दलित मीडिया वाच – हिंदी न्यूज़ अपडेट 17.08.15

बलात्कार करने में नाकाम होने पर महिला की हत्या, 1 आरोपी की हुई जमकर पिटाई न्यूज़ 18

http://hindi.news18.com/news/uttar-pradesh/after-attempt-to-rape-woman-murdered-in-etah-uttar-pradesh-566117.html

युवक पर दलित महिला के दुष्कर्म का आरोप – दैनिक जागरण

http://www.jagran.com/haryana/yamunanagar-12742169.html

महज दलित होने के चलते महिला प्रधान को झंडा नहीं फहराने दिया – वनइंडिया हिंदी

http://hindi.oneindia.com/news/india/dalit-gram-pradhan-refrained-hoist-tricolour-on-independence-day-369835.html

बिना अनुमति के लगी अंबेडकर मूर्ति पर बवाल – दैनिक जागरण 

http://www.jagran.com/uttar-pradesh/jaunpur-12743642.html

कबड्डी पर भिड़े दो समाज के लोग – दैनिक जागरण

http://www.jagran.com/uttar-pradesh/mathura-12744449.html

दलित परिवार की बेटी ने साहस को बनाया हथियार – नई दुनिया

http://naidunia.jagran.com/special-story-dalit-familys-daughter-made-the-daring-weapons-447900

Save Dalit Foundation:

Educate, agitate & organize! – Dr. Ambedkar.

Let us all educates to agitate & Organize to Save Dalit Foundation !

Please sign petition by click this link : https://t.co/WXxFdysoJK

Please Watch:

Arundhati roy’s speeh on the

future of bahujan and dalit culture

https://www.youtube.com/watch?v=ZUxgGwg-x7g

न्यूज़ 18

बलात्कार करने में नाकाम होने पर महिला की हत्या, 1 आरोपी की हुई जमकर पिटाई

http://hindi.news18.com/news/uttar-pradesh/after-attempt-to-rape-woman-murdered-in-etah-uttar-pradesh-566117.html

एटा जिले के रिजोर थाना छेत्र में आज एक महिला के साथ रेप का विरोध करने पर आरोपियों ने उसकी गाला काटकर हत्या कर  दी गई है.

भीड़ ने एक आरोपी को पकड़कर पीटकर अधमरा कर दिया जबकि दूसरा आरोपी फरार हो गया है. एटा जिले के रिजोर थाना छेत्र के निधौली खुर्द गाव में तीस वर्षीय दलित महिला जब अपने खेत से चारा काटने गयी थी. तभी खेत में पहले से घात लगाये बैठे दो आरोपियों बीरेंद्र और जयवीर ने उसे पकड़ लिया और उसके साथ दुष्कर्म करने की कोशिश की.

लेकिन महिला के विरोध करने पर दोनों आरोपियों ने धारदार हथियार से महिला की गला रेतकर महिला की हत्या कर दी.  इसी दौरान चीख पुकार सुनकर मौके पर पहुंचे ग्रामीणों ने एक आरोपी बीरेंद्र को पकड़ लिया और  पिटाई कर उसे अधमरा कर दिया.

वीरेन्द्र को गंभीर हालत में आगरा मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया है. बताया जा रहा है आरोपी युवक पहले  में भी तीन महिलाओ के साथ दुष्कर्म करने कर चुका है. वहीं दूसरा आरोपी जयवीर मौके से फरार हो गया.

 घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत का माहौल है और इलाके में भारी संख्या में पुलिस और पीएसी लगा दी गयी है.

दैनिक जागरण

युवक पर दलित महिला के दुष्कर्म का आरोप

http://www.jagran.com/haryana/yamunanagar-12742169.html

रादौर : क्षेत्र के अलाहर गांव के एक युवक पर दलित महिला के साथ दुष्कर्म करने का आरोप लगा है। पहले मामले को दबाने की दबंगों ने पूरी कोशिश की थी। मामले को दबाने के लिए दो-तीन दिन तक दोनों पक्षों की पंचायतें भी हुई, लेकिन पंचायत होने के बाद मामला दब नहीं पाया। जिसके बाद पुलिस को युवक के विरूद्ध मारपीट व दुष्कर्म का मामला दर्ज करना पड़ा।

अलाहर गांव की एक दलित महिला ने जठलाना पुलिस को दी शिकायत में बताया कि वह घर पर अकेली थी। तभी गाव का एक व्यक्ति संजीव बुरी नीयत से उसके घर में घुसा। उसे घर में अकेली देखकर आरोपी ने उसके साथ मारपीट करते हुए उसके साथ दुष्कर्म करने की कोशिश की। उसके द्वारा शोर मचाने पर वह मौके से भाग गया, जिसके बाद दलित महिला ने मामले की जानकारी अपने पति व अन्य लोगों को दी, जिस पर प्रभावित महिला के परिजन महिला को लेकर जठलाना थाने पहुचे और पुलिस में शिकायत दी। थाना जठलाना प्रभारी इंस्पेक्टर नायब सिंह ने बताया कि मामलें में नामजद युवक को जल्द गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया जाएगा।

वन इंडिया हिंदी

महज दलित होने के चलते महिला प्रधान को झंडा नहीं फहराने दिया

http://hindi.oneindia.com/news/india/dalit-gram-pradhan-refrained-hoist-tricolour-on-independence-day-369835.html

भोपाल। देश की आजाद हुए 68 साल पूरे हो ये हैं, इस आजादी का मतलब क्या सिर्फ विशिष्ट वर्ग के लोगों से है। मध्य प्रदेश के राजसेना जिले में सिर्फ दलित होने के चलते 15 अगस्त के मौके पर झंडा नहीं फहराने दिया गया।
मध्य प्रदेश के राजसेन जिले की इस घटना ने एक बार फिर से आजादी का जश्न मनाने वाले देशभर के नागरिकों और सियासतदानों को शर्मिंदा कर दिया है। इलाके की महिला सरपंच पुष्पा बाई को सिर्फ उनके दलित होने के चलते

झंडा फहराने से रोक दिया।

मागरोल गांव की सरपंच पुष्पा बाई को यहां के उच्च वर्ग के लोगों ने झंडा फहराने से रोक दिया। दरअसल जब इलाके में स्वतंत्रता दिवस के मौके पर झंडा फहराने के लिए सरपंच पुष्पा बाई और उनके सचिव राजेश केवट झंडा फहराने पहुंचे तो यहां के उपसरपंच ने झंडा फहराने से रोक दिया। यही नहीं सरंपच और उनके सचिव के साथ इलाके में जमकर मारपीट भी हुई झंडे को फाड़ दिया गया।

इस घटना के बाद सरंपच और सचिव ने बरेली थाने पर मामला दर्ज कराया गया। सरपंच ने पुलिस से इस मामले में कार्यवाही करने की अपील की। पुष्पा बाई ने कहा कि पुलिस उनकी शिकायत पर कार्यवाही नहीं कर रही है। जिसके बाद उन्होंने इलाके के एसपी और कलेक्टर इंसाफ की गुहार लगायी है।

दैनिक जागरण 

बिना अनुमति के लगी अंबेडकर मूर्ति पर बवाल

http://www.jagran.com/uttar-pradesh/jaunpur-12743642.html

मीरगंज (जौनपुर): माधोपुर गांव की दलित बस्ती में शनिवार की रात बिना अनुमति के अंबेडकर मूर्ति स्थापित कर दी गई। सुबह जानकारी होते ही बखेडा खड़ा हो गया। सूचना मिलते ही प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया। मौके पर पहुंचे अधिकारियों ने मूर्ति को हटवाया।

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गांव के दलितों ने रात में अंबेडकर प्रतिमा स्थापित कर सुबह स्वतंत्रता दिवस पर ध्वजारोहण कर दिया। यह बात जब गांव में फैली तो दूसरे वर्गों के लोगों ने विरोध शुरू कर दिया। आरोप लगाया कि यह ग्राम सभा की जमीन है। हमेशा से गांव की महिलाएं यहां कजली का कार्यक्रम करती आ रही हैं। इसमें दलित मूर्ति स्थापित करना चाहते हैं।

इसके बाद दलित भी विरोध में लामबंद होने लगे। यह देख पुलिस ने अधिकारियों को सूचना दी तो वहां भारी फोर्स पहुंच गई। पुलिस को देखते ही लोग भाग खड़े हुए। दलित महिलाओं का विरोध देख कई थानों की फोर्स के साथ महिला पुलिस भी बुला ली गई। कुछ देर बाद सूचना पर एसडीएम विजय बहादुर ¨सह, रामकेश यादव सहित सीओ आरपी ¨सह यादव भी पहुंच मामले को शांत कराए।

5 के खिलाफ मुकदमा

बिना अनुमति के मूर्ति लगाने पर पुलिस ने 5 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया। इसमें ग्राम प्रधान राज कुमार गौड़, पूर्व प्रधान त्रिभुवन, गुलाब चंद्र, ओमकार मिश्र व सिकंदर शामिल हैं।

दैनिक जागरण

कबड्डी पर भिड़े दो समाज के लोग

http://www.jagran.com/uttar-pradesh/mathura-12744449.html

मथुरा: थाना हाईवे के गांव मासूम नगर में कबड्डी को लेकर दो पक्ष भिड़ गए। दोनों पक्षों की ओर से आधा दर्जन लोग घायल हुए हैं। पुलिस ने एक पक्ष की तहरीर पर एनसीआर दर्ज कर दूसरे पक्ष के चार लोगों को हिरासत में लिया है। पुलिस की एकपक्षीय कार्रवाई से गांव में तनावपूर्ण स्थिति है।

गांव मासूमनगर में दलित और गुर्जर समाज के युवक शुक्रवार को कबड्डी खेल रहे थे। मैच में दलित समाज के युवक जीत गए। इसी को लेकर दोनों समाज के युवक के भिड़ गए। मारपीट में दोनों पक्षों के आधा दर्जन लोग घायल हो गए। पुलिस ने गुर्जर पक्ष की ओर से एनसीआर दर्ज कर दलित समाज के चार लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। दलित समाज के कुछ लोग रविवार शाम को मथुरा से लौटकर गांव पहुंचे, तो उन पर गुर्जर समाज के लोगों ने हमला बोल दिया। मारपीट कर दो और लोगों को चोटिल कर दिया। सूचना मिलने पर पुलिस भी गांव में पहुंच गई, लेकिन आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया।

हमले के डर से दलित समाज के कुछ लोग घरों से चले गए हैं। चुनावी सीजन होने के कारण गांव के लोग खेमों में बंटे हैं। थाना हाईवे के एसओ सुबोध कुमार ने बताया कि गुर्जर समाज के व्यक्ति के सिर में ज्यादा चोट थी, इसलिए दलित समाज के लोगों के खिलाफ एनसीआर दर्ज कर चार लोगों को जेल भेजा है। गांव के माहौल पर नजर रखी जा रही है।

नई दुनिया

दलित परिवार की बेटी ने साहस को बनाया हथियार

http://naidunia.jagran.com/special-story-dalit-familys-daughter-made-the-daring-weapons-447900

 धार (मध्‍यप्रदेश) लगातार कई बार प्रशासन को ट्यूब के सहारे खइड़िया नदी को ग्राम देदला के बच्चों और अन्य लोगों द्वारा पार करने के जोखिम के बारे में अवगत कराया गया। लेकिन कोई नतीजा नहीं निकला। परिणाम यह हुआ कि शुक्रवार को महेंद्र (15) को ट्यूब से नदी पार करना महंगा पड़ गया और वह काल के गाल में समा गया। ऐसे में पुल की मांग को लेकर कई दिन तक स्कूल नहीं जाने का आंदोलन कर चुकी 13 वर्षीय दलित परिवार की बेटी ज्योति अब अपने पिता को कहती है कि मैं लड़कों जैसा साहस दिखाकर नदी पार करूंगी।

ज्योति पिता को कहती है कि मैं लड़कों से पीछे नहीं हूं। घटना से डर लगता जरूर है किंतु साहस रखना होगा। लगातार खईड़िया नदी पर पुल नहीं होने की समस्या मीडिया में आती रही है। दरअसल ग्राम देदला की ज्योति पिता किशन एक ऐसी बच्ची है जो कि इस पुल के लिए स्कूल जाने की बजाय खेती में काम करके जिम्मेदार लोगों को यह संदेश दे चुकी है कि पुल कितना जरूरी है।

जब बात नहीं बनी तो उसने व्यवस्था से लड़ने की बजाय साहस को अपना हथियार बना लिया। उल्लेखनीय है कि शुक्रवार को 10वीं में अध्ययनरत महेंद्र नामक बालक की स्कूल जाने के दौरान ट्यूब से नदी पार करते वक्त पानी में डूबने से मौत हो गई थी। इसके बाद ऐसा लगा था मानो ज्योति व अन्य बच्चे इस तरह का जोखिम नहीं उठाएंगे। दलित परिवार की यह बच्ची 15 अगस्त को भी स्वतंत्रता दिवस समारोह में शामिल होने के लिए जोखिम लेकर ही ट्यूब से नदी पार करते हुए स्कूल पहुंची।

इस संबंध में ज्योति ने बताया कि डर तो लगता है लेकिन पुल बनने तक साहस की जरूरत है। मुझे बारिश और बारिश के कुछ माह बाद तक स्कूल जाना ही होगा। उसके लिए लड़कों और पुरुषों की तरह मुझे जोखिम भी उठाना होगा। ज्योति ने अपने पिता को यह तक कह रखा है कि वह स्कूल जाने के मामले में एक घटना से इसलिए नहीं डर सकती क्योंकि वह लड़की है। यदि लड़कों को स्कूल जाने में डर नहीं लगता है तो मुझे भी डरने की कोई जरूरत नहीं।

 क्या है समस्या

सरदारपुर तहसील के ग्राम देदला में मीडिल स्कूल संचालित है। 40 से अधिक दलित और आदिवासी परिवार ग्राम देदला के ऐसे क्षेत्र में रहते हैं जहां पर बारिश के दौरान पानी भर जाता है और मीडिल स्कूल जाने वाले रास्ते से संपर्क खत्म हो जाता है। ऐसे में ट्यूब से नदी पार करना होती है। देदला के अलावा राताकोट, फुलकीपाड़ा, खुर्द के लोगों को भी दिक्कत होती है। प्रशासन को कई बार इस समस्या से अवगत कराया। लेकिन इस दिशा में कोई पहल नहीं हुई।

 कुछ नहीं कर सकते

ज्योति को हमने पिछले साल भी होस्टल में रहकर पढ़ने के लिए कहा था। दो दिन पहले फिर हमने ज्योति को होस्टल में ही रहकर पढ़ने के लिए संपर्क किया। उसने व उसके परिवार के लोगों ने मना कर दिया है। ऐसे में हम कुछ नहीं कर सकते। आनंद पाठक, विकासखंड शिक्षाधिकारी सरदारपुर

News Monitored by Kuldeep Chandan & Kalpana Bhadra

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