दलित मीडिया वाच-हिंदी न्यूज़ अपडेट 03.07.15

दलित मीडिया वाच

हिंदी न्यूज़ अपडेट 03.07.15

 

महाराजपुर में दलित किशोरी के साथ गैंगरेप – आईनेक्स्ट लाइव

http://inextlive.jagran.com/gangrep-with-teenager-83189

गैंगरेप और हैवानियत की शिकार किशोरी की हालत बिगड़ी – राजस्थान पत्रिका

http://rajasthanpatrika.patrika.com/story/india/badanu-gangrepe-teenager-victim-s-condition-deteriorates-1209918.html

रात बस स्टैंड पर बिताई, एसपी व सिटी मजिस्ट्रेट को ज्ञापन दिया – दैनिक भास्कर

http://www.bhaskar.com/news/MP-SAG-MAT-latest-sagar-news-044542-2183729-NOR.html

छेड़छाड़ व मारपीट के मामले में दो अभियुक्तों को चार साल कैद – दैनिक जागरण

http://www.jagran.com/uttar-pradesh/kanpur-dehat-12547978.html

महिला ने की जमीन पर कब्जे की शिकायत – दैनिक भास्कर

http://www.bhaskar.com/news/MP-VID-MAT-latest-vidisha-news-053036-2183193-NOR.html

क्यों पैदा हुई दलित घर में, अपनी पार्टी के लोग कर रहे दबंगाई – राजस्थान पत्रिका

http://rajasthanpatrika.patrika.com/story/rajasthan/why-born-in-backword-class-house-the-party-peoples-create-problems-1209994.html

दलित हूं, इसलिए किया जा रहा है परेशान – पत्रिका 

http://www.patrika.com/news/ajmer/i-am-the-underdog-being-so-nervous-1062917/

अनुप्रिया पटेल ने दिखाई ताकत – नईदुनिया

http://naidunia.jagran.com/national-anupria-patel-showed-her-strength-415553

आईनेक्स्ट लाइव

महाराजपुर में दलित किशोरी के साथ गैंगरेप

http://inextlive.jagran.com/gangrep-with-teenager-83189

महाराजपुर में गुरुवार को दो अलग अलग घटनाओं में एक दलित किशोरी से गैंगरेप और दूसरी घटना में नाबालिग से गैंग रेप के प्रयास का मामला प्रकाश में आने से सनसनी फैल गई. इसमें एक मामला दो दिन पुराना है. आनन-फानन में पुलिस ने दोनों मामलों में रिपोर्ट दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी.

घर में घुसकर गैंगरेप

महाराजपुर के बड़ा गांव में रहने वाली 16 वर्षीय दलित किशोरी की मां की मौत हो गई है. उसके पिता और भाई मजदूरी करते है. दो दिन पहले पिता और भाई के काम पर जाने से किशोरी घर पर अकेली थी. जिसका फायदा उठाकर गांव के बलवीर का बेटा सुभाष यादव और मुन्ना का बेटा समरजीत जबरन उसके घर में घुस गया. किशोरी का आरोप है कि दोनों ने बन्धक बनाकर उसके साथ रेप किया.

दीवार फांदकर भाग गया

इसी बीच उसका भाई घर पहुंच गया. उसके गेट खटखटाया तो दोनों आरोपी दीवार फांदकर भाग गए. किशोरी ने भाई को आपबीती बताई तो उसके होश उड़ गए. उसने भाई के साथ में जाकर दोनों आरोपियों के खिलाफ तहरीर दी. पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर उसको मेडिकल के लिए भेज दिया.

छेड़छाड़ में दर्ज की एफआईआर

पुलिस ने अभी छेड़खानी और दलित उत्पीड़न एक्ट के तहत रिपोर्ट दर्ज की है. किशोरी का आरोप है कि पुलिस ने भले ही रिपोर्ट दर्ज कर ली है, लेकिन वो आरोपी की गिरफ्तारी के लिए कोई प्रयास नहीं कर रहे है. इधर, आरोपी उस पर रिपोर्ट वापस लेने का दबाव बना रहे हैं. उसने आरोपियों पर जान से मारने की धमकी और मारपीट का भी आरोप लगाया है. एसओ जीवाराम यादव का कहना है कि पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर ली है. अगर मेडिकल में रेप की पुष्टि होती है तो उसके आधार पर धारा बढ़ाई जाएगी.

पड़ोसी ने किया रेप का प्रयास

महाराजपुर के खरौती में रहने वाली एक किशोरी को घर पर अकेला पाकर पड़ोसी धर्मेन्द्र तिवारी ने दुष्कर्म करने की कोशिश की. किशोरी के शोर मचाने पर इलाकाई लोग मौके पर पहुंच गए. जिसे देख आरोपी वहां से भाग गया. मां के घर पहुंचने पर किशोरी ने आपबीती बताई तो उनके होश उड़ गए. उसने मां के साथ थाने में जाकर रिपोर्ट दर्ज कराई. पुलिस ने उसके खिलाफ पास्को एक्ट के तहत कार्रवाई की है. एसओ जीवाराम के मुताबिक पीडि़ता की रिपोर्ट दर्ज कर आरोपी की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है. जल्द ही उसको गिरफ्तार कर लिया जाएगा.

राजस्थान पत्रिका

गैंगरेप और हैवानियत की शिकार किशोरी की हालत बिगड़ी

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बदायूं उत्तर प्रदेश के बदायूं में पिछले 23 जून को सामूहिक बलात्कार और हैवानियत का शिकार दलित किशोरी की गुरुवार को अचानक हालात बिगड़ जाने के बाद उसे गंभीर हालत में एम्बुलेंस से बरेली भेजा गया।

पुलिस अधीक्षक (नगर) अनिल कुमार यादव ने यहां बताया कि पीडि़त किशोरी की हालत सामान्य होने पर बुधवार शाम को उसे जिला महिला अस्पताल से छुट्टी दे दी गई थी। गुरुवार दोपहर किशोरी की तबीयत बिगड़ गई है और परिजन उसे लेकर जिला महिला अस्पताल पहुंचे।

जिला अस्पताल के डाक्टरों ने किशोरी की दशा गंभीर देखते हुए उसे एम्बुलेंस से बरेली भेज दिया। इलाज कर रहे डाक्टर हाकिम सिंह ने बताया कि किशोरी बेहोशी की हालत में थी और उसकी पल्स रेट काफी कम थी और ब्लड प्रेशर भी काफी कम था।

दैनिक भास्कर

रात बस स्टैंड पर बिताई, एसपी व सिटी मजिस्ट्रेट को ज्ञापन दिया

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सागर| बंडा के मढ़िया मोहल्ला निवासी दुष्कर्म का शिकार हुई एक किशोरी के परिवार ने रात बस स्टैंड परिसर में ही बिताई। बंडा का यह दलित परिवार बुधवार रात वहां से महिला थाना सागर पहुंचा था। गुरुवार को किशोरी सहित पूरे परिवार ने एसपी सचिन अतुलकर एवं सिटी मजिस्ट्रेट अर्चना सोलंकी को ज्ञापन दिए। ज्ञापन में बताया गया है कि दुष्कर्म करने वाले आरोपी रवि अहिरवार के परिजन उन्हें रिपोर्ट वापस लेने धमका रहे हैं। बुधवार रात रवि के परिजनों ने उनके घर पर हमला कर दिया था जिससे वे सागर भागने को मजबूर हो गए। एसपी ने बंडा टीआई को इस दलित परिवार को सुरक्षा दिए जाने के निर्देश दिए हैं। 

दैनिक जागरण

छेड़छाड़ व मारपीट के मामले में दो अभियुक्तों को चार साल कैद

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कानपुर देहात, जागरण संवाददाता : किशोरी से छेड़छाड़, मारपीट व धमकी देने के मामले की सुनवाई के बाद स्पेशल जज अनुसूचित जाति ने दो अभियुक्तों को 4-4 साल की कैद व 24-24 हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई है।

सिकंदरा थाना क्षेत्र के औड़ेरी में अनुसूचित जाति की किशोरी गांव पूर्व माध्यमिक विद्यालय में कक्षा 7की छात्रा थी। 8 नवंबर 2004 की शाम करीब 4 बजे स्कूल से घर जाते समय विमल व सुधीर ने उसे बदनीयती से खंडहर में खींचने का प्रयास किया था। किशोरी के शोर मचाने पर दोनों ने उसकी पिटाई की थी। शोर सुनकर ग्रामीणों को आते देख कर आरोपी उसे जान से मारने की धमकी देते हुए भाग गए थे।

किशोरी की मां ने सिकंदरा थाने में पुत्री से छेडछाड़, मारपीट, दलित एक्ट व धमकी देने का आरोप लगा मुकदमा दर्ज कराया था। प्रकरण की सुनवाई स्पेशल जज अनुसूचित जाति एसके बनर्जी की कोर्ट में विचाराधीन थी। शासकीय अधिवक्ता एपी सिंह ने बताया कि कोर्ट ने दोनों आरोपियों को 4-4 साल की कैद व 24-24 हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई है। पुलिस ने दोनो अभियुक्तों को अभिरक्षा में लेकर जेल भेजा है।

दैनिक भास्कर

महिला ने की जमीन पर कब्जे की शिकायत

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विदिशा | नगर के रायपुरा बक्सरिया क्षेत्र निवासी दलित विधवा महिला शिंबोबाई अहिरवार ने मुख्यमंत्री को आवेदन देकर उसकी जमीन पर कुछ लोगों द्वारा कब्जा किए जाने की शिकायत की है। शिंबोबाई का कहना है कि उसके पास पूर्वजों द्वारा प्रदत्त 100 साल पुरानी जमीन है जिस पर वे हर साल उपज ले रहे हैं।

विगत वर्ष भी पति की मौजूदगी में गेहूं, चना, तुअर, सोयाबीन की फसल बोई थी।जमीन पर बबूल के पेड़ लगे हैं तथा टपरा भी बना था। जमीन पर कब्जे के सभी दस्तावेज मेरे पास है। इसके बाद भी मेरी जमीन पर रिटायर बाबू मौजीलाल ने जबरन कब्जा कर तार फेसिंग के लिए पत्थर रख दिए हैं।

मना करने पर झगड़ा करने पर उतारू हो जाते हैं। मेरे पति के समय इन लोगों ने फसलों, पेड़-पौधों तथा टपरे से लकड़ी चोरी की थी। पटवारी, तहसीलदार से मिलकर मेरी जमीन का नामांतरण नहीं होने दे रहा है। अत: जमीन का मेरे नाम नामांतरण कर किए जा रहे जबरिया कब्जे से जमीन को मुक्त किया जाए। 

राजस्थान पत्रिका

क्यों पैदा हुई दलित घर में, अपनी पार्टी के लोग कर रहे दबंगाई

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01

चार माह पहले निर्वाचित हुई प्रदेश की युवा एवं शिक्षित जिला प्रमुख वंदना नोगिया के कुर्सी संभालने के बाद से जिला परिषद में घमासान मचा हुआ है। लगातार कुछ न कुछ अनेपक्षित सा हो रहा है। नोगिया को खुद इस कुर्सी पर आसीन कराने वाले भाजपा सदस्य जिला प्रमुख को लेकर गुटबाजी कर रहे हैं।

सियासी रसूखात रखने वाले बाहरी लोगों की जिला परिषद में खुलकर दबंगई चल रही है और जिला प्रमुख को खुल कर काम नहीं करने दिया जा रहा। महिला जनप्रतिनिधियों के नाते-रिश्तेदार जिला प्रमुख और जिला परिषद के अफसरों पर दबाव बना कर लाचार करने पर तुले हुए हैं। जिला प्रमुख के क्षेत्राधिकार वाले कुछ निर्णयों को पलटवा कर उन्हें जबरदस्त झटके दिए गए और अभी भी दिए जा रहे हैं। इसके बावजूद जिला प्रमुख नोगिया तमाम विपरीत हालातों का डटकर मुकाबला कर रही हैं। नोगिया ने विभिन्न मुद्दों पर बात की तो उन्होंने खुलकर अपनी व्यथा व्यक्त की और दृढ़ इरादे भी जताए-

आपके कुर्सी पर आसीन होने के बाद से कुछ न कुछ विवाद हो रहे हैं। इसके पीछे आप क्या कारण मानती हैं?

नोगिया: मेरे खिलाफ सारा खेल इसलिए रचा जा रहा है क्योंकि मैं एक दलित परिवार की बेटी और उच्च शिक्षित भी हूं। ये विडम्बना ही है कि मेरी ही विचारधारा के पार्टी के कुछ लोगों को मेरा जिला प्रमुख बनना रास नहीं आ रहा। इसलिए मुझे येनकेन-प्रकारेण नीचा दिखाया जा रहा है। इस तरह की ओछी हरकतें व व्यवहार को लेकर खुद को काफी व्यथित महसूस करती हूं।

कामकाज में कौन दखल दे रहा है?

जनप्रतिनिधियों के साथ चर्चा करना, उनके सुझाव पर अमल करना तो अच्छा लगता है। लेकिन कुछ जनप्रतिनिधियों के नाते-रिश्तेदार दबंगई दिखाते हुए अनावश्यक दखलंदाजी कर निर्णयों को प्रभावित कर रहे हैं। यह किसी तरह से भी उचित नहीं है।

 ऐसे ही हालात रहे तो आप काम कैसे करेंगी?

कुछ दिनों से समझ नहीं आ रहा है कि मुझे क्या करना चाहिए। थक-हार कर पिछले दिनों मुझे मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे, प्रदेश संगठन और पंचायतीराज मंत्री से मिलकर शिकायत करनी पड़ी। मुख्यमंत्री ने मुझे आश्वस्त किया है कि आप तो काम करते रहो। यदि ऐसे ही हालात आगे भी रहे तो मेरे लिए जिला परिषद चलाना मुश्किल होगा।

 कोई ठोस काम अभी तक क्यों नहीं हुआ?

जब से मैंने जिला प्रमुख की कुर्सी संभाली है, तब से जिले के सभी विधायक एवं अन्य जनप्रतिनिधियों का सम्मान कर रही हूं। मैं काम करना चाहती हूं। फिर भी मुझे हतोत्साहित करने के लिए सुनियोजित तरीकों से नीचा दिखाने का प्रयास किया जा रहा है।

 लालबत्ती हटाने को लेकर काफी विवाद हुआ। क्या कारण रहे?

प्रदेश में सभी जिलों के प्रमुखों की सरकारी कार पर लालबत्ती लगाई हुई हैं। इससे पहले अब तक जिला प्रमुख अपनी कार पर लालबत्ती लगाते रहे हैं। मुझे लालबत्ती लगी कार ही सुपुर्द की गई। यदि लालबत्ती लगाना नियम में नहीं था, तो कार्यवाहक सीईओ जगदीश हेड़ा ने पहले लालबत्ती क्यों नहीं उतरवाई? तीन माह बाद कुछ नेताओं के दबाव में मुझे नीचा दिखाने के लिए कार की लालबत्ती उतारी गई। ऐसे अफसर कुर्सी पर बैठने लायक ही नहीं हैं, जो बाहरी लोगों के दबाव में काम कर रहे हैं।

कर्मचारियों के तबादलों को जिला परिषद प्रशासन ने निरस्त करवा दिया। आपके दो निजी सहायकों को भी रिलीव कर दिया गया है?

पंचायतीराज विभाग के निर्देशों की अनुपालना में जिन कार्मिकों के तीन साल एक ही जगह पर पूरे हो गए, उन कार्मिकों के तबादले दूसरी पंचायत समिति क्षेत्र में किए गए। इन तबादलों के दौरान मैंने संबंधित क्षेत्र के विधायकों से भी राय-मशविरा किया। फिर भी जानबूझ कर तबादले निरस्त करवाए गए। यदि किसी को परेशानी थी, तो मुझे ही बता देते। किसी कर्मचारी के विकलांग होने की जानकारी मुझे नहीं थी। यदि होती तो उसका तबादला ही नहीं होने देती।

पत्रिका 

दलित हूं, इसलिए किया जा रहा है परेशान

http://www.patrika.com/news/ajmer/i-am-the-underdog-being-so-nervous-1062917/

02

अजमेर।”कुर्सी पर बैठी थी, तब उम्मीद थी कि सभी का सहयोग मिलेगा और मैं अच्छा काम करूंगी,लेकिन जिस तरह मेरे काम में अब दखलंदाजी की जा रही है, उससे में आहत हुई हूं। …और यह सब इसलिए हो रहा है, क्योंकि मैं एक दलित परिवार से हूं।” राज्य की सबसे युवा जिला प्रमुख वंदना नोगिया ने अपनी यह व्यथा गुरूवार को राजस्थान पत्रिका से बातचीत में व्यक्त की। नोगिया ने अन्य मुद्दों पर भी खुलकर अपनी पीड़ा जाहिर की।

आपके कुर्सी पर आसीन होने के बाद से कुछ न कुछ विवाद हो रहे हैं। इसके पीछे आप क्या कारण मानती हैं? मेरे खिलाफ सारा खेल इसलिए रचा जा रहा है क्योंकि मैं एक दलित परिवार की बेटी और उच्च शिक्षित भी हूं। ये विडम्बना ही है कि मेरी ही विचारधारा के पार्टी के कुछ लोगो को मेरा जिला प्रमुख बनना रास नहीं आ रहा। इसलिए मुझे येनकेन-प्रकारेण नीचा दिखाया जा रहा है। इस तरह की ओछी हरकतें व व्यवहार को लेकर खुद को काफी व्यथित महसूस करती हूं।

आपके कामकाज में कौन दखल दे रहा है?

जनप्रतिनिधियो के साथ चर्चा करना, उनके सुझाव पर अमल करना तो अच्छा लगता है। लेकिन कुछ जनप्रतिनिधियो के नाते-रिश्तेदार दबंगई दिखाते हुए अनावश्यक दखलंदाजी कर निर्णयों को प्रभावित कर रहे हैं। यह किसी तरह से भी उचित नहीं है।

जिला परिषद मे यदि ऎसे ही हालात रहे तो आप काम कैसे करेंगी?

कुछ दिनों से समझ नहीं आ रहा है कि मुझे क्या करना चाहिए। थक-हार कर पिछले दिनो मुझे मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे, प्रदेश संगठन और पंचायतीराज मंत्री से मिलकर शिकायत करनी पड़ी। मुख्यमंत्री ने मुझे आश्वस्त किया है कि आप तो काम करते रहो, शेष्ा मैं देख लूंगी। यदि ऎसे ही हालात आगे भी रहे तो मेरे लिए जिला परिषद चलाना मुश्किल होगा।

जिला प्रमुख निर्वाचित हुए आपको काफी समय हो गया। कोई ठोस काम अभी तक क्यो नहीं हुआ?

जब से मैंने जिला प्रमुख की कुर्सी संभाली है, तब से जिले के सभी विधायक एवं अन्य जनप्रतिनिधियों का सम्मान कर रही हूं। मैं काम करना चाहती हूं। फिर भी मुझे हतोत्साहित करने के लिए सुनियोजित तरीको से नीचा दिखाने का प्रयास किया जा रहा है।

आपको मिली सरकारी कार पर लालबत्ती हटाने को लेकर काफी विवाद हुआ। इसके क्या कारण रहे?

प्रदेश में सभी जिलों के प्रमुखो की सरकारी कार पर लालबत्ती लगाई हुई हैं। इससे पहले अब तक जिला प्रमुख अपनी कार पर लालबत्ती लगाते रहे हैं। मुझे लालबत्ती लगी कार ही सुपुर्द की गई। यदि लालबत्ती लगाना नियम में नहीं था, तो कार्यवाहक सीईओ जगदीश हेड़ा ने पहले लालबत्ती क्यों नहीं उतरवाई?

उन्हें लालबत्ती उतरवाने के बाद ही कार सुर्पुद करनी चाहिए थी। करीब तीन माह बाद कुछ सामंतवादी राज नेताओ के दबाव में मुझे नीचा दिखाने के लिए कार की लालबत्ती उतारी गई। ऎसे अफसर कुर्सी पर बैठने लायक ही नहीं हैं, जो बाहरी लोगो के दबाव मे काम कर रहे हैं।

आप द्वारा किए कर्मचारियों के तबादलो को जिला परिषद प्रशासन ने निरस्त करवा दिया। यहां तक कि आपके दो निजी सहायको को भी रिलीव कर दिया गया। इस बारे में आपका क्या कहना है?

पंचायतीराज विभाग के निर्देशो की अनुपालना में जिन कार्मिकों के तीन साल एक ही जगह पर पूरे हो गए, उन कार्मिकोे के तबादले दूसरी पंचायत समिति क्षेत्र में किए गए। इन तबादलों के दौरान मैंने संबंधित क्षेत्र के विधायको से भी राय-मशविरा किया। फिर भी जानबूझ कर तबादले निरस्त करवाए गए। यदि किसी को परेशानी थी, तो मुझे ही बता देते। किसी कर्मचारी के विकलांग होने की जानकारी मुझे नहीं थी। यदि होती तो उसका तबादला ही नहीं होने देती।

जिला परिषद स्थायी समितियों के अध्यक्ष चुनाव में बाजी कैसे पलट गई?

पांच में से तीन समितियों का निर्वाचन होना था। इसलिए सभी सदस्यो को बैठाकर चर्चा की गई। ग्रामीण जलप्रदाय स्थायी समिति और विकास व उत्पादन कार्यक्रम समिति के अध्यक्ष पद के लिए सभी के बीच सहमति बन गई।

इसलिए दोनों पदों पर भाजपा के सदस्य निर्विरोध जीते। शिक्षा समिति पर आम सहमति नहीं होने पर मतदान करवाया गया। उसमें भी भाजपा को जीत मिली। केकड़ी विधायक शत्रुघ्न गौतम, किशनगढ़ विधायक भागीरथ चौधरी एवं भाजपा संगठन नेताओ से चर्चा करने के बाद तीनों पदो पर योग्य व सक्षम सदस्यो का चुनाव कर लिया गया।

नईदुनिया

अनुप्रिया पटेल ने दिखाई ताकत

http://naidunia.jagran.com/national-anupria-patel-showed-her-strength-415553

 04

वाराणसी अपना दल में विभाजन की खाई गुरुवार को और चौड़ी हो गई। पार्टी में मचे घमासान के बीच सांसद अनुप्रिया पटेल ने अपने पिता व अपना दल के संस्थापक डॉ. सोनेलाल पटेल की जयंती पर स्वाभिमान महारैली का आयोजन किया, जहां सामाजिक न्याय की आवाज बुलंद करते हुए अपनी ताकत का एहसास कराया। समर्थकों ने अनुप्रिया को पार्टी का राष्ट्रीय अध्यक्ष घोषित किया।

रैली को संबोधित करते मीरजापुर की सांसद अनुप्रिया ने कहा कि मेरे पिता डॉ. सोनेलाल पटेल ने इस देश में व्यवस्था परिवर्तन का सपना देखा था। आज भी गरीब, किसान, मजदूर, पिछड़े, दलित व आदिवासी अपने हक, अधिकार व सम्मान से वंचित हैं। जब तक व्यवस्था परिवर्तन के अपने संकल्प को साकार नहीं कर लूंगी…संघर्ष जारी रहेगा।

उन्होंने केंद्र व राज्य सरकार पर परोक्ष रूप से हमला बोला। कहा कि सरकार की किसी भी योजना में दलितों व पिछड़ों का स्थान तय नहीं है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तारीफ करते हुए अनुप्रिया ने कहा कि सरदार बल्लभभाई पटेल के प्रति उनकी असीम श्रद्धा व आस्था परिलक्षित हुई है।

News Monitored by Kuldeep Chandan & Kalpana Bhadra

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