दलित मीडिया वाच – हिंदी न्यूज़ अपडेट 03.09.15

Save Dalit Foundation:

Educate, agitate & organize! – Dr. Ambedkar.

Let us all educates to agitate & Organize to Save Dalit Foundation !

Please sign petition by click this link : https://t.co/WXxFdysoJK

 खेत पर जा रहे दलित दंपति को गोली मारी, लखनऊ रेफर – अमर उजाला

http://www.amarujala.com/news/city/hardoi/hardoi-crime-news/going-on-farm-dalit-couple-shot-lucknow-referee-hindi-news/

अपशब्द बोलने से रोके जाने पर दबंगों ने दलित युवक को गोली से उड़ाया न्यूज़ 18

http://hindi.news18.com/news/madhya-pradesh/dalit-youth-shoot-and-killed-by-village-youth-664538.html

मैनपुरी में नाबालिग का शव पेड़ से लटका मिला, रेप की आशंका – हिन्दुस्तान लाइव

http://www.livehindustan.com/news/uttarpradesh/article1-mainpuri-rape-rape-in-UP-up-police-493072.html

दलित महिला के सरेआम उतरवाए कपड़े और फिर की शर्मनाक हरकत – पंजाब केसरी

http://www.punjabkesari.in/news/article-391504

प्रेमी के बहनों से रेप कर निर्वस्त्र करने के फरमान से खाप पंचायत ने किया इंकार – आज तक

http://aajtak.intoday.in/story/khaf-panchayat-shameful-decree-rape-with-two-sisters-1-831172.html

दलित कर्मचारी को जातिसूचक शब्दों कहने पर मामला गर्माया – दैनिक जागरण

http://www.jagran.com/haryana/kaithal-12827304.html

सीएम दरबार पहुंचा दलितों के पलायन का मामला – अमर उजाला

http://www.amarujala.com/news/city/karnal/karnal-hindi-news/case-of-dalit-family-reach-cm-office-hindi-news/

भारत स्‍वच्‍छता अभियानकी दीवानगी नहीं, मजबूरी में गोल्‍ड मेडलिस्‍ट खिलाड़ी बटोरता है कूड़ा – राष्ट्रीय खबर

http://rashtriyakhabar.com/sanitation-campaign-indias-obsession-the-compulsion-gold-medalist-athlete-gathers-garbage940-2/940/

Please Watch:

Introduction of the book “Who Killed Karkare ?” : SM Mushrif

https://www.youtube.com/watch?t=1053&v=46AKUj1Y4m8

अमर उजाला

खेत पर जा रहे दलित दंपति को गोली मारी, लखनऊ रेफर

http://www.amarujala.com/news/city/hardoi/hardoi-crime-news/going-on-farm-dalit-couple-shot-lucknow-referee-hindi-news/

खेत जा रहे एक दलित दंपति पर गांव निवासी दबंग ने तमंचे से फायर कर दिया। गोली पति के पेट में जा धंसी जिससे वह लहूलुहान होकर गिर पड़ा।

घटना से घबड़ाई पत्नी भागी तो हमलावर ने उसकी पीठ पर फायर झोंका दिया। इससे वह भी घायल हो गई। घटना को अंजाम देकर हमलावर फरार हो गया। सूचना पर पहुंची थाना पुलिस ने आनन फानन दोनों को सीएचसी भेजा जहां दोनों की हालत गंभीर होने पर चिकित्सकों ने उन्हें ट्रामा सेंटर रेफर कर दिया।

अपर पुलिस अधीक्षक बीसी दुबे ने घटनास्थल का जायजा लेकर हमलावर को गिरफ्तार करने के निर्देश दिए। घटना के पीछे महिला द्वारा हमलावर के खिलाफ दुष्कर्म की रिपोर्ट दर्ज कराने का मामला बताया जा रहा है।

क्षेत्र के एक गांव निवासी दलित दंपति अपने तीन बच्चों व परिजनों के साथ हंसी खुशी रह रहे थे। इसी बीच गांव के एक दबंग से महिला के मतभेद हो गए। आरोप है कि दबंग ने महिला के साथ करीब एक साल पहले दुष्कर्म किया था। 

इसपर महिला ने दबंग के खिलाफ दुष्कर्म व एससी/एसटी एक्ट के तहत रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इस मामले में पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। करीब चार माह पहले वह जेल से छूटकर आया और महिला पर अपने साथ रहने का दबाव बनाने लगा।

उसके राजी न होने पर बुधवार को जब वह अपने पति के साथ खेत जा रही थी उसी बीच दबंग हमलावर हो उठा और उसके पति के पेट पर तमंचे से फायर कर दिया। गोली लगते ही वह लहूलुहान होकर गिर पड़ा। इस पर महिला उसे छोड़कर भागी तो दबंग ने उस पर भी फायर झोंक दिया जो उसकी पीठ में जा धंसी। इससे वह भी घटनास्थल पर ही गिर पड़ी।

घटना को अंजाम देकर हमलावर फरार हो गया। बताते हैं कि दबंग के खौफ के चलते जानकारी के बावजूद किसी ग्रामीण ने मौके पर जाने की हिम्मत नहीं की। सूचना पर पहुंचे थाना इंचार्ज जावेद अहमद ने घायल दंपति को तत्काल सीएचसी भेजा।

यहां हालत गंभीर होने पर चिकित्सक ने लखनऊ स्थित ट्रामा सेंटर रेफर कर दिया। इधर, घटना की जानकारी पर एएसपी बीसी दुबे, सीओ तारकेश्वर पांडेय घटनास्थल पहुंचे और घटना की जांच पड़ताल के बाद आरोपी को गिरफ्तार करने के निर्देश दिए।

घटना को लेकर गांव में रहीं चर्चाएं

कछौना। घटना के पीछे गांव मेें अलग अलग चर्चाएं है। ग्रामीणों का कहना है कि घटना में घायल महिला की हमलावर के साथ करीब 4-5 साल से काफी नजदीकी थी। 

कुछ दिनों के लिए वह उसके यहां रुकी भी थी। बीच में हुए विवाद के चलते दोेनों अलग हो गए। थाना इंचार्ज ने बताया कि घटना के सभी बिंदुओं पर पड़ताल की जा रही है। तहरीर मिलने पर रिपोर्ट दर्ज होगी।

न्यूज़ 18

अपशब्द बोलने से रोके जाने पर दबंगों ने

दलित युवक को गोली से उड़ाया

http://hindi.news18.com/news/madhya-pradesh/dalit-youth-shoot-and-killed-by-village-youth-664538.html

मुरैना में एक दलित युवक की दबंगों ने हत्या कर दी. ये दबंग दलित युवक के घर के सामने आकर उसे गालियां दे रहे थे. युवक ने जब उन्हें ऐसा करने से रोका तो दबंगों ने युवक को गोली मार दी.

दरअसल मुरैना के रिठौराकला थाना इलाके के पढावली गांव में रहने वाले दलित युवक भारत जाटव के घर के सामने से गांव के ही सुनील शर्मा और उसके साथी शराब पीकर अक्सर निकलते थे और गाली गलोज भी करते थे.

रोज-रोज की गाली-गलोज करना मृतक युवक को नागवार गुजर रहा था. जब एक बार फिर आरोपी दबंग युवक मृतक के घर के सामने हंगामा कर रहे थे तो मृतक भारत जाटव ने ऐसा करने से उन्हें रोका.

पहले तो ये लोग भारत के घर के सामने से चले गए लेकिन थोड़ी देर बाद आरोपी युवक हथियारों और डंडों से लैस होकर वापिस आए और युवक को बाहर बुलाया. जैसे ही भारत बाहर आया वैसे ही आरोपी युवकों ने उसकी गोली मार कर हत्या कर दी. इस विवाद में तीन लोग और भी घायल हो गए.

घटना की जानकारी लगते ही पुलिस मौके पर पहुंची. मौके से उन्होंने 315 बोर का खाली कारतूस भी बरामद किया. घटना के बाद पुलिस ने पूछताछ की बिनाह पर 11 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर दो आरोपियों को हिरासत में लिया है. पुलिस पकड़े गए आरोपियों से घटना की पूछताछ के साथ ही बाकी आरोपियों को ढ़ूंढने में जुट गई है.

हिन्दुस्तान लाइव

मैनपुरी में नाबालिग का शव पेड़ से लटका मिला, रेप की आशंका

http://www.livehindustan.com/news/uttarpradesh/article1-mainpuri-rape-rape-in-UP-up-police-493072.html

मैनपुरी के भोगांव थाना क्षेत्र के आलीपुरखेडा गांव में एक दलित बालिका का शव पेड़ से लटका मिला। परिजनों ने रेप के बाद हत्या की आशंका ज़ाहिर की है। घटना के बाद परिजनों में ग़ुस्सा है। पोस्टमार्टम कराने के लिये शव लेने पहुँची पुलिस को परिजनों ने शव नहीं ले जाने दिया। परिजन मौक़े पर डीएम को बुलाने की माँग कर रहे थे। घटना स्थल पर ग्रामीणों की भारी भीड़ जमा हो गई जिसे देख कर आसपास के थानों का पुलिस फ़ोर्स बुलाना पड गया।

मरने वाली बालिका 12 साल की थी। बालिका के पिता की मौत हो चुकी है। बालिका शौच के लिये घर से कहकर निकली थी। रात जब बालिका घर नहीं लौटी तो परिजनों ने रातभर बालिका की खोजबीन की लेकिन पता नही चला।

सुबह जब बालिका की बहन शौच के लिये घर से निकली तो गाँव के एक मंदिर के पास बनी सुंदर वाटिका के पेड़ से बालिका का शव लटका देख उसने परिजनों को जानकारी दी।

खबर पाकर भोगांव पुलिस मौक़े पर पहुँची और शव को पेड़से उतारने का प्रयास करने लगी,लेकिन परिजनों ने शव को पेड़ से नहीं उतारने दिया। परिजन डीएम को बुलाने की मांग कर रहे थे।

उनका कहना था कि उनकी बेटी के साथ दुष्कर्म हुआ है।  बाद में हत्या करने के बाद पेड़ पर लटका दिया। पुलिस के आला अधिकारी मौक़े पर पहुँचे गये हैं।

एसपी मैनपुरी उदयशंकर जायसवाल ने कहा कि मामले की पड़ताल की जा कही है। शव का पोस्टमार्टम कराया जायेगा। इसके बाद ही रेप की पुष्टी हो सकेगी। घटना को लेकर हर तरह की जानकारी जुटायी जा रही है।

पंजाब केसरी

दलित महिला के सरेआम उतरवाए कपड़े और

फिर की शर्मनाक हरकत

http://www.punjabkesari.in/news/article-391504

मध्य प्रदेश में इंसानियतको शर्मसार करने वाली खबर सामने आई है जहां जमीनी विवाद के चलते कुछ लोगों ने दलित महिला के सरेआम कपड़े उतरवा दिए और उसको जबरन पेशाब पिलाया गया। मामला छत्तरपुर जिले का है।

जहां जमीनी विवाद के चलते कुछ लोगों ने पहले दलित महिला के कपड़े उतरवा दिए फिर उसको पेशाब भी पिला दिया। इस दौरान महिला से मारपीट भी की गई। 

बुधवार को महिला ने पुलिस में आरोपियों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। इस दौरान महिला ने शरीर पर लगे घाव दिखाए। पुलिस अब महिला की शिकायत के आधार पर मामलें की जांच में लगी हुई है। 

आज तक

प्रेमी के बहनों से रेप कर निर्वस्त्र करने के फरमान से खाप पंचायत ने किया इंकार

http://aajtak.intoday.in/story/khaf-panchayat-shameful-decree-rape-with-two-sisters-1-831172.html

वेस्ट यूपी के बागपत के साकरौंद गांव में पंचायत करके एक दलित परिवार की दो बेटियों के साथ रेप करके निर्वस्त्र करने के शर्मनाक फरमान से खाप ने इंकार कर दिया है. पंचायत का कहना है कि उसने ऐसा कोई फैसला नहीं सुनाया है. इस बीच यह मामला राजनीतिक रंग भी लेता जा रहा है. सुप्रीम कोर्ट के हस्तक्षेप के बाद गांव में पीएसी तैनात है. लेकिन गांववालों के चेहरे पर तनाव साफ देखा जा सकता है.

पीड़ितों के मुताबिक, पंचायत ने उनकी दो बेटियों के साथ रेप और सबके सामने निर्वस्त्र करने का फरमान सुनाया है. इस खौफ से दोनों लड़कियां महीनों पहले घर छोड़कर चली गईं. वे अब वापस लौटने को तैयार नहीं हैं. उनका गुनाह सिर्फ इतना है कि उनके भाई ने गांव की एक लड़की से प्यार किया. बाद में वे दोनों भाग गए. उस लड़के को सजा देने के लिए खाप पंचायत ने ये सजा सुनाई है.

दो बार गांव से फरार हुए थे प्रेमी जोड़े

जानकारी के मुताबिक, पीड़ित दलित परिवार का यह लड़का गांव की एक लड़की से प्यार करता था. लड़की की बिरादरी के लोगों को इसकी भनक लगी तो उसकी शादी कर दी गई. फरवरी 2015 में लड़की की शादी हो गई. लड़की मार्च में ससुराल से आ गई. वह अप्रैल, 2015 में दलित लड़के के साथ फरार हो गई. कुछ दिनों बाद दिल्ली के महरौली से दोनों को बरामद किया गया. मई में दोबारा दोनों फरार हो गए.

सुप्रीम कोर्ट से गुहार, CBI जांच की मांग 

27-28 मई, 2015 की रात मेरठ में दोनों को पुलिस ने बरामद कर लिया. लड़की वालों के दबाव में लड़के को नारकोटिक्स एक्ट में जेल भेज दिया गया. उसके बाद 30 जुलाई, 2015 को खाप पंचायत का फरमान आया. दलित लड़के से बदला लेने के लिए उसकी दोनों बहनों से रेप का फैसला सुनाया गया. दलित परिवार की दोनों लड़कियों ने सुप्रीम कोर्ट से गुहार लगाई है कि उन्हें इंसाफ़ दिया जाए. सीबीआई जांच की जाए.

अब पंचायत ने फरमान से किया इंकार 

बागपत में खाप पंचायत के डर से दिल्ली में छिपकर रहने वाली दो बहनों का कहना है कि वो पूरी तरह सुरक्षा दिए जाने के बाद ही वापस लौटेंगी. इसी बीच कई दिनों बाद लड़की के माता-पिता पुलिस सुरक्षा के बीच घर लौट आए हैं. गांव में पुलिस तैनात है. इसी बीच कहा जा रहा है कि लड़की को भगाने वाले लड़के की बहनों से रेप का फरमान सुनाया ही नहीं गया. ऐसी किसी पंचायत से भी इंकार किया जा रहा है.

दिलचस्पी लेने लगीं सियासी पार्टियां 

यह मामला अब सुप्रीम कोर्ट की दहलीज़ पर पहुंच चुका है. लड़कियों की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने यूपी सरकार, यूपी और दिल्ली पुलिस से 14 सितंबर तक जवाब मांगा है. गांववालों की माने तो प्रेम प्रसंग से शुरू हुआ ये मामला अब दो बिरादरियों के टकराव की वजह बन गया है. हालात पूरी तरह शांतिपूर्ण हैं, लेकिन दोनों तरफ़ तनाव बना हुआ है. इस मामले में सियासी पार्टियां भी दिलचस्पी ले रही है !

दैनिक जागरण

दलित कर्मचारी को जातिसूचक शब्दों कहने पर मामला गर्माया

http://www.jagran.com/haryana/kaithal-12827304.html

मार्केट कमेटी चीका में कार्यरत एक अस्थायी कर्मचारी साहिब ¨सह ने अनुसूचित जन जाति आयोग दिल्ली में शिकायत भेजकर मार्केट कमेटी चीका के सचिव हकीकत कादियान पर आरोप लगाया कि सचिव ने उसे पिछले कई महीने का वेतन नहीं दिया और जब उसने वेतन देने की माग की तो उसके साथ दु‌र्व्यवहार किया व उसके खिलाफ जातिसूचक शब्दों का प्रयोग किया गया। साहिब ¨सह ने आयोग को भेजी शिकायत में यह भी आरोप लगाया कि जब उसने इस सम्बन्ध में उच्च अधिकारियों को शिकायत की तो उन्होंने भी उसकी शिकायत को अनसुना कर दिया।

शिकायत से मामला गर्माया

साहिब सिंह द्वारा अनुसूचित जन जाति आयोग में की गई शिकायत से यह मामला गरमाता हुआ दिखाई दे रहा है। शिकायतकर्ता अपने आप को मार्केट कमेटी चीका का अस्थायी कर्मचारी बता रहा है और उसने अपनी शिकायत की पुष्टि के लिए आयोग के समक्ष दो गवाह भी पेश किए है। शिकायत में साहिब सिंह ने कहा कि जब मार्केट कमेटी में उसने सचिव से उक्त दोनों गवाहों के समक्ष अपना वेतन मागा तो उसने न वेतन दिया और उसे जाति सूचक शब्द भी कहे।

मार्केट कमेटी का कर्मचारी नहीं

मार्केट कमेटी के सचिव हकीकत कादियान ने साहिब ¨सह नामक किसी व्यक्ति की अनुसूचित जन जाति आयोग में की गई शिकायत से अनभिज्ञता जाहिर करते हुए कहा कि उन्हे इस मामले के बारे में कुछ नहीं पता। साहिब ¨सह के मार्केट कमेटी के कर्मचारी होने या न होने बारे उन्होंने स्पष्ट किया कि इस नाम का कोई भी व्यक्ति मार्केट कमेटी कार्यालय चीका में कर्मचारी ही नहीं है। इसकी पुष्टि मार्केट कमेटी के रिकार्ड से की जा सकती है।

डीसी व एसपी दिल्ली तलब :

अनुसूचित जन जाति आयोग दिल्ली के सदस्य ईश्वर ¨सह से जब इस सम्बन्ध में बात की गई तो उन्होंने स्पष्ट किया कि चीका स्थित बाबा बस्ती के रहने वाले एक अपंग युवक साहिब ¨सह की उनके पास शिकायत आई है। शिकायत के अनुसार वह मार्केट कमेटी चीका में कच्चा कर्मचारी है और उसे पिछले कई महीनों से वेतन नहीं दिया गया और अब उसे हटा दिया गया है, नतीजतन जब उसने अपनी पिछला वेतन मागा तो न केवल उसे वेतन देने से इन्कार कर दिया, अलबत्ता उसके खिलाफ जातिसूचक शब्दों का भी प्रयोग किया। ईश्वर ¨सह ने बताया कि आयोग ने मामले की गंभीरता को देखते हुए इस मामले में वेतन न देने के आरोप में उपायुक्त को व कानूनी कार्रवाई न करने के आरोप में एसपी कैथल को 9 सितम्बर के लिए तलब किया है।

अमर उजाला

सीएम दरबार पहुंचा दलितों के पलायन का मामला

http://www.amarujala.com/news/city/karnal/karnal-hindi-news/case-of-dalit-family-reach-cm-office-hindi-news/

गांव कुटेल में दलित परिवारों के पलायन का मामला सीएम दरबार तक पहुंच गया है। बुधवार देर शाम सीएम आवास चंडीगढ़ पर पीड़ित और ग्रामीण सीएम से मिले। ग्रामीणों ने सीएम के सामने विधायक पर भी आरोप जड़े और सुरक्षा की मांग की। ग्रामीणों ने पूरे मामले की निष्पक्षता से जांच और गांव में शांति व्यवस्था बनाए रखने की अपील की है।

सीएम ने हर हाल में सुरक्षा का आश्वासन दिया और वापस गांव में रहने का आग्रह किया। 

सीएम ने अधिकारियों को आदेश कि वे दोनों परिवारों को वापस गांव में लाएं और उनकी सुरक्षा की व्यवस्था करें। बता दें कि पिछले हफ्ते दो पक्षों में हुए विवाद के बाद मामला गरमा गया। आरोप है कि रामकिशन पर दबंग पक्ष के लोगों ने हमला कर मारपीट की और जान से मारने की धमकी भी दी। इसके बाद पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। मामला यहीं पर शांत नहीं हुआ, रामकिशन व बेनीराम ने आरोप लगाया कि गांव में आरोपी पक्ष के लोग उन पर लगातार दबाव बना रहे हैं। साथ ही उन्हें धमकियां दी जा रही हैं।

इसी डर से 27 अगस्त को दोनों परिवारों ने गांव से पलायन कर दिया और अपने रिश्तेदारों के यहां चले गए। इसके बाद 29 अगस्त को थाना प्रभारी व गांव के लोगों की मध्यस्थता से दोनों परिवारों के मुखियाओं को गांव लाया गया, लेकिन बच्चे नहीं आए।

आधे घंटे तक हुई मुलाकात

बुधवार को रामकिशन समेत काफी संख्या में पीड़ित लोग देर शाम सीएम मनोहर लाल से उनके चंडीगढ़ स्थित आवास पर मिले। करीब आधे घंटे की मुलाकात में रामकिशन व अन्य ने वही आरोप दोहराए और विधायक पर भी आरोप लगाए। पीड़ितों ने कहा कि उन्हें न्याय और सुरक्षा चाहिए, माहौल ठीक होने पर ही वे वापस गांव जाएंगे। 

उधर, सीएम ने मामले में अधिकारियों को सख्त आदेश दिए हैं कि वे इसे गंभीरता से लें और हर हाल में दोनों परिवारों को दोबारा से गांव में बुलाएं। इसके अलावा सुरक्षा के मामले में कोई कोताही न बरती जाए। बता दें कि विवाद के बाद से ही गाव में पुलिस तैनात की गई है।

राष्ट्रीय खबर

भारत स्‍वच्‍छता अभियानकी दीवानगी नहीं, मजबूरी में गोल्‍ड मेडलिस्‍ट खिलाड़ी बटोरता है कूड़ा

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कानपुर: बॉक्सिंग में अपना नाम रोशन कर चुके कमल कुमार अब कानपुर में कूड़ा बटोरते हैं।  ऐसा वो इसलिए नहीं करते कि वो भारत स्‍वच्‍छ अभियान से लगाव रखते हैं, बल्कि ये उनकी मजबूरी है। कूड़ा बटोरने का काम करते हैं तो वो भी चेहरा ढककर, ताकि कोई पहचान न ले। कुछ हजार रुपयों से घर चलाने वाले कमल कहते हैं, ‘जीने के लिए कुछ तो करना पड़ेगा। मैं दलित और गरीब हूं। कोई सुनने वाला नहीं है। मेरी मां भी एक मंत्री के घर सफाई का काम करती हैं।’

 लड़ते-लड़ते बने बॉक्सर

कमल कुमार वाल्मीकि की कहानी किसी बॉलिवुड फिल्म से कम नहीं है। बचपन में वह जिस बस्ती में रहते थे, वहां झगड़े और मारपीट आम बात थी। खुद के बचाव में घूंसे चलते थे, जो बाद में एक शौक के तौर पर डिवेलप हो गया। कमल बॉक्सर बन गए। डिस्ट्रिक्ट लेवल पर उन्होंने 3 बार गोल्ड मेडल जीते। 1993 में यूपी ओलिंपिक्स में ब्रॉन्ज मेडल मिला। इसके बाद 2006 में स्टेट गेम्स में भी ब्रॉन्ज घर आया और 2011 में इंटर यूनिवर्सिटी गेम्स में सिल्वर। जूनियर नैशनल बॉक्सिंग चैंपियनशिप में कमल को मेडल तो नहीं मिला, लेकिन विरोधी उनके कद्रदान हो गए।

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 बेटों को भी बनाएंगे बॉक्सर

हालांकि मेडल्स और सर्टिफिकेट्स की झड़ी लगाने वाले कमल अब रोज सुबह घरों से कूड़ा कलेक्ट करते हैं और शाम को रिक्शा चलाते हैं। बकौल कमल, ‘एक कंपनी ने कूड़ा उठवाना शुरू किया था, लेकिन उसने काम बंद कर दिया और 3 महीने की सैलेरी रुक गई।’ अपने छोटे से घर में मेडल साफ करते हुए कमल बोले, ‘कोई इज्जत का काम मिल जाए तो जिंदगी थोड़ी आसान हो जाए। बड़े बेटे को किसी तरह पढ़ा रहा हूं। बाकी दोनों सुमित और आदित्य को भी बॉक्सर बनाऊंगा, चाहे कुछ हो जाए।’

 अफसर ने मेडल बताए थे झूठे

अफसरों की संवेदनहीनता के बारे में कमल ने बताया, ‘2 साल पहले एक अफसर ने तो मेडल्स को फर्जी कहा। लखनऊ तक दौड़ लगाई तो साहब शांत हुए, लेकिन नौकरी फिर भी नहीं मिली।’ कुछ पलों की खामोशी के बाद कहा, ‘दलित हूं न साहब, इसलिए कोई नहीं सुनता। स्पोर्ट्स कोटे में कहीं काम मिल जाए तो घर चलाना आसान होगा।’

 कोई नहीं देता नौकरी

एक जानकार के अनुसार, कमल में कोच बनने के सारे गुण मौजूद हैं, लेकिन कई स्कूलों ने मेहनत मजदूरी देख उन्हें काम देने से मना कर दिया। लोग दूसरी नजरों से देखते हैं। कमल के कई दोस्त आज बॉक्सिंग कोच हैं। वहीं कानपुर बॉक्सिंग असोसिएशन के सेक्रेटरी संजीव दीक्षित कहते हैं, ‘कमल की मजबूरी के बारे में पता है, लेकिन हम मजबूर हैं। कोई स्पॉन्सर नहीं मिलता, न मदद होती है। वह बेहद स्वाभिमानी है। टैलंट की कोई कद्र नहीं है।’

News Monitored by Kuldeep Chandan & Kalpana Bhadra

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