दलित मीडिया वाच – हिंदी न्यूज़ अपडेट 20.08.15

यूपी में हैवानियत की हदें पार, रेप के बाद दलित लड़की की आंखें निकाली न्यूज़ 18

http://hindi.news18.com/news/uttar-pradesh/lucknow/up-minor-dalit-girl-raped-and-murdered-in-hardoi-590455.html

कन्नौज में परिवार के सामने नाबालिग से गैंगरेप – नवभारत टाइम्स

http://navbharattimes.indiatimes.com/metro/lucknow/other-news/kannauj-in-front-of-the-family-in-the-gang-rape-of-a-minor/articleshow/48548485.cms

दलित बहनों से छेड़छाड़ और अगवा की कोशिश – नवभारत टाइम्स

http://navbharattimes.indiatimes.com/state/uttar-pradesh/meerut/dalit-sisters-tampering-and-attempted-abduction/articleshow/48547316.cms

मदद के बहाने बुलाकर युवक ने किया महिला से रेप न्यूज़ 18

http://hindi.news18.com/news/madhya-pradesh/sc-woman-raped-by-man-in-village-in-morena-589772.html

खाप का फरमान: भाई के प्रेम की सजा बहनों को दो, रेप कर गांव में नंगा घुमाओ – हरिभूमि

http://www.haribhoomi.com/news/up/meerut/khap-orders-to-naked-parade/29707.html#ad-image-0

धानुक समाज अब उपेक्षा बर्दाश्त नहीं करेगा: बरदेले दैनिक भास्कर

http://www.bhaskar.com/news/MP-SAG-MAT-latest-sagar-news-045529-2478513-NOR.html

बाटम=रास्ते ने लगाई डोलियों पर ब्रेक – दैनिक जागरण

http://www.jagran.com/bihar/araria-12752825.html

सरैयाहाट में डायरिया से दर्जनों पीड़ित – दैनिक जागरण

http://www.jagran.com/jharkhand/dumka-12755755.html

बीमारी को बौना कर रच दिया इतिहास,बिस्तर पर ही ज्योतिष बना एक दलित युवा – फर्स्ट इंडिया न्यूज़

http://www.firstindianews.com/sirohi/physically-challenged-dalit-boy-becomes-astrologer-created-example-19086.html

Please Watch:

Social Justice and Dalits in South Asia | A Roundtable Discussion | Oct 7, 2014

https://www.youtube.com/watch?v=vNRd2LOyQWU

Save Dalit Foundation:

Educate, agitate & organize! – Dr. Ambedkar.

Let us all educates to agitate & Organize to Save Dalit Foundation !

Please sign petition by click this link : https://t.co/WXxFdysoJK

न्यूज़ 18

यूपी में हैवानियत की हदें पार, रेप के बाद दलित

लड़की की आंखें निकाली

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राजधानी लखनऊ से सटे हरदोई जिले से दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है. हरदोई के सुरसा थाना क्षेत्र के फातियापुर इलाके में एक 13 साल की दलित लड़की के साथ रेप के बाद आरोपियों ने अपनी पहचान छुपाने के लिए उसकी आंखें निकल दी.

घटना बुधवार शाम की है जब नाबालिग लड़की अपने पिता के लिए दवा लेने गई थी. भूलवश वह दुकान पर ही दवा छोड़कर घर चली आई. जब परिवारवालों ने दवा मांगी तो उसने कहा कि दवा तो दुकान पर ही छूट गई. इसके बाद वह फिर से दवा लेने के बाजार गई लेकिन फिर वह लौट कर नहीं आई.

काफी देर तक जब लड़की घर नहीं लौटी तो परिवारवालों ने उसकी तलाश शुरू की. काफी देर तलाश करने के बाद भी जब लड़की नहीं मिली तो गांववालों ने आसपास भी उसकी तलाश शुरू की. इसके बाद लड़की का शव एक खेत में मिला. उसके शरीर पर कपड़े नहीं थे जबकि उसका चेहरा बुरी चाकुओं से गोदा गया था.

इतना ही नहीं बदमाशों ने अपनी पहचान छुपाने के लिए चाकुओं से उसकी आंखें निकाल ली थी. फिलहाल पुलिस ने अज्ञात लोगों के खिलाफ रेप और हत्या का मामला दर्ज कर आरोपियों की तलाश में जुट गई है.

नवभारत टाइम्स

कन्नौज में परिवार के सामने नाबालिग से गैंगरेप

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कन्नौज जिले के मानीमऊ एरिया में मंगलवार देर रात घर में घुसे बदमाशों ने पहले पूरा सामान लूटा, फिर परिवार के सामने ही 16 साल की लड़की से गैंग रेप किया।  दरिंदगी की इंतहा करते हुए बदमाशों ने उसके गाल, चेहरे और शरीर पर कई जगह काट लिया। मां से रेप में नाकाम होने पर उसकी एक साल की बेटी को भी बदमाशों ने उठाकर फेंक दिया था। सदर कोतवाली एसओ के अनुसार, रेप और लूट की रिपोर्ट लिख ली गई है। एक आरोपित नरेंद्र सिंह को गिरफ्तार कर लिया गया है। किशोरी की हालत गंभीर है।

सिकवापुर गांव के दलित शख्स के घर मंगलवार देर रात 1 बजे 6 बदमाश दीवार फांदकर घर में घुसे। पूरे परिवार को हथियारों के बल पर काबू में कर लिया गया। परिवार के एक सदस्य के अनुसार, बदमाश किशोरी की मां से रेप की कोशिश कर रहे थे, लेकिन उसकी एक साल की मासूम बेटी रोने लगी। इस पर बदमाशों ने उसे उठाकर फेंक दिया। इसके बाद महिला की 16 साल की बेटी को निशाना बनाया। फैमिली के सामने ही उससे सभी ने रेप किया।

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शरीर पर कई जगह काटा भी। वे करीब 20 हजार रुपये कैश और 35 हजार की जूलरी लेकर भाग निकले। बदमाशों के जाने के बाद आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और पुलिस को सूचना दी। किशोरी को जिला अस्पताल भेजा गया, लेकिन गंभीर हालत देख उसे कानपुर रेफर कर दिया गया।

लखनऊ में मां-बेटियों से रेप का आरोप : उन्नाव के असोहा एरिया में रहने वाली महिला ने आरोप लगाया है कि लखनऊ के उमेश पासी ने 10 अगस्त को लिफ्ट देकर उसे और उसकी दोनों बेटियों को किडनैप कर लिया। लखनऊ में ही पीजीआई के पास 7 दिनों तक बंधक बनाकर तीनों से गैंग रेप किया गया। मंगलवार को महिला किसी तरह बचकर भाग आई, लेकिन बेटियां नहीं बच सकीं। असोहा एसओ के अनुसार, रिपोर्ट लिख ली गई है। केस संदिग्ध लग रहा है।

नवभारत टाइम्स

दलित बहनों से छेड़छाड़ और अगवा की कोशिश

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यहां बुधवार सुबह स्कूल जा रही दलित परिवार की दो बहनों के साथ दूसरे संप्रदाय के दो युवकों ने छेड़छाड़ की और उन्हें अगवा करने का प्रयास किया। आरोप है कि छात्राओं के विरोध पर युवकों ने छात्राओं पर चाकू से हमला कर दिया। हाथ में चाकू लगने से एक छात्रा जख्मी हो गई। सूचना मिलने पर छात्राओं के परिजन और ग्रामीण उन्हें लेकर थाने पहुंचे। पुलिस द्वारा एफआईआर दर्ज करने के बजाय सुलह करने की सलाह देने पर परिजन भड़क गए और घंटो थाने पर हंगामा किया। बात आला अधिकारियों तक पहुंची। दबाव बनने पर एसओ ने दो युवकों के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज किया। मामला दो संप्रदाय के बीच का होने के कारण गांव में तनाव को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है।

क्या है मामला

थाना भावनपुर नई बस्ती की 12वीं और 11 वीं में पढ़ने वाली दो बहनें बुधवार सुबह 8 बजे घर से स्कूल जाने के लिए पैदल निकली थीं। रास्ते में बाइक सवार इब्ने अली और आलिब ने उनके साथ छेड़छाड़ शुरू कर दी। काफी दूर तक दोनों आरोपी दोनों बहनों पर अश्लील फब्तियां कसते रहे। इसके बाद उन्होंने दोनों को जबरन अपनी बाइक पर बैठाने की कोशिश की। बहनों ने इसका विरोध किया तो आरोपियों ने उन पर चाकू से हमला बोल दिया। हाथ में चाकू लगने से एक किशोरी जख्मी हो गई। मामला बिगड़ता देख दोनों आरोपी फरार हो गए।

थाने में हंगामा

छात्राओं ने फोन से घटना की जानकारी अपने परिजनों को दी। परिजन मौके पर पहुंचे और छात्राओं के साथ थाना भावनपुर पहुंचे। सूचना पाकर गांव वाले भी आ गए। पिता ने बताया कि एसओ मोहन सिंह को घटना के बारे में जानकारी दी गई। इस पर पुलिस ने उन्हें गांव का आपसी मामला बताते हुए आपस में समझौता करने की सलाह दे दी। इससे लोग उग्र हो गए। घंटो तक थाने में हंगामा करते रहे। इस बात की जानकारी आला अधिकारियों तक पहुंच गई। दबाव बढ़ता देख पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है।

तमाशा देखते रहे

पीड़ित छात्राओं का कहना है कि करीब डेढ़ किमी तक दोनों आरोपी उनके साथ छेड़छाड़ करते रहे। जिस दौरान आरोपियों ने उन्हें बाइक पर बैठाना चाहा, उस समय भी वहां काफी लोग तमाश देख रहे थे, लेकिन किसी ने उनकी मदद नहीं की। अगर वे साहस जुटा कर आरोपियों का सामना नहीं करती तो बड़ी अनहोनी हो सकती थी।

न्यूज़ 18

मदद के बहाने बुलाकर युवक ने किया महिला से रेप

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मुरैना में महिलाओं से ज्यादती करने के मामले थमने का नाम नहीं ले रहे हैं. ताजा मामला सामने आया है बगचीनी थाना इलाके से जहां एक व्यक्ति ने गाँव की दलित महिला को अपनी हवस का शिकार बनाया.  पुलिस ने आरोपी के खिलाफ दुष्कर्म का मामला दर्ज कर लिया है. फिलहाल आरोपी फरार बताया गया है.

दरअसल बगचीनी गाँव में रहने वाली दलित महिला वीरमपुर गाँव के पास खेत में काम करने गई थी. तभी वीरमपुर गाँव के ऋषि शर्मा ने उसे मदद के लिए बुलाया. जब महिला युवक पास पहुंची तो युवक ने उसे खेत में खींच कर उसके साथ दुष्कर्म किया. जब महिला ने चिल्लाया तो खेत काम कर रहा उसका देवर उसके पास पहुंचा, जिसके बाद आरोपी मौके से फरार हो गया.

अपने देवर के साथ महिला घर पहुंची और अपने पति को पूरी बात बताई. इसके बाद महिला अपने पति के साथ स्थानीय थाने में रिपोर्ट लिखवाने गई. बीच रास्ते में आरोपी युवक ने शिकायत दर्ज कराने जा रही पीड़िता को धमकी भी दी. लेकिन महिला आरोपी की धमकी की परवाह किए बिना, पुलिस थाना पहुंच गई और वहां रिपोर्ट दर्ज कराई.

रिपोर्ट दर्ज करवाने के बाद से पुलिस आरोपी की तलाश में जुट गई है. पुलिस की मानें तो वो आरोपी युवक को जल्द ही गिरफ्तार कर लेंगे.

हरिभूमि

खाप का फरमान: भाई के प्रेम की सजा बहनों को दो,

रेप कर गांव में नंगा घुमाओ

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 बागपत. पश्चिमी उत्तर प्रदेश में खाप पंचायतों के अनोखे फरमान सामने आते रहे हैं। अब एक दलित परिवार खाप के निशाने पर है। प्रदेश के बागपत जिले में एक खाप पंचायत ने दो दलित बहनों के साथ रेप करने का फैसला सुनाया है। पंचायत ने रेप के बाद दोनों बहनों को नंगा कर गांव में घुमाने का भी फरमान दिया है। जानकारी के मुताबिक दोनों बहनों को उनके भाई के प्रेम प्रसंग के मामले में यह फैसला सुनाया गया है। पीड़ित बहनों में से एक ने सुप्रीम कोर्ट से इस मामले में अपनी और परिवार की सुरक्षा की गुहार लगाई है। पीड़ित लड़की ने पुलिस से भी इस मामले की शिकायत की और कहा है कि ऐसा फैसला लेने वाली पंचायत जाट समुदाय ने बुलाई थी।

जानकारी मिली है कि पीड़ितों का घर भी तहस-नहस कर दिया गया है। पीड़ित लड़कियों के परिजनों को भागकर दिल्ली में शरण लेनी पड़ी है। इस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने 18 अगस्त को मामले की सुनवाई करते हुए राज्य सरकार को नोटिस दिया है कि दो हफ्तों में इस मामले पर जवाब दाखिल करे। यह मामला बागपत के खेकड़ा गांव का है। जानकारी के मुताबिक गांव के दलित परिवार के एक लड़के और जाट परिवार की एक विवाहित महिला के बीच प्रेम संबंध थे। इसी के चलते दोनों गांव से फरार हो गए। गांव वालों को जब इसकी जानकारी मिली तो मामला खाप पंचायत के पास भी पहुंचा।

खाप पंचायत ने इस पर फैसला लेते हुए प्रेम प्रसंग में शामिल लड़के की बहनों के साथ रेप का फरमान सुना दिया। लड़की ने अपनी और परिवार की सुरक्षा के लिए सुप्रीम कोर्ट की शरण ली। लड़की ने पुलिस से की गई शिकायत में लिखा है कि गांववालों के दबाव में पुलिस ने उसके भाई के खिलाफ एक फर्जी केस भी दर्ज किया है। लड़के को स्थानीय कोर्ट से जमानत मिलने के बावजूद उसके घरवाले जमानत के लिए जरूरी कागजात लेने के लिए गांव जाने में घबरा रहे हैं।

दैनिक भास्कर

धानुक समाज अब उपेक्षा बर्दाश्त नहीं करेगा: बरदेले

http://www.bhaskar.com/news/MP-SAG-MAT-latest-sagar-news-045529-2478513-NOR.html

सागर | एकलव्य धानुक समाज कल्याण सेवा संगठन का पहला वार्षिक समारोह मंगलवार को मकरोनिया स्थित जिला कार्यालय में हुआ। संगठन के प्रदेश संयोजक डालचंद बरदेले ने कहा कि दलित वर्ग में सबसे उपेक्षित धानुक वंशकार समाज है। आर्थिक स्थिति खराब होने की वजह से समाज उच्च शिक्षा से वंचित है। सरकार हमारे बांस के परंपरागत व्यवसाय को निजी निवेशकों और बड़े उद्योगपतियों को देने जा रही है। यह हमारा परंपरागत धंधा ही नहीं जीविकाेपार्जन का एक मात्र साधन है।

इस पर सिर्फ हमारे समाज का अधिकार होना चाहिए। प्रदेशाध्यक्ष छोटेलाल कांसिया ने कहा कि आज बांस का व्यवसाय आधुनिक रूप ले चुका है। रिटायर्ड तहसीलदार डीआर आदित्य ने कहा कि शासन ने बांस के कारीगरों शिल्पकारों के लिये पंजीयन की प्रक्रिया शुरू कर दी है। लोग आकर पंजीयन कराएं और शासन की योजना का लाभ लें। कार्यक्रम में रवि ढोलिया, सुरेन्द्र कुमार धानुक, उत्तम बंसल, मनोज धानुक, मनोज बंसल, राजकुमार, रमेश बाबू, नारायण प्रसाद, संतोष कुलपारिया सहित समाज के लोग मौजूद थे।

दैनिक जागरण

बाटम रास्ते ने लगाई डोलियों पर ब्रेक

http://www.jagran.com/bihar/araria-12752825.html

कैप्शन-दर्द सुनाते महादलित परिवार व गांव का दृश्य।

– दूसरे के दरवाजे व खेत के आड होकर जाते हैं गांव

– एक दर्जन से अधिक लड़कियां विवाह के लिए बैठी हैं कुवारी

– आजादी के पूर्व से बसी है महादलित बस्ती

-2013 में तत्कालीन सीओ ने स्थल जांचकर जिला मुख्यालय में भेजी थी रिपोर्ट

– भूअर्जन पदाधिकारी के टेबुल पर धूल चाट रही है फाईल

– रास्ते के अभाव में कुटूम नहीं पहुंचते गांव

– बच्चे विद्यालय से कोसों दूर

[अफसर अली], संवाद सहयोगी, अररिया:

अररिया। निजाम बदला पर नहीं बदल सकी गांवों की तस्वीर। जिले में एक गांव ऐसा भी है जहां रास्ते के कारण डोलियां नहीं उठ रही है। जीं हां!ं कुछ इसी तरह की कहानी है रानीगंज प्रखंड के हांसा पंचायत महादलित राम टोला का। यहां लड़के वाले बारात लेकर नहीं आना चाहते हैं, क्योंकि टोला जाने का कोई रास्ता ही नहीं है। आज के समय में जो भी बारात आता है वह डीजे की धुन पर ही लड़की की विदाई चाहता है ऐसे में टोला में प्रवेश पैदल करना भी बेहद कठिन है, तो डीजे गाड़ी कहां से आएगा। इन सभी का खामियजा यहां की लडकियां भुगत रही हैं।

आजादी के पूर्व ही बसी थी बस्ती आजादी के पूर्व बसे महादलित बस्ती, रानीगंज प्रखंड के हांसा पंचायत के वार्ड नम्बर-5 के वासी एक अदद सड़क भी नसीब नहीं हैं। बीते दस वर्ष से महादलित परिवार सड़क के लिए कार्यालय का चक्कर काट रहे है। वर्ष 2013 में तत्कालीन अंचलाधिकारी रमण कुमार ¨सह गावं पहुंचकर स्थल जांचकर गांव वासियेां को भरोसा दिलाया था। तबसे फाईल जिला मुख्यालय का धूल चाट रही है। दलित परिवारों का आरोप है कि नजराना के अभाव में यह फाईल आगे नहीं बढ़ रहा है। कई बार डीएम के जनता दरबार मे भी आवेदन दिया गया।क्या कहते हैं दलित परिवार

कलावती देवी, छोटू राम, डोमी राम कहते हैं कि 1947 ई से पूर्व से यह दलित की बस्ती है। 1954 के सर्वे के दौरान से ही उनके बाप दादा के नाम से करीब साढे पांच बीघा जमीन खतियानी बना था। इसी जमीन पर घर बनाकर रह रहे हैं। पूर्व में चारो तरफ खुला था। धीरे धीरे दूसरे जाति के लोग अपना अपना जमीन घेर लिया है। अब गांव आने के लिए कोई रास्ता नहीं है। सईकिल व मोटर साईकिल से भी लोग गांव नहीं पहुंच पाते है।

घर में बैठी है जवान बटियां

दलित परिवारों के अनुसार रास्ता के अभाव में गावं में कोई कुटूम नहीं आता है। एक बार कोई भूलबस आ भी जाए तो दोबारा संबंध जोडने गांव नहीं आते । एक दर्जन से अधिक जवान जवान लडकियां वर्षें से विवाह के लिए घर में कुवारी बैठी है। वहीं पतासी देवी ने बताया कि पोती की शादी दूसरे गावं में ले जाकर कराना पड़ा। इस गांव में कुटूम आने को तैयार नहीं थे। एक बार किसी तरह बेटी की विवाह हो जाती है तो ससुराल वाले दोबारा इस गांव में बेटी को आने नहीं देते।

अधिकारी ने की थी स्थल जांच

ग्रामीणों ने बताया कि तीन वर्ष पूर्व तत्कालीन अंचालाधिकारी रमण कुमार ¨सह ने गांव पहुचकर स्थल जांच किए थे। उन्होंने आश्वासन दिया था कि जल्द गांव आने के लिए रास्ता उपलब्ध कराया जाएगा। रास्ते का मापी कर नक्शा भी बना दिया गया था। आगे के कार्रवाई के लिए जिला मुख्यालय भू-अर्जन पदाधिकारी के कार्यालय भेजा गया। लेकिन भूअर्जन पदाधिकारी के कार्यालय के किरानी बाबू फाईल आगे बढ़ाने के लिए पैसे की मांग करते हैं।

घर में बैठीं हैं बच्चियां

मधु कुमारी, अनिता कुमारी, नेहा कुमारी, सोनी, ¨चकी कुमारी, ¨पकी आदि बच्चियां जो विवाह के लिए बैठी हैं। कई लोग रिश्ता छोड़ चुके हैं। रास्ते के अभाव में दो दर्जन से अधिक परिवार टोला छोड़कर दिल्ली, पंजाब आदि जगहों पर चले गांव हैं। ग्रामीणों का कहना है अगर सरकार उन लोगों पर भी ध्यान नहीं देगी तो एक एक कर वे लोग भी घर छोड़ने को मजबूर हो जाएंगे।

क्या कहते हैं अधिकारी

अनुमंडल पदाधिकारी संजय कुमार कहा कि उन्हें लोगों ने इस संबंध में आवेदन दिया था। वे इसकी पूरी जानकारी लेकर रास्ते के लिए ठोस पहल का प्रयास किया करेंगे।

दैनिक जागरण

सरैयाहाट में डायरिया से दर्जनों पीड़ित

http://www.jagran.com/jharkhand/dumka-12755755.html

सरैयाहाट : प्रखंड के बाबूपुर गांव के दलित टोला में डायरिया से लगभग दो दर्जन से अधिक लोग पीड़ित हैं तथा एक दर्जन पीड़ितों का इलाज स्थानीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में चल रहा है। पीड़ितों में संतोष दास, शांति देवी, भगनी देवी, ममता देवी, रूबी देवी, फुलमनी देवी, अरूण दास, कमल दास, खुशबू कुमारी, गायत्री कुमारी एवं गणेश दास शामिल हैं। डायरिया की सूचना ग्रामीणों ने प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी को दी। सूचना मिलते ही गांव में वाहन भेजकर डायरिया से ग्रसित लोगों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लाकर इलाज शुरू किया गया। गांव में डायरिया फैलने का कारण दूषित पानी का सेवन बताया जा रहा है।

ग्रामीणों ने बताया कि ंटोला में दो चापाकल है जिसमें एक खराब है। एक चापाकल में काफी भीड़ हो जाने के कारण लोग कुआं का दूषित पानी का व्यवहार करते हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि आवश्यकता अनुसार स्वास्थ्य विभाग द्वारा ब्लीचिंग पाउडर कुआं में नहीं दिया है।

प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. ओमप्रकाश ने बताया कि संबंधित सभी एएनएम को ब्लीचिंग पाउडर उपलब्ध करा कर वितरण करने का निर्देश दिया गया है। समाचार लिखे जाने तक गांव में डायरिया नियंत्रित नहीं हुआ था। अस्पताल में मरीजों का आना जारी था।

फर्स्ट इंडिया न्यूज़

बीमारी को बौना कर रच दिया इतिहास,बिस्तर पर ही

ज्योतिष बना एक दलित युवा

http://www.firstindianews.com/sirohi/physically-challenged-dalit-boy-becomes-astrologer-created-example-19086.html

 सिरोही। शहर से मात्र साठ किलोमीटर की दूरी पर स्थित आमलारी गांव का एक दलित युवक जिसने सभ्रांत वर्ग के सामाजिक नियमों को तोड़ते हुए ज्योतिष विज्ञान जैसे विषय पर शारीरिक विकलांगता के बावजूद नौ किताबें तो लिख दी।  लेकिन, वो आज तक सरकारी सिस्टम की बेरुखी को नहीं पढ़ पाया है।

हम बात कर रहे हैं आमलारी गांव के वागाराम परिहार की। यह वो अभागा है जिसके ऊपर से सात माह की उम्र में सिर से पिता का साया उठ गया।  अनपढ़ मां मजदूरी करके पढ़ा-लिखाकर बड़ा किया। लेकिन, बदकिस्मती तो जैसे परिवार का हिस्सा ही हो गई है। पहले बड़े भाई की असामयिक मौत हो गई और बाद में खुद वागाराम ऐसी बीमारी की जकड़ में आया कि वह आज तक बिस्तर से नहीं उठ पाया। पर किस्मत एवं शारीरिक दुश्वारी के साथ आज भी उसकी लड़ाई जारी है । ऐसे ही उसके जुनूनी संघर्ष को जब देखा तो पता चला कि कभी अध्यापक बनकर दूसरों को शिक्षित करने का सपना देखने वाले वागाराम परिहार आज न तो बिस्तर से उठ सकता है, न खुद के हाथ से कुछ खा सकता है। अब तो हालात ये हो गए हैं कि वो लिख भी नहीं सकता।

झोंपड़ी कच्ची पर इरादे पक्के

आठ बाई आठ की कच्ची झोंपड़ी में रहने वाले इस युवा की आंखों में कुछ साल पहले सुनहरे सपने थे। बारहवीं क्लास बायॉलोजी विषय से पास करने के बाद बीएसटीसी की। अपने भाई के साथ पैराटीचर के रूप में सरकारी विद्यालय में काम किया। फिर एक ऐसी बीमारी की जकड़ में आया कि धीरे-धीरे शारीरिक रूप से कमजोर होने लगा।

मात्र दो साल बाद ही बिस्तर पर आ गया और तब से अब तक करीब बारह वर्ष से वह बिस्तर पर ही पड़ा है।  ज्योतिष में रुचि थी तो ज्योतिष पढऩे लगा मित्रों के प्रोत्साहन से किताब एक किताब लिख दी। एक प्रकाशक से बात होने पर किताब छप गई। लेकिन, न तो उतना सम्मान मिला न ही मेहनताना। वह आज भी कच्ची झोंपड़ी में अकेला पड़ा रहता है। अपने भतीजे से कंप्यूटर ऑन करवाकर उसे बोल-बोल अपनी किताबे लिखवाता है।

न पहुंची सहायता न पहुंचे अधिकारी

हालांकि, उससे बात करने पर उसके बुलंद हौंसलों के बारे में पता चलता है। लेकिन एक अनकही टीस उसके चेहरे पर झलकती है। सरकारी सहायता के नाम पर उसको हर माह मात्र पांच सौ रुपए ही मिलते हैं। वो भी एक तहसीलदार की वजह से जिसने उसके दर्द को समझा। लेकिन, उस एक व्यक्ति के अलावा पूरे जिले के प्रशासन से उसके पास कोई नहीं पहुंचा।

नहीं छोड़ा उम्मीद का दामन

डॉक्टरों के जवाब देने एवं उसकी हालत देखकर ऐसा लगता है कि वह कभी बिस्तर से नहीं उठ पाएगा। लेकिन, उसने अभी तक उम्मीद का दामन नहीं छोड़ा है। वो कहता है की बेहतर ईलाज मिले तो वह अब भी ठीक हो जाएगा और एक दिन अध्यापक बनकर नई पीढ़ी को शिक्षित करेगा

माली हालत कमजोर

वागाराम का पूरा खर्चा एवं उसके दिवगंत भाई के परिवार का खर्चा उसके बड़े भाई जो कि उसके साथ ही पैराटीच लगे थे उनके कंधों पर है। उनका कहना है कि पंद्रह आदमियों के परिवार लायक सैलरी नहीं मिलती। वागाराम की दवा एवं अन्य जरूरतों पर काफी खर्चा होता है। ऐसे में परिवार का गुजारा मुश्किल से हो पाता है। अगर सरकारी सहायता मिले तो परिवार की स्थिति में सुधार हो सकता है।

आज पूरे क्षेत्र में सम्मान का प्रतीक

वागाराम आज पूरे क्षेत्र में सम्मान का प्रतीक है। कई लोग रोजाना ज्योतिषिय सलाह लेने आते है। देश ही नहीं विदेशों से भी कईफोन आते है। इन सब उलब्ध्यिों पर वागाराम बोले 2006 में चिकित्सकों ने परिजनों से कहा कि सेवा करो।  हालांकि आज भी परिजन सेवा कर रहे है पर मैने चिकित्सक के उन्हीं शब्दों को अपनी जीवन शक्ति बनाने का निश्चय कर लिया था। मित्रों का सहयोग रहा और पूरा विश्वास हैकि एक दिन बिस्तर से जरूर उठूंगा। वागाराम  का कहना रहा कि सब भाग्य में लिखा होता है। ईश्वर को यहीं मंजूर था। ऐसे में किसी को कोसने के बजाय जो है इसी को ताकत बना लेना चाहिए। मैंने भी बस यहीं किया।

News Monitored by Kuldeep Chandan & Kalpana Bhadra

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