दलित मीडिया वाच – हिंदी न्यूज़ अपडेट 13.08.15

भगाना की चार दलित लड़कियों से रेप मामले में बड़ा फैसला, चार आरोपी बरी न्यूज़ 18

http://hindi.news18.com/news/haryana/four-accused-exempted-in-haryanas-bhagana-gang-rape-case-538735.html

सामूहिक दुष्कर्म के आरोपियों ने किया आत्मसमर्पण – दैनिक जागरण

http://www.jagran.com/uttar-pradesh/faizabad-12731157.html

दलितों को मंदिर में कांवड़- जल चढ़ाने से रोका – नवभारत टाइम्स

http://navbharattimes.indiatimes.com/state/punjab-and-haryana/hisar/dalits-were-prevented-from-applying-in-the-temple-burning-kanvd-/articleshow/48457849.cms

आर्थिक व सामाजिक विकास को शिक्षा जरूरी – दैनिक जागरण

http://www.jagran.com/uttar-pradesh/mau-12729795.html

योजना पहुंची लाभार्थियों के पास – दैनिक जागरण

http://www.jagran.com/uttar-pradesh/ballia-12725281.html

अनुमंडल स्तरीय दलित स्वाभिमान यात्रा – दैनिक जागरण

http://www.jagran.com/bihar/rohtas-blocklevel-visit-dalit-pride-12730418.html

पॉलीटेक्निक प्रधानाचार्य के पक्ष में निकाला जुलूस – दैनिक जागरण

http://www.jagran.com/uttar-pradesh/shahjahanpur-12731752.html

नई दिल्लीः दलितों के अधिकारों के लिये ख्रीस्तीयों ने किया प्रदर्शन – रेडिओ वाटिकन

http://hi.radiovaticana.va/news/2015/08/12/new_delhi_christians_rally_for_equal_rights_of_dalits/1164522

Please Watch:

Dalits in Haryana convert to Islam

https://www.youtube.com/watch?v=UplnKbOEPc0

न्यूज़ 18

भगाना की चार दलित लड़कियों से रेप मामले में बड़ा फैसला, चार आरोपी बरी

http://hindi.news18.com/news/haryana/four-accused-exempted-in-haryanas-bhagana-gang-rape-case-538735.html

चर्चित भगाना गैंगरेप मामले में जिला अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है. अदालत ने गैंगरेप के चार आरोपियों को बरी कर दिया है. जज अलका मलिक की अदालत ने सबूतों के अभाव में इन चार आरोपियों को बरी किया है.

अदालत ने कहा कि इन पर लगाए गए आरोपों के संबंध में कोई पुख्ता सबूत पेश नहीं हो पाया है, जिसके चलते इन्हें बरी किया जाता है. भगाना गैंगरेप मामले में एक नाबालिग सहित पांच युवकों को आरोपी बनाया गया था. फिलहाल नाबालिग आरोपी जमानत पर है.

 

चार दलित लड़कियों की लूटी गई थी इज्‍जत

23 मार्च की शाम को भगाना गांव में चार दलित लड़कियों को अगवा कर उसके साथ रेप किया गया था. आरोप था कि एक नाबालिग सहित पांच लड़कों ने मिलकर सभी लड़कियों से खेत में ले जाकर रेप किए थे. रेप के बाद सभी लड़कियों को नशीला पदार्थ सुंघाकर भटिंडा ले जाया गया था. रास्‍ते में गांव के करीब पांच युवक और आ गए थे.

भटिंडा ले जाकर सभी लड़कों ने मिलकर लड़कियों से कई बार रेप किए. इसके बाद लड़कियों को भटिंडा रेलवे स्‍टेशन पर छोड़कर भाग गए थे. इसके बाद पुलिस ने सभी लड़कियों को वहीं से बरामद किया था. इसके बाद पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी थी.

दैनिक जागरण

सामूहिक दुष्कर्म के आरोपियों ने किया आत्मसमर्पण

http://www.jagran.com/uttar-pradesh/faizabad-12731157.html

फैजाबाद: खंडासा थाना क्षेत्र के डडौली पूरेगुमटी में 16 वर्षीय दलित किशोरी के साथ 24 जुलाई को हुए सामूहिक दुष्कर्म का मुख्य आरोपी राशू ¨सह व राम कृष्ण यादव ने पुलिस को चकमा देते हुए न्यायालय में आत्म समर्पण कर दिया। इस मामले में नामजद अन्य चार आरोपियों को खंडासा पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है।

खंडासा थाना क्षेत्र के डडौली पूरेगुमटी में विगत 24 जुलाई को शौच के लिए घर से निकली 16 वर्षीय दलित युवती को रात करीब नौ बजे राशू ¨सह समेत छह लोगों ने अगवा कर लिया था तथा बाग में ले जाकर उसके साथ बारी-बारी से दुष्कर्म किया था। पीडित किशोरी ने किसी तरह अपनी जान बचाकर घर पहुंची अपनी मां को आपबीती बतायी।

दबंगों के डर से पीडित परिवार गांव छोड़कर अपने ननिहाल सैदखानपुर चला गया। जहां से परिजन उसे लेकर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक उमेश कुमार श्रीवास्तव से मिले। पुलिस के उच्चाधिकारियों के हस्तक्षेप के बाद खंडासा थाने में एक अगस्त को छह लोगों के विरुद्ध दुष्कर्म, दलित उत्पीड़न का मुकदमा दर्ज किया गया। मामले में पुलिस उप महानिरीक्षक तथा एसएसपी ने पीडिता के घर पहुंचकर न्याय का भरोसा दिया। पुलिस दो टीमें बनाकर क्षेत्राधिकारी मिल्कीपुर नवीन कुमार नायक को अभियुक्तों की गिरफ्तारी सौंपी।

थानाध्यक्ष खंडासा शमशेर बहादुर ¨सह ने बताया कि मुख्य अभियुक्त को रिमांड पर लेने के लिए कोर्ट में अर्जी दाखिल कर दी गयी है।

नवभारत टाइम्स

दलितों को मंदिर में कांवड़- जल चढ़ाने से रोका

http://navbharattimes.indiatimes.com/state/punjab-and-haryana/hisar/dalits-were-prevented-from-applying-in-the-temple-burning-kanvd-/articleshow/48457849.cms

हिसार के नारनौंद में दलितों को मंदिर में कांवड़ और जल चढ़ाने से रोकने का मामला सामने आया है। गांव खेड़ी के इस मामले में एक शिकायत भी पुलिस चौकी में दी गई है। दलित युवकों राकेश, संदीप और कृष्ण ने बताया कि गांव खेड़ी के 17 दलित युवक कांवड़ लेकर आए थे। आरोप है कि ये दलित युवक बुधवार को शिवरात्रि के मौके पर कांवड़ और जल चढ़ाने के लिए गांव में ही स्थित शिव मंदिर पहुंचे तो सवर्ण जाति के कुछ लोगों ने उनको मंदिर में प्रवेश करने से रोक दिया और कांवड़- जल भी नहीं चढ़ाने दिया। इसके बाद वे वापिस लौट आए। राकेश, संदीप और कृष्ण ने आरोप लगाया है कि इस मामले में उन्होंने खेड़ी पुलिस चौकी में शिकायत भी दी, लेकिन पुलिस ने भी उनकी शिकायत पर कोई कार्रवाई नहीं की।

उधर, मंदिर प्रबंधन से जुड़े लोगों का कहना है कि मंदिर में निर्माण कार्य चल रहा है। निर्माण कार्य पर किसी प्रकार का नुकसान न हो, इसलिए किसी को भी मंदिर में कांवड़ और जल नहीं चढ़ाने दिया गया। सवर्ण बिरादरियों के युवक भी कांवड़ लाए थे, उनको भी मंदिर में कांवड़ नहीं चढ़ाने दी गई। मंदिर प्रशासन ने आरोप लगाया कि जातिवाद की आड़ लेकर कुछ लोग इसे बेवजह तूल देने की कोशिश कर रहे हैं।

दैनिक जागरण

योजना पहुंची लाभार्थियों के पास

http://www.jagran.com/uttar-pradesh/ballia-12725281.html

बलिया : पालिका परिषद के मोहल्ला काजीपुरा के गरीब पिछड़े, दलित, अल्पसंख्यक समुदाय सहित सभी के लिए मंगलवार विशेष रहा। आम दिनों से इतर यहां सरकारी योजनाएं ही लाभार्थियों के पास पहुंची और उन्हें सुविधा दिया। जिलाधिकारी मुरली मनोहर लाल की पहल पर लगे विशेष चौपाल में दर्जनों लोगों को काफी राहत मिली।

अर्बन पीएसची के निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिया था कि वे मोहल्ले में कैंप आयोजित कर सरकारी योजनाओं के बारे में बताएं और पात्रों को इस लाभ दें। इसी क्रम में कल्याण सेक्टर, बिजली, स्वास्थ्य विभाग व नगर पालिका परिषद के जिम्मेदार लोग वहां पहुंचे और शुरू हुई विशेष चौपाल।

एक-एक कर लोगों ने अपनी समस्याएं बतानी शुरू की। प्रभारी सिटी मजिस्ट्रेट प्रवरशील बरनवाल की देखरेख में संपन्न चौपाल में सर्वाधिक वृद्धा, विधवा व विकलांग पेंशन न मिलने की शिकायत ज्यादा रही। मौके पर ही लाथार्थियों का आवेदन भरवाया गया। कुछ लोगों की बिजली की समस्या थी जिसे विभागीय लोगों ने दूर किया।

दौरान में पालिका के पूर्व चेयरमैन लक्ष्मण गुप्ता, अधिशासी अधिकारी संतोष कुमार मिश्र ने नगर की समस्याओं के बारे में सुना और उनका समाधान नगरवासियों को बताया। जिला प्रोबेशन अधिकारी एके पांडेय ने विधवा पेंशन, समाज कल्याण अधिकारी नरेंद्र विश्वकर्मा ने वृद्धा व विकलांग पेंशन की समस्या को सुना। स्वास्थ्य विभाग की समस्या एसीएमओ डा.लल्लन प्रसाद के समक्ष रखी गई।

दैनिक जागरण

अनुमंडल स्तरीय दलित स्वाभिमान यात्रा

http://www.jagran.com/bihar/rohtas-blocklevel-visit-dalit-pride-12730418.html

रोहतास। प्रखंड के मैंधरा गांव से बुधवार को अनुमंडल स्तरीय दलित स्वाभिमान यात्रा निकाली गई। जो अजीत आडिटोरियम में पहुंच कर संपन्न हो गई। दलित स्वाभिमान यात्रा का आयोजन दलित सेना की ओर से किया गया था। यह यात्रा मैधरा में पूर्व विधायक स्व. मेघ राज मेधावी के प्रतिमा पर माल्यार्पण कर शुरू हुआ। आडिटोरियम में आयोजित सभा के बाद संपन्न हो गया। उद्घाटन दलित सेना के प्रदेश अध्यक्ष अनिल कुमार साधु ने किया। उन्होंने दलितों पर बढ़ रहे अत्याचार पर ¨चता व्यक्त करते हुए लोगों को अपने अधिकारों के प्रति सजग होने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार सरकार में सभी तरह के अपराध बढे़ हैं।

सुशासन के नाम पर दस वर्षों तक लोगों को ठगने का काम किया। जनवरी से अप्रैल तक सूबे में 970 हत्या, 107 डकैती, 509 लूट, 1988 अपहरण, 6734 चोरी की घटनाओं के बारे में आरोप लगाया। कार्यक्रम की अध्यक्षता जीतेन्द्र कुमार जिज्ञासु व संचालन ¨पटू पासवान ने किया। मौके पर अंनंत कुमार गुप्ता, कृष्णा पासवान, म़कसूद आलम, अमर पासवान, रवि शंकर राम, धर्मेन्द्र पासवान, अली हसन, विजेंद्र राम, हरेन्द्र पासवान, बिरेन्द्र पासवान, मुरारी पासवान, राजेश्वर पासवान, काशीनाथ ¨सह, भोला कुशवाहा आदि लोग शामिल थे।

दैनिक जागरण

पॉलीटेक्निक प्रधानाचार्य के पक्ष में निकाला जुलूस

http://www.jagran.com/uttar-pradesh/shahjahanpur-12731752.html

शाहजहांपुर : सफ्तयारा के भूमि विवाद को लेकर बुधवार को अनुसूचित जाति जनजाति महासंघ ने जुलूस निकालकर राजकीय पालीटेक्निक के प्रधानाचार्य राजन ¨सह के पक्ष में नारेबाजी कर जोरदार प्रदर्शन किया। इंटक के प्रदर्शन के जबाव में निकाले गए जुलूस के दौरान प्रदर्शनकारियों ने प्रधानाचार्य की पत्नी की जमीन पर अवैध कब्जा करने के आरोपियों की गिरफ्तारी तथा बचाव करने वाले दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की।

ददरौल ब्लाक के गांव सफ्त्यारा की जमीन पर कब्जे को लेकर दर्ज मुकदमे के आरोपियों की गिरफ्तारी रोकने तथा प्रधानाचार्य के विरुद्ध जांच के लिए इंटक ने प्रदर्शन किया गया। जबाव में बुधवार को अनुसूचित जाति जनजाति महासंघ ने सड़को पर उतर कर आंदोलन किया। सैकड़ों की संख्या में प्रधानाचार्य के पक्ष में प्रदर्शन को आए युवाओं व छात्रों ने प्रधानाचार्य राजन ¨सह की पत्नी सरोज ¨सह की जमीन पर कब्जा करने के आरोपियों को तत्काल जेल भेजने तथा उनका अनुचित बचाव करने वाले लोंगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। प्रदर्शनकारियों का कहना था राजन ¨सह ने जनपद को तीन नए पालीटेक्निक दिलाए। राजकीय पालीटेक्निक में दो नई इंजीनिय¨रग शाखाएं भी खुलवाई। यही वजह है कि जनपद के लोग उन्हें बेहद पंसद करते है। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि दलित होने के नाते प्रधानाचार्य की पत्नी की जमीन पर दबंगों ने कब्जा कर लिया। एफआइआर दर्ज होने के बाद भी अभी कुछ दबंग बाहर है। उन्हें बचाने के लिए प्रधानाचार्य की छवि को खराब करने को इंटक धरना प्रदर्शन की राजनीति कर रही है।

जुलूस, प्रदर्शन व ज्ञापन देने वालों में अनुसूचित जाति माध्यमिक शिक्षक संघ के अध्यक्ष डॉ. अमर ¨सह जौहर, सफाई मजदूर संघ के प्रांतीय महामंत्री दौलतराम, भारतीय बौद्ध सभा के जिलाध्यक्ष महेंद्र ¨सह दिनकर, बुद्ध बिहार समिति के जगदीश प्रसाद, श्याम बिहारी, महबूब इदरीशी, बाबूराम भारती, रामऔतार, विश्राम ¨सह, फकीरेलाल भोजवाल, सुरेश पाल ¨सह एडवोकेट, डीआर शर्मा, रामप्रकाश, कमलेश निगम, वीरेंद्र कुमार, महेंद्र प्रताप गौतम, राजकिशोर आदि दो दर्जन संगठनों के सैकड़ों कार्यकर्ता शामिल थे।

रेडिओ वाटिकन

नई दिल्लीः दलितों के अधिकारों के लिये ख्रीस्तीयों ने किया प्रदर्शन

http://hi.radiovaticana.va/news/2015/08/12/new_delhi_christians_rally_for_equal_rights_of_dalits/1164522

नई दिल्ली, बुधवार, 12 अगस्त 2015 (ऊका समाचार): नई दिल्ली स्थित सेक्रेड हार्ट महागिरजाघर के समक्ष, सोमवार, 10 अगस्त को लगभग 100 काथलिक पुरोहितों एवं धर्मबहनों सहित लोकधर्मी ख्रीस्तीयों ने विरोध प्रदर्शन कर सरकार से ख्रीस्तीय एवं मुसलमान दलितों के लिये समान अधिकारों की मांग की।

प्रतिवर्ष, 10 अगस्त को, भारत के ख्रीस्तीय धर्मानुयायी “ब्लैक डे” के दिन प्रदर्शन करते हैं। इसी दिन यानि 10 अगस्त सन् 1950 ई. को राष्ट्रपति के आदेश के तहत हिन्दू दलितों को मिलनेवाले विशेषाधिकारों से, ख्रीस्तीय एवं अन्य अल्पसंख्यकों को, वंचित कर दिया गया था।

ग़ौरतलब है कि भारतीय संविधान पूर्व अछूतों, पद-दलितों एवं कथित शोषित जातियों के लोगों को नौकरी एवं शिक्षण संस्थानों में आरक्षण जैसी सरकारी सुविधाओं की गारंटी देता है।

हालांकि, ख्रीस्तीय एवं मुसलमान दलित इन सुविधाओं से वंचित रखे गये हैं। यह दलील दी जाती रही है कि उनके धर्मों में जातिवाद का अस्तित्व नहीं है।

ऊका न्यूज़.कॉम से “राष्ट्रीय एकीकरण परिषद” के अध्यक्ष डॉ. जॉन दयाल ने कहा, “किसी भी धर्म में छूत-अछूत का अस्तित्व नहीं है किन्तु यह भारत की मिट्टी में मौजूद है। भारतीय ईसाई लोग ऐसे समाज में जीवन यापन कर रहे हैं जिसमें इस आधार पर भेद-भाव किया जाता है।”  

इस परिषद में वरिष्ठ राजनीतिज्ञ एवं शिक्षा विद शामिल हैं जो जाति और सांप्रदायिकता से उत्पन्न समस्याओं के समाधान पर ध्यान केन्द्रित करते हैं।

डॉ. दयाल ने कहा, “एक दलित यह स्वीकार नहीं कर सकता कि वह एक ईसाई है। यदि वह स्वीकार करेगा तो अपनी नौकरी खो देगा या फिर विश्वविद्यालय में जगह या छात्रवृत्ति खो देगा।”

इस समय 12 राज्य सरकारों ने केन्द्रीय सरकार को सुझाव दिया है कि वह ख्रीस्तीय एवं मुसलमान दलितों को भी अन्य दलितों की तरह ही समान अधिकार प्रदान करे किन्तु भारतीय जनता पार्टी यह कहकर इसका विरोध कर रही है कि इससे धर्मान्तरण को प्रश्रय मिलेगा।  

News Monitored by Kuldeep Chandan & Kalpana Bhadra

 

 

 

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