दलित मीडिया वाच – हिंदी न्यूज़ अपडेट  02.09.15  

 छतरपुर में दलित महिला को नंगा कर पेशाब पिलाई – भोपाल समाचार

http://www.bhopalsamachar.com/2015/09/blog-post_89.html

घर में घुसकर दलित किशोरी से दुराचार का प्रयास – अमर उजाला

http://www.amarujala.com/news/city/pilibhit/pilibhit-crime-news/dalit-girl-entered-the-house-try-misconduct-hindi-news/

स्टोन क्रेशर के पट्टे की चपेट में आकर मजदूर की मौत – दैनिक जागरण

http://www.jagran.com/uttar-pradesh/saharanpur-12823583.html

उत्पीड़न पर बिफरी महिलाएं – अमर उजाला

http://www.amarujala.com/news/city/ambedkar-nagar/ambedkar-nagar-hindi-news/women-protest-against-harassment-hindi-news/

गंदे पानी से परेशान दलित बस्ती वासी – दैनिक जागरण

http://www.jagran.com/punjab/patiala-12820455.html

लंदन की सुर्खियों में सांकरौद गांव – अमर उजाला

http://www.amarujala.com/news/city/baghpat/baghpat-crime-news/london-media-in-sankraud-village-hindi-news/

खामोशी से आए हजारों ग्रामीण, ज्ञापन दिया और चले गए – नई दुनिया

http://naidunia.jagran.com/madhya-pradesh/jabalpur-jabalpurnews-464865

जादू कला से किया अंधविश्वासों को दूर – दैनिक जागरण

http://www.jagran.com/bihar/buxar-the-art-of-magic-to-overcome-superstition-12821095.html

 PLEASE WACTH:

The Untouchables –

57 minute documentary – trailer

https://www.youtube.com/watch?v=K1CY48_Tmho

भोपाल समाचार

छतरपुर में दलित महिला को नंगा कर पेशाब पिलाई

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छतरपुर। एक दलित महिला को निर्वस्त्र कर पेशाब पिलाने का सनसनीखेज मामला सामने आया है. आरोप है कि इस मामले में स्थानीय पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की. महिला ने बड़ी संख्या में लोगों के साथ मिलकर एसपी को फरियाद सुनाई. इसके बाद एसपी ने पूरे मामले की जांच के आदेश दिए है.

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छतरपुर जिले के नौगांव थाने के मुंडवारा गांव में रहने वाली महिला मंगलवार को बड़ी संख्या में दलित समाज के साथ जिला मुख्यालय पहुंची. यहां उसने एएसपी नीरज पांडे को आपबीती सुनाई. महिला ने बताया कि यह घटना 26 अगस्त की है, लेकिन स्थानीय पुलिस ने उसकी शिकायत पर कोई मामला दर्ज नहीं किया.

पीड़िता के मुताबिक उसे मुंडवारा गांव में सरकारी पट्टा मिला हुआ था. गांव के दबंग विजय यादव को दलित महिला को पट्टा मिलना रास नहीं आ रहा था. पहलेे उसने पट्टे का विरोध किया और फिर वह उसके खेत में जानवर घुसा देता था.

महिला 26 अगस्त को इसी बात का विरोध दर्ज कराने के लिए विजय यादव के घर पहुंची थी, तो वहां विजय मौजूद नहीं था. पीड़िता के मुताबिक विजय की पत्नी ने उसके साथ काफी अभद्रता की. इसी दौरान विजय वहां आ गया और पति-पत्नी ने मिलकर उसे निर्वस्त्र कर दिया. आरोप यह भी है कि उसे पेशाब पीने के लिए भी मजबूर किया गया.

एसपी ललित शाक्यवार ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच के आदेश दिए है. एसपी के मुताबिक मामले की निष्पक्ष जांच का की जाएगी. उन्होंने कहा है कि अगर कोई दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी.

अमर उजाला

घर में घुसकर दलित किशोरी से दुराचार का प्रयास

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दलित किशोरी को अकेला देखकर पड़ोस का एक युवक उसके घर में घुस गया और किशोरी के साथ दुराचार की कोशिश की। अचानक उसकी मां के बाजार से लौटने पर आरोपी धमकी देकर भाग निकला। पीड़ित की मां ने एसपी के न मिलने पर शिकायत जांच प्रकोष्ठ को दी है। शिकायत जांच प्रकोष्ठ ने मामले की जांच कर कार्रवाई के आदेश सुनगढ़ी पुलिस को दिए हैं।

शहर की एक कांशीराम कॉलोनी निवासी महिला ने बताया कि वह अनुसूचित जाति की है। उसके आवास के सामने रहने वाला एक युवक उसकी पुत्री को हमेशा अश्लील फब्तियां कसता रहता है। जब घर से बाहर निकलती है तो उस पर अश्लील बातें करने की कोशिश करता है। बताया कि 24 अगस्त की शाम को वह चार बजे बाजार गई थी। बेटर घर पर अकेली थी। शाम करीब 7.30 बजे पुत्री को अकेले पाकर आरोपी घर में घुस आया और अश्लील हरकतें करते हुए दुराचार की कोशिश की। विरोध करने पर उसे जान से मार देने की धमकी दी।

 इसी बीच वह बाजार से लौटकर घर पहुंची तो आरोपी रिपोर्ट दर्ज कराने पर जान से मार देने की धमकी देकर भाग निकला। आरोप है कि जब वह थाने रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए जा रही थीं तो आरोपी ने उन्हें रास्ते में घेर लिया और जाने नहीं दिया। उन्होंने मंगलवार को एसपी के न मिलने पर शिकायत जांच प्रकोष्ठ में तहरीर दी है। शिकायत जांच प्रकोष्ठ प्रभारी आनंद वर्मा ने बताया कि प्रभारी निरीक्षक सुनगढ़ी को मामले की जांच कर कार्रवाई करने और उनसे तीन दिनों में जांच आख्या मांगी है।

दैनिक जागरण

स्टोन क्रेशर के पट्टे की चपेट में आकर मजदूर की मौत

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सहारनपुर : कोतवाली क्षेत्र में नुनियारी गांव के पास यमुना नदी में लगे एक स्टोन क्रेशर पर काम करने वाले एक मजदूर की क्रेशर के पट्टे में आकर दर्दनाक मौत हो गई। खबर मिलने पर परिजन व पुलिस मौके पर पहुंचे। लेकिन परिजनों ने किसी कानूनी कार्रवाई से इंकार कर दिया और शव लेकर अपने घर चले गए।

दुर्घटना मंगलवार की सुबह करीब 7 बजे हुई। गांव कांसेपुर निवासी 22 वर्षीय विपिन पुत्र शेर ¨सह इस क्रेशर पर मजदूरी करता था। सोमवार की रात भी वह इस क्रेशर पर मजदूरी कर रहा था। सुबह लगभग 7 बजे उसने क्रेशर के मुंशी से अपनी रात भर की दिहाड़ी भी ले ली थी। इस बीच वह क्रेशर के पट्टे के पास कुछ काम कर रहा था। तभी वह इस पट्टे की चपेट में आ गया और मशीन में जा लगा। जिससे इसकी मौके पर ही मौत हो गई।

दुर्घटना होते ही वहां मौजूद मुंशी व अन्य लोगों ने मृतक के परिजनों व क्रेशर मालिक को सूचना दे दी। जिस पर क्रेशर मालिक के कुछ लोग व मृतक के परिजन मौके पर पहुंच गए, काफी देर तक दोनों पक्षों में बात हुई। इस बीच इंस्पेक्टर नरेश चौहान व उप निरीक्षक इंद्रपाल ¨सह मौके पर पहुंच गए और घटना के बारे में जानकारी की। उप निरीक्षक ने पंचायतनामे की कार्रवाई शुरू ही की थी कि मृतक के परिजनों ने किसी भी कानूनी कार्रवाई से इंकार कर दिया और शव को उठाकर घर ले गए।

मुफलिसी के चलते रात में मजदूरी कर दिन में करता था विपिन पढ़ाई

बेहट : मृतक दलित मजदूर विपिन कुमार बीकॉम का छात्र था। मुफलिसी के बावजूद अपने भविष्य को चार चांद लगाने के लिए वह दिन-रात कड़ी मेहनत कर रहा था। रात में क्रेशर पर मजदूरी और दिन में पढ़ाई कर विपिन समाज के सामने मिसाल बन चुका था। विपिन के जानकार बताते हैं कि वह अपनी मेहनत से मिलने वाले पैसों से ही अपनी पढ़ाई का खर्च चला रहा था। इसलिए वह हर रात या दिन मजदूरी नहीं करता था, जब उसके पास पढ़ाई में खर्च के लिए पैसे कम पड़ जाते थे तो वह रात में इसलिए मजदूरी करता था ताकि दिन में उसकी पढ़ाई का नुकसान न हो। क्रेशर पर मजदूरी इसलिए करता था क्योंकि क्रेशर पर ही मजदूरी रात में मिल सकती है। वैसे भी विपिन का बीकॉम का एक आखिरी साल था।

अमर उजाला

उत्पीड़न पर बिफरी महिलाएं

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बसिरहा गांव के दलित परिवार के सदस्यों ने मंगलवार को कलेक्ट्रेट के पास प्रदर्शन किया। उन्होंने पुलिस पर एकतरफा कार्रवाई करने और दूसरे पक्ष द्वारा बीते सोमवार को घर में घुसकर तोड़फोड़ व कीमती सामान उठाने का आरोप लगाया। उन्होंने केस दर्ज करने के लिए थाने में तहरीर दी, लेकिन उनकी कोई सुनवाई नहीं हुई।

दो दिन पूर्व बेवाना थाना क्षेत्र अंतर्गत बसिरहा गांव में पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों की देखरेख में भूमि पैमाइश के दौरान दलित व यादव पक्ष के बीच विवाद हो गया था। आक्रोशित दलित पक्ष के लोगों ने न सिर्फ यादव पक्ष, बल्कि पुलिस टीम पर पथराव किया था। इससे एक दरोगा सहित चार सिपाही घायल हो गए।

दलित पक्ष के लोगों का आरोप है कि सोमवार रात यादव पक्ष ने उनके घरों में तोड़फोड़ की और कीमती सामान उठा ले गए। घर में महिलाओं के साथ मारपीट व अभद्रता भी की। इस पर जब वे सब शिकायत करने व केस दर्ज कराने के लिए बेवाना थाना गए, तो वहां से उन्हें डांटकर भगा दिया गया। 

मंगलवार को दलित पक्ष के लोगों ने कलेक्ट्रेट के समक्ष पहुंचकर प्रदर्शन किया। शांतिदेवी, बृजेश कुमार, अनारादेवी, केशवराम, केवलादेवी, चुन्नीलाल, सुमन, नंदलाल, रामनेवल, दुबराज आदि ने कहा कि पुलिस प्रशासन पूरी तरह मनमानी पर उतर आया है। चेतावनी दी गई कि उनकी तहरीर पर आरोपियों के विरुद्ध केस दर्ज नहीं किया गया, तो धरना प्रदर्शन किया जाएगा।

दैनिक जागरण

गंदे पानी से परेशान दलित बस्ती वासी

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गांव हामझेड़ी में गंदे पानी के एकत्रित होने के कारण लोगों को काफी परेशान होना पड़ रहा है। गंदे पानी की निकासी को लेकर उन्हें दर-दर की ठोकरें खाने को मजबूर होना पड़ रहा है। गांव के लोगों ने बताया कि उनके मोहल्ले में गंदे पानी के निकास का कोई प्रबंध नहीं है, जो गंदा पानी वाला नाला पहले निकाला गया था। वह अधूरा पड़ा है, जिस कारण पूरा पानी पाखाने बनाने वाले स्थान में जाने से उसकी दीवार गिर पड़ी।

पंचायत ने कई बार इस नाले को आगे जा रहे बड़े नाले से जोड़ने के लिए प्रशासन गांव में आया और सरकारी तौर पर नाला निकालने के लिए निशानियां भी लाई गई, लेकिन काम अधर में ही लटक कर पूरा गंदा पानी उनके घर आगे खड़ा रहने कारण मच्छरों की खूब भरमार है। मोहल्ले के दोनों ओर गंदा पानी होने कारण सफाई का कोई प्रबंध नहीं है।

जानकारी के अनुसार कुछ दिन पहले गांव की पंचायत द्वारा सफाई अभियान चलाया गया था, लेकिन गांव की कुछ स्थानों की सफाई कर काम अधर में ही छोड़ दिया गया। उन्होंने डिप्टी कमिश्नर से मांग की कि उनके गांव में हालात देखकर समस्या का तुरंत समाधान किया जाए।

अमर उजाला

लंदन की सुर्खियों में सांकरौद गांव

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बागपत के सांकरौद प्रकरण में खाप पंचायत के कथित फरमान का मामला ब्रिटेन में भी सुर्खियों में है। वहां की मीडिया ने गांव में पहुंचकर पल-पल की जानकारी ली। हर वर्ग के लोगों से बातचीत कर पंचायत के फरमान के बारे में सच जानने की कोशिश की।

मंगलवार सुबह सांकरौद गांव में मीडिया का जमावड़ा लग गया। दोपहर में गांव में ब्रिटेन की मीडिया वालों ने भी डेरा डाल दिया। इस दौरान वहां की मीडिया वालों ने युवक और युवती के परिवार के अलावा गांव के हर वर्ग के लोगों से बातचीत की। वहां पर सुरक्षा में तैनात सिविल पुलिस और पीएसी के जवानों से इस बारे में जानकारी की।

इस दौरान पीड़ित दलित युवक के पिता धर्मपाल ने कहा कि गांव में पंचायत हुई है। उस समय वे गांव में नहीं थे। गांव के लोगों ने उन्हें इसकी जानकारी दी थी। इनके अलावा गांव के किसी ने गांव में पंचायत होने की पुष्टि नहीं की। इनके अलावा दिल्ली, नोएडा, मेरठ और बागपत की मीडिया ने गांव में पहुंचकर खाप पंचायत का सच जाना।

नई दुनिया

खामोशी से आए हजारों ग्रामीण, ज्ञापन दिया और चले गए

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जबलपुर। शहर की सड़कों पर सुबह 10 बजे से अचानक ही सैकड़ों की संख्या में ग्रामीणों की कतारें नजर आने लगी। दोपहर 12 बजे तक सिविल सेंटर से लेकर घंटाघर, कलेक्ट्रेट और हाईकोर्ट के चारों तरफ की सड़कों पर हजारों ग्रामीण पहुंच चुके थे। लयबद्ध कतार में आने वाले ग्रामीण खामोशी से शहर आए और जमीन की मांग को लेकर आयोजित भूमि अधिकार यात्रा में हजारों की संख्या में पुलिस कंट्रोल रूम तक जा पहुंचे। यहां एसडीएम और तहसीलदारों ने उनके ज्ञापन लिए। जितनी खामोशी से ग्रामीण आए थे उसी तरह वे वापस भी लौट गए। इस दौरान जिले के कई थानों का पुलिस बल, एसडीएम, तहसीलदार किसी उग्र आंदोलन के मद्देनजर चौकसी करते रहे। ये आंदोलन राष्ट्रीय दलित समाज के महासचिव संजय भारती और उनके पदाधिकारियों के ओर से आयोजित किया गया।

आते रहे और ज्ञापन सौंपते रहे

– पुलिस कंट्रोल रूम में एसडीएम ओमती कविता बाटला के अलावा एसडीएम सुनील शुक्ला, तहसीलदार गोहलपुर मणिन्द्र सिंह, तहसीलदार ओमती ज्ञापन लेने बैठे रहे।

– सुबह 11 बजे से लेकर 3 बजे के बीच लगभग 527 से ज्यादा ज्ञापन जमीन की मांग वाले दर्ज हुए।

– दोपहर 3 बजे के बाद सभी ग्रामीण रेलवे स्टेशन, बस स्टैण्ड से अपने जिलों को रवाना हुए।

– सौंपे गए ज्ञापन में जबलपुर, कटनी, मंडला, उमरिया, सतना,रीवा से आए लोगों ने अपने गांव, जिले के नाम के साथ ज्ञापन दिया। दर्जनों ज्ञापन में पूरे गांव के लोगों का नाम भी जोड़ा गया।

कहीं नहीं लगा जाम

– सुबह 10 बजे से लेकर दोपहर 3 बजे तक चले भूमि अधिकार यात्रा के दौरान शहर के किसी भी इलाके में जाम के हालात नहीं बने। ये पहला मौका होगा जब हजारों लोग सड़क पर उतरे लेकिन उन्होंने ट्रैफिक नियमों का पालन करते हुए। थोड़ी बहुत नारेबाजी के अलावा ज्यादा कुछ नहीं किया।

– पुलिस कंट्रोल रूम से लेकर हाईकोर्ट चौराहे जाने वाले रास्ते को वन वे किया गया। लेकिन इसके किसी जगह पर ट्रैफिक बाधित नहीं हुआ।

ये हैं प्रमुख मांगें

– गांव के ऐसे आदिवासी और दलित परिवार जिनके पास भूमि नहीं है, उन्हें भूमि उपलब्ध कराई जाए।

– जिस गांव में अभी वे निवास कर रहे हैं, उस जगह पर कब्जा और पट्टा दिया जाए।

– पूर्व में जारी अस्थायी पट्टों को स्थायी किया जाए।

वर्जन …फोटो है…

मध्यप्रदेश में आदिवासी और ग्रामीण हजारों परिवार आज भी बिना जमीन के जीवन यापन कर रहे हैं। उन्हें अधिकार तो मिले हैं लेकिन जमीन आज तक नहीं दी जा सकी। इसी उद्देश्य के चलते आज 6 जिलों से ग्रामीणों ने आकर जमीन की मांग को उठाया।

संजय भारती, राष्ट्रीय महासचिव दलित समाज

गांव में जाकर देखना चाहिए कि कितनी गंभीर परिस्थितियों में ग्रामीण अपना जीवन जी रहे हैं। प्रदेश की आबादी का 80 प्रतिशत से ज्यादा ग्रामीण परिवेश खुद की जमीन पाने की मांग कर रहा है। इसलिए भूमि अधिकार यात्रा के लिए हजारों ग्रामीणों ने अपनी मांग शासन तक पहुंचाने का प्रयास किया है।

शारदा गौतम, प्रदेश उपाध्यक्ष दलित समाज

दैनिक जागरण

जादू कला से किया अंधविश्वासों को दूर

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समाज के पिछडे व दलित लोगों को जादू-टोना एवं भूत-प्रेत जैसे अंधविश्वासों के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से मंगलवार को नगर स्थित दलित बस्ती शांति नगर में नीतीश-लालू के बैनर तले’अंधविश्वास दूर करो’कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में नगर के सोहनीपट्टी मुहल्ला निवासी दशरथ राजा द्वारा विभिन्न प्रकार के खेल व जादू कार्यक्रम का प्रदर्शन कर इसके वैज्ञानिक रहस्यों का खुलासा करते लोगों में जागरूकता का संदेश दिया गया।

इस दौरान आंख पर पट्टी बांधकर साइकिल चलाना, मुंह में तलवार घुसाना, हवा में कबूतर उडा़ना व गायब करना, फूलों की बारिश, मिठाई व पैसे बनाने सहित कई हैरतअंगेज कारनामों का प्रदर्शन किया गया। कार्यक्रम के बाद जादूगर ने बताया कि जादू-टोना, भूत-प्रेत आदि वैज्ञानिकता के आधार पर हाथ की सफाई कला है। इन्होंने जादू-टोना व अंधविश्वास से लोगों को सचेत रहने की सलाह दी। कार्यक्रम के आयोजन से प्रसन्न शांतिनगर के संतोष वर्मा, संजय राजभर, रितेश पासवान, विवेक कुमार, गनेश पासवान, प्रेम राज, आसमां, मिकू, रंजीत गुप्ता, गौतम कुमार, शुभम कुमार, लव कुमार संजीत कुमार सहित लोगों ने बताया जादूगर दशरथ राजा को साधुवाद देते कहा कि आज के दौर में नि:शुल्क कार्यक्रमों से लोगों में अंधविश्वास मिटाने की दिशा में यह एक सराहनीय व सार्थक पहल है। दलित बस्ती के लोगों ने प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से उक्त जादूगर के उज्जवल भविष्य की कामना की है।

News Monitored by Kuldeep Chandan & Kalpana Bhadra

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