दलित मीडिया वाच – हिंदी न्यूज़ अपडेट 24.08.15

दलित महिला से किया सामूहिक बलात्कार नई दुनिया

http://naidunia.jagran.com/madhya-pradesh/shivpuri-shivpuri-news-457269

प्यार की खातिर प्रेमी जोड़ों ने गांव तो क्या राज्य तक छोड़ा पत्रिका

http://www.patrika.com/news/miscellenous-india/lover-couples-leaved-village-and-state-for-love-in-uttar-pardesh-1088392/

सरकारें कर रहीं दलितों की उपेक्षा अमर उजाला

http://www.amarujala.com/news/city/ambedkar-nagar/ambedkar-nagar-hindi-news/governments-ignore-the-dalits-hindi-news/

अपने बच्चों को ज्यादा से ज्यादा करें शिक्षित : बेदी दैनिक जागरण

http://www.jagran.com/haryana/mewat-12774483.html

खाप चौधरी ने भी माना, नही हुई पंचायत दैनिक जागरण

http://www.jagran.com/uttar-pradesh/bagpat-12777460.html

चौदह दलित बस्ती को मिलेगा मिनी जलापूर्ति योजना का लाभ दैनिक जागरण

http://www.jagran.com/bihar/bhojpur-get-fourteen-dalit-colony-mini-water-supply-scheme-12776818.html

Please Watch:

Introduction of the book “Who Killed Karkare ?” : SM Mushrif

https://www.youtube.com/watch?t=1053&v=46AKUj1Y4m8

 Save Dalit Foundation:

Educate, agitate & organize! – Dr. Ambedkar.

Let us all educates to agitate & Organize to Save Dalit Foundation !

Please sign petition by click this link : https://t.co/WXxFdysoJK

नई दुनिया

दलित महिला से किया सामूहिक बलात्कार

http://naidunia.jagran.com/madhya-pradesh/shivpuri-shivpuri-news-457269

शिवपुरी। पिछोर थाना क्षेत्र के ग्राम कुरतला हरीनगर में एक दलित महिला को उसके खेत पर दो दबंगों ने कट्टे के बल पर बंधक बना लिया और उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया। महिला ने मामले की शिकायत पुलिस को दर्ज कराई। शिकायत के आधार पर पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ प्रकरण कायम कर लिया है।

20 अगस्त को शाम करीब सात बजे ग्राम कुरतला हरीनगर निवासी एक 28 वर्षीय आदिवासी महिला अपने खेत पर थी। इसी दौरान वहां नयाखेड़ा निवासी मनोहर यादव अपने साथी धर्मेन्द्र वंशकार के साथ पहुंचा। दोनों ने महिला को कट्टे के बल पर खेत पर बनी झोपड़ी में बंधक बना लिया। दोनों ने उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म की घटना को अंजाम दिया। महिला ने मामले की जानकारी अपने परिजनों को दी। जिसके बाद शिकायत पिछोर थाने में दर्ज कराई गई। पुलिस ने शिकायत के आधार पर आरोपियों के खिलाफ बंधक बनाकर सामूहिक दुष्कर्म एवं एससीएसटी एक्ट के तहत प्रकरण कायम कर लिया है।

इनका कहना है

– महिला ने थाने आकर मामले की शिकायत दर्ज कराई थी। इसके आधार पर हमने आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। फिलहाल आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है। हम आरोपियों को गिरफ्तार करने के लिए लगातार दबिश दे रहे हैं।

आरकेएस राठौड़, टीआई पिछोर।

पत्रिका

प्यार की खातिर प्रेमी जोड़ों ने गांव तो क्या राज्य तक छोड़ा

http://www.patrika.com/news/miscellenous-india/lover-couples-leaved-village-and-state-for-love-in-uttar-pardesh-1088392/

मुजप्फरनगर। उत्तर प्रदेश में मुजप्फरनगर के मंसूरपुर क्षेत्र के सोन्टा गांव में एक बहुचर्चित मामले में दलित बिरादरी ने आखिरकार दो प्रेमी जोड़ों को शादी के बंधन में बंधने के बाद गांव छोड़ने के लिए मजबूर कर ही दिया।

देर रात कड़ी सुरक्षा में दोनों प्रेमी जोडे को उत्तराखंड में उनकी इच्छा के अनुसार पुलिस छोड़ आई। गांव सोन्टा में बीते कई दिनों से दलित बिरादरी में काफी गहमा गहमी थी। वहां एक दलित परिवार की दो सगी बहनों ने अपने खानदान कुटुम्ब के ही भाई लगने वाले दो सगे भाईयों से गांव से फरार होकर शादी कर ली थी। इस मामले का जब दलित बिरादरी में खुलासा हुआ तो पंचायतों का दौर शुरू हो गया ।

पंचायतों में मामला निपटाने और प्रेमी जोड़े को सबक सिखाने के लिए क ई तरह के सामाजिक दबाव बनाने शुरू किए गए। इसी बीच दोनों लड़कियां व दोनों लड़के शनिवार को मंसूरपुर थाने में पहुंचे और उन्होंने कहा कि वह अब भाई बहन नहीं बल्कि पति-पत्नी की तरह रहेंगे क्योंकि उन्होंने आर्य समाज मंदिर में शादी कर ली है और अदालत में पंजीकरण भी करा लिया है। उन्होंनें इस बात के सुबूत जब पुलिस को दिखाए गए तो शनिवार देर शाम युवतियों को अपर मुख्य नयायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में पेश किया गया।

लड़कियों ने साफ कहा कि वो बालिग है और अपनी इच्छा के अनुसार अपने खानदान के उन लड़कों के साथ पति के रूप में रहना चाहती है जो समाज की नजरों में अब तक उनके भाई थे। न्यायालय ने पुलिस को आदेश दिया कि उनकी इच्छा पर उन्हे सुरक्षा के साथ वहां भेजा जाए जहां वो रहना चाहती है।

लड़कियों ने कहा कि गांव में उन्हे अपने परिवार और समाज से जान का खतरा है और वो अब गांव से बाहर रहना चाहती है। इस पर देर रात पुलिस ने लड़कियों व दोनों लड़कों को उत्तराखंड प्रदेश में ले जाकर छोड़ दिया। लड़के वहीं रोजगार करते हैं।

अमर उजाला

सरकारें कर रहीं दलितों की उपेक्षा

http://www.amarujala.com/news/city/ambedkar-nagar/ambedkar-nagar-hindi-news/governments-ignore-the-dalits-hindi-news/

कहा कि मौजूदा प्रदेश व केंद्र सरकार दलितों पर ध्यान नहीं दे रही हैं। इसके चलते ही दलितों का उत्पीड़न बढ़ रहा है। पंचायत के दौरान 11 मुद्दों पर प्रमुखता से चर्चा की गई।

पंचायत को संबोधित करते हुए प्रदेश अध्यक्ष श्रीराम अंबेश ने दलित समाज के लोगों से एकजुट होने का आह्वान किया। कहा कि दलितों के असंगठित होने का लोग लाभ उठा रहे हैं। मौजूदा केंद्र व प्रदेश सरकारें दलितों के हितों को लेकर उदासीन हैं। इसके चलते न सिर्फ दलितों का हक मारा जा रहा है, बल्कि उनका उत्पीड़न भी हो रहा है।

पंचायत में अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित कोटा भरने, उच्च संवर्गों में अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति का आरक्षण कोटा पूरा करने सहित 11 मुद्दों पर चर्चा की गई। इस मौके पर मग्घूराम, लोधईराम, फिरतूराम, राममिलन आदि मौजूद रहे।

दैनिक जागरण

अपने बच्चों को ज्यादा से ज्यादा करें शिक्षित : बेदी

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मेवात : हरियाणा के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता व महिला एवं बाल विकास तथा अनुसूचित जाति एवं पिछड़ा वर्ग कल्याण के राज्यमंत्री कृष्ण कुमार बेदी ने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा क्रियांवित योजनाओं का लाभ आज हर वर्ग के लोगों को मिल रहा है। बेदी वाल्मीकि धर्मशाला में वाल्मीकि एकता सभा द्वारा आयोजित अभिनंदन समारोह में लोगों को संबोधित कर रहे थे।

उन्होंने कहा कि सरकार ने लोगों के हित के लिए अनेक योजनाएं चलाई हुई है, इसलिए हर व्यक्ति इनका लाभ उठाए। आज मेवात क्षेत्र के बच्चे शिक्षा, तकनीकी शिक्षा की ओर कदम बढ़ा रहे हैं। यहा के युवाओं को रोजगार के अवसर प्राप्त हों इसके लिए युवा पीढ़ी अपनी पढ़ाई पर और अधिक ध्यान दे। उन्होंने वाल्मीकि एकता सभा के लोगों से कहा कि वे आपस में मिल-जुलकर रहे तथा गुटबाजी से दूर हटकर समाज को नई दिशा प्रदान करने के साथ विकास कार्यो में रुचि लें। जिससे समाज तरक्की कर सके।

इस मौके पर उन्होंने वाल्मीकि एकता सभा के लोगों द्वारा रखी गई मागों को शीघ्र ही मानने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि उन्होंने हमेशा गरीब दलित वर्ग के बीच में जाकर उनके उत्थान का कार्य किया है और उनके समाज की लड़ाई लड़ने के लिए सदा तत्पर रहेगें। उन्होंने वाल्मीकि एकता सभा के लोगों से कहा कि हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल का नारा है कि सबका साथ सबका विकास इस संबंध में हरियाणा सरकार मेवात क्षेत्र का संपूर्ण विकास कराने के लिए वचनबद्ध है। उन्होंने कहा मेवात क्षेत्र के विकास में कोई कमी नही रहने दी जाएगी।

इस अवसर पर उनके साथ कंवर संजय, नरेंद्र पटेल, योगेश तंवर, दयाचंद, बाल्मीकि सभा के प्रधान कृष्णा कुमार, रमेश कुमार, सुबेदार रोहताश, घनश्याम सहित बाल्मीकि एकता सभा के अन्य लोग मौजूद थे।

दैनिक जागरण

खाप चौधरी ने भी माना, नही हुई पंचायत

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खेकड़ा (बागपत): खाप चौधरी जितेंद्र धामा ने भी माना है कि सांकरौद गांव में कोई पंचायत नहीं हुई है। आरोपी पक्ष बेमतलब खाप और गांव को बदनाम कर रहा है। झूठी बुनियाद पर यह मामला अधिक दिन नहीं चल सकता। खाप चौधरी सांकरौद प्रकरण पर ¨चता जाहिर कर रहे थे।

धामा खाप चौधरी जितेंद्र ¨सह ने अपने आवास पर पत्रकारों से वार्ता करते हुए बताया कि खाप के लिए सभी जाति धर्म संप्रदाय एक समान हैं। उसके लिए सभी गांव के लोग अपने हैं, पंचायत ऐसा फरमान कभी नहीं सुना सकती और ये तो झूठा प्रचार किया जा रहा है। इससे गांव व समाज की बेइज्जती हो रही है। अदालत का भी समय खराब किया जा रहा है। समाज उनको दंड देगा। झूठी याचिका दायर होने से गांव का अपमान हुआ है। जो लोग गांव का माहौल खराब करना चाहते हैं, उनको चिन्हित कर पुलिस को सूचना दी जाएगी। गांव का अपमान नहीं होने दिया जाएगा। खाप अच्छे कार्य के लिए कार्य करती है न कि बहन बेटियों बहुओं को नंगा घुमाने का फरमान सुनाती है। ये तो सरासर गलत और खाप की तौहीन है।

ये था मामला

सांकरौद गांव में एक दलित परिवार ने दिल्ली सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर दी थी, कि उनके गांव में खाप की पंचायत हुई, जिसमें उसे व उसके परिवार के लोगों को नग्न घुमाने का फरमान सुनाया गया है। हालांकि, कथित पंचायत व फरमान की सभी स्तर पर हुई जांच में फर्जी करार दी गई। अब याचिका दायर करने वाला परिवार ही अपने बुने जाल में फंसता नजर आने लगा है। दरअसल, गांव निवासी एक दलित युवक गांव की एक जाट बिरादरी की युवती को नौकरी दिलाने के नाम पर अपने साथ ले गया था। बाद में युवती की शादी कही दूसरी जगह पर कर दी थी। मामला शांत हो गया था, लेकिन पंचायत व फरमान को लेकर गांव एक बार फिर सुर्खियों में आ गया था।

दैनिक जागरण

चौदह दलित बस्ती को मिलेगा मिनी जलापूर्ति योजना का लाभ

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भोजपुर । शुद्ध पेयजल को तरसते दलित बस्ती के लोगों को अब शुद्ध पेयजल मुहैया कराने के प्रति सरकार ने एक कदम बढ़ा दिया है। इसके लिये भोजपुर में अवस्थित चौदह प्रखंडों में से प्रत्येक प्रखंड के एक-एक दलित बस्ती वाले गांव का चयन किया गया है। राष्ट्रीय ग्रामीण जलापूर्ति कार्यक्रम के तहत सौर उर्जा चालित मिनी जलापूर्ति योजना के लिये जिले के प्रत्येक प्रख्ाड से एक अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के गांव का चयन किया गया है।

लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग (पीएचईडी) के अधीन संचालित इस योजना का लाभ दलित परिवारों को दो माह में पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है। प्रत्येक योजना पर 22 लाख रुपये खर्च होंगे। इस तरह कुल 2 करोड़ 20 लाख रुपये पूरी योजना पर खर्च होंगे।

कहां हुआ किस गांव का चयन : राष्ट्रीय ग्रामीण जलापूर्ति कार्यक्रम के तहत सौ उर्जा चलित मिनी जलापूर्ति के लिये जिन गांवों का चयन किया गया है। उसमें बिहिया प्रखंड का रानीसागर दलित बस्ती, शाहपुर प्रखंड का सरना, जगदीशपुर प्रखंड का ककिला, बड़हरा प्रख्ाड का फरना, कोईलवर प्रखंड का गीधा, तरारी प्रखंड का कोसडिहरा, चरपोखरी प्रखंड का सेमरांव, अगिआंव प्रखंड के रत्नाढ़, पीरो प्रखंड का लहठान, सहार प्रखंड का आठपा, उदवंतनगर प्रखंड कुसुम्हां, संदेश प्रखंड का रामासाढ़, गड़हनी प्रखंड का नहसी एवं प्रखंड का भकुरा दलित बस्ती शामिल है।

एक हजार आबादी के लिये बनी योजना :

यह योजना एक हजार दलित बस्ती के लोगों के लिये बनायी गयी है। योजना के तहत बस्ती के अंदर दो हजार लीटर पानी क्षमता वाले अलग-अलग पांच सीमेंट ईट का टंकी बनाया जायेगा। जहां से लोग पानी का उपयोग करेंगे।

दो माह में पूर्ण हो जायेगी योजना :

यह योजना दो माह में बनकर पूरी तरह तैयारी हो जायेगी और उस बस्ती में लोगों को शुद्ध पेयजल मिलने लगेगा। विभाग ने इस योजना को अक्टूबर माह में पहले चालू कर देने का लक्ष्य निर्धारित किया था।

क्या है योजना :

शुद्ध पेयजल से वंचित लोगों को केन्द्र में रखकर केन्द्र सरकार ने इस योजना को वर्ष 2015-16 में चालू किया है। इसके तहत भोजपुर के प्रत्येक प्रखंड से एक अनुसूचित जाति एवं जनजाति के गांव का चयन विभाग द्वारा सर्वे कर किया गया है।

‘अनुसूचित जाति एवं जनजाति के लोगों के बीच शुद्ध पेयजल पहुंचाने के लिये यह योजना शुरू की गई है। एक हजार की आबादी को लाभ मिलेगा। प्रत्येक प्रखंड से एक गांव-बस्ती का चयन किया गया है। अक्टूबर माह से पूर्व योजना का कार्य कराकर चालू कराने का प्रयास किया जा रहा है। इसके लिये संवेदक समेत अभियंताओं को सख्त निर्देश दिया है।’

News Monitored by Kuldeep Chandan & Kalpana Bhadra

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