दलित मीडिया वाच – हिंदी न्यूज़ अपडेट 11.08.15

 छेड़खानी से तंग लड़की ने किया आत्‍मदाह, भाई बोला- पूरा परिवार जल मरेंगे – दैनिक भास्कर

http://www.bhaskar.com/news-ht/c-3-1124866-ch0409-NOR.html

आधी रात में भगाना पीड़ितों पर लाठीचार्ज – नई दुनिया

http://naidunia.jagran.com/national-brutal-attack-upon-dalits-converted-to-muslims-at-jantar-mantar-445114

निकाला जुलूस, जताया रोष – राजस्थान  पत्रिका

http://rajasthanpatrika.patrika.com/story/rajasthan/removed-procession-expressed-fury-1274760.html

चंबल की रानी का जन्मदिन आज, जानिए फूलन देवी से बैंडिट क्वीन बनने तक की पूरी कहानी – हरिभूमि

http://www.haribhoomi.com/news/india/politics/birthday-phoolan-devi-life-story/29305.html#ad-image-0

भगाना कांड को गंभीरता से लेगी हरियाणा सरकार – दैनिक जागरण

http://www.jagran.com/haryana/panchkula-12723031.html

Please watch:

“Blind Muslim Trust” – Social Experiment That Will Change Your Mind – iDiOTUBE

https://www.youtube.com/watch?t=190&v=N96W8CeiT3I

दैनिक भास्कर

छेड़खानी से तंग लड़की ने किया आत्‍मदाह, भाई बोला- पूरा परिवार जल मरेंगे

http://www.bhaskar.com/news-ht/c-3-1124866-ch0409-NOR.html

चंडीगढ़। पंजाब में छेड़खानी से परेशान होकर खुद को अाग लगाने वाली 16 साल की बेअंत कौर की मंगलवार सुबह मौत हो गई। वह चंडीगढ़ के पीजीआई में भर्ती थी। उसके भाई ने आरोप लगाया है कि पुलिस आरोपियों से मिली हुई है। उसने कहा है कि अगर उसे इंसाफ नहीं मिला तो पूरे परिवार के साथ आत्‍मदाह कर लेगा।

 बेअंत कौर के आखिर शब्द…

बेअंत ने भास्कर से अपना दर्द साझा करते हुए कहा था- गांव के लड़के मनी खांडेवाड, मनी, स्वर्ण और गुरप्यार मेरे भाई से नाराज थे। उसी का बदला लेने के लिए वे मुझे छेड़ने लगे। करीब महीने भर से ऐसा चल रहा था। मैंने घर पर नहीं बताया, क्योंकि मुझे पता था पिता स्कूल छुड़वा देंगे। 4 अगस्त को मैं बस में चढ़ रही थी तो मनी ने मुझे खींचकर नीचे उतार लिया। मेरे कपड़े फाड़ दिए और थप्पड़ मारे। मैं यह बेइज्जती सहन नहीं कर सकी, इसलिए तेल डालकर खुद को आग लगा ली। मैं जानती हूं, मेरा बचना मुश्किल है। मुझे इस हालत में पहुंचाने वाले बड़े आदमी हैं। लेकिन मेरी विनती है कि मेरे साथ ऐसी हरकत करने वालों को सख्त सजा मिले।

 

पूरा परिवार कर लेगा आत्‍मदाह

बेअंत के भाई जसगीर सिंह जग्‍गी का कहना है कि आरोपियों के पुलिस से अच्छे संबंध है। हमें इंसाफ नहीं मिला तो पूरा परिवार आत्मदाह करेगा।

भास्‍कर की पहल पर दर्ज हो सका था बयान

संगरूर के गांव कालबंजारा के दलित परिवार की बेटी 16 वर्षीय बेअंत कौर उर्फ गगनी डॉक्टर बनने का सपना देखा करती थी। वह 10वीं में पढ़ती थी। 4 अगस्त को स्‍कूल से लौटते वक्‍त छेड़छाड़ के बाद उसने घर पहुंच कर खुद पर मिट्‌टी का तेल छिड़ककर आग लगा ली थी।

उसे 80 फीसदी झुलसी हालत में पीजीआई चंडीगढ़ लाया गया था। पांच दिन तक पुलिस बयान दर्ज करने से बचती रही। उसके भाई ने पुलिस पर मामले को सीरियसली नहीं लेने और आरोपियों से साठगांठ करने का आरोप लगागया। दैनिक भास्कर ने इस बारे में आला अफसरों को बताया तो पुलिस ने पीजीआई पहुंच कर लड़की का बयान दर्ज किया।

नई दुनिया

आधी रात में भगाना पीड़ितों पर लाठीचार्ज

http://naidunia.jagran.com/national-brutal-attack-upon-dalits-converted-to-muslims-at-jantar-mantar-445114

धर्म परिवर्तन कर मुस्लिम बने भगाना पीड़ितों को जंतर-मंतर से भगाने के लिए दिल्ली पुलिस ने रविवार मध्यरात्रि में लाठीचार्ज कर दिया। इसमें छह लोगों को चोटें आई हैं। किसी का हाथ टूट गया है तो किसी का सिर फट गया है।

बचाव में आए योगेंद्र यादव के स्वराज अभियान के कार्यकर्ता भी पुलिस की लाठी का शिकार हुए हैं। वहीं, सोमवार को भगाना पीड़ितों को मनाने अखिल भारतीय हिंदू महासभा और शिवसेना के पदाधिकारी जंतर-मंतर पर पहुंचे। हालांकि, उनकी कोशिशें नाकाम रहीं।

भगाना पीड़ितों को जंतर-मंतर से हटने का दिल्ली पुलिस ने अल्टीमेटम दिया है। हालांकि, वह हटने को तैयार नहीं हैं। पीड़ितों ने आरोप लगाया कि सादे कपड़े और पुलिस की वर्दी में आए करीब छह पुलिस वालों ने उन्हें हटने को कहा। मना करने पर उनका सामान फेंकने लगे।

इस बीच, जंतर-मंतर पर धरने के लिए मंच बना रहे स्वराज अभियान के कार्यकर्ताओं ने बीच-बचाव का प्रयास किया तो पुलिसकर्मियों ने लाठीचार्ज कर दिया। इसमें सतीश काजला व उनके पिता महेंद्र काजला का हाथ टूट गया। जबकि मनीष का सिर फट गया है।

जगदीश व दीपक समेत अन्य लोगों को चोटें आई हैं। घायलों को स्वराज अभियान के कार्यकर्ता अपने निजी वाहन से राम मनोहर लोहिया अस्पताल ले गए। जहां सोमवार दोपहर बाद उनको छुट्टी दे दी गई।

बहिष्कार करने वालों पर दर्ज हो मुकदमा: पीड़ित

खाप पंचायत के बहिष्कार के फैसले से चिंतित पीड़ितों ने इसका एलान करने वालों पर कानूनी कार्रवाई की मांग की है। जंतर-मंतर पर धर्म परिवर्तन किए विरेंद्र सिंह बागोरिया ने कहा कि वैसे भी दलित होने के नाते वह पहले से ही बहिष्कृत हैं। फिर भी बहिष्कार का यह एलान दर्शाता है कि हरियाणा में कानून का राज नहीं है।

तो पाकिस्तान जाएं: मुंडे

शिवसेना दिल्ली के उपराज्य प्रमुख मंगत राम मुंडे ने कहा कि शिवसेना भगाना पीड़ितों की पूरी मदद करने को तैयार है। बशर्ते इसके पहले उन्हें घर वापसी करनी होगी। नहीं तो उन्हें पाकिस्तान चले जाना चाहिए।

राजस्थान  पत्रिका

निकाला जुलूस, जताया रोष

http://rajasthanpatrika.patrika.com/story/rajasthan/removed-procession-expressed-fury-1274760.html

आरटीआई कार्यकर्ता बाबूराम चौहान का अपहरण कर मारपीट करने व मूत्र पिलाने के मामले में अब तक हुई कार्रवाई से असंतुष्ट लोगों ने सोमवार को जैसलमेर में जुलूस निकालकर विरोध प्रदर्शन किया। 

घटना के विरोध में व सभी आरोपितों को गिरफ्तार करने की मांग को लेकर सुबह अंबेडकर पार्क में लोग जमा होने शुरू हो गए। इस दौरान यहां आयोजित सभा को विभिन्न वक्ताओं ने संबोधित किया। 

इसके बाद नारेबाजी करते हुए जुलूस अंबेडकर पार्क से रवाना हुआ जो गड़ीसर मार्ग, आसनी रोड, गोपा चौक, सदर बाजार, जिंदानी चौकी, कचहरी रोड, गांधी चौक, हनुमान चौराहा होते हुए कलक्ट्रेट के सामने पहुंचा और यहां विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान एक प्रतिनिधि मंडल जिला कलक्टर से मिला और उन्हें ज्ञापन सौंपा। 

ज्ञापन में बताया कि रामगढ़ निवासी आरटीआई कार्यकर्ता एवं प्रबोधक बाबूराम को मारने की नीयत से पूर्णतया योजनाबद्ध तरीके से अपहरण किया गया और अधिक मारपीट करने व हाथ-पैर तोडऩे के बाद उसे मृत समझकर चलती गाड़ी से नहर के किनारे फैंक दिया गया। 

इस संबध में मामला दर्ज कराने के बाद अभी तक केवल चार आरोपितों को ही गिरफ्तार किया गया। शेष नामजद आरोपितों एवं साजिश में शमिल व्यक्ति आज भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है। पीडि़त परिवार को उक्त प्रकरण में राजीनामा नहीं करने की स्थिति में इससे भी अधिक गंभीर परिणाम भुग़तने की धमकियां मिल रही है। 

सभी वर्गों को एकजुट होने का आह्वान रैली में मेघवाल समाज व अन्य दलित समाजों के बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। इससे पूर्व रैली को अम्बेडकर पार्क से रवाना करते हुए विभिन्न वक्ताओं ने भविष्य में ऐसी घटना नहीं होने के लिए समाज के सभी वर्गों को एकजुट होने का आग्रह किया गया। जिला प्रमख अंजना मेघवाल ने इस मामले में सहयोग का भरोसा दिलाया।

पीडि़त बाबूराम ने भी लिया भाग

रैली में पीडि़त बाबूराम चौहान ने पूर्ण रुप से स्वस्थ नहीं होने के बावजूद भाग लिया। इस दौैरान जिला प्रमुख अंजना मेघवाल, कांग्रेस अध्यक्ष रावताराम, रामजीराम, धुड़ाराम ईणखियां, देशलाराम, डलाराम, चेलूराम, जोधाराम, तगाराम, प्रदीप राठौड़, हरीश धनदेव, मुकुल धनदेव, नेमाराम पन्नु, श्रवण रामगढ़़, सुभाष जयपाल, बालाराम धनदेव, अमृत धनदेव सहित बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए।  

यह है मांगे

 – पहचाने गए आरोपितों में से शेष 3 एवं अन्य आरोपितों की हो गिरफ्तारी

 – वारदात की वजह क्या रही ? इसकी जांच की जाए। 

 – पीडि़त बाबूराम के परिवार को पूर्ण सुरक्षा उपलब्ध कराई जाए। 

 – पीडि़त का स्थानांतरण राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय रणाऊ से शहीद रमणलाल मेघवाल राजकीय प्राथमिक विद्यालय रामगढ़ द्वितीय में किया जाए।

हरिभूमि

चंबल की रानी का जन्मदिन आज, जानिए फूलन देवी से बैंडिट क्वीन बनने तक की पूरी कहानी

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 आज हम आपको एक ऐसी लेडी के बारे में बताने जा रहे हैं  जिसने ना जाने कितने अत्याचार, यातनाएं झेली और जेल भी गई । लेकिन महिलाओं के लिए एक मिसाल बन गई। जी हां…आज हम बात कर रहे है चंबल की रानी फूलन देवी के बारे में और ये भी बताएंगे कि आखिर कैसे बनी फूलन देवी “बैंडिट क्वीन” और फिर कैसे बनी राजनीति का हिस्सा, जानिए हमारी आज की खास रिपोर्ट में।  

फूलन देवी यानी बैंडिट क्वीन का जन्म 1963 में उत्तर प्रदेश के जालौन जिले के गोहरा के पुरवा गांव में हुआ था। मल्लाह जाति की फूलन को बचपन से ही सवर्ण जाति के लोगों के शोषण का शिकार होना पड़ा। महज 11 साल की उम्र में उसकी शादी 30 साल के पुत्ती लाल से कर दी गई। पुत्ती लाल उससे अमानवीय व्यवहार करता था। तंग आकर वह भागकर अपने मायके चली आई। यहां एक दिन मुखिया के बेटे ने अपने साथियों के साथ उसके घर में घुसकर बंदूक की नोक पर गैंगरेप किया। बहुत तरह की प्रताड़ना और कष्ट झेलने के बाद फूलन देवी का झुकाव डकैतों की तरफ हुआ था। धीरे धीरे फूलनदेवी ने अपने खुद का एक गिरोह खड़ा कर लिया और उसकी नेता बनीं। 

गिरोह बनाने से पहले गांव के कुछ लोगों ने कथित तौर पर फूलन के साथ दुराचार किया। इसी का बदला लेने की मंशा से फूलन ने बीहड का रास्‍ता अपनाया। डकैत गिरोह में उसकी सर्वाधिक नजदीकी विक्रम मल्‍लाह से रही। माना जाता है कि पुलिस मुठभेड में विक्रम की मौत के बाद फूलन टूट गई। आमतौर पर फूलनदेवी को डकैत के रूप में की तरह गरीबों का पैरोकार समझा जाता था। 

बता दे कि 22 दिन तक 22 ठाकुरों ने फूलन देवी के साथ गैंगरेप किया। सबसे पहली बार (1981) में वे राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय सुर्खियों में तब आई जब उन्होने ऊँची जातियों के 22 लोगों का एक साथ नरसंहार किया। जिन्होने रेप किया था । लेकिन बाद में उन्होने इस नरसंहार से इन्कार कर दिया था। बाद में उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश सरकार तथा प्रतिद्वंदी गिरोहों ने फूलन को पकड़ने की बहुत सी नाकाम कोशिशे की। इंदिरा गाँधी की सरकार ने (1983) में उनसे समझौता किया की उसे (मृत्यु दंड) नहीं दिया जायेगा और उनके परिवार के सदस्यों को कोई नुकसान नहीं पहुँचाया जायेगा और फूलनदेवी ने इस शर्त के तहत अपने दस हजार समर्थकों के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया।

बिना मुकदमा चलाये ग्यारह साल तक जेल में रहने के बाद फूलन को 1994 में मुलायम सिंह यादव की सरकार ने रिहा कर दिया। ऐसा उस समय हुआ जब दलित लोग फूलन के समर्थन में गोलबंद हो रहे थे और फूलन इस समुदाय के प्रतीक के रुप में देखी जाती थी। फूलन ने अपनी रिहाई के बौद्ध धर्म में अपना धर्मातंरण किया। 1996 में फूलन ने उत्‍तर प्रदेश के भदोही सीट से (लोकसभा) का चुनाव जीता और वह संसद पहुँची। 25 जुलाई सन 2001 को दिल्ली में उनके आवास पर फूलन की हत्या कर दी गयी। उसके परिवार में सिर्फ़ उसके पति उम्मेद सिंह हैं।

दैनिक जागरण

भगाना कांड को गंभीरता से लेगी हरियाणा सरकार

http://www.jagran.com/haryana/panchkula-12723031.html

हरियाणा सरकार भगाना में दलित उत्पीड़न की घटना और उनके धर्म परिवर्तन पर गंभीर है। राज्य के स्वास्थ्य एवं खेल मंत्री अनिल विज और परिवहन व आवास मंत्री कृष्ण लाल पंवार ने कहा कि सरकार पूरी स्थिति पर निगाह रखे हुए है। स्वास्थ्य मंत्री विज ने कहा कि धर्म परिवर्तन करना किसी समस्या का समाधान नहीं है। यदि कोई स्वेच्छा से करना चाहे तो उसकी मर्जी, लेकिन किसी लालच, दबाव और उत्पीड़न के तहत धर्म परिवर्तन को स्वीकार नहीं किया जा सकता। राज्य सरकार पूरे मामले पर निगाह रखे हुए है।

विज ने कहा कि यह भी पिछली हुड्डा सरकार की लापरवाही से जुड़ा मामला है। पिछली सरकार ने भगाना के दलित समुदाय के लोगों को न्याय नहीं दिया, जिस कारण वे आंदोलन पर उतर आए हैं। प्रदेश के परिवहन एवं आवास मंत्री कृष्ण पंवार ने कहा कि राज्य में सामंजस्य बनाए रखना सरकार की जिम्मेदारी है और हम इसे लेकर गंभीर है। जो लोग पलायन कर रहे, उनकी वापसी के लिए राज्य सरकार गंभीर प्रयास करेगी।

News Monitored by Kuldeep Chandan & Kalpana Bhadra

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