दलित मीडिया वाच – हिंदी न्यूज़ अपडेट 23.08.15

दलित के साथ मारपीट करने पर कारावास – दैनिक भास्कर

http://www.bhaskar.com/news/MP-OTH-MAT-latest-damoh-news-050532-2498074-NOR.html

छेड़छाड़ के आरोपियों को बचा रही पुलिस – इनेक्स्ट लाइव

http://inextlive.jagran.com/protest-of-villagers-against-eve-teasing-at-ssp-office-in-meerut-89517

प्रेम विवाह करने वाले जोड़ों को पंचायत ने गांव में घुसने से रोका – जनसत्ता

http://www.jansatta.com/national/panchayat-bans-entry-in-village-for-love-marriage-couple/37018/

पटवारी को गाली देने पर केस दर्ज – दैनिक भास्कर

http://www.bhaskar.com/news/MP-OTH-MAT-latest-datia-news-025004-2495841-NOR.html

फरार वारंटी गिरफ्तारदैनिक भास्कर

http://www.bhaskar.com/news/RAJ-AJM-OMC-MAT-latest-ajmer-news-023005-2495123-NOR.html

अफसरों को नहीं दलितों की परवाह – दैनिक जागरण

http://www.jagran.com/haryana/panchkula-12773652.html

शिरोमणि टोला में कड़ी सुरक्षाप्रभात खबर

http://www.prabhatkhabar.com/news/khagaria/story/535762.html

Please Watch:

Dr Babasaheb Ambedkar

BBC Interview 1955 – Exposin

https://www.youtube.com/watch?v=ZJs-BJoSzbo

Save Dalit Foundation:

Educate, agitate & organize! – Dr. Ambedkar.

Let us all educates to agitate & Organize to Save Dalit Foundation !

Please sign petition by click this link : https://t.co/WXxFdysoJK

दैनिक भास्कर

दलित के साथ मारपीट करने पर कारावास

http://www.bhaskar.com/news/MP-OTH-MAT-latest-damoh-news-050532-2498074-NOR.html

करीब एक साल पुराने मारपीट के प्रकरण में आरोपी को सजा सुनाई गई है। शनिवार को विशेष सत्र न्यायाधीश तारकेश्वर सिंह ने दलित के साथ मारपीट के आरोपी खिलान पटेल को अनुसूचित जाति तथा जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम की धारा 3 (2) (5 क) में छह माह एवं धारा 3 (1) (ध) के अंर्तगत छह माह के सश्रम कारावास एवं कुल 2000 रुपए के जुर्माने से दंडित किया है। प्रकरण में शासन की ओर से पैरवी शासकीय अभिभाषक विशेष लोक अभियोजक राजीव बद्री सिंह ठाकुर द्वारा ने की।

प्रकरण के अनुसार 10 जुलाई 2014 को सुबह लगभग 11 बजे थाना पथरिया के अंतर्गत ग्राम सजियाहार निवासी आरोपी खिलान पटेल फरियादी चूरामन अहिरवाल के घर गया था। उसे आवाज देकर घर के बाहर बुलाया जब चूरामन घर के बाहर आया तो आरोपी खिलान जातिगत अपमान करते हुए गालियां देकर बोला कि तूने मेरे लड़के की इज्जत खराब कर दी है। चूरामन ने गालियां देने से मना किया तो आरोपी खिलान ने उसे लोहे का चमीटा कनपटी पर मार दिया था। जिससे कटकर खून निकलने लगा था। चूरामन के चिल्लाने पर उसके घर के लोग आते देख आरोपी खिलान यह कहकर वहां से चला गया कि रिपोर्ट करने गए तो जान से खत्म कर देगें। थाना पथरिया में रिपोर्ट लेख करने के बाद फरियादी का चिकित्सीय मुलाहिजा कराया गया था।

इनेक्स्ट लाइव

छेड़छाड़ के आरोपियों को बचा रही पुलिस

http://inextlive.jagran.com/protest-of-villagers-against-eve-teasing-at-ssp-office-in-meerut-89517

मेरठ :भावनपुर थाना क्षेत्र के गांव अब्दुल्लापुर में दलित छात्रा के साथ हुई छेड़छाड़ की घटना के विरोध में शनिवार को ग्रामीणों ने एसएसपी कार्यालय का घेराव किया. पुलिस की कार्यशैली से क्षुब्ध ग्रामीणों ने कार्यालय पर जमकर हंगामा किया. ग्रामीण थाना प्रभारी को सस्पेंड करने की मांग पर अड़े रहे. आरोप है दलित छात्रा से हुई छेड़छाड़ के मामले में नामजद आरोपी को पुलिस बचाने का काम कर रही है.

ये है मामला

19 अगस्त को स्कूल से लौट रही दो सगी बहनों के साथ अब्दुल्लापुर में दो युवकों ने छेड़छाड़ कर दी थी. विरोध करने पर छात्रओं के अपहरण करने का प्रयास किया था. जिसमें परिजनों ने अब्दुल्लापुर निवासी दो लोगों को नामजद करते हुए रिपोर्ट दर्ज कराई थी. पुलिस ने एक आरोपी आलिब को गिरफ्तार कर लिया, जबकि दूसरा इबने अली खुलेआम घूम रहा है.

एसओ पर लगाए आरोप

ग्रामीणों का आरोप है कि जब थाना इंचार्ज मोहन सिंह को आरोपी के बारे में जानकारी दी जाती है. तो वह गाली-गलौज करते हैं. साथ ही महिलाओं के साथ भी अभद्र भाषा का प्रयोग करते हैं. ग्रामीणों ने एसएसपी कार्यालय पर चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि आरोपी को जल्द गिरफ्तार नहीं किया गया तो आंदोलन होगा. थानाध्यक्ष को सस्पेंड करनी की मांग भी की.

ये रहे मौजूद

एसएसपी कार्यालय पर बीजेपी महानगर के पूर्व अध्यक्ष चरण सिंह लिसाड़ी, कांग्रेस कमेटी अनुसूचित जाति के महानगर अध्यक्ष डॉ. उमा शंकर, बसपा जिला अध्यक्ष अश्वनी कुमार आदि ने ग्रामीणों के साथ प्रदर्शन किया.

दूसरे आरोपी को भी जल्द ही पकड़ लिया जाएगा. एसओ की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी. रवैया ठीक नहीं हुआ

तो कार्रवाई होगी.

-दिनेश चंद्र दुबे, एसएसपी

जनसत्ता

प्रेम विवाह करने वाले जोड़ों को पंचायत ने गांव में घुसने से रोका

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जनपद के मंसूरपुर क्षेत्र के गांव सोटा में खानदान के अंदर प्रेम विवाह के ‘जुर्म’ में दलित बिरादरी के दो लड़कियों और दो लड़कों को बिरादरी व गांव से निकालने का फरमान सुना दिया गया। दोनों जोड़ों का आरोप है कि पंचायत ने फरमान सुनाया कि एक गांव व एक जाति होने के कारण चारों भाई-बहन लगते हैं। लेकिन चारों ने प्रेम विवाह किया और गांव से फरार हो गए। दलित पंचायत ने अब इन चारों पर गांव में घुसने पर प्रतिबंध लगा दिया है। दोनों जोड़े इस मामले में कानून का सहारा ले रहे हैं।

जनपद के मंसूरपुर क्षेत्र में निकटवर्ती सोंटा गांव है। कुछ दिनों पहले गांव की दलित बस्ती से एक दलित परिवार की दो लड़कियां गांव से चली गर्इं। बाद में पता चला कि दोनों लड़कियों का उनके खानदान के ही दो चचेरे भाइयों से प्रेम प्रसंग चल रहा था ओर उन्होंने गांव से भाग कर मंदिर में शादी कर ली। मामले के खुलासे के बाद दलित बिरादरी में बैठकों का दौर शुरू हो गया।

दलित बिरादरी के लोगों में गुस्सा इस बात को लेकर है कि जब चारों भाई-बहन हैं तो उन्होंने प्रेम विवाह क्यों किया? इसी बीच लड़की के पिता ने थाने में मुकदमा दर्ज कराकर खानदान के दोनों लड़कों के खिलाफ दी शिकायत में कहा कि उनकी दोनों लड़कियों को खानदान के ही लड़के बहला-फुसलाकर ले गए।

मामला बढ़ते देख दलित पंचायत ने शनिवार को लड़के और लड़कियों को गांव में नहीं घुसने का फरमान सुना दिया। कहा गया कि रिश्ते में भाई-बहन होने के बावजूद चारों ने सामाजिक व्यवस्था, जाति, खानदान और परिवार के नियमों को चुनौती दी है। इसलिए उन्हें फिलहाल गांव में प्रवेश नहीं करने दिया जाएगा।

इसी बीच दोनों युवतियां मंसूरपुर थाने पहुचीं और पुलिस को बयान को दिया कि दोनों बालिग हैं और उन्होंने अपनी मर्जी से यह कदम उठाया है। पुलिस अब इन दोनों लड़कियों के कोर्ट में बयान दर्ज कराएगी।

लड़कियों के इस कदम के बाद पंचायत उन पर नई सजा थोपना चाहती है। पंचायत चाहती है कि दोनों लड़कियों की शादी गांव से बाहर कर दी जाए। इस शादी का खर्च उनके साथ विवाह करने वाले चचेरे भाइयों के परिजनों से वसूला जाए। फिलहाल पुलिस मामले पर नजर बनाए हुए है।

दैनिक भास्कर

पटवारी को गाली देने पर केस दर्ज

http://www.bhaskar.com/news/MP-OTH-MAT-latest-datia-news-025004-2495841-NOR.html

दतिया | ग्राम डिरोलीपार हल्का पटवारी राजेन्द्र सिंह जाटव के साथ गाली गलौज करने पर ग्राम बघावली निवासी रामभरोसे कुशवाह पर दलित उत्पीड़न की धाराओं के तहत डिरोलीपार थाना में मामला दर्ज किया गया। एसडीएम सेंवढ़ा डीआर कुर्रे ने बताया कि हल्का पटवारी जाटव 17 अगस्त को बघावली में सर्वे के लिए गया था। जिस पर आरोपी रामभरोसे ने पटवारी जाटव को सार्वजनिक रूप से जाति सूचक शब्दों का प्रयोग कर अपमानित किया था।

दैनिक भास्कर

फरार वारंटी गिरफ्तार

http://www.bhaskar.com/news/RAJ-AJM-OMC-MAT-latest-ajmer-news-023005-2495123-NOR.html

अजमेर. दलितयुवती को भगाकर ले जाने के मामले में गत दो वर्षों से फरार चल रहे आरोपी को क्रिश्चियन गंज थाना पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर गिरफ्तार किया। पुलिस के अनुसार वर्ष 2013 में दलित बालिका को बहला फुसलाकर भगाकर ले जाने के आरोपी कानाखेड़ा, कच्ची बस्ती, भीलवाड़ा निवासी मोहम्मद हुसैन उर्फ भाया पुत्र पीर मोहम्मद (25) को गिरफ्तार किया गया है। मोहम्मद हुसैन उर्फ भाया के खिलाफ घटना के बाद बालिका के परिजन ने अनुसूचित जाति, जनजाति अधिनियम की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया था। 

दैनिक जागरण

अफसरों को नहीं दलितों की परवाह

http://www.jagran.com/haryana/panchkula-12773652.html

हरियाणा सरकार के अफसर राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग की बैठकों में पूरी तैयारी के साथ नहीं पहुंचते। या यूं कहिए कि केंद्र और राज्य में सत्ता परिवर्तन के बाद अफसरों ने आयोग को गंभीरता से लेना बंद कर दिया है। अफसरों को यह तक पता नहीं होता कि उनके जिलों में दलित कल्याण की कितनी योजनाएं चल रही और उन पर कितना अमल हो रहा है।

अफसरों के पास दलितों को आवंटित 100-100 गज के प्लाटों तक का पूरा ब्योरा उपलब्ध नहीं है। राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग ने अफसरों की इस हीलाहवाली को गंभीरता से लिया है। दलित कल्याण की योजनाओं की अनदेखी करने वाले अफसरों के खिलाफ आयोग विपरीत टिप्पणियां कर सकता है। आयोग के सदस्य एवं पूर्व राज्यसभा सांसद चौ. ईश्वर सिंह आजकल जिलों के दौरे पर हैं। अभी तक वे कैथल, कुरुक्षेत्र, करनाल, जींद, पानीपत, फतेहाबाद और सिरसा जिलों का दौरा कर चुके हैं। अगले दो सप्ताह के भीतर बाकी जिलों के दौरे पूरे करने की योजना है।

आयोग को एक भी जिले में अफसर ऐसे नहीं मिले, जो बैठक में पूरी तैयारी के साथ आए थे। उनसे दलित कल्याण की योजनाओं की जानकारी मांगी गई तो पूरी योजना और उसका बजट पेश कर दिया। छात्रवृत्ति के बारे में रिपोर्ट तलब की गई तो राज्य सरकार की ओर से अनुदान नहीं मिलने की बात कहकर पल्ला झाड़ लिया गया। अनुदान की मांग के लिए राज्य सरकार से किए जाने वाले पत्र व्यवहार तक की उन्हें कोई जानकारी नहीं है।

सबसे बुरी स्थिति दलितों को आवंटित प्लाटों को लेकर है। किसी जिले में अफसरों ने आयोग को यह रिपोर्ट उपलब्ध नहीं कराई कि कितने दलितों को प्लाट आवंटित हुए और कितनों को कब्जे मिल चुके हैं। यदि कब्जे नहीं मिल पाए तो उसकी असली वजह क्या है। आयोग के सदस्य ईश्वर सिंह ने जींद जिले के दरौली और बिल्लोवाला गांवों में 1976-77 में दलितों को आवंटित प्लॉटों पर कब्जे नहीं मिलने की रिपोर्ट तलब की तो अफसरों ने चुप्पी साध ली।

38 साल के लंबे अंतराल में 490 दलितों को आवंटित प्लॉटों का इंतकाल और रजिस्ट्री दोनों हो चुके मगर फिर भी उन्हें कब्जे नहीं मिले हैं। पिछली सरकार में दलितों को पानी की टंकियां मुफ्त प्रदान की गई थी, लेकिन अब अफसरों ने जबरदस्ती इन टंकियों पर पानी के कनेक्शन दे दिए। एक दलित परिवार में यदि तीन टंकी हैं तो तीनों पर कनेक्शन होने के कारण उन्हें भुगतान के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। यानि योजना का असली मकसद ही खत्म हो गया है।

दलित उत्पीड़न के मामलों की सुनवाई का भी हश्र बेहद बुरा है। अधिकतर दलित उत्पीड़न के केस खारिज किए जा रहे हैं। एक जिले में जिला अटार्नी से 26 में से 20 केस खारिज होने की वजह आयोग ने पूछी तो वह जवाब नहीं दे सके। बाकी जिलों में भी हालात बहुत अच्छे नहीं हैं। अब आयोग इस स्थिति को गंभीरता से लेने का मन बना चुका है।

अफसरों को नहीं अहमियत का अंदाजा

मैंने अभी तक आठ-दस जिलों का दौरा किया है। कहीं भी अफसर गंभीर नहीं दिखे। मैंने महसूस किया कि अफसरों को आयोग की वर्किंग और गंभीरता का अहसास ही नहीं है। यह सरासर दलितों के हितों की अनदेखी है। अफसर यदि दलित कल्याण की योजनाओं व उनके उत्पीड़न को दूर कराने को अहमियत नहीं दे रहे तो इसके लिए सीधे तौर पर डीसी-एसपी जिम्मेदार हैं। सिरसा व फतेहाबाद के डीसी-एसपी को नोटिस देकर मैंने एक सप्ताह में पूरी आंकड़ा गत रिपोर्ट तलब की है। पिछले तीन साल की रिपोर्ट मांगी गई है। बाकी जिलों में भी आयोग अधिकारियों के साथ बैठकें करेगा।

चौ. ईश्वर सिंह, सदस्य, राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग एवं पूर्व राज्यसभा सांसद मानसून सत्र के बाद राज्य सरकार के साथ आयोग की फुल बेंच बैठक राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग की फुल बेंच जल्द ही राज्य सरकार के अधिकारियों के साथ चंडीगढ़ में बैठक करेगी। यह बैठक जिलों के दौरे निपट जाने के बाद होगी। विधानसभा के मानसून सत्र के बाद यह बैठक संभव है, जिसमें जिलों से मिलने वाली रिपोर्ट पर मुख्य सचिव, डीजीपी व प्रशासनिक सचिवों के साथ बातचीत की जाएगी और राज्य में समग्र तौर पर रिव्यू होगा।

प्रभात खबर

शिरोमणि टोला में कड़ी सुरक्षा

http://www.prabhatkhabar.com/news/khagaria/story/535762.html

खगड़िया : परबत्ता के शिरोमणि दलित टोला की सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गयी है. पहले से दंडाधिकारी के नेतृत्व में डेढ़ दर्जन पुलिस बल की तैनाती के अलावा एक सेक्शन सशस्त्र पुलिस बल की और तैनाती की गयी है. इसके अलावा पल-पल की गतिविधि पर परबत्ता के बीडीओ, सीओ व सीडीपीओ नजर रखेंगे.

राष्ट्रीय महिला आयोग की टीम द्वारा शिरोमणि टोला में मूलभूत सुविधाओं की घोर कमी सहित पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था नहीं रहने पर नाराजगी जताये जाने के बाद जिला प्रशासन ने ये कदम उठाया है. बता दें कि शुक्रवार को परबत्ता प्रकरण की जांच को पहुंची टीम के सामने शिरोमणि टोला की पीड़ित महिलाओं ने तीन दिन पूर्व दबंगों द्वारा अनाज छीने जाने की शिकायत की थी.

इस पर आयोग की सदस्य श्रीमती साहू ने मौजूद अधिकारी को कड़ी फटकार भी लगायी थी. डीपीआरओ कमल सिंह ने बताया कि फिलहाल तीन शिफ्टों में आठ-आठ घंटे की डय़ूटी की जा रही है.

प्रत्येक शिफ्ट में एक दंडाधिकारी के नेतृत्व में पुलिस बल डय़ूटी कर रहे हैं. इसके अलावा परबत्ता थाना पुलिस को शिरोमणि टोला में लगातार गश्ती करने का निर्देश दिया गया है.

News Monitored by Kuldeep Chandan & Kalpana Bhadra

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