Dalits Media Watch-Hindi News Updates 31.05.15

Dalits Media Watch

Hindi News Updates 31.05.15

 

छुआछूत : दंपति को नहीं होने दिया हवन में शामिल – नई दुनिया

http://naidunia.jagran.com/madhya-pradesh/bhind-crime-377917

नाली विवाद में दलित परिवार की पिटाई – दैनिक जागरण

http://www.jagran.com/news/state-12426328.html

पीड़ितों को मुआवजानौकरी भूमि मुक्ति की मांगों पर सहमति – दैनिक भास्कर

http://www.bhaskar.com/news/RAJ-AJM-OMC-MAT-latest-ajmer-news-043028-1978565-NOR.html

दलित व सवर्णों को अलग करने की साजिश चल रही – नवभारत टाइम्स

http://navbharattimes.indiatimes.com/metro/lucknow/administration/quotdalit-and-upper-ongoing-plot-to-isolatequot/articleshow/47483947.cms

मेड़ता थाने के दो एएसआई सहित 19 लाइन हाजिर – प्रेस नोट

http://www.pressnote.in/Chittor-News_272961.html

नई दुनिया

छुआछूत : दंपति को नहीं होने दिया हवन में शामिल

http://naidunia.jagran.com/madhya-pradesh/bhind-crime-377917

भिंड। भागवत कथा के हवन में आहूति देने गए दलित दंपति को यह कहते हुए रोक दिया गया कि तुम…हवन नहीं कर सकते। इस अपमान के बाद दंपति ने विरोध किया और कहा कि हवन के लिए उसने चंदे के रूप में घी देकर रसीद कटवाई है, लेकिन उसकी बात को अनसुना कर दिया गया। दंपति ने घर आकर समाज के लोगों को यह बात बताई। इसके बाद समाज के लोगों ने आयोजकों से चंदा वापस मांगा। घटना जामना गांव की है। विवाद के कारण हवन नहीं हुआ। दलित समाज की ओर से देर रात तक इसको लेकर मीटिंग की गई।

जामना गांव निवासी रामवीर शाक्य उर्फ पप्पू शनिवार सुबह हनुमान मंदिर पर 23 मई से हो रही भागवत कथा में हवन में आहूति देने के लिए पत्नी प्रेमा देवी के साथ गए थे। श्री शाक्य का कहना है आयोजन के नियम के मुताबिक उन्होंने घर से 1 लीटर घी लाकर हवन के लिए रसीद कटवा ली थी,लेकिन जब वे हवन में बैठने लगे तो उन्हें और उनकी पत्नी को आयोजकों ने रोक दिया और कहा कि तुम हवन नहीं कर सकते। श्री शाक्य का कहना है कि उन्हें दलित होने के कारण हवन करने से रोका गया है।

हवन से रोकने पर श्री शाक्य ने घर आकर परिवार और समाज के लोगों को यह बात बताई। समाज के सभी लोग एकजुट होकर आयोजन स्थल पर पहुंचे और कहा कि हवन नहीं करने दे रहे तो हम लोगों से लिया हुआ 38 हजार रुपए चंदा वापस करो। विवाद बढ़ने के बाद हवन नहीं हुआ। जामना में इसके बाद बैठकों का दौर देर रात तक चला।

रामवीर शाक्य का कहना है हवन के लिए उन्हें रसीद कटाने पर चौथा नंबर दिया गया था। जब हवन नहीं करने पर चंदा वापस मांगा गया तो आयोजकों का कहना था कि हवन में 8 जोड़े बैठने की जगह थी और 25 जोड़े हो रहे थे। रामवीर का कहना है उन्होंने आयोजकों से कहा कि उनका नंबर तो रसीद के मुताबिक चौथा है, लेकिन फिर भी उन्हें हवन नहीं करने दिया गया।

छुआछूत के कारण मुझे और पत्नी को हवन नहीं करने दिया गया। हमने अपने चंदे को वापस मांगा है। अभी रात में भी इस बात को लेकर मीटिंग होगी।

रामवीर शाक्य, रहवासी, जामना गांव हवन में नहीं बैठने देने का आरोप गलत है। उनसे यह पूछो कि मैं उनके सामने भी आया था क्या? भागवत अच्छे से हो रही है। हवन से रोकने की बात बिलकुल गलत है।

दैनिक जागरण

नाली विवाद में दलित परिवार की पिटाई

http://www.jagran.com/news/state-12426328.html

टिकैतनगर (बाराबंकी) : घर के सामने जबरन नाली निकलवाने का विरोध दलित परिवार को महंगा पड़ा। दबंगो ने दलित परिवार पर हमला करके लाठी,डंडों व फावड़ों से जमकर पीटा। जिससे दो महिलाओं सहित एक किशोर को काफी चोटें आई हैं। किशोर की हालत गंभीर होने पर जिला अस्पताल रेफर किया गया है। पुलिस ने मामले में महिला की तहरीर पर चार लोगों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज किया है।

मामला थाना टिकैतनगर क्षेत्र के ग्राम गुलामपुरवा मजरे पूरेडलई का है। यहां के निवासी सावित्री देवी का आरोप है कि उसके घर के सामने गांव के ही निवासी रामबरन, बृजेश, सोनू व मोनू जबरन नाली निकलवाना चाहते थे। जिसकी शिकायत चौकी पर की थी लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। बुधवार को शाम को वह घर पर अकेली थी और आरोपी जबरन नाली निकलवाने की कोशिश कर रहे थे।

जिस पर महिला ने विरोध किया तो गांव के ही निवासी रामबरन ने उसको लाठी डंडों से पिटाई कर दी। महिला के चीखने चिल्लाने पर बचाव में पहुंचे जसोमती व आदर्श को भी दबंगों ने पीटा। फावड़े के हमले से जसोमती को काफी चोटें आई हैं और आदर्श का हाथ टूट गया है। गुरुवार को थाने पर पहुंचे घायलों ने थाने में तहरीर दी। पुलिस ने मामले में घायलों को इलाज के लिए स्थानीय सीएचसी में भर्ती कराया।

जहां पर दो की हालत गंभीर होने पर उन्हें जिला अस्पताल रेफर किया गया। पुलिस ने मामले में आरोपी बृजेश, रामबरन व सोनू, मोनू पर गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है और मामले की जांच के लिए क्षेत्राधिकारी रामसनेहीघाट आरपी ¨सह को विवेचना सौंपी है। मामले में आरोपी फरार है जिनको पुलिस देर रात तक गिरफ्तार नहीं कर सकी है।

प्रभारी थानाध्यक्ष गया प्रसाद वर्मा का कहना है कि मामले की जांच क्षेत्राधिकारी को भेजी गई है। आरोपी की गिरफ्तारी के प्रयास किये जा रहे हैं।

दैनिक भास्कर

पीड़ितों को मुआवजानौकरी भूमि मुक्ति की मांगों पर सहमति

http://www.bhaskar.com/news/RAJ-AJM-OMC-MAT-latest-ajmer-news-043028-1978565-NOR.html

01

डांगावास हत्याकांड के विरोध में दलित समाज के लोगों की ओर से जेएलएन अस्पताल मोर्चरी के सामने दिया जा रहा धरना तीसरे दिन शनिवार को भी जारी रहा। केन्द्र सरकार की ओर से सीबीआई जांच के आदेश जारी किए जाने के बाद अब प्रदर्शनकारी मृतकों के परिजनों को 25-25 लाख रुपए मुआवजा राशि और सरकारी नौकरी पीड़ितों को उनकी जमीन वापस दिलाने की मांग पूरी होने तक अड़ गए हैं।

शनिवार शाम को प्रदर्शनकारियों की कोर कमेटी के सदस्यों के साथ पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों ने वार्ता की। बैठक में आंदोलन का नेतृत्व कर रहे मेघवाल समाज के नेता डाॅ. अशोक मेघवाल और अन्य पदाधिकारियों को अधिकारियों ने लिखित आश्वासन दिया कि उनकी मांगें पूरी हो जाएगी। सहमति जताते हुए कोर कमेटी के पदाधिकारी शव का पोस्टमार्टम कराने को राजी हो गए, लेकिन धरनास्थल पर प्रदर्शनकारियों के एक गुट ने वार्ता के निर्णय पर असहमति जाहिर करते हुए शव उठाने से इनकार कर दिया। इस दौरान तनाव की स्थिति बन गई थी।

एएसपी प्रवीण जैन ने एहतियात के तौर पर जेएलएन मोर्चरी के बाहर पुलिस और आरएसी का जाब्ता तैनात कर दिया। इस दौरान पुलिस ने मृतक के परिजन के हस्ताक्षर कर पंचनामे की कार्रवाई की और शव का पोस्टमार्टम करवा लिया। डाॅ. मेघवाल ने बताया कि शव रविवार सुबह उठाया जाएगा। अंबेडकर वेलफेयर सोसायटी के देशराज मेहरा ने बताया कि पुलिस और प्रशासन ने वार्ता में मुअावजे सहित अन्य मांगे पूरी करने का लिखित आश्वासन दिया है।

आठ घायलों को किया डिस्चार्ज जेएलएनअस्पताल में भर्ती डांगावास प्रकरण 11 घायलों में से 8 को डिस्चार्ज कर दिया। फिलहाल सभी अस्पताल में ही हैं। संभावना जताई जा रही है कि रविवार को पुलिस सुरक्षा में उन्हें डांगावास लेकर जाएंगे। जानकारी के अनुसार भर्ती घायलों की मेडिकल बोर्ड से जांच कराई गई। जांच में 11 को फिट मानते हुए डिस्चार्ज किया गया था।

पुलिसजाब्ते के साथ डांगावास भेजा जाएगा शव जिलापुलिस ने गणेश राम का शव डांगावास ले जाने के लिए करीब पचास पुलिस जवानों का दल तैनात किया है। रविवार सुबह शव जेएलएन मोर्चरी से रवाना कर दिया जाएगा। एसपी महेंद्र सिंह चौधरी ने शव डांगावास पहुंचाने के लिए पुलिस जाब्ता लगाने के आदेश अधिकारियों को दिए हैं।

सीएम पुलिस को कोसते हुए यज्ञ में दी आहुतियां  प्रदर्शनकारियोंने धरना स्थल पर शनिवार को यज्ञ में मुख्यमंत्री और पुलिस को कोसते हुए आहुतियां दी। यज्ञ के दौरान प्रदर्शनकारियों ने नारेबाजी कर आक्रोश जाहिर किया। शनिवार शाम को करीब पांच सौ से ज्यादा प्रदर्शनकारी सड़कों पर उतर गए। प्रदर्शनकारियों ने शर्ट उतार कर बनियान पहले ही प्रदर्शन किया। बजरंगगढ़ चौराहा, आगरा गेट, गांधी भवन, कचहरी रोड, अंबेडकर सर्किल और सावित्री चौराहा होते हुए प्रदर्शनकारियों का जुलूस धरना स्थल पर पहुंचा।

जुलूस से शहर में दूसरे दिन शनिवार शाम को भी यातायात व्यवस्था गड़बड़ा गई। पुलिस जाब्ते ने प्रदर्शनकारियों को काबू किया। एहतियात के तौर पर करीब डेढ़ सौ पुलिसकर्मी और आरएसी के जवान प्रदर्शन के दौरान तैनात थे।
आवेदनके तीन महीने में मिलेगी नौकरी : दलितसमाज के नेता देशराज मेहरा ने बताया कि प्रदर्शनकारियों की कोर कमेटी में शामिल डाॅ. अशोक मेघवाल, कानाराम कांटीवाल, पांचाराम, शिवराज और अन्य प्रतिनिधियों के साथ वार्ता में पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों को आश्वासन दिया कि मृतकों के आश्रितों को नौकरी का आवेदन मिलने के तीन महीने में नियुक्ति दे दी जाएगी। 25 लाख रुपए मुआवजा राशि के लिए सरकार को प्रतिवेदन भेजा गया है।

वर्तमान में नागौर जिला प्रशासन की ओर से 5 लाख 62 हजार रुपए मृतकों के आश्रितों को मुआवजा राशि स्वीकृत है। नागौर के एडिशनल एसपी प्यारेलाल शिवराम को हटाया जाएगा। दलितों को उनकी भूमि पर कब्जा दिलाया जाएगा।

मोर्चरी के बाहर हवन करते दलित समाज के लोग। रैली के दौरान पुलिस से उलझते प्रदर्शनकारी एवं पोस्टमार्टम से पहले परिजनों को मोर्चरी मंे शव दिखाती डाॅक्टरों की टीम। डांगावास हत्याकांड के विरोध में शनिवार को शहर में रैली निकालते प्रदर्शनकारी एवं व्यवस्थाएं संभालता पुलिस बल।

नवभारत टाइम्स

दलित व सवर्णों को अलग करने की साजिश चल रही

http://navbharattimes.indiatimes.com/metro/lucknow/administration/quotdalit-and-upper-ongoing-plot-to-isolatequot/articleshow/47483947.cms

लखनऊ दलित को सवर्ण समाज से अलग करने की साजिश चल रही है। दोनों को लड़ाकर वोट बैंक की राजनीति करने वाले दल अपना मतलब निकालते रहे। यह बात मोहनलालगंज से बीजेपी सांसद कौशल किशोर ने शनिवार को गन्ना संस्थान के ऑडिटोरियम में आयोजित सवर्ण समाज के सम्मेलन में कही। कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के तौर पर बोलते हुए सांसद ने कहा एससी-एसटी के 23और ओबीसी के 27 प्रतिशत कोटे के बाद भी 50 फीसदी कोटा सामान्य वर्ग के लिए निर्धारित है। उन्होंने कहा कि सामान्य वर्ग का बड़ा हिस्सा दलितों को उनका हक देना चाहता है।

लेकिन आजादी के 65 साल बाद भी एससी-एसटी कोटे की 23 फीसदी सीटों में महज 14 फीसदी सीटें ही भर पाती हैं। ऐसे में आरक्षण को मुद्दा बनाने वाले लोगों को यह देखना चाहिए। उन्होंने कहा कि दलित और सवर्ण समाज एक ही समुदाय के लोग हैं। ऐसे में कोई वर्ग अगर कमजोर होता है तो पूरा समुदाय कमजोर होता है।

कौशल किशोर ने कहा कि प्रदेश सरकार नौकरियां देने में धांधली कर रही हैं। नौकरियों में एक खास समुदाय के अलावा मैनपुरी, ऐटा,इटावा के लोगों को प्राथमिकता दी जा रही है। इसका भारतीय जनता पार्टी और पारख महासंघ विरोध करते हैं।

प्रमोशन में आरक्षण के सवाल पर बोलते हुए उन्होंने बिना किसी का नाम लिए कहा कि पावर कॉरपोरेशन से रिटायर एक इंजीनियर पेंच फंसाकर कर्मचारियों को आपस में लड़ाने की कोशिश कर रहा है। इस दौरान कार्यक्रम में बब्बू अवस्थी, ज्ञान सिंह, विनोद सिंह,चन्द्र मोहन त्रिपाठी, राकेश सिंह, रमेश सिंह समेत कई लोग मौजूद रहे।

प्रेस नोट

मेड़ता थाने के दो एएसआई सहित 19 लाइन हाजिर

http://www.pressnote.in/Chittor-News_272961.html

मेड़तासिटी डांगावास हत्याकांड मामले में गृह विभाग ने कड़ा रुख अपनाते हुए मेड़ता पुलिस थाने के दो सहायक उप निरीक्षक सहित 19 पुलिसकर्मियों को निलंिबत कर दिया। इनमें एक हैड कांस्टेबल और 16 कांस्टेबल हैं। नागौर एसपी राघवेन्द्र सुहासा ने बताया कि इस मामले में एसएचओ पहले ही निलंबित किए जा चुके हैं, जबकि सीओ पूनाराम एपीओ हो चुके हैं। मेड़ता थाने में 24 पुलिसकर्मियों का स्टाफ था।

उधर, इस हत्याकांड के विरोध में दलित समाज के लोगों की ओर से अजमेर के जेएलएन अस्पताल की मोर्चरी के सामने दिया जा रहा धरना शनिवार को तीसरे दिन भी जारी रहा। केंद्र सरकार की ओर से सीबीआई जांच के आदेश के बाद अब प्रदर्शनकारी मृतकों के परिजनों को 25-25 लाख रु. मुआवजा, सरकारी नौकरी पीड़ितों को उनकी जमीन वापस दिलाने की मांग पूरी होने तक अड़ गए हैं।

शनिवार शाम को प्रदर्शनकारियों और प्रशासनिक अधिकारियों में वार्ता हुई। इसमें मांगें पूरी होने का लिखित आश्वासन मिलने के बाद प्रदर्शनकारी शव का पोस्टमार्टम कराने को राजी हो गए।

News Monitored by Kuldeep Chandan & Kalpana Bhadra

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