दलित मीडिया वाच -हिंदी न्यूज़ अपडेट 24.06.15

दलित मीडिया वाच

हिंदी न्यूज़ अपडेट 24.06.15

 

छत्तीसगढ़: पार्षद ने की ख़ुदकुशी की कोशिश – छत्तीसगढ़ खबर

http://cgkhabar.com/chhattisgarh-korba-councilor-attempted-suicide-20150624/

युवक को पीटा – अमर उजाला

http://www.amarujala.com/news/city/gonda/gonda-crime-news/young-man-beaten-hindi-news-1/

लादू बाबू हत्या व बकोरिया कांड पर एआइपीएफ ने उठाये सवाल – प्रभात खबर

http://www.prabhatkhabar.com/news/ranchi/story/487662.html

सहायक उपसचिव कर रहा गौशाला के पत्थर गायब नई दुनिया

http://naidunia.jagran.com/madhya-pradesh/nd-nd-395953

ये भी होनहार, फीस भरे सरकार- अमर उजाला

http://indiapress.org/gen/news.php/Amar_Ujala/400×60/0

फीस माफी के बावजूद शिक्षा विभाग ने विद्यार्थियों के रोके सर्टिफिकेट- दैनिक जागरण

http://indiapress.org/gen/news.php/Dainik_Jagran/400×60/0 

छत्तीसगढ़ खबर

छत्तीसगढ़: पार्षद ने की ख़ुदकुशी की कोशिश

http://cgkhabar.com/chhattisgarh-korba-councilor-attempted-suicide-20150624/

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कोरबा | अब्दुल असलम: छत्तीसगढ़ के बालको परसाभाठा वार्ड क्रमांक 41 के पार्षद संतोष कुर्रे ने पुलिस पर प्रताड़ना का आरोप लगा आत्महत्या का प्रयास किया. गंभीर हालत में पार्षद को उपचार के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है. पार्षद संतोष कुर्रे ने घटना को अंजाम देने से पहले एक सुसाइड नोट लिखा था. जिसमें बालको थाना प्रभारी एसके पाठक पर प्रताडऩा का आरोप लगाया गया है. जिला अस्पताल में पार्षदों की भीड़ लगी रही.

 ज्ञात हो कि पार्षद संतोष कुर्रे ने विभिन्न मांगों को लेकर कलेक्टर, एसडीएम, एसपी और नगर निगम को ज्ञापन सौंपा था. संतोष कुर्रे ने खुद को दलित पार्षद बताते हुए उनकी मांगों को दरकिनार कर दिए जाने का आरोप भी लगाया गया था. इसके बाद पार्षद कुर्रे ने परसाभाठा बाजार से लगे एसी बार के बाउंड्रीवाल के विरोध में अनशन व विरोध प्रदर्शन किया था. सोमवार को इसी मांग को लेकर चक्काजाम किया गया था. जिस पर बालको पुलिस ने पार्षद पर विभिन्न धाराओं के तहत कार्रवाई कर गिरफ्तार किया और मुचलके पर रिहा किया था.

 मंगलवार को संतोष कुर्रे ने आत्महत्या की कोशिश की. हालत बिगडऩे पर परिजनों ने उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया. आत्महत्या का कारण सुसाइड नोट में पुलिस प्रताडऩा को बताया गया है. बालको थाना प्रभारी एसके पाठक पर आरोप लगाते हुए लिखा गया है कि थाना प्रभारी उसे झूठे मामले में फंसाने की धमकी दे रहा है. जिसके कारण ही वह आत्महत्या कर रहा है. जैसे ही घटना की सूचना अन्य पार्षदों को हुई. पार्षदों की भीड़ जिला अस्पताल में उपस्थित हो गई थी. फिलहाल पुलिस द्वारा मामले की विवेचना की जा रही है.

 की गई थी पार्षद की गिरफ्तारी

सोमवार को वार्ड क्रमांक-41 के पार्षद संतोष कुर्रे के द्वारा परसाभांठा क्षेत्र की विभिन्न जनसमस्याओं सहित परसाभांठा बाजार चौक व सार्वजनिक शौचालय के निकट स्थित अंग्रेजी शराब दुकान के पीछे लायसेंसी एसी बार खोलने का विरोध किया जा रहा था. इसे लेकर पार्षद के द्वारा चरणबद्ध आंदोलन 19 जून से प्रारंभ किया गया. पहले दिन धरना प्रदर्शन के बाद दो दिन भूख हड़ताल की गई. सोमवार को बालको में आर्थिक नाकाबंदी आंदोलन सुबह 5 बजे प्रारंभ किया गया. इस दौरान बालको में आने वाले भारी वाहनों का आवागमन अवरूद्ध किया गया.

 इसकी सूचना मिलने पर बालको पुलिस ने मौके पर पहुंचकर पार्षद को समझाईश दी. बात नहीं बनने पर पार्षद संतोष कुर्रे को गिरफ्तार कर लिया गया. उसके विरूद्ध अपराध क्रमांक 128/15 पर धारा 341, 147 भादवि के तहत जुर्म दर्ज कर प्रकरण एसडीएम के समक्ष प्रस्तुत किया गया. यहां से पार्षद को जमानत दे दी गई. पुलिस पार्षद के आरोप को निराधार और बेबुनियाद बताया हैं..पार्षद की शिकायत पर तहसीदार जांच कर रहे हैं.

 पार्षद हुए लामबंद 

नगर निगम के कुछ पार्षद ने पूरे मामले में राजनीति भी शुरु कर दी है और निगम के पार्षदो ने लामबंद होकर कलेक्टर और एस पी से इस मामले में जांच कर कार्रवाई की मांग की साथ ही निगम के सामने कुछ देर धरने में बैठ कर मीडिया में फोटो जरुर खिचवाया.

 

अमर उजाला

युवक को पीटा

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परसपुर में रास्ते के विवाद को लेकर सोमवार की रात पुरैना रहियन पुरवा में युवक के घर में घुसकर चार लोगों ने उसे मारपीट कर घायल कर दिया। इस मामले में युवक ने थाना परसपुर में चार लोगों के खिलाफ मारपीट व एससी-एसटी एक्ट के तहत रिपोर्ट दर्ज कराई है।

परसपुर थाना क्षेत्र के पुरैना रुहियन पुरवा निवासी दलित रामकेवल ने बताया कि उसका गांव के पवन पांडेय से रास्ते का विवाद चल रहा था। इसी को लेकर वह सोमवार की रात अपने साथियों संग उसके घर पर आ धमका और अभद्रता करते हुए उसे मारपीटकर घायल कर दिया।

इस मामले में रामकेवल ने थाना परसपुर में पवन पांडेय, जिवबोध पांडेय, ननकऊ व बाबू पांडेय के खिलाफ मारपीट व एससी-एसटी एक्ट के तहत रिपोर्ट दर्ज कराई है। थानाध्यक्ष देवेन्द्र सिंह ने बताया कि रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है।

 

प्रभात खबर

लादू बाबू हत्या व बकोरिया कांड पर एआइपीएफ ने उठाये सवाल

http://www.prabhatkhabar.com/news/ranchi/story/487662.html

रांची : ऑल इंडिया पीपुल्स फोरम (एआइपीएफ) ने चंदवा के लादू बाबू और बकोरिया मुठभेड़ पर सवाल उठाये हैं. मंगलवार को राजधानी में आयोजित प्रेस वार्ता में एआइपीएफ के सदस्यों ने बताया कि फोरम की एक टीम ने 17-18 जून को पलामू का दौरा किया. टीम के सदस्यों ने बकोरिया कांड व लादू बाबू कांड के अतिरिक्त बेतला में बच्ची से दुष्कर्म और अघेरी ढ़ोढा कांड की भी जांच की.

जांच टीम के सदस्य पूर्व विधायक विनोद सिंह, दयामनी बारला, अनिल अंशुमन, अनंत प्रसाद गुप्ता आदि ने लादू बाबू की हत्या की जांच सीबीआइ से कराने की मांग की. वहीं बकोरिया मुठभेड़ को फरजी बताते हुए इसकी न्यायिक जांच कराने को कहा. बेतला और अघेरी ढ़ोढ़ा (चैनपुर) के अरोपियों को सजा देने की मांग की. इन कांडों के विरोध में 26 से 30 जून तक हरेक जिले में आंदोलन किया जायेगा. नौ अगस्त को राज्यपाल के समक्ष महाधरना का आयोजन किया जायेगा.

विभिन्न घटनाओं में जांच टीम का दावा

लादू बाबू हत्याकांड

बड़े कॉरपोरेट कंपनियों के लिए चंदवा (लातेहार) के टोरी यात्री रेलवे स्टेशन पर कोयले की अवैध लोडिंग हो रही है. जन कल्याण समिति के बैनर तले इसका विरोध किया जा रहा है. इसे रोकने का आग्रह मुख्यमंत्री व पर्यावरण से विभाग भी किया गया था, लेकिन कुछ नहीं हुआ. प्रशासन की मदद से समिति के अध्यक्ष प्रह्वाद साहु (लादू बाबू) की हत्या कर दी गयी.

 बेतला में बच्ची से दुष्कर्म

जांच टीम ने कहा कि 10 मई को कुत्ता घुमाने के बहाने निकले सीआरपीएफ के एक जवान ने अखरा गांव की एक बच्ची से बलात्कार किया. वह गांव से बाहर पानी लाने गयी थी. गांव में पीने के लिए पानी की व्यवस्था नहीं है. इसके विरोध में आंदोलन करनेवालों पर प्राथमिकी दर्ज कर दी गयी है. इस मामले में सीआरपीएफ के जवान को गिरफ्तार किया जाये. मामले को रफा दफा करनेवालों पर कार्रवाई हो. माले नेता बिरजू राम व कन्हाई सिंह पर से मुकदमा वापस लिया जाये.

 अंघेरी ढोढ़ा कांड

जांच टीम ने दावा किया कि वन विभाग के दबंगों ने आठ दलित-आदिवासियों के घरों को जला दिया. मारपीट कर घर का सामान लूट लिया गया. इसमें पुलिस की भूमिका भी संदिग्ध है. दोषी पर कार्रवाई की जानी चाहिए.

 बकोरिया कांड

बकोरिया कांड में जांच टीम ने दावा किया कि मुठभेड़ पूरी तरह से फरजी था. टीम के सदस्यों ने घटनास्थल के आसपास के लोगों, परिजनों व मीडिया के लोगों से भी बात की. पुलिस के ही कुछ अधिकारी इसे मुठभेड़ मानने से इनकार कर रहे थे. इस कारण उनको बदल दिया गया. इस घटना को अंजाम देने वालों पर मुकदमा दर्ज करना चाहिए.

 

नई दुनिया

सहायक उपसचिव कर रहा गौशाला के पत्थर गायब

http://naidunia.jagran.com/madhya-pradesh/nd-nd-395953

03

दमोह। उपनगरीय क्षेत्र के मारूताल पंचायत के करीब दो दर्जन से अधिक लोग मंगलवार को कलेक्ट्रेट पहुंचे। जहां पर उन्होंने एक शिकायत देकर पंचायत की गौशाला में लगी सीट व पत्थर उठाकर गायब करने और पंचायत की संपतियों की तोड़फोड़ करने का आरोप पंचायत के ही सहायक उपसचिव पर लगाए हैं।

 मंगलवार की जनसुनवाई में व्यक्तिगत व सार्वजनिक समस्याओं, मांगों के संबंध में 79 आवेदनों पर प्रभारी कलेक्टर डॉ. जगदीश जटिया ने एडिशनल कलेक्टर अनिल शुक्ला के साथ कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में सुनवाई की।

 व्यक्तिगत शिकायतें

जनसुवाई के दौरान ग्राम हिनौती निवासी एक आवेदक ने सार्वजनिक तालाब पर अवैध कब्जा करने, साकिन महुआखेड़ा निवासी एक आवेदिका ने इनकी जमीन पर अन्य लोगों ने जबरदस्ती कब्जा करने पर कब्जा हटवाने, ग्राम पंचायत सलैया हटरी में इंदिरा आवास के वितरण में की जा रही अनियमिताताओं के संबंध में, मनका गांव निवासी एक आवेदक ने स्वीकृ त कपिलधारा कू प की मजदूरी 40 हजार रुपए व मनघटा का काम कराने राशि दिलाने, ग्राम देवरागढ़ी तहसील हटा निवासी एक आवेदक ने संविदा शिक्षक वर्ग 3 की फर्जी नियुक्ति आदि से संबंधित आवेदन प्रस्तुत किए।

 मेड़ बंधान की हड़प ली राशि

पटेरा तहसील के भटिया गांव निवासी भालू पिता घप्पू सेन 65 साल ने कलेक्टर के नाम एक लिखित शिकायत देते हुए ग्राम पंचायत भटिया की तात्कालीन सरपंच भुवानीबाई लोधी व तात्कालीन सचिव हनुमत सिंह ने महात्मा गांधी रोजगार गारंटी के तहत उसकी भूमि में मेड़ बंधान का कार्य 30 मई से 30 दिसम्बर 2014 तक पूर्ण होना बताया है। जबकि उसकी भूमि पर ऐसा कुछ भी नहीं हुआ। पीड़ित ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराते हुए कार्रवाई की मांग की है। इसी तरह के फर्जीवाड़े की शिकायत भटिया गांव के ही हनुमत पिता खलक सिंह लोधी ने भी की है।

 ट्रांसफार्मर जला, फिर भी आ रहे बिल

कलेक्ट्रेट पहुंचे बटियागढ़ के हरदुआ जामसा गांव के दर्जनों लोगों ने बताया कि गांव के दलित वार्ड क्रमांक 8 में पिछले दस माह से बिजली का जला हुआ ट्रांसफार्मर रखा हुआ है। जिससे गांव की बिजली सप्लाई पूरी तरह से बंद है। लेकिन उसके बावजूद बिजली कंपनी द्वारा बिजली के बिल ग्रामीणों के पास भेजे जा रहे हैं। जिससे ग्रामीण परेशान हैं। शिकायत सौंपते समय श्यामलाल, ज्ञानदास, नंदलाल, विट्टल, रामसेवक, धनीराम, गोटीराम समेत अन्य मौजूद थे।

 पटवारी पर सरकारी जमीन बेचने का आरोप

राजस्व मंडल दमोह के ढिगसर गांव के डेढ़ दर्जन से अधिक ग्रामीण मंगलवार को कलेक्ट्रेट पहुंचे। जहां पर उन्होंने एक लिखित शिकायत कलेक्टर के नाम देते हुए गांव के पटवारी पर रुपए लेकर सरकारी जमीन को बेंचने का आरोप लगाया। ग्रामीणों का आरोप है कि पटवारी ने कुछ ग्रामीणों से रुपए लेकर खसरा नंबर 131 व 132 में दर्ज सरकारी जमीन को बेच दिया है। जिससे वहां पर मकान बनने लगे हैं। ज्ञापन सौंपते समय हरिराम पटेल, रामप्रसाद, शिवप्रसाद,बैजनाथ, जयराम दुबे, राजेंद्र, प्रमोद समेत अन्य मौजूद थे।

 गबन का आरोप

थरिया विकासखंड के जेरठ गांव निवासी ज्ञानी अहिरवार ने एक लिखित शिकायत कलेक्टर को देते हुए ग्राम पंचायत के सचिव, उपयंत्री समेत एक निजी बैंक के प्रबंधक पर मेड़ बंधान की राशि हड़पने का आरोप लगाया। ज्ञानी के अनुसार मेड़ बंधान के तहत उसके लिए राशि जारी हुई थी। जिसका तीनों ने बंदरबाट करते हुए राशि को हड़प लिया।

 

अमर उजाला

ये भी होनहार, फीस भरे सरकार

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01

ये आर्थिक रूप से कमजोर उन मेधावी छात्रों की करुण कथा है, जिन्होंने अपनी मेहनत और लगन के बूते आईआईटी में दाखिले का टिकट तो हासिल कर लिया, लेकिन उनके पास इतना पैसा नहीं है कि काउंसलिंग कराके दाखिला लें और पूरी फीस भरें। कोई राजमिस्त्री का लाडला है तो कोई दिहाड़ी मजदूर का बेटा। पिता ने मजदूरी करके इनकी पढ़ाई तो पूरी करा दी पर अब आईआईटी की फीस देना मुश्किल है।

दरअसल, मीडिया में खबर आने के बाद आर्थिक रूप से कमजोर प्रतापगढ़ के दो स्टूडेंट की मदद करने की होड़ मच गई। मुख्यमंत्री अखिलेश यादव, मानव संसाधन विकास मंत्री स्मृति ईरानी और कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी मदद को आए। स्मृति ने चार साल की फीस माफ कर दी। मुख्यमंत्री ने रहने, खाने का इंतजाम कर दिया। तमाम सुविधाएं उपलब्ध कराने का भरोसा भी दिया। क्या केंद्र और प्रदेश सरकार के नुमाइंदे अब इन मेधावियों का दर्द सुनेंगे।
ज्वाइंट एंट्रेंस टेस्ट (जेईई) एडवांस 2015 में 472वीं रैंक पाने वाले नौबस्ता के उत्तम कुमार के पिता कृष्णा गौतम राजमिस्त्री हैं। महीने में चार हजार रुपये कमाते हैं, जिससे परिवार का खर्च नहीं चल पाता है। पूरे महीने काम भी नहीं मिलता है। जो कमाई हो पाती है, वह उत्तम, उनकी छोटी बहन रोशनी और भाई हिमांशु की पढ़ाई पर खर्च हो जाती है। कोई दूसरा कामकाज भी नहीं हो पाता। यही वजह है कि उत्तम की मां ज्योति ने घर पर ही छोटी दुकान खोल रखी है, जिसमें पांच सौ रुपये के सामान रखे हैं।
राजमिस्त्री ने वर्ष 1998 में पांच हजार रुपये जमा करके केडीए से कालोनी ली थी लेकिन आर्थिक हालत खराब होने के कारण पिछले 15 साल से कालोनी की किस्त (प्रतिमाह 680 रुपये) नहीं भरी है। अब केडीए ने आवंटन निरस्त करने का नोटिस दिया है। किस्त भरने की समयसीमा अभी तीन साल और बची है। 20 साल की किस्त बनी थी। जेईई एडवांस में बढ़िया रैंक हासिल करने वाले उत्तम कुमार आईआईटी कानपुर से मैकेनिकल या फिर इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में बीटेक करना चाहते हैं।

वह कहते हैं, आईआईटी में एडमिशन के लिए कर्ज ढूंढ रहा हूं। काउंसलिंग 25 जून से शुरू होगी और अभी तक फीस का इंतजाम नहीं हो सका है। पिता राजमिस्त्री हैं, इसलिए कोई कर्ज देने को तैयार नहीं है। आईआईटी में चार साल रहना है। इस दौरान करीब पांच लाख रुपये खर्च हो जाएंगे। ट्यूशन, मेस और हॉस्टल की फीस अलग-अलग देनी पड़ती है। चार साल की पढ़ाई कैसे पूरी होगी, यह सोचकर परेशान हूं।

टेबल-मेज की जगह खाट पर बैठकर पढ़ाई की है। आईआईटी से पढ़ने का सपना है, जो अब फीस की वजह से टूटता दिख रहा है। पैसे का इंतजाम नहीं हुआ तो आसान किस्त का घर भी चला जाएगा। उत्तम कुमार ने जवाहर नवोदय विद्यालय से हाईस्कूल (9.6 सीजीपीए), इंटरमीडिएट (83.4 फीसदी) की पढ़ाई की और एडवांस में सेलेक्शन पा गए।
कच्ची मड़ैया शारदा नगर निवासी अरुण की जेईई एडवांस रैंक 1800वीं है लेकिन आईआईटी में एडमिशन की फीस का इंतजाम नहीं हो सका है। अरुण के पिता राम कुमार दिहाड़ी (ईंट-गारे का काम) मजदूर हैं। रोजाना दो सौ रुपये कमाते हैं।
 इतने मे परिवार का खर्च नहीं चल पाता। अरुण के बड़े भाई राहुल आईआईटी बीएचयू और बहन रुचि डीडब्लूटीसी से पढ़ाई कर रही हैं।
ये सब कर्ज और एजूकेशन लोन की मदद से पढ़ रहे हैं। इसका भुगतान कैसे होगा, यह पता नहीं है। अब फीस के अभाव में एडमिशन का संकट खड़ा हो गया है। अरुण कुमार आईआईटी कानपुर से ही केमिकल इंजीनियरिंग में बीटेक करना चाहते हैं। वह कहते हैं, 25 जून से आईआईटी, उनकी सीटों और ब्रांच के ऑनलाइन विकल्प लॉक किए जाएंगे। विकल्प लॉक करने की तैयारी है, लेकिन फीस का इंतजाम कैसे होगा, यह अभी पता नहीं है। पिता से कर्ज लाने को कहा है। बैंक प्रापर्टी देखकर ही लोन देते हैं, इसलिए हिम्मत नहीं जुटा पा रहा हूं।
आईआईटी की पढ़ाई महंगी है। हर साल एक लाख रुपये लग जाते हैं। बहरहाल, कर्ज मिलने का इंतजार है। इसके बाद ही आईआईटी में एडमिशन का विकल्प लॉक करूंगा। डीएम, डॉ. रोशन जैकब ने बताया कि आर्थिक रूप से कमजोर और आईआईटी में सेलेक्शन पाने वाले स्टूडेंट की मदद की जाएगी। पैसे की वजह से किसी स्टूडेंट की पढ़ाई बाधित नहीं होगी। जरूरत पड़ी तो मुख्यमंत्री राहत कोष से धनराशि मांगी जाएगी। जिन स्टूडेंट का आईआईटी में सेलेक्शन हुआ है, उनका ब्यौरा बुधवार को मंगाया जाएगा।
आईआईटी का फीस स्ट्रक्चर शासन को भेजा जा चुका है। पहले साल 60 हजार रुपये फीस जमा कराई जाती है, फिर हर सेमेस्टर में 60-60 हजार रुपये फीस जमा होती है। एससी स्टूडेंट की ट्यूशन फीस माफ रहती है, कुछ सामान्य फीस ही ली जाती है।

 

दैनिक जागरण

फीस माफी के बावजूद शिक्षा विभाग ने विद्यार्थियों के रोके सर्टिफिकेट

http://indiapress.org/gen/news.php/Dainik_Jagran/400×60/0

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फरीदकोट: यह पंजाब स्कूल शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली व मनमानी ही हे कि उसने 100 दलित विद्यार्थियों के 12वीं की परीक्षा के डिटेल मार्क्स सर्टिफिकेट रोक लिए हैं। ऐसा उनके द्वारा दाखिला फीस न भरने के कारण किया गया है। इन विद्यार्थियों को पोस्ट मैट्रिक स्कालरशिप स्कीम के तहत इससे छूट मिली हुई है।

 इन दलित विद्यार्थियों की दाखिला सहित दूसरी फीस समाज भलाई विभाग द्वारा जमा कराइ्र जाती है। शिक्षा विभाग दलित छात्रों से प्रति छात्र 1100 रुपये फीस वसूल करता रहा है। जब इस बारे में दलित छात्रों को पूरी जानकारी और अधिसूचना मिली, तो उन्होंने फीस भरने से इन्कार करने के बाद बड़े स्तर पर अपने हक के लिए संघर्ष शुरू कर दिया।

 उधर, पंजाब सरकार की ओर से 3 नवंबर, 2014 को पत्र जारी कर हिदायत दी कि दलित विद्यार्थियों से कोई फीस न ली जाए और उनकी फीस समाज भलाई विभाग द्वारा अदा की जाएगी। इस फैसले और पत्र के बाद शिक्षा बोर्ड ने बिना फीस लिए सभी दलित विद्यार्थियों को परीक्षा में बैठने की अनुमति दे दी थी।

 अब परीक्षा परिणाम घोषित होने के बाद जब इन विद्यार्थियों के सर्टिफिकेट नहीं आए, तो उन्होंने बोर्ड से संपर्क किया। इस पर उन्हें पता चला कि उनके सर्टिफिकेट फीस न भरने के कारण रोक लिए गए हैं। इसके चलते अब ये विद्यार्थी किसी भी विभाग या शिक्षा संस्थान में अप्लाई नहीं कर सकते हैं।

 सर्टिफिकेट न आने पर उक्त विद्यार्थियों ने कहा कि इसके कारण उन्हें पढ़ाई के लिए आगे दाखिला लेने में परेशानी आ रही है। सभी कॉलेजों की ओर से दाखिला प्रक्रिया शुरू हो चुकी है और अन्य सभी छात्रों को विभाग ने सर्टिफि केट भेज दिए है।

 उधर, इस बारे में शिक्षा अधिकारी सुखचैन सिंह गिल का कहना है कि स्कालरशिप स्कीम के तहत विद्यार्थियों की फीस प्राप्त हो चुकी है और कुछ ही दिनों में उक्त विद्यार्थियों के सर्टिफिकेट जारी कर दिए जाएंगे।

News Monitored by Kuldeep Chandan & Kalpana Bhadra

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