दलित मीडिया वाच – हिंदी न्यूज़ अपडेट 14.08.15

दलित महिला को मंदिर में पूजा से रोका, हुआ बवाल – पत्रिका

http://rajasthanpatrika.patrika.com/story/rajasthan/dalit-women-not-allowed-to-pray-at-temple-1275669.html

इटावा में दारोगा ने दलित दंपती को जूतों से पीटा – दैनिक जागरण

http://www.jagran.com/uttar-pradesh/lucknow-city-a-sub-inspector-beaten-by-shoes-to-dalit-couple-in-etawah-12736133.html?src=HUP

छात्रा आत्‍मदाह मामला : गिरफ्तार युवकों के पक्ष में उतरे लोग – दैनिक जागरण

http://www.jagran.com/punjab/sangrur-girl-student-selfimmolation-case-people-came-in-favor-of-arrested-youths-12734657.html

छात्रा के परिजनों को गांव छोड़ने की धमकी – नई दुनिया

http://naidunia.jagran.com/madhya-pradesh/sagar-sagar-news-447052

जनता दरबार में फरियादियों ने सुनाई वेदना – दैनिक जागरण

http://www.jagran.com/bihar/kishanganj-12735773.html

जगह खाली कराने के अल्टीमेटम से खलबली, किया प्रदर्शन – दैनिक जागरण

http://www.jagran.com/uttar-pradesh/hathras-12736837.html

दलित-महादलित को हक दिलाने में गुजार दिए चार दशक – दैनिक जागरण

http://www.jagran.com/bihar/madhubani-12736249.html

Please Watch:

The Panthers: A new dawn for Dalit movement

https://www.youtube.com/watch?v=2AhytQ67pbs

पत्रिका

दलित महिला को मंदिर में पूजा से रोका, हुआ बवाल

http://rajasthanpatrika.patrika.com/story/rajasthan/dalit-women-not-allowed-to-pray-at-temple-1275669.html

देश में आजादी के इतने साल बाद भी कुप्रथाएं प्रचलित है। ऐसा ही एक मामला जयपुर के विधाधर नगर इलाके में सामने आया, जहां एक दलित महिला को पुजारियों ने मंदिर में पूजा करने से रोक दिया।

दरअसल, इंद्रा डारू नाम की ये महिला विधाधर नगर इलाके में स्थित निगम के पार्क में बने तत्कालेष्वर महादेव मंदिर में पूजा करने गई थी।

महिला का आरोप है कि मंदिर के पूजारियों ने उससे जाति पूछी जिसके जवाब में उसने खुद को दलित होना बताया। इस पर पुजारियों ने उस महिला को पूजा करने से मना कर दिया।

जानकारी के मुताबिक़ ये महिला कस्टम विभाग में एलडीसी के पद पर कार्यरत है। मामले का पता चलने पर वालमिकी समाज में आक्रोष फैल गया।

खबर फैलने के बाद वालमिकी समाज के लोग बड़ी संख्या में एकजुट होकर मंदिर पहुँच गए। समाज के लोगों ने पहले तो पुजारियों को जमकर खरी कोटी सुनाई और फिर बाद में दलित महिला को मंदिर में पूजा करवाई।

इसके बाद महिला ने आरोपी पुजारियों के खिलाफ विधाधर नगर थाने में मामला दर्ज कराया। बहरहाल, पुलिस ने मामला दर्ज जांच शुरू कर दी है।

दैनिक जागरण

इटावा में दारोगा ने दलित दंपती को जूतों से पीटा

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लखनऊ। इटावा में यूपी पुलिस की हैवानियत का एक और चेहरा सामने आया है। जसवंतनगर थाना क्षेत्र के हैंवरा चौकी इंचार्ज ने बुधवार शाम एक महिला और उसके पति की जूतों व लात-घूंसों से जमकर पिटाई कर दी। बाद में दंपती को घसीटते हुए चौकी ले गया।

हैंवरा गांव के राम सहाय व काली चरण से गांव के ही श्रीकांत पुत्र सुदामा लाल के खेत में खूंटा गाडऩे को लेकर विवाद हो गया था। श्रीकांत इस विवाद में चोटिल हो गये था। बाद में पंचायत से गांव वालों ने विवाद रफा-दफा कर दिया था। दूसरे पक्ष से इस घटना की सूचना मिलने पर हैंवरा चौकी इंचार्ज प्रेम बाबू राम सहाय के घर जा धमके और रौब गांठते हुए राम सहाय व उसकी पत्नी की जमकर पिटाई की और घसीटते हुए चौकी ले आये। बाद में दोनों को गांव वालों के दबाव से उन्हें चौकी से छोड़ दिया गया। दारोगा की इस अमानवीय हरकत के शिकार रामसहाय और उनकी पत्नी थाना जसवंतनगर जा पहुंचे।

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जहां पुलिस ने दोनों को टरका दिया। इसके बाद मामले की शिकायत रामसहाय ने लोक निर्माण मंत्री शिवपाल ङ्क्षसह यादव व एसएसपी मंजिल सैनी को फैक्स करके की। मामले में लोक निर्माण मंत्री के हस्तक्षेप के बाद पुलिस हरकत में आयी और एसएसपी के निर्देश पर सीओ जसवंतनगर विनय चौहान को घटना स्थल पर जांच के लिए भेजा गया।

दारोगा प्रेमबाबू द्वारा किये गए कृत्य के खिलाफ थाने में मामला दर्ज होने के बाद शिकायत कर्ता और उसकी पत्नी का मेडिकल कराया गया है। क्षेत्राधिकारी जसवंतनगर विनय कुमार चौहान ने बताया कि उन्होंने इस मामले की घटनास्थल पर जाकर ग्रामीणों से पूछताछ की है, जिसमें दारोगा प्रेमबाबू को दोषी पाया है जिसकी जांच रिपोर्ट उन्होंने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को सौंपी है। मामले में पीडि़त की शिकायत पर मारपीट का मुकदमा दर्ज किया गया है।

दैनिक जागरण

छात्रा आत्‍मदाह मामला : गिरफ्तार युवकों के पक्ष में उतरे लोग

http://www.jagran.com/punjab/sangrur-girl-student-selfimmolation-case-people-came-in-favor-of-arrested-youths-12734657.html

संगरूर। गांव कालबंजारा की दलित परिवार की लड़की बेअंत कौर उर्फ गगनी द्वारा छेड़छाड़ से परेशान होकर आत्मदाह करने के मामले में आरोपी युवकों के पक्ष में काफी संख्या में लोग सड़क पर उतर आए और सड़क को जाम कर दिया। उन्होंने इस मामले में गिरफ्तार किए गए युवकों को निर्दोष करार दिया। आरोप है कि बेअंत ने इन लड़कों की छेड़छाड़ व दुर्व्यवहार से दुखी होकर खुद को आग लगा ली थी।

कहा, परिवार की मारपीट से तंग आकर लड़की ने खुद को आग लगाई पुलिस ने इस मामले में चार युवकों रामगढ़ संधूआ के मन्नी, खंडेवाद गांव के मनी और कालबंजारा गांव के गुरप्रयार सिंह व जगसीर सिंह को गिरफ्तार किया है। वीरवार को पंजाब किसान यूनियन के प्रांतीय नेता बलवीर सिंह जलूर, जरनैल सिंह किशनगढ़, सरपंच तरसेम सिंह कालबंजारा की अगुआई में कालबंजारा के निकट लहरागागा-पातड़ां मुख्य मार्ग पर लोगों ने यातायात जाम कर दिया। उन्होंने पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए युवकों के खिलाफ दर्ज मामला रद करने की मांग की।

गिरफ्तार किए गए आरोपियों के समर्थन में जाम लगाते लोग।

लोगों ने कहा कि उन्हें भ्ाी बेअंत की मौत का बेहद दुख है। इसके लिए जिम्मेदार लोगों को सख्त से सख्त सजा मिलनी चाहिए, लेकिन बेकसूर युवकों को निशाना नहीं बनाया जाना चाहिए। इस में मामले में गांव कालबंजारा से गिरफ्तार किए युवक निर्दोष हैं। इन युवकों की वजह से बेअंत कौर ने अात्मदाह नहीं किया।

जाम लगा रहे लोगों ने कहा कि बेअंत कौर की गांव रामगढ़ व गांव कालबंजारा के कुछ युवकों के दो गुटों में झगड़ा था। दोनों गुटों में शुरू हुई रंजिश हाथापाई व मारपीट तक पहुंच गई। रामगढ़ के एक युवक ने अपने साथियों को साथ लेकर गांव कालबंजारा के विद्यार्थियों से मारपीट की थी।

उन्हाेंने कहा कि मारपीट का बदला लेने के लिए कालबंजारा के कुछ विद्यार्थियों ने रामगढ़ के उस युवक को पीटा था। इस दौरान, बेअंत कौर की रामगढ़ के उस युवक से बोलचाल की बात पता चलने पर कालबंजारा के युवकों ने बेअंत कौर के परिवार वालों से शिकायत कर दी। इसके बाद बेअंत के परिवार ने उसकी पिटाई की। इस पिटाई से तंग आकर बेअंत ने स्वयं पर केरोसिन डालकर आग लगा ली।

लोगों ने अधिकारियों से पूरे मामले की सही जांच करवाने, दोषी लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने व निर्दोष विद्यार्थियों को रिहा करने की मांग की। उन्होंने कहा कि वे इस मामले की गहनता से जांच की मांग को लेकर संगरूर के एसएसपी को अर्जी देंगे।

मौके पर पहुंचे मूनक के डीएसपी बिमल शर्मा ने प्रदर्शनकारियों को आश्वासन दिया कि मामले की जांच की जा रही है और किसी भी निर्दोष को सजा नहीं दी जाएगी। मामले की सच्चाई से पर्दा अवश्य उठाया जाएगा। इसके बाद ही आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

नई दुनिया

छात्रा के परिजनों को गांव छोड़ने की धमकी

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दलित वर्ग के परिवार को उसकी बेटी के साथ छेड़खानी की रिपोर्ट थाने में लिखाना महंगी पड़ रही है। आरोपी युवक दबंग है। छात्रों के परिजनों को रिपोर्ट वापस न लेने पर गांव छोड़ने की धमकी दे रहे है। इस आशय की शिकायत गुरुवार को सिदगुंवा गांव के लोगों ने एसपी से की है।

घटना 10 अगस्त की है। गांव के एक छात्रा गर्ल्स कालेज में पढ़ती है। उसे दीनदयाल नगर में मंदिर के पास नीलेश दुबे नाम के युवक रास्ते में मोटर साइकिल पर बैठाकर ले जाने का प्रयास कर रहा था। छात्रा के शोर मचाने पर आसपास के लोगों ने उसे बचाया। घटना की रिपोर्ट पद्माकर थाने में दर्ज कराई गई थी। ज्ञापन में उल्लेख किया गया है कि रिपोर्ट दर्ज कराने के बाद नीलेश उसके चाचा हरीश दुबे, भाई आशीष ने छात्रा के घर जाकर उसके पिता व परिजनों को रिपोर्ट वापस ने लेने पर गांव छोड़कर चले जाने की धमकी दी है। ज्ञापन देने वालों में गिरधारी, हीरालाल, राजकुमार, मेहताब, भावंिसंह, दशरथ, पर्वत अहिरवार आदि शामिल हैं।

दैनिक जागरण

जनता दरबार में फरियादियों ने सुनाई वेदना

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किशनगंज। गुरुवार को डीएम के जनता दरबार में 55 फरियादियों ने अपनी वेदना सुनाई। डीएम अनिमेष कुमार पराशर व डीएम के आदेशानुसार डीडीसी संजय कुमार ने एक-एक फरियादी की फरियाद सुनी व उनके त्वरित निष्पादन के संबंध में उचित कार्रवाई की। डीएम श्री पराशर ने बताया कि आज के जनता दरबार में कुल 99 भूमिहीनों के साथ भूमि बन्दोबस्ती का काम भी हुआ। ठाकुरगंज की राम कुमारी देवी ने भूमि विवाद से संबंधित फरियाद लगाई। उसने बताया कि खाते की उसकी जमीन है। उसका दाखिल- खारिज भी हो चुका है।

लेकिन उस पर दबंगों ने कब्जा कर लिया है। उसे प्रशासनिक मदद नहीं मिल रही है। इसी प्रकार मटियारी गांव की निवासी मीरा देवी ने डीएम को बताया कि वह दलित जाति की है। उसके पति किशन लाल है। उसने दलित होने के प्रमाण पत्र के साथ आंगनबाड़ी सेविका पद के लिए आवेदन दिया था लेकिन बीडीओ कई महीनों तक उसे पें¨डग रख कर उस पर पिछड़ा वर्ग की महिला को नियुक्त कर दिया। मीरा देवी ने जागरण को बताया कि वह दलित महिलाओंको गवाहन बना कर सामने लाई है। खगड़ा मझिया से आई विकलांग शकीरा खातून ने बताया कि उसे पिछले कई महीनों से पेंशन नहीं मिल रही है। जनता दरबार में डीएम अनिमेष कुमार पराशर, डीडीसी संजय कुमार, एसडीओ मो. शफीक, डीईओ मो. ग्यासुद्दीन, जिला कल्याण पदाधिकारी विनोद प्रसाद, डीआरडीए निदेशक भरत भूषण प्रसाद, वरीय उप समाहर्ता संजय ¨सह, डॉ. फरजाना बेगम आदि मौजूद थे।

पाटकोई के मुखिया जमीन पर गिरा रहे जबरन मिट्टी कोचाधामन प्रखंड के पाटकोई पंचायत के इजहार आलम की शिकायत थी कि रक्षक ही भक्षक हो गया है। मुखिया स्वयं अन्याय करने पर उतारु है। जमीन उनके खाता खेसरा की है। उनके नियंत्रणाधीन है लेकिन मुखिया दबंगई कर उनकी एक एकड़ 16 डिसमिल जमीन जबरन मिट्टी गिरवा रहे हैं। इसी प्रकार कई मामले बिजली का कनेक्शन नहीं लगने व गलत बिजली बिल आने से संबंधित आए। डीएम ने इस संबंध में वरीय उप समाहर्ता मनीष कुमार को निदान निकालने के लिए कहा । जिससे पीड़ित की शिकायत दूर हो सके।

बेलवा की रोशन आरा ने डीएम को बताया कि उसकी नियुक्ति आंगनबाड़ी सेविका के रुप में हो चुकी है लेकिन दबंगों द्वारा उसे काम करने नहीं दिया जा रहा है। उन्होंने आइसीडीएस पदाधिकारी को इस संबंध में कार्रवाई करने का आदेश दिया। अनुकम्पा के आधार पर नौकरी की गुहार लगाने के लिए भी फरियादी आए।

दैनिक जागरण

जगह खाली कराने के अल्टीमेटम से खलबली, किया प्रदर्शन

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हाथरस : असेवित बस्तियों के लोगों को आवास मुहैया कराने के लिए दिए गए अल्टीमेटम के बाद यहां रह रहे परिवारों में खलबली मच गई है। यहां के लोगों ने इसे लेकर जमकर प्रदर्शन किया। बाद में यह लोग जिलाधिकारी से मिलने के लिए गए, लेकिन वह नहीं मिल सके।

शहरी गरीबों के लिए आसरा योजना की शुरूआत हुई है, जिसमें नगर की मलिन व दलित बस्तियों का चयन किया गया है। बताते हैं कि माया टॉकीज के निकट हाबूड़ा समाज के लोगों के लिए योजना को स्वीकृति मिल गई है। अब यहां पर आवास बनाए जायेंगे। इसके लिए डूडा ने इस बस्ती को खाली कराने का नोटिस दिया है, जिससे यहां रह रहे परिवारों में खलबली मच गई है। उन्हें यह जमीन छिनने का खतरा दिख रहा है, जिससे आहत परिवारों ने वहां पर जमकर प्रदर्शन किया। लेकिन उनकी किसी ने नहीं सुनी तो वह अपनी व्यथा सुनाने के लिए कलक्ट्रेट पहुंच गए। लेकिन उन्हें जिलाधिकारी नहीं मिले। जिससे वह अपनी समस्या नहीं बता सके।

दैनिक जागरण

दलित-महादलित को हक दिलाने में गुजार दिए चार दशक

http://www.jagran.com/bihar/madhubani-12736249.html

मधुबनी। दलित-महादलित ही नहीं समाज के किसी भी तबके के साथ शोषण की घटना सुनते ही ये दौड़ पड़ते हैं। शोषित लोगों को न्याय के लिए आवाज बुलंद करना ही रामवरण राम की दिनचर्या बन गई। बेनीपट्टी प्रखंड के बाबू जगजीवन राम मुहल्ला निवासी 63 वर्षीय रामवरण राम चार दशक से शोषण के खिलाफ आवाज बुलंद करते हुए अबतक कामयाबी के कई मंजिल तय किए। सामाजिक शोषण के खिलाफ लड़ते हुए वे अबतक पांच दर्जन से अधिक मामलों में बड़ी संख्या में दलित-महादलित लोगों को हक दिलाने की मिशाल कायम की है। शोषण के खिलाफ लोगों में जागरुकता के लिए इनके द्वारा वर्ष 2010 में अंबेदकर-कर्पूरी संस्थान की स्थापना की गई।

इससे पूर्व बेनीपट्टी में डा. अंबेदकर तथा पूर्व मुख्यमंत्री कर्पूरी ठाकुर के नाम पर चौक का नामांकन किया गया। इससे पूर्व वर्ष 2008 में मधवापुर प्रखंड के डूमरा गांव में भूमिहीन 70 परिवारों को बास हेतु पर्चा दिलाने में इनकी अहम भूमिका रही है। इसके लिए इन्हें कई वर्षों तक निरंतर आंदोलन का सहारा लेना पड़ा। इसी तरह बेनीपट्टी के संसारी पोखरा के निकट गैर मजरुआ जमीन पर करीब 40 भूमिहीन लोगों को बसाकर इसमें से 27 लोगों को पर्चा दिलाने में सफलता हासिल की। हरलाखी प्रखंड के पिपरौन गांव के चौकीदार के पुत्रवधू के साथ सामूहिक दुष्कर्म के खिलाफ जोरदार आंदोलन चलाने के परिणामस्वरूप इस मामले में हरलाखी थाना के गश्ती दल के सभी पुलिस को निलंबीत की घटना काफी चर्चित रहा।

इसी तरह सिरियापुर में एक दलित महिला के साथ दुष्कर्म की घटना को लेकर आवाज बुलंद करने पर पुलिस आरोपी को गिरफ्तार करने में कामयाबी हासिल की। रामवरण राम कहते हैं कि उच्च जाति के घर किसी भी मौके पर शामिल होने पर समाज के वंचित लोगों के साथ भेदभाव पूर्ण रवैये का विरोध वे करते रहे हैं। हाल ही में बेनीपट्टी निवासी गांधीवादी दानी लाल साह के साथ स्थानीय एक व्यक्ति द्वारा अपमानिक करने का जोरदार ढंग से विरोध किया गया। दामोदरपुर में एक महादलित के बच्चे को कुछ लोगों द्वारा बेवजह पिटाई की घटना में पंचायत के माध्यम से इनसाफ दिलाया गया।

इंटर तक की शिक्षा ग्रहण करने वाले रामवरण राम कहते हैं कि कालेज के समय से ही समाज के एक वर्ग द्वारा दूसरे वर्ग का शोषण की घटना से जूझते रहे हैं। वर्ष 1974-75 में बेनीपट्टी हाई स्कूल के छात्र जीवन में एक वर्ग के शोषण का सामना करते रहे हैं। जेएन कालेज में नामांकन के बाद यहां भी शोषित होने के कारण बेनीपट्टी के केभीएस कॉलेज में नामांकन लिया।

News Monitored by Kuldeep Chandan & Kalpana Bhadra

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