दलित मीडिया वांच – न्यूज़ अपडेट 08.06.15

Dalits Media Watch
हिंदी न्यूज़ अपडेट 08.06.15

दुष्कर्म का आरोपी गिरफ्तार – दैनिक जागरण
http://www.jagran.com/uttar-pradesh/ghaziabad-12453995.html
भतेरी, धाप्पन, भोत्ती… बेटियों को ऐसे नाम दिए हरियाणा ने? – नवभारत टाइम्स
http://navbharattimes.indiatimes.com/state/punjab-and-haryana/chandigarh/bteri-dhappan-bhotti-daughters-haryana-such-names/articleshow/47576969.cms
महाराष्ट्र: अंबेडकर का गीत बजाया तो बंद कराया 13 दलित परिवारों का राशन-पानी – दैनिक भास्कर
http://www.bhaskar.com/news/NAT-NAN-13-dalit-families-denied-food-and-water-after-fir-against-upper-caste-youth-5016248-NOR.html
दलित महापंचायत में होगा समस्याओं पर मंथन – दैनिक जागरण
http://www.jagran.com/uttar-pradesh/jaunpur-12454819.html
दलित समाज आज भी सामाजिक कुरीतियों का शिकार – अमर उजाला
http://www.amarujala.com/news/city/azamgarh/azamgarh-hindi-news/dalit-society-still-suffer-social-evils-hindi-news/
मुसहरों के दर्द पर आठ वर्ष की खामोशी – दैनिक जागरण
http://www.jagran.com/uttar-pradesh/deoria-12455366.html
खारक बांध: प्रभावितों का सर्वे शुरू – पत्रिका
http://www.patrika.com/news/khargone/khark-dam-starting-affected-survey-1048352/

Please Watch:
‘International Seminar on Dalit Literature & Historiography’

दैनिक जागरण
दुष्कर्म का आरोपी गिरफ्तार
http://www.jagran.com/uttar-pradesh/ghaziabad-12453995.html

संस, मोदीनगर : शादी का झांसा देकर दलित युवती से दुष्कर्म के मामले में फरार आरोपी को पुलिस ने रविवार को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी ने पुलिस की मौजूदगी में युवती से शादी करने की इच्छा जताई लेकिन पुलिस ने आरोपी के खिलाफ एससीएसटी व दुष्कर्म सहित अन्य धाराओं में मामला दर्ज कर जेल भेज दिया।

मोदीनगर क्षेत्र के गांव बखरवा निवासी दलित युवती को शादी का झांसा देकर पड़ोस में ही रहने वाले युवक राहुल ने उसके साथ कई माह तक दुष्कर्म किया। जब युवती की शादी परिजनों ने पिलखुवा के एक गांव के युवक से तय कर दी तो राहुल ने मोबाइल फोन कर युवती के होने वाले पति को धमकी दे डाली कि युवती उसके बच्चे की मां बनने वाली है और शादी की तो अंजाम बुरा होगा।

दूल्हे पक्ष ने यह बात युवती पक्ष को बता दी। जब युवती से परिजनों ने पूछताछ की तो पता चला कि गांव के ही दूसरे बिरादरी के राहुल ने प्रेम प्रसंग में फंसाकर दुष्कर्म की घटना को अंजाम दिया है। पीडि़त पक्ष आरोपी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए कई दिनों से थाने व तहसील के चक्कर काट रहा था। सीओ जगतराम जोशी के निर्देश पर पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।

आरोपी ने युवती पक्ष से पुलिस मौजूदगी में शादी करने की बात कही और मुकदमा वापस लेने का भी दबाव बनाया। लेकिन युवती नहीं मानी। थाना प्रभारी दीपक शर्मा ने बताया कि युवती की मेडिकल रिपोर्ट में नाबालिग होना पाया गया है और दुष्कर्म की भी पुष्टि हुई है। इसलिए राहुल पर पॉक्सो एक्ट की भी कार्रवाई की गई है।

नवभारत टाइम्स
भतेरी, धाप्पन, भोत्ती… बेटियों को ऐसे नाम दिए हरियाणा ने?
http://navbharattimes.indiatimes.com/state/punjab-and-haryana/chandigarh/bteri-dhappan-bhotti-daughters-haryana-such-names/articleshow/47576969.cms

भतेरी देवी, भोत्ती, काली और धाप्पन जैसे अजीबो-गरीब नामों के कारण शर्मिंदा रहने वाली महिलाओं और लड़कियों को मनपसंद नाम रखने की छूट होनी चाहिए। इसी बात को लेकर अब अभियान चलाया जा रहा है। ये नाम सरकार के ऑफिशल रेकॉर्ड का हिस्सा तो नहीं बन पाएंगे लेकिन सामाजिक तौर पर जरूर उन्हें राहत मिल जाएगी।

ऑल इंडिया डेमोक्रेटिक वुमन एसोसिएशन (एआईडीडब्लूए) की पहल पर शुरु हुए इस अभियान से वे लड़कियां बेहद खुश हैं जिनके नाम का कोई मतलब ही नहीं है। मिसाल के तौर पर हिसार के कईमरी गांव की रहने वाली 10वीं क्लास की एक छात्रा का नाम धाप्पन है। हरियाणा में इसका अर्थ ‘बस और लड़कियां नहीं’ होता है। दलित परिवार की धाप्पन, स्कूल टूर्नामेंट्स की नैशनल प्लेयर है। टूर्नामेंट्स ने उसका दायरा गांव से स्कूल और अब उससे बड़ी दुनिया तक पहुंचा दिया है।

इस नाम से लोग हैरान होते हैं और धाप्पन परेशान। धाप्पन को इसी स्थिति से उबारने के लिए अब नया नाम आकांक्षा के रूप में मिल गया है। यह नाम भी ऑल इंडिया डेमोक्रेटिक वुमन असोसिएशन की तरफ से दिया गया है। धाप्पन उर्फ आकांक्षा नए नाम से खुश है। वह बताती है कि मैं अपने परिवार में तीसरी लड़की हूं। परिवार में कई लड़कियां होने पर मेरी दादी ने मेरा नाम धाप्पन रख दिया था।

असोसिएशन की अध्यक्ष शकुंतला जाखड़ के अनुसार हरियाणा में लिंगभेद है और परिवार में पैदा होने वाली लड़की को जन्म के साथ ही इसका सामना करना पड़ता है। लड़कों के नाम शेर सिंह, जगत सिंह और सूरज जैसे प्रभावशाली होते हैं तो लड़कियों को ऐसे अजीबो-गरीब नाम मिल जाते हैं जिसका कोई मतलब नहीं होता। जाखड़ के मुताबिक, हम गांव में जाते हैं और पैरंट्स को अच्छे नाम रखने की सलाह देते हैं। कहीं अजीब नाम सामने आते हैं तो मौके पर ही लड़की को नया नाम दिलाने के लिए पैरंट्स से बात करते हैं।

वह बताती हैं कि मुहिम कामयाब हो रही है और पैरेंट्स अपनी लड़कियों के ऐसे नाम बदलने को तैयार हैं। मिसाल के तौर पर हिसार के जवाहर नगर की भतेरी को भारती के रूप में उपनाम मिल गया है। नए नाम से खुश भारती खुद भी इस मुहिम से जुड़ चुकी हैं और एक कार्यकर्ता के रूप में गांव-गांव जाकर अभियान आगे बढ़ा रही हैं।

हरियाणा में भारतीय फाउंडेशन नाम से एनजीओ चलाने वाली सुमित्रा देवी के अनुसार राज्य में बदलाव आ रहा है। अब पैरंट्स भी नेहा, प्रीति, अवनी और दिया जैसे नाम रख रहे हैं। हालांकि यह मुहिम अपनी जगह है पर नाम बदलना आसान नहीं है। इसका कारण यह है कि पैदा हुए बच्चे का जो नाम मेडिकल रेकॉर्ड में चढ़ जाता है वहीं चलता है और बाद में ऑफिशल नाम बन जाता है।

जैसे धाप्पन का नाम स्कूल रेकॉर्ड में यही है। उसे इसी नाम पर स्पोर्ट्स स्कॉलरशिप मिल रही है और नाम बदलने पर दिक्कत हो सकती है। पिता सूरजभान के मुताबिक, नया नाम सरकारी रेकॉर्ड से मैच नहीं करेगा तो उसे बहुत नुकसान होगा।हरियाणा हेल्थ सर्विसेज के डायरेक्टर जनरल डीपी लोचन भी इस तथ्य को स्वीकार करते हैं कि एक बार ऑफिशल रेकॉर्ड में नाम दर्ज होने पर उसे बदलना मुश्किल है। हां यह जरूर है कि ऑफिशल रेकॉर्ड में भतेरी उर्फ भारती जोड़ा सकता है।

सोशल एक्टिविस्ट जाखड़ का सुझाव है कि सरकार को अपने नियमों में ऐसे प्रावधान करने चाहिए कि लड़कियों को स्कूलों में एडमिशन के समय अपनी पंसद का नाम दर्ज करवाने का अधिकार हो। गौरतलब है कि हरियाणा असमान लिंगानुपात के दौर से गुजर रहा है और समाज में लड़कियों की स्थिति को लेकर चिंताएं बनी हुई हैं। जनगणना 2011 के अनुसार राज्य में 0 से 6 साल उम्र की कैटिगरी में एक हजार लड़कों के मुकाबले 834 लड़कियां हैं।

दैनिक भास्कर
महाराष्ट्र: अंबेडकर का गीत बजाया तो बंद कराया 13 दलित परिवारों का राशन-पानी
http://www.bhaskar.com/news/NAT-NAN-13-dalit-families-denied-food-and-water-after-fir-against-upper-caste-youth-5016248-NOR.html
H08.06.14-1
महाराष्ट्र के उस्मानाबाद जिले के एक गांव में 13 दलित परिवारों को उच्च जाति के लोगों ने एक महीने से ज्यादा समय से खाने और पानी से दूर कर रखा है। घटना मुंबई से करीब 450 किलोमीटर दूर अनसुरदा गांव की है। दलित और सवर्ण वर्ग के बीच विवाद डॉक्टर भीमराव अंबेडकर की जयंती को लेकर हुआ था। इसके बाद सवर्णों ने दलित वर्ग का सामाजिक बहिष्कार कर दिया है।

उस्मानाबाद से ला रहे जरूरत की चीजें
एक महीने से ज्यादा समय से इन 13 दलित परिवारों को गांव के कुएं से पानी नहीं भरने दिया जा रहा। इतना ही नहीं, गांव के दुकानदार इन्‍हें जरूरी सामान तक नहीं बेच रहे। इन दलित परिवारों को रोजमर्रा के सामान के लिए भी 20 किलोमीटर दूर उस्मानाबाद जाना पड़ता है। इस गांव की जनसंख्या करीब 1500 है।

कैसे हुआ विवाद
बाबा साहब अंबेडकर की जयंती के 14 दिन बाद 28 अप्रैल को गांव के दलित एक समारोह में अंबेडकर के गीत लाउडस्पीकर पर बजा रहे थे। इसी दौरान कुछ सवर्ण परिवारों के लोगों ने इसका विरोध करते हुए उन्हें रोका। दलित लोगों से कहा गया कि वे अंबेडकर की जगह छत्रपति शिवाजी के गीत बजाएं। दलित मान गए लेकिन सवर्ण जाति के कुछ लड़कों ने दलित परिवारों की महिलाओं को अपशब्द कहे और पुरुषों से झगड़ा किया। इसके बाद दलितों ने पुलिस में इसकी शिकायत दर्ज करा दी। सवर्ण जाति के चार लड़कों को गिरफ्तार किया गया लेकिन अगले दिन ही इन्हें जमानत मिल गई। इसके बाद सवर्णों ने दलितों से बातचीत बंद कर दी और उनका सामाजिक बहिष्कार कर दिया।

सवर्ण वर्ग का कहना है कि विवाद हुआ था पर इसे बातचीत से सुलझाया जा सकता था लेकिन दलितों ने इसकी शिकायत पुलिस में कर दी और इसके बाद उनके बहिष्कार का फैसला किया गया। फिलहाल, गांव में पुलिस तैनात की गई है।

दैनिक जागरण
दलित महापंचायत में होगा समस्याओं पर मंथन
http://www.jagran.com/uttar-pradesh/jaunpur-12454819.html

जौनपुर: लोक जनशक्ति पार्टी की मासिक बैठक कन्हईपुर स्थित जिला कार्यालय पर रविवार को हुई। अध्यक्षता करते हुए जिलाध्यक्ष आनंद प्रेमधन ने बताया कि दलितों की विभिन्न समस्याओं को लेकर 15 जून को फैजाबाद में दलित महापंचायत होगी। कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए पदाधिकारी न्याय पंचायत स्तर पर कार्यकर्ताओं को तैयार करें।

श्री प्रेमधन ने बताया कि महापंचायत में मुख्य अतिथि राष्ट्रीय अध्यक्ष व केंद्रीय मंत्री राम विलास पारसवान व विशिष्ट अतिथि सांसद चिराग पासवान व दलित सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष राम चंदर पासवान होंगे। बैठक में अघोषित विद्युत कटौती पर आक्रोश जताते हुए जिलाध्यक्ष ने कहा कि भीषण गर्मी से जूझ रहे जनपद में बिजली के आने व जाने का कोई समय नहीं है।

केंद्र एवं राज्य की राजनीति करने वाले जनप्रतिनिधि आज जनता के प्रति असंवेदनशील हो गए हैं। चेतावनी दी कि यदि एक सप्ताह में आपूर्ति नहीं सुधरी तो लोजपा सड़क पर उतरने को मजबूर होगी।

इस मौके प्रदेश महासचिव देवी प्रसाद गिरि, नगर अध्यक्ष इस्लाम खान, संजय ¨सह, महमूद खान, संतोष सेठ, कमलेश अग्रहरी, मो.अंसार, सुरेश सरोज आदि मौजूद रहे।

अमर उजाला
दलित समाज आज भी सामाजिक कुरीतियों का शिकार
http://www.amarujala.com/news/city/azamgarh/azamgarh-hindi-news/dalit-society-still-suffer-social-evils-hindi-news/
H 08.06.15-2
आजमगढ़। लोक जनशक्ति पार्टी की बैठक रविवार को सिविल लाइन स्थित पार्टी कार्यालय में हुई, जिसमें संगठन को मजबूत बनाने पर चर्चा करने के साथ ही अखिल भारतीय अति पिछड़ा अल्पसंख्यक दलित महासभा का गठन किया गया। वक्ताओं ने कहा कि दलित समाज आज भी सामाजिक कुरीतियों का शिकार है। अब वक्त आ चुका है कि हम एक होकर बदलाव लाएं।
जिसमें इंजीनियर ब्रह्मानंद को संरक्षक, शत्रुघन चौहान को सलाहकार, शिवमोहन शिल्पकार को संयोजक और राजेश विश्वकर्मा को सह संयोजक चुना गया। बैठक को संबोधित करते हुए इंजीनियर ब्रह्मानंद ने कहा कि हमारे लोग आज भी सामाजिक कुरीतियों के शिकार हैं। हम लोगों को एक होकर समाज के आर्थिक, राजनैतिक और सामाजिक चिंतन करने की आवश्यकता है। शत्रुघन चौहान ने कहा कि आज भी हमार लोग शासन सत्ता से बहुत दूर हैं।हम कब तक दूसरों के सहारे खड़े रहेंगे।

अब वक्त आ चुका है कि हम अति पिछड़ों को एक होकर नया अवाम पैदा करने की जरूरत है। अब तक हमने दूसरे लोगों को बहुत आगे बढ़ाया अब जरूरत है अपनों को आगे बढ़ाने की। शिवमोहन शिल्पकार ने कहा कि अखिल भारतीय अतिपिछड़ा, अल्पसंख्यक और दलित महासभा के माध्यम से गांव-गावं जाकर जन जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। जो समाज आज तक आर्थिक, राजनैतिक और सामाजिक अधिकार से वंचित है। उनको अधिकार और सम्मान लिए हम सदैव तत्पर हैं।

हाल में होने वाले पंचायत में हम लोग अपनी ताकत से सबको अवगत कराएंगे। ताकि लोग हमारी खामोशी को हमारी मजबूरी न समझें। इस मौके पर केशव प्रजापति, इजहार अहमद, संगीता गौतम, शिवपूजन दास, रामदरश यादव, अंगद कुमार, अनिल कुमार शर्मा, राधेश्याम पासवान, विनोद कुमार पासवान आदि उपस्थित थे। अध्यक्षता राजेश विश्वकर्मा और संचालन अनिल कुमार शर्मा ने किया।

दैनिक जागरण
मुसहरों के दर्द पर आठ वर्ष की खामोशी
http://www.jagran.com/uttar-pradesh/deoria-12455366.html
H 08.06.15-3
देवरिया: यह दर्द है उत्तर प्रदेश-बिहार सीमा स्थित आनंद नगर ग्राम पंचायत में बेघर हुए मुसहर परिवारों की। प्रकृति ने आग से इनकी झोपड़ी को जलाकर राख कर दिया था। हालांकि मुसहरों के लिए सरकार ने आवास बनाने के लिए धन स्वीकृत किया, लेकिन जिम्मेदारों ने इनके नाम पर बैंक से धोखाधड़ी कर पैसा निकाल लिया। अधिकारियों की जांच में जब पोल खुली तो आरोपियों की कई रातें जेल में भी कटीं। बावजूद इसके आज आठ साल बीतने के बाद भी ये परिवार उस कहर का दंश झेल रहे हैं। आज ये मुसहर परिवार इंसाफ मांग रहे हैं, जिसे मिलने की उम्मीद नहीं दिख रही है।

गत 2 अप्रैल 2007 का वह दिन देवरिया जनपद, पथरदेवा ब्लाक के आनंदनगर गांव के रहने वाले मुसहर परिवारों पर इस कदर कहर बनकर टूटा की सौ परिवारों के सिर से उनका आशियाना छीन गया। जिसके बाद सरकारी मशीनरी जगी और स्थलीय निरीक्षण के उपरांत इंदिरा आवास के लिए 81 पात्र परिवारों को चिन्हित किया गया।

इन सभी पात्रों का विशुनपुर बाजार स्थित ग्रामीण बैंक में खाता खोल शासन द्वारा आवास के लिए पैसे इनके खाते में भेज दिए गए। परंतु बैंक के शाखा प्रबंधक व ग्राम प्रधान द्वारा इन लाभार्थियों के खाते से फर्जीवाड़ा कर धन निकाल लिए। जब दूसरी किस्त आई तो ग्रामीणों को पता चला और इसकी शिकायत की।

जांच में 22 लाभार्थियों के खाते फर्जी तरीके से दूसरे का फोटो लगाकर खाता खोले जाने भुगतान की भी पुष्टि हुई। साथ ही शेष लाभार्थियों के खाते से पैसे निकाल कर बंदरबांट की पुष्टि अधिकारियों ने की। जिसके उपरांत तत्कालीन ग्राम प्रधान पर धोखाधड़ी एवं दलित उत्पीड़न के तहत मुकदमा दर्ज किया गया। ग्रामप्रधान को जेल हुआ, जमानत के लिए ग्राम प्रधान को हाईकोर्ट का सहारा लेना पड़ा था। आज भी यह मामला कोर्ट में विचाराधीन है।

बेघर हुए इन मुसहर परिवारों के हरी, रामराज, अनिल, सुखराज, भोला, सुदर्शन, अवधेश व बुद्धू का कहना है कि जब जांच में फर्जीवाड़ा साबित हो गया है। इसके बाद भी दोषियों व कोर्ट के चक्कर में हम आज तक छत से महरूम है।

पत्रिका
खारक बांध: प्रभावितों का सर्वे शुरू
http://www.patrika.com/news/khargone/khark-dam-starting-affected-survey-1048352/
H 08.06.15- 4
खरगोन।भगवानपुरा क्षेत्र में बने खारक बांध में मानसून के दौरान पानी भरने की तैयारी की जा रही है। वहीं डूब प्रभावित कई किसानों को अभी तक उचित मुआवजा नहीं मिला है। गांव में पुनर्वास नहीं किया गया। लगभग 10 वर्ष पूर्व जो सर्वे हुआ था उसमें ढेरों विसंगतियां मिलीथी।

जिसके बाद प्रभावितों द्वारा फिर से सर्वे और उचित पुनर्वास की मांग की जा रही थी। रविवार को डूब प्रभावितों के पुन: सर्वे की प्रक्रिया रविवार से शुरू हुई।

भगवानपुरा के प्रभारी तहसीलदार भागीरथ वाखला ने बताया कि ग्राम चौखंड में पहले दिन 17 प्रभावित किसानों के खेत और मकानों का सत्यापन किया गया। इस दौरान जलसंसाधन विभाग के एसडीओ एनके गुप्ता, दो सब इंजीनियर, राजस्व निरीक्षक मनोहर अत्रे, दो पटवारी मौजूद थे।

सर्वे करने पहुंचे अधिकारियों को प्रभावितों ने अपनी समस्या बताई। किसानों ने बताया कि पूर्व सर्वे में ऎसे कई मकानों और खेतों को छोड़ दिया, जो बेकवाटर क्षेत्र में आते हुए डूब में जा रहे हैं। खेतों में सिंचाई के लिए खोदे गए कुएं और ट्यूबेवल के बदले भी किसानों को मुआवजा नहीं मिला।

जागृति आदिवासी दलित संगठन की नेत्री माधुरी बेन ने प्रभावितों के समर्थन में बात रखी।
कोर्ट में देना होगा जवाब माधुरी बेन ने बताया कि बांध के निर्माण के लिए लगभग 300 किसानों की खेती योग्य जमीन अधिग्रहित की गई। लेकिन अभी तक आधे किसानों का पुर्नवास नहीं हुआ। ना ही किसानों को उचित मुआवजा दिया गया। जिसके चलते प्रभावितों के समर्थन में कोर्ट ेमे याचिका प्रस्तुत की गई। नए सर्वे की रिपोर्ट जिला प्रशासन को एक सप्ताह में प्रस्तुत कर जवाब देना होगा।

News Monitored by Kuldeep Chandan & Kalpana Bhadra

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