दलित मीडिया वाच – हिंदी न्यूज़ अपडेट 08.08.15

मजदूरी मांगने पर दलितों को पीटा – दैनिक जागरण

http://www.jagran.com/uttar-pradesh/jalaun-12706050.html

घायल गर्भवति को अस्पताल में दाखिल नहीं करने पर लगाया जाम – दैनिक जागरण

http://www.jagran.com/punjab/gurdaspur-12706673.html

संगीनों के साए में अदा हुई जुम्मे की नमाज – दैनिक जागरण

http://www.jagran.com/uttar-pradesh/ballia-12706329.html

सल्लागढ़ में सफाई व्यवस्था चरमराई – दैनिक जागरण

http://www.jagran.com/haryana/palwal-12707026.html

छतरमा में डायरिया का प्रकोप,16 पीड़ित – दैनिक जागरण

http://www.jagran.com/uttar-pradesh/ghazipur-12704314.html

शिक्षा के विकास को ले संकल्पित हैं कृष्णमोहन – दैनिक जागरण

http://www.jagran.com/bihar/khagaria-12709611.html

खीरीकोठा प्राथमिक विद्यालय में एमडीएम का मामला – अमर उजाला

http://www.amarujala.com/news/city/mau/poor-eating-complained-hindi-news/

जाटव अधिवक्ता सभा ने किया प्रदर्शन – अमर उजाला

http://www.jagran.com/uttar-pradesh/ghaziabad-12706744.html

दलित उत्पीड़न पर गुस्सा, सौंपा ज्ञापन – दैनिक जागरण

http://www.jagran.com/uttar-pradesh/hathras-12709259.html

उधमपुर आतंकी हमला: देश की रक्षा के लिए शहीदरॉकी ने तोड़ा रक्षाबंधन का वादा – जनसत्ता

http://www.jansatta.com/national/udhampur-martyr-rocky-break-his-promise-for-country/35227/

वाराणसी जेल का कैदी बना इग्नू का नेशनल टॉपर, गोल्‍ड मेडल से आज होगा सम्‍मानित न्यूज़ 18

http://hindi.news18.com/news/uttar-pradesh/varanasi-jail-inmate-is-ignou-course-national-topper-526518.html

कभी की थी सुसाइड की कोशिश, आज है करोडों की मालकिन – पंजाब केसरी

http://www.punjabkesari.in/news/article-384805

Please watch :

The Siddi, an African Community in India

https://www.youtube.com/watch?v=UD7sp-L9lUk

दैनिक जागरण

मजदूरी मांगने पर दलितों को पीटा

http://www.jagran.com/uttar-pradesh/jalaun-12706050.html

जालौन, संवाद सहयोगी : मजदूरी के पैसे मांगने पर दबंग प्रधान ने दलित महिलाओं सहित परिवार को लहूलुहान कर दिया। घटना की रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए प्रार्थना पत्र दे दिया गया है।

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ग्राम पहाड़पुरा निवासी गंगा देवी पत्नी स्वर्गीय प्रयाग नारायण दोहरे व उनकी पुत्र वधू सुमन तथा पुत्र गोपाल दोहरे सहित पूरा परिवार खून से लथपथ हालत में कोतवाली पहुंचा और पुलिस को प्रार्थना पत्र देकर आरोप लगाया कि वह खड़ंजा बिछाने की मजदूरी मांगने गया था। मजदूरी न देने पर बात विवाद हो गया जिससे नाराज होकर ग्राम प्रधान पति कमल ¨सह चौहान अपने साथियों के साथ उसके घर आया और जमकर मारपीट की। पुलिस ने घायलों को डाक्टरी परीक्षण के लिए भेज दिया है। अभी तक मुकदमा दर्ज नहीं किया गया था।

दैनिक जागरण

घायल गर्भवति को अस्पताल में दाखिल नहीं करने पर लगाया जाम

http://www.jagran.com/punjab/gurdaspur-12706673.html

बटाला : मालिक द्वारा घायल की गई घरेलू नौकरानी को इलाज के लिए सिविल अस्पताल में दाखिल नहीं किए जाने से गुस्साए वामपंथियों ने गाधी चौक में चक्का जाम कर प्रदर्शन किया व प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।

इस मौके पर पंजाब निर्माण यूनियन के उपप्रधान जगीर ¨सह ने बताया कि गाव कोटला शर्फ की रहने वाली दलित महिला प्रवीण पत्‍‌नी सर्वजीत जो गाव के ही एक रशूखदार के घर काम करती है, ने वीरवार देर शाम उसने घर मालिक से कुछ पैसे मागे। मालिक ने पैसे देने से इंकार करते हुए महिला को भलाबुरा कहा और पिटाई कर दी।

महिला पांच माह की गर्भवती है। उसे इलाज के लिए सिविल अस्पताल लाया गया तो डाक्टरों ने उसका इलाज करने से इंकार कर दिया। जिस पर वह वापिस गाव चली गई। शुक्रवार सुबह पता चलने पर इसके विरोध में चक्का जाम कर प्रदर्शन किया। सूचना मिलने पर डीएसपी सिटी जसविंदर ¨सह मौके पर पहुचे और उन्होने प्रदर्शनकारियों किसी तरह शांत किया। घायल महिला को अस्पताल भेज कर दाखिल करवाया।

इस अवसर पर यूनियन के ब्लाक प्रधान परमजीत ¨सह, सिटी सतनाम ¨सह, देहाती सभा के प्रधान गुरनाम ¨सह सरूपवाली, संधा, शिवसेना नेता कमल वर्मा और बलबीर भट्टी आदि मौजूद थे।

दैनिक जागरण

संगीनों के साए में अदा हुई जुम्मे की नमाज

http://www.jagran.com/uttar-pradesh/ballia-12706329.html

बिल्थरारोड (बलिया): नगर में दलित युवक की हत्या व उपद्रव के तीसरे दिन शुक्रवार को भी दहशत व तनाव का माहौल तारी रहा। बवाल की आशंका को देखते हुए पुलिस की कड़ी चौकसी में नगर की विभिन्न मस्जिदों में जुम्मे की नमाज अदा की गई। वहीं पुलिस कहर व गिरफ्तारी के भय से दलित बस्ती में सन्नाटा पसरा रहा। नगर की जामा मस्जिद पर पुलिस व पीएसी पूरी तरह से मुस्तैद रही। वहीं मृतक के घर के समीप स्थित मस्जिद के समीप भी पीएसी, उभांव थानाध्यक्ष नन्हें राम सरोज व एसडीएम रामानुज ¨सह की निगरानी में नमाज अदा हुई। हालांकि यहां नमाजियों की संख्या कम ही रही। जुम्मे की नमाज को लेकर प्रशासन पहले से ही सतर्क था। एसपी राजूबाबू ¨सह ने सुरक्षा व्यवस्था की कमान स्वयं संभाली और अपनी निगरानी में जुम्मे की नमाज शांतिपूर्वक संपंन कराया।

नगर के बिचला पोखरा, रोडवेज, रेलवे स्टेशन, बिठुआ मोड़, मधुबन मार्ग, तिमुहानी आदि स्थानों पर पीएसी लगातार चौकसी करती रही। वहीं पूरे दिन पुलिस प्रशासन की गाड़ियां हूटर बजाते सड़कों पर लगातार दौड़ती रहीं।

पटरी पर लौटने लगी बिल्थरारोड की जिंदगी हत्या व बवाल के बाद नगर में पुन: ¨हसा व टकराव की आशंकाओं के बीच घटना के तीन दिन बाद नगर की ¨जदगी धीरे-धीरे पटरी पर लौटने लगी है। शुक्रवार को दोपहर तक नगर के मुख्य बाजार व रोडवेज के समीप की अधिकांश दुकानें खुल गईं, ¨कतु सराफा दुकान व अन्य बड़े व्यापारिक प्रतिष्ठानों के शटर नहीं उठ सके।

बवाल की आशंका पर लगा विराम

नमाज शांतिपूर्वक अदा होने के साथ ही नगर में बवाल व टकराव की आशंका पर पूरी तरह से विराम लग गया। पुलिस की अभेद्य सुरक्षा व्यवस्था के कारण नगर में पूरी तरह से शांति रही। इसे पुलिस अपनी बड़ी उपलब्धि

मानते हुए नगर में अब पूरी तरह से सामान्य स्थिति होने का दावा कर रही है।

पुलिसिया चूक की जांच को गठित हुई टीम

एसपी राजूबाबू ¨सह ने बताया कि नगर के दलित युवक का अपहरण कर उसकी हत्या करने एवं उसके बाद नगर में बवाल, उपद्रव व ¨हसा की घटना में सीयर पुलिस चौकी के चूक की जांच हेतु टीम गठित कर दी गई है। सीओ सिकंदरपुर के नेतृत्व में गठित टीम को तीन दिन में जांच रिपोर्ट देने का निर्देश दिया गया है।

दैनिक जागरण

सल्लागढ़ में सफाई व्यवस्था चरमराई

http://www.jagran.com/haryana/palwal-12707026.html

संवाद सहयोगी, पलवल : दलित बाहुल्य बस्ती सल्लागढ़ में चरमराई सफाई व्यवस्था को लेकर कोली समाज विकास समिति ने शुक्रवार को नगराधीश कमल प्रीत कौर को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन समिति के प्रधान रंगलाल तंवर व महासचिव विनीत रावत के नेतृत्व में सौंपा गया।

ज्ञापन में कहा गया है कि दलित बाहुल्य बस्ती सल्लागढ़ में सफाई व्यवस्था पूरी तरह चरमराई हुई है। अलीगढ़ पुल के नीचे राजकीय उच्च विद्यालय के द्वार के साथ-साथ सड़क पर कूड़े व गंदगी के ढेर लगे हैं। पिछले करीब 20 दिनों ने सफाई नहीं हुई है। बारिश के बाद तो गंदगी के ढेरों से बदबू उठने लगी है, जिससे स्कूली बच्चों को कक्षाओं में बैठना भी मुश्किल हो गया है। बच्चे बीमारियों का शिकार हो रहे हैं।

गंदगी के ढेरों पर कई बार मृत पशुओं के भी शव पड़े रहते हैं। ज्ञापन में कहा गया है कि गंदगी के ढेरों को हटवाने के लिए दर्जनों बार नगर परिषद व अन्य अधिकारियों से शिकायत की गई है, लेकिन प्रशासन ने इस ओर ध्यान नहीं दिया है। 15 अगस्त को स्कूल के साथ बने पार्क में स्वतंत्रता दिवस समारोह आयोजित किया जा रहा है। उससे पहले यदि गंदगी नहीं उठाई गई तो लोगों को विवश होकर आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ेगा। ज्ञापन देने वालों में महेंद्र ¨सह रावत, परमाल डागर, पतराम डागर, ओमी मुख्य थे।

दैनिक जागरण

छतरमा में डायरिया का प्रकोप,16 पीड़ित

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धर्मागतपुर (गाजीपुर) : जखनियां ब्लाक क्षेत्र के छतरमा गांव की दलित बस्ती में डायरिया के प्रकोप से हालत बिगड़ गयी है। एक सप्ताह से डायरिया की मार झेल रहे करीब डेढ़ दर्जन लोगों का उपचार निजी अस्पतालों में किया जा रहा है। एक हालत नाजुक होने पर उसे मऊ के लिए रेफर किया गया है। हैंडपंप का गंदा पानी ही डायरिया फैलने का कारण बताया जा रहा है। गुरुवार को मोबाइल के जरिए जब ग्रामीणों ने सीएमओ को सूचना दी तो उसके बाद मेडिकल टीम बस्ती में आई और पीड़ितों का इलाज शुरू किया।

दरअसल बस्ती के बीच सरकारी इंडिया मार्का दो हैंडपंप लगाए गए हैं। इन्हीें दोनों हैंडपंपों पर दर्जनों परिवार पेयजल के लिए आश्रित हैं। पानी निकासी की व्यवस्था नही होने से आसपास कीचड़ हो गया है। कीचड़ से बराबर बदबू आती रहती है। इसी में बारिश का होना कोढ़ में खाज की तरह काम करता है। बस्ती वासियों ने कई बार विभागीय व प्रशासनिक अधिकारियों के यहां गुहार लगाई लेकिन सुनवाई नहीं हुई। उसी का नतीजा यह कि कई परिवार डायरिया की चपेट में आ गए। 40 वर्षीय अशोक पुत्र राम रूप की हालत गंभीर होने पर घर वाले कर्ज लेकर उसे इलाज के लिए मऊ लेते गये।

गांव में पहुंची चिकित्सकीय टीम में डा. उमेश नरायण उपाध्याय, लक्ष्मण प्रसाद, एएनएम मीरा ¨सह, राजेश यादव, संजय कुमार, कुंवर वीरेन्द्र बहादुर ¨सह ने पीड़ितों का इलाज शुरू किया। साथ ही उल्टी दस्त होने पर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र धर्मागतपुर आने की सलाह दी। साफ सफाई पर ध्यान एवं ताजा एवं हल्का भोजन करने की भी सलाह दी।..और ये हैं पीड़ितडायरिया की चपेट में आने वालों में अशोक (40), विजय (20), विपिन (10), प्रियंका (17), बबलू (28), अभिषेक (04), अंकेश कुमार (14), राजा (10), कमली (45), मन्नू (30), अर्जुन (20), रामाकान्त (30), खुशबू (10), जई (8), श्वेता (12), पूनम (28) शामिल हैं।

दैनिक जागरण

शिक्षा के विकास को ले संकल्पित हैं कृष्णमोहन

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संजीव सौरभ, खगड़िया: छात्र जीवन में पढ़ाई के प्रति लोगों का जुनून रहता है और यही उन्हें मुकाम तक पहुंचाता है। इसी दौर में भूकंप और भागलपुर दंगा पीड़ितों की व्यथा देखकर शहर से सटे सन्हौली के कृष्णमोहन सिंह उर्फ मुन्ना जी ने शिक्षा का रास्ता बदलकर समाज सेवा शुरू कर दिया।

कैसे आया शिक्षा सुधार का जुनून

अर्थशास्त्र से एमए व एलएलबी कर चुके कृष्णमोहन सिंह उर्फ मुन्ना जी वर्ष 1988-89 में भागलपुर दंगा और भूकंप पीड़ितों की व्यथा देख सिहर उठे। तभी समता ग्राम सेवा सदन संस्थान से जुड़कर सेवा का काम शुरू किए। राहत वितरण का काम किया और लोगों की सेवा करते हुए खुद को शिक्षा के विकास में समर्पित कर दिया। वर्ष 1990-91 में कटिहार जाकर भूमिहीनों के बीच सांस्कृतिक कार्यक्रमों के द्वारा जन जागरुकता और शिक्षा को बढ़ावा दिया। शिक्षा को बढ़ावा दिए जाने की दिशा में उठाया गया उनका कदम फिर से पीछे नहीं हटा।

वर्ष 1992-93 में मुन्ना जी ने जिला के असाक्षरों के बीच समता ग्राम सेवा संस्थान के माध्यम से 18 वर्ष से अधिक उम्र के निरक्षर युवक-युवतियों को साक्षर करने की शुरुआत किया। समता ग्राम सेवा संस्थान के जिला समन्वयक के रूप में कार्य करते हुए खगड़िया जिला के कोने-कोने में उन्होंने ऐसे युवाओं को ढूंढकर शिक्षा देना शुरू किया। वर्ष 2004 में आई बाढ़ के बाद खगड़िया के भूले-भटके बच्चों को बाल गतिविधि केंद्र खोलकर उनका मानसिक व शैक्षणिक विकास किया। वर्ष 2007 में आई बाढ़ के बाद सेव द चिल्ड्रेन के सहयोग से जिला के ध्वस्त विद्यालय व शौचालयों का निर्माण करवाया। जिला के 20 विद्यालयों को चाइल्ड फ्रेंडली स्कूल बना कर उसमें झूला व बच्चों के लिए महत्वपूर्ण अन्य व्यवस्थाएं की। बच्चों की शिक्षा के दिशा में समर्पण का भाव ही उन्हें जिला में एक पहचान दिला दी। बेलदौर क्षेत्र में आज भी लोग उन्हें काफी सम्मान देते हैं। जहां 2008 में आई बाढ़ के बाद 24 विद्यालय को चाइल्ड फ्रेंडली स्कूल बना कर बेसहारा बच्चों को सांस्कृतिक माहौल में शिक्षा के प्रति पुन: प्रेरित किया।

उस वक्त कांप उठा था हृदय

कृष्णमोहन सिंह का उस वक्त हृदय कांप उठा था जब वर्ष 2007 में बाढ़ के बाद अंबा(अलौली) में एक 8 वर्षीय बालक बाढ़ की विभीषिका को देख कर सदमे में आ गया था। गुमसुम बैठे रहता था। अपने प्रयास से मुन्ना जी ने उसे शिक्षा व्यवस्था से जोड़ा। आज वह बालक पढ़ाई कर रहा है। अभी कृष्ण मोहन सिंह किसान विकास ट्रस्ट के खगड़िया संघटक के रूप में कार्य करते हुए शैक्षणिक सुधार के दिशा में काम कर रहे हैं।

‘इस वक्त दलित व महादलित बच्चों की शिक्षा पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। तमाम प्रयासों के बाद भी इनके शैक्षणिक स्तर में बहुत सुधार नहीं हो सका है। इस वर्ग के शैक्षणिक उत्थान ही अब मेरा पहला उद्येश्य है।’

कृष्णमोहन सिंह उर्फ मुन्ना जी, सामाजिक कार्यकर्ता

अमर उजाला

खीरीकोठा प्राथमिक विद्यालय में एमडीएम का मामला

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क्षेत्र के खीरीकोठा स्थित प्राथमिक विद्यालय पर शुक्रवार को अभिभावकों ने एमडीएम को लेकर जमकर बवाल किया। अभिभावकों ने आरोप लगाया कि इस विद्यालय में बच्चों को मध्याह्न भोजन के नाम पर घटिया खाना परोसा जा रहा है। जिससे बच्चों की सेहत भी खराब हो सकती है। इस दौरान स्कूल के शिक्षकों ने भोजन की गुणवत्ता बढ़ाने का आश्वासन दिया तब जाकर मामला शांत हुआ।

सुल्तानपुर  बारहगांवा में खीरीकोठा के दलित बस्ती से सटे प्राथमिक विद्यालय में 186 बच्चे पंजीकृत हैं। अभिभावकों को कई दिन से शिकायत मिल रही थी कि स्कूल में एमडीएम में घटिया खाना मिल रहा है।

आखिरकार शुक्रवार को अभिभावकों का धैर्य जवाब दे गया। शुक्रवार को 123 बच्चे उपस्थित थे। मीनू के अनुसार इस दिन एमडीएम में तहरी देना था। बच्चों को जैसे ही तहरी परोसी गई उनमें से कुछ बच्चे उसे घर लेकर चले गए।

तहरी देखकर अभिभावक भड़क उठे और तुरंत स्कूल पहुंचे और हंगामा करने लगे। इस दौरान अभिभावक राम प्रवेश, संतोष, बृजेश, लल्लन, झिल्लुर, राजकुमार, हरिंदर, राजेश, बेचू आदि का कहना था की आए दिन भोजन मानक के अनुरूप नहीं बनता है। कभी दाल में पानी की मात्रा ज्यादा रहती है तो कभी चावल घटिया किस्म का रहता है।

तहरी में दाल की मात्रा नहीं के बराबर थी तो तहरी में पड़ा आलू कच्चा था। हल्दी भी ठीक मात्रा में नहीं  है। आए दिन खराब खाना दिए जाने से बच्चे बीमार रहते हैं। इस दौरान शिक्षकों और अभिभावकों में नोकझोंक भी होने लगी।

लेकिन कुछ शिक्षकों ने उन्हें समझाया और भोजन की गुणवत्ता बढ़ाने का आश्वासन दिया तब जाकर अभिभावक माने और मामला शांत हुआ। इस संबंध में विद्यालय के प्रधानाध्यापक मनमोहन पांडेय ने कहा मध्याह्न भोजन में खराबी की शिकायत लेकर कुछ अभिभावक आए थे उन्हें समझा दिया गया है।

इस बात की जांच भी कराई जाएगी और घटिया खाना मिला तो ग्राम प्रधान से कहकर भोजन की गुणवत्ता पर ध्यान दिया जाएगा। 

अमर उजाला

जाटव अधिवक्ता सभा ने किया प्रदर्शन

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दलितों की जमीन किसी भी व्यक्ति को खरीदने का अधिकार दिए जाने के विरोध में शुक्रवार को जाटव अधिवक्ता हितकारिणी सभा ने कलक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा।

प्रदर्शनकारियों ने सपा सरकार द्वारा जमींदारी विनाश एवं भूमि अधिनियम में संशोधन विधेयक लाने और अधिनियम की धारा 157 क 1 को खत्म किए जाने का विरोध किया। अधिवक्ताओं ने आरोप लगाया कि दलित समुदाय के लोगों के पास पहले से ही भूमि नहीं हैं कुछ लोगों के पास थोड़ी जमीन है लेकिन नए नियम के बाद अब वह भी भूमिहीन हो जाएंगे। यह संशोधन प्रदेश सरकार का अनुसूचित के दमन का तरीका है। ज्ञापन सौंपने वालों में नीरज कुमार, अनिल कुमार, जितेंद्र ¨सह, सुभाष चंद्रा, अमित एडवोकेट, राजवीर सिहं, प्रशांत कुमार शामिल थे।

दैनिक जागरण

दलित उत्पीड़न पर गुस्सा, सौंपा ज्ञापन

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हाथरस : बसपा ने दलितों के साथ हो रही घटनाओं पर आक्रोश व्यक्त किया। मीरपुर में घटना को अंजाम देने वाले दबंगों की तत्काल गिरफ्तारी व झूठी रिपोर्ट को निरस्त करने की मांग की गई है।

बसपा के जिलाध्यक्ष दिनेश कुमार देशमुख, ब्लॉक प्रमुख रामेश्वर उपाध्याय के नेतृत्व में बसपा प्रतिनिधि मंडल शुक्रवार को डीएम शमीम अहमद खान से मिला। उन्होंने दलितों के उत्पीड़न के मामले पर पुलिस की संवेदनहीनता पर सवाल उठाए। ज्ञापन में कहा है कि एक विशेष समाज के लोगों ने दलित समाज के लोगों के साथ मारपीट, तमंचे से फाय¨रग करते हुए उनके घरों में आग लगा दी।

चिकित्सकीय परीक्षण में भी सही तथ्य नहीं दर्शाए गए। अगर रिपोर्ट निरस्त नहीं किया गया तो बसपा कलक्ट्रेट पर धरना-प्रदर्शन करने को बाध्य होगी। ज्ञापन देने वालों में ब्रजमोहन राही, मंडल कार्डीनेटर, रामवती बघेल, जिला पंचायत अध्यक्ष, बनी ¨सह बघेल, केसी निराला, मुकेश दीक्षित, इंद्रजीत ¨सह, राजू वाल्मीकि, ओंकार ¨सह वर्मा, लवकुश शर्मा, सत्यप्रकाश शर्मा आदि शामिल हैं।

जनसत्ता

उधमपुर आतंकी हमला: देश की रक्षा के लिए शहीदरॉकी ने तोड़ा रक्षाबंधन का वादा

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‘मां और पिता का ख्याल रखना। उन पर काम का ज्यादा बोझ न डालना। हां, अपनी पढ़ाई और परीक्षा का भी ध्यान रखना’। ये वो शब्द थे जो उधमपुर के आतंकी हमले में शहीद बीएसएफ के जवान रॉकी ने बड़े भाई रोहित से फोन पर आखिरी बातचीत में सोमवार की रात कहे थे। रॉकी की बहन रोते हुए कह रही थी कि भाई ने राखी पर घर आने का वादा किया था। देश से किए वादे को पूरा करने के लिए वे अपनी बहन से किया वादा पूरा नहीं कर पाए।

रॉकी का शुक्रवार को उनके पैतृक गांव यमुनानगर जिले के रामगढ़ माजरी में पूरे राजकीय सम्मान के साथ ‘शहीद अमर हो’ के नारों के बीच अंतिम संस्कार कर दिया गया। उनकी चिता को भाई रोहित ने अग्नि दी। इस मौके पर बीएसएफ महानिरीक्षक (डीआइजी) एके गुलिया, जिला और पुलिस प्रशासन के अधिकारी भी मौजूद थे। हरियाणा विधानसभा के अध्यक्ष कंवरपाल सिंह ने शहीद को श्रद्धांजलि दी। सिंह के अलावा कोई अन्य वरिष्ठ नेता या सरकार के लोग वहां मौजूद नहीं थे।

Rakhi

रोहित ने बताया कि बुधवार को परिवार को सूचना मिली कि रॉकी ने आतंकवादियों से लोहा लेते हुए देश के लिए अपने प्राण न्योछावर कर दिए हैं। उनके मुताबिक, ‘हमें बताया गया कि उन्होंने कई साथियों की जान बचा ली और आतंकवादियों से मुकाबला करते हुए अपने प्राणों की बाजी लगा दी। परिवार के लिए दुख भरी सूचना थी हालांकि हमें गर्व भी महसूस हुआ कि हमारे भाई ने देश के लिए अपनी जान कुर्बान कर दी’। रोहित ने कहा कि मां ने अपना बेटा खो दिया लेकिन परिवार के सदस्य जब देश की दृष्टि से देखते हैं तो बहुत गर्व महसूस करते हैं। ‘उसने बहुत से लोगों की जान बचा ली और अपनी परवाह नहीं की।’

पांच अगस्त को जब गोला बारूद से लैस दो आतंकवादियों ने उधमपुर के पास श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग पर बीएसएफ की टुकड़ी पर हमला किया था तो रॉकी ने जवाबी फायरिंग कर उन्हें उलझाए रखा। उनकी गोली से एक आतंकवादी मारा गया। रॉकी के कारण 44 बीएसएफ जवानों की जान बच गई जिनके पास हथियार भी नहीं थे और बस में सवार थे। रॉकी को मुकाबले के दौरान गोलियां लगीं और वे शहीद हो गए। उनकी पार्थिव देह गुरुवार को यमुनानगर लाई गई थी।

एक दलित परिवार में जन्मे रॉकी के पिता प्रीत पाल और मां अंग्रेजो छोटी किसानी करके गुजारा चलाते हैं। रॉकी की पार्थिव देह जैसे ही घर पहुंची मां की रुलाई फूट गई। गांव के लोग वहां जमा हो गए और रॉकी के दुखी परिजनों को संभाला। रॉकी बीएससी कर रहे थे। लेकिन 2012 में बीएसएफ में बहाली के बाद पढ़ाई छोड़ दी। उनकी पहली पोस्टिंग जम्मू कश्मीर में हुई।

रोहित ने बताया कि रॉकी उनसे छोटे थे, लेकिन उनमें ज्यादा समझदारी थी और उन्हें भी सलाह दिया करते थे। ‘वह हमेशा मुझे एसएससी की परीक्षा के लिए प्रेरित करता रहता था। अभी जून में ही वह 15 दिन की छुट्टी पर आया था और कह गया था कि दीवाली तक घर की मरम्मत कर देंगे’। भाई के मुताबिक रॉकी को फिल्में देखना अच्छा लगता था और ‘टैंगो चार्ली’ उसकी पसंदीदा फिल्म थी।

रॉकी के परिजनों ने जिला प्रशासन से आग्रह किया है कि गांव में शहीद रॉकी की प्रतिमा स्थापित की जाए और उनके नाम से गेट बनाया जाए। साथ ही गांव को आदर्श गांव का दर्जा दिया जाए। इस बीच हरियाणा सरकार ने रॉकी के एक परिजन को नौकरी देने का एलान किया है। शहीद के परिवार को 20 लाख रुपए भी दिए जाएंगे।

न्यूज़ 18

वाराणसी जेल का कैदी बना इग्नू का नेशनल टॉपर, गोल्‍ड मेडल से आज होगा सम्‍मानित

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वाराणसी की जेल के एक कैदी ने एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है. 23 साल की उम्र में गैर इरातन हत्‍या के इस दोषी ने इंदिरा गांधी ओपन यूनिवर्सिटी (इग्‍नू) के एक डिप्‍लोमा कोर्स में राष्‍ट्रीय स्‍तर पर टॉप किया है. डिप्‍लोमा इन टूरिज्‍म स्‍टडीज में इस कैदी ने वाराणसी सेंट्रल जेल से ही पढ़ाई की और राष्‍ट्रीय स्‍तर पर टॉप किया. यह कोर्स एक साल का है.

अपराधी अजीत कुमार सरोज को शनिवार को बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी लाया जाएगा, जहां कुलपति उसे गोल्‍ड मेडल से सम्‍मानित करेंगे. आपको बता दें कि अजीत अकेला ऐसा दलित छात्र है जिसे वाराणसी की इग्‍नू शाखा से गोल्‍ड मेडल मिलेगा. वाराणसी की इग्‍नू शाखा में 20 जिले हैं, जिनमें तकरीबन 6000 छात्र पढ़ रहे हैं. अजीत अकेला ऐसा छात्र है, जिसने गोल्‍ड मेडल हासिल किया है.

इग्‍नू की वाराणसी शाखा के निदेशन एएन त्रिपाठी का कहना है कि यह एक अद्वितीय उपलब्धि है, क्‍योंकि आज तक ऐसा इग्‍नू के इतिहास में ऐसा नहीं हुआ है. जहां तक मुझे जानकारी है इग्‍नू के इतिहास में दूर-दूर तक ऐसा सुनने में नहीं आया है. हम 8 अगस्‍त को अजीत को बीएचयू कैंपस में बुला रहे हैं, जहां दीक्षांत समारोह के दौरान उसे गोल्‍ड मेडल से सम्‍मानित किया जाएगा. उन्‍होंने कहा कि वाराणसी से गोल्‍ड मेडल पाने वाले अजीत इकलौता छात्र है.

उन्‍होंने बताया कि इग्‍नू ने अजीत का बायोडाटा भी तैयार कर लिया है जो उसे गोल्‍ड मेडल देने से पहले पढ़कर सुनाया जाएगा. इग्‍नू के मुताबिक, अजीत जब आज से ढाई साल पहले गैर इरादतन हत्‍या के मामले में दोषी पाया गया था, तभी उसने अलग-अलग कोर्स की पढ़ाई शुरू कर दी थी.

डिप्‍लोमा इन टूरिज्‍म स्‍टडीज (डीटीएस) में दाखिला लेने से पहले अजीत मानवाधिकार, आपदा प्रबंधन, एनजीओ मैनेजमेंट और खाद्य और पोषण जैसे डिप्‍लोमा कोर्स कर चुका था. और इन सभी में उसने 65 प्रतिशत से अधिक अंक हासिल किए थे.

त्रिपाठी का कहना है कि अजीत नैनी, वाराणसी और गोरखपुर जेलों के कैदियों के लिए ए‍क मिसाल है. वाराणसी जेल के जेलर और इग्‍नू के जेल कोडिनेटर बीएन मिश्रा ने बताया कि अजीत जौनपुर का रहने वाला है और 2012 में गैर इरादतन हत्‍या के आरोप में यहां आया था. तब वह जौनपुर में ही बीएसी प्रथम वर्ष का छात्र था.

उन्‍होंनेबताया कि गांव में ही एक जमीनी विवाद के चलते एक झगड़ा हुआ, जिसमें उसके पड़ोसी राजेंद्र की मौत हो गई. राजेंद्र की गैर इरादतन हत्‍या के आरोप में उसे 10 साल की सजा सुनाई गई.

जेलर ने बताया कि इससे पहले भी बरेली जेल के कई कैदियों ने इग्‍नू के बहुत से कोर्स में दाखिला लिया है और अच्‍छे नंबरों से पास भी हुए हैं, लेकिन यह पहली बार है जब यूपी से कोई नेशनल टॉपर बना है और जिसे गोल्‍ड मेडल से सम्‍मानित किया जाएगा.

पंजाब केसरी

कभी की थी सुसाइड की कोशिश, आज है करोडों की मालकिन

http://www.punjabkesari.in/news/article-384805

 मुंबई: कभी जिंदगी से तंग आकर जिसने सुसाइड करने की कोशिश की थी, आज वह 500 करोड़ की मालकिन हैं। उसने मुंबई के स्लम में रहते हुए सिर्फ 20 रुपए से अपना काम शुरू किया, लेकिन 20 रुपए से 500 करोड़ तक का सफर उसके लिए बिल्कुल भी आसान नहीं था। इस उपलब्धि के लिए इस महिला उद्योगपति को पद्मश्री से भी सम्मानित किया गया।

जानकारी के मुताबिक, महाराष्ट्र के छोटे से गांव रोपड़ खेड़ा के एक दलित परिवार में पैदा हुई इस महिला उद्योगपति का नाम कल्पना सरोज है। गरीब परिवार से होने के चलते कल्पना ने छुआछूत और भेदभाव भी सहा। रिश्तेदारों के दबाव में मां-बाप ने 12 साल की उम्र में 10 साल बड़े व्यक्ति से उनकी शादी कर दी। शादी के बाद झटका तब लगा, जब पता चला कि पति मुंबई की झुग्गी में रहता है। लेकिन हालात तब और बिगड़ गए, जब जेठ-जेठानी छोटी-छोटी बातों पर उसे हर रोज पीटने लगे। जब पिता को कल्पना की हालत का पता चला, तो वह उसे अपने साथ गांव ले आए।

गांव आने पर लोग उन्हें ताने देने लगे, जिससे दुखी होकर कल्पना ने एक दिन तीन बोतल कीटनाशक पी लिया, लेकिन खुशकिस्मती से उसकी चाची ने बचा लिया। फिर उसने फैसला किया कि अब कुछ बड़ा करूंगी और 16 की उम्र में वह फिर मुंबई आ गईं और अपने अंकल के साथ रहकर सिलाई सीखी। कल्पना रोज 16 घंटे काम करतीं और हर दिन 40 से 50 रुपए कमाती।

इसके बाद उसने अपने बिजनेस को बढ़ाने के लिए लघु उद्योग विभाग से 50,000 रु. का लोन लेकर अपना बुटिक शुरू किया। बिजनेस ने रफ्तार पकड़ी तो उसने घाटे में चल रही ‘कमानी ट्यूब्स’ नाम की एक कंपनी 2.5 करोड़ में खरीद ली। हालांकि, कल्पना के पास कंपनी चलाने का कोई अनुभव नहीं था, लेकिन उसने हिम्मत नहीं हारी और आज ये उनकी मेहनत का ही मतीजा है कि उनकी कंपनी का कारोबार तकरीबन 500 करोड़ से ज्यादा है।

 News Monitored by Kuldeep Chandan & Kalpana Bhadra

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