दलित मीडिया वाच – हिंदी न्यूज़ अपडेट 05.08.15

रेप के आरोपी पिता-बेटे ने घर में घुसकर दलित युवती को जिंदा जलाया – बिंईग दलित

http://www.beingdalit.com/2015/08/dalit-girl-burnt-alive-by-rape-accused-som-father.html

दलित के शौचालय में भूमाफिया का कब्जा – दैनिक जागरण

http://www.jagran.com/uttarakhand/pauri-garhwal-12691819.html

दसवीं में पास कराने का झांसा देकर टीचर ने किया रेप न्यूज़ 18

http://hindi.news18.com/news/bihar/girl-rape-by-school-teacher-in-kishanganj-504032.html

रिपोर्ट लिखे बगैर आरोपी को खोज रही पुलिस – दैनिक जागरण

http://www.jagran.com/uttar-pradesh/badaun-12689919.html

दलित परिवार के बच्चों पर किया हमला, दस घायल – दैनिक जागरण

http://www.jagran.com/haryana/kaithal-12693131.html

छात्राओं के निष्कासन पर एससी-एसटी महासंघ मुखर दैनिक जागरण

http://www.jagran.com/news/state-12692307.html

वाल्मीकि पर अपमानजक टिप्पणी पर भड़के लोग – दैनिक जागरण

http://www.jagran.com/news/state-12695564.html

हिमाचल प्रदेश में दलितों के मंदिर प्रवेश पर रोक! – बिंईग दलित

http://www.beingdalit.com/2015/08/in-himachal-pradesh-dalits-are-not-allowed-to-enter-in-temples.html#.VcG7CLOqqko

पदोन्नति में आरक्षण को मानव श्रृंखला – दैनिक जागरण

http://www.jagran.com/bihar/vaishali-12694095.html

बिहार : 8 से 9 घंटे तक हाड़तोड़ मेहनत करने वाले रसोईया को प्रतिमाह 1000 रू. मानदेय आर्याव्रत

http://www.liveaaryaavart.com/2015/08/coock-fight-for-salary-bihar.html

अनुसूचित जाति अत्याचार निवारण संशोधन विधेयक को लोकसभा की मंजूरी – बिंईग दलित

http://www.beingdalit.com/2015/08/sc-st-prevention-of-atrocities-act-amendment-bill-passed-in-loksabha.html

Please Watch:

Dr Ambedkar India’s Buddhist Revival

https://www.youtube.com/watch?v=D-mwajuWyLo

बिंईग दलित

रेप के आरोपी पिता-बेटे ने घर में घुसकर

दलित युवती को जिंदा जलाया

http://www.beingdalit.com/2015/08/dalit-girl-burnt-alive-by-rape-accused-som-father.html

मेरठ के पास संभल के गुन्नौर क्षेत्र में रेप के आरोपी पिता-बेटे ने घर में अकेली खाना बना रही दलित युवती पर मिट्टी का तेल छिड़ककर आग लगा दी। उसे गंभीर हालत में अलीगढ़ रेफर किया गया है। एएसपी, सीओ ने गांव पहुंचकर युवती के परिजनों से घटना की जानकारी ली। यह घटना  की 28 तारीख  घटित हुई।

थाना क्षेत्र के गांव निवासी एक ग्रामीण की बेटी को एक साल पहले गांव के ही तीन लोग घर से उठाकर ले गए थे और जंगल में जाकर रेप किया था। परिजनों ने छह लोगों के खिलाफ अपहरण और रेप का मुकदमा दर्ज कराया था। रेप आरोपी राजेंद्र और उसका बेटा विजय जेल से छूटने के बाद युवती और परिजनों पर मामला खत्म कराने का दबाव बना रहे थे।

पुलिस को दर्ज कराए बयान में युवती ने बताया कि मंगलवार को खाना बनाते वक्त राजेंद्र और विजय दीवार फांदकर घर में घुस आए और मिट्टी का तेल ऊपर डालकर आग लगा दी। चीख पुकार सुनकर आसपास के लोगों ने उसे बचाया।

कोतवाल आरके चौहान ने बताया कि बेहोशी की हालत में पिता और भाई उसे कोतवाली लाये थे। बयान दर्ज करने के बाद उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भेजा गया लेकिन हालत बिगड़ने पर अलीगढ़ मेडिकल रेफर कर दिया गया। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है।

दैनिक जागरण

दलित के शौचालय में भूमाफिया का कब्जा

http://www.jagran.com/uttarakhand/pauri-garhwal-12691819.html

कोटद्वार : भाबर क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम उदयरामपुर में भू माफिया ने दलित व निर्बल तबके के लिए बनाए गए शौचालयों को तोड़ उस भूमि पर कब्जा जमा दिया है।

मंगलवार को तहसील दिवस के दौरान ग्राम कलालघाटी निवासी कमलेश चंद्र ने यह शिकायत रखी तो प्रशासन कार्रवाई करने के बजाय बगलें झांकता नजर आया। कमलेश चंद्र का कहना था कि एक ओर प्रधानमंत्री स्वच्छ भारत के नाम पर प्रत्येक घर को शौचालय देने की बात कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर क्षेत्र में दलित व निर्बल वर्ग के लोगों के लिए बनाए गए सामुदायिक शौचालय पर भूमाफिया कब्जा जमा रहे हैं। उन्होंने प्रशासन से उक्त भूमि को भू माफिया के कब्जे से मुक्त करवा वहां पुन: शौचालय निर्माण कराने की मांग की।

एसडीएम जीआर बिनवाल की अध्यक्षता में मंगलवार को संपन्न हुए तहसील दिवस में विभिन्न विभागों से संबंधित 36 शिकायतें दर्ज की गई, इनमें से तीन को मौके पर निस्तारित किया गया। अन्य 33 शिकायतें निस्तारण के लिए संबंधित विभागों को भेज दी गई। तहसील दिवस में लोनिवि, जल संस्थान की शिकायतें छाई रही। साथ ही खंड विकास कार्यालय की भी काफी शिकायतें दर्ज कर उन्हें निस्तारण को भेज दिया गया।

न्यूज़ 18

दसवीं में पास कराने का झांसा देकर टीचर ने किया रेप

http://hindi.news18.com/news/bihar/girl-rape-by-school-teacher-in-kishanganj-504032.html

किशनगंज में एक बार फिर हुआ शिक्षक और छात्रा के बीच का रिश्ता तार-तार हुआ है.  इसमें एक शिक्षक ने अपने छात्रा को मैट्रिक परीक्षा पास करवाने का लालच देकर उसका यौन शोषण किया.

पीड़ित छात्रा की शिकायत पर महिला ने थाने में एफआईआर दर्ज करायी है, वहीं स्कूल छोड़कर शिक्षक फरार हो गया है. घटना किशनगंज के पोठिया प्रखंड के मध्य विद्यालय छतरगाछ की है.

स्कूल के हेड मास्टर राम कुमार चौधरी ने स्कूल में कंप्यूटर क्लास सीख रही दसवीं कक्षा की दलित नाबालिग छात्रा को अच्छे नंबर से मैट्रिक परीक्षा पास करवा देने का झांसा देकर लगातार उसका यौन शोषण किया.

वहीं मामले का खुलासा तब हुआ जब आरोपी शिक्षक ने गर्भपात करवाने के लिए नाबालिग को एक दवाई खाने को दी, जिसे खाने के बाद लड़की की हालत बिगड़ गई और उसे अस्पताल जाना पड़ा. अब परिजनों ने इंसाफ के लिए किशनगंज महिला थाने में पीड़िता के शिकायत पर एफआईआर दर्ज करवाई है.

पीड़ित लड़की की अच्छे नंबरों से सफलता पाने की ललक और उसकी नादानी और कच्ची उम्र का फायदा उठाकर शिक्षक लगातार अपने ही छात्रा की इज्जत से खेलता रहा. अब पीड़िता आरोपी शिक्षक को सख्त सजा दिलवाने की बात कह रही है, ताकि दूसरी लड़कियां इस दरिंदे शिक्षक के झांसे में न आए.

इस घटना की निंदा करते हुए महिला हेल्पलाइन की सचिव फरजाना बेगम ने कहा कि माता-पिता के बाद गुरु को भगवान का दर्जा दिया गया है और अगर शिक्षक ही भक्षक बन जाए तो शिक्षा से लोगों का भरोसा उठ जाएगा. साथ ही उन्होंने दोषी शिक्षक को कड़ी सजा देने की मांग की, ताकि कानून पर लोगों का भरोसा बना रहे और पीड़िता को न्याय मिल सके.

वहीं इस मामले पर किशनगंज के एसपी का कहना है कि मामला दर्ज कर लिया गया है और जल्द ही आरोपी शिक्षक की गिरफ्तारी की जाएगी. किशनगंज के लोगों का इस घटना को लेकर कहना है कि जरूरत है कि ऐसे दरिंदे शिक्षक पर कार्रवाई करने की, ताकि लोगों का भरोसा कानून पर बना रहे और आगे इस तरह की घटनाएं न घट सकें.

दैनिक जागरण

रिपोर्ट लिखे बगैर आरोपी को खोज रही पुलिस

http://www.jagran.com/uttar-pradesh/badaun-12689919.html

(बदायूं) : बगरैन पुलिस चौकी क्षेत्र के एक गांव में दलित किशोरी के साथ दुष्कर्म का प्रयास करने वाले आरोपी युवक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज किये बगैर ही पुलिस आरोपी को खोजने में जुट गई है। हालांकि पुलिस अभी भी आरोपी को बचाने के ही मूड में दिख रही है। इसलिये पुलिस पीड़ित पर भी लगातार समझौते का दबाव बनाये हुए है।

थाना क्षेत्र की बगरैन चौकी क्षेत्र के एक गांव में रविवार को एक दलित किशोरी को गांव के ही एक युवक ने अपनी हवस का शिकार बनाने का तब प्रयास किया जब वह चारा लेने जंगल को गई थी। वहां पर मौजूद गांव के ही युवक ने किशोरी को अकेला देख दबोच लिया। वह जबरन ईख के खेत में खींचकर ले गया। लड़की के शोर मचा देने पर आसपास खेत पर काम कर रहे ग्रामीणों के आ जाने पर आरोपी फरार हो गया। पीड़ित परिजनों ने चौकी पर जाकर इस घटना की जानकारी देते हुए पुलिस को तहरीर दी, लेकिन पुलिस ने आरोपी युवक के खिलाफ रिपोर्ट तक दर्ज नही की। पीड़ित पक्ष का आरोप है कि आरोपी पक्ष पहले से ही चौकी पर बैठा मिला।

पीड़ित ने पुलिस पर आरोपी पक्ष से सांठगांठ कर लेने का खुला आरोप भी लगाया। इसकी पुष्टि आरोपी के खिलाफ पुलिस के लचर तेवर को देखकर और हो गई। चूंकि पुलिस ने कोई कार्यवाही किये बगैर उल्टा पीड़ित को ही समाज में बदनामी का भय दिखाकर समझौता करने को दवाब बनाया। पुलिस की दलीलें सुनकर पीड़ित का परिवार घर वापस लौट गया। घटना के एक दिन बाद तक पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज नही की है। जागरण में खबर आने के बाद पुलिस ने सोमवार को आरोपी युवक की तलाश में कई स्थानों पर दबिशें जरूर दीं हैं। इस घटना के बाद से गांव में तनातनी का माहौल बना हुआ है।

दैनिक जागरण

दलित परिवार के बच्चों पर किया हमला, दस घायल

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कैथल पबनावा काड की ¨चगारी एक बार फिर से सुलगती हुई दिखाई दे रही है। गाव के दबंग परिवार के युवकों ने एक बार फिर दलित परिवार के बच्चों पर पुरानी रजिश को लेकर हमला कर दिया। इस हमले में करीब 10 बच्चों को चोटे आई है। हमला करने वाले बच्चे व घायल हुए बच्चे गाव के ही सीनियर सैकेंडरी स्कूल में पढ़ते है। हमला करने वाले व घायल हुए छात्र 10वीं, 11वीं व 12वीं कक्षा के छात्र बताए जा रहे है। झगड़े की सूचना मिलते ही डीएसपी जोगेंद्र ¨सह व ढाड एसएचओ अजीत राय सिविल अस्पताल में पहुंचे और घायल बच्चों का हालचाल पूछा।

12वीं कक्षा में पढ़ने वाले अंकुश ने बताया कि कुछ दिन से दबंग समाज के बच्चे उनका पीछा कर हमला करने के फिराक में थे। इस मामले की सूचना उन्होंने स्कूल के प्रिंसिपल को भी बताई थी और हमला किए जाने की सूचना उन्होंने 3 अगस्त की साय को गाव पबनावा में बनाई गई चौकी में भी दी थी। पुलिस ने कहा था कि दोपहर 2.30 बजे स्कूल छुट्टी के समय स्कूल में पहुंच जाएंगे। लेकिन आज न तो पुलिस पहुंची और न ही ¨प्रसिपल ने पुलिस को सूचित किया, जिस कारण आरोपी युवकों ने उन्हे घेर कर हमला कर दिया और उन्हे खेतों में भगा भगाकर पीटा। आरोपियों ने इस दौरान उन्हे जातिसूचक शब्द भी बोले।

हमला करने वाले छात्रों की संख्या करीब 15-20 थी। ये छात्र हाथों में चाकू, पेचकस व डडे लिए हुए थे। इस हमले में अंकुश, लव, रवि, संजू, मनमोहन, कमल, सुमित, गुरमीत, अंकुश व दीपक को चोटे आई है। एसएचओ अजीत राय ने बताया कि पुलिस ने छात्र अंकुश निवासी पबनावा की शिकायत पर हमला करने के आरोपी छात्र अमन, अंकित, टिसू, सावन, नीरज, काबरा, लाल, विक्की, सचिन व मोनू सहित करीब 20 युवकों पर एससीएसटी एक्ट सहित कई धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। मामले की जाच डीएसपी जोगिद्र ¨सह करेगे।

दैनिक जागरण

छात्राओं के निष्कासन पर एससी-एसटी महासंघ मुखर

http://www.jagran.com/news/state-12692307.html

नैनीताल : मोहन लाल साह बालिका विद्या मंदिर प्रशासन के अनुसूचित जाति की दो छात्राओं को विद्यालय से निष्कासन करने के मामले में अब एससी-एसटी महासंघ भी कूद पड़ा है। महासंघ ने आरोप लगाया कि स्कूल प्रशासन ने जातिगत द्वेष की भावना से ग्रसित होकर तथा तानाशाही रवैया अपनाते हुए दो छात्राओं को विद्यालय से निष्कासित कर दिया। महासंघ ने डीएम को पाती भेजकर छात्राओं को दोबारा प्रवेश के लिए विद्यालय प्रबंधन को निर्देशित करने की मांग उठाई है।

महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष केएल आर्य ने डीएम को भेजी पाती में कहा है कि दोनों छात्राएं परिजनों की फटकार से नाराज होकर अल्मोड़ा चली गई थीं। दोनों छात्राओं का स्कूल में आचरण कभी गलत नहीं रहा लेकिन स्कूल प्रशासन ने दलित विरोधी मानसिकता से ग्रसित होकर दोनों को विद्यालय से निकाल दिया। उन्होंने डीएम से छात्राओं के भविष्य को देखते हुए स्कूल प्रबंधन को दोबारा प्रवेश देने के लिए निर्देशित करने की मांग की है। साथ ही चेताया कि यदि दोनों छात्राओं को प्रवेश नहीं दिया गया तो अन्य दलित संगठनों को साथ लेकर विद्यालय प्रबंधन के खिलाफ आंदोलन किया जाएगा।

दैनिक जागरण

वाल्मीकि पर अपमानजक टिप्पणी पर भड़के लोग

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मेरठ : अध्यक्ष अखाड़ा परिषद नरेंद्र गिरी द्वारा श्री रामायण के रचयिता महर्षि वाल्मीकि के खिलाफ अप्रिय टिप्पणी को लेकर वाल्मीकि समाज का आक्रोश फूट पड़ा है। गुस्साए वाल्मीकि समाज ने विरोध में कलक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया। मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन भेजकर गिरी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराकर गिरफ्तारी की मांग की। इससे पहले कमिश्नरी चौराहे पर महंत नरेंद्र गिरि का पुतला फूंककर रोष जताया।

सदस्य जिला पंचायत विपेंद्र सुधा वाल्मीकि व विनेश विद्यार्थी के नेतृत्व में समाज के लोग दोपहर को नारेबाजी करते हुए कलक्ट्रेट पहुंचे। उनका कहना था कि महंत नरेंद्र गिरी अध्यक्ष अखाड़ा परिषद ने एक टीवी चैनल पर भगवान वाल्मीकि के बारे में पूछे जाने पर अपमानजनक टिप्पणी की है। उनके बारे में अपशब्दों का प्रयोग किया है। जिससे समाज के करोड़ों वाल्मीकि लोगों एवं उनके अनुयायियों को भारी आघात पहुंचा है। उन्होंने मांग की है कि अपमानजनक टिप्पणी का तुरंत संज्ञान लेकर एससीएसटी एक्ट के तहत गिरी के खिलाफ मुकदमा दर्ज हो। साथ ही दलित वाल्मीकियों को न्याय दिलाया जाए। मांग पूरी न होने पर आंदोलन की चेतावनी दी है। प्रदर्शन व ज्ञापन देने वालों में मुकेश निर्मोही, कमल कुमार, राजेंद्र कुमार, दिनेश, मोनी, मीनाक्षी वैद, विनेश मनोठिया, गीता देवी एवं पवन वैद आदि शामिल रहे।

बिंईग दलित

हिमाचल प्रदेश में दलितों के मंदिर प्रवेश पर रोक!

http://www.beingdalit.com/2015/08/in-himachal-pradesh-dalits-are-not-allowed-to-enter-in-temples.html#.VcG7CLOqqko

दक्षणि भारत के मंदिरो में दलितों  प्रवेश पर रोक की खबरें तो  रहती लेकिन पर्वतीय राज्य हिमाचल प्रदेश जिसे देव भूमि कहा जाता हैं में भी दलितों के प्रवेश पर कुछ मंदिरो में रोक लगा दी गयी हैं। कुछ स्थानीय अक्भरो  खबर के अनुसार राज्य के बिलासपुर जिले स्तिथ संतोषी व काली माता के मंदिरो में भी पुजारियों ने दलितों के प्रवेश पर रोक लगायी हैं।

दैनिक जागरण

पदोन्नति में आरक्षण को मानव श्रृंखला

http://www.jagran.com/bihar/vaishali-12694095.html

वैशाली। ‘आरक्षण बचाओ अस्तित्व बचाओ’।..आदि कई नारों के साथ अनुसूचित जाति-जनजाति कर्मचारी संघ जिला शाखा एवं अम्बेदकर विकास मंच के संयुक्त बैनर तले मंगलवार को हाजीपुर गांधी चौक पर लोगों ने मानव श्रृंखला बनाकर सभी सरकारी नौकरियों के पदोन्नति में आरक्षण लागू करने की मांग सरकार से की। साथ ही आरक्षण को कानून बनाने, सेना व न्यायापालिका में आरक्षण लागू करने एवं न्यायिक सेवा आयोग का गठन करने की मांग की।

इस मौके पर अनुसूचित जाति-जनजाति कर्मचारी संघ के जिला सचिव ललन राम ने कहा कि केंद्र एवं राज्य सरकार दलित व आदिवासियों की जान-माल एवं अधिकार बचाने में विफल रही है। उन्होंने कहा कि आजादी के 67 वर्ष बीत जाने के बावजूद केंद्र एवं राज्य के किसी भी विभाग व उपक्रम में आरक्षण का कोटा पूरा नहीं किया गया है। वहीं अम्बेदकर विकास मंच के जिलाध्यक्ष कामेश्वर कुमुद ने कहा कि न्यायाधीशों की नियुक्ति के लिए न्यायिक सेवा आयोग का गठन करना अत्यंत जरूरी है। इस मौके पर जिलाध्यक्ष अरूण कुमार पासवान, जिला उपाध्यक्ष नंद लाल भगत, जिला संयुक्त सचिव सुजीत कुमार चौधरी, सुरेंद्र भगत, जिला कोषाध्यक्ष दिलीप रजक, विरेंद्र नाथ, कमलेश पासवान, सुनील कुमार, विगन कुमार, धर्मेद्र चौधरी एवं पवन कुमार आदि ने अपने-अपने विचार व्यक्त किये।

आर्याव्रत

बिहार : 8 से 9 घंटे तक हाड़तोड़ मेहनत करने वाले रसोईया को प्रतिमाह 1000 रू. मानदेय

http://www.liveaaryaavart.com/2015/08/coock-fight-for-salary-bihar.html

पटना। बिहार राज्य मध्याह्न भोजन रसोईया संयुक्त संघर्ष के बैनर तले तीन दिवसीय महाधरना सह प्रदर्शन शुरू। प्रथम दिन सहरसा, मधेपुरा, सुपौल, सीतामढ़ी, शिवहर, पटना, पूर्णिया, कटिहार, किशनगंज, शेखपुरा और वैशाली जिले के रसोईया ने हिस्सा लिया। 

बिहार राज्य मिड डे मील वर्कस यूनियन(सीटू) के राजाध्यक्ष विनोद कुमार ने कहा कि भारत में भूख एवं कुपोषण को मिटाने एवं गरीब परिवार के बच्चों को स्कूल से जोड़ने के लिए देश के तमाम प्रारंभिक विघालयों में मध्याह्न भोजन योजना कार्यक्रम चलाया जा रहा है।इस कार्यक्रम को सरजमीन पर सफल बनाने में रसोईया की महत्वपूर्ण एवं केन्द्रीय भूमिका है। मध्याह्न भोजन रसोईया की विशाल संख्या दलित,महादलित,अत्यंत पिछड़ा वर्ग,विधवा एवं कमजोर वर्ग की महिलाओं की है। जिन्हे अत्यंत कम मानदेय पर काम करना पड़ता है तथा सामाजिक भेदभाव का भी शिकार होना पड़ता है। 

बिहार राज्य मध्याह्न भोजन संघ के प्रदेश संयोजक उद्यन प्रसाद राय ने कहा कि विघालय खुलने से पहले तथा विघालय बंद होने के बाद तक बत्र्तन की सफाई , खाना बनाने, बच्चों को खिलाने तथा साफ-सफाई करने यानी 8 से 9 घंटे तक हाड़तोड़ मेहनत करने के एवज में रसोईया को प्रतिमाह 1000 रू. मानदेय दिया जाता है। वह भी साल में 10 माह का ही पारिश्रमिक थमाया जाता है। दुर्घटना,आकस्मिक मृत्यु,बीमारी की हालात में इन्हें किसी तरह की बीमा की सुविधा प्राप्त नहीं है। अब रसोईया 1 हजार में दम नहीं, 15 हजार से कम नहीं का नारा बुलंद करने लगे हैं। 

तीन दिवसीय महाधरना पर बैठने वाले ने सरकार से 11 सूत्री मांग पूर्ण करने का आग्रह किए हैं। इन लोगों की मांग है कि रसोईया की सेवा को नियमित कर वेतनमान लागू किया जाय। वेतनमान लागू होने तक प्रतिमाह 15 हजार रू. मानदेय सुनिश्चित किया जाय। केन्द्र एवं राज्य सरकार द्वारा 1 हजार प्रतिमाह मानदेय बढ़ोत्तरी की घोषणा को अविलम्ब लागू किया जाय। सभी कार्यरत रसोईयों को चयन पत्र/नियुक्ति पत्र निर्गत किया जाय,मनमाने ढंग से रसोईया को हटाने की कार्रवाई पर रोक लगाया जाय एवं हटाए गए रसोईया को पुनः काम पर वापस लिया जाय।

रसोईया का स्वास्थ्य बीमा एवं दुर्घटना बीमा का लाभ प्रदान किया जाय। 60 वर्ष से ऊपर के रसोईया के लिए पेंशन योजना का प्रावधान किया जाय। उम्र के आधार पर हटाए गए रसोईया के स्थान पर पेंशन योजना लागू होने तक कार्यरत रसोईया के परिवार को प्राथमिकता के आधार पर चयन किया जाय। रसोईया के मानदेय का भुगतान प्रत्येक माह के प्रथम सप्ताह में खाता के माध्यम से किया जाय। रसोईया को वर्ष में एक जोड़ा ड्रेस दिया जाय। अन्य विभागों की तरह रसोईया को भी मातृत्व अवकाश तथा विशेष अवकाश की सुविधा प्रदान की जाय। वर्ष में 10 महीने के बजाय 12 महीने के मानदेय का भुगतान किया जाय। कार्यरत रसोईया की मृत्यु होने तक मृतक के आश्रितों को रिक्त स्थान पर प्राथमिकता के आधार पर बहाली हो। ट्रेड यूनियन एक्ट के तहत रसोईया यूनियन को निबंधित किया जाय। निबंधन में अड़ेंगेबाजी एवं टाल-मटोल पर रोक लगाया जाय। मध्याह्न भोजन योजना को स्वयंसेवी संस्था,कारपोरेट एवं निजी ठेकेदारों के हाथों सौंपने की साजिश एवं तैयारी पर पूर्णतः अंकुश लगाया जाय।

बिंईग दलित

अनुसूचित जाति अत्याचार निवारण संशोधन विधेयक को

लोकसभा की मंजूरी

http://www.beingdalit.com/2015/08/sc-st-prevention-of-atrocities-act-amendment-bill-passed-in-loksabha.html

अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के लोगों पर अत्याचार करने वालों पर कड़ी कार्रवाई करने के प्रावधान वाले विधेयक को लोकसभा ने मंगलवार (04/08/2015) को ध्वनिमत से पारित कर दिया।

इससे पूर्व अधिकांश विपक्षी दलों की गैरमौजूदगी में अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण), संशोधन विधेयक, 2014 पर हुई चर्चा का जवाब देते हुए सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री थावर चंद गहलोत ने कहा कि पिछले एक वर्ष के दौरान सरकार ने इन वर्गों पर अत्याचार रोकने के लिए कई कदम उठाये हैं।

हाथ से मैला ढोने की प्रथा समाप्त करने और उनके पुनर्वास के लिए कई तरह की पहल की गई हैं। पुनर्वास के लिए उन्हें नकदी और प्रशिक्षण दिया जा रहा है। गहलोत ने कहा कि अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के लोगों के प्रति समाज की मानसिकता बदलने और कर्तव्यबोध के लिए भी प्रयास किए जा रहे हैं।

यह विधेयक पारित होने के बाद इन वर्गों के लोगों पर होने वाले अत्याचार पर अंकुश लगेगा। कानून का दुरुपयोग रोकने के सदस्यों के सुझाव पर उन्होंने कहा कि पहले से ही ऐसे कानून हैं जिनके तहत झूठी शिकायत करने वालों को दंडित करने का प्रावधान है।

उन्होंने कहा कि सरकार ने मुद्रा बैंक की स्थापना की है और इससे इस समुदाय को बड़ा लाभ मिलेगा। इस विधेयक के पारित होने से इस वर्ग पर होने वाले अत्याचार की बढ़ती घटनाओं को रोका जा सकेगा।

उन्होंने कहा कि अनुसूचित जाति के लोगों पर सबसे अधिक अत्याचार की घटनाएं राजस्थान में हुई है जबकि बिहार दूसरे स्थान पर है। इसी तरह से अनुसूचित जनजाति के लोगों के साथ केरल में सर्वाधिक अत्याचार की घटनाएं हुई है।

इस क्रम में राजस्थान दूसरे स्थान पर है। उनका कहना था कि इन वर्गों पर होने वाले अत्याचार रोकने के लिए यह कानून जरूरी है और इसे सख्ती से लागू किए जाने की जरूरत है।

News Monitored by Kuldeep Chandan & Kalpana Bhadra

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