Dalits Media Watch-Hindi News Updates 30.05.15

Dalits Media Watch

Hindi News Updates 30.05.15

 

धार्मिक डेरे में दलित महिला से दुष्कर्म – दैनिक जागरण

http://www.jagran.com/punjab/tarantaran-12423482.html

दलित छात्र को पढ़ने से रोका, हमला – नई दुनिया

http://naidunia.jagran.com/national-dalit-student-stopped-for-study-attacked-377518

भूमि अधिग्रहण बिल के विरोध के लिए कन्वोकेशन की तैयारी – दैनिक जागरण

http://www.jagran.com/punjab/kapurthala-12423074.html

दलित समाज में – दैनिक भास्कर

http://www.bhaskar.com/news/RAJ-AJM-OMC-MAT-latest-ajmer-news-042517-1972980-NOR.html

दैनिक जागरण

धार्मिक डेरे में दलित महिला से दुष्कर्म

http://www.jagran.com/punjab/tarantaran-12423482.html

01

जागरण संवाददाता, तरनतारन : माझा के धार्मिक डेरे में सेवारत दलित महिला से वहीं के एक सेवादार ने दुष्कर्म कर डाला। विभिन्न जत्थेबंदियों की मौजूदगी में पीड़िता ने आरोप लगाया कि उसकी जुबान बंद करने के लिए धमकियां दी जा रही है।

श्री गुरु ग्रंथ साहिब सतकार कमेटी झब्बाल के अध्यक्ष मंजीत सिंह, बलजिंदर सिंह, गुरदर्शन सिंह व अन्य नेताओं की मौजूदगी में पीड़िता ने बताया कि गांव ठट्ठा (बीड़ साहिब) स्थित प्रसिद्ध डेरा में वह वह डेरे में लंबे समय से सेवा कर रही है। 24 अप्रैल को दोपहर में वह डेरा में चाय तैयार कर रही थी कि यहां बतौर सेवादार तैनात सतनाम सिंह उर्फ भोला कमरे में आया और धमकियां देते हुए दुष्कर्म किया। जब पीड़िता से जुबान बंद रखने का कारण पूछा तो उसने कहा कि आरोपी द्वारा उसे मारने की धमकियां दी जा रही थी।

सतकार कमेटी झब्बाल के मुख्य सेवादार ने इस घटना पर दुख जताते हुए कहा कि धार्मिक डेरों में ऐसे कारनामे बहुत घिनौने है। उन्होंने कहा कि पीड़िता को इंसाफ दिलाने के लिए श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार से मिला जाएगा और इस बारे मे पुलिस प्रशासन को भी लिखित शिकायत दी जाएगी।

उधर, आरोपी सतनाम सिंह उर्फ भोला ने कहा कि महिला ने डेरे को बदनाम करने के लिए घिनौने आरोप लगाए है। उसके खिलाफ लगाए गए आरोप झूठे है। वह किसी भी जांच का सामना करने के लिए तैयार है, क्योंकि वह पूरी तरह से बेकसूर है।

इस संबंध में एसएसपी मनमोहन कुमार शर्मा ने कहा कि पुलिस के पास ऐसी शिकायत आएगी तो उसको पूरी गंभीरता से लिया जाएगा। फिलहाल कोई शिकायत नहीं दी गई है।

पीड़िता को इंसाफ दिलाने के साथ सुरक्षा यकीनी बनाई जाएगी

एससीएसटी कमिशन के वाइस चेयरमैन डॉ. राज कुमार वेरका ने कहा कि तरनतारन में दलितों पर अकसर ऐसी घटना सामने आ रही है। उन्होंने कहा कि पुलिस प्रशासन अगर गंभीर हो तो ऐसी घटना नहीं घटेगी। इस बारे में एसएसपी तरनतारन से रिपोर्ट ली जाएगी व पीड़िता को इंसाफ दिलाने के साथ पुलिस सुरक्षा भी यकीनी बनाई जाएगी।

नई दुनिया

दलित छात्र को पढ़ने से रोका, हमला

http://naidunia.jagran.com/national-dalit-student-stopped-for-study-attacked-377518

 

02

हिसार। तू पढ़ेगा तो हमारा काम कौन करेगा। तूझे पढ़ने की जरूरत नहीं है। ऐसा कर अपने घर लौट जा। दबंग छात्रों की इस बात का विरोध करना हरियाणा के चैनत गांव निवासी दीपक को महंगा पड़ गया।

पहले तो दबंगों ने दीपक के साथ मारपीट कर जातिसूचक शब्द कहे। विरोध करने पर उसके घर पर हमला कर दिया जिसमें दीपक, उसकी मां सहित तीन लोग घायल हो गए। उन्हें उपचार के लिए अस्पताल में दाखिल कराया गया है।

पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। अस्पताल में उपचाराधीन अंजना के पुत्र दीपक ने बताया कि वह चैनत गांव के सरकारी स्कूल में पढ़ता है। वहां पढ़ने वाले छात्र संचित सहित अन्य छात्रों ने उसके साथ बदसलूकी की।

पीड़िता अंजना का कहना है कि आरोपियों ने उन्हें जातिसूचक गालियां दी थी, लेकिन उनके खिलाफ एससी-एसटी एक्ट के तहत केस दर्ज नहीं किया गया। वे पुलिस अधीक्षक से इसकी शिकायत करेंगी।

दैनिक जागरण

भूमि अधिग्रहण बिल के विरोध के लिए कन्वोकेशन की तैयारी

http://www.jagran.com/punjab/kapurthala-12423074.html

कपूरथला : दलितों को पंचायती जमीनों में तीसरा हिस्सा दिलवाने, आबादकारों को जमीनों के मालिकाना हक दिलवाने, गरीब परिवारों को घर बनाने के लिए 10-10 मरले के रिहायशी प्लाट दिलाने, छोटे और गरीब किसानों के सभी कर्जे माफ करवाने तथा केंद्र सरकार की ओर से भू-प्राप्ति बिल रद्द करवाने आदि मांगों संबंधी संघर्ष के ऐलान के लिए गांव देसल में 7 जून को विशाल मजदूर किसान कनवेंशन की जाएगी।

इस बारे में ग्रामीण मजदूर यूनियन के प्रदेश नेता बलविन्दर ¨सह भुल्लर, किरत किसान यूनियन के नेता बलविन्दर ¨सह बाजवा, सचिव तरसेम ¨सह,रघुबीर ¨सह और श्मशेर ¨सह रतड़ा ने कहा कि आज पूंजीपति दलितों के के लिए आरक्षित जमीन भी निगल रहे हैं, जबकि मजदूरों के पास रहने के लिए घर तक नहीं हैं। कहा, आज गरीबों की बेटियां-बहनों की इज्जत भी महफूज नहीं।

इस गठजोड़ के शासन में पुलिस का क्रूर चेहरा इलाके के गांव छन्ना शेर ¨सह की दलित लड़की और उसके नाबालिग भाई के साथ हुए अमानवीय जुल्म ी घटना में देखा जा सकता हैं। नेताओं ने कहा कि शहर के अबादकारों ने कड़ी मेहनत कर जमीनों को आबाद किया, जिसके बारे में समय-समय पर सरकारें इन्हें मालिकाना हक के लिए वायदे करती रही, परन्तु आज तक इन हक दिया नहीं गया। इसी करण भू-प्राप्ति बिल में छेड़-छाड़ कर इसको एक कानूनी हथियार के तौर पर इस्तेमाल की तैयारी कर ली गई हैं।

दैनिक भास्कर

दलित समाज में

http://www.bhaskar.com/news/RAJ-AJM-OMC-MAT-latest-ajmer-news-042517-1972980-NOR.html

दिनभरधरना स्थल पर दलित नेताओं ने बैठक की और शाम को करीब पांच सौ लोगों ने बजरंगगढ़ चौराहे पर एकत्रित होकर रास्ता जाम कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने राज्य सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। एडिशनल एसपी प्रवीण जैन सहित पुलिस के आला अफसर मय दल के प्रदर्शनकारियों के साथ मौजूद थे।

पुलिस अधिकारी उस समय परेशान हो गए, जब प्रदर्शनकारियों ने अचानक शहर में जुलूस के रूप में मार्च करना शुरू कर दिया। पुलिस और आरएसी का जाब्ता एहतियात के तौर पर तैनात कर दिया गया। बजरंगगढ़ चौराहे पर रास्ता जाम करने के बाद प्रदर्शनकारी आगरा गेट चौराहा होते हुए गांधी भवन चौराहा पहुंचे, जहां उन्होंने रास्ता जाम कर दिया। बार-बार जाम से करीब एक घंटे तक शहर की यातायात व्यवस्था गड़बड़ा गई।

वाहन चालकों से प्रदर्शनकारियों की कई बार झड़प भी हुई, लेकिन पुलिस कर्मियों ने समझाइश कर स्थिति संभाल ली। उधर, प्रदर्शनकारियों का नेतृत्व कर रहे नेताओं ने चेतावनी दी है कि मृतकों घायलों को उचित मुआवजा सहित अन्य मांगें नहीं मानी गई तो दलित समाज के लोग उग्र आंदोलन करेंगे।

वार्ताविफल होने पर निकाला जुलूस : मेघवालमहासभा के अध्यक्ष डॉ. अशोक मेघवाल, डांगावास दलित अत्याचार संघर्ष समिति के संयोजक धर्मपाल कटारिया, कानाराम कांटीवाल, अंबेडकर वेलफेयर सोसायटी के अध्यक्ष देशराज मेहरा, अखिल मेघवंश महासभा के ओंकार लाल, भंवरसिंह, रामकरण सहित अन्य प्रतिनिधियों ने स्पष्ट तौर पर घोषणा की है कि सीबीआई जांच शुरू होने, हताहतों को मुआवजा, पीड़ितों की जमीन पर कब्जा, मृतकों के परिजनों को नौकरी और अन्य सुविधाएं देने की मांग पूरी होने तक आंदोलन जारी रहेगा।

मृतक का शव नहीं उठाया जाएगा और राज्यभर के दलित समाज के लोग आंदोलन के लिए अजमेर, मेड़ता में एकत्रित होंगे। संभागीय आयुक्त, एडीएम सिटी और आईजी ने प्रदर्शनकारियों के प्रतिनिधियों से वार्ता की, लेकिन उन्होंने मांगें मानने की जिम्मेदारी लेने वाले सक्षम अधिकारी या सरकार के प्रतिनिधियों से ही वार्ता करने पर सहमति जताई।

वार्ता विफल होने के बाद अस्पताल मोर्चरी के बाहर एकत्रित करीब पांच सौ लोगों की भीड़ ने बजरंगगढ़ चौराहा पर रास्ता जाम कर दिया। प्रदर्शनकारी वाहनों के सामने लेट गए और वाहन चालकों से इनकी नोकझोंक भी हुई, लेकिन पुलिस अफसरों के दखल से मामला शांत हो गया। आगरा गेट होते हुए प्रदर्शनकारी गांधी भवन चौराहे पर पहुंचे, जहां रास्ता जाम कर नारेबाजी की।

सरकारपर लापरवाही का आरोप

पीपुल्सयूनियन फॉर सिविल लिबर्टीज की राजस्थान इकाई के प्रदेश उपाध्यक्ष डीएल त्रिपाठी एवं सचिव डॉ. अनंत भटनागर ने राजस्थान सरकार पर डांगावास खूनी संघर्ष मामले में गंभीर रूप से घायलों के इलाज में लापरवाही का आरोप लगाया है। पीयूसीएल के पदाधिकारियों का आरोप है कि सरकार के मंत्री और स्थानीय जनप्रतिनिधि इस मामले में घायलों के प्रति गंभीर नहीं हैं। यदि वे गंभीर होते तो घायलों को बेहतर उपचार देने के लिए उन्हें एसएमएस जयपुर अथवा एम्स दिल्ली शिफ्ट कराकर उनकी जान बचाई जा सकती थी।

पदाधिकारियों ने कहा कि पीयूसीएल घायलों को श्रेष्ठ उपचार के लिए शुरू से मांग कर रही है। किंतु सरकार राजनीतिक ड्रामेबाजी करने पर तुली रही जिससे मृतकों की संख्या बढ़कर 4 से 6 हो गई। मांगेंपूरी होने पर ही उठाया जाएगा शव : दलितहत्याकांड संघर्ष समिति के प्रमुख डॉ. अशोक मेघवाल ने बताया कि जब तक सीबीआई मामले की जांच शुरू नहीं करती, तब तक गणेशराम के शव को मोर्चरी से नहीं उठाया जाएगा।

इसके अलावा मामले के आरोपी, जो खुले घूम रहे हैं, उनकी गिरफ्तारी मुकम्मल नहीं होती है तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। पीड़ित परिवार के सदस्य को नौकरी, मृतकों के परिवारों को 25 लाख रुपए मुआवजा दिलवाने, पीड़ित दलितों की जमीन पर बाउंड्रीवाल बनवाकर उसकी पूरी सुरक्षा करने की मांग भी शामिल है।

पीड़ितपरिवारों को उपलब्ध करवाई सहायता : डांगावासप्रकरण के सभी पीड़ितों को जिला प्रशासन एवं राज्य सरकार की ओर से हरसंभव सहायता उपलब्ध करवाई जा रही है। नागौर जिला कलेक्टर राजन विशाल ने बताया कि मृतक आश्रितों के बाद घायल पीड़ितों को भी आर्थिक सहायता प्रदान की जा चुकी है। प्रत्येक घायल को 90 हजार रुपए की आर्थिक सहायता सहित 10 परिवारों को नौ लाख रुपए की आर्थिक सहायता दी जा चुकी है।

इससे पहले प्रत्येक मृतक आश्रित को 5 लाख 62 हजार 500 रुपए की सहायता तथा विधवाओं को विधवा पेंशन एवं बच्चों को विधवा पालनहार योजना के तहत लाभान्वित किया जा चुका है। उन्होंने बताया कि पीड़ित परिवारों को पुनर्वास के लिए रसद सामग्री उपलब्ध करवाई जा चुकी है तथा चार मृतकों के परिजनों को पुनर्वास के लिए 10 हजार रुपए प्रत्येक परिवार को आर्थिक सहायता दी गई है।

News Monitored by Kuldeep Chandan & Kalpana Bhadra

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