दलित मीडिया वाच-हिंदी न्यूज़ अपडेट 02.07.15

दलित मीडिया वाच

हिंदी न्यूज़ अपडेट 02.07.15

 

दलितों पे सपाइयों का कहर, पहले हाथ पैर तोड़े फिर महिलाओं के कपड़े फाड़े – पंजाब केसरी

http://www.punjabkesari.in/news/article-375178

भाइयों सहित चार पर दलित उत्पीड़न का मुकदमा – दैनिक जागरण

http://www.jagran.com/uttar-pradesh/farrukhabad-12543152.html

दलित इंजीनियर की हत्या मामले में छह गिरफ्तार, तीन अन्य की तलाश जारी – भाषा

http://www.bhasha.ptinews.com/news/1269785_bhasha

सतघरा से गोलहट्टी पहुंची खिचड़ी की छिपकली – दैनिक जागरण

http://www.jagran.com/bihar/banka-12544853.html

जन्मदिवस पर याद किए गए पूर्व केंद्रीय मंत्री  दैनिक जागरण

http://www.jagran.com/uttar-pradesh/shahjahanpur-12545257.html

कालाबूला में विकास कार्य ठप होने से रोष – दैनिक जागरण

http://www.jagran.com/punjab/sangrur-12542394.html

विकलांग पहुंचे डीएम कार्यालय – दैनिक जागरण

http://www.jagran.com/news/state-12544167.html

स्वच्छता और पवित्रता – जनसत्ता

http://www.jansatta.com/duniya-mere-aage/jansatta-editorial-swachatta-pavitrata/30832/

पंजाब केसरी

दलितों पे सपाइयों का कहर, पहले हाथ पैर तोड़े फिर महिलाओं के कपड़े फाड़े

http://www.punjabkesari.in/news/article-375178

01

झांसी: दलितों के पैर न छूने पर अपने आपको अपमानित महसूस करने वाले सपा के कुछ दबंग कार्यकर्ताओं ने दलित के घर हमला बोल दिया। पुरूषों के हाथ-पैर तोड़ डाले और सिर फोड़ दिया। इतने से भी दिल नही भरा तो बाकी परिवार पर भी हमला बोल दिया। घर में घुसकर महिलाओं को मारा पीटा और कपड़े भी फाड़ दिए। घायलों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घटना झांसी से 65किलोमीटर मऊरानीपुर थाना क्षेत्र के गांव रौनी की है। करीब तीन हजार की आबादी वाले गांव में सौ दलित परिवार हैं। गांव में दबंगों का दबदबा है। दलितों का कहना है कि दबंग उनसे रोज घर आकर हाजिरी देने और पैर छूने को कहते हैं। ऐसा न करने पर मारते-पीटते हैं।

पीढि़त राम अरिहार ने मीडिय़ा वालों को बताया कि बीते मंगलवार को वह अपने घर के बाहर दुकान पर बैठे थे। इसी दौरान गांव के कुछ दबंगों ने दुकान से कुछ सामान लिया और बिना पैसे दिए जाने लगे। पैसे मांगने पर दबंगों ने अपने साथियों के साथ उनके और उनके पूरे परिवार पर हमला कर दिया। दबंगों ने राम प्रकाश के अलावा घर में घुसकर उसके भाई प्रमोद अहिरवार, उसकी पत्नी सुधा,चाची और एक अन्य भाई को पीटा। दबंग लाठी और फरसा लेकर आए थे। 

घायल दलित राम प्रकाश ने कहा, दबंग सत्ताधारी पार्टी से जुड़े हैं और हमें झुककर चलने को कह रहे थे। वह हमें रोज घर पर हाजिरी लगाने और पैर छूने के लिए कह रहे थे। हमने उनकी बात नहीं मानी तो हमला कर दिया। 

दैनिक जागरण

भाइयों सहित चार पर दलित उत्पीड़न का मुकदमा

http://www.jagran.com/uttar-pradesh/farrukhabad-12543152.html

फर्रुखाबाद, जागरण संवाददाता : दबंगों ने शराब पीने को रुपये देने से मना करने पर दलित को मंगलवार रात हमला कर घायल कर दिया। पुलिस ने आरोपी तीन भाइयों व रिश्तेदार के खिलाफ दलित उत्पीड़न का मुकदमा दर्ज कर लिया है।शहर कोतवाली क्षेत्र के गांव अर्जुन नगला निवासी निर्दोष (45) से गांव के ही युवकों ने शराब पीने के लिए रुपये मांगे।

निर्दोष ने रुपये देने से मना कर दिया। इससे नाराज होकर युवकों ने जातिसूचक गालीगलौज करते हुए लाठी-डंडों से हमला कर घायल कर दिया। कोतवाली पुलिस ने निर्दोष का लोहिया अस्पताल में मेडिकल परीक्षण कराया। उनकी तहरीर पर राधेश्याम के पुत्र संटू, बंटू, नरेंद्र व उनके रिश्तेदार के खिलाफ दलित उत्पीड़न का मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस ने आरोपियों की तलाश में छापा मारा, लेकिन वह नहीं मिल सके।

भाषा

दलित इंजीनियर की हत्या मामले में छह गिरफ्तार, तीन अन्य की तलाश जारी

http://www.bhasha.ptinews.com/news/1269785_bhasha

नामक्कल :तमिलनाडु: भाषा: एक दलित इंजीनियर की मौत के मामले में छह लोगों को आज गिरफ्तार किया गया है। इंजीनियर का शव 27 जून को जिले में पल्लीपल्लयम के पास रेल की पटरी पर पड़ा मिला था। यह जानकारी पुलिस ने दी। उन्होंने कहा कि गिरफ्तार किए गए लोगों में से एक कॉलेज का छात्र है और तीन अन्य की तलाश जारी है।

गोकुलराज :26: नामक इस व्यक्ति की मौत के बाद उसके परिवार वालों ने विरोध प्रदर्शन किए। वे कुछ दलित संगठनों के साथ 29 जून से अनिश्चितकालीन अनशन पर बैठ गए और उन्होंने मांग उठाई कि इस मामले में रेलवे पुलिस द्वारा दर्ज किए गए संदिग्ध मौत के मामले की जगह हत्या का मामला दर्ज किया जाए और सीबीआई द्वारा इसकी जांच कराई जाए।

उन्होंने आरोप लगाया कि यह ऑनर किलिंग का मामला है क्योंकि युवक एक दूसरी जाति की लड़की से प्यार करता था। गिरफ्तारियों की जानकारी मिलने पर परिवार ने अपना अनिश्चितकालीन अनशन आज समाप्त कर दिया और शव को प्राप्त कर लिया।

गोकुलराज के दोस्त ने मद्रास उच्च न्यायालय का रूख किया, जिसने निर्देश जारी किए कि डॉक्टरों का एक दल बनाकर उससे शव का परीक्षण करवाया जाए और फिर रिपोर्ट अदालत के समक्ष पेश की जाए।

30 जून को अदालत ने महापंजीयक को निर्देश दिए कि वह जांच अधिकारी के समक्ष रिपोर्ट जमा करवाए। बाद में उच्च न्यायालय के निर्देश के आधार पर इस मामले को अपहरण एवं हत्या के मामले में तब्दील कर दिया गया।

उपमहानिरीक्षक विद्या कुलकर्णी ने कहा कि प्रेम संबंध के चलते हत्या हुई।

दैनिक जागरण

सतघरा से गोलहट्टी पहुंची खिचड़ी की छिपकली

http://www.jagran.com/bihar/banka-12544853.html

02

बांका। सरकारी स्कूलों की एमडीएम योजना बांका में बच्चों के लिए जानलेवा बन गयी है। बौंसी गोलहट्टी की घटना कोई नई बात नहीं है। अक्सर विद्यालयों से ऐसा मामला सामने आता रहा है। पहला मामला फरवरी 2006 में सामने आया था। तब अमरपुर के प्राथमिक विद्यालय सतघरा की खिचड़ी में छिपकली निकली थी। तब खिचड़ी खाने से विद्यालय के सभी 90 बच्चे बीमार पड़ गये थे।

इसमें अधिकांश बच्चे दलित परिवारों के थे। इससे पूरा बांका दहल गया था। संयोग रहा कि देर रात तक सभी बच्चे ठीक हो गये। किसी प्रकार के जानमाल का नुकसान नहीं हुआ। दस साल यही छिपकली फिर बौंसी का गोलहट्टी गांव पहुंच गयी। इस बीच विश्वभरचक विद्यालय, मोगलानीचक विद्यालय, खमारी विद्यालय में भी इस तरह का मामला सामने आया है। इसी साल बांका प्रखंड के खावा विद्यालय के बच्चों द्वारा दोपहर में जहरीला फल खाने पर तीन दर्जन बच्चे बीमार हो गये थे। इसके अलावा भी कमबख्त खिचड़ी विद्यालयों में अक्सर फसाद की जड़ बनती रही है।

अलर्ट की हवा निकली

दो दिन पूर्व पटना के एक विद्यालय में जहरीला भोजन खाने से बच्चे बीमार पड़ गये थे। इसके बाद सरकार ने पूरे राज्य में अलर्ट जारी कर दिया है। बांका में भी एमडीएम डीपीओ ने दो दिन पूर्व सभी विद्यालयों को इसका फरमान सुनाया था। लेकिन, विद्यालय ने बच्चों के भविष्य की परवाह किये बगैर ही अपना काम जारी रखा। जिसका नतीजा सामने है। इसके पूर्व गंडामन धर्मासती विद्यालय की घटना के बाद से ही भोजन बनाने में खास सतर्कता की हिदायत दी गयी। बिना भवन वाले विद्यालयों से बच्चों को हटा लिया गया। लेकिन, यह सब सतर्कता साल के अंदर समाप्त हो गयी।

गोलहट्टी में मचा कोहराम

दोपहर भोजन के बाद बच्चों के बीमार पड़ने का सिलसिला शुरू होने पर पूरे गोलहट्टी गांव में बुधवार दोपहर बाद कोहराम मच गया। हर घर से चीख पुकार सुनाई दे रही थी। कई घरों से अक्सर बच्चों के उल्टी व जी मितलाने की शिकायत से कोहराम मच गया। ग्रामीणों ने बताया कि नियम के मुताबिक रसोईया और प्रधानाध्यापक को पहले भोजना चखना है। लेकिन, प्रधानाध्यापक ने रोजा के नाम पर भोजन नहीं चखा। फिर किसी और शिक्षक को इसकी जिम्मेवारी नहीं दी गयी। इससे पहले किसी रसोईया ने भी भोजन नहीं किया।

पटना के एफएसएल टीम के पास खिचड़ी के नमूने एवं बच्चों के रक्त जांच के लिए भेजा जायेगा। ताकि किसी जहरीला पद्धार्थ की सच्चाई को जाना जा सके। जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जायेगी।

डॉ सत्यप्रकाश, एसपी बांका

दैनिक जागरण

जन्मदिवस पर याद किए गए पूर्व केंद्रीय मंत्री

http://www.jagran.com/uttar-pradesh/shahjahanpur-12545257.html

03

शाहजहांपुर : पूर्व केंद्रीय मंत्री स्व. सत्यपाल ¨सह यादव के 73 वें जन्म दिन पर क्षेत्रीय शिक्षण संस्थाओं में सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। शर्बत की शबीले लगाई गई। पैतृक ग्राम सिउरा स्थित समाधि स्थल पर पुश्पांजलि अर्पित करने वालों की भीड़ उमड़ी।

ग्राम सिउरा के साधारण कृषक स्व. श्री चेतराम ¨सह के घर एक जुलाई 1942 को जन्मे पूर्व केंद्रीय मंत्री स्व. सत्यपाल ¨सह यादव के 73 वें जन्म दिवस पर ग्राम सिउरा में समाजवादी लोगों की भारी भीड़ जमा हुई। विचार गोष्ठी में वक्ताओं ने कहा कि पूर्व केंद्रीय मंत्री स्व. सत्यपाल ¨सह यादव, पिछड़े गरीब,दबे कुचले किसान मजदूर दलित अल्प संख्यकों के एकमात्र रहनुमा थे, उनके जीवन पर्यन्त यादगार प्रेरणा स्त्रोत आदर्शों पर वक्ताओं ने चर्चा करते हुए कहा कि बाबूजी विलक्षण प्रतिभा के धनी एवं सामाजिक समरसता के प्रबल पक्षधर थे। विधायक राजेश यादव ने कहा कि बाबू जी सर्वहारा वर्ग के हित साधन किसानों के मसीहा राजनीति के कर्मयोद्धा ने आज ही के दिन इस धरती पर जन्म लेकर शहीदों की नगरी शाहजहांपुर को राष्ट्रीय राजनैतिक को ऊंचाईयों पर पहुंचाने का काम किया था। बाबू जी के अधूरे मिशन को पूरा करके उनके सपनों को साकार करने की जिम्मेदारी को पूर्ण निष्ठा एवं ईमानदारी से निभाऊंगा।

इस दौरान उनकी पत्नी शकुंतला देवी, महेंद्र पाल ¨सह यादव, बृजपाल ¨सह यादव, पुत्र अमित यादव,अनुमंत प्रसाद ¨सह, हरिशंकर ¨सह, डा. असद अहमद कलीमी, राजेश कश्यप, दफेदार ¨सह, सुरेन्द्र पाल¨सह, अनवर जमाल कलीमी, तौफीक कुरैशी, हशमतुल्ला खां, पप्पू, नरेशपाल ¨सह यादव आदि मौजूद रहे।

दैनिक जागरण

कालाबूला में विकास कार्य ठप होने से रोष

http://www.jagran.com/punjab/sangrur-12542394.html

एक तरफ अकाली-भाजपा सरकार गांवों के विकास कार्यों के लिए करोड़ों रुपये की ग्रांटें बांटने के दावे कर रही हैं, दूसरी तरफ ब्लॉक शेरपुर के गांव कालाबूला में विकास कार्य ठप होने से लोग नारकीय जीवन व्यतीत करने को मजबूर हैं। गांव के भरपूर ¨सह, गुरजंट ¨सह, मक्खन ¨सह, सज्जन ¨सह, गुरतेज¨सह, गुलजार ¨सह ने बताया कि पहले ही गांव की निकासी का बड़ा हिस्सा दलितों के छप्पड़ में डाला गया है, दूसरा छप्पड़ के पानी की निकासी के लिए डाली गई लाखों रुपये की पाइप लाइन का कार्य भी अधर में लटका है।

बुजुर्गों के लिए बनाया जा रहा शेड सियासत की भेंट चढ़ता नजर आ रहा है। गर्मियों के दिनों में भी दलितों के घरों के नजदीक बने निकासी छप्पड़ का पानी ओवरफ्लो होकर लोगों के घरों में दाखिल हो रहा है। गांव की बदकिस्मती यह है कि जब भी कोई पंचायत बनी तो शुरुआती दौर में विकास कार्य जरूर चले, ¨कतु बाद में सदस्यों का एक मत न होने के चलते गांव के विकास कार्य अधर में ही लटक गए, जिसका सबसे बड़ा नुकसान दलित परिवारों को हो रहा है। दलितों के घरों के समक्ष खड़े गंदे पानी के कारण घरों की दीवारों पर सीलन आ रही है व गंदे पानी के कारण लोग भयानक बीमारियों का शिकार हो रहे हैं। गांव निवासियों ने सरकार से मांग की कि गांव कालाबूला के ठप हो चुके विकास कार्यों को जल्द शुरु करवाया जाए, ताकि दलित लोगों को राहत मिल सके।

गांव की सरपंच अमरजीत कौर चहल ने कहा कि गांव के कुछ रूके हुए विकास कार्यों के संबंध में पंचायत जल्द ही बीडीपीओ दफ्तर से संपर्क करके कार्यों को चालू करवा दिया जाएगा।

दैनिक जागरण

विकलांग पहुंचे डीएम कार्यालय

http://www.jagran.com/news/state-12544167.html

04

गाजीपुर : सरजू पांडेय पार्क में हर बुधवार को विकलांग व नेत्रहीनों के उपस्थित होने का सिलसिला बढ़ता जा रहा है। उनकी समस्याएं समग्र विकास इंडिया के कार्यकर्ता सूचीबद्ध करने के साथ ही बुधवार को मार्च निकालकर जिला पंचायत सदस्य ब्रज भूषण दुबे के नेतृत्व में जिलाधिकारी कार्यालय परिसर में पहुंचे। उन्होंने जखनियां ब्लाक के केसरूआ गांव की नेत्रहीन बहनें सुखिया, सुनीता व सीमा की ओर इशारा करते हुए प्रभारी जनता दर्शन संजय पांडेय से सवाल किया कि ये तीनों एक दूसरे का हाथ पकडकर खुले में शौच के लिए जाती हैं। इन्हें मिलने वाला शौचालय किसे दे दिया गया।

मनिहारी ब्लाक के लोहिया ग्राम धावा की उर्मिला अपने तीन नेत्रहीन बच्चों के साथ पहुंची। सवाल हुआ कि झोपडी में अपने नेत्रहीन बच्?चों के साथ रहने वाली दलित उर्मिला को लोहिया आवास व शौचालय क्यों नहीं दिया गया। इसी प्रकार कई लोगों ने फरियाद की। इस दौरान मांग की गई कि अगले बुधवार से यहां विकलांग कल्याण अधिकारी को बुलाने के साथ इनके बैठने व पानी पीने का उचित प्रबंध किया जाए। जिसे प्रभारी जनता दर्शन ने स्वीकार किया। इस मौके पर जावेद अहमद, अंशू पांडेय, गुल्लू यादव,अनूप मिश्रा, अशोक चौधरी, योगेश ¨सह, कमला यादव, राजन ओझा आदि उपस्थित थे। संचालन गुल्लू यादव ने किया।

जनसत्ता

स्वच्छता और पवित्रता

http://www.jansatta.com/duniya-mere-aage/jansatta-editorial-swachatta-pavitrata/30832/

विष्णु नागर: मोदीजी के स्वच्छता अभियान के नतीजे पूरी तरह हमारे सामने आ चुके हैं। स्थिति वही की वही है। यों इस अभियान की विफलता के बहुत से कारण हैं, मगर एक बड़ा कारण यह भी है कि खासकर हिंदुओं के लिए स्वच्छता और पवित्रता काफी हद तक दो भिन्न बातें हैं। इनमें परस्पर संबंध होना अनिवार्य नहीं है। कोई स्वच्छ होने से पवित्र नहीं हो जाता और अस्वच्छ होने से कोई अपवित्र भी नहीं हो जाता। दलित-मुसलमान आदि हजार बार भी गंगा में नहा लें, तो ‘अपवित्र’ ही कहे जाएंगे और ब्राह्मण ‘देवता’ कई-कई दिनों से न नहाएं हों, तो भी वे ‘पवित्र’ रहेंगे, क्योंकि पवित्रता जाति और धर्म में अंतर्भुक्त है, व्यक्ति विशेष में नहीं और पवित्रता ही सर्वोपरि है, स्वच्छता नहीं। स्वच्छता घर के अंदर हो तो ही काफी है।

हिंदू सुबह उठने के बाद सबसे पहले निवृत्त होगा, फिर नहाएगा, पूजा-पाठ करेगा और तब जाकर नाश्ता करेगा। सामान से भरे घर को जितना साफ रखा जा सकता है, उतना हिंदू उसे सुबह से ही साफ रखने का यत्न करेगा। यानी वहां पवित्रता और स्वच्छता पर्यायवाची हो सकते हैं। लेकिन घर से बाहर आते ही यह रिश्ता लगभग पूरी तरह टूट जाता है।

मान लिया जाए कि घर के ठीक बाहर कुत्ता-बिल्ली अगर कुछ कर गया है, तो हम पड़ोसी से इस आधार पर खूब झगड़ा कर सकते हैं और जरूरत पड़े तो और ज्यादा आगे बढ़ सकते हैं। मगर इसे खुद उठा कर फेंक नहीं सकते, क्योंकि यह हिंदू सवर्ण और श्रेष्ठिवर्ग का काम नहीं है और जिसका है, उसे पैसे का लालच देकर इसे साफ करवा सकते हैं। अगर यह किसी वजह से संभव नहीं है, तो घर में आने-जाने वालों को बार-बार इससे सावधान कर सकते हैं। घर के ठीक बाहर जो भी है, वह हमारा अपना विषय नहीं है, क्योंकि बाहर की गंदगी से हमारी और हमारे घर की पवित्रता नष्ट नहीं होती है, न स्वच्छता!

बाहर जाने पर हमारे लिए मंदिर पवित्र हैं, क्योंकि वहां हम दूध, पानी, फूल, पत्ते, नारियल की ऊपरी खोल आदि यहां-वहां बिखेरने के लिए स्वतंत्र हैं। ऐसी गंदगी, कीचड़ आदि से मंदिर की पवित्रता नष्ट नहीं होती, क्योंकि एक तो यह गंदगी हमने की है और दूसरे पवित्रता नदी की तरह मंदिर का भी स्वाभाविक गुण-धर्म है, जिसे कोई चीज स्थायी रूप से नष्ट नहीं कर सकती।

गंगा-यमुना आदि नदियां भी स्वत: इतनी अधिक पवित्र हैं कि उन्हें नाले या कारखानों की गंदगी किसी भी हालत में नष्ट नहीं कर सकती! उस पवित्र जल में नहाने से रोग होते हों तो होते रहें, सब प्रभु का‘प्रसाद’ है! हमें इसमें गंदगी फैलाने वालों के विरुद्ध कुछ करने की जरूरत महसूस नहीं होती, उन पर कोई क्रोध नहीं आता, खुद गंदगी फैलाने वालों को भी कोई पापबोध नहीं होता। हां, सरकार अगर कुछ करना ही चाहे तो जरूर कर ले, वरना पैसा ही खा ले, हम उसके भी साथ हैं, वरना कोई अंतर नहीं पड़ता।

बहुत से लोग ट्रेन आदि में अपनी जाति और धर्म के रक्षार्थ रोटी, परांठे या पूरी बनाने के लिए आटे को दूध में मसलते हैं, ताकि पास में बैठा व्यक्ति अगर दलित या मुसलिम समुदाय का भी हो तो उससे उसके खाने की पवित्रता नष्ट न हो। मेरी मां एक संभ्रात माने जाने वाले कायस्थ परिवार में खाना बनाती थीं। हर सोमवार को यह तय था कि वह उनके घर में बना खाना खाएंगी। उस दिन जब तक मां अपना खाना बना कर अलग नहीं रख देती थीं, उस परिवार का कोई व्यक्ति रसोईघर में झांक भी नहीं सकता था। जहां ब्राह्मण की पवित्रता दलित की छाया पड़ने से भी अपवित्र हो जाती है, उनके मंदिर में प्रवेश से नष्ट हो जाती है, वहां ऐसी व्यवस्थाएं स्वाभाविक हैं।

ऐसी सामाजिक व्यवस्था में, जहां ये नियम टूटते-टूटते भी नहीं टूट रहे- वहां स्वच्छता एक बाहरी,आयातित चेतना का दर्जा ही पा सकेगी। अभी पढ़ रहा था कि एक यादव ने अपनी जाति की पवित्रता को नष्ट न होने देने के लिए अपनी बेटी को एक दलित से विवाह करने से भरसक रोका ही नहीं, बल्कि उसे सबक सिखाने के लिए उसके साथ बलात्कार करने की कोशिश भी की और उसकी हत्या होने की आशंका भी है। कुछ साल पहले मध्यप्रदेश में एक पिछड़ी जाति के परिवार की पवित्रता इससे नष्ट हो गई थी कि उसके पालतू कुत्ते ने एक दलित के घर की रोटी खा ली थी। जहां मंगल समझे जाने वाले कार्य एक विधवा औरत नहीं कर सकती, जहां मंदिर के पास मस्जिद होने से मंदिर की और हिंदू के घर के नजदीक मुसलमान का घर होने से हिंदू की पवित्रता नष्ट हो जाती हो, वहां स्वच्छता को जीवन-मूल्यों में से एक बनाना आसान नहीं है।

News Monitored by Kuldeep Chandan & Kalpana Bhadra

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