे दिन भी जारी

http://www.jagran.com/punjab/gurdaspur-12838003.html

गुरदासपुर। खेत मजदूर यूनियन की ओर से मजदूर वर्ग के लोगों के प्रति सरकार की जन विरोधी नीतियों के खिलाफ पेंडू मजदूर यूनियन की ओर से करनैल सिंह पनियाड़ के नेतृत्व में डीसी कार्यालय के समक्ष शुरू किया गया धरना तीसरे दिन भी जारी रहा।

 04_09_2015-4grp75-c-2

वक्ताओं ने कहा कि पंजाब सरकार कारपोरेशन घरानों के हित में नीतियां लागू कर रही है और मजदूरों से चुनाव किए वादों को अनदेखा किया जा रहा है। मजदूरों की मांगों में घर बनाने के लिए तीन लाख रूपए ग्रांट, दलित मजदूरों पर आर्थिक व समाजिक जबर करना बंद करना, बुढ़ापा, विधवा व विकलांग पैंशन कम से कम तीन हजार रूपए, मनरेगा स्कीम के तहत मजदूरों को सारा साल रोजगार आदि शामिल हैं।

News Monitored by Kuldeep Chandan & Kalpana Bhadra

Advertisements

Leave a Reply

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out / Change )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out / Change )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out / Change )

Google+ photo

You are commenting using your Google+ account. Log Out / Change )

Connecting to %s